परीक्षा से ठीक पहले के दोहराव के लिए इस अध्याय का निचोड़: परिभाषाएँ, तारीख़ें, हर देश की कहानी की कड़ियाँ और तुलना की तालिकाएँ। विस्तार से पढ़ने के लिए पूरे नोट्स अलग से उपलब्ध हैं।
1 एक नज़र में
याद कर लेंपरिभाषा
दक्षिण एशिया के आठ देश: भारत, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, मालदीव, बांग्लादेश और अफ़ग़ानिस्तान। उत्तर में हिमालय, दक्षिण में हिंद महासागर, पूर्व में बंगाल की खाड़ी, पश्चिम में अरब सागर।
| देश | राजनीतिक अनुभव |
|---|---|
| भारत, श्रीलंका | आज़ादी के बाद से लगातार लोकतंत्र |
| पाकिस्तान, बांग्लादेश | लोकतंत्र और सैन्य शासन, दोनों दौर |
| नेपाल | 2006 तक संवैधानिक राजतंत्र, फिर लोकतंत्र |
| मालदीव | 1968 तक सल्तनत, अब गणतंत्र |
| भूटान | 2008 के संविधान से संवैधानिक राजतंत्र |
| अफ़ग़ानिस्तान | 2007 में सार्क का आठवाँ सदस्य |
2 हर देश की कहानी, कड़ियों में
- पाकिस्तान: अयूब ख़ान → याह्या ख़ान → भुट्टो (1971) → जिया-उल-हक़ (1977) → बेनज़ीर (1988) → मुशर्रफ़ (1999)। लोकतंत्र न टिकने की वजहें: सेना-धर्मगुरु-भूस्वामियों का दबदबा, भारत का डर, अंतरराष्ट्रीय समर्थन का अभाव, भ्रष्ट दल।
- बांग्लादेश: उर्दू थोपना → 1970 का चुनाव (आवामी लीग की जीत) → मुजीबुर्रहमान की गिरफ़्तारी → सैन्य दमन → शरणार्थी भारत आए → 1971 का युद्ध → बांग्लादेश बना। फिर 1975 से सैन्य दौर, 1990 का छात्र आंदोलन, 1991 से लोकतंत्र।
- नेपाल: 1990 का लोकतांत्रिक संविधान → माओवादी प्रभाव → त्रिकोणीय संघर्ष → 2002 में संसद भंग → 2006 के जन-आंदोलन से लोकतंत्र।
- श्रीलंका: 1948 से लोकतंत्र। सिंहली बनाम तमिल → LTTE का सशस्त्र संघर्ष → 1987 में भारत की शांति सेना → 1989 में वापसी, लक्ष्य अधूरा। आर्थिक पक्ष: सबसे पहले उदारीकरण, सबसे ऊँचा प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद, जनसंख्या नियंत्रण में सबसे सफल।
- मालदीव: 1965 में आज़ादी → 1968 से गणतंत्र → 1988 के हमले में भारत की तुरंत सैन्य मदद।
3 भारत और पड़ोसी: विवाद बनाम सहयोग
| देश | विवाद | सहयोग |
|---|---|---|
| पाकिस्तान | कश्मीर, सीमा, आतंकवाद, नदी-जल; चार युद्ध (1947, 1965, 1971, 1999) | सिंधु जल संधि (1960), लाहौर बस, आगरा वार्ता |
| बांग्लादेश | अवैध प्रवास, गंगा-ब्रह्मपुत्र जल | ‘पूर्व चलो’ नीति, आपदा प्रबंधन |
| नेपाल | चीन से नज़दीकी, दख़लंदाज़ी की शिकायत | मुक्त आवागमन समझौता, विकास परियोजनाएँ |
| श्रीलंका | तमिल प्रश्न, शांति सेना का अनुभव | मुक्त व्यापार समझौता, सुनामी में मदद |
| भूटान | कोई बड़ा नहीं | पनबिजली; भारत सबसे बड़ा अनुदान-दाता |
| मालदीव | कोई बड़ा नहीं | 1988 की मदद; पर्यटन, मत्स्य उद्योग |
4 सार्क और साफ्टा
- सार्क: स्थापना 1985, मुख्यालय काठमांडू, 8 सदस्य। उद्देश्य: शांति और सहयोग। सीमित सफलता: आपसी विवाद, एकता का अभाव।
- साफ्टा: हस्ताक्षर 2004 (इस्लामाबाद, 12वाँ सम्मेलन), लागू 2006। उद्देश्य: आपसी व्यापार पर सीमा शुल्क घटाना। छोटे देशों को भारत के दबदबे की आशंका।
- भारत के नेपाल, भूटान और श्रीलंका से अलग मुक्त व्यापार समझौते हैं।
- बाहरी शक्तियाँ: चीन की भूमिका बढ़ी; शीतयुद्ध के बाद अमरीका दोनों (भारत-पाक) के क़रीब आया और मध्यस्थ-सा बना।
अंतिम दोहराव: सिर्फ़ तारीख़ें
- 1947, 1965, 1971, 1999: भारत-पाक युद्ध · 1960: सिंधु जल संधि
- 1970: आवामी लीग की जीत · 1971: बांग्लादेश · 1975: मुजीब की हत्या · 1991 से लोकतंत्र
- 1948: श्रीलंका आज़ाद · 1987: शांति सेना · 1989: वापसी
- 1990: नेपाल का संविधान · 2002: संसद भंग · 2006: लोकतंत्र
- 1965: मालदीव आज़ाद · 1968: गणतंत्र · 1988: भारत की मदद · 2008: भूटान का संविधान
- 1985: सार्क (काठमांडू) · 2004: साफ्टा हस्ताक्षर · 2006: लागू · 2007: अफ़ग़ानिस्तान सदस्य
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