कक्षा 12 भूगोल अध्याय 7 महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर सहित (Important Questions) हिंदी में

इस अध्याय के परीक्षा-उपयोगी प्रश्न, अंक-वार, हर प्रश्न के पूरे उत्तर के साथ। पहले स्वयं उत्तर लिखने की कोशिश कीजिए, फिर मिलाइए।

1 1 अंक के प्रश्न

प्रश्न 1 (1 अंक)

प्र. परिवहन को एक पंक्ति में परिभाषित कीजिए।

उत्तर: परिवहन व्यक्तियों और वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक वहन करने की सेवा या सुविधा है।

प्रश्न 2 (1 अंक)

प्र. परिवहन जाल किसे कहते हैं?

उत्तर: परिवहन जाल वह प्रारूप है जो अनेक स्थानों को परस्पर मार्गों की श्रेणियों द्वारा जोड़ने पर बनता है।

प्रश्न 3 (1 अंक)

प्र. नोड और योजक में क्या अंतर है?

उत्तर: नोड परिवहन जाल में कोई स्थान/संधि-स्थल है; योजक वह मार्ग है जो दो नोडों को आपस में जोड़ता है।

प्रश्न 4 (1 अंक)

प्र. स्वर्णिम चतुर्भुज किन नगरों को जोड़ता है?

उत्तर: स्वर्णिम चतुर्भुज नयी दिल्ली, मुंबई, चेन्नई तथा कोलकाता, इन चार महानगरों को जोड़ता है।

प्रश्न 5 (1 अंक)

प्र. सीमावर्ती सड़कें किसे कहते हैं?

उत्तर: अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के सहारे बनाई गई सड़कों को सीमावर्ती सड़कें कहा जाता है।

प्रश्न 6 (1 अंक)

प्र. रेल लाइनों की मानक चौड़ाई (गेज) कितनी होती है?

उत्तर: रेल लाइनों की मानक चौड़ाई (गेज) 1.44 मीटर होती है, जिसका उपयोग ब्रिटेन में किया जाता है।

प्रश्न 7 (1 अंक)

प्र. पारमहाद्वीपीय रेलमार्ग की एक पंक्ति में परिभाषा दीजिए।

उत्तर: पारमहाद्वीपीय रेलमार्ग पूरे महाद्वीप से गुज़रते हुए इसके दोनों छोरों को जोड़ने वाले रेलमार्ग हैं।

प्रश्न 8 (1 अंक)

प्र. ‘बिग इंच’ पाइपलाइन क्या परिवहित करती है?

उत्तर: ‘बिग इंच’ पाइपलाइन मैक्सिको की खाड़ी में स्थित तेल के कुओं से उत्तर-पूर्वी राज्यों में पेट्रोलियम (तेल) ले जाती है।

2 2 अंक के प्रश्न

प्रश्न 1 (2 अंक)

प्र. महामार्ग और सीमावर्ती सड़क में क्या अंतर है?

उत्तर: महामार्ग दूरस्थ स्थानों को जोड़ने वाली चौड़ी (80 मीटर तक) पक्की सड़कें हैं, जो अबाधित यातायात के लिए अलग-अलग लेन, पुलों और फ़्लाईओवरों से युक्त होती हैं। सीमावर्ती सड़कें अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के सहारे बनाई जाती हैं और सुदूर क्षेत्रों को प्रमुख नगरों से जोड़ने व प्रतिरक्षा प्रदान करने के लिए होती हैं।

प्रश्न 2 (2 अंक)

प्र. अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में किन-किन बोझा ढोने वाले पशुओं का प्रयोग होता है?

उत्तर: पश्चिमी देशों में घोड़े; उत्तरी अमेरिका, उत्तरी यूरोप और साइबेरिया में हिमाच्छादित मैदानों में कुत्ते और रेंडियर (स्लेज खींचने हेतु); पर्वतीय प्रदेशों में खच्चर; मरुस्थलीय क्षेत्रों में कारवाओं के लिए ऊँट; और भारत में बैलों का प्रयोग छकड़ों को खींचने के लिए किया जाता है।

प्रश्न 3 (2 अंक)

प्र. शहरी सड़कों पर यातायात के शीर्ष (उच्चबिंदु) और गर्त (निम्नबिंदु) क्या दर्शाते हैं?

उत्तर: शीर्ष (उच्चबिंदु) दिन के उन विशेष समयों को दर्शाता है जब सड़कों पर यातायात सर्वाधिक होता है, जैसे काम पर जाने-आने के समय (रश ऑवर); गर्त (निम्नबिंदु) वे समय हैं जब यातायात कम होता है। जब सड़क तंत्र बढ़ते यातायात के अनुरूप विकसित नहीं हो पाता, तो नगरों में दीर्घकालीन संकुलन की समस्या पैदा होती है।

प्रश्न 4 (2 अंक)

प्र. रेल लाइनों को गेज के अनुसार किन-किन श्रेणियों में बाँटा जाता है?

उत्तर: रेल लाइनों को बड़ी (1.5 मीटर से अधिक), मानक (1.44 मीटर), मीटर लाइन (1 मीटर) और छोटी लाइन में वर्गीकृत किया जाता है। मानक लाइन का उपयोग ब्रिटेन में किया जाता है।

प्रश्न 5 (2 अंक)

प्र. अफ्रीका महाद्वीप के किन्हीं दो प्रमुख रेलमार्गों का वर्णन कीजिए।

उत्तर: बेंगुएला रेलमार्ग अंगोला से कटंगा-जांबिया ताँबे की पेटी से होकर जाता है; तंजानिया रेलमार्ग जांबिया ताम्र पेटी को तट पर स्थित दार-ए-सलाम तक जोड़ता है। इसके अतिरिक्त बोसवाना-जिंबाब्वे रेलमार्ग और दक्षिण अफ्रीका गणतंत्र में केपटाउन से प्रेटोरिया तक चलने वाली ब्लू ट्रेन भी महाद्वीप के प्रमुख रेलमार्ग हैं।

प्रश्न 6 (2 अंक)

प्र. स्वेज नहर की दो प्रमुख विशेषताएँ बताइए।

उत्तर: स्वेज नहर 1869 में मिस्र में पोर्ट सईद और पोर्ट स्वेज के बीच भूमध्य सागर व लाल सागर को जोड़ने हेतु बनाई गई थी। यह जलबंधकों से रहित समुद्र-सतह के बराबर नहर है, लगभग 160 किमी लंबी और 11-15 मीटर गहरी, जिसमें प्रतिदिन लगभग 100 जलयान आवागमन करते हैं।

प्रश्न 7 (2 अंक)

प्र. पनामा नहर की दो प्रमुख विशेषताएँ बताइए।

उत्तर: पनामा नहर अटलांटिक महासागर को प्रशांत महासागर से जोड़ती है, लगभग 72 किमी लंबी है जिसमें लगभग 12 किमी की अत्यधिक गहरी कटान शामिल है। इसमें छः जलबंधक तंत्र हैं, जिनसे होकर जलयान 26 मीटर तक की ऊँचाई की समुद्री सतह पार करते हैं।

प्रश्न 8 (2 अंक)

प्र. आंतरिक जलमार्गों के विकास के लिए कौन-सी बातें ज़रूरी हैं?

उत्तर: आंतरिक जलमार्गों का विकास नहरों की नौगम्यता, चौड़ाई और गहराई, जल प्रवाह की निरंतरता तथा उपयोग में लाई जाने वाली परिवहन प्रौद्योगिकी पर निर्भर करता है। नदी तल को गहरा करने, स्थिर करने तथा बाँध बनाकर जल प्रवाह नियंत्रित करने से नौगम्यता बढ़ाई जाती है।

प्रश्न 9 (2 अंक)

प्र. किन परिस्थितियों में वायु परिवहन ही एकमात्र विकल्प बन जाता है?

उत्तर: हिमालयी प्रदेश में भू-स्खलन, ऐवेलांश अथवा भारी हिमपात के कारण मार्ग अवरुद्ध हो जाने पर वायु यात्रा ही किसी स्थान पर पहुँचने का एकमात्र विकल्प रह जाती है। उत्तरी कनाडा में जमी हुई भूमि के कारण एस्किमो तक वस्तुएँ पहुँचाने के लिए भी वायुयान ही एकमात्र साधन है।

प्रश्न 10 (2 अंक)

प्र. ओरिएंट एक्सप्रेस रेलमार्ग की दो विशेषताएँ बताइए।

उत्तर: (i) यह लाइन पेरिस से स्ट्रैस्बर्ग, म्युनिख, विएना, बुडापेस्ट और बेलग्रेड होती हुई इस्तांबूल तक जाती है; इस एक्सप्रेस से लंदन से इस्तांबूल तक का यात्रा-समय समुद्री मार्ग के 10 दिनों की तुलना में मात्र 96 घंटे रह गया है। (ii) इस रेलमार्ग द्वारा होने वाले प्रमुख निर्यात पनीर, सुअर का मांस, जई, शराब, फल और मशीनरी हैं।

3 4 अंक के प्रश्न

प्रश्न 1 (4 अंक)

प्र. रेलमार्गों के विकास की दृष्टि से यूरोप, उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका की तुलना कीजिए।

उत्तर: यूरोप में विश्व का सघनतम रेल तंत्र है, लगभग 4,40,000 किमी, जिनमें से अधिकांश दोहरे या बहुमार्गी हैं; बेल्जियम में रेल घनत्व सर्वाधिक है (1 किमी प्रति 6.5 वर्ग किमी)। उत्तरी अमेरिका में विश्व के कुल रेलमार्गों का लगभग 40 प्रतिशत भाग है, जो मुख्यतः लंबी दूरी के स्थूल पदार्थों (अयस्क, अनाज, इमारती लकड़ी) के परिवहन के लिए प्रयोग होता है। इसके विपरीत, अफ्रीका दूसरा विशालतम महाद्वीप होते हुए भी केवल 40,000 किमी रेलमार्ग रखता है (जिनमें से दक्षिण अफ्रीका अकेले 18,000 किमी), और अधिकांश रेलमार्ग पत्तन नगरों को आंतरिक केंद्रों से जोड़ते हैं परंतु आपस में अच्छा जाल नहीं बनाते।

प्रश्न 2 (4 अंक)

प्र. किन्हीं चार पारमहाद्वीपीय रेलमार्गों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।

उत्तर: (1) पार-साइबेरियन रेलमार्ग: रूस का प्रमुख मार्ग, सेंट पीटर्सबर्ग से व्लाडिवोस्टक तक, विश्व का सर्वाधिक लंबा (9,322 किमी) दोहरे पथ वाला विद्युतीकृत पारमहाद्वीपीय रेलमार्ग। (2) पार-कैनेडियन रेलमार्ग: 7,050 किमी लंबा, हैलिफैक्स से वैंकूवर तक, 1886 में निर्मित। (3) ऑस्ट्रेलियाई पारमहाद्वीपीय रेलमार्ग: पर्थ से सिडनी तक, महाद्वीप के दक्षिणी भाग से होकर। (4) संघ और प्रशांत रेलमार्ग: न्यूयॉर्क से सैन फ्रांसिस्को तक, अयस्क-अनाज-कागज़ जैसे मूल्यवान निर्यात इसी मार्ग से होते हैं।

प्रश्न 3 (4 अंक)

प्र. स्वेज नहर और पनामा नहर की आपस में तुलना कीजिए।

उत्तर: स्वेज नहर 1869 में मिस्र में बनी, भूमध्य सागर व लाल सागर को जोड़ती है, लगभग 160 किमी लंबी व 11-15 मीटर गहरी है, और जलबंधकों से रहित समुद्र-सतह के बराबर नहर है। पनामा नहर अटलांटिक व प्रशांत महासागर को जोड़ती है, पनामा नगर और कोलोन के बीच बनी, लगभग 72 किमी लंबी है और इसमें छः जलबंधक तंत्र हैं, जिनसे होकर जलयान अलग-अलग ऊँचाई (26 मीटर तक) की समुद्री सतह पार करते हैं। दोनों ही पूर्वी व पश्चिमी विश्व के लिए वाणिज्य के प्रवेश-द्वार का काम करती हैं, पर पनामा का आर्थिक महत्व स्वेज से कम है।

प्रश्न 4 (4 अंक)

प्र. किन्हीं चार आंतरिक जलमार्गों का उनकी प्रमुख विशेषताओं सहित वर्णन कीजिए।

उत्तर: (1) राइन जलमार्ग: जर्मनी और नीदरलैंड से होकर बहती है, रोटरडम से बेसल तक 700 किमी नौकायन-योग्य; विश्व का सर्वाधिक प्रयोग किया जाने वाला जलमार्ग। (2) डेन्यूब जलमार्ग: पूर्वी यूरोप को सेवाएँ देता है, ब्लैक फॉरेस्ट से टारना सेविरिन तक नौकायन-योग्य; गेहूँ, मक्का, इमारती लकड़ी का निर्यात। (3) वोल्गा जलमार्ग: रूस का सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग, 11,200 किमी, कैस्पियन सागर में गिरती है। (4) वृहद झीलें-सेंट लारेंस समुद्रीमार्ग: सुपीरियर, ह्यूरन, इरी और ओंटारियो झीलों को सू व वलैंड नहर से जोड़ता है, मॉण्ट्रियाल तक नौकायन संभव।

प्रश्न 5 (4 अंक)

प्र. वायु परिवहन के लाभ और सीमाओं की विवेचना कीजिए।

उत्तर: लाभ: वायु परिवहन तीव्रतम साधन है, अगम्य क्षेत्रों (हिमालय, उत्तरी कनाडा) तक पहुँचने का एकमात्र साधन है, मूल्यवान-हल्की-नाशवान वस्तुओं के लिए सर्वश्रेष्ठ है, और इसका सामरिक महत्व भी है। सीमाएँ: यह अत्यंत महँगा साधन है; अफ्रीका, रूस के एशियाई भाग और दक्षिण अमेरिका में वायु सेवाओं का अभाव है; दक्षिणी गोलार्द्ध के 10°-35° अक्षांशों में विरल जनसंख्या और सीमित आर्थिक विकास के कारण वायुसेवाएँ सीमित हैं।

प्रश्न 6 (4 अंक)

प्र. टेलीग्राफ से इंटरनेट तक संचार के विकास का वर्णन कीजिए।

उत्तर: आरंभ में टेलीग्राफ और टेलीफोन प्रमुख संचार साधन थे; अमेरिकी टेलीग्राफ-टेलीफोन कंपनी का अमेरिका के टेलीफोन उद्योग पर एकाधिकार था और टेलीफोन ने अमेरिकी नगरीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पहला बड़ा पारवेधन ऑप्टिक फाइबर तारों का प्रयोग था, जिसने आँकड़ों का तीव्र, सुरक्षित और लगभग त्रुटिहीन संप्रेषण संभव बनाया। 1990 के दशक में सूचनाओं के अंकीकरण के साथ दूरसंचार का कंप्यूटर के साथ विलय हुआ, जिससे इंटरनेट नामक समन्वित नेटवर्क बना।

प्रश्न 7 (4 अंक)

प्र. उपग्रह संचार के विकास और भारत के योगदान का वर्णन कीजिए।

उत्तर: 1970 से अमेरिका और पूर्व सोवियत संघ द्वारा किए गए अंतरिक्ष शोध के बाद उपग्रह संचार एक नया क्षेत्र बना; कृत्रिम उपग्रहों से ग्लोब के दूरस्थ भाग भी जुड़ पाए और संचार की इकाई-लागत दूरी से स्वतंत्र हो गई। भारत ने भी बड़े कदम उठाए: आर्यभट्ट (19 अप्रैल 1975), भास्कर-1 (1979), रोहिणी (1980) और एप्पल (19 जून 1981, एरियन रॉकेट द्वारा) का प्रक्षेपण हुआ। भास्कर, चैलेंजर तथा इंसेट 1-बी ने लंबी दूरी के संचार, दूरदर्शन और रेडियो को अत्यधिक प्रभावी बना दिया है, जिससे आज दूरदर्शन के माध्यम से मौसम की भविष्यवाणी संभव हो पाई है।

4 6 अंक के प्रश्न

प्रश्न 1 (6 अंक)

प्र. ‘एक सुप्रबंधित परिवहन प्रणाली में विभिन्न विधाएँ एक-दूसरे की संपूरक होती हैं’, इस कथन को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: परिवहन की हर विधा की अपनी सार्थकता होती है, जो परिवहित वस्तुओं-सेवाओं के प्रकार, लागत और उपलब्धता पर निर्भर करती है। सड़क परिवहन कम दूरी और घर-घर सेवा के लिए सस्ता-तीव्र है; रेल भारी-स्थूल पदार्थों के लंबी दूरी परिवहन के लिए सर्वाधिक अनुकूल है; वायु मार्ग मूल्यवान, हल्की और नाशवान वस्तुओं के लिए सर्वश्रेष्ठ है; जल परिवहन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थूल पदार्थों के सस्ते परिवहन के लिए उपयुक्त है; पाइपलाइन तरल-गैसीय पदार्थों के अबाधित प्रवाह के लिए है। एक सुप्रबंधित तंत्र में ये सभी विधाएँ एक-दूसरे की पूरक होती हैं, उदाहरण के लिए भारी मालवाही जलयानों से बड़ी मात्रा में माल पत्तन तक पहुँचता है, फिर वहाँ से रेल या सड़क द्वारा आंतरिक भागों तक; कहीं-कहीं पाइपलाइनों व सड़कों को भी नवीनतम विकास के रूप में जोड़ा जाता है। इसलिए कोई एक विधा अकेले पूरे परिवहन तंत्र की ज़रूरतें पूरी नहीं कर सकती, सभी विधाएँ मिलकर एक कुशल तंत्र बनाती हैं।

प्रश्न 2 (6 अंक)

प्र. विश्व के वे प्रमुख प्रदेश कौन-से हैं जहाँ वायुमार्ग का सघन तंत्र पाया जाता है, और कहाँ इसका अभाव है?

उत्तर: उत्तरी गोलार्द्ध में अंतर-महाद्वीपीय वायुमार्गों की एक सुस्पष्ट पूर्व-पश्चिम पट्टी है। पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका, पश्चिमी यूरोप और दक्षिण-पूर्वी एशिया में वायुमार्गों का सघन जाल पाया जाता है; विश्व के कुल वायुमार्गों के 60 प्रतिशत भाग का प्रयोग अकेला संयुक्त राज्य अमेरिका करता है। न्यूयॉर्क, लंदन, पेरिस, एमस्टर्डम और शिकागो नोडीय बिंदु हैं जहाँ वायुमार्ग अभिसरित होते हैं अथवा सभी महाद्वीपों की ओर विकिरित होते हैं। इसके विपरीत अफ्रीका, रूस के एशियाई भाग और दक्षिण अमेरिका में वायु सेवाओं का अभाव है; दक्षिणी गोलार्द्ध में 10°-35° अक्षांशों के मध्य अपेक्षाकृत विरल जनसंख्या, सीमित स्थलखंड और आर्थिक विकास के कारण वायुसेवाएँ सीमित हैं।

प्रश्न 3 (6 अंक)

प्र. साइबर स्पेस मनुष्यों के समकालीन आर्थिक और सामाजिक स्पेस की वृद्धि किन विधाओं द्वारा करेगा?

उत्तर: साइबर स्पेस विद्युत द्वारा कंप्यूटरीकृत, वर्ल्ड वाइड वेब जैसे इंटरनेट से आवृत स्पेस है, जो भेजने और प्राप्त करने वाले के शारीरिक संचलन के बिना सूचनाओं के प्रेषण-प्राप्ति की सुविधा देता है और कार्यालय, नौका, उड़ते जहाज़ में, वस्तुतः कहीं भी विद्यमान हो सकता है। जैसे-जैसे करोड़ों लोग हर वर्ष इंटरनेट का प्रयोग करते हैं, यह ई-मेल, ई-वाणिज्य, ई-शिक्षा और ई-प्रशासन के माध्यम से लोगों के समकालीन आर्थिक और सामाजिक स्पेस को विस्तृत करेगा। जैसे-जैसे तकनीकी विकसित होती है और सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से लगाए गए प्रतिबंध समाप्त होते हैं, निजी व्यावसायिक कंपनियाँ, शैक्षणिक संस्थान इन सूचनाओं व उपग्रह चित्रों का उपयोग नगरीय नियोजन, प्रदूषण नियंत्रण और वनोन्मूलन से प्रभावित क्षेत्रों को पहचानने के लिए करेंगे। फैक्स, टेलीविजन और रेडियो के साथ मिलकर इंटरनेट समय और स्थान की सीमाओं को लाँघते हुए अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचेगा। यही आधुनिक संचार प्रणालियाँ परिवहन से भी बढ़कर वैश्विक ग्राम की संकल्पना को साकार करती हैं।

प्रश्न 4 (6 अंक)

प्र. स्थल, जल और वायु परिवहन की तुलना उनकी लागत, गति और उपयुक्तता के आधार पर कीजिए।

उत्तर: स्थल परिवहन (सड़क व रेल) में सड़क कम दूरी व घर-घर सेवा के लिए सस्ती-तीव्र है, जबकि रेल भारी-स्थूल पदार्थों के लंबी दूरी परिवहन के लिए सर्वाधिक अनुकूल और अपेक्षाकृत सस्ता साधन है, पर पर्वत-मरुस्थल-बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में इसका निर्माण व रख-रखाव कठिन होता है। जल परिवहन में मार्ग-निर्माण की आवश्यकता नहीं होती, जल का घर्षण स्थल से बहुत कम होने से ऊर्जा-लागत भी कम है, इसलिए महाद्वीपों के बीच स्थूल पदार्थों के लंबी दूरी परिवहन के लिए यह सबसे सस्ता साधन है। वायु परिवहन परिवहन का तीव्रतम साधन है और अगम्य क्षेत्रों तक पहुँचने का एकमात्र विकल्प भी, पर यह तीनों में सबसे महँगा है, इसलिए मूल्यवान, हल्की और नाशवान वस्तुओं तथा लंबी दूरी के यात्रियों तक ही सीमित रहता है। एक सुप्रबंधित तंत्र में ये तीनों परस्पर पूरक बनकर काम करती हैं।

5 केस स्टडी

केस स्टडी
ऑस्ट्रेलियाई पारमहाद्वीपीय रेलमार्ग पश्चिमी तट पर पर्थ से आरंभ होकर कलगुर्ली, ब्रोकन हिल और पोर्ट ऑगस्ता से होकर पूर्वी तट पर स्थित सिडनी को मिलाते हुए महाद्वीप के दक्षिणी भाग के आर-पार पश्चिम से पूर्व को जाती है। एक अन्य उत्तर-दक्षिण लाइन एडीलेड और एलिस स्प्रिंग को जोड़ती है, और आगे इसे डार्विन-बिरदुम लाइन से जोड़ा जाता है। न्यूज़ीलैंड के रेलमार्ग मुख्यतः उत्तरी द्वीप में पाए जाते हैं, जो कृषि क्षेत्रों को अपनी सेवाएँ प्रदान करते हैं।

(क) 1 अंक ऑस्ट्रेलियाई पारमहाद्वीपीय रेलमार्ग किन दो शहरों को जोड़ता है?
उत्तर: यह रेलमार्ग पर्थ (पश्चिमी तट) को सिडनी (पूर्वी तट) से जोड़ता है।

(ख) 2 अंक गद्यांश के आधार पर बताइए कि एडीलेड-एलिस स्प्रिंग लाइन आगे किससे जुड़ती है और यह किस दिशा की लाइन है।
उत्तर: एडीलेड-एलिस स्प्रिंग लाइन एक उत्तर-दक्षिण दिशा की लाइन है, जिसे आगे डार्विन-बिरदुम लाइन से जोड़ा जाता है, जबकि मुख्य पर्थ-सिडनी रेलमार्ग पश्चिम-पूर्व दिशा में चलता है।

(ग) 4 अंक गद्यांश और अध्याय के आधार पर ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के रेलमार्गों की मुख्य विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: (1) ऑस्ट्रेलिया में लगभग 40,000 किमी लंबे रेलमार्ग हैं, जिनमें से 25 प्रतिशत अकेले न्यू साउथ वेल्स में हैं। (2) ऑस्ट्रेलियाई पारमहाद्वीपीय रेलमार्ग महाद्वीप के दक्षिणी भाग के आर-पार पश्चिम में पर्थ से कलगुर्ली, ब्रोकन हिल और पोर्ट ऑगस्ता होते हुए पूर्व में सिडनी तक जाता है। (3) एक अन्य उत्तर-दक्षिण लाइन एडीलेड और एलिस स्प्रिंग को जोड़ती है, जिसे आगे डार्विन-बिरदुम लाइन से जोड़ा जाना है। (4) न्यूज़ीलैंड के रेलमार्ग मुख्यतः उत्तरी द्वीप में हैं, जो कृषि क्षेत्रों को सेवाएँ प्रदान करते हैं।

केस स्टडी
राइन नदी जर्मनी और नीदरलैंड से होकर प्रवाहित होती है। नीदरलैंड में रोटरडम में अपने मुहाने से लेकर स्विटजरलैंड में बेसल तक यह 700 किमी लंबाई में नौकायन योग्य है। रूर नदी पूर्व से आकर राइन नदी में मिलती है; यह एक संपन्न कोयला क्षेत्र से होकर प्रवाहित होती है और संपूर्ण नदी बेसिन विनिर्माण क्षेत्र की दृष्टि से अत्यधिक संपन्न है। इस प्रदेश में डसलडोर्फ राइन नदी पर स्थित पत्तन है। यह जलमार्ग विश्व का अत्यधिक प्रयोग में लाया जाने वाला जलमार्ग है; प्रतिवर्ष 20,000 से अधिक समुद्री जलयान तथा लगभग 2 लाख आंतरिक मालवाहक पोत वस्तुओं का आदान-प्रदान करते हैं।

(क) 1 अंक राइन जलमार्ग किन दो देशों से होकर प्रवाहित होता है, और यह कितने किमी तक नौकायन-योग्य है?
उत्तर: राइन जलमार्ग जर्मनी और नीदरलैंड से होकर प्रवाहित होता है, और नीदरलैंड में रोटरडम से स्विटजरलैंड में बेसल तक 700 किमी लंबाई में नौकायन-योग्य है।

(ख) 2 अंक गद्यांश के आधार पर बताइए कि डसलडोर्फ का इस जलमार्ग में क्या महत्व है।
उत्तर: डसलडोर्फ राइन नदी पर स्थित एक महत्वपूर्ण पत्तन है, जो रूर के संपन्न कोयला व विनिर्माण क्षेत्र से होकर आने वाले भारी माल के लदान-उतराव का केंद्र है।

(ग) 4 अंक गद्यांश में दिए आँकड़ों (20,000+ समुद्री जलयान, 2 लाख मालवाहक पोत) के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि राइन जलमार्ग को विश्व का सर्वाधिक प्रयुक्त जलमार्ग क्यों कहा जाता है।
उत्तर: राइन जलमार्ग जर्मनी, नीदरलैंड, स्विटजरलैंड, फ्रांस और बेल्जियम जैसे कई औद्योगिक देशों को जोड़ता है और रूर के संपन्न कोयला-विनिर्माण क्षेत्र से गुज़रता है, इसलिए इस पर माल-ढुलाई की माँग बहुत अधिक रहती है। यही कारण है कि प्रतिवर्ष 20,000 से अधिक समुद्री जलयान और लगभग 2 लाख आंतरिक मालवाहक पोत इस जलमार्ग पर वस्तुओं का आदान-प्रदान करते हैं, जो किसी भी अन्य आंतरिक जलमार्ग से कहीं अधिक है, इसीलिए इसे विश्व का सर्वाधिक प्रयोग में लाया जाने वाला जलमार्ग कहा जाता है।