1 द्रव्यमान संरक्षण का नियम
पानी में नमक घोलिए, विलयन का कुल द्रव्यमान बिल्कुल नमक और पानी के द्रव्यमान के योग के बराबर निकलता है: भौतिक परिवर्तन कुल द्रव्यमान कभी नहीं बदलता। क्या रासायनिक परिवर्तन भी वैसा ही व्यवहार करता है?
सिरका और बेकिंग सोडा को खुले फ्लास्क में मिलाइए, तुला की रीडिंग घटती दिखती है, क्योंकि बनी कार्बन डाइऑक्साइड गैस हवा में उड़ जाती है। यही प्रयोग गुब्बारे से बंद फ्लास्क में दोहराइए, ताकि कोई गैस बाहर न जा सके, तो पहले और बाद की रीडिंग बिल्कुल बराबर आती हैं।
द्रव्यमान संरक्षण का नियम, जो 1789 में आन्तवॉ लवाइजिए ने प्रतिपादित किया: किसी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न तो बनाया जाता है न नष्ट किया जाता है, इसलिए अभिकारकों का कुल द्रव्यमान उत्पादों के कुल द्रव्यमान के बराबर होता है।
यदि किसी खुले निकाय में द्रव्यमान जाँच “गलत” लगे, तो पहले देखिए कि कोई गैस निकली तो नहीं। यह एक सवाल परीक्षा में द्रव्यमान संरक्षण से जुड़ी अधिकांश उलझनें सुलझा देता है।
दिया है
4.0 g कैल्सियम कार्बोनेट + 2.92 g हाइड्रोक्लोरिक अम्ल → 1.76 g CO₂ + 0.72 g पानी + 4.44 g कैल्सियम क्लोराइड
ज्ञात करना है
क्या द्रव्यमान संरक्षण का नियम लागू होता है
अभिकारकों का द्रव्यमान g
उत्पादों का द्रव्यमान g
अभिकारक = उत्पाद, इसलिए नियम पालन होता है।
प्रश्न. 12 g कार्बन ऑक्सीजन से पूरी तरह अभिक्रिया करके 44 g कार्बन डाइऑक्साइड बनाता है। 2.4 g कार्बन से कितना बनेगा?
8.8 g
2 स्थिर अनुपात का नियम
स्थिर अनुपात का नियम (प्राउस्ट का नियम): किसी भी यौगिक में तत्व हमेशा द्रव्यमान के एक निश्चित अनुपात में मिले होते हैं, चाहे उसका स्रोत कोई भी हो।
नदी, बोरवेल या समुद्र से लिया शुद्ध पानी हमेशा हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को ठीक 1:8 के द्रव्यमान अनुपात में रखता है। कहीं से भी 9 g पानी को विघटित कीजिए, हमेशा 1 g हाइड्रोजन और 8 g ऑक्सीजन मिलेगा।
प्रश्न. सोडियम क्लोराइड में सोडियम और क्लोरीन का द्रव्यमान अनुपात 23:35.5 है। 46 g सोडियम से पूरी तरह अभिक्रिया के लिए कितना क्लोरीन चाहिए?
71 g क्लोरीन
सिनेबार (भारत में हिंगुला कहा जाता है), प्राचीन काल से उपयोग होने वाला एक लाल रंजक, द्रव्यमान के हिसाब से लगभग 86.22% पारा और 13.78% गंधक है। कई प्राचीन सभ्यताओं ने अलग-अलग यह खोज निकाला कि सिनेबार गर्म करने पर ये दोनों तत्व ठीक इसी अनुपात में मुक्त होते हैं, और पारे व गंधक को इसी अनुपात में मिलाकर पीसने से वापस सिनेबार बनता है।
3 डाल्टन का परमाणु सिद्धांत
ऊपर के दोनों नियम एक ही सरल विचार से समझाए जाते हैं: रासायनिक अभिक्रियाएँ परमाणुओं को केवल पुनर्व्यवस्थित करती हैं; वे कभी न परमाणु बनाती हैं, न नष्ट करती हैं, न बदलती हैं।
डाल्टन के अभिगृहीत (1808): द्रव्य अविभाज्य परमाणुओं से बना है; एक तत्व के परमाणु द्रव्यमान और गुणों में एक जैसे होते हैं, अलग-अलग तत्वों के परमाणु अलग होते हैं; परमाणु यौगिक बनाने के लिए सरल पूर्णांक अनुपात में मिलते हैं; किसी यौगिक में परमाणुओं की सापेक्ष संख्या और प्रकार स्थिर रहते हैं।
स्थिर अनुपात सीधे “परमाणु पूर्णांक अनुपात में मिलते हैं” से निकलता है: चूँकि पानी का एक अणु हमेशा 2 हाइड्रोजन परमाणु और 1 ऑक्सीजन परमाणु का होता है, द्रव्यमान अनुपात परमाणुओं के अपने द्रव्यमान से ही तय होता है, पानी कहाँ बना इससे कभी नहीं।
4 परमाणु कैसे मिलते हैं
अणु दो या अधिक परमाणुओं का विद्युत उदासीन समूह है जो अपने आप अस्तित्व में रह सकता है और उस पदार्थ के सारे गुण दिखाता है।
पूरे अष्टक वाला परमाणु, जैसे हीलियम, पहले से स्थिर है और अकेला परमाणु ही रहता है। अधूरे अष्टक वाला परमाणु इलेक्ट्रॉन साझा करके (सहसंयोजी आबंध) या उन्हें स्थानांतरित करके (आयनिक आबंध) स्थिर बनता है। किसी भी तरह, मिला हुआ ढाँचा कम ऊर्जा पर पहुँचता है, और कम ऊर्जा का मतलब अधिक स्थिरता है।
4.1 सहसंयोजी आबंध: इलेक्ट्रॉन साझा करना

| अणु | चाहिए संयोजकता इलेक्ट्रॉन | साझा इलेक्ट्रॉन | आबंध प्रकार | लिखा जाता है |
|---|---|---|---|---|
| हर एक को 1 | 1 युग्म | एकल | H-H | |
| हर एक को 1 | 1 युग्म | एकल | Cl-Cl | |
| हर एक को 2 | 2 युग्म | द्विक | O=O | |
| H को 1, Cl को 1 | 1 युग्म | एकल | H-Cl | |
| O को 2, हर H को 1 | 2 युग्म (2 H परमाणुओं संग) | 2 एकल आबंध | H-O-H |
क्लोरीन में 7 संयोजकता इलेक्ट्रॉन हैं, बस 1 और चाहिए; ऑक्सीजन में 6 हैं, 2 चाहिए। ऑक्सीजन की दोनों ज़रूरतें दो अलग-अलग हाइड्रोजन परमाणुओं से साझा करके पूरी होती हैं, हर एक एक इलेक्ट्रॉन देता है, यही वजह है कि पानी है, नहीं।
सहसंयोजी यौगिकों का नामकरण
पहला तत्व अपना सामान्य नाम रखता है; दूसरा -आइड पर ख़त्म होता है। एक उपसर्ग बताता है कि हर तत्व के कितने परमाणु मौजूद हैं: मोनो- (1), डाइ- (2), ट्राइ- (3), टेट्रा- (4), पेंटा- (5), हेक्सा- (6)। पहले तत्व के लिए “मोनो-” छोड़ दिया जाता है, पर दूसरे के लिए रखा जाता है।
| सूत्र | नाम |
|---|---|
| CO | कार्बन मोनोऑक्साइड |
| कार्बन डाइऑक्साइड | |
| कार्बन डाइसल्फाइड | |
| फॉस्फोरस ट्राइक्लोराइड | |
| सल्फर हेक्साफ्लोराइड | |
| डाइनाइट्रोजन टेट्राऑक्साइड |
हाइड्रोजन पहला तत्व होने पर कभी उपसर्ग नहीं लेता, चाहे कितने भी परमाणु हों: हाइड्रोजन सल्फाइड है, कभी “डाइहाइड्रोजन सल्फाइड” नहीं। कुछ यौगिक केवल अपने सामान्य नाम रखते हैं: पानी है, और अमोनिया है, इनके व्यवस्थित नाम नहीं।
4.2 आयनिक आबंध: इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण
4 से कम संयोजकता इलेक्ट्रॉन वाला परमाणु आमतौर पर साझा करने के बजाय उन्हें त्याग देता है।

धनावेशित आयन धनायन है; ऋणावेशित आयन ऋणायन है। आयनिक आबंध विपरीत आवेशित आयनों को साथ रखने वाला स्थिरवैद्युत आकर्षण है।
सोडियम (2, 8, 1) एक इलेक्ट्रॉन त्यागकर बनता है (11 प्रोटॉन, केवल 10 बचे इलेक्ट्रॉन)। क्लोरीन (2, 8, 7) एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके बनता है। फिर दोनों आयन एक-दूसरे को आकर्षित करके बनाते हैं।
आयनिक यौगिक अकेले अणु के रूप में नहीं रहते। वे एक दोहराए जाने वाले त्रिविमीय क्रिस्टल जालक में सजते हैं, जहाँ हर के चारों ओर छह आयन होते हैं और हर के चारों ओर छह आयन।
आयनिक यौगिकों का नामकरण
पहले धनायन का नाम लिखिए, फिर ऋणायन का, सामान्य ऋणायनों के लिए -आइड के साथ। धातुएँ आमतौर पर धनायन बनाती हैं, अधातुएँ ऋणायन।
| सामान्य धनायन | सामान्य ऋणायन |
|---|---|
| , , (संयोजकता 1) | , , , (संयोजकता 1) |
| , , (संयोजकता 2) | , (संयोजकता 2) |
| , (संयोजकता 3) | , , (संयोजकता 1, बहुपरमाणुक) |
| (संयोजकता 1, बहुपरमाणुक) | , (संयोजकता 2, बहुपरमाणुक) |
5 रासायनिक सूत्र लिखना
“क्रॉस-ओवर” विधि: प्रतीक लिखिए, हर एक की संयोजकता लिखिए, फिर दोनों संयोजकताओं को अदल-बदल कर दूसरे का उपाधार (subscript) बना दीजिए। किसी भी उभयनिष्ठ गुणनखंड से सरल कीजिए, और कभी उपाधार 1 मत लिखिए।
| यौगिक | आयन | सूत्र | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| ऐलुमिनियम ऑक्साइड | , | 3 और 2 सीधे क्रॉस होते हैं | |
| मैग्नीशियम ऑक्साइड | , | MgO | बराबर संयोजकता से सरल होकर MgO बनता है |
| मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड | , | कोष्ठक ज़रूरी: 2 या अधिक बहुपरमाणुक आयन | |
| ऐलुमिनियम सल्फेट | , | बहुपरमाणुक आयन के चारों ओर कोष्ठक |
ऐलुमिनियम हाइड्रॉक्साइड है, कभी “” नहीं। जब कोई बहुपरमाणुक आयन एक से अधिक बार आता है तो कोष्ठक ज़रूरी हैं; केवल एक होने पर ही छोड़िए।
6 आयनिक बनाम सहसंयोजी: अंतर पहचानना
| गुण | आयनिक यौगिक | सहसंयोजी यौगिक |
|---|---|---|
| उदाहरण | सोडियम क्लोराइड, कॉपर सल्फेट | कपूर, नैफ्थलीन, चीनी |
| पानी में घुलनशीलता | आमतौर पर घुलनशील | आमतौर पर अघुलनशील (चीनी अपवाद है) |
| केरोसीन/पेट्रोल में घुलनशीलता | आमतौर पर अघुलनशील | आमतौर पर घुलनशील |
| ठोस अवस्था में विद्युत चालन | नहीं (आयन जगह पर स्थिर) | नहीं |
| घुले या पिघले रूप में चालन | हाँ (आयन मुक्त होकर घूमने लगते हैं) | आमतौर पर नहीं (चीनी घुलती है पर आयन नहीं बनाती) |
| गलनांक और क्वथनांक | अधिक (प्रबल आयनिक आकर्षण) | कम |
चालकता असल में मुक्त घूमते आवेशों का सवाल है। ठोस आयनिक क्रिस्टल में आयन जगह पर बंधे हैं; यौगिक को घोलिए या पिघलाइए, आयन घूम सकते हैं, इसलिए चालन होता है। चीनी जैसा सहसंयोजी पदार्थ आयन बनाए बिना ही घुल जाता है, इसलिए उसका विलयन कभी चालन नहीं करता।
7 आण्विक द्रव्यमान और सूत्र इकाई द्रव्यमान
(सहसंयोजी यौगिकों के लिए) आण्विक द्रव्यमान एक अणु के सभी परमाणुओं के परमाणु द्रव्यमानों का योग है। आयनिक यौगिक अणु नहीं बनाते, इसलिए उनका सूत्र इकाई द्रव्यमान होता है: आयनों के सरलतम पूर्णांक अनुपात में परमाणु द्रव्यमानों का योग।
प्रश्न. (H = 1 u, O = 16 u) और (C = 12 u, O = 16 u) का आण्विक द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
18 u
44 u
प्रश्न. (Na = 23 u, O = 16 u) का सूत्र इकाई द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
62 u
परमाणु नाभिकों के टूटने या मिलने से भारी मात्रा में ऊर्जा निकलती है, जिसे नाभिकीय ऊर्जा कहते हैं। भारत में राजा रामन्ना, जिन्हें अक्सर भारतीय परमाणु कार्यक्रम का जनक कहा जाता है, ने इसे बिजली उत्पादन, चिकित्सा और शोध जैसे शांतिपूर्ण उपयोगों के लिए विकसित करने में मदद की।
- द्रव्यमान संरक्षण का नियम (लवाइजिए): हर रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों का द्रव्यमान उत्पादों के द्रव्यमान के बराबर होता है।
- स्थिर अनुपात का नियम (प्राउस्ट): किसी यौगिक के तत्व हमेशा एक ही स्थिर द्रव्यमान अनुपात में मिलते हैं।
- डाल्टन के अभिगृहीत दोनों नियम समझाते हैं: परमाणु अविभाज्य हैं और केवल पुनर्व्यवस्थित होते हैं, कभी बनते-मिटते नहीं।
- सहसंयोजी आबंध इलेक्ट्रॉन साझा करता है (H-H, Cl-Cl, O=O, H-Cl, H-O-H)।
- आयनिक आबंध इलेक्ट्रॉन स्थानांतरित करता है, एक धनायन और एक ऋणायन बनाकर जो एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं।
- सहसंयोजी और आयनिक दोनों तरह के सूत्र संयोजकताओं को उपाधार के रूप में क्रॉस करके लिखे जाते हैं।
- आयनिक यौगिक पानी में घुलते हैं और घोल या पिघली अवस्था में चालन करते हैं; सहसंयोजी यौगिक आमतौर पर दोनों नहीं करते।
- आण्विक द्रव्यमान अणु के परमाणु द्रव्यमान जोड़ता है; सूत्र इकाई द्रव्यमान आयनिक यौगिक के सरलतम अनुपात के लिए वही काम करता है।
- 1 अंकद्रव्यमान संरक्षण का नियम बताइए।
- 1 अंकस्थिर अनुपात का नियम किसने प्रस्तावित किया?
- 1 अंकधनायन क्या है? एक उदाहरण दीजिए।
- 1 अंकइलेक्ट्रॉन साझा करके बनने वाले आबंध का नाम बताइए।
- 1 अंक का रासायनिक नाम लिखिए।
- 1 अंकसल्फेट आयन की संयोजकता क्या है?
- 1 अंकआण्विक द्रव्यमान को परिभाषित कीजिए।
- 1 अंकआयनिक यौगिक ठोस अवस्था में विद्युत चालन क्यों नहीं करते?
- 3 अंकनामांकित चित्र सहित पानी के अणु का निर्माण समझाइए।
- 3 अंकचित्र सहित समझाइए कि इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण से सोडियम क्लोराइड कैसे बनता है।
- 2 अंकघुलनशीलता के आधार पर आयनिक और सहसंयोजी यौगिकों में अंतर बताइए।
- 3 अंक20 g हाइड्रोजन 160 g ऑक्सीजन से पूरी तरह अभिक्रिया करता है। द्रव्यमान संरक्षण के नियम अनुसार कितना पानी बनेगा?
- 2 अंकक्रॉस-ओवर विधि दिखाते हुए ऐलुमिनियम सल्फेट का रासायनिक सूत्र लिखिए।
- 3 अंककिसी यौगिक में द्रव्यमान के हिसाब से 40% गंधक और 60% ऑक्सीजन है। 20 g गंधक वाले नमूने में कितनी ऑक्सीजन होगी?
- 2 अंकनाइट्रिक अम्ल, (H=1u, N=14u, O=16u) का आण्विक द्रव्यमान ज्ञात कीजिए।
- 3 अंकसमझाइए कि चीनी पानी में घुलने पर भी चीनी का विलयन विद्युत चालन क्यों नहीं करता।
- 2 अंकनिम्न के नाम लिखिए: (i) (ii) ।
- 3 अंकइलेक्ट्रॉन साझाकरण से क्लोरीन अणु () का निर्माण दिखाइए।
- 5 अंकडाल्टन का परमाणु सिद्धांत बताइए और समझाइए कि यह द्रव्यमान संरक्षण के नियम और स्थिर अनुपात के नियम दोनों को कैसे समझाता है।
- 5 अंकतत्व A के तीसरे कोश में 1 इलेक्ट्रॉन है; तत्व B के दूसरे कोश में 6 इलेक्ट्रॉन हैं। समझाइए कि वे किस तरह के आयन बनाएँगे, उनके बीच कौन-सा आबंध बनेगा, और बने यौगिक का सूत्र बताइए।
- 5 अंकघुलनशीलता, विद्युत चालकता और गलनांक के आधार पर आयनिक और सहसंयोजी यौगिकों की तुलना कीजिए, एक-एक उदाहरण सहित।
- 5 अंककैल्सियम नाइट्रेट, (Ca=40u, N=14u, O=16u) का सूत्र इकाई द्रव्यमान हर चरण दिखाते हुए ज्ञात कीजिए।
- 5 अंक5.3 g सोडियम कार्बोनेट 6.0 g एसिटिक अम्ल से अभिक्रिया करके 2.2 g कार्बन डाइऑक्साइड, 0.9 g पानी और 8.2 g सोडियम एसीटेट देता है। द्रव्यमान संरक्षण के नियम की पुष्टि कीजिए।
- 1 अंककिस सेटअप में अंतिम रीडिंग आरंभिक रीडिंग से मेल खाती है?
- 2 अंकसमझाइए कि दूसरे सेटअप में रीडिंग क्यों अलग है।
- 2 अंकयह प्रयोग रासायनिक अभिक्रिया के दौरान द्रव्यमान के बारे में क्या दिखाता है?
- 1 अंकद्रव्यमान संरक्षण का नियम किसने प्रस्तावित किया?
(a) डाल्टन(b) प्राउस्ट(c) लवाइजिए(d) रदरफोर्ड - 1 अंकपानी में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का द्रव्यमान अनुपात है:
(a) 1:1(b) 1:8(c) 8:1(d) 2:1 - 1 अंक में आबंध है:
(a) सहसंयोजी(b) आयनिक(c) धात्विक(d) हाइड्रोजन - 1 अंक (C=12u, O=16u) का आण्विक द्रव्यमान है:
(a) 28 u(b) 32 u(c) 44 u(d) 16 u - 1 अंकआयनिक यौगिक विद्युत चालन करते हैं जब:
(a) ठोस हों(b) पानी में घुले हों या पिघले हों(c) कभी नहीं(d) जमे हुए हों - 1 अंक का नाम है:
(a) नाइट्रोजन ऑक्साइड(b) डाइनाइट्रोजन पेंटॉक्साइड(c) नाइट्रोजन पेंटॉक्साइड(d) डाइनाइट्रोजन ऑक्साइड - 1 अंकऋणावेशित आयन कहलाता है:
(a) धनायन(b) ऋणायन(c) प्रोटॉन(d) न्यूट्रॉन
चुनिए: (a) A और R दोनों सही, R, A की सही व्याख्या करता है; (b) दोनों सही, R व्याख्या नहीं करता; (c) A सही, R गलत; (d) A गलत, R सही।
कारण (R): डाल्टन के परमाणु सिद्धांत के अनुसार परमाणु द्रव्यमान के हिसाब से सरल पूर्णांक अनुपात में मिलते हैं।
कारण (R): पिघली अवस्था में आयन मुक्त होकर घूम सकते हैं; ठोस अवस्था में वे जालक में बंधे रहते हैं।
कारण (R): कपूर एक आयनिक यौगिक है।