परीक्षा से ठीक पहले के दोहराव के लिए इस अध्याय का निचोड़: सड़क/रेल/जल/वायु/पाइपलाइन परिवहन की मुख्य तालिकाएँ व आँकड़े, और संचार तंत्र की समय-रेखा। विस्तार से पढ़ने के लिए पूरे नोट्स अलग से उपलब्ध हैं।
1 सड़क परिवहन, तालिकाओं में
याद कर लेंपरिभाषा
राष्ट्रीय महामार्ग (NH) केंद्र सरकार द्वारा निर्मित व अनुरक्षित सड़कें हैं जो राज्यों की राजधानियों, प्रमुख नगरों, पत्तनों व रेलवे जंक्शनों को जोड़ती हैं। राज्य महामार्ग (SH) राज्य सरकारों द्वारा बनाई जाती हैं और राज्य की राजधानी को जिला मुख्यालयों से जोड़ती हैं।
| सड़क वर्ग | लंबाई (कि.मी., 2020) |
|---|---|
| राष्ट्रीय महामार्ग (NH) | 1,36,440 |
| राज्य महामार्ग (SH) | 1,76,818 |
| अन्य सड़कें | 59,02,539 |
| कुल | 62,15,797 |
परीक्षा संकेत
NH देश की कुल सड़क लंबाई का केवल 2% हैं, फिर भी 40% यातायात वहन करते हैं – यह अंतर ठीक-ठीक याद कीजिए।
- भारत का सड़क जाल विश्व का दूसरा सबसे बड़ा है (वार्षिक रिपोर्ट 2020-21)
- प्रतिवर्ष लगभग 85% यात्री व 70% भार यातायात सड़क द्वारा होता है
- शेरशाह सूरी का शाही राजमार्ग → ब्रिटिश काल में ग्रांड ट्रंक (GT) रोड (कोलकाता-पेशावर); आज अमृतसर-कोलकाता
- एन.एच.ए.आई. (1995 प्रचालित, भूतल परिवहन मंत्रालय के अधीन स्वायत्तशासी निकाय): NH के विकास/रख-रखाव/गुणवत्ता की शीर्ष संस्था
- स्वर्णिम चतुर्भुज – 5,846 कि.मी. (दिल्ली-मुंबई-चेन्नई-कोलकाता) · उत्तर-दक्षिण गलियारा – 4,016 कि.मी. (श्रीनगर-कन्याकुमारी) · पूर्व-पश्चिम गलियारा – 3,640 कि.मी. (सिलचर-पोरबंदर)
- भारतमाला परियोजना: लगभग 26,000 कि.मी. आर्थिक गलियारे (रिंग रोड, बाईपास, एलिवेटेड गलियारे सहित)
- प्रमुख जिला सड़कें व ग्रामीण सड़कें (कुल सड़क लंबाई का ~80%) घनत्व भूभाग की प्रकृति से प्रभावित
- सीमा सड़क संगठन (BRO): मई 1960 स्थापित; उत्तरी/उत्तर-पूर्वी सीमा की सामरिक सड़कें, हिमपात हटाना भी
- अटल टनल – विश्व की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग (9.02 कि.मी.), पीरपंजाल पर्वतमाला (3,000 मी. ऊँचाई), मनाली को लाहौल-स्पीति घाटी से पूरे वर्ष जोड़ती है
2 रेल परिवहन, तालिकाओं में
| गेज (लाइन) | पटरी-दूरी | कुल लंबाई (2019-20) |
|---|---|---|
| बड़ी लाइन (ब्रॉड गेज) | 1.676 मीटर | 63,950 कि.मी. |
| मीटर लाइन | 1 मीटर | 2,402 कि.मी. |
| छोटी लाइन (नैरो गेज) | 0.762 या 0.610 मीटर | 1,604 कि.मी. |
| रेल मंडल (चयनित) | मुख्यालय |
|---|---|
| मध्य (सेंट्रल) | मुंबई सी.एस.टी. |
| उत्तरी | नई दिल्ली |
| दक्षिणी | चेन्नई |
| पश्चिमी | मुंबई (चर्च गेट) |
| पूर्व तट | भुवनेश्वर |
| मेट्रो रेलवे | कोलकाता |
- स्थापना 1853: मुंबई (बंबई)-थाणे, 34 कि.मी. · वर्तमान कुल लंबाई 67,956 कि.मी. (रेलवे ईयर बुक 2019-20)
- देश का सबसे बड़ा सरकारी उपक्रम; कुल 17 मंडलों में विभाजित
- कोंकण रेलवे (1998): 760 कि.मी., रोहा (महाराष्ट्र)-मंगलौर (कर्नाटक); 146 नदियाँ, ~2,000 पुल, 91 सुरंगें; भागीदार राज्य महाराष्ट्र-गोवा-कर्नाटक
- वाष्प इंजन → डीज़ल/विद्युत इंजन; मेट्रो रेल ने शहरी परिवहन में क्रांति लाई
3 जल परिवहन, तालिकाओं में
| राष्ट्रीय जलमार्ग | विस्तार | लंबाई |
|---|---|---|
| रा.ज.मा. 1 | प्रयागराज-हल्दिया | 1,620 कि.मी. |
| रा.ज.मा. 2 | सदिया-धुबरी | 891 कि.मी. |
| रा.ज.मा. 3 | कोट्टापुरम-कोल्लम | 205 कि.मी. |
| रा.ज.मा. 4 | काकीनाडा-पुदुच्चेरी विस्तार | 1,078 कि.मी. |
| रा.ज.मा. 5 | ब्राह्मणी नदी का विशेष विस्तार | 588 कि.मी. |
- जल परिवहन के दो प्रकार: (क) अंतःस्थलीय जलमार्ग (ख) महासागरीय जलमार्ग – सबसे सस्ता, ईंधन-दक्ष, पारिस्थितिकी अनुकूल
- भारत में 14,500 कि.मी. जलमार्ग नौकायन-योग्य (परिवहन में ~1% योगदान)
- अंतःस्थलीय जलमार्ग प्राधिकरण: 1986 स्थापित · राष्ट्रीय जलमार्ग अधिनियम, 2016: 111 अंतर्देशीय जलमार्ग राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित
- केरल के पश्च जल (कयाल): सस्ता परिवहन + पर्यटन; नेहरू ट्रॉफी नौका दौड़ (वल्लमकली) यहीं होती है
- भारत की तटरेखा (द्वीपों सहित) लगभग 11,098.81 कि.मी. (हिंदी संस्करण का अपना आँकड़ा); 12 प्रमुख + 200 गौण पत्तन
- महासागरीय मार्गों से ~95% विदेशी व्यापार भार से, 70% मूल्य से होता है
4 वायु परिवहन व पाइपलाइन
- वायु परिवहन आरंभ 1911: इलाहाबाद-नैनी हवाई डाक सेवा, ~10 कि.मी.
- उड़ान (‘उड़े देश का आम नागरिक’): क्षेत्रीय संपर्क योजना (RCS), नागर विमानन मंत्रालय द्वारा
- पवन हंस: हेलीकॉप्टर सेवा, पर्वतीय/पूर्वोत्तर पर्यटन व पेट्रोलियम सेक्टर हेतु
- ओ.आई.एल. (निगमित 1959): एशिया की पहली देशपारीय पाइपलाइन – नहरकटिया (असम)-बरौनी (बिहार), 1,157 कि.मी., 1966 में कानपुर तक विस्तारित
- गेल (इंडिया) लिमिटेड (1984): पहली 1,700 कि.मी. हजीरा-विजयपुर-जगदीशपुर (HVJ) गैस पाइपलाइन; गैस अवसंरचना अब 18,500+ कि.मी., जल्द 34,000+ कि.मी. तक संभावित
5 संचार तंत्र, एक समय-रेखा में
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1923 | रेडियो प्रसारण शुरू (रेडियो क्लब ऑफ़ बॉम्बे) |
| 1930 | इंडियन ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम के अंतर्गत सरकारी नियंत्रण |
| 1936 | ऑल इंडिया रेडियो नाम |
| 1957 | आकाशवाणी नाम |
| 1959 | टेलीविज़न सेवाएँ दिल्ली से शुरू |
| 1976 | ए.आई.आर. से अलग होकर दूरदर्शन (डी.डी.) पहचान |
| 1983 | इनसैट (INSAT) की स्थापना – बहुउद्देश्यीय उपग्रह प्रणाली |
| मार्च 1988 | आई.आर.एस.-1ए का प्रक्षेपण, रूस के वैकानूर से |
- संचार के दो वर्ग: वैयक्तिक (जैसे इंटरनेट) व जनसंचार (जैसे रेडियो, टेलीविज़न)
- पी.एस.एल.वी. (पोलर सेटेलाइट लाँच वेहिकल): भारत का अपना प्रक्षेपण वाहन
- एन.आर.एस.सी., हैदराबाद: आँकड़ों के अधिग्रहण व प्रक्रमण की सुविधा; प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन में उपयोगी
अंतिम दोहराव: सिर्फ़ संख्याएँ
- सड़क जाल: 62.16 लाख कि.मी. (विश्व में दूसरा) · NH: 2% लंबाई, 40% यातायात, 1,36,440 कि.मी. (2020)
- स्वर्णिम चतुर्भुज 5,846 · उत्तर-दक्षिण 4,016 · पूर्व-पश्चिम 3,640 कि.मी. · भारतमाला ~26,000 कि.मी.
- BRO मई 1960 · अटल टनल 9.02 कि.मी. (पीरपंजाल, 3,000 मी.)
- भारतीय रेल: स्थापना 1853 (मुंबई-थाणे, 34 कि.मी.), वर्तमान 67,956 कि.मी., 17 मंडल
- गेज: बड़ी 1.676मी./63,950कि.मी. · मीटर 1मी./2,402कि.मी. · छोटी 0.762-0.610मी./1,604कि.मी.
- कोंकण रेलवे 1998, 760 कि.मी., रोहा-मंगलौर
- जल परिवहन: 14,500 कि.मी. नौकायन-योग्य · IWAI 1986 · राष्ट्रीय जलमार्ग अधिनियम 2016, 111 जलमार्ग
- तटरेखा 11,098.81 कि.मी. (द्वीपों सहित) · 12 प्रमुख + 200 गौण पत्तन
- वायु परिवहन आरंभ 1911 (इलाहाबाद-नैनी) · OIL 1959 (नहरकटिया-बरौनी, 1,157 कि.मी.) · GAIL 1984 (HVJ, 1,700 कि.मी.)
- रेडियो 1923→1930→1936(AIR)→1957(आकाशवाणी) · TV 1959→1976(दूरदर्शन) · इनसैट 1983 · IRS मार्च 1988
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