इस अध्याय के 20 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, परीक्षा की प्रचलित शैलियों में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंककुँवर नारायण का जन्म कब हुआ था?
(क) 9 सितंबर, 1927(ख) 19 सितंबर, 1947(ग) 19 सितंबर, 1927(घ) 19 सितंबर, 1937 - 1 अंकनिम्न में से कौन-सी रचना कुँवर नारायण का काव्य संग्रह नहीं है?
(क) कोई दूसरा नहीं(ख) चक्रव्यूह(ग) आत्मजयी(घ) इन दिनों - 1 अंक‘कविता के बहाने’ कविता किस संग्रह से ली गई है?
(क) परिवेश: हम तुम(ख) कोई दूसरा नहीं(ग) चक्रव्यूह(घ) इन दिनों - 1 अंक‘कविता के बहाने’ कविता में कुल कितने बंद हैं?
(क) तीन(ख) चार(ग) पाँच(घ) दो - 1 अंककविता के आरंभ में बात किस कारण टेढ़ी फँस गई?
(क) समय की कमी से(ख) श्रोताओं की माँग से(ग) भाषा के चक्कर में(घ) कवि की लापरवाही से - 1 अंककवि पेंच को बेतरह कसता क्यों चला गया?
(क) उसे तमाशबीनों की वाहवाही सुनाई दे रही थी(ख) उसे भाषा की जानकारी नहीं थी(ग) उसके पास समय कम था(घ) उसे डर था कि बात गलत हो जाएगी - 1 अंक‘बात की चूड़ी मर गई’ का क्या अर्थ है?
(क) बात पूरी तरह समझ में आ गई(ख) बात की पकड़ और असर खत्म हो गया(ग) बात बहुत प्रभावशाली हो गई(घ) बात पूरी तरह भुला दी गई - 1 अंकहार मानकर कवि ने बात का क्या किया?
(क) उसे कील की तरह ठोंक दिया(ख) उसे फिर से समझाया(ग) उसे लिख डाला(घ) उसे भुला दिया - 1 अंक‘कविता एक उड़ान है’, ‘कविता एक खिलना है’, इनमें कौन-सा अलंकार है?
(क) उपमा अलंकार(ख) मानवीकरण(ग) अनुप्रास अलंकार(घ) रूपक अलंकार - 1 अंक‘बात सीधी थी पर’ कविता में पेंच, चूड़ी और कील पाठ के अनुसार किसके मूर्त उपमान हैं?
(क) कथ्य और माध्यम के द्वंद्व के(ख) समाज की समस्याओं के(ग) कवि के जीवन के(घ) पाठक की समझ के - 1 अंक‘बात’ को शरारती बच्चे की तरह खेलते हुए दिखाना किसका उदाहरण है?
(क) अतिशयोक्ति(ख) श्लेष अलंकार(ग) मानवीकरण(घ) विरोधाभास - 1 अंकदोनों कविताएँ किस छंद-शैली में लिखी गई हैं?
(क) दोहा छंद(ख) मुक्त छंद(ग) सवैया छंद(घ) चौपाई छंद
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकअभिकथन (A): फूल का खिलना और कविता का खिलना बिल्कुल एक समान है।
कारण (R): फूल के खिलने के साथ उसकी परिणति निश्चित है, जबकि कविता बिना मुरझाए महकती है।
(क) A सत्य, R सत्य, R सही व्याख्या(ख) A सत्य, R सत्य, R सही व्याख्या नहीं(ग) A सत्य, R असत्य(घ) A असत्य, R सत्य
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसही मिलान करें: (क) बात की चूड़ी मर जाना (ख) बात की पेंच खोलना (ग) बात का शरारती बच्चे की तरह खेलना (घ) पेंच को कील की तरह ठोंक देना (ङ) बात का बन जाना। सूची: 1. बात में कसावट का न होना, 2. बात का पकड़ में न आना, 3. कथ्य और भाषा का सही सामंजस्य बनना, 4. बात का प्रभावहीन हो जाना, 5. बात को सहज और स्पष्ट करना
(क) क-3, ख-2, ग-5, घ-4, ङ-1(ख) क-5, ख-1, ग-4, घ-3, ङ-2(ग) क-1, ख-3, ग-2, घ-5, ङ-4(घ) क-4, ख-5, ग-2, घ-1, ङ-3
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंककथन I: ‘कविता के बहाने’ में चिड़िया, फूल और बच्चे तीनों का उदाहरण दिया गया है। कथन II: पाठ के अनुसार चिड़िया, फूल और बच्चे तीनों समान रूप से सीमित हैं।
(क) दोनों कथन गलत हैं(ख) दोनों कथन सही हैं(ग) केवल कथन I सही है(घ) केवल कथन II सही है
5 सही क्रम में लगाइए
सही क्रम में लगाइए
- 1 अंक‘बात सीधी थी पर’ कविता में घटनाओं का सही क्रम लगाएँ: 1. बात की चूड़ी मरना 2. बात का भाषा में टेढ़ी फँसना 3. बात का व्यंग्यपूर्ण प्रश्न पूछना 4. भाषा को उलटना-पलटना, कसना
(क) 2, 4, 1, 3(ख) 2, 1, 4, 3(ग) 1, 2, 3, 4(घ) 4, 2, 1, 3
6 रिक्त स्थान
रिक्त स्थान
- 1 अंक‘हार कर मैंने उसे ______ की तरह उसी जगह ठोंक दिया।’ (रिक्त स्थान भरें)
(क) हथौड़ी(ख) चूड़ी(ग) पेंच(घ) कील
7 असंगत चुनिए
असंगत चुनिए
- 1 अंकइनमें से कौन ‘कविता के बहाने’ के तीन बहानों में से नहीं है?
(क) चिड़िया(ख) नदी(ग) बच्चा(घ) फूल
8 पद्यांश आधारित प्रश्न
पद्यांश आधारित प्रश्न
पद्यांश
कविता एक उड़ान है चिड़िया के बहाने
कविता की उड़ान भला चिड़िया क्या जाने
बाहर भीतर
इस घर, उस घर
कविता के पंख लगा उड़ने के माने
चिड़िया क्या जाने?
कविता की उड़ान भला चिड़िया क्या जाने
बाहर भीतर
इस घर, उस घर
कविता के पंख लगा उड़ने के माने
चिड़िया क्या जाने?
- 1 अंकउपर्युक्त पद्यांश में ‘कविता एक उड़ान है’ कहने के लिए किसके बहाने का सहारा लिया गया है?
(क) चिड़िया के(ख) पतंग के(ग) बादल के(घ) हवा के
9 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकसही/गलत बताएँ: (क) दोनों कविताएँ पाठ्यपुस्तक में पूरी दी गई हैं, कोई अंश नहीं। (ख) ‘पतंग’ कविता की तरह इस अध्याय की कविताएँ भी किसी लंबी कविता के अंश हैं। (ग) कुँवर नारायण को ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला था।
(क) सही, सही, सही(ख) सही, गलत, सही(ग) गलत, सही, गलत(घ) गलत, गलत, सही
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (ग) कुँवर नारायण का जन्म 19 सितंबर, सन् 1927 को उत्तर प्रदेश में हुआ था।
- (ग) आत्मजयी एक प्रबंध काव्य है, काव्य संग्रह नहीं। चक्रव्यूह, इन दिनों और कोई दूसरा नहीं तीनों काव्य संग्रह हैं।
- (घ) ‘कविता के बहाने’ कवि के संग्रह ‘इन दिनों’ से ली गई है।
- (क) कविता तीन बंदों में है, हर बंद एक अलग बहाने (चिड़िया, फूल, बच्चे) पर आधारित है।
- (ग) ‘बात सीधी थी पर एक बार भाषा के चक्कर में ज़रा टेढ़ी फँस गई।’
- (क) ‘क्यों कि इस करतब पर मुझे साफ़ सुनाई दे रही थी तमाशबीनों की शाबाशी और वाह वाह।’
- (ख) ज़ोर-ज़बरदस्ती से बात की चूड़ी मर जाने का अर्थ है उसकी पकड़ और प्रभाव समाप्त हो जाना, वह बेकार घूमने लगी।
- (क) ‘हार कर मैंने उसे कील की तरह उसी जगह ठोंक दिया।’
- (घ) बिना तुलनावाचक शब्द के कविता को सीधे उड़ान/खिलना कह देना रूपक अलंकार है।
- (क) पाठ के अनुसार चूड़ी, कील, पेंच आदि मूर्त्त उपमानों के माध्यम से कवि ने कथ्य की अमूर्त्तता को साकार किया है; कविता कथ्य और माध्यम के द्वंद्व को उकेरती है।
- (ग) निर्जीव ‘बात’ को इंसान जैसी क्रिया (खेलना, पूछना) करते दिखाना मानवीकरण है।
- (ख) दोनों कविताएँ मुक्त छंद में मानी जाती हैं: इनमें किसी तय मात्रा-क्रम का बंधन नहीं है। पाठ में छंद का नाम नहीं लिखा गया, और ‘कविता के बहाने’ में ‘बहाने / जाने / माने’ जैसी तुकें भी आती हैं।
अभिकथन-कारण
- (घ) A असत्य है: दोनों का खिलना एक समान नहीं है। R सत्य है और यही A के असत्य होने का कारण भी बताता है: फूल की परिणति (मुरझाना) निश्चित है, पर कविता बिना मुरझाए महकती है।
सुमेलन कीजिए
- (घ) चूड़ी मर जाना = बात का प्रभावहीन हो जाना, ठीक जैसे कविता में ‘चूड़ी मर गई और वह भाषा में बेकार घूमने लगी’ कहा गया है (4). पेंच खोलना, यानी सही ढंग से खोलना, बात को सहज और स्पष्ट करता (5). बच्चे की तरह खेलना बात के चंचल, पकड़ में न आने वाले स्वभाव को दिखाता है (2). कील की तरह ठोंकना ठीक वैसे ही बिना कसाव-ताकत के रह जाता है जैसे कविता में ‘न तो उसमें कसाव था न ताकत’ कहा गया है (1). बात का बन जाना कथ्य-भाषा के सही सामंजस्य को दिखाता है (3)। सही मिलान: क-4, ख-5, ग-2, घ-1, ङ-3।
कथन आधारित प्रश्न
- (ग) कथन I सही है। कथन II गलत है: पाठ के अनुसार चिड़िया की उड़ान की सीमा है और फूल की परिणति निश्चित है, लेकिन बच्चे के सपने असीम हैं; इसलिए तीनों समान रूप से सीमित नहीं बताए गए।
सही क्रम में लगाइए
- (क) सही क्रम: पहले बात फँसती है (2), फिर उसे कसा-पलटा जाता है (4), फिर उसकी चूड़ी मरती है (1), अंत में बात व्यंग्यपूर्ण प्रश्न पूछती है (3)।
रिक्त स्थान
- (घ) कवि हार मानकर बात को कील की तरह ठोंक देता है।
असंगत चुनिए
- (ख) कविता के तीन बहाने चिड़िया, फूल और बच्चा हैं; नदी का उल्लेख नहीं है।
पद्यांश आधारित प्रश्न
- (क) पद्यांश में कविता को उड़ान कहने के लिए चिड़िया के बहाने का सहारा लिया गया है, और कहा गया है कि चिड़िया इस उड़ान का गहरा अर्थ नहीं जानती।
सत्य-असत्य
- (ख) (क) सही: दोनों पूरी कविताएँ हैं। (ख) गलत: ये अंश नहीं, बल्कि दोनों पूरी कविताएँ हैं। (ग) सही।
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री