सत्ता के समकालीन केंद्र

अध्याय का माइंड मैप: सब कुछ कैसे जुड़ा है
1 · वैकल्पिक केंद्र क्योंदो ध्रुवीयता के बाद नई शक्तियों का उदय
2 · यूरोपीय संघयुद्ध की राख से बना आर्थिक और राजनीतिक संगठन
3 · आसियान‘आसियान शैली’ और तीन स्तंभों वाला समुदाय
सत्ता के समकालीन केंद्र
4 · चीन का उदयखुले द्वार की नीति और आर्थिक महाशक्ति बनना
5 · चीन की चुनौतियाँबेरोज़गारी, पर्यावरण और असमानता
6 · भारत–चीन संबंधटकराव से व्यापार तक का सफ़र
मास्ट्रिस्ट संधियूरोआसियान शैलीARFखुले द्वार की नीतिविशेष आर्थिक क्षेत्र

1 वैकल्पिक केंद्र क्यों उभरे?

दो ध्रुवीय व्यवस्था के अंत के बाद यह प्रश्न उठा कि अमेरिकी वर्चस्व का विकल्प क्या हो सकता है। इसका एक उत्तर था: क्षेत्रीय संगठन। यूरोप में यूरोपीय संघ और एशिया में आसियान ऐसे ही विकल्प बनकर उभरे, जबकि चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था के बल पर यह स्थान बनाया।

2 यूरोपीय संघ

दूसरे विश्वयुद्ध के बाद यूरोप तबाह हो चुका था। अमेरिका ने मार्शल योजना के तहत सहायता दी और 1949 में यूरोप परिषद बनी। धीरे-धीरे आर्थिक सहयोग बढ़ा और सोवियत खेमे के पतन के बाद यह प्रक्रिया तेज़ हो गई।

याद रखेंपरिभाषा 1

यूरोपीय संघ (European Union) की स्थापना 7 फ़रवरी 1992 की मास्ट्रिस्ट संधि से हुई। इसने आर्थिक सहयोग को एक साझा विदेश व सुरक्षा नीति तथा साझा नागरिकता तक विस्तृत कर दिया।

संघ का अपना झंडा, गान, स्थापना दिवस और साझा मुद्रा: यूरो है। इस अर्थ में यह केवल आर्थिक संगठन नहीं, बल्कि एक राष्ट्र-राज्य जैसा स्वरूप रखता है।

प्रभाव का क्षेत्र यूरोपीय संघ की ताक़त
आर्थिक विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में; इसकी मुद्रा यूरो डॉलर को चुनौती देती है; विश्व व्यापार में बड़ा हिस्सा
राजनीतिक–कूटनीतिक फ़्रांस सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य; कई सदस्य अस्थायी सदस्य: इससे अमेरिकी नीतियों को प्रभावित करने की क्षमता
सैन्य अमेरिका के बाद सबसे बड़ा रक्षा बजट; फ़्रांस और ब्रिटेन के पास परमाणु हथियार
सीमाएँ भी याद रखें

यूरोपीय संघ की अपनी कमज़ोरियाँ हैं। सदस्य देश अपनी संप्रभुता छोड़ने को तैयार नहीं हैं; कुछ देशों ने यूरो नहीं अपनाया; और 2003 में साझा संविधान बनाने की कोशिश विफल रही। इसलिए विदेश और रक्षा नीति पर सदस्य अक्सर अलग-अलग रुख़ अपनाते हैं।

3 आसियान

याद रखेंपरिभाषा 2

आसियान (ASEAN) की स्थापना 1967 में बैंकॉक घोषणा द्वारा पाँच देशों, इंडोनेशिया, मलेशिया, फ़िलीपींस, सिंगापुर और थाईलैंड, ने की। उद्देश्य थे आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, सांस्कृतिक विकास और क्षेत्र में शांति।

आसियान की कार्यशैली को ‘आसियान शैली’ कहते हैं: अनौपचारिक, टकराव-रहित और सहयोग पर आधारित बातचीत।

1

आसियान सुरक्षा समुदाय

क्षेत्रीय विवाद सैन्य टकराव तक न पहुँचें: शांतिपूर्ण समाधान पर बल।

2

आसियान आर्थिक समुदाय

साझा बाज़ार और उत्पादन आधार; निवेश, श्रम और पूँजी की आवाजाही आसान बनाना।

3

आसियान सामाजिक–सांस्कृतिक समुदाय

क्षेत्र के लोगों के बीच सहयोग और साझा पहचान का विकास।

आसियान क्षेत्रीय मंच (ARF) की स्थापना 1994 में हुई, जो सुरक्षा और विदेश नीति पर बातचीत का मंच है। आसियान की असली ताक़त बातचीत और सहयोग है, सैन्य शक्ति नहीं। भारत ने भी सिंगापुर और थाईलैंड जैसे देशों से मुक्त व्यापार समझौते किए हैं।

4 चीन का आर्थिक उदय

चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था को धीरे-धीरे और सोच-समझकर खोला: एक ही झटके में नहीं, जैसा सोवियत संघ के बाद रूस ने किया था।

1972अमेरिका से संबंध सामान्य कर राजनीतिक अलगाव समाप्त किया
1973चाऊ एन-लाई ने चार आधुनिकीकरण का प्रस्ताव रखा: कृषि, उद्योग, विज्ञान–प्रौद्योगिकी और सेना
1978देंग शियाओ पेंग ने ‘खुले द्वार की नीति’ की घोषणा की
क्रमिक निजीकरणपहले कृषि, फिर उद्योग: इससे ग्रामीण आय और बचत बढ़ी
2001विश्व व्यापार संगठन (WTO) की सदस्यता

विदेशी पूँजी और तकनीक लाने के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) बनाए गए, जहाँ विदेशी निवेशकों को विशेष छूट मिली। इसी कारण चीन विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना।

आम ग़लती

यह मत लिखिए कि चीन ने “शॉक थेरेपी” अपनाई। चीन ने क्रमिक और नियंत्रित ढंग से बाज़ार खोला और राजनीतिक व्यवस्था पर कम्युनिस्ट पार्टी का नियंत्रण बनाए रखा: रूस की अचानक छलाँग इसके ठीक उलट थी।

पर इस उदय की क़ीमत भी है: बेरोज़गारी, ग्रामीण–शहरी और तटीय–भीतरी क्षेत्रों के बीच बढ़ती असमानता, पर्यावरण का नुक़सान और भ्रष्टाचार

5 भारत–चीन संबंध

दौर क्या हुआ
1962 सीमा विवाद पर युद्ध: संबंधों में लंबा अविश्वास
1976 के बाद राजनयिक संबंध फिर बहाल; बातचीत की शुरुआत
1988 से उच्चस्तरीय यात्राओं से रिश्ते सुधरे; सीमा विवाद अलग रखकर अन्य क्षेत्रों में सहयोग
आज व्यापार तेज़ी से बढ़ा; पर सीमा विवाद और व्यापार असंतुलन बड़ी चुनौतियाँ बने हुए हैं
झटपट दोहराव: परीक्षा से एक रात पहले पढ़ें
  • यूरोपीय संघ की स्थापना 7 फ़रवरी 1992 की मास्ट्रिस्ट संधि से हुई; साझा मुद्रा यूरो
  • यूरोपीय संघ का प्रभाव तीन तरह का: आर्थिक, राजनीतिक–कूटनीतिक और सैन्य
  • इसकी सीमा: सदस्य देश संप्रभुता नहीं छोड़ना चाहते; 2003 का साझा संविधान विफल
  • आसियान 1967 में बैंकॉक घोषणा से बना; संस्थापक पाँच देश
  • आसियान समुदाय के तीन स्तंभ: सुरक्षा, आर्थिक और सामाजिक–सांस्कृतिक
  • ARF 1994 में बना; आसियान की ताक़त बातचीत है, सैन्य शक्ति नहीं
  • चीन: 1978 खुले द्वार की नीति, क्रमिक निजीकरण, SEZ, 2001 में WTO
  • चीन का रास्ता क्रमिक था, रूस की शॉक थेरेपी जैसा अचानक नहीं
अभ्यास प्रश्न: 1 अंक
  1. 1 अंकमास्ट्रिस्ट संधि कब हुई?
  2. 1 अंकयूरोपीय संघ की साझा मुद्रा क्या है?
  3. 1 अंकआसियान की स्थापना कब और किस घोषणा से हुई?
  4. 1 अंकआसियान के पाँच संस्थापक देश कौन-से थे?
  5. 1 अंकARF की स्थापना किस वर्ष हुई?
  6. 1 अंक‘खुले द्वार की नीति’ किसने और कब घोषित की?
  7. 1 अंकचीन WTO का सदस्य कब बना?
  8. 1 अंकविशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) क्या हैं?
अभ्यास प्रश्न: 2 और 4 अंक
  1. 2 अंक‘आसियान शैली’ से क्या तात्पर्य है?
  2. 2 अंकचार आधुनिकीकरण कौन-से थे?
  3. 2 अंकयूरोपीय संघ को ‘राष्ट्र-राज्य जैसा’ क्यों कहा जाता है?
  4. 4 अंकयूरोपीय संघ के आर्थिक, राजनीतिक और सैन्य प्रभाव का वर्णन कीजिए।
  5. 4 अंकआसियान समुदाय के तीन स्तंभों को समझाइए।
  6. 4 अंकचीन की आर्थिक सफलता के कारण बताइए।
  7. 4 अंकचीन के आर्थिक उदय की चार समस्याएँ लिखिए।
अभ्यास प्रश्न: 6 अंक
  1. 6 अंकयूरोपीय संघ एक प्रभावशाली क्षेत्रीय संगठन कैसे बना? उसकी सीमाओं का भी उल्लेख कीजिए।
  2. 6 अंकचीन ने अपनी अर्थव्यवस्था किस क्रम में खोली? रूस की शॉक थेरेपी से इसकी तुलना कीजिए।
  3. 6 अंकभारत और चीन के संबंधों के विकास का वर्णन कीजिए।
बहुविकल्पीय प्रश्न
  1. 1 अंकयूरोपीय संघ की स्थापना किस संधि से हुई?
    (क) रोम संधि(ख) मास्ट्रिस्ट संधि(ग) वारसा संधि(घ) पेरिस संधि
  2. 1 अंकआसियान की स्थापना किस वर्ष हुई?
    (क) 1957(ख) 1967(ग) 1978(घ) 1992
  3. 1 अंक‘खुले द्वार की नीति’ किससे जुड़ी है?
    (क) चाऊ एन-लाई(ख) माओ(ग) देंग शियाओ पेंग(घ) गोर्बाचेव
  4. 1 अंकARF का संबंध किससे है?
    (क) यूरोपीय संघ(ख) आसियान(ग) सार्क(घ) नाटो
  5. 1 अंकचीन WTO में शामिल हुआ:
    (क) 1991(ख) 1995(ग) 2001(घ) 2005
अभिकथन एवं कारण

विकल्प: (क) दोनों सही, कारण सही व्याख्या · (ख) दोनों सही, पर व्याख्या नहीं · (ग) अभिकथन सही, कारण ग़लत · (घ) अभिकथन ग़लत, कारण सही।

  1. 1 अंक
    अभिकथन (A): आसियान की ताक़त उसकी सैन्य शक्ति है।
    कारण (R): आसियान बातचीत और सहयोग की ‘आसियान शैली’ पर चलता है।
  2. 1 अंक
    अभिकथन (A): यूरोपीय संघ की विदेश नीति हमेशा एकमत नहीं होती।
    कारण (R): सदस्य देश अपनी संप्रभुता छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
उत्तर कुंजी
बहुविकल्पीय 1–5(ख) (ख) (ग) (ख) (ग)  ·  अभिकथन 1(घ): अभिकथन ग़लत, ताक़त बातचीत है · 2(क)
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