भूमंडलीकरण

अध्याय का माइंड मैप: सब कुछ कैसे जुड़ा है
1 · अवधारणाविचारों, पूँजी, वस्तुओं, लोगों का प्रवाह
2 · कारणपैमाना और गति, तकनीक से प्रेरित
3 · राजनीतिक परिणामराज्य क्षमता: घटती, अपरिवर्तित, या बढ़ती
भूमंडलीकरण
4 · आर्थिक व सांस्कृतिक परिणामकिसे लाभ, किसे हानि; समरूपता बनाम विविधता
5 · भारत और भूमंडलीकरणसंरक्षणवाद से 1991 के सुधारों तक
6 · प्रतिरोधवामपंथी, दक्षिणपंथी और भारत के अपने आंदोलन
विश्वव्यापी अंतर्संबंधताराज्य क्षमतासांस्कृतिक समरूपतासांस्कृतिक विविधीकरण1991 के सुधारविश्व सामाजिक मंचसंरक्षणवाद

1 भूमंडलीकरण की अवधारणा

भूमंडलीकरण रोज़मर्रा के जीवन में अलग-अलग रूपों में दिखता है: एक कॉल-सेंटर कर्मचारी हज़ारों मील दूर बैठे ग्राहक को सेवा देता है (सेवाओं का भूमंडलीकरण); एक पिता भारत में बिक रही चीन-निर्मित साइकिल ख़रीदता है (वस्तुओं की आवाजाही); एक युवती स्वतंत्र करियर का वह अवसर अपनाती है जो उसके परिवार की महिलाओं को कभी नहीं मिला (मूल्यों का टकराव)। भूमंडलीकरण हमेशा सकारात्मक नहीं होता, महँगे बहुराष्ट्रीय-कंपनी बीजों से जुड़ी किसान-आत्महत्याएँ, बड़ी अंतरराष्ट्रीय शृंखलाओं से डरते खुदरा व्यापारी, और सांस्कृतिक प्रतिक्रिया, ये सब भी इसी तस्वीर का हिस्सा हैं।

याद रखेंपरिभाषा 1

भूमंडलीकरण मूल रूप से प्रवाह (flows) के बारे में है: विचारों, पूँजी, वस्तुओं और लोगों का, जो विश्व के अलग-अलग हिस्सों के बीच गतिशील रहते हैं। इससे जो सबसे महत्वपूर्ण चीज़ बनती है, वह है ‘विश्वव्यापी अंतर्संबंधता’ (worldwide interconnectedness)

परीक्षा संकेत

भूमंडलीकरण बहु-आयामी है, राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक, कभी केवल एक आयाम तक सीमित नहीं। इसका प्रभाव असमान है, कुछ समाजों (और एक ही समाज के कुछ हिस्सों) को दूसरों से अधिक प्रभावित करता है, इसलिए संदर्भ के बिना सामान्यीकरण से बचना चाहिए।

2 भूमंडलीकरण के कारण

विचारों, पूँजी, वस्तुओं और लोगों का प्रवाह मानव इतिहास के अधिकांश काल में रहा है: समकालीन भूमंडलीकरण को विशिष्ट बनाने वाली बात इन प्रवाहों का पैमाना और गति है। तकनीक इसका एक महत्वपूर्ण कारण है: टेलीग्राफ़, टेलीफ़ोन और माइक्रोचिप ने संचार में क्रांति ला दी, जैसे कभी छपाई ने राष्ट्रवाद को जन्म देने में मदद की थी। पर अकेली तकनीक काफ़ी नहीं है: दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के लोगों को अपने आपसी जुड़ाव को पहचानना भी ज़रूरी है (बर्ड फ़्लू या सुनामी किसी राष्ट्रीय सीमा को नहीं मानते)।

3 राजनीतिक परिणाम

राज्य की संप्रभुता पर भूमंडलीकरण के प्रभाव के तीन अलग-अलग पक्ष हैं:

राज्य पर प्रभाव इसका अर्थ
राज्य-क्षमता का क्षरण ‘कल्याणकारी राज्य’ की जगह एक न्यूनतम राज्य लेता है (क़ानून-व्यवस्था, सुरक्षा); बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बढ़ते प्रभाव से बाज़ार आर्थिक-सामाजिक प्राथमिकताओं का मुख्य निर्धारक बनता है
राज्य की प्रधानता हमेशा कम नहीं होती राज्य राजनीतिक समुदाय का निर्विवाद आधार बना रहता है; राज्यों के बीच पुरानी प्रतिद्वंद्विताएँ अब भी मायने रखती हैं; राज्य अपने आवश्यक कार्य बनाए रखते हैं और सोच-समझकर ही कुछ क्षेत्रों से हटते हैं
राज्य-क्षमता बढ़ भी सकती है बेहतर तकनीक से राज्य नागरिकों के बारे में अधिक जानकारी जुटा पाता है, जिससे वह कुछ मायनों में और अधिक शक्तिशाली बनता है, कम नहीं

4 आर्थिक परिणाम

आर्थिक भूमंडलीकरण को केवल IMF और WTO की भूमिका तक सीमित समझना ग़लत है: व्यापक दृष्टिकोण यह पूछता है कि सबसे अधिक लाभ किसे मिलता है, कम किसे, और हानि किसे होती है। इसमें आम तौर पर वस्तुओं का प्रवाह बढ़ता है (आयात पर कम प्रतिबंध), पूँजी का प्रवाह बढ़ता है (निवेशक विदेश में अधिक स्वतंत्र रूप से निवेश कर पाते हैं), और विचारों का प्रवाह बढ़ता है (इंटरनेट का प्रसार), पर लोगों की आवाजाही में उतनी वृद्धि नहीं होती, क्योंकि विकसित देश अपने नागरिकों की नौकरियाँ बचाने के लिए वीज़ा नीतियों से सीमाओं की रक्षा करते हैं।

आर्थिक भूमंडलीकरण के आलोचक

  • इससे केवल एक छोटे वर्ग को लाभ होता है, राज्य कल्याण पर निर्भर लोग और ग़रीब होते हैं
  • संस्थागत ‘सामाजिक सुरक्षा-जाल’ की माँग करते हैं
  • कुछ इसे ‘पुनः-उपनिवेशीकरण’ कहते हैं

आर्थिक भूमंडलीकरण के समर्थक

  • नियंत्रण-मुक्ति से अधिक आर्थिक वृद्धि और कल्याण होता है
  • हर अर्थव्यवस्था को वही करने देता है जिसमें वह सबसे बेहतर है
  • कुछ इसे अनिवार्य मानते हैं; उदारवादी कहते हैं इसे समझदारी से अपनाना चाहिए, आँख मूँदकर नहीं

जो नकारा नहीं जा सकता, वह है सरकारों, व्यवसायों और आम लोगों के बीच बढ़ती अन्योन्याश्रितता और एकीकरण: भले ही एक जैसी नीतियाँ अलग-अलग संदर्भों में अलग-अलग परिणाम देती हों।

5 सांस्कृतिक परिणाम

भूमंडलीकरण घरेलू जीवन तक पहुँचता है: हम क्या खाते हैं, पहनते हैं, और यहाँ तक कि क्या सोचते हैं।

याद रखेंपरिभाषा 2

सांस्कृतिक समरूपता (Cultural Homogenisation) यह आशंका है कि भूमंडलीकरण दुनिया पर एक समान, व्यवहार में पश्चिमी, संस्कृति थोप देता है, जिसे ‘अमेरिकी वर्चस्व की सॉफ़्ट पावर’ कहा जाता है (बर्गर, जीन्स, ‘मैकडॉनल्डीकरण’)। सांस्कृतिक विविधीकरण (Cultural Heterogenisation) इसके विपरीत प्रभाव है: आदान-प्रदान से संस्कृतियाँ और अधिक विशिष्ट बनती हैं, क्योंकि सांस्कृतिक आदान-प्रदान शायद ही कभी एकतरफ़ा होता है।

सांस्कृतिक प्रभाव केवल नकारात्मक नहीं होते: संस्कृतियाँ हमेशा बाहरी प्रभावों को आत्मसात करती रही हैं। कुछ प्रभाव विकल्प घटाते हैं, पर कुछ केवल विकल्प बढ़ाते हैं या परंपरा के साथ घुल-मिल जाते हैं (बर्गर मसाला डोसा की जगह नहीं लेता; खादी कुर्ते के साथ पहनी गई जीन्स एक नया संयोजन बनी, जो बाद में स्वयं अमेरिका में भी ‘निर्यात’ हो गई)।

6 भारत और भूमंडलीकरण

पूँजी, वस्तुओं, विचारों और लोगों का प्रवाह भारत के लिए नया नहीं है: यह सदियों पुराना है। औपनिवेशिक काल में, ब्रिटेन की साम्राज्यवादी महत्वाकांक्षाओं ने भारत को कच्चे माल का निर्यातक और तैयार माल का आयातक बना दिया।

स्वतंत्रता के बादभारत ने आत्मनिर्भरता और संरक्षणवाद अपनाया, घरेलू उत्पादन और आयात पर प्रतिबंध, पर इससे स्वास्थ्य, आवास और प्राथमिक शिक्षा जैसे क्षेत्र उपेक्षित रह गए, और आर्थिक विकास की दर धीमी रही
1991वित्तीय संकट और तेज़ आर्थिक विकास की चाह में भारत ने आर्थिक सुधार शुरू किए: व्यापार और विदेशी निवेश को क्रमशः नियंत्रण-मुक्त किया गया
परीक्षा संकेत

भारत के 1991 के सुधारों की असली कसौटी केवल ऊँची विकास दर नहीं, बल्कि यह है कि विकास का लाभ सबको मिले, ताकि हर कोई बेहतर स्थिति में पहुँचे।

7 भूमंडलीकरण का प्रतिरोध

वामपंथी आलोचना

  • भूमंडलीकरण वैश्विक पूँजीवाद का वह दौर है जो अमीरों को और अमीर (और कम संख्या में) तथा ग़रीबों को और ग़रीब बनाता है
  • कमज़ोर राज्य ग़रीबों की रक्षा नहीं कर पाता

दक्षिणपंथी आलोचना

  • यह भी राज्य के कमज़ोर होने से चिंतित है
  • कुछ क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता/संरक्षणवाद चाहता है
  • परंपरागत संस्कृति और मूल्यों के खोने का डर है

भूमंडलीकरण-विरोधी आंदोलन स्वयं भी वैश्विक नेटवर्क बनाते हैं, अलग-अलग देशों में समान विचार वालों से जुड़ते हैं: अधिकांश भूमंडलीकरण के विचार से नहीं, बल्कि उसके किसी विशेष कार्यक्रम से विरोध रखते हैं, जिसे वे साम्राज्यवाद का एक रूप मानते हैं। 1999 में सिएटल में हुई WTO मंत्रिस्तरीय बैठक में व्यापक विरोध-प्रदर्शन हुए, जिनमें तर्क दिया गया कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में विकासशील देशों के हितों को पर्याप्त महत्व नहीं मिला। विश्व सामाजिक मंच (World Social Forum, WSF) मानवाधिकार कार्यकर्ताओं, पर्यावरणविदों, श्रमिक, युवा और महिला समूहों को एक साथ लाता है, जो नव-उदारवादी भूमंडलीकरण के विरुद्ध हैं: इसकी पहली बैठक 2001 में पोर्टो एलेग्रे, ब्राज़ील में हुई; चौथी बैठक 2004 में मुंबई में हुई।

8 भारत में भूमंडलीकरण का प्रतिरोध

प्रतिरोध का स्रोत इसका स्वरूप
वामपंथी (भारत) राजनीतिक दलों और भारतीय सामाजिक मंच जैसे मंचों के ज़रिए आर्थिक उदारीकरण का विरोध; बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्रवेश के विरुद्ध ट्रेड यूनियन और किसान संगठनों के प्रदर्शन; नीम जैसे पौधों के विदेशी कंपनियों द्वारा पेटेंट कराने का विरोध
दक्षिणपंथी (भारत) सांस्कृतिक प्रभावों पर आपत्ति: केबल नेटवर्क पर विदेशी टीवी चैनल, वैलेंटाइन डे मनाना, स्कूल–कॉलेज के छात्रों की पोशाक का पश्चिमीकरण
झटपट दोहराव: परीक्षा से एक रात पहले पढ़ें
  • भूमंडलीकरण = विचारों, पूँजी, वस्तुओं, लोगों का प्रवाह → ‘विश्वव्यापी अंतर्संबंधता’
  • बहु-आयामी (राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक) और असमान प्रभाव
  • नया क्या है: प्रवाहों का पैमाना और गति, जो तकनीक से प्रेरित है
  • राजनीतिक प्रभाव: राज्य-क्षमता घट सकती है, अपरिवर्तित रह सकती है, या बढ़ भी सकती है
  • आर्थिक भूमंडलीकरण बहस: आलोचक सुरक्षा-जाल चाहते हैं; समर्थक नियंत्रण-मुक्ति से हुई वृद्धि का हवाला देते हैं
  • सांस्कृतिक समरूपता (पश्चिमी वर्चस्व) बनाम सांस्कृतिक विविधीकरण (आदान-प्रदान से विशिष्टता)
  • भारत: स्वतंत्रता के बाद संरक्षणवाद → 1991 के आर्थिक सुधार
  • प्रतिरोध: वामपंथी (पूँजीवाद, असमानता), दक्षिणपंथी (संस्कृति, आत्मनिर्भरता); WSF पहली बार 2001 पोर्टो एलेग्रे, फिर 2004 मुंबई में
अभ्यास प्रश्न: 1 अंक
  1. 1 अंकभूमंडलीकरण के प्रवाहों से कौन-सा महत्वपूर्ण तत्व बनता है?
  2. 1 अंकभूमंडलीकरण के तीन आयामों के नाम लिखिए।
  3. 1 अंकसांस्कृतिक समरूपता क्या है?
  4. 1 अंकभारत ने आर्थिक सुधार किस वर्ष शुरू किए?
  5. 1 अंकपहला विश्व सामाजिक मंच कब और कहाँ हुआ?
  6. 1 अंकचौथा विश्व सामाजिक मंच किस शहर में हुआ?
  7. 1 अंक‘सांस्कृतिक विविधीकरण’ क्या है?
  8. 1 अंकभारत में किस पौधे के पेटेंट का विदेशी कंपनियों द्वारा किए जाने का विरोध हुआ?
अभ्यास प्रश्न: 2 और 4 अंक
  1. 2 अंकतकनीक ने भूमंडलीकरण में कैसे योगदान दिया है?
  2. 2 अंक‘सामाजिक सुरक्षा-जाल’ से क्या तात्पर्य है?
  3. 2 अंकऐसा सांस्कृतिक आदान-प्रदान का उदाहरण दीजिए जिसने विकल्प घटाने की बजाय बढ़ाए।
  4. 4 अंक‘विश्वव्यापी अंतर्संबंधता’ क्या है? इसके घटक क्या हैं?
  5. 4 अंकराज्य की संप्रभुता पर भूमंडलीकरण के प्रभाव के तीन पक्षों की व्याख्या कीजिए।
  6. 4 अंकभूमंडलीकरण के आर्थिक निहितार्थ क्या हैं? इसने भारत को कैसे प्रभावित किया है?
  7. 4 अंकभूमंडलीकरण के विरुद्ध वामपंथी और दक्षिणपंथी प्रतिरोध में अंतर स्पष्ट कीजिए।
अभ्यास प्रश्न: 6 अंक
  1. 6 अंकविकासशील देशों में राज्य की भूमिका पर भूमंडलीकरण के प्रभाव का समालोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।
  2. 6 अंकक्या आप मानते हैं कि भूमंडलीकरण सांस्कृतिक विविधता की ओर ले जाता है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
  3. 6 अंकभूमंडलीकरण ने भारत को कैसे प्रभावित किया है, और भारत बदले में भूमंडलीकरण को कैसे प्रभावित कर रहा है?
बहुविकल्पीय प्रश्न
  1. 1 अंकभूमंडलीकरण को सबसे अच्छी तरह कैसे वर्णित किया जा सकता है?
    (क) एक शुद्ध आर्थिक परिघटना(ख) पश्चिमीकरण के समान(ग) एक बहु-आयामी परिघटना(घ) जो 1991 में शुरू हुई
  2. 1 अंकभारत ने अपने आर्थिक सुधार किस वर्ष शुरू किए?
    (क) 1975(ख) 1984(ग) 1991(घ) 2001
  3. 1 अंक1999 के WTO विरोध-प्रदर्शन कहाँ हुए?
    (क) पोर्टो एलेग्रे(ख) मुंबई(ग) सिएटल(घ) जेनेवा
  4. 1 अंकविश्व सामाजिक मंच पहली बार कब हुआ?
    (क) 1999(ख) 2001(ग) 2004(घ) 2024
  5. 1 अंक‘मैकडॉनल्डीकरण’ किसका उदाहरण है?
    (क) सांस्कृतिक विविधीकरण(ख) सांस्कृतिक समरूपता(ग) आर्थिक संरक्षणवाद(घ) राज्य-क्षमता का क्षरण
अभिकथन एवं कारण

विकल्प: (क) दोनों सही, कारण सही व्याख्या · (ख) दोनों सही, पर व्याख्या नहीं · (ग) अभिकथन सही, कारण ग़लत · (घ) अभिकथन ग़लत, कारण सही।

  1. 1 अंक
    अभिकथन (A): भूमंडलीकरण हमेशा राज्य की क्षमता को घटाता है।
    कारण (R): बेहतर तकनीक राज्य को नागरिकों के बारे में अधिक जानकारी दे सकती है, जिससे कुछ मायनों में उसकी क्षमता बढ़ती है।
  2. 1 अंक
    अभिकथन (A): भूमंडलीकरण के तहत सांस्कृतिक आदान-प्रदान हमेशा पश्चिम से शेष विश्व की ओर ही होता है।
    कारण (R): खादी कुर्ते के साथ जीन्स पहनने का संयोजन बाद में अमेरिका में भी अपनाया गया।
उत्तर कुंजी
बहुविकल्पीय 1–5(ग) (ग) (ग) (ख) (ख)  ·  अभिकथन 1(घ): अभिकथन ग़लत, क्षमता बढ़ भी सकती है · 2(घ): अभिकथन ग़लत, आदान-प्रदान एकतरफ़ा नहीं होता
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