संचार
- परिवहन जाल क्या होता है, और चार विधाएँ अलग-अलग माल के लिए क्यों उपयुक्त हैं
- सड़कें, महामार्ग और सीमावर्ती सड़कें कैसे अलग हैं, और कौन-से देश सड़क व रेल घनत्व में आगे हैं
- विश्व के छह महान पारमहाद्वीपीय रेलमार्ग और उनके मार्ग
- विश्व के प्रमुख समुद्री मार्ग, स्वेज व पनामा नहर, और महत्त्वपूर्ण नदी जलमार्ग
- वायु परिवहन सबसे तेज़ पर सबसे महँगा क्यों है, और विश्व के सबसे व्यस्त वायुमार्ग कहाँ चलते हैं
- संचार टेलीग्राफ से उपग्रह और आधुनिक इंटरनेट तक कैसे पहुँचा
1 परिवहन जाल और परिवहन की विधाएँ
प्राकृतिक संसाधन, आर्थिक क्रियाकलाप और बाज़ार लगभग कभी एक ही स्थान पर नहीं पाए जाते। परिवहन, संचार और व्यापार ही वे कड़ियाँ हैं जो उत्पादन केंद्रों को उपभोग केंद्रों से जोड़ती हैं। पहले परिवहन और संचार के साधन एक ही थे, जैसे सड़क से जाने वाला संदेशवाहक। आज दोनों ने अलग-अलग और विशेषीकृत रूप ले लिया है: परिवहन व्यक्तियों और वस्तुओं को ले जाता है, संचार सूचना को।
परिवहन व्यक्तियों और वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की वह सेवा या सुविधा है, जिसमें मनुष्यों, पशुओं और विभिन्न प्रकार के वाहनों का प्रयोग होता है, और जो स्थल, जल तथा वायु में होती है।
परिवहन जाल: अनेक स्थान, जिन्हें नोड कहते हैं, जब मार्गों की एक श्रेणी से आपस में जोड़ दिए जाते हैं, जिन्हें लिंक कहते हैं, तो जो प्रारूप बनता है उसे परिवहन जाल कहते हैं।

विश्व का परिवहन चार प्रमुख विधाओं से चलता है: स्थल, जल, वायु और पाइपलाइन। पाइपलाइन को छोड़कर हर विधा यात्री और माल, दोनों का वहन करती है। किसी काम के लिए कौन-सी विधा इस्तेमाल होगी, यह तीन बातों पर निर्भर करता है: ले जाई जाने वाली वस्तु या सेवा का प्रकार, परिवहन की लागत, और कौन-सी विधा उपलब्ध है।
एक बहुत सामान्य 3 अंक का प्रश्न है: “एक सुप्रबंधित परिवहन तंत्र में विभिन्न विधाएँ एक-दूसरे की संपूरक होती हैं” पर आधारित, यानी स्पष्ट कीजिए। तीनों बिंदु दें: कम दूरी और घर-घर सेवा के लिए सड़क परिवहन सबसे अच्छा है, किसी देश के भीतर लंबी दूरी पर भारी माल के लिए रेलमार्ग सबसे उपयुक्त है, और बहुमूल्य, हल्की व शीघ्र नाशवान वस्तुओं के लिए विश्व भर में वायुमार्ग सर्वश्रेष्ठ है। कोई एक विधा अकेले तीनों काम नहीं कर सकती, इसलिए एक अच्छा परिवहन तंत्र हर विधा को वहाँ उपयोग करता है जहाँ वह सबसे सक्षम है।
2 स्थल परिवहन: सड़कें और महामार्ग
विश्व में वस्तुओं और सेवाओं का अधिकांश संचलन स्थल पर ही होता है। स्थल परिवहन की कहानी असल में यह कहानी है कि मशीनों से पहले लोग माल कैसे ढोते थे।
2.1 स्थल परिवहन कैसे विकसित हुआ
पहला सार्वजनिक रेलमार्ग 1825 में उत्तरी इंग्लैंड के स्टॉकटन और डर्लिंग्टन के बीच शुरू हुआ, और उन्नीसवीं शताब्दी में रेलमार्ग परिवहन का सबसे लोकप्रिय, सबसे तेज़ साधन बन गए। स्थल परिवहन में नए विकास हैं पाइपलाइन, रज्जुमार्ग (रोपवे) और तारमार्ग। रज्जुमार्ग तीव्र ढाल वाले पर्वतों और खानों में पाए जाते हैं, जहाँ सड़क बनाना उपयुक्त नहीं होता। सामान्य नियम यह है कि परिवहन के पुराने, प्रारंभिक रूप, यानी मानव कुली, भारवाही पशु और गाड़ियाँ, प्रति इकाई सबसे खर्चीले हैं, जबकि बड़े आधुनिक मालवाहक (रेलमार्ग, समुद्री जहाज़, मोटर ट्रक, पाइपलाइन) सबसे सस्ते हैं। फिर भी भारत और चीन के सघन बसे क्षेत्रों में मानव कुलियों और हाथ से खींची गाड़ियों से स्थल परिवहन आज भी प्रचलित है।
घोड़े
पश्चिमी देशों में भी भारवाही पशु के रूप में प्रयुक्त।
कुत्ते और रेंडियर
उत्तरी अमेरिका, उत्तरी यूरोप और साइबेरिया में हिमाच्छादित मैदानों पर स्लेज खींचने के लिए।
खच्चर
पर्वतीय प्रदेशों में सर्वाधिक पसंदीदा भारवाही पशु।
ऊँट
मरुस्थलीय क्षेत्रों में कारवाओं के संचालन के लिए।
बैल
भारत में मुख्यतः छकड़े खींचने के लिए प्रयुक्त।
2.2 सड़कें
कम दूरी के लिए सड़क परिवहन सबसे किफ़ायती विधा है, और यह घर-घर तक सेवा देने वाली एकमात्र विधा है। लेकिन कच्ची सड़कें, बनाने में सरल होते हुए भी, वर्षा ऋतु में अनुपयोगी हो जाती हैं, और भारी वर्षा व बाढ़ में पक्की सड़कें भी बुरी तरह प्रभावित होती हैं। जहाँ किसी विशाल विकासशील देश की ज़रूरतों के लिए रेल तंत्र बहुत छोटा है, वहाँ अधिकांश व्यापार, वाणिज्य और पर्यटन सड़कों पर निर्भर करता है।
विकसित और विकासशील देशों में सड़कों की गुणवत्ता में भारी अंतर है, क्योंकि सड़क निर्माण और रख-रखाव, दोनों पर भारी खर्च आता है। विकसित देशों में तेज़ी और लंबी दूरी की यात्रा के लिए मोटर मार्ग, आटोबान (जर्मनी) और अंतर-राज्यीय राजमार्ग उपलब्ध हैं। विश्व की कुल मोटर वाहन योग्य सड़कों की लंबाई केवल लगभग 1.5 करोड़ किलोमीटर है, जिसका 33 प्रतिशत भाग अकेले उत्तरी अमेरिका में है। सबसे अधिक सड़क घनत्व और सबसे अधिक वाहनों की संख्या भी उत्तरी अमेरिका में ही पाई जाती है।
शहरी सड़कों पर यातायात का अपना दैनिक चक्र है: काम से पहले और बाद के व्यस्त समय में शीर्ष (उच्च बिंदु), और अन्य समय में गर्त (निम्न बिंदु)। जब सड़क तंत्र यातायात की माँग के अनुरूप विकसित नहीं हो पाता, तो संकुलन (जाम) होता है, जिसकी समस्या से विश्व के लगभग सभी नगर जूझ रहे हैं।
2.3 महामार्ग
महामार्ग दूरस्थ स्थानों को जोड़ने वाली पक्की सड़कें हैं, जो अबाधित वाहन संचालन के लिए बनाई जाती हैं, सामान्यतः 80 मीटर चौड़ी, अलग-अलग यातायात लेन, पुलों, फ़्लाईओवरों और दोहरे वाहन मार्गों सहित।
| क्षेत्र / देश | प्रमुख महामार्ग या तथ्य | मार्ग / विवरण |
|---|---|---|
| उत्तरी अमेरिका | महामार्ग घनत्व लगभग 0.65 कि.मी. प्रति वर्ग कि.मी. | हर स्थान किसी महामार्ग से 20 कि.मी. के भीतर है |
| कनाडा | ट्रांस-कनेडियन महामार्ग | वैंकूवर (ब्रिटिश कोलंबिया, पश्चिम) को सेंट जॉन नगर (न्यूफाउंडलैंड, पूर्व) से जोड़ता है |
| कनाडा-अमेरिका | अलास्का राजमार्ग | एडमंटन (कनाडा) को एंकॉरेज (अलास्का) से जोड़ता है |
| दक्षिण व मध्य अमेरिका | पान-अमेरिकन महामार्ग | दक्षिणी अमेरिका, मध्य अमेरिका और संयुक्त राज्य अमेरिका-कनाडा को जोड़ता है |
| ऑस्ट्रेलिया | पारमहाद्वीपीय स्टुवर्ट महामार्ग | डार्विन (उत्तरी तट) को मेलबोर्न से, टेनेंट क्रीक व एलिस स्प्रिंग के रास्ते जोड़ता है |
| रूस | मास्को-ब्लाडीवोस्टक महामार्ग | यूराल के पश्चिम में मास्को केंद्रित सघन जाल; विशाल क्षेत्रफल के कारण रेलमार्ग जितना महत्त्वपूर्ण नहीं |
| चीन | महामार्ग देश में क्रिस-क्रॉस करते हैं | शांसो, शंघाई, ग्वांगजाओ और बीजिंग को जोड़ते हैं; एक नया महामार्ग चेंगडू को ल्हासा (तिब्बत) से जोड़ता है |
| भारत | स्वर्णिम चतुर्भुज (गोल्डन क्वाड्रिलैटरल) | नयी दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता को जोड़ता है |
| अफ्रीका | दो प्रमुख महामार्ग | अल्जियर्स (उत्तर) को कोनाक्री (गिनी) से; कैरो को केपटाउन से जोड़ते हैं |
यूरोप में वाहनों की बड़ी संख्या और सुविकसित महामार्ग जाल है, लेकिन वहाँ महामार्गों को रेलमार्गों और जलमार्गों से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिलती है।
2.4 सीमावर्ती सड़कें
सीमावर्ती सड़कें अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के सहारे बनाई गई सड़कें हैं। ये सुदूर क्षेत्रों के लोगों को प्रमुख नगरों से जोड़ती हैं और प्रतिरक्षा में सहायक होती हैं। लगभग सभी देश गाँवों और सैन्य शिविरों तक पहुँचने के लिए ऐसी सड़कें बनाते हैं।
3 विश्व के रेलमार्ग
किसी देश के भीतर लंबी दूरी तक भारी माल और यात्रियों के लिए रेलमार्ग स्थल परिवहन की सबसे उपयुक्त विधा है। रेल लाइनों की चौड़ाई यानी गेज हर देश में अलग होती है: बड़ी लाइन (1.5 मीटर से अधिक), मानक गेज (1.44 मीटर, ब्रिटेन में प्रयुक्त), मीटर लाइन (1 मीटर) और छोटी लाइनें। ब्रिटेन, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान और भारत में दैनिक आवागमन की रेलें बहुत लोकप्रिय हैं, जो नगरों में प्रतिदिन लाखों यात्रियों को ले जाती और ले आती हैं। विश्व में लगभग 13 लाख कि.मी. रेल मार्ग यातायात के लिए खुले हैं।
| क्षेत्र | मुख्य तथ्य |
|---|---|
| यूरोप | लगभग 4,40,000 कि.मी., अधिकांश दोहरे या बहुमार्गी। बेल्जियम में विश्व का सबसे अधिक रेल घनत्व है: प्रति 6.5 वर्ग कि.मी. पर 1 कि.मी. रेल। प्रमुख रेल केंद्र: लंदन, पेरिस, ब्रुसेल्स, मिलान, बर्लिन, वारसा। यात्री यातायात माल से अधिक महत्त्वपूर्ण है; लंदन और पेरिस में भूमिगत रेलमार्ग महत्त्वपूर्ण हैं। यूरो टनल ग्रुप द्वारा संचालित चैनल टनल लंदन को पेरिस से जोड़ता है। |
| रूस | रेलमार्ग देश के कुल परिवहन का लगभग 90 प्रतिशत भाग संभालते हैं, यूराल के पश्चिम में अत्यंत सघन। मास्को सबसे महत्त्वपूर्ण रेल केंद्र है, जहाँ भूमिगत रेलमार्ग और दैनिक आवागमन की गाड़ियाँ भी महत्त्वपूर्ण हैं। |
| उत्तरी अमेरिका | विश्व के कुल रेल तंत्र का लगभग 40 प्रतिशत। यूरोप के विपरीत यहाँ रेलमार्गों का प्रयोग यात्री परिवहन की तुलना में लंबी दूरी के भारी माल (अयस्क, अनाज, इमारती लकड़ी, मशीनरी) के लिए अधिक होता है। सबसे सघन रेल तंत्र पूर्वी-मध्य संयुक्त राज्य अमेरिका और सटे हुए कनाडा के औद्योगिक-नगरीय क्षेत्र में है। |
| कनाडा | रेलमार्ग सार्वजनिक क्षेत्र में हैं, विरल जनसंख्या वाले क्षेत्रों में फैले हुए। महाद्वीप पारीय रेलमार्ग देश के अधिकांश गेहूँ और कोयले का भार ढोते हैं। |
| ऑस्ट्रेलिया व न्यूज़ीलैंड | ऑस्ट्रेलिया में लगभग 40,000 कि.मी. रेलमार्ग हैं, जिसका एक चौथाई अकेले न्यू साउथ वेल्स में है। पश्चिम-पूर्व राष्ट्रीय रेलमार्ग पर्थ से सिडनी तक जाता है। न्यूज़ीलैंड के रेलमार्ग मुख्यतः उत्तरी द्वीप में हैं, जो कृषि क्षेत्रों की सेवा करते हैं। |
| दक्षिणी अमेरिका | सबसे सघन दो क्षेत्रों में: अर्जेंटीना के पंपास और ब्राज़ील के कॉफी प्रदेश में, जो मिलकर महाद्वीप के कुल रेल मार्ग का 40 प्रतिशत हैं। चिली में पर्याप्त लंबाई के रेलमार्ग हैं। पेरू, बोलीविया, इक्वाडोर, कोलंबिया और वेनेज़ुएला में केवल छोटी, एकल लाइन वाली रेलें हैं जो पत्तनों को भीतरी क्षेत्रों से जोड़ती हैं, आपस में जुड़ी नहीं हैं। |
| एशिया | सबसे सघन घनत्व जापान, चीन और भारत के सघन बसे क्षेत्रों में। पश्चिम एशिया सबसे कम रेल-विकसित क्षेत्र है, विस्तृत मरुस्थलों और विरल जनसंख्या के कारण। |
| अफ्रीका | महाद्वीप में केवल 40,000 कि.मी. रेलमार्ग हैं: सोने, हीरे और ताँबे के खनन के कारण अकेले दक्षिण अफ्रीका में 18,000 कि.मी. रेलमार्ग हैं। शेष स्थानों (अल्जीरिया, सेनेगल, नाइजीरिया, केन्या, इथियोपिया) में रेलमार्ग पत्तन नगरों को भीतरी केंद्रों से जोड़ते हैं, पर अन्य देशों के साथ अच्छा तंत्र नहीं बनाते। |
अफ्रीका के चार प्रमुख रेलमार्ग लघु-उत्तर के लिए पसंदीदा हैं: (i) बेंगुएला रेलमार्ग: अंगोला से कटंगा-ज़ाम्बिया ताँबे की पेटी तक, (ii) तंजानिया रेलमार्ग: ज़ाम्बियाई ताम्र पेटी से तटीय दार-ए-सलाम तक, (iii) बोत्सवाना और ज़िम्बाब्वे से होकर जाने वाला रेलमार्ग, जो स्थलरुद्ध राज्यों को दक्षिण अफ्रीकी रेल तंत्र से जोड़ता है, और (iv) ब्लू ट्रेन, केपटाउन से प्रेटोरिया तक।
4 पारमहाद्वीपीय रेलमार्ग
पारमहाद्वीपीय रेलमार्ग पूरे महाद्वीप से गुज़रते हुए इसके दोनों छोरों को जोड़ता है। ये आर्थिक और राजनीतिक कारणों से, अलग-अलग दिशाओं में लंबी यात्राओं की सुविधा के लिए बनाए गए थे।
| रेलमार्ग | मार्ग | मुख्य तथ्य |
|---|---|---|
| पार-साइबेरियन रेलमार्ग | सेंट पीटर्सबर्ग (पश्चिम) से व्लाडिवोस्टक, प्रशांत तट (पूर्व) तक, मास्को, ऊफ़ा, नोवोसिबिर्स्क, इरकुत्स्क, चिता, खाबरोवस्क होते हुए | एशिया का सबसे महत्त्वपूर्ण और विश्व का सबसे लंबा (9,332 कि.मी.) रेलमार्ग, दोहरे पथ से युक्त तथा विद्युतीकृत। इसने रूस के एशियाई क्षेत्र को पश्चिमी यूरोपीय बाज़ारों से जोड़ा। यह उराल पर्वत तथा ओब व येनिसी नदियों से गुज़रता है। चिता एक कृषि केंद्र है और इरकुत्स्क एक फर केंद्र। इसके योजक मार्ग ओडेसा, बाकू, ताशकंद, उलन बटोर, तथा चीन में शेनयांग और बीजिंग तक जाते हैं। |
| ट्रांस-कनेडियन रेलमार्ग | हैलिफैक्स (पूर्व) से वैंकूवर, प्रशांत तट (पश्चिम) तक, मॉण्ट्रियल, ओटावा, विनिपेग, कैलगरी होते हुए | 7,050 कि.मी. लंबा, 1886 में बना, मूल रूप से ब्रिटिश कोलंबिया को कनाडाई संघ में शामिल करने के लिए। यह क्यूबेक-मॉण्ट्रियल औद्योगिक प्रदेश को प्रेयरी की गेहूँ मेखला और उत्तर के शंकुधारी वन प्रदेश से जोड़ता है। यह रेलमार्ग कनाडा की आर्थिक धमनी है; मुख्य निर्यात गेहूँ और मांस। |
| संघ और प्रशांत रेलमार्ग | न्यूयॉर्क (अटलांटिक) से सैन फ्रांसिस्को (प्रशांत) तक, क्लीवलैंड, शिकागो, ओमाहा, एवांस, ऑग्डन, सैक्रामेंटो होते हुए | अयस्क, अनाज, कागज़, रसायन और मशीनरी ढोता है। |
| ऑस्ट्रेलियाई पारमहाद्वीपीय रेलमार्ग | पर्थ (पश्चिम) से सिडनी (पूर्व) तक, कलगुर्ली, ब्रोकन हिल, पोर्ट ऑगस्टा होते हुए | एक अलग उत्तर-दक्षिण लाइन एडीलेड-एलिस स्प्रिंग को जोड़ती है, जो आगे डार्विन-बिरदुम लाइन से जुड़ती है। निर्यात: पनीर, सुअर का मांस, जई, शराब, फल, मशीनरी। |
| ओरिएंट एक्सप्रेस | पेरिस से इस्तांबूल तक, स्ट्रैस्बर्ग, म्यूनिख, विएना, बुडापेस्ट, बेलग्रेड होते हुए | इस एक्सप्रेस से लंदन-इस्तांबूल यात्रा अब केवल 96 घंटे में, जबकि समुद्री मार्ग से पहले 10 दिन लगते थे। |
| एशियाई रेलवे (प्रस्तावित) | इस्तांबूल से बैंकाक तक, ईरान, पाकिस्तान, भारत, बांग्लादेश और म्यांमार होते हुए | अभी बना नहीं है, केवल प्रस्ताव है। |
5 जल परिवहन: समुद्री मार्ग, नहरें और आंतरिक जलमार्ग
जल परिवहन में मार्ग बनाने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती: महासागर पहले से ही जुड़े हैं, और हर आकार का जहाज़ उनका प्रयोग कर सकता है। यह स्थल परिवहन से कहीं सस्ता है, क्योंकि जल का घर्षण स्थल से बहुत कम होता है, इसलिए ऊर्जा लागत भी कम है। आधुनिक जहाज़ राडार, बेतार और अन्य नौपरिवहन सुविधाओं से लैस होते हैं; प्रशीतन कोष्ठक, टैंकर और कंटेनरों ने शीघ्र नाशवान और भारी माल की ढुलाई बहुत आसान बना दी है। जल परिवहन के दो भाग हैं: समुद्री मार्ग और आंतरिक जलमार्ग।
5.1 महत्त्वपूर्ण समुद्री मार्ग
| समुद्री मार्ग | जोड़ता है | मुख्य तथ्य |
|---|---|---|
| उत्तरी अटलांटिक समुद्री मार्ग | उत्तर-पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका और उत्तर-पश्चिमी यूरोप | विश्व का सबसे व्यस्त मार्ग, जिसे वृहद ट्रंक मार्ग भी कहते हैं: विश्व के शेष सारे व्यापार से भी अधिक, विश्व के एक-चौथाई विदेशी व्यापार इसी मार्ग से होता है। |
| भूमध्यसागर-हिन्द महासागरीय मार्ग | प्राचीन विश्व के हृदय स्थल से होकर गुज़रता है | किसी भी अन्य मार्ग से अधिक देशों और लोगों की सेवा करता है। पत्तन: पोर्ट सईद, अदन, मुंबई, कोलंबो, सिंगापुर। स्वेज नहर ने इसे पुराने उत्तमाशा अंतरीप मार्ग की तुलना में बहुत छोटा कर दिया। |
| उत्तमाशा अंतरीप समुद्री मार्ग | औद्योगिक पश्चिमी यूरोप को पश्चिम अफ्रीका, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण-पूर्वी एशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड से | पूर्वी और पश्चिमी अफ्रीका के सोना, हीरा, ताँबा, टिन, मूँगफली, ताड़ का तेल, कहवा और फल जैसे संसाधनों से व्यापार बढ़ रहा है। |
| दक्षिणी अटलांटिक समुद्री मार्ग | पश्चिम यूरोपीय व पश्चिम अफ्रीकी देशों को ब्राज़ील, अर्जेंटीना, उरुग्वे से | यातायात बहुत कम है: दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका, दोनों में सीमित विकास और कम जनसंख्या। |
| उत्तरी प्रशांत समुद्री मार्ग | वैंकूवर, सीएटल, पोर्टलैंड, सैन फ्रांसिस्को, लॉस एंजेल्स को याकोहामा, कोबे, शंघाई, हांगकांग, मनीला, सिंगापुर से | मार्ग होनोलूलू में मिलते हैं; वृहत् वृत्त मार्ग (वैंकूवर-याकोहामा, 2,480 कि.मी.) दूरी को आधा कर देता है। |
| दक्षिणी प्रशांत समुद्री मार्ग | पश्चिमी यूरोप और उत्तरी अमेरिका को ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और प्रशांत द्वीपों से, पनामा नहर के रास्ते | पनामा-सिडनी दूरी 12,000 कि.मी. है। होनोलूलू भी इस मार्ग पर एक महत्त्वपूर्ण पत्तन है। |
तटीय नौपरिवहन लंबी तटरेखा वाले देशों के लिए सस्ता, सुगम साधन है, जैसे भारत, चीन और संयुक्त राज्य अमेरिका। यदि इसे ठीक से विकसित किया जाए, तो यह स्थल मार्गों की भीड़ को घटा सकता है।
5.2 स्वेज और पनामा नहर
स्वेज और पनामा नहरें विश्व की दो महान मानव-निर्मित जलमार्ग नहरें हैं, जिन्हें अक्सर पूर्वी और पश्चिमी विश्व के “वाणिज्य के प्रवेश द्वार” कहा जाता है।
स्वेज नहर
- 1869 में मिस्र में बनी, उत्तर में पोर्ट सईद और दक्षिण में पोर्ट स्वेज के बीच
- भूमध्य सागर को लाल सागर से जोड़ती है
- समुद्र सतह के बराबर नहर, कोई जलबंधक (लॉक) नहीं: लगभग 160 कि.मी. लंबी, 11-15 मीटर गहरी
- प्रतिदिन लगभग 100 जलयान पार करते हैं, हर एक को 10-12 घंटे लगते हैं
- पुराने उत्तमाशा अंतरीप मार्ग से यूरोप को हिन्द महासागर का छोटा प्रवेश द्वार देती है
- एक रेलमार्ग नहर के साथ स्वेज तक जाता है, इस्माइलिया से कैरो को एक शाखा; नील नदी की एक नौगम्य ताज़े पानी की नहर भी इस्माइलिया में स्वेज नहर से मिलती है
पनामा नहर
- पूर्व में अटलांटिक महासागर को पश्चिम में प्रशांत महासागर से जोड़ती है
- संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा पनामा जलडमरूमध्य के आर-पार, पनामा नगर और कोलोन के बीच बनाई गई
- लगभग 72 कि.मी. लंबी, 12 कि.मी. की गहरी कटान सहित; छह-जलबंधक तंत्र जहाज़ों को 26 मीटर ऊपर-नीचे करता है
- न्यूयॉर्क-सैन फ्रांसिस्को समुद्री मार्ग को 13,000 कि.मी. छोटा करती है
- स्वेज से आर्थिक दृष्टि से कम महत्त्वपूर्ण, पर लैटिन अमेरिकी अर्थव्यवस्थाओं के लिए अनिवार्य
जब नहर का शुल्क देरी की लागत से अधिक पड़ता है, तो कुछ जहाज़ स्वेज नहर का प्रयोग करने के बजाय लंबे उत्तमाशा अंतरीप मार्ग को ही चुनते हैं।
5.3 आंतरिक जलमार्ग
नदियाँ, नहरें, झीलें और तटीय क्षेत्र प्राचीन काल से ही माल और यात्रियों को नाव व स्टीमर से ढोते आए हैं। कोई जलमार्ग कितना उपयोगी है, यह उसकी नौगम्यता यानी चैनल की चौड़ाई व गहराई, जल प्रवाह की निरंतरता, और उपयोग में लाई जाने वाली परिवहन प्रौद्योगिकी पर निर्भर करता है। कोयला, सीमेंट, इमारती लकड़ी और धात्विक अयस्क जैसा अत्यधिक भारी माल आंतरिक जलमार्ग से अच्छी तरह ढोया जा सकता है, और सघन वनों में नदियाँ ही परिवहन का एकमात्र साधन होती हैं। भारत में नदी मार्ग कभी परिवहन के मुख्य राजमार्ग थे, पर रेलमार्गों से प्रतिस्पर्धा, सिंचाई के लिए जल के मोड़ने, और खराब रख-रखाव के कारण अपनी महत्ता खो चुके हैं। जहाँ किसी नदी को विकसित करना लाभकारी लगता है, वहाँ देश उसकी तली गहरी करते हैं, किनारे स्थिर करते हैं, और बाँध-बैराज बनाकर उसका प्रवाह नियंत्रित करते हैं।
| जलमार्ग | क्षेत्र | मुख्य तथ्य |
|---|---|---|
| राइन जलमार्ग | जर्मनी और नीदरलैंड | नीदरलैंड में रॉटरडम (मुहाना) से स्विटज़रलैंड के बेसल तक 700 कि.मी. नौकायन योग्य; समुद्री पोत कोलोन तक पहुँच सकते हैं। विश्व का सबसे अधिक प्रयोग होने वाला आंतरिक जलमार्ग: हर साल 20,000 से अधिक समुद्री जहाज़ और 2,00,000 आंतरिक पोत माल का आदान-प्रदान करते हैं। यह स्विटज़रलैंड, जर्मनी, फ्रांस, बेल्जियम और नीदरलैंड को उत्तरी अटलांटिक समुद्री मार्ग से जोड़ता है। |
| डेन्यूब जलमार्ग | पूर्वी यूरोप | ब्लैक फॉरेस्ट से निकलकर अनेक देशों से होते हुए पूर्व की ओर बहती है; टार्ना सेविरिन तक नौकायन योग्य। मुख्य निर्यात: गेहूँ, मक्का, इमारती लकड़ी, मशीनरी। |
| वोल्गा जलमार्ग | रूस | 11,200 कि.मी. नौकायन योग्य, कैस्पियन सागर में गिरती है। वोल्गा-मास्को नहर इसे मास्को क्षेत्र से जोड़ती है; वोल्गा-डॉन नहर काला सागर से। |
| वृहद झीलें-सेंट लॉरेंस समुद्री मार्ग | उत्तरी अमेरिका | सुपीरियर, ह्यूरन, इरी और ओंटारियो झीलें सू नहर व वेलैंड नहर से जुड़कर एक जलमार्ग बनाती हैं, जो सेंट लॉरेंस नदी के मुहाने से मिलता है। समुद्री जहाज़ मॉण्ट्रियल तक पहुँचते हैं, फिर आगे प्रपातों के कारण छोटे पोतों में माल बदलना पड़ता है: इसके लिए नहरें 3.5 मीटर तक गहरी बनाई गई हैं। डुलुथ और बुफालो पूर्ण रूप से सुसज्जित समुद्री पत्तन हैं। |
| मिसीसिपी जलमार्ग | संयुक्त राज्य अमेरिका | मिसीसिपी-ओहायो जलमार्ग अमेरिका के भीतरी भागों को मैक्सिको की खाड़ी से जोड़ता है; लंबे स्टीमर इस मार्ग से मिनियापोलिस तक जा सकते हैं। |
6 वायु परिवहन
वायु परिवहन सबसे तेज़ है, पर सबसे महँगा भी। लंबी दूरी की यात्रा और बहुमूल्य माल की तेज़ ढुलाई के लिए इसे प्राथमिकता दी जाती है, और यह अक्सर किसी दुर्गम क्षेत्र तक पहुँचने का एकमात्र साधन होता है: वायुयान जमी हुई ज़मीन पर भी उत्तरी कनाडा के एस्किमो तक माल पहुँचा सकता है, और हिमालयी क्षेत्र में जब भू-स्खलन, हिमस्खलन या भारी हिमपात से मार्ग अवरुद्ध हो जाएँ, तो वायु यात्रा ही एकमात्र विकल्प बचती है। वायु परिवहन का सामरिक और प्रतिरक्षा महत्त्व भी बहुत अधिक है।
ब्रिटेन ने वाणिज्यिक जेट परिवहन का सूत्रपात किया; युद्ध के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका ने बड़े पैमाने पर अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन विकसित किया। आज 250 से अधिक वाणिज्यिक एयरलाइनें विश्व भर में नियमित सेवाएँ देती हैं। हवाई अड्डा बनाना और चलाना बहुत महँगा है: विमानशाला, भूमि पर उतरने, ईंधन और रख-रखाव, सभी की सुविधाएँ चाहिए, इसलिए हवाई अड्डे अधिक औद्योगीकृत देशों में ही विकसित हुए हैं, जहाँ यातायात अधिक होता है।
6.1 अंतर-महाद्वीपीय वायुमार्ग
उत्तरी गोलार्द्ध में अंतर-महाद्वीपीय वायुमार्गों की एक स्पष्ट पूर्व-पश्चिम पट्टी है, जो पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका, पश्चिमी यूरोप और दक्षिण-पूर्वी एशिया में सबसे सघन है। जिन नोडीय बिंदुओं पर मार्ग मिलते या सभी महाद्वीपों की ओर फैलते हैं, वे हैं: न्यूयॉर्क, लंदन, पेरिस, एम्स्टर्डम, फ्रैंकफर्ट, रोम, मास्को, कराची, नयी दिल्ली, मुंबई, बैंकाक, सिंगापुर, टोक्यो, सैन फ्रांसिस्को, लॉस एंजेल्स और शिकागो। इसके विपरीत अफ्रीका, रूस के एशियाई भाग और दक्षिण अमेरिका में वायु सेवाएँ बहुत कम हैं, और दक्षिणी गोलार्द्ध के 10° से 35° अक्षांशों के बीच विरल जनसंख्या, सीमित स्थलखंड और सीमित आर्थिक विकास के कारण सेवाएँ सीमित हैं।
7 पाइपलाइन
पाइपलाइन जल, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, यहाँ तक कि तरलीकृत कोयला भी बिना रुकावट के ढोती हैं, बिना किसी वाहन के। विश्व के अनेक भागों में रसोई गैस (LPG) पाइपलाइनों से घरों तक पहुँचती है, और न्यूज़ीलैंड में तो दूध भी फार्मों से फैक्ट्रियों तक पाइपलाइन से भेजा जाता है।
| देश / क्षेत्र | तथ्य |
|---|---|
| संयुक्त राज्य अमेरिका | उत्पादक से उपभोक्ता क्षेत्रों तक सघन तेल पाइपलाइन जाल है। प्रसिद्ध ‘बिग इंच’ पाइपलाइन मैक्सिको की खाड़ी के तेल कुओं से उत्तर-पूर्वी राज्यों तक पेट्रोलियम ले जाती है। कुल भार (टन-कि.मी.) का लगभग 17 प्रतिशत पाइपलाइनों से ही ढोया जाता है। |
| यूरोप, रूस, पश्चिम एशिया, भारत | पाइपलाइनें तेल के कुओं को परिष्करणशालाओं (रिफाइनरी) और पत्तनों या घरेलू बाज़ारों से जोड़ती हैं। |
| तुर्कमेनिस्तान | ईरान और चीन के कुछ भागों तक पाइपलाइन बढ़ा दी गई है। |
| प्रस्तावित ईरान-पाकिस्तान-भारत पाइपलाइन | तेल और प्राकृतिक गैस ढोएगी, और विश्व की सबसे लंबी पाइपलाइन होगी। |
8 संचार और इंटरनेट
उपग्रहों से बहुत पहले, टेलीग्राफ और टेलीफोन मनुष्य के मुख्य लंबी दूरी के संचार साधन थे। टेलीग्राफ ने अमेरिकी पश्चिम के उपनिवेशीकरण में सहायता की; बीसवीं शताब्दी के आरंभ और मध्य में अमेरिकी टेलीग्राफ और टेलीफोन कंपनी (AT&T) का संयुक्त राज्य अमेरिका के टेलीफोन उद्योग पर एकाधिकार था, और टेलीफोन अमेरिका के नगरीकरण का एक बड़ा कारक बना: कंपनियों ने अपने कार्य नगर के मुख्यालयों में केंद्रित कर लिए और छोटे नगरों में केवल शाखा कार्यालय रखे। आज भी टेलीफोन संचार का सबसे अधिक प्रयोग होने वाला साधन है, और विकासशील देशों में उपग्रहों से संभव हुआ सेलफोन ग्रामीण संपर्क के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण है।
सबसे पहला बड़ा आधुनिक बदलाव ऑप्टिक फाइबर केबल (OFC) था। बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना करती टेलीफोन कंपनियों ने विश्व भर में अपनी पुरानी ताँबे की तार वाली प्रणालियों को ऑप्टिक फाइबर में बदल दिया, जो बड़ी मात्रा में आँकड़ों को तेज़ी से, सुरक्षित रूप से और लगभग त्रुटिरहित भेज सकती है। 1990 के दशक में सूचनाओं के अंकीकरण ने दूरसंचार को कंप्यूटर के साथ मिलाकर वह समन्वित नेटवर्क बना दिया जिसे हम इंटरनेट कहते हैं।
8.1 उपग्रह संचार
1970 के दशक से, जब संयुक्त राज्य अमेरिका और तत्कालीन सोवियत संघ ने अंतरिक्ष विज्ञान में अग्रणी शोध किया, उपग्रह संचार एक स्वतंत्र क्षेत्र के रूप में उभरा। पृथ्वी की कक्षा में स्थित कृत्रिम उपग्रह ग्लोब के सुदूरतम कोनों को भी जोड़ते हैं। परीक्षा में सबसे महत्त्वपूर्ण बात यही है: उपग्रहों ने संचार की इकाई लागत और समय को दूरी से स्वतंत्र कर दिया है, इसलिए उपग्रह द्वारा 500 कि.मी. की दूरी पर बात करने की लागत ठीक वैसी ही है जैसी 5,000 कि.मी. की दूरी पर। आज हर सेलफोन कॉल, SMS और केबल टेलीविज़न प्रसारण किसी न किसी चरण में उपग्रह संचार का प्रयोग करता है।
भास्कर और इनसैट 1-बी जैसे बाद के उपग्रहों ने लंबी दूरी के संचार, दूरदर्शन और रेडियो को वास्तव में प्रभावी बना दिया। आज दूरदर्शन के माध्यम से मौसम की भविष्यवाणी एक वरदान है, यह इन्हीं उपग्रहों का सीधा परिणाम है।
8.2 साइबर स्पेस और इंटरनेट
साइबर स्पेस विद्युत द्वारा कंप्यूटरीकृत स्पेस का संसार है, जो वर्ल्ड वाइड वेब (www) जैसे इंटरनेट से आवृत है। यह भेजने और प्राप्त करने वाले के शारीरिक संचलन के बिना, कंप्यूटर नेटवर्क पर सूचना भेजने या प्राप्त करने की विद्युतीय अंकीय दुनिया है। यह हर जगह विद्यमान है: किसी कार्यालय में, जल में चलती नौका में, उड़ते जहाज़ में, वास्तव में कहीं भी।

आज इंटरनेट पृथ्वी का सबसे बड़ा विद्युतीय जाल है, जो 100 से अधिक देशों के लगभग 1,000 करोड़ लोगों को जोड़ता है। पर इसके प्रयोक्ता कहाँ रहते हैं, यह तेज़ी से बदला है: संयुक्त राज्य अमेरिका का हिस्सा 1995 के 66 प्रतिशत से घटकर 2005 में केवल 25 प्रतिशत रह गया, और आज अधिकांश प्रयोक्ता संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान, चीन और भारत में फैले हैं। जैसे-जैसे अरबों लोग इंटरनेट से जुड़ते हैं, साइबर स्पेस ई-मेल, ई-वाणिज्य, ई-शिक्षा और ई-प्रशासन के माध्यम से मनुष्यों के समकालीन आर्थिक व सामाजिक स्पेस को बढ़ाता रहेगा।
परिवहन से कहीं अधिक, आधुनिक संचार प्रणालियों ने ही “वैश्विक ग्राम” की संकल्पना को साकार किया है।
इस अध्याय से एक बात हमेशा याद रखने लायक
- परिवहन की चार विधाएँ हैं स्थल, जल, वायु और पाइपलाइन; केवल पाइपलाइन न यात्री ढोती है, न माल
- स्थल परिवहन का इतिहास: कुली से भारवाही पशु, गाड़ी, फिर रेलमार्ग (1825, स्टॉकटन-डर्लिंग्टन), फिर अंतर्दहन इंजन के बाद सड़क
- भारत का स्वर्णिम चतुर्भुज दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता को जोड़ता है; विश्व के सबसे सघन महामार्ग उत्तरी अमेरिका में हैं
- छह पारमहाद्वीपीय रेलमार्ग: पार-साइबेरियन (सबसे लंबा, 9,332 कि.मी.), ट्रांस-कनेडियन, संघ और प्रशांत, ऑस्ट्रेलियाई पारमहाद्वीपीय, ओरिएंट एक्सप्रेस, और प्रस्तावित एशियाई रेलवे
- उत्तरी अटलांटिक समुद्री मार्ग ही “वृहद ट्रंक मार्ग” है, विश्व का सबसे व्यस्त, विश्व के एक-चौथाई व्यापार का वाहक
- स्वेज नहर (1869, मिस्र, बिना जलबंधक) भूमध्य सागर व लाल सागर को जोड़ती है; पनामा नहर (छह जलबंधक) अटलांटिक व प्रशांत को
- राइन विश्व का सबसे अधिक प्रयोग होने वाला आंतरिक जलमार्ग है
- वायु परिवहन सबसे तेज़, सबसे महँगा है; अकेले संयुक्त राज्य अमेरिका के पास विश्व के 60 प्रतिशत वायुमार्ग हैं
- उपग्रहों ने संचार की लागत को दूरी से स्वतंत्र कर दिया; भारत की उपग्रह गाथा आर्यभट्ट (1975), भास्कर-1 (1979), रोहिणी (1980), एप्पल (1981) से चली
- साइबर स्पेस और इंटरनेट ने, परिवहन से भी अधिक, “वैश्विक ग्राम” की संकल्पना को साकार किया
- क्या मैं सभी छह पारमहाद्वीपीय रेलमार्गों के नाम और एक-एक तथ्य बता सकता हूँ?
- क्या मैं समझा सकता हूँ कि स्वेज नहर में जलबंधक क्यों नहीं हैं, पर पनामा नहर में छह क्यों हैं?
- क्या मैं बता सकता हूँ कि उपग्रह संचार से दूरी का लागत पर असर क्यों नहीं पड़ता?
- क्या मैं भारत के चार उपग्रह मील के पत्थर क्रम से, वर्ष सहित बता सकता हूँ?
- 1 अंकपारमहाद्वीपीय स्टुवर्ट महामार्ग किनके मध्य से गुज़रता है?
(क) डार्विन और मेलबोर्न(ख) एडमंटन और एंकॉरेज
(ग) वैंकूवर और सेंट जॉन नगर(घ) चेंगडू और ल्हासा - 1 अंकनिम्नलिखित में से किस देश में रेलमार्गों के जाल का सघनतम घनत्व पाया जाता है?
(क) ब्राज़ील(ख) कनाडा
(ग) संयुक्त राज्य अमेरिका(घ) रूस - 1 अंकवृहद ट्रंक मार्ग होकर जाता है:
(क) भूमध्य सागर-हिन्द महासागर से होकर(ख) उत्तर अटलांटिक महासागर से होकर
(ग) दक्षिण अटलांटिक महासागर से होकर(घ) उत्तर प्रशांत महासागर से होकर - 1 अंक‘बिग इंच’ पाइपलाइन द्वारा परिवहित किया जाता है:
(क) दूध(ख) जल
(ग) तरल पेट्रोलियम गैस (LPG)(घ) पेट्रोलियम - 1 अंकचैनल टनल किन स्थानों को जोड़ता है?
(क) लंदन-बर्लिन(ख) बर्लिन-पेरिस
(ग) पेरिस-लंदन(घ) बार्सीलोना-बर्लिन - 1 अंकपार-साइबेरियन रेलमार्ग किन्हें जोड़ता है?
(क) मास्को और बीजिंग(ख) सेंट पीटर्सबर्ग और व्लाडिवोस्टक
(ग) ऊफ़ा और बाकू(घ) ओडेसा और ताशकंद - 1 अंकस्वेज नहर भूमध्य सागर को किससे जोड़ती है?
(क) अरब सागर(ख) लाल सागर
(ग) काला सागर(घ) कैस्पियन सागर - 1 अंकभारत का पहला उपग्रह, जो 19 अप्रैल 1975 को प्रक्षेपित हुआ, था:
(क) भास्कर-1(ख) रोहिणी
(ग) आर्यभट्ट(घ) एप्पल
कारण (R): स्वेज नहर विश्व के अधिक जलयान यातायात को संभालती है और यह बिना जलबंधक वाली समुद्र-सतह नहर है।
कारण (R): उपग्रहों ने संचार की इकाई लागत और समय को दूरी से स्वतंत्र कर दिया है।
कारण (R): उत्तरी अमेरिकी रेलमार्ग मुख्यतः अयस्क, अनाज, इमारती लकड़ी और मशीनरी ढोते हैं, जो यूरोप के अधिक यात्री-केंद्रित रेल तंत्र से बिल्कुल उलट है।
- 2 अंकपरिवहन जाल क्या है? “नोड” और “लिंक” शब्दों का प्रयोग करते हुए समझाइए।
- 2 अंकविश्व परिवहन की चार प्रमुख विधाओं के नाम लिखिए। कौन-सी विधा न यात्री ढोती है, न माल, और क्यों?
- 3 अंकपर्वतीय, मरुस्थलीय और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में स्थल परिवहन की क्या-क्या समस्याएँ हैं?
- 2 अंकपारमहाद्वीपीय रेलमार्ग क्या होता है? कोई दो उदाहरण दीजिए।
- 3 अंकस्थल परिवहन की तुलना में जल परिवहन के क्या लाभ हैं?
- 2 अंकजलबंधक तंत्र के आधार पर स्वेज नहर और पनामा नहर में अंतर स्पष्ट कीजिए।
- 2 अंककिसी देश के लिए सीमावर्ती सड़कें क्यों महत्त्वपूर्ण हैं?
- 3 अंकराइन को विश्व का सबसे अधिक प्रयोग होने वाला आंतरिक जलमार्ग क्यों कहा जाता है?
- 2 अंकवायु परिवहन, सबसे महँगी विधा होते हुए भी, कभी-कभी एकमात्र विकल्प क्यों बन जाता है?
- 2 अंकऑप्टिक फाइबर केबल ने लंबी दूरी के संचार को कैसे बदला?
- 3 अंकअध्याय में दिए गए भारत के चार उपग्रह मील के पत्थर, उनके वर्षों सहित लिखिए।
- 2 अंकसाइबर स्पेस क्या है? यह “कहाँ-कहाँ” विद्यमान है, इसके दो उदाहरण दीजिए।
- 5 अंकइस कथन को स्पष्ट कीजिए: “एक सुप्रबंधित परिवहन तंत्र में विभिन्न विधाएँ एक-दूसरे की संपूरक होती हैं।”
- 5 अंकपार-साइबेरियन रेलमार्ग का वर्णन कीजिए: इसका मार्ग, इसकी लंबाई, और यह रूस के लिए आर्थिक रूप से क्यों महत्त्वपूर्ण है।
- 5 अंकविश्व के किन्हीं तीन प्रमुख समुद्री मार्गों का वर्णन कीजिए, जिन क्षेत्रों या पत्तनों को वे जोड़ते हैं उनका उल्लेख करते हुए।
- 4 अंकस्वेज नहर और पनामा नहर की किन्हीं चार आधारों (स्थिति, लंबाई, जलबंधक तंत्र, आर्थिक महत्त्व) पर तुलना कीजिए।
- 4 अंकविश्व के वे कौन-से प्रमुख क्षेत्र हैं जहाँ वायुमार्गों का सघन जाल पाया जाता है, और वे सघन क्यों हैं?
- 5 अंकउत्तरी अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका में रेलमार्गों के विकास का वर्णन कीजिए, दोनों के बीच मुख्य अंतर बताते हुए।
- 4 अंकसाइबर स्पेस मनुष्यों के समकालीन आर्थिक और सामाजिक स्पेस को किन विधियों से बढ़ाएगा? उदाहरण सहित समझाइए।
- 4 अंकस्थल परिवहन के ऐतिहासिक विकास का वर्णन कीजिए, मानव कुलियों से लेकर आधुनिक सड़कों और रेलमार्गों तक।
- 5 अंकविश्व के किन्हीं तीन महत्त्वपूर्ण आंतरिक जलमार्गों और उनसे जुड़े प्रमुख माल का वर्णन कीजिए।
- 4 अंकउपग्रह संचार ने विश्व के संचार करने के तरीके को कैसे बदला है? अपने उत्तर में भारत के अपने उपग्रह कार्यक्रम का संदर्भ दीजिए।