भारत की जलवायु, नदियाँ या लोगों को पढ़ने से पहले यह जानना ज़रूरी है कि भारत पृथ्वी पर ठीक कहाँ स्थित है। यह अध्याय एक ही सवाल का जवाब देता है: भारत की स्थिति देश को असल में क्या देती है? नीचे दिया हर तथ्य इसी सवाल का जवाब है, सिर्फ़ रटने के लिए नहीं।
1स्थिति और विस्तार
भारत की मुख्य भूमि उत्तर में कश्मीर से लेकर दक्षिण में कन्याकुमारी तक और पूर्व में अरुणाचल प्रदेश से पश्चिम में गुजरात तक फैली है। पर भारत का क्षेत्र यहीं खत्म नहीं होता। किसी भी देश की सीमा समुद्र में भी आगे तक फैलती है।
भारत का सीमांतर्गत क्षेत्र (territorial limit) समुद्र की ओर 12 समुद्री मील (लगभग 21.9 किलोमीटर) तक फैला हुआ है।
अध्याय के अंत के अभ्यास में मुख्य भूमि के सबसे उत्तरी और सबसे दक्षिणी अक्षांश के बारे में पूछा गया है। पर भारत की दक्षिणी सीमा, द्वीपों को मिलाकर, इससे भी आगे जाती है: यह बंगाल की खाड़ी में 6°45′ उत्तर अक्षांश तक फैली है।


2अक्षांशीय एवं देशांतरीय विस्तार: इसका क्या महत्व है
भारत का अक्षांशीय और देशांतरीय विस्तार, दोनों लगभग 30 डिग्री हैं। पर ज़मीन पर असली दूरी दोनों दिशाओं में एक जैसी नहीं है: उत्तर से दक्षिण तक यह 3,214 किलोमीटर है, जबकि पूर्व से पश्चिम तक यह केवल 2,933 किलोमीटर है।
यह सवाल लगभग हर साल पूछा जाता है कि बराबर डिग्री होने पर भी दोनों दूरियाँ अलग क्यों हैं। सिर्फ़ आँकड़े मत लिखिए, कारण भी लिखिए।
यही बड़ा अक्षांशीय फैलाव भारत के जलवायु क्षेत्र भी तय करता है। देश का दक्षिणी हिस्सा उष्णकटिबंध में स्थित है, और उत्तरी हिस्सा उपोष्ण कटिबंध या कोष्ण शीतोष्ण कटिबंध में। यही एक तथ्य भारत में भूआकृति, जलवायु, मिट्टी के प्रकार और प्राकृतिक वनस्पति में इतनी भारी भिन्नता की वजह है।
लगभग 30 डिग्री के देशांतरीय फैलाव की वजह से भारत के सबसे पूर्वी और सबसे पश्चिमी भागों के समय में लगभग 2 घंटे का अंतर आ जाता है। फिर भी पूरा देश एक ही घड़ी पर चलता है।
मानक याम्योत्तर (standard meridian) वह देशांतर रेखा है जिसे कोई देश अपने एक आधिकारिक घड़ी-समय के आधार के रूप में चुनता है, ताकि देश में हर जगह के लोग एक ही समय मानें, भले ही सूरज उस समय उनके ठीक ऊपर न हो।
जिस देश का पूर्व-पश्चिम विस्तार बहुत ज़्यादा हो, उसे एक से ज़्यादा मानक याम्योत्तर की ज़रूरत पड़ सकती है। पुस्तक का अपना उदाहरण:
यही कारण है कि भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में सूर्य जैसलमेर से लगभग दो घंटे पहले उदय होता है, फिर भी डिब्रूगढ़ या इम्फाल की घड़ी ठीक वही समय दिखाती है जो जैसलमेर, भोपाल या चेन्नई की घड़ी दिखाती है। इन सभी जगहों की घड़ियाँ 82°30′ पूर्व के एक ही मानक याम्योत्तर पर सेट हैं, स्थानीय सूरज पर नहीं।
3भारत का आकार
इतना बड़ा देश हर जगह एक जैसा नहीं दिख सकता, और भारत भी नहीं दिखता। इसके आकार ने ही इसे बहुत बड़ी भौतिक विविधता दी है:
ऊँचे पर्वत
देश के उत्तर में।
बड़ी नदियाँ
गंगा, ब्रह्मपुत्र, महानदी, कृष्णा, गोदावरी और कावेरी।
वनाच्छादित पहाड़ियाँ
उत्तर-पूर्वी भारत और दक्षिण भारत में हरी-भरी, जंगलों से ढकी पहाड़ियाँ।
मरुस्थल
मरुस्थली का रेत से भरा विशाल विस्तार।
4भारतीय उपमहाद्वीप
भारतीय उपमहाद्वीप वह विशाल भौगोलिक इकाई है जो उत्तर में हिमालय, उत्तर-पश्चिम में हिंदूकुश व सुलेमान श्रेणियों, उत्तर-पूर्व में पूर्वांचल पहाड़ियों और दक्षिण में हिंद महासागर के विशाल विस्तार से घिरी है।
| भारतीय उपमहाद्वीप में शामिल देश |
|---|
| भारत, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश |
भूतकाल में हिमालय, अपनी अन्य श्रेणियों के साथ मिलकर, एक मज़बूत भौतिक अवरोधक (barrier) की भूमिका निभाता रहा। इसे पार करना मुश्किल था, सिवाय कुछ पहाड़ी दर्रों के:
यही अवरोधक है जिसकी वजह से भारतीय उपमहाद्वीप अपनी अलग और अद्वितीय क्षेत्रीय पहचान बना सका, बाकी एशिया से अलग तो रहा पर कभी पूरी तरह बंद भी नहीं हुआ।
5तटरेखा
भारत का प्रायद्वीपीय भाग हिंद महासागर की ओर उभरा हुआ है, और इसी वजह से देश की तटरेखा बहुत लंबी है।
यह अतिरिक्त लंबाई दो द्वीप समूहों से आती है: बंगाल की खाड़ी में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, और अरब सागर में लक्षद्वीप। इसी तटरेखा और इन द्वीप समूहों की वजह से भारत एक भौतिक रूप से विविधतापूर्ण भूभाग है, जिससे यहाँ कई तरह के संसाधन मिलते हैं।
6भारत और उसके पड़ोसी
एशिया के मानचित्र पर भारत की जगह देखिए तो एक बात साफ़ दिखती है: भारत एशिया महाद्वीप के दक्षिण-मध्य भाग में स्थित है, और हिंद महासागर से घिरा है। इसी महासागर की दो भुजाएँ भारत के दोनों ओर फैली हैं: पूर्व में बंगाल की खाड़ी और पश्चिम में अरब सागर।
यह सामुद्रिक स्थिति एक बहुत व्यावहारिक फ़ायदा देती है: प्रायद्वीपीय भारत की समुद्र पर यह स्थिति उसे अपने पड़ोसी क्षेत्रों से समुद्री और वायु मार्गों, दोनों से जोड़ती है।
| प्रकार | पड़ोसी देश |
|---|---|
| इसी अध्याय के अभ्यास में नामित स्थलीय पड़ोसी | बांग्लादेश, चीन, पाकिस्तान, म्यांमार |
| भारतीय उपमहाद्वीप बनाने वाले स्थलीय पड़ोसी | पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश |
| हिंद महासागर में स्थित द्वीपीय पड़ोसी देश | श्रीलंका, मालदीव |
श्रीलंका, भारत से मन्नार की खाड़ी और पाक जलसंधि द्वारा अलग होता है।
खाड़ी (Gulf)
- समुद्र का वह बड़ा हिस्सा जो ज़मीन के अंदर तक घुसा होता है
- आमतौर पर चौड़ी, महासागर की ओर ज़्यादा खुली
- उदाहरण: मन्नार की खाड़ी
जलसंधि (Strait)
- पानी का एक सँकरा रास्ता जो दो बड़े समुद्रों को जोड़ता है
- ज़मीन के दो टुकड़ों को एक-दूसरे से अलग करता है
- उदाहरण: पाक जलसंधि, भारत और श्रीलंका के बीच
पुस्तक खुद यह सवाल पूछती है: “क्या आज के आधुनिक युग में भौतिक दूरी पड़ोसी देशों से मेलजोल में बाधक है?” सही जवाब है: पहले जितनी नहीं: आज समुद्री मार्ग, हवाई यात्रा, दूरसंचार और व्यापार समझौतों ने उस घर्षण को काफ़ी कम कर दिया है जो पहले भौतिक दूरी की वजह से होता था, भले ही असली दूरी में कोई बदलाव नहीं आया।
स्कूल भुवन एन-सी-ई-आर-टी एक वेब पोर्टल है जो भारत के प्राकृतिक संसाधनों, पर्यावरण और सतत विकास के बारे में मानचित्र-आधारित शिक्षा देता है। यह भुवन-एन-आर-एस-सी/इसरो की एक पहल है, जो एन-सी-ई-आर-टी पाठ्यक्रम पर आधारित है।
- मुख्य भूमि: कश्मीर से कन्याकुमारी, अरुणाचल प्रदेश से गुजरात; सीमांतर्गत क्षेत्र समुद्र में 12 समुद्री मील तक
- अक्षांश और देशांतर दोनों में लगभग 30 डिग्री का फैलाव, पर उत्तर-दक्षिण दूरी (3,214 कि.मी.) पूर्व-पश्चिम दूरी (2,933 कि.मी.) से ज़्यादा है, क्योंकि देशांतर रेखाएँ ध्रुवों की ओर पास आती हैं जबकि अक्षांश रेखाएँ हर जगह बराबर दूरी पर रहती हैं
- दक्षिणी भारत उष्णकटिबंध में, उत्तरी भारत उपोष्ण कटिबंध में; यही देश की जलवायु, मिट्टी और वनस्पति की विविधता की वजह है
- मानक याम्योत्तर: 82°30′ पूर्व; IST = GMT + 5:30; लगभग 2 घंटे के सूर्योदय-अंतर के बावजूद पूरे देश का एक ही समय कटिबंध
- क्षेत्रफल: 32.8 लाख वर्ग किलोमीटर, विश्व की भूमि का 2.4%, सातवाँ सबसे बड़ा देश
- भारतीय उपमहाद्वीप: भारत, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, चारों ओर हिमालय, हिंदूकुश-सुलेमान श्रेणियाँ और पूर्वांचल पहाड़ियाँ
- तटरेखा: मुख्य भूमि की 6,100 कि.मी., अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप मिलाकर 7,517 कि.मी.
- भारत हिंद महासागर की दो भुजाओं, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से घिरा है; श्रीलंका और मालदीव इसके द्वीपीय पड़ोसी हैं
- 1 अंकवह जलसंधि बताइए जो श्रीलंका को भारत से अलग करती है।
- 1 अंकभारत का मानक याम्योत्तर क्या है?
- 1 अंकवे दो द्वीप समूह बताइए जो भारत की तटरेखा को बढ़ाते हैं।
- 1 अंकक्षेत्रफल के हिसाब से विश्व में भारत का कौन-सा स्थान है?
- 1 अंकहिमालय के पाँच पहाड़ी दर्रों में से कोई दो बताइए, जिनसे होकर इसे पार किया जाता था।
- 2 अंकसीमांतर्गत क्षेत्र (territorial limit) की परिभाषा दीजिए, भारत के लिए दिया गया आँकड़ा भी लिखिए।
- 2 अंकहिंद महासागर की वे दो भुजाएँ बताइए जो भारत की सीमा बनाती हैं, और यह भी बताइए कि हर एक भारत की किस दिशा में है।
- 2 अंकमानक याम्योत्तर चुनते समय देश किस परंपरा का पालन करते हैं?
- 3 अंकक्या भारत को एक से अधिक मानक समय की ज़रूरत है? अपना तर्कसंगत उत्तर दीजिए।
- 3 अंकभारत की लंबी तटरेखा के क्या प्रभाव हैं?
- 3 अंकभारत का अक्षांशीय फैलाव उसके लिए किस प्रकार लाभप्रद है?
- 3 अंकपूर्व में, जैसे नागालैंड में, सूर्य पहले उदय होता है और पहले ही अस्त भी होता है, फिर भी कोहिमा और नई दिल्ली की घड़ियाँ एक ही समय क्यों दिखाती हैं?
- 5 अंकभारत का अक्षांशीय और देशांतरीय विस्तार दोनों लगभग 30 डिग्री हैं, फिर भी उत्तर-दक्षिण दूरी और पूर्व-पश्चिम दूरी अलग-अलग हैं। कारण समझाइए और दोनों दूरियाँ भी लिखिए।
- 5 अंकभारतीय उपमहाद्वीप का वर्णन कीजिए: इसे घेरने वाली पर्वत श्रेणियाँ, इसमें शामिल देश, और हिमालय की भौतिक अवरोधक के रूप में ऐतिहासिक भूमिका।
- 5 अंकसमझाइए कि भारत के आकार और उसकी सामुद्रिक स्थिति ने मिलकर उसकी भौतिक विविधता और पड़ोसी क्षेत्रों से उसके संबंधों को कैसे आकार दिया है।
- 1 अंकनिम्नलिखित में से कौन-सा अक्षांशीय विस्तार भारत की संपूर्ण भूमि के विस्तार के संदर्भ में प्रासंगिक है?
(क) 8°41′ उ. से 35°7′ उ.(ख) 8°4′ उ. से 35°6′ उ.
(ग) 8°4′ उ. से 37°6′ उ.(घ) 6°45′ उ. से 37°6′ उ. - 1 अंकनिम्नलिखित में से किस देश की भारत के साथ सबसे लंबी स्थलीय सीमा है?
(क) बांग्लादेश(ख) पाकिस्तान
(ग) चीन(घ) म्यांमार - 1 अंकनिम्नलिखित में से कौन-सा देश क्षेत्रफल में भारत से बड़ा है?
(क) चीन(ख) फ्रांस
(ग) मिस्र(घ) ईरान - 1 अंकनिम्नलिखित याम्योत्तरों में से कौन-सा भारत का मानक याम्योत्तर है?
(क) 69°30′ पूर्व(ख) 75°30′ पूर्व
(ग) 82°30′ पूर्व(घ) 90°30′ पूर्व - 1 अंकअगर आप एक सीधी रेखा में राजस्थान से नागालैंड की यात्रा करें, तो निम्नलिखित नदियों में से किस एक को आप पार नहीं करेंगे?
(क) यमुना(ख) सिंधु
(ग) ब्रह्मपुत्र(घ) गंगा - 1 अंकभारत का सीमांतर्गत क्षेत्र समुद्र में कितनी दूर तक फैला है?
(क) 6 समुद्री मील(ख) 12 समुद्री मील
(ग) 200 समुद्री मील(घ) 82 समुद्री मील - 1 अंकश्रीलंका, पाक जलसंधि और किसके द्वारा भारत से अलग होता है?
(क) मन्नार की खाड़ी(ख) कच्छ की खाड़ी
(ग) खंभात की खाड़ी(घ) टेन डिग्री चैनल
कारण (R): देशांतर रेखाओं के बीच की दूरी ध्रुवों की ओर घटती जाती है, जबकि अक्षांश रेखाओं के बीच की दूरी हर जगह एक-सी रहती है।
कारण (R): भारत के देशांतरीय विस्तार से पूर्वी और पश्चिमी भागों में समय का कोई अंतर पैदा नहीं होता।
- 1 अंकभारत का सीमांतर्गत क्षेत्र समुद्र में _______ समुद्री मील तक फैला है।
- 1 अंकलक्षद्वीप द्वीप समूह _______ सागर में स्थित है।
- 1 अंकभारत की दक्षिणी सीमा, द्वीपों को मिलाकर, बंगाल की खाड़ी में _______ उत्तर अक्षांश तक जाती है।
- 1 अंकद्वीपों सहित भारत की कुल तटरेखा _______ किलोमीटर लंबी है।
- 1 अंकभारतीय उपमहाद्वीप उत्तर-पूर्व में _______ पहाड़ियों से घिरा है।
- 1 अंकभारत की मुख्य भूमि पूर्व में गुजरात से पश्चिम में अरुणाचल प्रदेश तक फैली है।
- 1 अंकभारत का मानक याम्योत्तर 82°30′ पूर्व है, और यह ग्रीनविच से 7°30′ के गुणक पर चुना गया है।
- 1 अंकभारतीय उपमहाद्वीप में भारत, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान और बांग्लादेश शामिल हैं।
- 1 अंकश्रीलंका और मालदीव भारत के स्थलीय पड़ोसी देश हैं, द्वीपीय नहीं।