इस अध्याय के 20 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, परीक्षा की प्रचलित शैलियों में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंकफ़िराक गोरखपुरी का मूल नाम क्या था?
(क) रघुपति सहाय(ख) रघुवीर सहाय(ग) रघुनाथ सहाय(घ) रामनाथ सहाय - 1 अंकरुबाई 2 में माँ बच्चे को नहलाने के बाद क्या करती है?
(क) खाना खिलाती है(ख) उलझे गेसुओं में कंघी करती है(ग) सुला देती है(घ) खिलौना देती है - 1 अंकफ़िराक इलाहाबाद विश्वविद्यालय के किस विभाग में अध्यापक रहे?
(क) हिंदी विभाग(ख) उर्दू विभाग(ग) अंग्रेज़ी विभाग(घ) इतिहास विभाग - 1 अंकफ़िराक की किस कृति के लिए उन्हें साहित्य अकादेमी पुरस्कार मिला?
(क) बज़्मे ज़िंदगी: रंगे-शायरी(ख) गुले-नग्मा(ग) उर्दू ग़ज़लगोई(घ) रुबाइयात-ए-फ़िराक - 1 अंकपाठ के अनुसार उर्दू शायरी का बड़ा हिस्सा परंपरागत रूप से किन तत्वों से बँधा रहा है?
(क) रूमानियत, रहस्य और शास्त्रीयता(ख) लोकजीवन और प्रकृति(ग) इतिहास और राजनीति(घ) विज्ञान और तर्क - 1 अंकपाठ के अनुसार मीर और ग़ालिब की तरह फ़िराक ने किस शैली को साधा?
(क) गीत गाने की शैली(ख) कहने की शैली, जिसमें संवाद प्रमुख होता है(ग) केवल लिखने की शैली(घ) व्याख्यान देने की शैली - 1 अंकरुबाई में कुल कितनी पंक्तियाँ होती हैं?
(क) दो(ख) तीन(ग) छह(घ) चार
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकअभिकथन (A): रुबाई 4 में बच्चा आईने में सचमुच आकाश का चाँद देखता है।
कारण (R): पाठ के अनुसार चाँद की परछाईं भी चाँद ही है।
(क) A और R दोनों सत्य हैं, तथा R, A की सही व्याख्या है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है(ग) A सत्य है, परंतु R असत्य है(घ) A असत्य है, परंतु R सत्य है - 1 अंकअभिकथन (A): रुबाई 5 में रक्षाबंधन की सुबह आकाश में हलकी-हलकी घटा छायी हुई बताई गई है।
कारण (R): पाठ के अनुसार रक्षाबंधन सावन में आता है, और सावन का संबंध झीनी घटा से है।
(क) A और R दोनों सत्य हैं, तथा R, A की सही व्याख्या है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है(ग) A सत्य है, परंतु R असत्य है(घ) A असत्य है, परंतु R सत्य है
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसुमेलन कीजिए: कॉलम A (रुबाई का प्रसंग) को कॉलम B (मुख्य दृश्य) से मिलाइए।
कॉलम A: 1. रुबाई 1 2. रुबाई 3 3. रुबाई 4 4. रुबाई 5
कॉलम B: (i) रक्षाबंधन (ii) झुलाना-लोका देना (iii) दीवाली के खिलौने (iv) दर्पण में चाँद
(क) 1-iii, 2-ii, 3-i, 4-iv(ख) 1-ii, 2-iii, 3-iv, 4-i(ग) 1-i, 2-iv, 3-ii, 4-iii(घ) 1-iv, 2-i, 3-iii, 4-ii - 1 अंकसुमेलन कीजिए: कॉलम A (कृति) को कॉलम B (संबंधित सम्मान/तथ्य) से मिलाइए।
कॉलम A: 1. गुले-नग्मा 2. उर्दू ग़ज़लगोई 3. बज़्मे ज़िंदगी: रंगे-शायरी
कॉलम B: (i) ‘रंगे-शायरी’ उपशीर्षक वाली कृति (ii) साहित्य अकादेमी पुरस्कार वाली कृति (iii) ‘ग़ज़लगोई’ शब्द वाले शीर्षक की कृति
(क) 1-ii, 2-iii, 3-i(ख) 1-i, 2-ii, 3-iii(ग) 1-iii, 2-i, 3-ii(घ) 1-ii, 2-i, 3-iii
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन I: फ़िराक ने 1917 में डिप्टी कलेक्टर का पद त्यागा।
कथन II: फ़िराक ने 1918 में डिप्टी कलेक्टर का पद त्यागा।
इनमें से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
(क) केवल कथन I सत्य है(ख) केवल कथन II सत्य है(ग) दोनों कथन सत्य हैं(घ) दोनों कथन असत्य हैं
5 सही क्रम में लगाइए
सही क्रम में लगाइए
- 1 अंकफ़िराक गोरखपुरी के जीवन की निम्न घटनाओं को सही काल-क्रम में लगाइए:
(i) डिप्टी कलेक्टर पद पर चयन (ii) जन्म (iii) पद-त्याग (iv) स्वाधीनता आंदोलन में जेल
(क) (i)-(ii)-(iii)-(iv)(ख) (ii)-(iii)-(i)-(iv)(ग) (ii)-(i)-(iii)-(iv)(घ) (iv)-(ii)-(i)-(iii) - 1 अंकरुबाई 3 की पंक्तियों में ये बातें जिस क्रम में आती हैं, उसे चुनिए:
(i) घर पुते और सजे जाते हैं (ii) बच्चे के घरौंदे में दिए जलाए जाते हैं (iii) चीनी के खिलौने लाए जाते हैं (iv) माँ के मुखड़े पर नर्म दमक दिखती है
(क) (i)-(iii)-(iv)-(ii)(ख) (i)-(iv)-(iii)-(ii)(ग) (iii)-(i)-(ii)-(iv)(घ) (iv)-(i)-(iii)-(ii) - 1 अंकरुबाई 4 की पंक्तियों में ये बातें जिस क्रम में आती हैं, उसे चुनिए:
(i) माँ बच्चे को दर्पण देती है (ii) बच्चा आँगन में ठुनक रहा है (iii) माँ कहती है, ‘देख आईने में चाँद उतर आया है’ (iv) बालक चाँद पर ललचाया है
(क) (i)-(ii)-(iii)-(iv)(ख) (iv)-(i)-(ii)-(iii)(ग) (ii)-(i)-(iv)-(iii)(घ) (ii)-(iv)-(i)-(iii)
6 रिक्त स्थान
रिक्त स्थान
- 1 अंकरिक्त स्थान भरिए: रुबाई की पहली, दूसरी और चौथी पंक्ति में _____ मिलाया जाता है।
(क) छंद(ख) रस(ग) अलंकार(घ) तुक (काफ़िया) - 1 अंकरिक्त स्थान भरिए: ‘दर्पण उसे दे के कह रही है माँ, देख _____ में चाँद उतर आया है।’
(क) आईने(ख) पानी(ग) तालाब(घ) खिड़की
7 असंगत चुनिए
असंगत चुनिए
- 1 अंकनिम्न में से विषम छाँटिए, तीन शब्द रुबाई 2 (नहलाना-संवारना) से संबंधित हैं, एक नहीं:
(क) निर्मल जल(ख) गेसू(ग) लच्छे(घ) घुटनियों में लेना
8 पद्यांश आधारित प्रश्न
पद्यांश आधारित प्रश्न
पद्यांश
आँगन में लिए चाँद के टुकड़े को खड़ी
हाथों पे झुलाती है उसे गोद-भरी
रह-रह के हवा में जो लोका देती है
गूँज उठती है खिलखिलाते बच्चे की हँसी
हाथों पे झुलाती है उसे गोद-भरी
रह-रह के हवा में जो लोका देती है
गूँज उठती है खिलखिलाते बच्चे की हँसी
- 1 अंकइस पद्यांश में ‘चाँद के टुकड़े’ से किसकी ओर संकेत है?
(क) आकाश के वास्तविक चाँद की ओर(ख) बच्चे की सुंदरता की ओर(ग) आईने की ओर(घ) दीवाली के खिलौने की ओर
9 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकनिम्न कथनों को पढ़कर सही विकल्प चुनिए:
(I) रुबाई फ़ारसी-उर्दू परंपरा का छंद है।
(II) रुबाई की सभी चार पंक्तियों में तुक मिलनी अनिवार्य है।
(क) I सत्य, II असत्य(ख) I सत्य, II सत्य(ग) I असत्य, II सत्य(घ) I असत्य, II असत्य
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (क) पाठ के अनुसार फ़िराक गोरखपुरी का मूल नाम रघुपति सहाय ‘फ़िराक’ था।
- (ख) रुबाई 2 के अनुसार माँ बच्चे को नहलाकर “उलझे हुए गेसुओं में कंघी करके” फिर उसे घुटनियों में लेकर कपड़े पहनाती है।
- (ग) पाठ के अनुसार फ़िराक इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अंग्रेज़ी विभाग में अध्यापक रहे थे।
- (ख) पाठ के अनुसार फ़िराक को गुले-नग्मा के लिए साहित्य अकादेमी पुरस्कार मिला था।
- (क) पाठ के अनुसार उर्दू शायरी का बड़ा हिस्सा रूमानियत, रहस्य और शास्त्रीयता से बँधा रहा है, जिसमें लोकजीवन और प्रकृति के पक्ष बहुत कम उभर पाए हैं।
- (ख) पाठ के अनुसार शेर लिखे नहीं जाते, कहे जाते हैं, यानी एक तरह का संवाद प्रमुख होता है, मीर-ग़ालिब की तरह फ़िराक ने भी इसी शैली को साधा।
- (घ) पाठ के फ़ुटनोट के अनुसार रुबाई में चार पंक्तियाँ होती हैं।
अभिकथन-कारण
- (घ) (घ) A असत्य है: बच्चा आकाश का असली चाँद नहीं, दर्पण में उसकी परछाईं देखता है। R पाठ की पंक्ति है और सत्य है (“चाँद की परछाईं भी चाँद ही है। कल्पना की आँख का भला क्या मुकाबला।”), पर वह A के असत्य होने का कारण नहीं बताती।
- (ख) (ख) A सत्य है (‘छायी है घटा गगन की हलकी-हलकी’)। R भी सत्य है: पाठ की भूमिका कहती है ‘सावन में रक्षाबंधन आता है’ और ‘सावन का जो संबंध झीनी घटा से है’। पर यह सावन और झीनी घटा का सामान्य संबंध है; पाठ इसे रक्षाबंधन की सुबह की घटा का कारण नहीं बताता। इसलिए R, A की सही व्याख्या नहीं है।
सुमेलन कीजिए
- (ख) रुबाई 1 झुलाने-लोका देने की, रुबाई 3 दीवाली के खिलौनों की, रुबाई 4 दर्पण में चाँद की परछाईं दिखाने की, और रुबाई 5 रक्षाबंधन की है। सही सुमेलन: 1-ii, 2-iii, 3-iv, 4-i।
- (क) पाठ के अनुसार गुले-नग्मा के लिए साहित्य अकादेमी पुरस्कार मिला (ii); ‘उर्दू ग़ज़लगोई’ के शीर्षक में ‘ग़ज़लगोई’ शब्द है (iii); ‘बज़्मे ज़िंदगी: रंगे-शायरी’ का उपशीर्षक ‘रंगे-शायरी’ है (i)। सही सुमेलन: 1-ii, 2-iii, 3-i।
कथन आधारित प्रश्न
- (ख) केवल कथन II सत्य है: पाठ के अनुसार फ़िराक 1917 में डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित हुए और 1918 में स्वराज आंदोलन के लिए इसे त्याग दिया, त्याग 1918 में हुआ, 1917 में नहीं।
सही क्रम में लगाइए
- (ग) सही क्रम: जन्म (1896) → डिप्टी कलेक्टर पद पर चयन (1917) → पद-त्याग (1918) → स्वाधीनता आंदोलन में जेल (1920)।
- (क) रुबाई 3 की पंक्तियों का क्रम: ‘दीवाली की शाम घर पुते और सजे’ → ‘चीनी के खिलौने जगमगाते लावे’ → ‘वो रूपवती मुखड़े पै इक नर्म दमक’ → ‘बच्चे के घरौंदे में जलाती है दिए’।
- (घ) रुबाई 4 की पंक्तियों का क्रम: ‘आँगन में ठुनक रहा है ज़िदयाया है’ → ‘बालक तो हई चाँद पै ललचाया है’ → ‘दर्पण उसे दे के कह रही है माँ’ → ‘देख आईने में चाँद उतर आया है’।
रिक्त स्थान
- (घ) पाठ के फ़ुटनोट के अनुसार रुबाई की पहली, दूसरी और चौथी पंक्ति में तुक (काफ़िया) मिलाया जाता है।
- (क) पाठ की मूल पंक्ति है: ‘दर्पण उसे दे के कह रही है माँ, देख आईने में चाँद उतर आया है।’
असंगत चुनिए
- (ग) रुबाई 2 में निर्मल जल से नहलाना, गेसुओं में कंघी करना और घुटनियों में लेकर कपड़े पिन्हाना जैसे शब्द आते हैं, “लच्छे” शब्द रुबाई 5 (रक्षाबंधन) से जुड़ा है, यह विषम है।
पद्यांश आधारित प्रश्न
- (ख) ‘चाँद के टुकड़े’ मुहावरा है, यह बच्चे की सुंदरता की ओर संकेत करता है, आकाश के असली चाँद की ओर नहीं।
सत्य-असत्य
- (क) I सत्य है: रुबाई उर्दू-फ़ारसी परंपरा का छंद है। II असत्य है: केवल पहली, दूसरी और चौथी पंक्ति में तुक मिलती है, तीसरी स्वच्छंद होती है।
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री