Class 12 Geography Chapter 6 Tertiary and Quaternary Activities Notes in Hindi

अध्याय मानचित्र: सब कुछ कैसे जुड़ा है
1 · तृतीयक क्रियाकलाप क्या हैं?वस्तु नहीं, सेवा; द्वितीयक क्रियाकलापों से अंतर
2 · व्यापार और वाणिज्यग्रामीण और नगरीय बाज़ार, फुटकर और थोक व्यापार
3 · परिवहनलोगों और माल की ढुलाई; दूरी, जाल-तंत्र, मार्ग
4 · संचारदूरसंचार, जनसंचार माध्यम, इंटरनेट
5 · सेवाएँनियमित, व्यावसायिक, मनोरंजक और व्यक्तिगत सेवाएँ
तृतीयक और चतुर्थ क्रियाकलाप
6 · तृतीयक क्रियाकलापों में संलग्न लोगसेवा क्षेत्र में कौन काम करता है, कहाँ
7 · पर्यटन, विश्व का सबसे बड़ा तृतीयक क्रियाकलापरोज़गार, जीडीपी और भारत में चिकित्सा पर्यटन
8 · चतुर्थ क्रियाकलापसूचना, अनुसंधान और बाह्यस्रोतन
9 · पंचम क्रियाकलापशीर्ष निर्णयकर्ता; के-पी-ओ- बनाम बी-पी-ओ-
10 · अंकीय विभाजकदेशों के बीच और देशों के अंदर भी ICT पहुँच असमान क्यों है
तृतीयक क्रियाकलापचतुर्थ क्रियाकलापपंचम क्रियाकलापव्यापारिक केंद्रआवधिक बाज़ारफुटकर व्यापारथोक व्यापारसमकाल रेखानोड और योजकसी-बी-डी-बाह्यस्रोतनअपतरनके-पी-ओ-बी-पी-ओ-अंकीय विभाजक

1तृतीयक क्रियाकलाप क्या हैं?

बीमार पड़ने पर आप डॉक्टर के पास जाते हैं, स्कूल में अध्यापक आपको पढ़ाते हैं और विवाद होने पर वकील कानूनी राय देता है। इनमें से कोई भी व्यक्ति कोई वस्तु नहीं बनाता। ये सब आपको अपना कौशल, प्रशिक्षण और अनुभव देकर एक सेवा बेचते हैं। कुशल और भुगतान पर आधारित सेवाओं के इस पूरे समूह को तृतीयक सेक्टर या सेवा सेक्टर कहा जाता है।

याद रखेंपरिभाषा 1

तृतीयक क्रियाकलाप वे आर्थिक क्रियाकलाप हैं जो वस्तु नहीं, सेवा प्रदान करते हैं। इनमें सेवा का उत्पादन (जो प्रदान होते ही “उपभोग” हो जाता है, और मज़दूरी या फीस के रूप में मापा जाता है) और विनिमय दोनों शामिल हैं। विनिमय व्यापार, परिवहन और संचार के ज़रिए होता है, जो दूरी को पाटते हैं।

  • तृतीयक क्रियाकलापों के आम उदाहरण: नलसाज़, बिजली मिस्त्री, तकनीशियन, धोबी, नाई, दुकानदार, चालक, कोषपाल, अध्यापक, डॉक्टर, वकील, प्रकाशक

1.1 तृतीयक बनाम द्वितीयक क्रियाकलाप

द्वितीयक क्रियाकलाप

  • एक ठोस, भौतिक वस्तु का उत्पादन करते हैं
  • मूल्य मशीनों, फैक्ट्री और उत्पादन तकनीक पर निर्भर करता है
  • उदाहरण: कपड़ा बनाने वाली फैक्ट्री

तृतीयक क्रियाकलाप

  • वस्तु नहीं, सेवा प्रदान करते हैं
  • मूल्य कर्मी के कौशल, अनुभव और ज्ञान पर निर्भर करता है
  • उदाहरण: वही कपड़ा ग्राहक को बेचने वाली दुकान
सेवा सेक्टर
तृतीयकव्यापार, परिवहन, संचार, रोज़मर्रा की सेवाएँ
चतुर्थसूचना, अनुसंधान और विकास
पंचमशीर्ष स्तर की निर्णय-नीति निर्माण

2व्यापार और वाणिज्य

याद रखेंपरिभाषा 2

व्यापार कहीं और उत्पादित वस्तुओं का लाभ कमाने के लिए किया जाने वाला क्रय-विक्रय है, जो फुटकर और थोक व्यापार अथवा वाणिज्य के रूप में होता है। जिन कस्बों और नगरों में यह होता है उन्हें व्यापारिक केंद्र कहा जाता है। स्थानीय वस्तु-विनिमय से अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा-विनिमय तक व्यापार के इस विकास ने ही व्यापारिक केंद्रों और संग्रहण-वितरण बिंदुओं को जन्म दिया।

2.1 ग्रामीण और नगरीय विपणन केंद्र

ग्रामीण विपणन केंद्र नगरीय विपणन केंद्र
निकटवर्ती बस्तियों की सेवा करते हैं; “अर्ध-नगरीय” (पूरी तरह नगरीय नहीं) अधिक विशिष्टीकृत नगरीय सेवाएँ
व्यापारिक केंद्रों का सबसे अल्पविकसित रूप साधारण वस्तुओं के साथ लोगों की चाही हुई विशिष्ट वस्तुएँ और सेवाएँ भी
व्यक्तिगत और व्यावसायिक सेवाएँ सुविकसित नहीं विनिर्मित वस्तुएँ और विशिष्ट बाज़ार: श्रम, आवासन, अर्ध-निर्मित एवं निर्मित उत्पाद
स्थानीय संग्रहण-वितरण केंद्र, साथ में मंडियाँ (थोक बाज़ार) और फुटकर व्यापार क्षेत्र शैक्षिक संस्थाएँ और व्यावसायिक: अध्यापक, वकील, परामर्शदाता, चिकित्सक, दाँतों के डॉक्टर, पशु चिकित्सक
परीक्षा संकेत

आवधिक बाज़ार पर 1 या 3 अंक का सवाल अक्सर आता है। जिन ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित बाज़ार नहीं होता, वहाँ स्थानीय आवधिक बाज़ार साप्ताहिक या पाक्षिक अंतराल पर, तय तारीखों पर लगते हैं और एक जगह से दूसरी जगह चलते रहते हैं। इससे आसपास के लोग समय-समय पर जमा हुई अपनी ज़रूरतें पूरी कर लेते हैं, और दुकानदार सभी दिन व्यस्त रहकर एक बड़े इलाके को सेवा दे पाते हैं।

2.2 फुटकर व्यापार

परिभाषा 3

फुटकर व्यापार वह व्यापारिक क्रियाकलाप है जो उपभोक्ताओं को वस्तुओं के सीधे विक्रय से जुड़ा है, और ज़्यादातर सिर्फ बिक्री के लिए बने भंडारों में होता है।

  • भंडार-रहित फुटकर बिक्री के उदाहरण: फेरी, रेहड़ी, ट्रक, द्वार-द्वार बिक्री, डाक आदेश, दूरभाष पर बिक्री, स्वचालित बिक्री मशीनें, इंटरनेट
भंडारों के बारे में और
1

उपभोक्ता सहकारी समुदाय

फुटकर व्यापार में पहला बड़े स्तर का नवाचार।

2

विभागीय भंडार

वस्तुओं की खरीद और हर अनुभाग की बिक्री की ज़िम्मेदारी विभागीय प्रमुखों को सौंपते हैं।

3

शृंखला भंडार

बहुत मितव्ययता से बड़ी मात्रा में माल खरीदते हैं, कभी-कभी अपने अनुसार वस्तु बनवाते भी हैं। एक भंडार में जो तरीका सफल हो, उसे बाकी सब भंडारों में लागू कर देते हैं।

2.3 थोक व्यापार

  • थोक व्यापार बिचौलिए सौदागरों और पूर्तिघरों के ज़रिए होने वाला बड़ी मात्रा का व्यापार है, फुटकर भंडारों के ज़रिए नहीं
  • कुछ बड़े या शृंखला भंडार सीधे निर्माताओं से खरीदते हैं, पर अधिकांश फुटकर भंडार बिचौलिए से ही सामान लेते हैं
  • थोक व्यापारी अक्सर फुटकर भंडारों को उधार भी देते हैं, इसी वजह से फुटकर व्यापारी काफ़ी हद तक थोक व्यापारी की पूँजी पर ही काम चलाता है
चित्र 1: एक थोक सब्ज़ी बाज़ार। इस अध्याय में बताए गए स्थानीय संग्रहण और वितरण केंद्र ऐसे ही व्यापारिक केंद्र होते हैं। फ़ोटो: बर्नार्ड गैन्यों (Bernard Gagnon) / विकिमीडिया कॉमन्स / CC BY-SA 3.0
चित्र 1: एक थोक सब्ज़ी बाज़ार। इस अध्याय में बताए गए स्थानीय संग्रहण और वितरण केंद्र ऐसे ही व्यापारिक केंद्र होते हैं। फ़ोटो: बर्नार्ड गैन्यों (Bernard Gagnon) / विकिमीडिया कॉमन्स / CC BY-SA 3.0

3परिवहन

याद रखेंपरिभाषा 4

परिवहन वह सेवा या सुविधा है जिससे लोगों, सामग्री और विनिर्मित माल को एक जगह से दूसरी जगह भौतिक रूप से पहुँचाया जाता है। यह मनुष्य की गतिशीलता की बुनियादी ज़रूरत पूरी करने के लिए बना एक संगठित उद्योग है, और उत्पादन, वितरण व उपभोग के हर चरण में यह माल का मूल्य बढ़ा देता है।

परिवहन दूरी मापने का तरीका मतलब
किलोमीटर दूरी मार्ग की वास्तविक दूरी या लंबाई
समय दूरी किसी मार्ग पर यात्रा करने में लगने वाला समय
लागत दूरी किसी मार्ग पर यात्रा का खर्च

यात्रा का साधन चुनते समय, समय या लागत के रूप में दूरी ही आम तौर पर निर्णायक कारक होती है। मानचित्र पर बराबर समय में पहुँचने वाले स्थानों को जोड़ने वाली रेखाओं को समकाल रेखाएँ कहते हैं।

परिभाषा 5

परिवहन व्यवस्था जैसे-जैसे बढ़ती है, अलग-अलग स्थान आपस में जुड़कर एक जाल-तंत्र बना लेते हैं, जो नोड और योजक से मिलकर बनता है। नोड दो या अधिक मार्गों का संधि-स्थल होता है, जैसे कोई उद्गम बिंदु, गंतव्य बिंदु या मार्ग पर पड़ने वाला कोई बड़ा कस्बा। योजक वह हर सड़क है जो दो नोडों को जोड़ती है। जिस जाल-तंत्र में योजक ज़्यादा हों, वह उतना ही विकसित और सुसंबद्ध माना जाता है।

परीक्षा संकेत

परिवहन को प्रभावित करने वाले कारक: माँग जनसंख्या के आकार के साथ बढ़ती है (जितनी बड़ी जनसंख्या, उतनी ज़्यादा माँग)। मार्ग इन पर निर्भर करते हैं: नगरों-कस्बों-गाँवों-उद्योगों और कच्चे माल का स्थान, इनके बीच व्यापार का प्रारूप, बीच की भू-दृश्य की प्रकृति, जलवायु का प्रकार, और मार्ग की बाधाएँ दूर करने के लिए उपलब्ध निधियाँ।

4संचार

याद रखेंपरिभाषा 6

संचार सेवाओं में शब्दों, संदेशों, तथ्यों और विचारों का प्रेषण शामिल है। लेखन के आविष्कार ने ही सबसे पहले संदेशों को सुरक्षित रखा, और संचार को परिवहन के साधनों (हाथ, पशु, नाव, सड़क, रेल, वायु) पर निर्भर बना दिया। इसीलिए परिवहन के सभी रूपों को संचार पथ भी कहा जाता है। जहाँ परिवहन जाल-तंत्र सक्षम होता है, वहाँ संचार भी आसानी से फैलता है।

मोबाइल दूरभाष और उपग्रहों ने संचार को परिवहन से काफ़ी हद तक स्वतंत्र कर दिया है, फिर भी पुराने तंत्र इतने सस्ते हैं कि दुनिया भर में डाकघरों के ज़रिए आज भी भारी मात्रा में डाक का निपटारा होता है।

4.1 संचार सेवाओं के प्रकार

1

दूरसंचार

आधुनिक तकनीक से जुड़ा है; संदेश भेजने का समय हफ़्तों से घटकर मिनटों तक आ गया है। मोबाइल दूरभाष ने संचार को कहीं से भी तुरंत और सीधा बना दिया है। तार, मोर्स कूट और टैलेक्स अब लगभग बीते ज़माने की बातें हैं।

2

रेडियो और दूरदर्शन

जनसंचार माध्यम कहलाते हैं; ये बड़ी संख्या में लोगों तक समाचार, चित्र और दूरभाष कॉल पहुँचाते हैं, और विज्ञापन-मनोरंजन के लिए बेहद ज़रूरी हैं।

3

समाचार पत्र और उपग्रह

समाचार पत्र दुनिया के हर कोने की घटनाओं को कवर करते हैं। उपग्रह संचार पृथ्वी और अंतरिक्ष के बीच सूचना पहुँचाता है।

4

इंटरनेट

पूरे वैश्विक संचार तंत्र में सचमुच क्रांति ला चुका है।

5सेवाएँ

  • सेवाएँ अलग-अलग स्तरों पर मिलती हैं: कुछ उद्योगों के लिए, कुछ लोगों के लिए, और कुछ दोनों के लिए (जैसे परिवहन तंत्र)
  • निम्नस्तरीय सेवाएँ (पंसारी की दुकानें, धोबीघाट) आम और हर जगह मिलती हैं
  • उच्चस्तरीय सेवाएँ (लेखाकार, परामर्शदाता, चिकित्सक) ज़्यादा विशिष्ट और कम आम होती हैं
  • कुछ सेवाएँ मुख्यतः शारीरिक श्रम हैं (माली, धोबी, नाई); कुछ मुख्यतः मानसिक श्रम (अध्यापक, वकील, चिकित्सक, संगीतकार)
परीक्षा संकेत

“नियमित सेवाएँ” सीधे 1 या 3 अंक के सवाल में पूछी जाती हैं। राज्य और संघ विधान ने परिवहन, दूरसंचार, ऊर्जा और जलापूर्ति जैसी सेवाओं के पर्यवेक्षण और नियंत्रण के लिए निगमों की स्थापना की है। महामार्गों-सेतुओं का निर्माण, अग्निशमन विभाग, शिक्षा और ग्राहक-सेवा भी अक्सर सरकारों या कंपनियों द्वारा पर्यवेक्षित होती हैं।

  • व्यावसायिक सेवाएँ: स्वास्थ्य देखभाल, अभियांत्रिकी, विधि, प्रबंधन
  • मनोरंजनात्मक और प्रमोद सेवाओं की स्थिति बाज़ार पर निर्भर करती है: मल्टीप्लेक्स और रेस्तराँ केंद्रीय व्यापार क्षेत्र (सी-बी-डी-) के अंदर या पास बनते हैं, जबकि गोल्फ कोर्स ऐसी जगह बनता है जहाँ ज़मीन सी-बी-डी- से सस्ती हो
परिभाषा 7

व्यक्तिगत सेवाएँ दैनिक जीवन का काम आसान बनाती हैं। रोज़गार की तलाश में ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले अकुशल कामगार गृहपाल, खानसामा और माली जैसी घरेलू सेवाओं में लगाए जाते हैं; यह वर्ग बड़े पैमाने पर असंगठित है।

चित्र 2: मुंबई की डब्बावाला सेवा, व्यक्तिगत सेवा का अध्याय में दिया गया अपना उदाहरण, पूरे शहर में लगभग 1,75,000 उपभोक्ताओं तक घर का बना खाना पहुँचाती है। फ़ोटो: स्टीव इवांस (Steve Evans) / विकिमीडिया कॉमन्स / CC BY 2.0
चित्र 2: मुंबई की डब्बावाला सेवा, व्यक्तिगत सेवा का अध्याय में दिया गया अपना उदाहरण, पूरे शहर में लगभग 1,75,000 उपभोक्ताओं तक घर का बना खाना पहुँचाती है। फ़ोटो: स्टीव इवांस (Steve Evans) / विकिमीडिया कॉमन्स / CC BY 2.0

6तृतीयक क्रियाकलापों में संलग्न लोग

  • आज दुनिया भर में अधिकांश लोग सेवाकर्मी हैं; सेवाएँ हर समाज में मिलती हैं
  • अधिक विकसित देशों में कर्मियों का ज़्यादा प्रतिशत सेवाओं में लगा है, जबकि अल्पविकसित देशों में यह प्रतिशत कम है, हिंदी संस्करण के अनुसार 10 प्रतिशत से भी कम
  • संयुक्त राज्य अमेरिका में 75 प्रतिशत से अधिक कर्मी सेवाओं में लगे हैं
  • तृतीयक क्रियाकलापों में रोज़गार लगातार बढ़ रहा है, जबकि प्राथमिक और द्वितीयक क्रियाकलापों में यह या तो अपरिवर्तित है या घट रहा है

7पर्यटन, विश्व का सबसे बड़ा तृतीयक क्रियाकलाप

याद रखेंपरिभाषा 8

पर्यटन व्यापार के लिए नहीं, बल्कि प्रमोद (मनोरंजन) के लिए की जाने वाली यात्रा है।

25 करोड़विश्व भर में पंजीकृत पर्यटन रोज़गार
40%विश्व की कुल जीडीपी पर्यटन राजस्व से
~55,0002005 में भारत में इलाज कराने आए अमेरिकी रोगी
  • पर्यटन आवास, भोजन, परिवहन, मनोरंजन और विशेष दुकानों के लिए स्थानीय लोगों को रोज़गार देता है
  • यह अवसंरचना उद्योगों, फुटकर व्यापार और शिल्प उद्योगों (स्मारिका) को भी पोषित करता है
  • कुछ क्षेत्रों में पर्यटन मौसमी है, जहाँ अवकाश की अवधि मौसम पर निर्भर करती है; कई अन्य क्षेत्र साल भर पर्यटकों को आकर्षित करते हैं

7.1 पर्यटक प्रदेश और आकर्षण के कारण

भूमध्यसागरीय तट और भारत के पश्चिमी तट जैसे गर्म क्षेत्र, पर्वतीय शीतकालीन खेल प्रदेश, मनोहारी दृश्यभूमियाँ और राष्ट्रीय उद्यान, तथा स्मारकों-विरासत स्थलों और सांस्कृतिक गतिविधियों के चलते ऐतिहासिक नगर भी लोकप्रिय पर्यटक स्थल हैं।

आकर्षण पर्यटकों को क्या खींचता है
जलवायु पुलिन (बीच) अवकाश के लिए गर्म-धूपदार मौसम ही दक्षिणी यूरोप और भूमध्यसागरीय क्षेत्रों में पर्यटन का मुख्य कारण है: शीर्ष मौसम में लंबी धूप, कम वर्षा और ऊँचा तापमान। शीतकालीन अवकाश वाले पर्यटकों को या तो अपने घर से ऊँचा तापमान चाहिए, या स्कीइंग के लिए हिमावरण
भू-दृश्य पर्वत, झीलें, दर्शनीय समुद्री तट, मनुष्य द्वारा पूरी तरह न बदला गया भू-दृश्य
इतिहास और कला प्राचीन-सुंदर नगर, पुरातत्व स्थल, किले, महल, गिरिजाघर
संस्कृति और अर्थव्यवस्था मानवजातीय और स्थानीय रीति-रिवाज़; सस्ती जगहें बहुत लोकप्रिय हो जाती हैं; घरों में रुकना (होम-स्टे) एक फायदेमंद व्यापार बन गया है, जैसे गोवा और कर्नाटक के मैडीकेरे-कूर्ग की हेरिटेज होम्स

7.2 चिकित्सा पर्यटन

परिभाषा 9

जब चिकित्सा उपचार को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन से जोड़ दिया जाता है, तो उसे चिकित्सा पर्यटन कहा जाता है।

  • 2005 में लगभग 55,000 अमेरिकी रोगी इलाज के लिए भारत आए, जो अमेरिका के अपने स्वास्थ्य तंत्र में हर साल होने वाली लाखों शल्य-क्रियाओं की तुलना में छोटी संख्या है
  • भारत विश्व में चिकित्सा पर्यटन का अग्रणी देश बन गया है; महानगरों के विश्वस्तरीय अस्पताल दुनिया भर के रोगियों का इलाज करते हैं
  • चिकित्सा पर्यटन से भारत, थाईलैंड, सिंगापुर और मलेशिया जैसे विकासशील देशों को बड़ा फायदा होता है
  • भारत, स्विटज़रलैंड और ऑस्ट्रेलिया के अस्पताल विकिरण बिंब पढ़ना, एमआरआई की व्याख्या और अल्ट्रासाउंड जैसे चिकित्सा परीक्षणों का भी बाह्यस्रोतन करते हैं; यह रोगियों के लिए फायदेमंद तभी होता है जब गुणवत्ता या विशिष्ट सेवा पर ध्यान दिया जाए

8चतुर्थ क्रियाकलाप

कोपनहैगन या न्यूयॉर्क में किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी में और बंगलौर में एक चिकित्सकीय प्रतिलेखक में क्या समानता है? ये दोनों सेवा सेक्टर के उस भाग में काम करते हैं जो ज्ञानोन्मुखी है। इस सेक्टर को चतुर्थ और पंचम क्रियाकलापों में बाँटा जाता है।

याद रखेंपरिभाषा 10

चतुर्थ क्रियाकलापों में सूचना का संग्रहण, उत्पादन और प्रकीर्णन (फैलाना) शामिल है, यहाँ तक कि सूचना का उत्पादन भी। ये अनुसंधान और विकास पर केंद्रित होते हैं और विशिष्ट ज्ञान-तकनीकी कुशलता माँगने वाली सेवाओं का उन्नत रूप हैं। ये न संसाधनों से बँधे हैं, न पर्यावरण से प्रभावित, न ज़रूरी तौर पर बाज़ार तक सीमित, इसलिए तृतीयक क्रियाकलापों की तरह इनका भी बाह्यस्रोतन हो सकता है।

चतुर्थ सेक्टर

तृतीयक सेक्टर के साथ मिलकर चतुर्थ सेक्टर ने आर्थिक वृद्धि के आधार के रूप में अधिकांश प्राथमिक-द्वितीयक रोज़गार की जगह ले ली है। विकसित अर्थव्यवस्थाओं में आधे से अधिक कर्मी “ज्ञान सेक्टर” में हैं: पारस्परिक कोष (म्यूचुअल फंड) प्रबंधक, कर परामर्शदाता, सॉफ़्टवेयर डेवलपर, सांख्यिकीविद। कार्यालय भवनों, प्राथमिक विद्यालयों, विश्वविद्यालयी कक्षाओं, अस्पतालों-डॉक्टरों के कार्यालयों, रंगमंचों और लेखाकार्य-दलाली की फर्मों में काम करने वाले सभी इसी वर्ग में आते हैं।

परिभाषा 11

बाह्यस्रोतन यानी दक्षता बढ़ाने और लागत घटाने के लिए किसी बाहरी अभिकरण को काम सौंपना। जब यह काम समुद्रपार किसी जगह भेजा जाता है, तो उसे अपतरन (ऑफ़-शोरिंग) कहते हैं; दोनों शब्द अक्सर साथ इस्तेमाल होते हैं। सूचना प्रौद्योगिकी, मानव संसाधन, ग्राहक सहायता, कॉल सेंटर सेवाएँ, और कभी-कभी विनिर्माण-अभियांत्रिकी भी आमतौर पर बाह्यस्रोतन की जाती हैं।

  • आँकड़ा प्रक्रमण सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी वह सेवा है जिसे एशियाई, पूर्वी यूरोपीय और अफ़्रीकी देशों में आसानी से करवाया जा सकता है, जहाँ अच्छी अंग्रेज़ी जानने वाले कुशल आईटी कर्मी कम वेतन पर मिल जाते हैं
  • उदाहरण के लिए, हैदराबाद या मनीला की कोई कंपनी अमेरिका या जापान के किसी ग्राहक के लिए भौगोलिक सूचना तंत्र (जीआईएस) की परियोजना पर काम कर सकती है
  • वहाँ ऊपरी लागत काफ़ी कम होती है, इसीलिए भारत, चीन या बोत्सवाना जैसे कम आबादी वाले देश में भी समुद्रपार काम करवाना फायदेमंद रहता है

9पंचम क्रियाकलाप

याद रखेंपरिभाषा 12

पंचम क्रियाकलाप सबसे ऊँचे स्तर के निर्णयकर्ता या नीति-निर्माता निभाते हैं। ये सामान्य ज्ञान-आधारित (चतुर्थ) उद्योगों से सूक्ष्म रूप से अलग हैं: इनका ध्यान नए और मौजूदा विचारों के सृजन, पुनर्गठन और व्याख्या पर, आँकड़ों की व्याख्या पर, और नई तकनीकों के उपयोग-मूल्यांकन पर होता है। अक्सर “स्वर्ण कॉलर” कहे जाने वाले ये पेशे तृतीयक सेक्टर का ही एक और उप-विभाग हैं, जो वरिष्ठ व्यावसायिक कार्यकारियों, सरकारी अधिकारियों, अनुसंधान वैज्ञानिकों तथा वित्त-विधि परामर्शदाताओं के विशेष और उच्च वेतन वाले कौशल का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्नत अर्थव्यवस्थाओं की संरचना में इनकी संख्या से कहीं ज़्यादा इनका महत्त्व है।

बाह्यस्रोतन और पंचम सेवाएँ

बाह्यस्रोतन के चलते भारत, चीन, पूर्वी यूरोप, इज़राइल, फिलीपींस और कोस्टारिका में बड़ी संख्या में कॉल सेंटर खुले हैं, जिनसे नए रोज़गार बने हैं। ये देश प्रवासन करने वाले देश भी हैं, इसलिए बाह्यस्रोतन से मिलने वाला काम इनसे होने वाले प्रवासन को कम कर सकता है। साथ ही, बाह्यस्रोतन करने वाले देशों में रोज़गार ढूँढ़ रहे युवाओं का विरोध भी झेलना पड़ता है। तुलनात्मक लाभ ही बाह्यस्रोतन के जारी रहने का मुख्य कारण है।

पंचम सेवाओं में नए रुझान हैं ज्ञान प्रक्रमण बाह्यस्रोतन (के-पी-ओ-) और “होम-शोरिंग” (बाह्यस्रोतन का एक विकल्प)। के-पी-ओ- व्यवसाय प्रक्रमण बाह्यस्रोतन (बी-पी-ओ-) से अलग है क्योंकि इसमें अत्यधिक कुशल कर्मी सूचना-आधारित ज्ञान का बाह्यस्रोतन करते हैं, जिससे कंपनियों को अतिरिक्त व्यावसायिक अवसर मिलते हैं। के-पी-ओ- के उदाहरण: अनुसंधान और विकास (आर एंड डी), ई-लर्निंग, व्यवसाय अनुसंधान, बौद्धिक संपदा अनुसंधान, कानूनी पेशा, और बैंकिंग सेक्टर।

10अंकीय विभाजक

याद रखेंपरिभाषा 13

अंकीय विभाजक (डिजिटल डिवाइड) सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) आधारित विकास से मिलने वाले अवसरों का पूरी दुनिया में असमान बँटवारा है। निर्णायक कारक यह है कि कोई देश अपने नागरिकों को कितनी जल्दी ICT तक पहुँच और उसके फ़ायदे दे पाता है। विकसित देश इस दिशा में आगे निकल गए हैं जबकि विकासशील देश पीछे रह गए हैं।

  • अंकीय विभाजक देशों के भीतर भी मौजूद है
  • भारत या रूस जैसे विशाल देश में, महानगरीय केंद्रों को परिधि के ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में बेहतर संपर्क और अंकीय दुनिया तक पहुँच मिलती है
सारी परिभाषाएँ एक जगह
तृतीयक क्रियाकलापवस्तु नहीं, सेवा प्रदान करने वाले आर्थिक क्रियाकलाप
व्यापारकहीं और उत्पादित वस्तुओं का लाभ के लिए क्रय-विक्रय
फुटकर व्यापारउपभोक्ता को सीधे वस्तु बेचना, अधिकतर स्थायी भंडारों में
परिवहनलोगों, सामग्री और माल को एक जगह से दूसरी जगह भौतिक रूप से पहुँचाने वाली सेवा
जाल-तंत्र (नोड / योजक)मार्गों से जुड़े स्थान; नोड = संधि/उद्गम/गंतव्य बिंदु, योजक = दो नोडों को जोड़ने वाली सड़क
संचारशब्दों, संदेशों, तथ्यों और विचारों का प्रेषण
व्यक्तिगत सेवाएँदैनिक जीवन आसान बनाने वाली सेवाएँ, जैसे घरेलू सहायता, ज़्यादातर असंगठित कर्मियों द्वारा
पर्यटनव्यापार नहीं, प्रमोद के लिए की जाने वाली यात्रा
चिकित्सा पर्यटनचिकित्सा उपचार को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन से जोड़ना
चतुर्थ क्रियाकलापसूचना का संग्रहण, उत्पादन और प्रकीर्णन; अनुसंधान-विकास पर केंद्रित
बाह्यस्रोतन / अपतरनदक्षता बढ़ाने और लागत घटाने के लिए बाहरी अभिकरण को काम देना (अपतरन: समुद्रपार)
पंचम क्रियाकलापशीर्ष स्तर की निर्णय-नीति निर्माण सेवाएँ, “स्वर्ण कॉलर” पेशे
के-पी-ओ- बनाम बी-पी-ओ-के-पी-ओ- = अत्यधिक कुशल, सूचना-आधारित ज्ञान बाह्यस्रोतन (आर एंड डी, कानूनी, बैंकिंग); बी-पी-ओ- = सामान्य व्यवसाय प्रक्रमण बाह्यस्रोतन
अंकीय विभाजकICT आधारित विकास के अवसरों का असमान बँटवारा, देशों के बीच और भीतर भी
तुरंत रिवीज़न: परीक्षा से पहले वाली रात यह पढ़ें
  • तृतीयक क्रियाकलाप वस्तु नहीं, सेवा बेचते हैं; इनका मूल्य कर्मी के कौशल से आता है, मशीन से नहीं
  • व्यापार ग्रामीण-नगरीय विपणन केंद्रों, आवधिक बाज़ारों और फुटकर-थोक व्यापार के ज़रिए चलता है
  • परिवहन दूरी तीन तरह से मापी जाती है: किलोमीटर, समय और लागत; जाल-तंत्र नोड और योजक से बनते हैं
  • संचार पहले परिवहन पर निर्भर था; मोबाइल और उपग्रह ने आज़ाद किया, पर पुराने तंत्र आज भी सस्ते और व्यस्त हैं
  • सेवाएँ निम्नस्तरीय (पंसारी) से लेकर उच्चस्तरीय (परामर्शदाता) तक होती हैं, और नियमित, व्यावसायिक, मनोरंजक या व्यक्तिगत हो सकती हैं
  • पर्यटन रोज़गार और राजस्व दोनों में विश्व का सबसे बड़ा तृतीयक क्रियाकलाप है; भारत में चिकित्सा पर्यटन इसकी तेज़ी से बढ़ती शाखा है
  • चतुर्थ का मतलब सूचना और अनुसंधान का काम; पंचम का मतलब शीर्ष निर्णयकर्ता, “स्वर्ण कॉलर” पेशे; दोनों का बाह्यस्रोतन हो सकता है
  • के-पी-ओ- को अत्यधिक कुशल कर्मी चाहिए और यह साधारण बी-पी-ओ- से अलग है
  • अंकीय विभाजक देशों को ICT पहुँच के आधार पर बाँटता है, और एक ही देश के अंदर शहर-गाँव को भी
परीक्षा से पहले खुद जाँच लें
  • क्या मैं परिवहन दूरी मापने के तीनों तरीके बता सकता/सकती हूँ?
  • क्या मैं चतुर्थ और पंचम क्रियाकलापों में अंतर अपने शब्दों में समझा सकता/सकती हूँ?
  • क्या मुझे अध्याय के अपने उदाहरण याद हैं: डब्बावाला सेवा, बोत्सवाना, गोवा/मैडीकेरे/कूर्ग की होम-स्टे?
  • क्या मैं नोड, योजक, सी-बी-डी-, अपतरन और के-पी-ओ- बिना देखे परिभाषित कर सकता/सकती हूँ?
बहुविकल्पीय प्रश्न
  1. 1 अंकनिम्नलिखित में से कौन-सा एक तृतीयक क्रियाकलाप है?
    (क) खेती(ख) व्यापार(ग) बुनाई(घ) आखेट
  2. 1 अंकनिम्नलिखित में से कौन-सा एक द्वितीयक सेक्टर का क्रियाकलाप नहीं है?
    (क) इस्पात प्रगलन(ख) मछली पकड़ना(ग) वस्त्र निर्माण(घ) टोकरी बुनना
  3. 1 अंकदिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में सबसे ज़्यादा रोज़गार कौन-सा सेक्टर देता है?
    (क) प्राथमिक(ख) द्वितीयक(ग) पर्यटन(घ) सेवा
  4. 1 अंकउच्च स्तर के अन्वेषण वाले काम क्या कहलाते हैं?
    (क) द्वितीयक क्रियाकलाप(ख) चतुर्थ क्रियाकलाप(ग) पंचम क्रियाकलाप(घ) प्राथमिक क्रियाकलाप
  5. 1 अंकनिम्नलिखित में से कौन-सा क्रियाकलाप चतुर्थ सेक्टर से संबंधित है?
    (क) संगणक विनिर्माण(ख) कागज़ और कच्ची लुगदी निर्माण(ग) विश्वविद्यालयी अध्यापन(घ) पुस्तकों का मुद्रण
  6. 1 अंकनिम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
    (क) बाह्यस्रोतन दक्षता बढ़ाता है और लागत घटाता है(ख) कभी-कभार अभियांत्रिकी और विनिर्माण का भी बाह्यस्रोतन हो सकता है(ग) बी-पी-ओ- के पास के-पी-ओ- से बेहतर व्यावसायिक अवसर होते हैं(घ) बाह्यस्रोतन करने वाले देशों में काम ढूँढ़ने वालों में असंतोष हो सकता है
  7. 1 अंकपरिवहन जाल-तंत्र में दो नोडों को जोड़ने वाली सड़क क्या कहलाती है?
    (क) योजक(ख) नोड(ग) समकाल रेखा(घ) सी-बी-डी-
  8. 1 अंकमुंबई की डब्बावाला सेवा अध्याय में किस सेवा का उदाहरण है?
    (क) नियमित सेवा(ख) व्यक्तिगत सेवा(ग) पंचम क्रियाकलाप(घ) व्यावसायिक सेवा
अभिकथन (A): मानचित्र पर समकाल रेखाएँ बराबर समय में पहुँचने वाले स्थानों को जोड़ती हैं।
कारण (R): परिवहन का साधन चुनते समय समय या लागत के रूप में दूरी ही आम तौर पर निर्णायक कारक होती है।
अभिकथन (A): के-पी-ओ- (ज्ञान प्रक्रमण बाह्यस्रोतन) और बी-पी-ओ- (व्यवसाय प्रक्रमण बाह्यस्रोतन) बिल्कुल एक जैसे हैं।
कारण (R): के-पी-ओ- में अत्यधिक कुशल कर्मी सूचना-आधारित ज्ञान का काम करते हैं, जैसे अनुसंधान, कानूनी काम और बैंकिंग।
अभिकथन (A): मोबाइल दूरभाष और उपग्रह संचार ने संचार को परिवहन से पूरी तरह स्वतंत्र कर दिया है।
कारण (R): पुराने संचार तंत्र सस्ते होने के कारण आज भी दुनिया भर में डाकघरों के ज़रिए भारी मात्रा में डाक का निपटारा होता है।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न (1 अंक प्रत्येक)
  1. 1 अंकतृतीयक क्रियाकलाप की एक पंक्ति में परिभाषा दीजिए।
  2. 1 अंकपरिवहन जाल-तंत्र में नोड क्या है?
  3. 1 अंकसेवा सेक्टर के ज्ञानोन्मुखी हिस्से के दो उपभागों के नाम लिखिए।
  4. 1 अंकसी-बी-डी- का पूरा नाम क्या है?
  5. 1 अंकपरिवहन के सभी रूपों को “संचार पथ” क्यों कहा जाता है?
  6. 1 अंकअपतरन (ऑफ़-शोरिंग) क्या है?
लघु उत्तरीय प्रश्न (3 अंक / लगभग 30 शब्दों में)
  1. 3 अंकफुटकर व्यापार सेवा को स्पष्ट कीजिए।
  2. 3 अंकचतुर्थ सेवाओं का वर्णन कीजिए।
  3. 3 अंकविश्व में चिकित्सा पर्यटन के क्षेत्र में तेज़ी से उभरते हुए देशों के नाम लिखिए।
  4. 3 अंकअंकीय विभाजक क्या है?
  5. 3 अंकग्रामीण और नगरीय विपणन केंद्रों में अंतर बताइए।
  6. 3 अंकआवधिक बाज़ार क्या हैं? ये क्यों लगाए जाते हैं?
  7. 3 अंकपरिवहन दूरी मापने के तीन तरीके समझाइए।
  8. 3 अंक“स्वर्ण कॉलर” पेशों से क्या तात्पर्य है?
  9. 3 अंकके-पी-ओ- और बी-पी-ओ- में अंतर बताइए।
  10. 3 अंकगोल्फ कोर्स और मल्टीप्लेक्स की स्थिति अलग-अलग क्यों होती है?
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक / लगभग 150 शब्दों में)
  1. 5 अंकआधुनिक आर्थिक विकास में सेवा सेक्टर की सार्थकता और वृद्धि की चर्चा कीजिए।
  2. 5 अंकपरिवहन और संचार सेवाओं की सार्थकता को विस्तार से स्पष्ट कीजिए।
  3. 5 अंकपर्यटन विश्व का सबसे बड़ा तृतीयक क्रियाकलाप बन गया है। पर्यटकों को आकर्षित करने वाले कारकों के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
  4. 5 अंकचतुर्थ और पंचम क्रियाकलापों में अंतर बताइए, उदाहरण सहित।
उत्तर कुंजी
बहुविकल्पीय 1-8(ख) (ख) (घ) (ग) (ग) (ग) (क) (ख)
अभिकथन-कारण 1(क): दोनों सत्य, R सही में A समझाता है: समय/लागत के आधार पर ही साधन चुना जाता है, और समकाल रेखाएँ बराबर समय के स्थान जोड़ती हैं
अभिकथन-कारण 2(घ): A असत्य है, के-पी-ओ- और बी-पी-ओ- एक जैसे नहीं, के-पी-ओ- में अत्यधिक कुशल कर्मी चाहिए; R सत्य है
अभिकथन-कारण 3(घ): A असत्य है, मोबाइल और उपग्रह ने संचार को पूरी तरह स्वतंत्र नहीं किया, क्योंकि पुराने तंत्र सस्ते होने से डाकघरों में आज भी भारी डाक चलती है; R सत्य है
परियोजना / क्रियाकलाप (चर्चा के लिए, अंक नहीं)
  1. यदि गम्य हो तो अपने निकटतम बी-पी-ओ- में जाकर उसकी गतिविधियों का पता लगाएँ।
  2. किसी यात्रा अभिकर्ता से विदेश जाने के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ों के बारे में पता करें।
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