NCERT की पाठ्यपुस्तक मानव भूगोल के मूल सिद्धांत के अध्याय 6 “तृतीयक और चतुर्थ क्रियाकलाप” की प्रश्नावली के सभी प्रश्न (परियोजना/क्रियाकलाप सहित, और अध्याय के बीच में दिया गया क्रियाकलाप भी), ठीक उसी क्रम और शब्दों में जैसे किताब (हिंदी संस्करण) में छपे हैं, और हर प्रश्न का पूरा उत्तर। पहले ख़ुद उत्तर सोचिए, फिर मिलाइए।
1 वस्तुनिष्ठ प्रश्न
प्र. निम्नलिखित में से कौन-सा एक तृतीयक क्रियाकलाप है?
(क) खेती (ख) बुनाई (ग) व्यापार (घ) आखेट
उत्तर: (ग) व्यापार। तृतीयक क्रियाकलाप वस्तु नहीं, सेवा प्रदान करते हैं; व्यापार सेवा है। खेती और आखेट (शिकार) प्राथमिक क्रियाकलाप हैं और बुनाई द्वितीयक क्रियाकलाप है।
प्र. निम्नलिखित क्रियाकलापों में से कौन-सा एक द्वितीयक सेक्टर का क्रियाकलाप नहीं है?
(क) इस्पात प्रगलन (ख) वस्त्र निर्माण (ग) मछली पकड़ना (घ) टोकरी बुनना
उत्तर: (ग) मछली पकड़ना। मछली पकड़ना एक प्राथमिक क्रियाकलाप है (प्रकृति से सीधा संसाधन प्राप्त करना); इस्पात प्रगलन, वस्त्र निर्माण और टोकरी बुनना तीनों वस्तु के निर्माण में लगे द्वितीयक क्रियाकलाप हैं।
प्र. निम्नलिखित में से कौन-सा एक सेक्टर दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में सर्वाधिक रोज़गार प्रदान करता है?
(क) प्राथमिक (ख) द्वितीयक (ग) पर्यटन (घ) सेवा
उत्तर: (घ) सेवा। इन बड़े महानगरों में सेवा सेक्टर (तृतीयक क्रियाकलाप) सबसे ज़्यादा रोज़गार देता है, क्योंकि विकसित/नगरीय अर्थव्यवस्थाओं में बहुसंख्यक श्रमिक तृतीयक क्रियाकलापों में ही काम पाते हैं।
प्र. वे काम जिनमें उच्च परिमाण और स्तर वाले अन्वेषण (नवाचार) सम्मिलित होते हैं, कहलाते हैं:
(क) द्वितीयक क्रियाकलाप (ख) पंचम क्रियाकलाप (ग) चतुर्थ क्रियाकलाप (घ) प्राथमिक क्रियाकलाप
उत्तर: (ख) पंचम क्रियाकलाप। पंचम क्रियाकलाप सबसे ऊँचे स्तर के निर्णयकर्ता-नीति-निर्माता निभाते हैं और नए-मौजूदा विचारों के सृजन-पुनर्गठन-व्याख्या पर केंद्रित होते हैं। यही उच्चतम स्तर का अन्वेषण है।
प्र. निम्नलिखित में से कौन-सा क्रियाकलाप चतुर्थ सेक्टर से संबंधित है?
(क) संगणक विनिर्माण (ख) विश्वविद्यालयी अध्यापन (ग) कागज़ और कच्ची लुगदी निर्माण (घ) पुस्तकों का मुद्रण
उत्तर: (ख) विश्वविद्यालयी अध्यापन। चतुर्थ क्रियाकलाप ज्ञान-आधारित होते हैं; विश्वविद्यालयी अध्यापन इसी श्रेणी में आता है। संगणक विनिर्माण, कागज़-लुगदी निर्माण और पुस्तक मुद्रण तीनों वस्तु-उत्पादन वाले द्वितीयक क्रियाकलाप हैं।
प्र. निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सत्य नहीं है?
(क) बाह्यस्रोतन दक्षता को बढ़ाता है और लागतों को घटाता है। (ख) कभी-कभार अभियांत्रिकी और विनिर्माण कार्यों की भी बाह्यस्रोतन की जा सकती है। (ग) बी.पी.ओ. के पास के.पी.ओ. की तुलना में बेहतर व्यावसायिक अवसर होते हैं। (घ) कामों के बाह्यस्रोतन करने वाले देशों में काम की तलाश करने वालों में असंतोष पाया जाता है।
उत्तर: (ग) सत्य नहीं है। किताब के अनुसार के.पी.ओ. (ज्ञान प्रक्रमण बाह्यस्रोतन) में अत्यधिक कुशल कर्मी सूचना-आधारित ज्ञान का काम करते हैं, जिससे कंपनियों को अतिरिक्त व्यावसायिक अवसर मिलते हैं। किताब केवल यह कहती है कि के.पी.ओ. कंपनियों को अतिरिक्त व्यावसायिक अवसर देता है; बी.पी.ओ. के अवसरों की तुलना नहीं करती, इसलिए (ग) ही वह कथन है जिसका समर्थन किताब नहीं करती। शेष तीनों कथन किताब में दिए गए हैं।
2 लगभग 30 शब्दों में उत्तर दीजिए
प्र. फुटकर व्यापार सेवा को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: फुटकर व्यापार वह व्यापारिक क्रियाकलाप है जो उपभोक्ताओं को वस्तुओं के सीधे विक्रय से जुड़ा है, ज़्यादातर सिर्फ बिक्री के लिए बने स्थायी भंडारों में। भंडार-रहित उदाहरण: फेरी, ट्रक, द्वार-द्वार बिक्री, डाक आदेश, दूरभाष पर बिक्री, स्वचालित बिक्री मशीनें और इंटरनेट।
प्र. चतुर्थ सेवाओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर: चतुर्थ सेवाओं में सूचना का संग्रहण, उत्पादन और प्रकीर्णन शामिल है; ये अनुसंधान-विकास पर केंद्रित, ज्ञान-तकनीकी कुशलता माँगने वाली सेवाओं का उन्नत रूप हैं, जैसे म्यूचुअल फंड प्रबंधक, कर परामर्शदाता, सॉफ़्टवेयर डेवलपर। इनका भी बाह्यस्रोतन हो सकता है।
प्र. विश्व में चिकित्सा पर्यटन के क्षेत्र में तेज़ी से उभरते हुए देशों के नाम लिखिए।
उत्तर: भारत, थाईलैंड, सिंगापुर और मलेशिया चिकित्सा पर्यटन में तेज़ी से उभरते देश हैं। भारत विश्व में चिकित्सा पर्यटन का अग्रणी देश बन गया है, महानगरों के विश्वस्तरीय अस्पताल दुनिया भर के रोगियों का इलाज करते हैं।
प्र. अंकीय विभाजक (डिजिटल डिवाइड) क्या है?
उत्तर: अंकीय विभाजक सूचना और संचार प्रौद्योगिकी आधारित विकास से मिलने वाले अवसरों का पूरी दुनिया में असमान बँटवारा है। विकसित देश इसमें आगे निकल गए हैं; यह विभाजन देशों के भीतर भी मौजूद है, जैसे भारत के महानगरों और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच।
3 150 शब्दों से अधिक में उत्तर न दें
प्र. आधुनिक आर्थिक विकास में सेवा सेक्टर की सार्थकता और वृद्धि की चर्चा कीजिए।
उत्तर: तृतीयक (सेवा) सेक्टर आधुनिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन गया है। आर्थिक विकास की आरंभिक अवस्थाओं में बड़ा अनुपात प्राथमिक सेक्टर में काम करता था; एक विकसित अर्थव्यवस्था में बहुसंख्यक श्रमिक तृतीयक क्रियाकलापों में रोज़गार पाते हैं और अपेक्षाकृत कम संख्या द्वितीयक सेक्टर में। तृतीयक क्रियाकलापों में रोज़गार लगातार बढ़ रहा है, जबकि प्राथमिक-द्वितीयक में यह अपरिवर्तित या घट रहा है। सेवा सेक्टर में व्यापार, परिवहन, संचार और नियमित-व्यावसायिक-मनोरंजक-व्यक्तिगत सेवाएँ शामिल हैं। इसके ज्ञानोन्मुखी भाग (चतुर्थ-पंचम क्रियाकलाप) ने विकसित अर्थव्यवस्थाओं में आधे से अधिक रोज़गार दिया है। पर्यटन अकेले 25 करोड़ रोज़गार और सकल घरेलू उत्पाद का 40 प्रतिशत देता है, जो इस सेक्टर के महत्त्व को दर्शाता है।
प्र. परिवहन और संचार सेवाओं की सार्थकता को विस्तारपूर्वक स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: परिवहन वह सेवा है जिससे लोगों, सामग्री और माल को भौतिक रूप से एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाया जाता है; यह उत्पादन, वितरण और उपभोग के हर चरण में माल का मूल्य बढ़ाता है। परिवहन दूरी तीन तरह से मापी जाती है: किलोमीटर, समय और लागत। परिवहन व्यवस्था बढ़ने पर स्थान आपस में जुड़कर नोड और योजक से बना जाल-तंत्र बनाते हैं। संचार सेवाओं में शब्दों-संदेशों-तथ्यों-विचारों का प्रेषण शामिल है; यह पहले परिवहन के साधनों पर निर्भर था, इसीलिए परिवहन के सभी रूपों को संचार पथ भी कहा जाता है। दूरसंचार, जनसंचार माध्यम, समाचार पत्र, उपग्रह संचार और इंटरनेट ने संचार को तेज़ और परिवहन से काफ़ी हद तक स्वतंत्र बना दिया है, फिर भी पुराने सस्ते तंत्र (जैसे डाक) आज भी बड़े पैमाने पर चलते हैं। दोनों सेवाएँ मिलकर व्यापार और तृतीयक-चतुर्थ क्रियाकलापों को संभव बनाती हैं।
4 परियोजना/क्रियाकलाप
प्रश्नावली के अंत में किताब दो परियोजना कार्य देती है। ये विद्यार्थी को स्वयं जाकर या पूछकर करने हैं, इसलिए नीचे अध्याय की अपनी जानकारी के आधार पर एक नमूना उत्तर दिया गया है।
प्र. यदि गम्य है तो निकटतम बी.पी.ओ. में जाएँ और उसकी गतिविधियों का वर्णन करें।
उत्तर: यह परियोजना कार्य है: यदि संभव हो तो किसी बी.पी.ओ. में जाकर, नहीं तो उसके बारे में पढ़कर उसकी गतिविधियाँ लिखिए। अध्याय के आधार पर, व्यवसाय प्रक्रमण बाह्यस्रोतन (बी.पी.ओ.) में कोई कंपनी अपनी दक्षता बढ़ाने और लागत घटाने के लिए अपने नियमित व्यावसायिक काम किसी बाहरी अभिकरण को, कई बार समुद्रपार के देशों में, सौंप देती है। बी.पी.ओ. की मुख्य गतिविधियाँ:
• ग्राहक सहायता और काल सेंटर सेवाएँ (फ़ोन, ई-मेल या चैट पर ग्राहकों के प्रश्नों और शिकायतों का समाधान)।
• मानव संसाधन से जुड़े काम।
• सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी सेवाएँ और आँकड़ा प्रक्रमण (डेटा का संग्रह, प्रविष्टि और प्रक्रमण)।
के.पी.ओ. के विपरीत, बी.पी.ओ. के इन कामों के लिए अत्यधिक कुशल विशेषज्ञ कर्मियों की आवश्यकता नहीं होती।
प्र. यात्रा अभिकर्ता से अपने विदेश जाने हेतु अनिवार्य दस्तावेज़ों का पता लगाएँ।
उत्तर: यह परियोजना कार्य है, जिसकी जानकारी विद्यार्थी को स्वयं किसी यात्रा अभिकर्ता से लेनी है। सामान्य रूप से भारत से विदेश जाने के लिए ये दस्तावेज़ चाहिए:
• वैध पासपोर्ट।
• जिस देश में जाना है उसका वीज़ा (जहाँ आवश्यक हो)।
• वैध टिकट/यात्रा-कार्यक्रम और ठहरने के स्थान का प्रमाण।
• पर्याप्त विदेशी मुद्रा या मान्य अंतरराष्ट्रीय कार्ड।
• कुछ देशों के लिए यात्रा बीमा और स्वास्थ्य/टीकाकरण प्रमाणपत्र।
किसी विशेष देश के लिए दस्तावेज़ों की सही सूची यात्रा अभिकर्ता से ही पूछनी चाहिए।
5 अध्याय के बीच में दिया गया क्रियाकलाप
प्र. प्रत्येक रंग-नाम के समक्ष कार्य की प्रवृत्ति का वर्णन कीजिए। (कॉलर का रंग: लाल, स्वर्ण, श्वेत, धूसर, नीला, गुलाबी)
उत्तर:
| कॉलर का रंग | कार्य की प्रवृत्ति |
|---|---|
| लाल | प्राथमिक क्रियाओं (कृषि, खनन, मत्स्यन, वानिकी) में लगे श्रमिक; कार्यक्षेत्र घर से बाहर होने के कारण (अध्याय 4)। |
| स्वर्ण | अध्याय का अपना शब्द, पंचम क्रियाकलापों के लिए: वरिष्ठ व्यावसायिक कार्यकारियों, सरकारी अधिकारियों, अनुसंधान वैज्ञानिकों, वित्त एवं विधि परामर्शदाताओं की विशेष और उच्च वेतन वाली कुशलताएँ। |
| श्वेत | कार्यालय में बैठकर किया जाने वाला वेतनभोगी, व्यावसायिक, प्रशासनिक और प्रबंधकीय काम, जैसे लिपिक, प्रबंधक और लेखाकार। |
| धूसर | श्वेत और नीले कॉलर के बीच का काम: कुछ प्रशिक्षण माँगने वाले कुशल तकनीकी काम, जैसे तकनीशियन। |
| नीला | शारीरिक श्रम वाला काम, जैसे कारखाने, निर्माण, खनन और मरम्मत के कामगार। |
| गुलाबी | परंपरागत रूप से महिलाओं से जुड़े सेवा-कार्य, जैसे नर्सिंग, स्वागतकर्ता और सचिवीय काम। |
किताब में “लाल कॉलर” (अध्याय 4) और “स्वर्ण कॉलर” (अध्याय 6, पंचम क्रियाकलाप) की परिभाषा दी गई है; बाकी चार इन नामों के सामान्य अर्थ हैं।
प्रश्न 1 (i), (ii) और (vi) सीधे वस्तुनिष्ठ रूप में आ सकते हैं: तृतीयक बनाम द्वितीयक की पहचान, और के.पी.ओ./बी.पी.ओ. का अंतर, दोनों के जवाब कभी मत बदलिए। प्रश्न 3 (i) और (ii) दीर्घ-उत्तरीय प्रश्नों (5-6 अंक) का सबसे सीधा आधार हैं, इनके बिंदु याद कर लीजिए।