अध्याय 3 का निचोड़, आख़िरी वक़्त के रिवीज़न के लिए: परिभाषाएँ, नाम, तिथियाँ, तालिकाएँ और एक रिकैप। पूरी व्याख्या विस्तृत नोट्स में अलग से मौजूद है।
चंगेज़ खानतेमुजिनकुरिलताईतुमननोयानउलुसयामपैक्स मंगोलिकायासगोल्डन होर्डकराकोरम
1 सारी परिभाषाएँ एक ही जगह
ये शब्द-दर-शब्द याद कीजिए
स्टेपीमध्य एशिया के विशाल, समतल घास के मैदान, जिन पर मंगोल अपने झुंडों के साथ घूमते थे
साहित्यकारनगरों में रहने वाले पढ़े-लिखे लेखक; मंगोलों पर लगभग हर स्रोत इन्हीं का बनाया हुआ है
मंगोलों का गुप्त इतिहासचंगेज़ खान के जीवन का सबसे पुराना बचा हुआ वृत्तांत; इसके अपने मंगोल और चीनी संस्करण भी आपस में मेल नहीं खाते
गेरखाल से ढका पोर्टेबल तंबू, जिसमें मंगोल परिवार शीत और ग्रीष्म चरागाहों के बीच घूमते हुए रहते थे
पितृवंशीय वंशावलीपिता की ओर से चली परिवार-रेखा, जो एक साझा पुरुष पूर्वज तक जाती है
कुरिलताईमंगोल सरदारों की सभा, जो अभियान, लूट, चरागाह और उत्तराधिकार के फ़ैसले लेती थी
क़ानमहान खान; 1206 की कुरिलताई में तेमुजिन को दी गई उपाधि, चंगेज़ खान नाम के साथ, यानी सागर जैसा खान या सार्वभौम शासक
दशमलव प्रणाली / तुमन10, 100, 1,000 और काग़ज़ पर 10,000 की सैन्य इकाइयाँ; आख़िरी को तुमन कहते थे। पुराने कुल-गुट जान-बूझकर तोड़कर मिलाए गए
नोयानचंगेज़ खान के चार बेटों के साथ नई इकाइयों की कमान संभालने वाले ख़ास तौर पर चुने गए सेनापति
अंडाख़ून का भाई; लंबे समय से साथ रहे अनुयायियों को सार्वजनिक रूप से दिया गया सम्मान
नौकरबंधुआ सेवक; साधारण मूल का स्वतंत्र व्यक्ति, जिसे खान ने अपनी निजी सेवा में लिया
उलुसविजयों में बेटे का हिस्सा। चंगेज़ खान के जीवनकाल में तरल, तेरहवीं सदी के मध्य से एक स्थायी क्षेत्रीय राज्य
तामाराजकुमार की अपनी सैन्य टुकड़ी, जो हर उलुस में तैनात रहती थी और साम्राज्य के साझा होने का प्रतीक थी
यामताज़ा घोड़ों और सवारों वाली चौकियों की वह डाक-शृंखला जो पूरे साम्राज्य को जोड़ती थी
कुबकुरयाम का ख़र्च उठाने वाला कर: यायावर परिवार के झुंड का दसवाँ हिस्सा, घोड़ों या पशुधन में, ख़ुशी-ख़ुशी चुकाया जाता था
पैक्स मंगोलिकामंगोल शांति; विजय के बाद की वह स्थिरता जिसने रेशम मार्ग के व्यापार और यात्रा को शिखर तक पहुँचाया
पैज़ा / जेरेज़ायात्रियों को दिया जाने वाला सुरक्षित आवाजाही का पास, फ़ारसी में पैज़ा और मंगोल में जेरेज़ा
बाजउसी सुरक्षा के बदले व्यापारियों का दिया कर, जो खान की सत्ता स्वीकार करने का प्रतीक था
कनातईरानी पठार की भूमिगत सिंचाई नहर; विजय के दौर में कई बिगड़ गईं और मरुस्थल आगे बढ़ा
यास / यसाकयसाक का पहला अर्थ था क़ानून, आदेश या फ़रमान। यास का अर्थ हो गया चंगेज़ खान की पूरी विधि-संहिता
गुरेगनदामाद; तैमूर सिर्फ़ यही उपाधि ले सका, क्योंकि वह चंगेज़-वंशी नहीं था
2 मंगोलों की दुनिया: लोग, जगहें और चरण
| किताब क्या नाम लेती है |
क्या याद रखना है |
| मंगोल कौन थे |
एक विविध समूह, जो पूर्व में तातार, खिताई और मंचू से तथा पश्चिम में तुर्की कबीलों से भाषाई नज़दीकी रखता था। कुछ पशुचारक थे, कुछ साइबेरियाई जंगलों के शिकारी-संग्राहक, जो खाल का व्यापार करते थे |
| भूभाग |
आज के मंगोलिया के लहराते मैदान, पश्चिम में बर्फ़ से ढके अल्ताई पर्वत, दक्षिण में सूखा गोबी मरुस्थल, और ओनोन तथा सेलेंगा नदियाँ और अनगिनत पहाड़ी झरने |
| जलवायु |
लंबी कठोर सर्दियाँ, छोटी शुष्क गर्मियाँ। थोड़ी खेती संभव थी, पर पश्चिम के कुछ तुर्कों के विपरीत मंगोलों ने उसे कभी नहीं अपनाया |
| छापे क्यों शुरू होते थे |
कठोर सर्दी या सूखा परिवारों को दूर तक चारा खोजने पर मजबूर करता, जिससे चरागाह पर विवाद और पशु-लूट के छापे होते। किसी शक्तिशाली वंश के इर्द-गिर्द बने गठबंधन छोटे और अल्पजीवी ही रहते, कुछ अपवादों को छोड़कर |
| चीन, तीन हिस्सों में |
उत्तर-पश्चिम में तिब्बती मूल का हिसि हिसिया, उत्तर में पेकिंग से शासन करता जुर्चेन-वंश का चिन, और दक्षिण में सुंग, जो 1279 में ही जीता जा सका |
| क़ारा खिता |
चीन के उत्तर-पश्चिम में तिएन शान पर्वतों पर नियंत्रण। 1218 में उनकी हार से मंगोल शक्ति आमू दरिया, ट्रांसओक्सिआना और ख़्वारज़्म तक पहुँची |
| पश्चिम का पीछा |
सुल्तान मुहम्मद का पीछा अज़रबैजान तक, क्रीमिया में रूसी सेनाओं की हार, कैस्पियन सागर की घेराबंदी, और दूसरी टुकड़ी जलालुद्दीन के पीछे अफ़गानिस्तान और सिंध होते हुए सिंधु तक |
| पहला चरण, 1236 से 1242 |
रूसी स्टेपी, बुल्गार, कीव, पोलैंड और हंगरी में बड़ी जीतें |
| दूसरा चरण, 1255 से 1300 |
संपूर्ण चीन (1279), और ईरान, इराक़ तथा सीरिया, जिसके बाद सीमा स्थिर हो गई |
| सेना कैसे लड़ती थी |
घुड़सवारी से गति और गतिशीलता, शिकार-अभियानों में निखरी घुड़सवार तीरंदाज़ी से मारक क्षमता, जमी नदियों पर सर्दियों के अभियानों से आश्चर्य, और हल्के, ले जाने योग्य उपकरणों के साथ घेराबंदी यंत्र तथा नाफ़्था की बमबारी |
3 कौन कौन है
| नाम |
किसलिए याद रखें |
| तेमुजिन |
चंगेज़ खान का अपना नाम; बोरजिगिद कुल के भीतर कियात के येसुगेई का बेटा |
| येसुगेई |
उसका पिता, जिसकी हत्या तेमुजिन के बचपन में हुई |
| ओएलुन-एके |
उसकी माँ, जिसने परिवार को कठिनाई में पाला |
| बोर्ते |
उसकी पत्नी, जिसका विवाह के तुरंत बाद अपहरण हुआ और जिसे बल से वापस लाया गया |
| बोघूरचू |
उसका पहला और आजीवन विश्वसनीय साथी |
| जमूका |
उसका अंडा, बाद में कट्टर प्रतिद्वंद्वी, अंततः 1206 में पराजित |
| तुगरिल / ओंग खान |
केरेयितों का शासक, पिता का पुराना रक्त-बंधु और फिर उसका अपना सहयोगी, 1203 तक पराजित |
| सुल्तान मुहम्मद |
ख़्वारज़्म का शासक; मंगोल दूतों को मरवाकर 1219 से 1221 के अभियान न्योत लिए |
| जलालुद्दीन |
उसका बेटा, जिसका पीछा मंगोल टुकड़ी ने अफ़गानिस्तान और सिंध तक किया |
| जुवैनी |
इल-खानियों का फ़ारसी इतिहासकार; बुखारा का पतन और मर्व का आँकड़ा दर्ज किया |
| मोंके (1251-60) |
महान खान; फ्रांस के लुई नवम् (1226-70) को चेतावनी-पत्र भेजा |
| बातू |
1236 से 1241 के अभियानों में रूस, पोलैंड, हंगरी और वियना तक पहुँचा |
| हुलेगु |
1258 में बगदाद जीता और ईरान में इल-खानी राज्य की नींव रखी |
| बर्के (1257-67) |
गोल्डन होर्ड को इस्लाम की ओर मोड़ा और इल-खानियों के विरुद्ध मिस्र से गठबंधन किया |
| कुबलई खान (मृत्यु 1294) |
1260 से महान खान; ख़ुद को किसानों और नगरों का रक्षक बताया |
| गज़न खान (1295-1304) |
इस्लाम अपनाने वाला पहला इल-खानी शासक; सेनापतियों को किसानों को लूटने से मना किया |
| रशीदुद्दीन |
गज़न खान का फ़ारसी वज़ीर, जिसने संभवतः वह भाषण लिखा |
| ये-लू-चुत्साई |
चीनी मंत्री, जिसने ओगोदेई की कठोर प्रवृत्तियों पर लगाम लगाई |
| विलियम रूब्रुक |
लुई नवम् का भेजा फ्रांसिस्कन भिक्षु; 1254 में कराकोरम पहुँचा |
| गियोम बूशे |
मोंके के दरबार का पेरिसी सुनार, जो पहले रानी सोरग़ाग़तानी की सेवा में था |
| अब्दुल्लाह खान |
सोलहवीं सदी के अंत का जोचिद वंशज, जिसने बुखारा में ‘यास के अनुसार’ नमाज़ पढ़ी |
| हाफ़िज़-ए-तनीश |
उसका इतिहासकार, जिसने यह वाक्य दर्ज किया |
| डेविड अयालोन |
आधुनिक विद्वान, जिसने दिखाया कि यास की स्मृति कैसे गढ़ी गई |
| व्लादिमिरत्सोव और बार्थोल्ड |
रूसी विद्वान; बार्थोल्ड का सहानुभूतिपूर्ण विवरण 1960 के दशक तक दबा रहा |
| इगोर दे राशेविल्त्स, गेरहार्ड डोएर्फ़र |
गुप्त इतिहास के और फ़ारसी में घुले मंगोल शब्दों के भाषाविद् |
| अट्टीला (मृत्यु 453) |
इससे पहले का इकलौता तुलनीय संघ; चंगेज़ खान के संघ के विपरीत वह उसकी मृत्यु से ही बिखर गया |
| तैमूर (1370-1405) |
चंगेज़-वंशी परिवार के गुरेगन यानी दामाद के रूप में ही शासन का दावा कर सका |
4 वे तिथियाँ जो पूछी जाती हैं
c. 1162 / c. 1167तेमुजिन का जन्म; NCERT ख़ुद दोनों वर्ष देता है
1203तातार, केरेयित और ओंग खान की हार
1206नाइमान और जमूका पराजित; कुरिलताई चंगेज़ खान घोषित करती है
1209हिसि हिसिया पराजित
1213महान दीवार तोड़ी गई
1215पेकिंग लूटा गया
1216चंगेज़ खान मंगोलिया लौटा, चीन का अभियान अधीनस्थों पर छोड़कर
1218क़ारा खिता पराजित; मंगोल शक्ति आमू दरिया तक
1219-21ख़्वारज़्म अभियान: ओष्ट्रार, बुखारा, समरक़ंद, बल्ख, गुरगंज, मर्व, निशापुर, हिरात
1227चंगेज़ खान की मृत्यु
1227-41ओगोदेई का महान खान के रूप में शासन
1234चिन वंश के विरुद्ध लड़ाई आख़िरकार ख़त्म
1236-42बातू रूस, पोलैंड और हंगरी को तबाह करता है और वियना के बाहर डेरा डालता है
1246-49गुयूक का शासन
1251-60मोंके का शासन
1253-55ईरान और चीन में नए अभियान
1254विलियम रूब्रुक कराकोरम पहुँचता है
1257-67बर्के का शासन; गोल्डन होर्ड इस्लाम की ओर मुड़ता है
1258बगदाद पर कब्ज़ा, अब्बासी खिलाफ़त का अंत, इल-खानी राज्य की स्थापना
1260कुबलई खान महान खान बनता है; साम्राज्य वंशों में बँटता है
1279संपूर्ण चीन मंगोल शासन में
1295-1304गज़न खान ईरान पर शासन करता है और इस्लाम अपनाता है
1350 का दशकगोल्डन होर्ड का इस्लाम में निश्चित परिवर्तन
1368चीन में युआन वंश का अंत
1370-1405तैमूर का शासन
1495-1530तैमूर और चंगेज़ खान दोनों का वंशज बाबर, 1526 में मुगल साम्राज्य की स्थापना करता है
1500शयबानी खान ट्रांसओक्सिआना पर कब्ज़ा करता है और तैमूरियों को खदेड़ता है
1759मंचु मंगोलिया पर विजय पाते हैं
1921मंगोलिया गणराज्य की स्थापना
5 चार उलुस, और हर एक आगे क्या बना
| बेटा |
1227 में हिस्सा |
आगे चलकर खानेत |
| जोची (सबसे बड़ा) |
रूसी स्टेपी, ‘जहाँ तक उसके घोड़े पहुँच सकें’ वहाँ तक |
गोल्डन होर्ड |
| चघताई |
ट्रांसऑक्सियानी स्टेपी और पामीर के उत्तर के इलाक़े |
चघताईद खानेत, ‘तुर्किस्तान’ |
| ओगोदेई |
भावी महान खान घोषित; राजधानी कराकोरम |
ओगोदेई की शाखा हारकर तोलुईद शाखा में मिला ली गई |
| तोलुई (सबसे छोटा) |
मंगोल मातृभूमि, घर-चूल्हे की परंपरा के अनुसार |
चीन में युआन वंश, और हुलेगु के अधीन ईरान में इल-खानी राज्य |
6 साम्राज्य की मशीनरी, एक नज़र में
| व्यवस्था |
वह क्या करती थी |
| दशमलव सेना |
10 से 10,000 तक की इकाइयाँ, कुल जान-बूझकर तोड़कर मिलाए गए; बिना अनुमति इकाई बदलने पर कठोर दंड |
| नोयान, अंडा, नौकर |
विरासती कुल-दर्जे की जगह निजी निष्ठा पर टिका नया कुलीन वर्ग |
| उलुस और तामा |
चार बेटों के चार हिस्से, और हर हिस्से में हर राजकुमार की अपनी टुकड़ी तैनात |
| कुरिलताई |
हर मौसम में अभियान, लूट, चरागाह और उत्तराधिकार पर सामूहिक फ़ैसले |
| याम और कुबकुर |
झुंड के दसवें हिस्से से चलने वाली डाक-व्यवस्था, जिससे खान सबसे दूर की सीमाओं पर भी नज़र रख पाते थे |
| पैज़ा, जेरेज़ा, बाज |
यात्रियों और व्यापारियों को सुरक्षित आवाजाही, बदले में मंगोल सत्ता की स्वीकृति |
| भर्ती किए गए प्रशासक |
ईरान में चीनी सचिव, चीन में फ़ारसी लोग; जब तक राजस्व जुटाते रहे, भरोसेमंद माने गए |
7 मंगोलों से पहले के स्टेपी संघ
| स्टेपी संघ |
लगभग समय |
मुख्यतः |
| हिउंग-नु |
200 ई.पू. |
तुर्क |
| जुआन-जुआन |
400 ई. |
मंगोल |
| एप्थलाइट हूण |
400 ई. |
मंगोल |
| तुर्क-चुएह |
550 ई. |
तुर्क |
| उइग़ुर |
740 ई. |
तुर्क |
| खिताई |
940 ई. |
मंगोल |
8 वे आँकड़े जो लिखने हैं, और कैसे लिखने हैं
17,47,000निशापुर, 1220 में बताए गए मृत
16,00,000हिरात, 1222 में बताए गए मृत
8,00,000बगदाद, 1258 में बताए गए मृत
13,00,000मर्व के लिए जुवैनी का आँकड़ा, तेरह दिन की गिनती से
आम ग़लती
इन्हें आधुनिक जनगणना की तरह कभी मत लिखिए। जुवैनी ने मर्व का आँकड़ा तेरह दिन तक, हर दिन कथित एक लाख शव गिनकर निकाला, और एक इल-खानी इतिवृत्त ने बुखारा के क़िले के 400 रक्षकों की चश्मदीद गिनती को 30,000 मारे गए बना दिया। इसी परंपरा के छोटे आँकड़े: नासा 70,000, बैहक़ ज़िला 70,000, कुहिस्तान का तून 12,000। इन्हें इतिहासकारों के दावे बताकर लिखिए और यह भी लिखिए कि इन्हें बढ़ाकर क्यों बताया गया।
9 एक ही व्यक्ति को याद करने के दो तरीक़े
9.1 एक ही जीवन, दो नज़रों से
विजित लोगों की नज़र में
- नगरों का विनाशक
- हज़ारों की मौत का ज़िम्मेदार
- चीन, ईरान और पूर्वी यूरोप में डर का पात्र
मंगोलों की नज़र में
- अब तक का सबसे महान नेता
- कबीलाई युद्ध और चीनी शोषण दोनों ख़त्म किए
- समृद्धि लाया और व्यापार-मार्ग फिर खोले
परीक्षा टिप
अध्याय सिर्फ़ दो नज़रिए आमने-सामने रखकर नहीं रुकता। उसका अपना तर्क यह है कि एक हावी नज़रिया बाक़ी हर नज़रिए को मिटा सकता है, और यही वजह है कि मंगोलों की अपनी स्मृति उनके शत्रुओं के लिखे स्रोतों से खोजनी पड़ी। विश्व-इतिहास में उसकी जगह पर लिखे किसी भी उत्तर में दो बातें अंत में ज़रूर जोड़िए: इतिहासकार आज भी अध्ययन कर रहे हैं कि मंगोलों ने बाद के शासनों को, भारत के मुगलों समेत, कैसे एक वैचारिक मॉडल दिया, और सोवियत नियंत्रण के दशकों बाद आधुनिक मंगोलिया ने उसे अपने सार्वजनिक रूप से पूजित राष्ट्रीय नायक के रूप में फिर अपनाया है।
फटाफट रिवीज़न : परीक्षा से एक रात पहले यही पढ़ें
- मंगोलों ने ख़ुद लगभग कुछ नहीं लिखा, इसलिए स्रोत नगर-लिखित, अक्सर शत्रुतापूर्ण और कई भाषाओं में हैं, जिन्हें आलोचनात्मक ढंग से पढ़ना पड़ता है
- स्टेपी में नगर इसलिए नहीं बने क्योंकि न पशुचारण, न शिकार घनी आबादी को सहारा दे सकता था, और इसीलिए चीन से व्यापार ज़रूरी था
- तेमुजिन कठिनाई और गठबंधनों से होकर 1206 की कुरिलताई में चंगेज़ खान घोषित हुआ
- उसने सेना को दशमलव प्रणाली पर फिर से बनाया, पुराने कुल तोड़े, और अंडा, नोयान तथा नौकर का अपने प्रति निष्ठावान नया कुलीन वर्ग खड़ा किया
- चार बेटों को चार उलुस मिले, जो उसके जीवनकाल में तरल सीमाएँ थीं, स्थायी राज्य नहीं, और जिन्हें तामा, कुरिलताई तथा याम जोड़े रखते थे
- विजय ने बसे हुए समाजों को तबाह किया, ईरान की कनात और खुरासान समेत, पर उसके बाद की पैक्स मंगोलिका ने रेशम मार्ग के व्यापार को शिखर तक पहुँचाया
- किसानों को लेकर नीति 1230 के दशक की हत्या से बदलकर कुबलई खान और गज़न खान के समय रक्षा तक पहुँची, क्योंकि बसे हुए राज्य को कर देने वाला ग्रामीण इलाक़ा चाहिए
- साम्राज्य चार खानेतों में बँटा, और साहित्यकारों पर सबसे ज़्यादा ख़र्च कर सकने वाली तोलुईद शाखा ने तय किया कि परिवार का इतिहास कैसे लिखा जाएगा
- यास एक प्रशासनिक नियम से बढ़कर चंगेज़ खान की पूरी विधि-संहिता बन गया, क्योंकि नगरीय समाजों पर शासन करते मंगोल अल्पसंख्यक को अपनी एक पवित्र विरासत चाहिए थी
- उसे विनाशक और राष्ट्र-निर्माता, दोनों रूपों में याद किया जाता है, और आधुनिक मंगोलिया ने उसे अपना राष्ट्रीय नायक फिर से बना लिया है