स्वयं को प्रवृत्त करना: निर्देशांकों का उपयोग

अध्याय मानचित्र: सब कुछ कैसे जुड़ा है
1 · निर्देशांक तलदो लंबवत संख्या रेखाएँ, x-अक्ष और y-अक्ष, जो मूलबिंदु पर मिलती हैं
2 · चतुर्थांशदोनों अक्ष तल को चार भागों में बाँटते हैं, हर भाग का अपना चिह्न-प्रारूप होता है
स्वयं को प्रवृत्त करना: निर्देशांक
3 · दो बिंदुओं के बीच दूरीबौधायन-पाइथागोरस प्रमेय किन्हीं भी दो बिंदुओं को एक समकोण त्रिभुज में बदल देता है
4 · मध्यबिंदु, संरेखता और वृत्तदूरी का यही विचार मध्यबिंदु, सीधी रेखा की जाँच और वृत्त पर बिंदुओं तक ले जाता है
इस अध्याय में आप क्या सीखेंगे
  • दो संख्याओं (x, y) की सहायता से तल में किसी भी बिंदु को अंकित करना
  • केवल संकेतों (चिह्नों) से यह पहचानना कि कोई बिंदु किस चतुर्थांश में है
  • पहले से ज्ञात एक प्रमेय की सहायता से किन्हीं भी दो बिंदुओं के बीच की सही दूरी निकालना
  • किसी रेखाखंड का मध्यबिंदु ज्ञात करना, और यह जाँचना कि तीन बिंदु एक ही सरल रेखा पर हैं या नहीं
निर्देशांक अक्षमूलबिंदुकार्तीय तलचतुर्थांशक्रमित युग्मदूरी सूत्रमध्यबिंदुसंरेख बिंदु

1निर्देशांक तल

एक अकेली संख्या रेखा किसी बिंदु को केवल एक ही दिशा में बता सकती है: बाएँ-दाएँ। परंतु एक कमरा, एक शहर या कंप्यूटर की स्क्रीन समतल होती है, इसलिए किसी सटीक स्थान को बताने के लिए दो जानकारियों की ज़रूरत होती है, एक की नहीं। वही दो संख्याएँ इस अध्याय का विषय हैं।

चित्र 1: निर्देशांक जाल पर बना एक कमरा। हर कोना और दरवाज़ा अब केवल दो संख्याओं से बताया जा सकता है।
चित्र 1: निर्देशांक जाल पर बना एक कमरा। हर कोना और दरवाज़ा अब केवल दो संख्याओं से बताया जा सकता है।
कंठस्थ करेंपरिभाषा 1

निर्देशांक अक्ष दो संख्या रेखाएँ हैं जो एक-दूसरे के लंबवत खींची जाती हैं: एक क्षैतिज, जिसे x-अक्ष कहते हैं, और एक ऊर्ध्वाधर, जिसे y-अक्ष कहते हैं। इनके प्रतिच्छेद बिंदु को मूलबिंदु O कहते हैं, जिसके निर्देशांक (0, 0) होते हैं।

कंठस्थ करेंपरिभाषा 2

दोनों अक्षों वाले तल को कार्तीय तल, निर्देशांक तल या xy-तल कहते हैं। O के दाईं ओर या ऊपर की दूरियाँ धनात्मक होती हैं; O के बाईं ओर या नीचे की दूरियाँ ॠणात्मक होती हैं।

चित्र 2: अक्षों पर बिंदु: x-अक्ष पर स्थित बिंदु का सदैव y = 0 होता है, y-अक्ष पर स्थित बिंदु का सदैव x = 0 होता है।
चित्र 2: अक्षों पर बिंदु: x-अक्ष पर स्थित बिंदु का सदैव y = 0 होता है, y-अक्ष पर स्थित बिंदु का सदैव x = 0 होता है।
कंठस्थ करेंपरिभाषा 3

किसी बिंदु P के निर्देशांक एक क्रमित युग्म (x, y) के रूप में लिखे जाते हैं, जहाँ x, P की y-अक्ष से दूरी है (x-अक्ष के अनुदिश मापी गई) और y, P की x-अक्ष से दूरी है (y-अक्ष के अनुदिश मापी गई)। x को x-निर्देशांक (भुज) और y को y-निर्देशांक (कोटि) कहते हैं।

सामान्य भूल

(x, y) और (y, x) एक ही बिंदु नहीं हैं, जब तक x = y न हो। सदैव x-निर्देशांक पहले लिखें: ग्राफ़ से बिंदु पढ़ते समय क्रम बदलने पर विद्यार्थी अंक गँवा देते हैं।

क्या आप जानते हैं?

निर्देशांकों की सोच डेकार्त से कहीं पुरानी है। सिंधु-सरस्वती सभ्यता के नगर 4,000 वर्ष से भी पहले उत्तर-दक्षिण/पूर्व-पश्चिम जाल पर सटीक रूप से बसाए गए थे। आर्यभट्ट (लगभग 499 सामान्य संवत) ने आकाश का मानचित्र बनाने के लिए निर्देशांकों का उपयोग किया, और ब्रह्मगुप्त (लगभग 628 सामान्य संवत) ने शून्य और ॠणात्मक संख्याओं को बीजगणितीय अर्थ दिया, जिनके बिना आज का मूलबिंदु और बाईं/नीचे की दिशाएँ संभव ही नहीं होतीं। फर्मेट और देकार्त ने तो इस पद्धति को केवल 1600 के दशक में, यूरोप में औपचारिक रूप दिया।

2चतुर्थांश

दोनों अक्ष कार्तीय तल को चार भागों में बाँटते हैं, जिन्हें चतुर्थांश कहते हैं और ऊपर-दाईं ओर से शुरू करके वामावर्त दिशा में I से IV तक क्रमांकित किया जाता है।

चतुर्थांश x-निर्देशांक y-निर्देशांक रूप उदाहरण
I धनात्मक धनात्मक (+, +) P(3, 5)
II ॠणात्मक धनात्मक (–, +) Q(–5, 3)
III ॠणात्मक ॠणात्मक (–, –) R(–4, –4)
IV धनात्मक ॠणात्मक (+, –) S(3, –5)
चित्र 3: हर चतुर्थांश में एक-एक बिंदु, उसके चिह्न-प्रारूप के साथ।
चित्र 3: हर चतुर्थांश में एक-एक बिंदु, उसके चिह्न-प्रारूप के साथ।
परीक्षा टिप

x-अक्ष पर स्थित बिंदु सदैव (x, 0) के रूप में होता है, और y-अक्ष पर स्थित बिंदु सदैव (0, y) के रूप में। इनमें से कोई भी किसी चतुर्थांश में “स्थित” नहीं होता। यह 1 अंक का पसंदीदा प्रश्न है।

हल किया गया उदाहरण

प्र. इनका चतुर्थांश (या अक्ष) बताइए: A(–2, 7), B(0, –6), C(8, –1), D(–3, –3)।

उ. A → चतुर्थांश II (–, +)  ·  B → y-अक्ष पर (x = 0)  ·  C → चतुर्थांश IV (+, –)  ·  D → चतुर्थांश III (–, –)

3दो बिंदुओं के बीच दूरी

यदि दो बिंदु एक ही अक्ष पर हों, या किसी अक्ष के समांतर रेखा पर हों, तो उनके बीच की दूरी निकालना केवल घटाव है।

सूत्र
दूरी =x2x1= |x_2 – x_1|   (x-अक्ष के समांतर रेखा पर स्थित बिंदुओं के लिए)
दूरी =y2y1= |y_2 – y_1|   (y-अक्ष के समांतर रेखा पर स्थित बिंदुओं के लिए)। दूरी कभी ॠणात्मक नहीं होती, इसलिए निरपेक्ष मान लिया जाता है

परंतु यदि दो बिंदुओं को जोड़ने वाला रेखाखंड तिरछा हो, अर्थात किसी भी अक्ष के समांतर न हो, तो क्या करें? बिंदु A(3, 4) और D(7, 1) को देखिए। एक सहायक बिंदु C(3, 1) लीजिए: अब AC ऊर्ध्वाधर है, CD क्षैतिज है, और AD एक समकोण त्रिभुज का कर्ण है।

चित्र 4: AD, समकोण त्रिभुज ACD का कर्ण है, जिसकी भुजाएँ AC = 3 इकाई और CD = 4 इकाई हैं।
चित्र 4: AD, समकोण त्रिभुज ACD का कर्ण है, जिसकी भुजाएँ AC = 3 इकाई और CD = 4 इकाई हैं।
AC=41=3AC = 4 – 1 = 3 इकाईA और C के y-निर्देशांकों का अंतर
CD=73=4CD = 7 – 3 = 4 इकाईC और D के x-निर्देशांकों का अंतर
AD=AC2+CD2=32+42=25=5AD = \sqrt{AC^2 + CD^2} = \sqrt{3^2+4^2} = \sqrt{25} = 5 इकाईसमकोण त्रिभुज ACD पर बौधायन-पाइथागोरस प्रमेय

इसी प्रक्रिया को किन्हीं भी दो बिंदुओं (x1,y1)(x_1, y_1) और (x2,y2)(x_2, y_2) के लिए दोहराने पर सामान्य दूरी सूत्र मिलता है, और इससे कोई अंतर नहीं पड़ता कि निर्देशांक धनात्मक हैं या ॠणात्मक, क्योंकि हम केवल लंबाइयाँ माप रहे हैं।

d=(x2x1)2+(y2y1)2d = \sqrt{(x_2-x_1)^2 + (y_2-y_1)^2}

…(1)

प्रत्येक चिह्न का अर्थ
ddदोनों बिंदुओं के बीच की दूरीनिर्देशांकों जैसी ही इकाई
(x1,y1)(x_1,y_1)पहले बिंदु के निर्देशांक
(x2,y2)(x_2,y_2)दूसरे बिंदु के निर्देशांक
दिया है

बिंदु M(–3, 6) और N(5, 0)

ज्ञात करना है

दूरी MN

हल

MN=(5(3))2+(06)2=82+(6)2=64+36=100=  MN = \sqrt{(5-(-3))^2 + (0-6)^2} = \sqrt{8^2 + (-6)^2} = \sqrt{64+36} = \sqrt{100} = \;1010 इकाई

परीक्षा टिप

किसी आकृति को अक्ष में परावर्तित करने पर एक निर्देशांक का चिह्न बदल जाता है, पर किसी भी भुजा की लंबाई नहीं बदलती। दूरी सूत्र परावर्तन से पहले और बाद में समान उत्तर देता है, क्योंकि इसमें सदैव अंतरों के वर्ग ही उपयोग होते हैं।

4मध्यबिंदु, संरेखता और वृत्त

इस पूरे अध्याय की नींव दूरी सूत्र ही है: अगले तीन विचार उसी के अनुप्रयोग हैं।

सूत्र
(x1,y1)(x_1,y_1) और (x2,y2)(x_2,y_2) का मध्यबिंदु =(x1+x22, y1+y22)= \left(\dfrac{x_1+x_2}{2},\ \dfrac{y_1+y_2}{2}\right)
मध्यबिंदु के निर्देशांक, दोनों अंतिम बिंदुओं के निर्देशांकों का औसत मात्र हैं
चित्र 5: M(5, 6), रेखाखंड ST का मध्यबिंदु है, क्योंकि 5 = (2+8)/2 और 6 = (3+9)/2 है।
चित्र 5: M(5, 6), रेखाखंड ST का मध्यबिंदु है, क्योंकि 5 = (2+8)/2 और 6 = (3+9)/2 है।
दिया है

M(–7, 1), A(3, –4) और B(x, y) का मध्यबिंदु है

ज्ञात करना है

B के निर्देशांक

हल

3+x2=7x=17\dfrac{3+x}{2} = -7 \Rightarrow x = -17 और 4+y2=1y=6\dfrac{-4+y}{2} = 1 \Rightarrow y = 6। अतः B =  =\;(17,6)(-17, 6)

सूत्र
A(x1,y1)A(x_1,y_1) और B(x2,y2)B(x_2,y_2) के त्रिविभाजन बिंदु: P=A+13(BA)P = A + \tfrac{1}{3}(B-A),   Q=A+23(BA)Q = A + \tfrac{2}{3}(B-A)
P और Q, AB को तीन बराबर भागों में बाँटते हैं, P, A के निकट है और Q, B के निकट
दिया है

A(4, 7) और B(16, –2)

ज्ञात करना है

त्रिविभाजन बिंदु P (A के निकट) और Q (B के निकट)

हल

P=(4+1643, 7+273)=(8,4)P = \left(4+\tfrac{16-4}{3},\ 7+\tfrac{-2-7}{3}\right) = (8, 4)

Q=(4+2(164)3, 7+2(27)3)=  Q = \left(4+\tfrac{2(16-4)}{3},\ 7+\tfrac{2(-2-7)}{3}\right) = \;(12,1)(12, 1)

तीन बिंदु संरेख हैं या नहीं, यह जाँचना

तीन बिंदु A, B, C (जहाँ B, A और C के बीच में हो) एक ही सरल रेखा पर तभी होते हैं जब AB+BC=ACAB + BC = AC। दूरी सूत्र से तीनों दूरियाँ निकालें और योग जाँचें। अंकित करने की आवश्यकता नहीं।

हल किया गया उदाहरण

प्र. क्या M(–3, –4), A(0, 0) और G(6, 8) एक ही सरल रेखा पर हैं?

MA=32+42=5MA = \sqrt{3^2+4^2} = 5,   AG=62+82=10AG = \sqrt{6^2+8^2} = 10,   MG=92+122=15MG = \sqrt{9^2+12^2} = 15

चूँकि MA+AG=5+10=15=MGMA + AG = 5 + 10 = 15 = MG, अतः ये बिंदु एक ही सरल रेखा पर हैं

वृत्त उन सभी बिंदुओं का समूह है जो एक निश्चित बिंदु (केंद्र) से एक निश्चित दूरी (त्रिज्या) पर हों, इसलिए दूरी सूत्र यह भी बता सकता है कि कोई बिंदु वृत्त पर है, उसके भीतर है या बाहर।

चित्र 6: A(1,–8), B(–4,7) और C(–7,–4) सभी वृत्त K (त्रिज्या √65, केंद्र O) पर स्थित हैं। D भीतर है, E बाहर है।
चित्र 6: A(1,–8), B(–4,7) और C(–7,–4) सभी वृत्त K (त्रिज्या √65, केंद्र O) पर स्थित हैं। D भीतर है, E बाहर है।
हल किया गया उदाहरण

प्र. दिखाइए कि A(1, –8), B(–4, 7), C(–7, –4) मूलबिंदु O(0, 0) पर केंद्रित एक वृत्त पर स्थित हैं, और उसकी त्रिज्या ज्ञात कीजिए।

OA=12+82=65OA = \sqrt{1^2+8^2}=\sqrt{65},   OB=42+72=65OB=\sqrt{4^2+7^2}=\sqrt{65},   OC=72+42=65OC=\sqrt{7^2+4^2}=\sqrt{65}

O से तीनों दूरियाँ बराबर हैं, अतः A, B, C त्रिज्या 65\sqrt{65} इकाई वाले एक ही वृत्त पर स्थित हैं।

याद रखने की तरकीब

भीतर: दूरी < त्रिज्या। वृत्त पर: दूरी = त्रिज्या। बाहर: दूरी > त्रिज्या।

बस बिंदु की केंद्र से दूरी की त्रिज्या से तुलना करें, तीनों स्थितियाँ स्वतः स्पष्ट हो जाती हैं।

इस अध्याय का हर विचार, चतुर्थांश, दूरी, मध्यबिंदु, संरेखता, वृत्त, केवल एक ही चीज़ से निकलता है: दो लंबवत संख्या रेखाएँ और बौधायन-पाइथागोरस प्रमेय।

इस अध्याय से याद रखने वाली एक ही बात

परीक्षा से पहले स्वयं जाँचें
  • क्या मैं किसी बिंदु को अंकित करके तुरंत उसका चतुर्थांश बता सकता हूँ?
  • क्या मैं दूरी सूत्र याद से लिखकर बिना चित्र के प्रयोग कर सकता हूँ?
  • क्या मैं मध्यबिंदु ज्ञात कर सकता हूँ, और उससे तीन बिंदुओं की संरेखता जाँच सकता हूँ?
  • क्या मैं बता सकता हूँ कि कोई बिंदु किसी दिए गए वृत्त के भीतर है, उस पर है, या बाहर है?
त्वरित पुनरावलोकन: परीक्षा से एक रात पहले पढ़ें
  • निर्देशांक (x, y): x, y-अक्ष से; y, x-अक्ष से। (x, 0) x-अक्ष पर है; (0, y) y-अक्ष पर है
  • चतुर्थांश I–IV: (+,+), (–,+), (–,–), (+,–)
  • दूरी =(x2x1)2+(y2y1)2= \sqrt{(x_2-x_1)^2+(y_2-y_1)^2}; अक्ष के समांतर रेखा पर यह केवल |अंतर| है
  • मध्यबिंदु =(x1+x22,y1+y22)= \left(\frac{x_1+x_2}{2}, \frac{y_1+y_2}{2}\right)
  • A, B, C संरेख हैं यदि AB+BC=ACAB+BC=AC (B, A और C के बीच)
  • कोई बिंदु त्रिज्या r वाले, O पर केंद्रित वृत्त पर तभी है जब उसकी O से दूरी r के बराबर हो
अभ्यास प्रश्न
  1. 1 अंकमूलबिंदु के निर्देशांक क्या हैं?
  2. 1 अंकबिंदु (–6, –2) किस चतुर्थांश में है?
  3. 1 अंकy-अक्ष पर, मूलबिंदु से 5 इकाई नीचे स्थित बिंदु के निर्देशांक लिखिए।
  4. 2 अंकP(–5, 7) और Q(–1, 4) के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।
  5. 2 अंक(–8, 7) और (6, –3) को जोड़ने वाले रेखाखंड का मध्यबिंदु ज्ञात कीजिए।
  6. 3 अंकबिंदु W का x-निर्देशांक –5 है। H, W से होकर जाने वाली y-अक्ष के समांतर रेखा पर है। H किन चतुर्थांशों में हो सकता है? स्पष्ट कीजिए।
  7. 3 अंकजाँचिए कि R(–5, –1), B(–2, –5) और C(4, –12) संरेख हैं या नहीं।
  8. 3 अंकA(2, 1), B(–1, 2), C(–2, –1), D(1, –2) अंकित कीजिए। दिखाइए कि ABCD एक वर्ग है और उसका क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
  9. 4 अंकD(–5, 6) और E(0, 9) दिए गए हैं, और मूलबिंदु पर केंद्रित वृत्त K की त्रिज्या √65 है। बताइए कि प्रत्येक बिंदु वृत्त के भीतर है, उस पर है, या बाहर है। अपना कार्य दिखाइए।
  10. 5 अंकत्रिभुज ABC की भुजाओं के मध्यबिंदु D(5, 1), E(6, 5) और F(0, 3) हैं। A, B और C के निर्देशांक ज्ञात कीजिए।
  11. 3 अंकA(2, –2) और B(–7, 4) को जोड़ने वाले रेखाखंड के त्रिविभाजन बिंदु ज्ञात कीजिए।
  12. 3 अंकचतुर्भुज RAMP के लिए, जहाँ R(3, 0), A(0, –2), M(–5, –2), P(–5, 2) हैं: एक-दूसरे पर लंबवत दो भुजाएँ, किसी अक्ष के समांतर एक भुजा, और किसी एक अक्ष में एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिंब बिंदुओं का युग्म बताइए।
  13. 4 अंकएक कंप्यूटर स्क्रीन 800 px चौड़ी और 600 px ऊँची है (मूलबिंदु नीचे-बाईं कोने पर)। 80 px त्रिज्या वाला एक वृत्ताकार आइकन A(100, 150) पर केंद्रित है; 100 px त्रिज्या वाला दूसरा आइकन B(250, 230) पर केंद्रित है। क्या किसी वृत्त का कोई भाग स्क्रीन के बाहर है? क्या दोनों वृत्त एक-दूसरे को प्रतिच्छेद करते हैं?
बहुविकल्पीय प्रश्न
  1. 1 अंकबिंदु (0, –7) स्थित है:
    (a) x-अक्ष पर(b) y-अक्ष पर(c) चतुर्थांश III में(d) चतुर्थांश IV में
  2. 1 अंकयदि x ≠ y, तो (x, y) और (y, x):
    (a) सदैव एक ही बिंदु होते हैं(b) कभी एक ही बिंदु नहीं होते(c) सदैव एक ही चतुर्थांश में होते हैं(d) दोनों किसी अक्ष पर होते हैं
  3. 1 अंकबिंदु (–8, 6) की मूलबिंदु से दूरी है:
    (a) 2(b) 10(c) 14(d) 100
अभिकथन (A): बिंदु (4, 0), x-अक्ष पर स्थित है।
तर्क (R): x-अक्ष पर स्थित हर बिंदु का y-निर्देशांक 0 होता है।
केस स्टडी
एक शहर की दो मुख्य सड़कें शहर के केंद्र पर एक-दूसरे को काटती हैं, जो उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम दिशा में हैं। बाकी सभी सड़कें इनके समांतर हैं, हर दिशा में 200 मी की दूरी पर 10 सड़कें हैं। किसी चौराहे को (a, b) नाम दिया जाता है, जहाँ a उत्तर-दक्षिण दिशा की a-वीं सड़क है और b पूर्व-पश्चिम दिशा की b-वीं सड़क।
  1. 1 अंकयह चौराहा-नामकरण पद्धति वास्तविक जीवन के किस विचार को दर्शाती है?
  2. 1 अंक1 सेमी = 200 मी लेने पर, दो सड़कों के बीच की वास्तविक दूरी कागज़ पर कितनी दिखेगी?
  3. 2 अंकदो मित्र चौराहे (2, 5) और (2, 9) पर रहते हैं। उनके घरों के बीच वास्तविक दूरी क्या है?
उत्तर कुंजी
प्र1–3(0,0) · चतुर्थांश III · (0, –5)
प्र4PQ=42+32=5PQ=\sqrt{4^2+3^2}=5 इकाई
प्र5मध्यबिंदु =(1,2)=(-1,2)
प्र6H, किसी भी y ≠ 0 के लिए (–5, y) हो सकता है; y > 0 पर चतुर्थांश II में, y < 0 पर चतुर्थांश III में
प्र7RB=5,BC=85,RC=202RB=5, BC=\sqrt{85}, RC=\sqrt{202}। चूँकि RB+BCRCRB+BC\ne RC, संरेख नहीं हैं
प्र8सभी भुजाएँ = √10, ABCD एक वर्ग है, क्षेत्रफल = 10 वर्ग इकाई
प्र9OD=61<65OD=\sqrt{61}<\sqrt{65} → भीतर; OE=9>65OE=9>\sqrt{65} → बाहर
प्र10A(1, 7), B(–1, –1), C(11, 3), जहाँ D, E, F को क्रमशः BC, CA, AB के मध्यबिंदु मान लिया गया
प्र11P(–1, 0), Q(–4, 2)
प्र12AM और MP लंबवत हैं; AM, x-अक्ष के समांतर है (MP, y-अक्ष के समांतर); M और P, x-अक्ष में एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिंब हैं
प्र13दोनों वृत्त पूरी तरह स्क्रीन के भीतर हैं; केंद्रों के बीच दूरी AB = 170, जो त्रिज्याओं के अंतर (20) और योग (180) के बीच है, अतः वृत्त प्रतिच्छेद करते हैं
बहुविकल्पीय 1–3(b) · (b) · (b)
अभिकथन/तर्कA और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है
केस स्टडीनिर्देशांक पद्धति · 1 सेमी : 200 मी · 800 मी
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