कक्षा 12 भूगोल अध्याय 9 NCERT Solutions (प्रश्नावली के हल) हिंदी में

NCERT की पाठ्यपुस्तक भारत: लोग और अर्थव्यवस्था के अध्याय 1 (जनसंख्या: वितरण, घनत्व, वृद्धि और संघटन) के “अभ्यास” खंड के सभी प्रश्न (और अध्याय के बीच में दिए गए प्रश्न व क्रियाकलाप), ठीक उसी रूप में जैसे किताब के हिंदी संस्करण में छपे हैं, और हर प्रश्न का पूरा उत्तर। पहले ख़ुद उत्तर सोचिए, फिर मिलाइए।

1 बहुविकल्पीय प्रश्न (नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए)

प्रश्न 1 (i)

प्र. सन् 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या निम्नलिखित में से कौन सी है?
(क) 102.8 करोड़
(ख) 318.2 करोड़
(ग) 328.7 करोड़
(घ) 121.0 करोड़

उत्तर: (घ) 121.0 करोड़। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या 1,21,01,93,422 अर्थात् लगभग 121.0 करोड़ (1,210 मिलियन) थी।

प्रश्न 1 (ii)

प्र. निम्नलिखित राज्यों में से किस एक में जनसंख्या का घनत्व सर्वाधिक है?
(क) पश्चिम बंगाल
(ख) केरल
(ग) उत्तर प्रदेश
(घ) बिहार

उत्तर: (घ) बिहार। किताब के अपने आँकड़ों के अनुसार 2011 में बिहार का जनसंख्या घनत्व 1,102 व्यक्ति प्रति वर्ग कि.मी. था, जो दिए गए चारों राज्यों में सबसे अधिक है (पश्चिम बंगाल 1,029, उत्तर प्रदेश 828, केरल 859)।

प्रश्न 1 (iii)

प्र. सन् 2011 की जनगणना के अनुसार निम्नलिखित में से किस राज्य में नगरीय जनसंख्या का अनुपात सर्वाधिक है?
(क) तमिलनाडु
(ख) महाराष्ट्र
(ग) केरल
(घ) गोआ

उत्तर: (घ) गोआ। 2011 की जनगणना के अनुसार गोआ में नगरीय जनसंख्या का अनुपात दिए गए चारों राज्यों में सबसे अधिक है। राज्यवार नगरीय अनुपात किताब के परिशिष्ट (ग) में दिए गए हैं: जनगणना 2011 के अनुसार गोआ में लगभग 62 प्रतिशत जनसंख्या नगरीय है, जो तमिलनाडु (लगभग 48%), केरल (लगभग 48%) और महाराष्ट्र (लगभग 45%) से अधिक है।

प्रश्न 1 (iv)

प्र. निम्नलिखित में से कौन-सा एक समूह भारत में विशालतम भाषाई समूह है?
(क) चीनी-तिब्बती
(ख) भारतीय-आर्य
(ग) आस्ट्रिक
(घ) द्रविड़

उत्तर: (ख) भारतीय-आर्य। तालिका 1.2 के अनुसार भारतीय-यूरोपीय (आर्य) भाषा-परिवार का हिस्सा 73% है, जो द्रविड़ (20%), आस्ट्रिक (1.38%) और चीनी-तिब्बती (0.85%) से कहीं अधिक है।

2 निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर लगभग 30 शब्दों में दें

प्रश्न 2 (i)

प्र. भारत के अत्यंत उष्ण एवं शुष्क तथा अत्यंत शीत व आर्द्र प्रदेशों में जनसंख्या का घनत्व निम्न है। इस कथन के दृष्टिकोण से जनसंख्या के वितरण में जलवायु की भूमिका को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: जलवायु, भू-विन्यास और जल की उपलब्धता के साथ मिलकर वितरण के प्रतिरूपों का निर्धारण करती है। अत्यंत उष्ण-शुष्क (जैसे पश्चिमी राजस्थान का मरुस्थल) और अत्यंत शीत-आर्द्र (जैसे उच्च हिमालयी क्षेत्र) प्रदेशों में जीवन-यापन कठिन होने और कृषि योग्य भूमि तथा जल की कमी के कारण जनसंख्या का घनत्व निम्न रहता है, जबकि अनुकूल जलवायु वाले उत्तर भारत के मैदानों में यह उच्च है।

प्रश्न 2 (ii)

प्र. भारत के किन राज्यों में विशाल ग्रामीण जनसंख्या है? इतनी विशाल ग्रामीण जनसंख्या के लिए उत्तरदायी एक कारण को लिखिए।

उत्तर: हिमाचल प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत बहुत अधिक है। इसका एक कारण यह है कि इन राज्यों में औद्योगीकरण और नगरीकरण का स्तर अपेक्षाकृत कम रहा है, जिससे बड़ी संख्या में लोग आजीविका के लिए कृषि व ग्रामीण गतिविधियों पर ही निर्भर हैं।

प्रश्न 2 (iii)

प्र. भारत के कुछ राज्यों में अन्य राज्यों की अपेक्षा श्रम सहभागिता ऊँची क्यों है?

उत्तर: श्रम सहभागिता दर उन क्षेत्रों में ऊँची होती है जहाँ आर्थिक विकास का स्तर निम्न है, क्योंकि निर्वाह अथवा लगभग-निर्वाह स्तर की आर्थिक क्रियाओं के निष्पादन के लिए अनेक कामगारों की ज़रूरत पड़ती है। इसीलिए हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में यह दर ऊँची (51.9% तक) है।

प्रश्न 2 (iv)

प्र. ‘कृषि सेक्टर में भारतीय श्रमिकों का सर्वाधिक अंश संलग्न है।’ स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: कुल श्रमजीवी जनसंख्या का लगभग 54.6% कृषक और कृषि मज़दूर हैं, जो द्वितीयक (3.8%) और तृतीयक (41.6%) सेक्टरों की तुलना में प्राथमिक सेक्टर के श्रमिकों का सबसे बड़ा अनुपात दर्शाता है। यह भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि की केंद्रीय भूमिका को दिखाता है, यद्यपि यह हिस्सा 2001 के 58.2% से घटकर 2011 में 54.6% रह गया है।

3 निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दें

प्रश्न 3 (i)

प्र. भारत में जनसंख्या के घनत्व के स्थानिक वितरण की विवेचना कीजिए।

उत्तर: भारत का जनसंख्या घनत्व (2011) 382 व्यक्ति प्रति वर्ग कि.मी. है, जो 1951 में केवल 117 व्यक्ति प्रति वर्ग कि.मी. था, यानी पचास वर्षों में 200 से अधिक व्यक्ति प्रति वर्ग कि.मी. की वृद्धि हुई। यह घनत्व स्थानिक रूप से बहुत असमान है: अरुणाचल प्रदेश में यह सबसे कम, केवल 17 व्यक्ति प्रति वर्ग कि.मी. है, जबकि दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में यह सबसे अधिक, 11,297 व्यक्ति प्रति वर्ग कि.मी. तक पहुँचता है। उत्तर भारत के राज्यों में से बिहार (1,102), पश्चिम बंगाल (1,029) और उत्तर प्रदेश (828) में घनत्व उच्चतर है, जबकि प्रायद्वीपीय भारत के राज्यों में केरल (859) और तमिलनाडु (555) में भी उच्चतर घनत्व पाया जाता है। असम, गुजरात, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, झारखंड और ओडिशा में मध्यम घनत्व है। हिमालय प्रदेश के पर्वतीय राज्यों और असम को छोड़कर भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में अपेक्षाकृत निम्न घनत्व है, जबकि अंडमान और निकोबार द्वीपों को छोड़कर केंद्र-शासित प्रदेशों में जनसंख्या का उच्च घनत्व पाया जाता है। चूँकि साधारण घनत्व एक अशोधित माप है, कुल कृषित भूमि पर जनसंख्या के दबाव की बेहतर तस्वीर के लिए कायिक घनत्व (कुल जनसंख्या ÷ निवल कृषित क्षेत्र) और कृषीय घनत्व (कुल कृषि जनसंख्या ÷ निवल कृषित क्षेत्र) का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 3 (ii)

प्र. भारत की जनसंख्या के व्यावसायिक संघटन का विवरण दीजिए।

उत्तर: भारत की जनसंख्या को आर्थिक स्तर के आधार पर मुख्य श्रमिक, सीमांत श्रमिक और अश्रमिक, तीन वर्गों में बाँटा जाता है। मुख्य श्रमिक वर्ष में कम से कम 183 दिन काम करता है, सीमांत श्रमिक इससे कम दिन। भारत में श्रमिकों (मुख्य व सीमांत दोनों) का अनुपात (2011) केवल 39.8% है, जबकि 60% की विशाल संख्या अश्रमिकों की है, जो एक बड़ी आश्रित जनसंख्या और व्यापक अल्प-रोज़गार की संभावना की ओर इशारा करता है। श्रम सहभागिता दर लक्षद्वीप में लगभग 29.1% से हिमाचल प्रदेश में लगभग 51.9% तक भिन्न है, और आर्थिक विकास के निम्न स्तर वाले क्षेत्रों में ऊँची होती है। सन् 2011 की जनगणना ने भारत की श्रमजीवी जनसंख्या को चार प्रमुख संवर्गों में बाँटा है: कृषक, कृषि मज़दूर, घरेलू औद्योगिक श्रमिक और अन्य श्रमिक। कुल श्रमजीवी जनसंख्या का लगभग 54.6% कृषक और कृषि मज़दूर हैं, केवल 3.8% श्रमिक घरेलू उद्योगों में लगे हैं और 41.6% अन्य श्रमिक हैं जो गैर-घरेलू उद्योगों, व्यापार, वाणिज्य, विनिर्माण-मरम्मत और अन्य सेवाओं में कार्यरत हैं। तीनों सेक्टरों में पुरुष श्रमिकों की संख्या स्त्री श्रमिकों से अधिक है, यद्यपि प्राथमिक सेक्टर में स्त्री सहभागिता अपेक्षाकृत अधिक है और द्वितीयक-तृतीयक सेक्टरों में हाल में सुधार हुआ है। हिमाचल प्रदेश और नागालैंड में कृषकों की संख्या अधिक है; बिहार, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में कृषि मज़दूरों की संख्या अधिक है; और दिल्ली, चंडीगढ़, पुदुच्चेरी जैसे अत्यधिक नगरीकृत क्षेत्रों में श्रमिकों का बहुत बड़ा अनुपात अन्य सेवाओं में लगा है।

4 अध्याय के बीच में दिए गए प्रश्न और क्रियाकलाप

बीच का प्रश्न 1 (चित्र 1.1)

प्र. चित्र 1.1 का परीक्षण कीजिए और इस पर दर्शाए गए जनसंख्या के स्थानिक वितरण के प्रतिरूपों का वर्णन करने का प्रयास कीजिए।

उत्तर: भारत में जनसंख्या के वितरण का प्रतिरूप अत्यधिक असम है। उत्तर भारत के मैदानों, डेल्टाओं और तटीय मैदानों में तथा दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलूरु, पुणे, अहमदाबाद, चेन्नई और जयपुर जैसे नगरीय क्षेत्रों में जनसंख्या का सांद्रण अधिक है। हिमालय, कुछ उत्तर-पूर्वी और पश्चिमी राज्यों (जैसे पश्चिमी राजस्थान) तथा दक्षिणी और मध्य भारत के आंतरिक ज़िलों में जनसंख्या विरल है। उत्तर प्रदेश की जनसंख्या सर्वाधिक है, इसके पश्चात महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल का स्थान है।

बीच का प्रश्न 2 (परिशिष्ट क)

प्र. परिशिष्ट क में दिए गए आँकड़ों को देखते हुए भारत के राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों को उनके आकार और जनसंख्या की दृष्टि से व्यवस्थित कीजिए और पता लगाइए: विशाल आकार और विशाल जनसंख्या वाले; विशाल आकार किंतु लघु जनसंख्या वाले; अपेक्षाकृत लघु आकार और विशाल जनसंख्या वाले राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश।

उत्तर: विशाल आकार और विशाल जनसंख्या: उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात। विशाल आकार किंतु लघु जनसंख्या: जम्मू और कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश और उत्तराखंड (किताब के अपने उदाहरण, जनसंख्या में केवल 1.04%, 0.11% और 0.84% हिस्सा) तथा हिमाचल प्रदेश। अपेक्षाकृत लघु आकार और विशाल जनसंख्या: बिहार, पश्चिम बंगाल और केरल, तथा केंद्र-शासित प्रदेशों में दिल्ली।

बीच का प्रश्न 3 (जनसंख्या वृद्धि में क्षेत्रीय भिन्नताएँ)

प्र. एक ओर उत्तर-पूर्वी राज्यों और दूसरी ओर कुछ केंद्र-शासित प्रदेशों (पुडुच्चेरी, लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को छोड़कर) में अति उच्च वृद्धि दरें क्यों पाई जाती हैं?

उत्तर: किताब इस प्रश्न का सीधा उत्तर नहीं देती, पर अध्याय की अवधारणाओं से इसे समझा जा सकता है। जनसंख्या वृद्धि के दो घटक होते हैं: प्राकृतिक (अशोधित जन्म दर और मृत्यु दर का अंतर) और अभिप्रेरित (लोगों का अंतर्वर्ती और बहिर्वर्ती प्रवास)। इन क्षेत्रों में अति उच्च वृद्धि मुख्यतः अभिप्रेरित घटक के कारण है: (1) उत्तर-पूर्वी राज्यों में ऊँची प्राकृतिक वृद्धि के साथ पड़ोसी देशों से आने वाला प्रवास भी जनसंख्या बढ़ाता है; किताब स्वयं बताती है कि तिब्बतियों, बांग्लादेशियों और नेपालियों को देश में लाने वाले बढ़ते अंतर्राष्ट्रीय प्रवास ने ऊँची वृद्धि दर में योगदान दिया। (2) दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे केंद्र-शासित प्रदेश लगभग पूरी तरह नगरीय हैं; नगरीकरण और औद्योगीकरण से यहाँ रोज़गार के अवसर अधिक हैं, इसलिए दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में लोग आकर बसते हैं और अंतर्वर्ती प्रवास से वृद्धि दर बहुत ऊँची हो जाती है।

बीच का क्रियाकलाप 4

प्र. अपने-अपने राज्य के (चुने हुए) ज़िलों के कुल पुरुष और स्त्री जनसंख्या से संबंधित जनसंख्या वृद्धि दर के आँकड़ों को लीजिए और उन्हें संयुक्त दंड आरेख की सहायता से प्रदर्शित कीजिए।

उत्तर: हर ज़िले के लिए एक दंड बनाइए, जिसकी पूरी ऊँचाई कुल जनसंख्या (या उसकी वृद्धि) दिखाए। हर दंड को दो भागों में बाँटिए: नीचे पुरुष और उसके ऊपर स्त्री जनसंख्या, अलग-अलग छायांकन से। x-अक्ष पर ज़िले और y-अक्ष पर जनसंख्या (या प्रतिशत वृद्धि) उपयुक्त मापनी पर दिखाइए और संकेत (की) दीजिए। आँकड़े अपने राज्य की जनगणना ज़िला तालिकाओं से लिए जाएँगे, इसलिए हर विद्यार्थी का आरेख अलग होगा।

बीच का प्रश्न 5 (परिशिष्ट ग)

प्र. परिशिष्ट ग के आँकड़ों को देखिए और नगरीय जनसंख्या के अत्यंत उच्च और अत्यंत निम्न अनुपात वाले राज्यों/केंद्र-शासित प्रदेशों की पहचान कीजिए।

उत्तर: अत्यंत उच्च: दिल्ली और चंडीगढ़ (97 प्रतिशत से अधिक नगरीय), लक्षद्वीप, दमन और दीव, पुदुच्चेरी, तथा राज्यों में गोआ (लगभग 62 प्रतिशत), उसके बाद मिज़ोरम, तमिलनाडु, केरल और महाराष्ट्र। अत्यंत निम्न: हिमाचल प्रदेश (लगभग 10 प्रतिशत), बिहार (लगभग 11 प्रतिशत), असम और ओडिशा। (जनगणना 2011)

बीच का प्रश्न 6 (भाषा)

प्र. देखिए! दस रुपये के नोट पर कितनी भाषाएँ छपी हुई हैं?

उत्तर: 17 भाषाएँ: सामने की ओर हिंदी और अंग्रेज़ी, तथा पीछे के भाषा-पैनल में 15 अन्य भाषाएँ (असमिया, बांग्ला, गुजराती, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मराठी, नेपाली, ओड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु और उर्दू)।

बीच का क्रियाकलाप 7 (तालिका 1.2)

प्र. तालिका 1.2 को देखिए और प्रत्येक भाषाई वर्ग के सेक्टर-अंश को दर्शाते हुए भारत के भाषाई संघटन का एक वृत्तारेख तैयार कीजिए। अथवा देश के विभिन्न भाषाई वर्गों के वितरण को दर्शाने वाला भारत का एक गुणात्मक प्रतीक मानचित्र बनाइए।

उत्तर: हर सेक्टर का कोण = प्रतिशत अंश × 3.6। भारतीय-यूरोपीय (आर्य) 73% = 262.8°; द्रविड़ 20% = 72°; आस्ट्रिक 1.38% = लगभग 5°; चीनी-तिब्बती 0.85% = लगभग 3°; शेष 4.77% (अन्य) = लगभग 17°। एक वृत्त खींचकर ऊर्ध्वाधर त्रिज्या से घड़ी की दिशा में घटते क्रम में सेक्टर बनाइए, हर सेक्टर को अलग छायांकन दीजिए और संकेत दीजिए। (प्रतीक मानचित्र के लिए तालिका 1.2 के वाक् क्षेत्रों में हर भाषा-परिवार के लिए अलग प्रतीक का प्रयोग कीजिए।)

भारत का भाषाई संघटन (तालिका 1.2) भारतीय-यूरोपीय (आर्य): 73% (262.8°) द्रविड़: 20% (72.0°) शेष (तालिका 1.2 में नहीं): 4.77% (17.2°) आस्ट्रिक: 1.38% (5.0°) चीनी-तिब्बती: 0.85% (3.1°)
वृत्तारेख · सेक्टर का कोण = प्रतिशत × 3.6; ऊर्ध्वाधर त्रिज्या से घड़ी की दिशा में, सबसे बड़ा पहले।
बीच का क्रियाकलाप 8 (तालिका 1.4)

प्र. एक भारत का व दूसरा अपने-अपने राज्य के लिए कृषि, घरेलू उद्योगों तथा अन्य सेक्टरों में पुरुषों और स्त्रियों के अनुपात को दर्शाने वाला संयुक्त दंड आरेख तैयार कीजिए और तुलना कीजिए।

उत्तर: भारत के लिए तालिका 1.4 (2011) का प्रयोग कीजिए: प्राथमिक सेक्टर 26.30 करोड़ श्रमिक (16.54 करोड़ पुरुष, 9.76 करोड़ स्त्रियाँ); द्वितीयक (घरेलू उद्योग) 1.83 करोड़ (0.98 करोड़ पुरुष, 0.86 करोड़ स्त्रियाँ); तृतीयक (अन्य श्रमिक) 20.04 करोड़ (15.66 करोड़ पुरुष, 4.37 करोड़ स्त्रियाँ)। हर सेक्टर के लिए एक दंड बनाइए, नीचे पुरुष और ऊपर स्त्री भाग, फिर अपने राज्य के जनगणना आँकड़ों से ऐसा ही आरेख बनाइए। तुलना से स्पष्ट होगा कि तीनों सेक्टरों में पुरुष श्रमिक स्त्री श्रमिकों से अधिक हैं; स्त्री श्रमिकों की संख्या प्राथमिक सेक्टर में सबसे अधिक (9.76 करोड़) है, जबकि उनका अनुपात घरेलू उद्योगों में सबसे अधिक (1.83 करोड़ में 0.86 करोड़, लगभग आधा) है।

भारत: सेक्टर-वार पुरुष और स्त्री श्रमिक, 2011 (तालिका 1.4) 0 5 10 15 20 25 30 श्रमिक (करोड़) 26.30 16.54 9.76 प्राथमिक 1.83 पुरुष 0.98, स्त्री 0.86 द्वितीयक 20.04 15.66 4.37 तृतीयक पुरुष स्त्री
संयुक्त दंड आरेख · हर दंड एक सेक्टर है: नीचे पुरुष श्रमिक, ऊपर स्त्री श्रमिक; दंड के ऊपर की संख्या कुल योग है।
परीक्षा संकेत

प्रश्नावली के चारों बहुविकल्पीय प्रश्न बोर्ड परीक्षा में सीधे वस्तुनिष्ठ रूप में पूछे जा सकते हैं। घनत्व और भाषा-परिवार के प्रतिशत याद रखिए। प्रश्न 3 के दोनों दीर्घ-उत्तरीय प्रश्न सबसे अधिक बार पूछे जाने वाले 5-6 अंक के प्रश्नों में से हैं, इनके बिंदु ज़रूर याद कर लीजिए।