इस अध्याय के परीक्षा-उपयोगी प्रश्न, अंक-वार, हर प्रश्न के पूरे उत्तर के साथ। पहले ख़ुद उत्तर लिखने की कोशिश कीजिए, फिर मिलाइए।
1 1 अंक के प्रश्न
प्र. दक्षिण एशिया में कुल कितने देश गिने जाते हैं? नाम लिखिए।
उत्तर: आठ देश: भारत, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, मालदीव, बांग्लादेश और अफ़ग़ानिस्तान।
प्र. सार्क की स्थापना कब हुई और इसका मुख्यालय कहाँ है?
उत्तर: सार्क की स्थापना 1985 में हुई और इसका मुख्यालय काठमांडू (नेपाल) में है।
प्र. साफ्टा का पूरा नाम लिखिए।
उत्तर: South Asian Free Trade Area, यानी दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार क्षेत्र।
प्र. अफ़ग़ानिस्तान सार्क का सदस्य कब बना?
उत्तर: अफ़ग़ानिस्तान 2007 में सार्क का आठवाँ सदस्य बना।
प्र. LTTE का पूरा नाम क्या है?
उत्तर: Liberation Tigers of Tamil Eelam.
प्र. मालदीव में गणतंत्र की स्थापना किस वर्ष हुई?
उत्तर: 1968 में, राजशाही समाप्त करके।
प्र. भूटान ने अपना संविधान किस वर्ष लागू किया?
उत्तर: 2008 में; तब से वहाँ संवैधानिक राजतंत्र है।
प्र. 1970 के चुनाव में पूर्वी पाकिस्तान में कौन-सी पार्टी जीती थी?
उत्तर: शेख़ मुजीबुर्रहमान की आवामी लीग, जिसने पूर्वी पाकिस्तान की सभी सीटें जीतीं।
2 2 अंक के प्रश्न
प्र. दक्षिण एशिया की दो भौगोलिक विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर: उत्तर में हिमालय की श्रृंखला और दक्षिण में हिंद महासागर इस क्षेत्र की प्राकृतिक सीमाएँ बनाते हैं। पूर्व में बंगाल की खाड़ी और पश्चिम में अरब सागर हैं। इन्हीं सीमाओं की वजह से दक्षिण एशिया एक अलग भौगोलिक इकाई के रूप में पहचाना जाता है।
प्र. भारत और नेपाल के बीच मुक्त आवागमन समझौता क्या है?
उत्तर: इस समझौते के अनुसार दोनों देशों के नागरिक बिना पासपोर्ट और वीज़ा के एक-दूसरे के देश में आ-जा सकते हैं। यह दोनों देशों के गहरे संबंधों की सबसे बड़ी मिसाल है।
प्र. श्रीलंका के दो प्रमुख जातीय समूह कौन-से हैं और उनमें क्या अंतर है?
उत्तर: सिंहली और तमिल। सिंहली श्रीलंका के मूल निवासी और बहुसंख्यक हैं, जबकि तमिल भारत से जाकर बसे और अल्पसंख्यक हैं। सिंहली बहुसंख्यकवाद की वजह से तमिलों को राजनीति में बराबर हिस्सा नहीं मिला।
प्र. सिंधु जल संधि को भारत-पाकिस्तान संबंधों का सकारात्मक उदाहरण क्यों माना जाता है?
उत्तर: 1960 की यह संधि दोनों देशों के बीच हुए चारों युद्धों के बावजूद आज तक क़ायम है। यह दिखाती है कि गहरे विवादों के बीच भी सहयोग का कोई न कोई रास्ता बना रह सकता है।
प्र. 1988 में भारत ने मालदीव की किस तरह मदद की?
उत्तर: श्रीलंका से आए कुछ हथियारबंद लोगों ने मालदीव पर हमला किया था। मालदीव की माँग पर भारत ने तुरंत सेना भेजी और कुछ ही घंटों में स्थिति सँभाल ली गई।
प्र. साफ्टा पूरी तरह सफल क्यों नहीं हो सका?
उत्तर: छोटे सदस्य देशों को आशंका है कि इस समझौते के ज़रिए भारत उनके बाज़ारों में पैठ बनाकर फ़ायदा उठाना चाहता है। आपसी अविश्वास की वजह से मुक्त व्यापार का लक्ष्य अधूरा रह गया।
प्र. 1971 में भारत ने पूर्वी पाकिस्तान की आज़ादी का समर्थन क्यों किया?
उत्तर: पाकिस्तानी सेना के दमन की वजह से लाखों शरणार्थी भागकर भारत आ रहे थे, जिनका बोझ भारत पर पड़ रहा था। इसी स्थिति को देखकर भारत ने आज़ादी की माँग का समर्थन किया और आर्थिक तथा सैन्य सहायता दी।
3 4 अंक के प्रश्न
प्र. पाकिस्तान में लोकतंत्र क्यों नहीं टिक सका? कोई चार कारण समझाइए।
उत्तर: 1. सेना, धर्मगुरुओं और भूस्वामियों का दबदबा: असली ताक़त हमेशा इन्हीं के पास रही।
2. भारत का डर: भारत से ख़तरे के नाम पर सेना बार-बार शासन में आ गई।
3. अंतरराष्ट्रीय समर्थन का अभाव: लोकतंत्र-समर्थक ताक़तों को बाहर से मदद नहीं मिली, बल्कि कई देशों ने अपने स्वार्थ में सैन्य शासन का ही समर्थन किया।
4. भ्रष्ट राजनीतिक दल: दलों की अपनी कमज़ोरियों ने सेना को हस्तक्षेप का बहाना दिया।
प्र. नेपाल में राजतंत्र से लोकतंत्र तक की यात्रा का वर्णन कीजिए।
उत्तर: नेपाल लंबे समय तक संवैधानिक राजतंत्र रहा और लोकतंत्र की माँग करने वाले आंदोलनों को राजा सेना के बल पर दबाते रहे। 1990 में जनता के दबाव में राजा ने लोकतांत्रिक संविधान स्वीकार किया। इसी दौर में माओवादियों का प्रभाव बढ़ा और माओवादियों, राजा की सेना और लोकतंत्र-समर्थकों के बीच त्रिकोणीय संघर्ष चला। 2002 में राजा ने संसद भंग कर दी, पर 2006 के जन-आंदोलन के आगे राजा को झुकना पड़ा। तब से नेपाल में लोकतांत्रिक सरकार है और वह अपना संविधान भी बना चुका है।
प्र. श्रीलंका के जातीय संघर्ष के कारण और तमिलों की माँगें बताइए।
उत्तर: कारण: बहुसंख्यक सिंहली मानते थे कि श्रीलंका पर उनका ही अधिकार है और तमिलों को रियायत नहीं दी जानी चाहिए। इस सोच की वजह से तमिलों को राजनीति में बराबर हिस्सा नहीं मिला और भेदभाव बढ़ता गया।
परिणाम: तमिलों ने LTTE बनाकर सशस्त्र संघर्ष का रास्ता अपनाया।
माँगें: LTTE की माँग श्रीलंका के एक क्षेत्र को अलग देश बनाने की थी। वर्तमान में LTTE का सफ़ाया हो चुका है और तमिल समान अधिकारों की माँग कर रहे हैं।
प्र. भारत और बांग्लादेश के बीच विवाद और सहयोग, दोनों पक्ष लिखिए।
उत्तर: विवाद के मुद्दे: अवैध प्रवास, गंगा और ब्रह्मपुत्र के जल का बँटवारा, भारत को प्राकृतिक गैस निर्यात न करना, भारत-विरोधी तत्वों का समर्थन, और भारतीय सेना को पूर्वोत्तर जाने का रास्ता न देना।
सहयोग के क्षेत्र: दोनों के आर्थिक संबंध अच्छे हैं, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण के मुद्दों पर सहयोग है, और बांग्लादेश भारत की ‘पूर्व चलो’ नीति का हिस्सा है।
प्र. सार्क की स्थापना के उद्देश्य क्या थे और वह पूरी तरह सफल क्यों नहीं हुआ?
उत्तर: उद्देश्य: दक्षिण एशिया में शांति और आपसी सहयोग बढ़ाना तथा क्षेत्र में मुक्त व्यापार का माहौल बनाना।
सीमित सफलता के कारण: सदस्य देशों के आपसी विवाद, क्षेत्र में एकता का अभाव, और विवादों का समाधान न निकल पाना। ख़ासकर भारत-पाकिस्तान तनाव की छाया हर पहल पर पड़ती रही, जिससे सहयोग की गति धीमी रही।
प्र. गृहयुद्ध के बावजूद श्रीलंका की आर्थिक उपलब्धियाँ क्या रहीं? चार बिंदु लिखिए।
उत्तर: 1. गृहयुद्ध के बावजूद श्रीलंका ने तेज़ गति से आर्थिक विकास किया।
2. जनसंख्या नियंत्रण के मामले में वह दक्षिण एशिया में सबसे सफल रहा।
3. दक्षिण एशिया में सबसे पहले अपनी अर्थव्यवस्था का उदारीकरण श्रीलंका ने ही किया।
4. उसका प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद क्षेत्र में सबसे ऊँचा रहा है।
4 6 अंक के प्रश्न
प्र. बांग्लादेश के निर्माण की पूरी कहानी क्रम से लिखिए, भाषा के विवाद से लेकर 1971 के युद्ध तक।
उत्तर: 1. 1947 में पाकिस्तान दो हिस्सों में बना: पूर्वी और पश्चिमी। पूर्वी हिस्से में बंगाली-भाषी बहुसंख्यक थे।
2. पश्चिमी पाकिस्तान ने वहाँ उर्दू थोपने की कोशिश की, जिसका खुला विरोध हुआ। बंगाली संस्कृति के दमन से असंतोष बढ़ता गया।
3. शेख़ मुजीबुर्रहमान के नेतृत्व में आंदोलन चला और 1970 के चुनाव में उनकी आवामी लीग ने पूर्वी पाकिस्तान की सभी सीटें जीत लीं।
4. पश्चिमी पाकिस्तान की सरकार ने परिणाम मानने से इनकार किया, मुजीबुर्रहमान को गिरफ़्तार किया और याह्या ख़ान ने सेना भेजकर दमन कराया, जिसमें हज़ारों लोग मारे गए।
5. लाखों शरणार्थी भारत आए; भारत ने आज़ादी की माँग का समर्थन कर आर्थिक और सैन्य मदद दी।
6. इसी से 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध छिड़ा, जिसमें भारत जीता और पूर्वी पाकिस्तान आज़ाद होकर बांग्लादेश बना।
प्र. श्रीलंका में भारत की शांति सेना क्यों भेजी गई और उसका परिणाम क्या रहा? इससे भारत की पड़ोस-नीति पर क्या सबक़ मिलता है?
उत्तर: क्यों भेजी गई: भारत के तमिलों के दबाव में भारत सरकार ने श्रीलंका सरकार से बातचीत की और 1987 में तमिलों की स्थिति सुधारने के लिए शांति सेना भेजी।
परिणाम: शांति सेना ख़ुद LTTE के साथ संघर्ष में फँस गई। श्रीलंका की जनता ने भी इसे अंदरूनी मामलों में दख़ल माना और विरोध किया। 1989 में भारत को सेना वापस बुलानी पड़ी और लक्ष्य अधूरा रह गया।
सबक़: पड़ोसी देश के आंतरिक संघर्ष में सीधा सैन्य हस्तक्षेप, नीयत अच्छी होने पर भी, उल्टा पड़ सकता है। क्षेत्रीय शक्ति की ज़िम्मेदारी निभाने और दख़लंदाज़ी के बीच की रेखा बहुत महीन है, इसलिए बातचीत और कूटनीति ही टिकाऊ रास्ता है।
प्र. भारत के अपने पाँच पड़ोसियों (बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, भूटान, मालदीव) के साथ संबंधों की तुलना कीजिए।
उत्तर: बांग्लादेश: अवैध प्रवास और नदी-जल जैसे विवाद हैं, पर आर्थिक संबंध अच्छे हैं और वह ‘पूर्व चलो’ नीति का हिस्सा है।
नेपाल: चीन से नज़दीकी और दख़लंदाज़ी की शिकायतों जैसे मतभेद हैं, पर मुक्त आवागमन समझौता और विकास परियोजनाओं का सहयोग इसे विशेष बनाता है।
श्रीलंका: तमिल प्रश्न और शांति सेना का अनुभव तनाव के बिंदु रहे, पर मुक्त व्यापार समझौता है और 2004 की सुनामी में भारत ने तुरंत मदद की।
भूटान: कोई बड़ा विवाद नहीं; भूटान ने भारत-विरोधी उग्रवादियों को हटाया और भारत उसका सबसे बड़ा अनुदान-दाता है।
मालदीव: कोई बड़ा विवाद नहीं; 1988 की सैन्य मदद के बाद से पर्यटन और मत्स्य उद्योग में सहयोग गहरा है।
निष्कर्ष: छोटे पड़ोसियों (भूटान, मालदीव) से संबंध सबसे सहज हैं, जबकि बड़े पड़ोसियों के साथ सहयोग और विवाद साथ-साथ चलते हैं।
प्र. “दक्षिण एशिया में लोकतंत्र का अनुभव एक जैसा नहीं रहा।” इस कथन को चार देशों के उदाहरण से समझाइए।
उत्तर: भारत: आज़ादी के बाद से लगातार लोकतंत्र क़ायम रहा।
पाकिस्तान: लोकतंत्र और सैन्य शासन का झूला चलता रहा; अयूब, याह्या, जिया और मुशर्रफ़ के सैन्य दौर के बीच भुट्टो और बेनज़ीर की लोकतांत्रिक सरकारें आईं।
नेपाल: लंबे राजतंत्र के बाद 1990 में लोकतांत्रिक संविधान आया, फिर त्रिकोणीय संघर्ष चला और 2006 से स्थायी लोकतांत्रिक सरकार बनी।
मालदीव: 1968 तक सल्तनत थी, उसके बाद से गणतंत्र है।
निष्कर्ष: सभी देशों में लोकतंत्र की चाह साझी रही, पर हर देश का रास्ता अलग रहा; इसीलिए इस क्षेत्र का लोकतांत्रिक अनुभव मिला-जुला कहा जाता है।
प्र. भारत-पाकिस्तान संबंधों में संघर्ष के मुद्दे और शांति के प्रयास, दोनों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: संघर्ष के मुद्दे: कश्मीर विवाद, सीमा विवाद (सियाचिन और सर क्रीक समेत), पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद और अलगाववाद को बढ़ावा, तथा नदी-जल बँटवारा। दोनों देशों के बीच 1947, 1965, 1971 और 1999 में चार युद्ध हो चुके हैं।
शांति के प्रयास: 1960 की सिंधु जल संधि चारों युद्धों के बावजूद क़ायम रही। लाहौर बस यात्रा, आगरा शिखर वार्ता और समझौता एक्सप्रेस जैसे क़दम रिश्ते सुधारने की कोशिशें रहीं।
निष्कर्ष: टकराव गहरे हैं, पर सहयोग के रास्ते कभी पूरी तरह बंद नहीं हुए; यही इस रिश्ते की दोहरी प्रकृति है।
5 केस स्टडी
(क) 1 अंक यह देश कौन-सा है?
उत्तर: मालदीव।
(ख) 1 अंक यह घटना किस वर्ष हुई?
उत्तर: 1988 में।
(ग) 2 अंक इस उदाहरण से भारत की क्षेत्रीय भूमिका के बारे में क्या पता चलता है?
उत्तर: भारत ने पड़ोसी की मदद तुरंत और माँगे जाने पर की, जिससे वह एक ज़िम्मेदार क्षेत्रीय शक्ति के रूप में सामने आया। छोटे पड़ोसियों के साथ भरोसे का रिश्ता ऐसे ही व्यवहार से बनता है।
(क) 1 अंक यह घटनाक्रम किस देश के निर्माण से जुड़ा है?
उत्तर: बांग्लादेश के निर्माण से।
(ख) 1 अंक जिस पड़ोसी देश में शरणार्थी गए, उसने आगे क्या भूमिका निभाई?
उत्तर: भारत ने आज़ादी की माँग का समर्थन किया और आर्थिक-सैन्य सहायता दी, जिससे 1971 का युद्ध हुआ।
(ग) 2 अंक यह घटनाक्रम भाषा और संस्कृति की राजनीति के बारे में क्या सिखाता है?
उत्तर: किसी बहुसंख्यक क्षेत्र की भाषा-संस्कृति को दबाकर उस पर दूसरी भाषा थोपना गहरे असंतोष को जन्म देता है। लोकतांत्रिक जनादेश का अनादर जब इस असंतोष से जुड़ जाता है, तो देश का विभाजन तक हो सकता है।