परीक्षा से ठीक पहले के दोहराव के लिए इस अध्याय का निचोड़: परिभाषाएँ, अवस्थिति के सातों कारक, वर्गीकरण की तालिकाएँ और चित्रों के नामित उदाहरण। विस्तार से पढ़ने के लिए पूरे नोट्स अलग से उपलब्ध हैं।
1 चार परिभाषाएँ जो याद रखनी हैं
द्वितीयक क्रियाएँ प्राकृतिक संसाधनों के मूल्य में वृद्धि करती हैं, प्रकृति में पाए जाने वाले कच्चे माल का रूप बदलकर उसे मूल्यवान बनाती हैं। उदाहरण: कपास से तंतु, लौह-अयस्क से इस्पात।
विनिर्माण का अर्थ है किसी भी वस्तु का उत्पादन, हस्तशिल्प से लेकर अंतरिक्ष यान निर्माण तक। सामान्य विशेषताएँ: शक्ति का उपयोग, एक ही प्रकार की वस्तुओं का विशाल उत्पादन, कारखानों में मानक वस्तुएँ बनाने वाले विशिष्ट श्रमिक। पर्यटन जैसी कुछ गौण क्रियाएँ कारखानों में संपन्न नहीं होतीं, इसलिए स्पष्टता के लिए “विनिर्माण उद्योग” शब्द प्रयोग किया जाता है।
उद्योग एक निर्माण इकाई है जिसकी भौगोलिक स्थिति अलग होती है तथा जिसकी लेखा-बही व रिकार्ड का रखरखाव प्रबंध तंत्र के अंतर्गत होता है।
स्वच्छंद उद्योग किसी विशिष्ट कच्चे माल पर निर्भर नहीं रहते, कहीं से भी प्राप्त संघटक पुर्ज़ों पर आधारित होते हैं। उत्पादन व श्रमिक कम, प्रदूषण सामान्यतः नहीं; अवस्थिति में मुख्य कारक सड़कों के जाल द्वारा अभिगम्यता।
2 उद्योगों की अवस्थिति के सात कारक
| कारक | एक पंक्ति में अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| बाज़ार | माँग + क्रय शक्ति | यूरोप, उत्तरी अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया; वायुयान/शस्त्र उद्योग का बाज़ार वैश्विक |
| कच्चा माल | भारी/वज़न घटने वाला माल स्रोत के समीप; शीघ्र नष्टशील माल भी स्रोत के समीप | इस्पात, चीनी, सीमेंट; डेरी उत्पाद |
| श्रम आपूर्ति | कुछ उद्योगों को अब भी कुशल श्रमिक चाहिए | यंत्रीकरण/स्वचालन ने निर्भरता घटाई है |
| शक्ति के साधन | अधिक शक्ति चाहने वाले उद्योग ऊर्जा-स्रोत के समीप | एल्युमिनियम उद्योग; कोयला ऐतिहासिक, अब जल विद्युत/खनिज तेल भी |
| परिवहन व संचार | तीव्र, सक्षम परिवहन औद्योगिक विकास के लिए ज़रूरी | पश्चिमी यूरोप, पूर्वी उत्तरी अमेरिका में ऐतिहासिक संकेंद्रण |
| सरकारी नीति | संतुलित विकास हेतु प्रादेशिक नीति | विशिष्ट क्षेत्रों में उद्योग स्थापना को बढ़ावा |
| समूहन अर्थव्यवस्था | प्रधान उद्योग की समीपता से अन्य उद्योग लाभान्वित | उद्योगों की शृंखला से बचत |
सातों कारक “सम्मिलित रूप से” किसी उद्योग की अवस्थिति तय करते हैं, कोई एक कारक अकेला निर्णायक नहीं होता। मक्का की पेटी का उदाहरण याद रखें: 2.5 वर्ग किमी में सामान्यतः 4 फार्म, 10-20 श्रमिक, 50-100 व्यक्तियों का भरण-पोषण, जबकि उतने ही क्षेत्र में कई वृहद् कारखाने हज़ारों श्रमिकों को रोज़गार दे सकते हैं।
3 उद्योगों का वर्गीकरण, चार आधार
| आधार | श्रेणियाँ |
|---|---|
| आकार | कुटीर/घरेलू, छोटे पैमाने के, बड़े पैमाने के उद्योग |
| कच्चा माल | कृषि, खनिज, रसायन, वन, पशु आधारित (पाँच श्रेणियाँ) |
| उत्पाद | आधारभूत उद्योग, उपभोक्ता वस्तु (गैर-आधारभूत) उद्योग |
| स्वामित्व | सार्वजनिक, निजी, संयुक्त क्षेत्र |
4 आकार पर आधारित उद्योग, आमने-सामने
| कुटीर/घरेलू उद्योग | छोटे पैमाने के उद्योग | बड़े पैमाने के उद्योग |
|---|---|---|
| निर्माण की सबसे छोटी इकाई | घर से बाहर, कारखाने में | विशाल बाज़ार, विविध कच्चा माल |
| घर पर, परिवार का श्रम | अर्द्धकुशल श्रमिक, शक्ति-साधन यंत्र | कुशल श्रमिक, विकसित प्रौद्योगिकी |
| स्थानीय कच्चा माल, साधारण औज़ार | स्थानीय कच्चा माल | अधिक उत्पादन, अधिक पूँजी |
| पूँजी-परिवहन का कम प्रभाव | भारत, चीन, इंडोनेशिया, ब्राज़ील में श्रम-सघन | पिछले 200 वर्षों में ग्रेट ब्रिटेन, अमेरिका (पूर्वी भाग), यूरोप में विकसित |
बड़े पैमाने के उद्योग दो प्रकार के औद्योगिक प्रदेशों में बँटे हैं: (i) परंपरागत वृहत औद्योगिक प्रदेश, अधिक विकसित देशों में; (ii) उच्च प्रौद्योगिकी वाले वृहत औद्योगिक प्रदेश, कम विकसित देशों में फैले हुए।
औद्योगिक पैमाने पर की जाने वाली व्यापारिक कृषि; फार्म से आकार में बड़े, यंत्रीकृत, रसायनों पर निर्भर, अच्छी संरचना वाले। इन्हें “कृषि कारखाने” भी कहा जाता है। उदाहरण: तमिलनाडु की नीलगिरि पहाड़ियों में चाय बागान व कारखाना।
5 कच्चे माल पर आधारित पाँच श्रेणियाँ
| श्रेणी | उदाहरण |
|---|---|
| (क) कृषि आधारित | चीनी, अचार, फलों का रस, चाय-कॉफी, मसाले, तेल, सूती/रेशमी/जूट वस्त्र, रबड़ (भोजन प्रसंस्करण भी इसी में) |
| (ख) खनिज आधारित | लौह धात्विक (लौह-इस्पात), अलौह धात्विक (एल्युमिनियम, ताँबा), अधात्विक (सीमेंट, मिट्टी के बर्तन) |
| (ग) रसायन आधारित | पेट्रो रसायन (खनिज तेल), नमक-गंधक-पोटाश, कृत्रिम रेशा, प्लास्टिक |
| (घ) वन आधारित | फर्नीचर (इमारती लकड़ी), कागज़ (बाँस-घास), लाख उद्योग |
| (ङ) पशु आधारित | चमड़ा उद्योग, ऊनी वस्त्र उद्योग (ऊन), हाथीदाँत उद्योग |
6 उत्पाद व स्वामित्व आधारित उद्योग
आधारभूत उद्योग (उत्पाद अन्य उद्योगों का कच्चा माल बनते हैं, जैसे लौह-इस्पात) और उपभोक्ता वस्तु उद्योग (उत्पाद सीधे उपभोक्ता उपभोग करता है, जैसे रोटी-बिस्कुट, टेलीविज़न) को उलट कर मत लिखें। शृंखला याद रखें: लौह-इस्पात (आधारभूत) → वस्त्र उद्योग की मशीनें → उपभोक्ता के लिए कपड़ा।
| स्वामित्व | अर्थ |
|---|---|
| सार्वजनिक क्षेत्र | सरकार के स्वामित्व/प्रबंधन में; भारत में कई ऐसे उद्योग |
| निजी क्षेत्र | व्यक्तिगत निवेशकों के स्वामित्व में; पूँजीवादी देशों में अधिकतर उद्योग |
| संयुक्त क्षेत्र | संयुक्त कंपनी या निजी+सार्वजनिक कंपनी के संयुक्त प्रयासों से संचालित |
7 उच्च प्रौद्योगिकी उद्योग व प्रौद्योगिक ध्रुव
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| श्रमिक शक्ति | व्यावसायिक (श्वेत कॉलर) श्रमिक, वास्तविक उत्पादन (नीला कॉलर) श्रमिकों से अधिक |
| उदाहरण उत्पाद | यंत्रमानव, कैड (कंप्यूटर आधारित डिज़ाइन), धातु-शोधन का इलेक्ट्रॉनिक नियंत्रण, नए रासायनिक/औषधीय उत्पाद |
| भूदृश्य | आधुनिक, नीचे, साफ़-सुथरे, बिखरे कार्यालय-प्रयोगशाला भवन (नियोजित व्यवसाय पार्क) |
| प्रौद्योगिक ध्रुव | प्रादेशिक रूप से संकेंद्रित, आत्मनिर्भर, उच्च विशिष्ट; उदाहरण: सिलीकन घाटी (सैन फ्रांसिस्को), सिलीकन वन (सियेटल) |
महानगरों के परिधि क्षेत्रों में उच्च प्रौद्योगिकी उद्योग क्यों? जवाब है खुली-सस्ती-सुनियोजित भूमि की उपलब्धता, फिर भी कुशल श्रमिकों/बाज़ार/परिवहन तक निकटता बनी रहती है।
8 चित्रों के नामित उदाहरण, ज्यों के त्यों याद करें
| चित्र | क्या दिखाया गया | स्थान |
|---|---|---|
| 5-2(क) | व्यक्ति द्वारा आँगन में बर्तन बनाना (कुटीर उद्योग) | नागालैंड |
| 5-2(ख) | सड़क किनारे बाँस की टोकरी बनाना | अरुणाचल प्रदेश |
| 5-3 | कुटीर उद्योग के उत्पादों की बिक्री | असम |
| 5-4 | मोटर निर्माण कंपनी के कारखाने में कार असेंबली (बड़े पैमाने का उद्योग) | जापान |
| 5-5 | चाय बागान तथा चाय कारखाना (कृषि व्यापार के बॉक्स का उदाहरण: चाय बागान व्यवसाय में लगी बड़ी कंपनियाँ) | तमिलनाडु की नीलगिरि पहाड़ियाँ |
| 5-6 | लकड़ी की लुगदी का कारखाना (वन आधारित उद्योग) | अलास्का का केचीकान क्षेत्र |
- आधुनिक विनिर्माण का संकेंद्रण: विश्व के स्थलीय भाग के 10% से कम भाग पर
- मक्का की पेटी: 2.5 वर्ग किमी में 4 फार्म, 10-20 श्रमिक, 50-100 व्यक्तियों का भरण-पोषण
- अवस्थिति के 7 कारक: बाज़ार, कच्चा माल, श्रम आपूर्ति, शक्ति साधन, परिवहन-संचार, सरकारी नीति, समूहन अर्थव्यवस्था
- वर्गीकरण के 4 आधार: आकार, कच्चा माल (5 उप-श्रेणी), उत्पाद, स्वामित्व
- बड़े पैमाने के उद्योग सबसे पहले कहाँ: ग्रेट ब्रिटेन, अमेरिका का पूर्वी भाग, यूरोप (पिछले 200 वर्षों में)
- श्रम-सघन छोटे पैमाने के उद्योग: भारत, चीन, इंडोनेशिया, ब्राज़ील
- प्रौद्योगिक ध्रुव: सिलीकन घाटी (सैन फ्रांसिस्को), सिलीकन वन (सियेटल)
- चित्रों के स्थान: नागालैंड (कुम्हार), अरुणाचल प्रदेश (बाँस टोकरी), असम (कुटीर उद्योग बिक्री), जापान (कार असेंबली), नीलगिरि/तमिलनाडु (चाय बागान), अलास्का-केचीकान (लुगदी कारखाना)
- NCERT Q1(iv) का सही जोड़ा: स्वचालित वाहन उद्योग: लॉस एंजिल्स