परीक्षा से ठीक पहले के दोहराव के लिए इस अध्याय का निचोड़: परिभाषाएँ, संख्याएँ, तारीख़ें और तुलना की तालिकाएँ। विस्तार से पढ़ने के लिए पूरे नोट्स अलग से उपलब्ध हैं।
1 तीन सूचियाँ, एक नज़र में
| सूची | उदाहरण विषय | क़ानून कौन बनाए |
|---|---|---|
| संघ सूची | रक्षा, मुद्रा, रेलवे, विदेश मामले | केवल संघ विधायिका |
| राज्य सूची | पुलिस, कृषि, स्थानीय शासन | सामान्यतः राज्य विधायिका |
| समवर्ती सूची | शिक्षा, वन, व्यापार संघ | संघ और राज्य, दोनों |
| अवशिष्ट शक्तियाँ | साइबर क़ानून | केवल संघ विधायिका |
2 याद रखने लायक़ संख्याएँ
3 वर्षराष्ट्रपति शासन की अधिकतम अवधि (अनुच्छेद 356)
1983 / 1988सरकारिया आयोग: गठन / रिपोर्ट के वर्ष
31 अक्तूबर 2019जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम लागू
| वर्ष | क्या हुआ |
|---|---|
| 1953 | राज्य पुनर्गठन आयोग की स्थापना |
| 1956 | पहला बड़ा भाषाई राज्य-पुनर्गठन |
| 1960 | गुजरात और महाराष्ट्र अलग बने |
| 1966 | पंजाब और हरियाणा अलग हुए |
| 1977 | प. बंगाल वाम मोर्चा का वित्तीय स्वायत्तता दस्तावेज़ |
| 1959 | केरल में बहुमत होते हुए भी सरकार बर्खास्त |
| 2000 | छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, झारखंड बने |
| 2014 | तेलंगाना, आंध्र प्रदेश से अलग होकर बना |
3 परिभाषाएँ, ठीक जैसी लिखनी हैं
सारी परिभाषाएँ एक जगह
संघवादएक संस्थागत व्यवस्था जो क्षेत्रीय और राष्ट्रीय, दो स्तर की सरकारों को समाहित करती है
अवशिष्ट शक्तियाँकिसी भी सूची में शामिल न होने वाले विषय, सिर्फ़ संघ विधायिका को अधिकार
अनुच्छेद 356राष्ट्रपति शासन, जब राज्य का शासन संविधान के अनुसार न चल सके
सरकारिया आयोग1983 में गठित, 1988 रिपोर्ट, राज्यपाल की नियुक्ति दलगत भावना से मुक्त हो
अनुच्छेद 370जम्मू-कश्मीर को मिली विशेष स्वायत्तता, 2019 में समाप्त
अनुच्छेद 257(1)राज्य की कार्यपालिका शक्ति संघ की कार्यपालिका शक्ति में बाधा न डाले
4 केंद्र-राज्य संबंधों के तीन चरण
1. 1950-1960 का दशकनेहरू युग, कांग्रेस का दबदबा, संबंध सामान्य
2. 1960 का दशक का मध्यकांग्रेस का दबदबा कम, विपक्षी दल सत्ता में, स्वायत्तता की माँगें शुरू
3. 1990 के दशक सेगठबंधन राजनीति, राज्यों को ज़्यादा तवज्जो, परिपक्व संघवाद
4.1 अंतर-राज्यीय विवाद : दो प्रकार
सीमा विवाद
- महाराष्ट्र-कर्नाटक (बेलगाम)
- पंजाब-हरियाणा (चंडीगढ़)
नदी-जल विवाद
- तमिलनाडु-कर्नाटक (कावेरी)
- गुजरात-मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र (नर्मदा)
आख़िरी दोहराव
- संविधान में “संघ (federation)” शब्द नहीं है; अनुच्छेद 1: भारत राज्यों का संघ है
- तीन सूचियाँ + अवशिष्ट शक्तियाँ; सशक्त केंद्र के प्रावधान: पुनर्गठन, आपातकाल, वित्तीय नियंत्रण, राज्यपाल, अखिल भारतीय सेवाएँ
- स्वायत्तता की चार माँगें: शक्ति-बँटवारा, वित्तीय, प्रशासनिक, सांस्कृतिक-भाषाई
- अनुच्छेद 356 और सरकारिया आयोग की सिफ़ारिश; नए राज्यों की सूची और तारीख़ें
- जम्मू-कश्मीर का अनुच्छेद 370, अब इतिहास, 2019 से दो केंद्र-शासित प्रदेश
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री