समकालीन दक्षिण एशिया

अध्याय का नक़्शा: सब कुछ कैसे जुड़ा है
1 · दक्षिण एशिया क्या हैआठ देश, एक भूगोल, और साझी समस्याएँ
2 · पाकिस्तानलोकतंत्र और सैन्य शासन का झूला
3 · बांग्लादेशभाषा का सवाल से लेकर 1971 तक
4 · नेपालराजतंत्र से लोकतंत्र तक का लंबा रास्ता
समकालीन दक्षिण एशिया
5 · श्रीलंकाजातीय संघर्ष, LTTE और भारत का हस्तक्षेप
6 · मालदीव और भूटानछोटे देश, स्थिर व्यवस्थाएँ
7 · भारत और पड़ोसीछह रिश्ते, हर एक में विवाद और सहयोग
8 · सार्क और साफ्टासहयोग की कोशिश और उसकी सीमाएँ
इस अध्याय में आप क्या सीखेंगे
  • दक्षिण एशिया के आठों देशों की राजनीतिक व्यवस्था और वह कैसे बनी
  • पाकिस्तान में लोकतंत्र क्यों नहीं टिक सका, और बांग्लादेश कैसे बना
  • श्रीलंका का जातीय संघर्ष और उसमें भारत की भूमिका
  • भारत के छहों पड़ोसियों से रिश्ते, दोनों पहलुओं के साथ
  • सार्क और साफ्टा क्या हैं, और वे पूरी तरह सफल क्यों नहीं हुए
दक्षिण एशियासार्कसाफ्टाLTTEआवामी लीगशांति सेनामुक्त आवागमनसिंधु जल संधि

1 दक्षिण एशिया क्या है

याद कर लेंपरिभाषा 1

दक्षिण एशिया से आमतौर पर आठ देश समझे जाते हैं: भारत, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, मालदीव, बांग्लादेश और अफ़ग़ानिस्तान। चीन और म्यांमार इस क्षेत्र से लगे हुए हैं, पर इनमें गिने नहीं जाते।

दक्षिण एशिया के आठ देश
देश भौगोलिक स्थिति (मोटे तौर पर)
भारत क्षेत्र के बीचों-बीच, सबसे बड़ा देश
पाकिस्तान भारत के पश्चिम में
नेपाल भारत के उत्तर में, हिमालय की गोद में
भूटान भारत के उत्तर-पूर्व में, हिमालय में
बांग्लादेश भारत के पूर्व में, बंगाल की खाड़ी के किनारे
श्रीलंका भारत के दक्षिण में, हिंद महासागर का द्वीप
मालदीव श्रीलंका के दक्षिण-पश्चिम में, हिंद महासागर का द्वीप-समूह
अफ़ग़ानिस्तान पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम में, क्षेत्र से लगा हुआ पर अकसर अलग गिना जाता है

भौगोलिक विशेषताएँ

  • इस क्षेत्र के उत्तर में हिमालय की श्रृंखला है।
  • दक्षिण में हिंद महासागर, पूर्व में बंगाल की खाड़ी और पश्चिम में अरब सागर है।
  • इन्हीं प्राकृतिक सीमाओं की वजह से दक्षिण एशिया एक अलग इकाई के रूप में पहचाना जाता है।
  • पर इसी क्षेत्र के भीतर भाषा, धर्म और संस्कृति की भारी विविधता भी है।

राजनीतिक विशेषताएँ

  • सभी देशों में लोकतंत्र को सिद्धांत रूप में स्वीकार किया गया है।
  • परंतु यहाँ की राजनीतिक व्यवस्थाएँ स्थिर नहीं रहीं।
  • भारत और श्रीलंका आज़ादी के बाद से लगातार लोकतंत्र बनाए रखने में सफल रहे।
  • पाकिस्तान और बांग्लादेश में लोकतंत्र और सैन्य शासन, दोनों दौर आए।
  • नेपाल में 2006 तक संवैधानिक राजतंत्र था, उसके बाद लोकतंत्र आया।
  • मालदीव 1968 तक सल्तनत था, अब वहाँ गणतंत्र है।
परीक्षा संकेत

यह पूरा अध्याय एक ही सवाल के इर्द-गिर्द घूमता है: लोकतंत्र कहाँ टिका, कहाँ नहीं, और क्यों। हर देश को इसी नज़र से पढ़िए, तो पूरा अध्याय एक कहानी बन जाता है।

क्षेत्र की साझी समस्याएँ

1

सीमा विवाद

लगभग हर पड़ोसी जोड़ी के बीच किसी न किसी सीमा पर मतभेद है।

2

नदी-जल विवाद

एक ही नदी कई देशों से होकर बहती है, इसीलिए पानी का बँटवारा टकराव बनता है।

3

विद्रोह और जातीय संघर्ष

भीतर के अलगाववादी और जातीय आंदोलन कई देशों में चलते रहे।

4

ख़राब आर्थिक स्थिति

ग़रीबी और धीमा विकास पूरे क्षेत्र की साझी चुनौती रहे हैं।

2 पाकिस्तान

पाकिस्तान की कहानी लोकतंत्र और सैन्य शासन के बीच झूलती रही है। हर बार लोकतंत्र लौटा, और हर बार फिर सेना ने सत्ता ले ली।

आज़ादी के बादअयूब ख़ान के नेतृत्व में पहला सैन्य शासन आया।
जनता की नाराज़गीजनरल याह्या ख़ान ने अयूब ख़ान का तख़्तापलट किया और ख़ुद सत्ता में आ गए।
1971बांग्लादेश संकट के बाद ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो के नेतृत्व में लोकतांत्रिक सरकार बनी।
1977जनरल जिया-उल-हक़ ने इस सरकार का तख़्तापलट किया, फिर से सैन्य शासन आया।
1982 के बादलोकतंत्र के समर्थन में आंदोलन शुरू हुए।
1988बेनज़ीर भुट्टो के नेतृत्व में फिर लोकतांत्रिक सरकार बनी।
1999जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने सत्ता पर क़ब्ज़ा कर लिया।

पाकिस्तान में लोकतंत्र क्यों नहीं टिक सका

  • धर्मगुरुओं, सेना और भूस्वामियों का दबदबा: असली ताक़त इन्हीं तीन के पास रही।
  • भारत का डर: भारत से ख़तरे के नाम पर सेना बार-बार शासन में आ गई।
  • संगठनों का समर्थन: ज़्यादातर बड़े संगठनों ने सैन्य शासन का साथ दिया।
  • अंतरराष्ट्रीय समर्थन का अभाव: लोकतंत्र-समर्थक ताक़तों को बाहर से मदद नहीं मिली।
  • बाहरी देशों का स्वार्थ: कई देशों ने अपने फ़ायदे के लिए सैन्य शासन का समर्थन किया।
  • भ्रष्ट राजनीतिक दल: दलों की अपनी कमज़ोरियों ने सेना को बहाना दिया।
दूसरा पहलू भी लिखिए

पाकिस्तान में लोकतंत्र के पक्ष में भी मज़बूत ताक़तें हैं: सक्रिय मीडिया, स्वतंत्र न्यायपालिका और मानवाधिकार संगठन। 6 अंक के उत्तर में यह पहलू ज़रूर जोड़िए, वरना उत्तर एकतरफ़ा रह जाता है।

3 बांग्लादेश

बांग्लादेश का जन्म एक भाषा के सवाल से शुरू हुआ और एक युद्ध पर जाकर ख़त्म हुआ। यह पूरी कड़ी क्रम से याद रखिए, क्योंकि परीक्षा में यही पूछा जाता है।

पृष्ठभूमि और मुख्य समस्या

  • 1947 में पाकिस्तान दो अलग-अलग हिस्सों में बना, एक पूर्व में और एक पश्चिम में।
  • यही पूर्वी पाकिस्तान आगे चलकर बांग्लादेश बना।
  • पूर्वी पाकिस्तान में बंगाली बोलने वाले लोग बहुसंख्यक थे।
  • परंतु पश्चिमी पाकिस्तान ने वहाँ उर्दू थोपने की कोशिश की।
  • इसका पूर्वी पाकिस्तान के लोगों ने खुलकर विरोध किया।
  • बंगाली संस्कृति के साथ हो रहे बुरे व्यवहार के ख़िलाफ़ भी असंतोष बढ़ता गया।

आंदोलन से युद्ध तक

  • पश्चिमी पाकिस्तान के प्रभुत्व के विरुद्ध आंदोलन शुरू हुए।
  • इन आंदोलनों का नेतृत्व शेख़ मुजीबुर्रहमान ने किया।
  • 1970 के चुनाव में उनकी पार्टी आवामी लीग ने पूर्वी पाकिस्तान की सभी सीटें जीतीं।
  • पर पश्चिमी पाकिस्तान की सरकार ने यह परिणाम मानने से इनकार कर दिया।
  • शेख़ मुजीबुर्रहमान को गिरफ़्तार कर लिया गया।
  • याह्या ख़ान ने आंदोलन दबाने के लिए सेना भेजी, जिसमें हज़ारों आंदोलनकारी मारे गए।
  • इस दमन की वजह से लाखों लोग भागकर भारत आने लगे।
  • यह देखकर भारत ने पूर्वी पाकिस्तान की आज़ादी की माँग का समर्थन किया।
  • भारत ने उन्हें आर्थिक और सैन्य सहायता दी।
  • इसी वजह से 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध छिड़ गया।
  • इस युद्ध में भारत जीता और पूर्वी पाकिस्तान आज़ाद होकर बांग्लादेश बना।

आज़ादी के बाद बांग्लादेश

  • बांग्लादेश ने अपना संविधान बनाया और ख़ुद को धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और समाजवादी देश घोषित किया।
  • 1975 में शेख़ मुजीबुर्रहमान ने संविधान बदलकर संसदीय की जगह अध्यक्षात्मक प्रणाली अपना ली।
  • इसके साथ ही उन्होंने आवामी लीग को छोड़कर बाक़ी सभी दल समाप्त कर दिए।
  • इससे देश में तनाव बढ़ा और सेना ने बग़ावत कर दी।
  • इसी बग़ावत में शेख़ मुजीबुर्रहमान मारे गए और सैन्य शासन आ गया।
  • इसके बाद जियाउर्रहमान ने बांग्लादेश नेशनल पार्टी बनाई, पर उनकी भी हत्या कर दी गई।
  • उनके बाद एच.एम. इरशाद के नेतृत्व में फिर सैन्य शासन आया।
  • छात्रों के विरोध की वजह से 1990 में यह सैन्य शासन ख़त्म हुआ।
  • 1991 से बांग्लादेश में लोकतंत्र है।
याद रखने की तरकीब

भाषा → चुनाव → गिरफ़्तारी → दमन → शरणार्थी → युद्ध → बांग्लादेश

सात कड़ियाँ, एक ही क्रम में। 6 अंक के उत्तर में हर कड़ी को एक-एक वाक्य दे दीजिए।

4 नेपाल

  • इतिहास में नेपाल एक हिंदू राष्ट्र रहा और लंबे समय तक यहाँ संवैधानिक राजतंत्र था।
  • इसी दौर में वहाँ की पार्टियाँ और जनता लोकतंत्र की माँग करती रहीं।
  • परंतु राजा ने सेना के बल पर इन आंदोलनों को दबा दिया।
  • जनता ने कोशिश जारी रखी और 1990 में राजा ने लोकतांत्रिक संविधान की बात मान ली।
  • 1990 के बाद ही नेपाल में माओवादियों का प्रभाव भी बढ़ा।
  • माओवादियों और राजा की सेना के बीच संघर्ष शुरू हो गया।
  • इसमें लोकतंत्र के लिए आंदोलन कर रहे लोग भी शामिल हो गए।
  • इस तरह नेपाल में त्रिकोणीय संघर्ष चला: माओवादी, राजा की सेना, और लोकतंत्र-समर्थक।
  • 2002 में राजा ने संसद भंग कर दी और सरकार गिरा दी।
  • इसके विरोध में फिर जन-आंदोलन हुआ और इस बार राजा को झुकना पड़ा।
  • 2006 से नेपाल में लोकतांत्रिक सरकार है और वह अपना संविधान भी बना चुका है।

5 श्रीलंका

  • श्रीलंका 1948 में आज़ाद हुआ और तब से वहाँ लगातार लोकतंत्र क़ायम है।
  • वहाँ की मुख्य समस्या राजनीतिक नहीं, जातीय रही है।

सिंहली

  • श्रीलंका के मूल निवासी
  • जनसंख्या में बहुसंख्यक
  • मानते रहे कि देश पर उनका अधिकार है

तमिल

  • भारत से जाकर बसे
  • जनसंख्या में अल्पसंख्यक
  • राजनीति में बराबर हिस्सा नहीं मिला

संघर्ष का कारण

  • सिंहली यह मानते रहे कि तमिलों को कोई रियायत नहीं दी जानी चाहिए।
  • इस सोच की वजह से तमिलों को राजनीति में बराबर हिस्सा नहीं मिला।
  • इसी भेदभाव की वजह से तमिलों ने LTTE (Liberation Tigers of Tamil Eelam) बनाया।
  • LTTE ने अपनी माँगें मनवाने के लिए हथियार उठाए।

तमिलों की माँगें

  • LTTE की माँग थी कि श्रीलंका के एक हिस्से को अलग देश बनाया जाए।
  • वर्तमान में LTTE और उसके समर्थकों का सफ़ाया हो चुका है।
  • अब वहाँ के तमिल अलग देश नहीं, समान अधिकारों की माँग कर रहे हैं।

भारत का हस्तक्षेप

  • भारत के तमिलों ने भारत सरकार पर दबाव बनाया कि वह हस्तक्षेप करे।
  • भारत सरकार ने श्रीलंका सरकार से बातचीत की कोशिश की।
  • 1987 में भारत ने स्थिति सुधारने के लिए शांति सेना भेजी।
  • पर यह शांति सेना ख़ुद LTTE के साथ संघर्ष में फँस गई।
  • श्रीलंका के लोगों ने भी इसे अपने अंदरूनी मामले में दख़ल माना।
  • 1989 में भारत ने शांति सेना वापस बुला ली और लक्ष्य अधूरा रह गया।
यहाँ ध्यान दीजिए

शांति सेना का उदाहरण दोनों तरफ़ काम आता है। “भारत की पड़ोस-नीति की सफलता” वाले प्रश्न में यह असफलता का उदाहरण है, और “क्षेत्रीय शक्ति की ज़िम्मेदारी” वाले प्रश्न में यह हस्तक्षेप की सीमा का उदाहरण है।

श्रीलंका की आर्थिक स्थिति

  • गृहयुद्ध के बावजूद श्रीलंका ने तेज़ गति से विकास किया।
  • जनसंख्या नियंत्रण के मामले में यह दक्षिण एशिया में सबसे सफल रहा।
  • दक्षिण एशिया में सबसे पहले अपनी अर्थव्यवस्था का उदारीकरण भी इसी ने किया।
  • प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद भी यहाँ पूरे क्षेत्र में सबसे ऊँचा रहा है।

6 मालदीव, भूटान और अफ़ग़ानिस्तान

मालदीव

  • 1965 तक मालदीव ब्रिटिश शासन के अधीन था।
  • 1965 में इसे आज़ादी मिली और राजा मुहम्मद फ़रीद दीदी के अधीन यह सल्तनत बना।
  • 1968 में यह राजशाही भी समाप्त कर दी गई और गणतंत्र की स्थापना हुई।
  • तब से वहाँ गणतंत्र ही क़ायम है।

भूटान

  • भूटान ने अपना संविधान 2008 में लागू किया।
  • तब से वहाँ संवैधानिक राजतंत्र की व्यवस्था है।

अफ़ग़ानिस्तान

  • अफ़ग़ानिस्तान 2007 में सार्क का आठवाँ सदस्य बना।
  • इसी के साथ दक्षिण एशिया की परिभाषा में यह औपचारिक रूप से जुड़ गया।

7 भारत और उसके पड़ोसी

हर पड़ोसी के साथ रिश्ते के दो पहलू हैं। परीक्षा में अक्सर एक ही पहलू लिखकर छात्र आधे अंक गँवा देते हैं, इसलिए दोनों याद रखिए।

भारत और पाकिस्तान

1947कश्मीर विवाद को लेकर पहला युद्ध।
1965नदी-जल बँटवारे के तनाव के बीच दूसरा युद्ध।
1971बांग्लादेश के जन्म से जुड़ा तीसरा युद्ध।
1999कारगिल का युद्ध।
  • संघर्ष के मुद्दे: कश्मीर विवाद, सीमा विवाद, पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद का समर्थन, अलगाववाद को बढ़ावा, और नदी-जल बँटवारा।
  • सियाचिन ग्लेशियर और सर क्रीक पर भी सैन्य तनाव बना रहता है।
  • सहयोग का पक्ष: 1960 की सिंधु जल संधि चारों युद्धों के बावजूद टिकी रही।
  • लाहौर बस यात्रा, आगरा शिखर वार्ता और समझौता एक्सप्रेस जैसे शांति-प्रयास भी होते रहे।

भारत और बाक़ी पाँच पड़ोसी

देश विवाद सहयोग
बांग्लादेश अवैध प्रवास; गंगा और ब्रह्मपुत्र के जल का बँटवारा; भारत को प्राकृतिक गैस न देना; भारत-विरोधी तत्वों का समर्थन; पूर्वोत्तर जाने के लिए रास्ता न देना अच्छे आर्थिक संबंध; आपदा प्रबंधन और पर्यावरण पर सहयोग; भारत की ‘पूर्व चलो’ नीति का हिस्सा
नेपाल व्यापार पर पुराने मतभेद; चीन से नेपाल की नज़दीकी; माओवादी प्रभाव; भारत-विरोधी तत्वों पर कार्रवाई न होना; नेपाल को दख़लंदाज़ी की शिकायत विज्ञान और व्यापार में सहयोग; मुक्त आवागमन समझौता, यानी बिना पासपोर्ट-वीज़ा आना-जाना; कई विकास परियोजनाओं में भारत की मदद
श्रीलंका तमिलों की स्थिति; 1987 की शांति सेना को अंदरूनी मामलों में दख़ल समझा जाना मुक्त व्यापार समझौता; 2004 की सुनामी में भारत की तुरंत मदद
भूटान कोई बड़ा विवाद नहीं भूटान ने भारत-विरोधी उग्रवादियों को अपने यहाँ से हटाया; पनबिजली परियोजनाओं में भारत की मदद; भारत सबसे बड़ा अनुदान-दाता
मालदीव कोई बड़ा विवाद नहीं 1988 के हमले के समय भारत ने सेना भेजकर मदद की; आर्थिक विकास, पर्यटन और मत्स्य उद्योग में सहयोग
क्या आप जानते हैं?

1988 में श्रीलंका से आए कुछ हथियारबंद लोगों ने मालदीव पर हमला कर दिया था। मालदीव ने भारत से मदद माँगी और भारत ने सेना भेजकर कुछ ही घंटों में स्थिति सँभाल ली। यही वह उदाहरण है जो “भारत एक ज़िम्मेदार क्षेत्रीय शक्ति है” वाले उत्तर में सबसे अच्छा बैठता है।

8 सार्क और साफ्टा

याद कर लेंपरिभाषा 2

सार्क (दक्षेश) यानी दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (South Asian Association for Regional Cooperation) की स्थापना 1985 में हुई। इसका मुख्यालय काठमांडू में है और इसके आठ सदस्य हैं।

सार्क साफ्टा
पूरा नाम दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र
अंग्रेज़ी में South Asian Association for Regional Cooperation South Asian Free Trade Area
कब स्थापना 1985 2004 में हस्ताक्षर, 2006 में लागू
मुख्यालय काठमांडू (नेपाल) अलग मुख्यालय नहीं, सार्क के अंतर्गत
सदस्य भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, मालदीव, अफ़ग़ानिस्तान (2007 में) सार्क के सभी सदस्य
उद्देश्य क्षेत्र में शांति और सहयोग बढ़ाना; मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाना आपसी व्यापार पर लगने वाला सीमा शुल्क घटाना
सीमित सफलता क्यों देशों के आपसी विवाद; एकता का अभाव; विवादों का हल न निकलना छोटे देशों को डर कि भारत उनके बाज़ार का फ़ायदा उठाएगा
परीक्षा संकेत

भारत के नेपाल, भूटान और श्रीलंका के साथ अलग-अलग मुक्त व्यापार समझौते भी हैं। साफ्टा की सीमित सफलता वाले उत्तर में यह तथ्य जोड़ने से उत्तर पूरा दिखता है।

क्षेत्र में बाहरी शक्तियाँ

  • चीन की भूमिका इस क्षेत्र में लगातार बढ़ी है।
  • आर्थिक सुधारों और कई देशों में लोकतंत्र आने के बाद अमेरिका की उपस्थिति भी बढ़ी।
  • इसी वजह से दक्षिण एशिया अब केवल आपसी रिश्तों का क्षेत्र नहीं रहा।

दक्षिण एशिया की कहानी एक ही सवाल की कहानी है: लोकतंत्र कहाँ टिका, कहाँ नहीं, और उसके पीछे कौन-सी ताक़तें थीं।

इस अध्याय से याद रखने वाली मूल बात

परीक्षा से पहले ख़ुद जाँचिए
  • क्या मैं आठों देश और उनकी वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था बता सकता हूँ?
  • क्या मैं पाकिस्तान में लोकतंत्र न टिकने के छह कारण गिना सकता हूँ?
  • क्या मैं बांग्लादेश के जन्म की पूरी कड़ी क्रम से बता सकता हूँ?
  • क्या मैं श्रीलंका के जातीय संघर्ष और शांति सेना की कहानी लिख सकता हूँ?
  • क्या मैं भारत के छहों पड़ोसियों के विवाद और सहयोग, दोनों बता सकता हूँ?
  • क्या मैं सार्क और साफ्टा का अंतर और दोनों की सीमाएँ बता सकता हूँ?
झटपट दोहराव: परीक्षा से एक रात पहले पढ़ें
  • दक्षिण एशिया = भारत, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, मालदीव, बांग्लादेश, अफ़ग़ानिस्तान
  • पाकिस्तान: अयूब → याह्या → भुट्टो (1971) → जिया (1977) → बेनज़ीर (1988) → मुशर्रफ़ (1999)
  • बांग्लादेश: उर्दू थोपना → 1970 का चुनाव → गिरफ़्तारी → दमन → शरणार्थी → 1971 का युद्ध → आज़ादी
  • बांग्लादेश में 1975 के बाद सैन्य शासन, 1990 में छात्र आंदोलन, 1991 से लोकतंत्र
  • नेपाल: 1990 में लोकतांत्रिक संविधान, त्रिकोणीय संघर्ष, 2002 में संसद भंग, 2006 से लोकतंत्र
  • श्रीलंका: 1948 में आज़ादी, सिंहली बनाम तमिल, LTTE, 1987 शांति सेना, 1989 वापसी
  • मालदीव: 1965 आज़ादी, 1968 से गणतंत्र · भूटान: 2008 का संविधान, संवैधानिक राजतंत्र
  • भारत-पाकिस्तान युद्ध: 1947, 1965, 1971, 1999 · सिंधु जल संधि 1960 में हुई और टिकी रही
  • नेपाल के साथ मुक्त आवागमन समझौता; भूटान को सबसे ज़्यादा भारतीय अनुदान
  • सार्क 1985, काठमांडू, 8 सदस्य · साफ्टा 2004 में हस्ताक्षर, 2006 में लागू
अभ्यास प्रश्न: 1 अंक
  1. 1 अंकदक्षिण एशिया में कुल कितने देश गिने जाते हैं?
  2. 1 अंकसार्क की स्थापना कब हुई और इसका मुख्यालय कहाँ है?
  3. 1 अंकसाफ्टा का पूरा नाम लिखिए।
  4. 1 अंकअफ़ग़ानिस्तान सार्क का सदस्य कब बना?
  5. 1 अंकLTTE का पूरा नाम क्या है?
  6. 1 अंकमालदीव में गणतंत्र की स्थापना किस वर्ष हुई?
  7. 1 अंकभूटान ने अपना संविधान किस वर्ष लागू किया?
  8. 1 अंक1970 के चुनाव में पूर्वी पाकिस्तान में कौन-सी पार्टी जीती थी?
अभ्यास प्रश्न: 2 अंक
  1. 2 अंकदक्षिण एशिया की दो भौगोलिक विशेषताएँ लिखिए।
  2. 2 अंकभारत और नेपाल के बीच मुक्त आवागमन समझौता क्या है?
  3. 2 अंकश्रीलंका के दो प्रमुख जातीय समूह कौन-से हैं और उनमें क्या अंतर है?
  4. 2 अंकसिंधु जल संधि को भारत-पाकिस्तान संबंधों का सकारात्मक उदाहरण क्यों माना जाता है?
  5. 2 अंक1988 में भारत ने मालदीव की किस तरह मदद की?
  6. 2 अंकसाफ्टा पूरी तरह सफल क्यों नहीं हो सका?
अभ्यास प्रश्न: 4 अंक
  1. 4 अंकपाकिस्तान में लोकतंत्र क्यों नहीं टिक सका? कोई चार कारण समझाइए।
  2. 4 अंकनेपाल में राजतंत्र से लोकतंत्र तक की यात्रा का वर्णन कीजिए।
  3. 4 अंकश्रीलंका के जातीय संघर्ष के कारण और तमिलों की माँगें बताइए।
  4. 4 अंकभारत और बांग्लादेश के बीच विवाद और सहयोग, दोनों पक्ष लिखिए।
  5. 4 अंकसार्क की स्थापना के उद्देश्य क्या थे और वह पूरी तरह सफल क्यों नहीं हुआ?
अभ्यास प्रश्न: 6 अंक
  1. 6 अंकबांग्लादेश के निर्माण की पूरी कहानी क्रम से लिखिए, भाषा के विवाद से लेकर 1971 के युद्ध तक।
  2. 6 अंकश्रीलंका में भारत की शांति सेना क्यों भेजी गई और उसका परिणाम क्या रहा? इससे भारत की पड़ोस-नीति पर क्या सबक़ मिलता है?
  3. 6 अंकभारत के अपने पाँच पड़ोसियों (बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, भूटान, मालदीव) के साथ संबंधों की तुलना कीजिए।
  4. 6 अंक“दक्षिण एशिया में लोकतंत्र का अनुभव एक जैसा नहीं रहा।” इस कथन को चार देशों के उदाहरण से समझाइए।
बहुविकल्पीय प्रश्न
  1. 1 अंकसार्क का मुख्यालय कहाँ है:
    (क) नई दिल्ली(ख) काठमांडू(ग) ढाका(घ) कोलंबो
  2. 1 अंकश्रीलंका को आज़ादी किस वर्ष मिली:
    (क) 1947(ख) 1948(ग) 1950(घ) 1965
  3. 1 अंकबांग्लादेश किस वर्ष अस्तित्व में आया:
    (क) 1965(ख) 1970(ग) 1971(घ) 1975
  4. 1 अंकसाफ्टा किस वर्ष लागू हुआ:
    (क) 2004(ख) 2005(ग) 2006(घ) 2007
  5. 1 अंक1987 में भारत ने शांति सेना किस देश में भेजी:
    (क) नेपाल(ख) मालदीव(ग) श्रीलंका(घ) बांग्लादेश
  6. 1 अंकनेपाल में लोकतांत्रिक सरकार किस वर्ष से है:
    (क) 1990(ख) 2002(ग) 2006(घ) 2008
  7. 1 अंकआवामी लीग का नेतृत्व किसने किया:
    (क) ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो(ख) शेख़ मुजीबुर्रहमान(ग) जियाउर्रहमान(घ) एच.एम. इरशाद
  8. 1 अंकदक्षिण एशिया में सबसे पहले अर्थव्यवस्था का उदारीकरण किसने किया:
    (क) भारत(ख) पाकिस्तान(ग) श्रीलंका(घ) बांग्लादेश
अभिकथन और कारण

विकल्प: (क) A और R दोनों सत्य, R, A की सही व्याख्या है; (ख) दोनों सत्य, पर R, A की व्याख्या नहीं; (ग) A सत्य, R असत्य; (घ) A असत्य, R सत्य।

अभिकथन (A): 1971 में पूर्वी पाकिस्तान अलग होकर बांग्लादेश बना।
कारण (R): पश्चिमी पाकिस्तान ने 1970 के चुनाव का परिणाम मानने से इनकार कर दिया और आंदोलन को सेना से दबाया।
अभिकथन (A): भारत की शांति सेना श्रीलंका में अपना लक्ष्य पूरा कर लौटी।
कारण (R): शांति सेना स्वयं LTTE के साथ संघर्ष में फँस गई और 1989 में उसे वापस बुलाना पड़ा।
अभिकथन (A): सार्क अपने मुक्त व्यापार के लक्ष्य में पूरी तरह सफल रहा।
कारण (R): सदस्य देशों के आपसी विवाद और एकता के अभाव ने सहयोग को सीमित रखा।
केस स्टडी
एक छोटे देश पर 1988 में बाहर से आए कुछ हथियारबंद लोगों ने हमला कर दिया। उस देश ने भारत से मदद माँगी। भारत ने तुरंत अपनी सेना भेजी और कुछ ही घंटों में स्थिति सँभाल ली गई। आज भारत उस देश के पर्यटन और मत्स्य उद्योग में भी सहयोग करता है।
  1. 1 अंकयह देश कौन-सा है?
  2. 1 अंकयह घटना किस वर्ष हुई?
  3. 2 अंकइस उदाहरण से भारत की क्षेत्रीय भूमिका के बारे में क्या पता चलता है?
उत्तर कुंजी
बहुविकल्पीय 1-8(ख) · (ख) · (ग) · (ग) · (ग) · (ग) · (ख) · (ग)
अभिकथन और कारण1 (क) · 2 (घ), A असत्य है: शांति सेना लक्ष्य पूरा किए बिना लौटी · 3 (घ), A असत्य है: सार्क मुक्त व्यापार के लक्ष्य में सीमित ही रहा
केस स्टडीमालदीव · 1988 · भारत ने पड़ोसी की मदद तुरंत की, जिससे वह एक ज़िम्मेदार क्षेत्रीय शक्ति के रूप में सामने आया
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