कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण NCERT समाधान

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NCERT की पाठ्यपुस्तक विज्ञान के अध्याय 1 «रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण» के प्रश्न-बॉक्सों के सभी 8 पाठ्यनिहित प्रश्नों, पाठ के बीच के 5 अन्य प्रश्नों व बॉक्सों (समीकरण 1.2 को संतुलित करना, क्रियाकलाप 1.1 की अभिक्रिया का प्रकार, बेरियम हाइड्रॉक्साइड वाला क्रियाकलाप, तथा क्रियाकलाप 1.2 और 1.1 पर ध्यान देने वाले बॉक्स), अभ्यास के सभी 20 प्रश्नों और सामूहिक क्रियाकलाप के पूरे हल, हिंदी संस्करण की अपनी शब्दावली में। पहले ख़ुद उत्तर सोचिए, फिर मिलाइए।

A पाठ्यनिहित प्रश्न

अध्याय के बीच में, संबंधित खंडों के बाद छपे प्रश्न-बॉक्स, पुस्तक के क्रम में पहले हल किए गए हैं। अध्याय के अंत के अभ्यास-प्रश्न इनके बाद दिए गए हैं।

खंड 1.1.2 में पाठ्यनिहित प्रश्न

पाठ्यनिहित प्रश्न

प्र. इसी प्रकार क्या आप पुस्तक में दिए गए समीकरण (1.2) को संतुलित कर सकते हैं?

उत्तर: समीकरण (1.2) ढाँचा समीकरण Mg+OX2→MgO\ce{Mg + O2 -> MgO} है। ऑक्सीजन: बाईं ओर 2 परमाणु, दाईं ओर 1, इसलिए MgO के आगे गुणांक 2 लगाइए। मैग्नीशियम: अब दाईं ओर 2 परमाणु और बाईं ओर 1, इसलिए Mg के आगे 2 लगाइए। संतुलित समीकरण: 2 Mg+OX2→2 MgO\ce{2Mg + O2 -> 2MgO} (Mg 2 = 2, O 2 = 2)।

खंड 1.1 के बाद के प्रश्न

प्रश्न 1

प्र. वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिबन को साफ़ क्यों किया जाता है?

उत्तर: हवा में रखे रहने पर मैग्नीशियम रिबन की सतह पर वायु की ऑक्सीजन से धीरे-धीरे अभिक्रिया होकर मैग्नीशियम ऑक्साइड की एक धुँधली परत जम जाती है। यह परत नहीं जलती और नीचे के मैग्नीशियम को ऑक्सीजन तक पहुँचने नहीं देती, इसलिए रिबन ठीक से नहीं जलता। रेगमाल से रगड़ने पर यह परत हट जाती है और साफ़ धातु चमकदार श्वेत लौ के साथ आसानी से जलती है।

प्रश्न 2

प्र. निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखिए:
(i) हाइड्रोजन + क्लोरीन → हाइड्रोजन क्लोराइड
(ii) बेरियम क्लोराइड + ऐलुमिनियम सल्फ़ेट → बेरियम सल्फ़ेट + ऐलुमिनियम क्लोराइड
(iii) सोडियम + जल → सोडियम हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन

उत्तर: (i) HX2+ClX2→2 HCl\ce{H2 + Cl2 -> 2HCl}
(ii) 3 BaClX2+AlX2(SOX4)X3→3 BaSOX4+2 AlClX3\ce{3BaCl2 + Al2(SO4)3 -> 3BaSO4 + 2AlCl3}
(iii) 2 Na+2 HX2O→2 NaOH+HX2\ce{2Na + 2H2O -> 2NaOH + H2}

प्रश्न 3

प्र. निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए उनकी अवस्था के संकेतों के साथ संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए:
(i) जल में बेरियम क्लोराइड तथा सोडियम सल्फ़ेट के विलयन अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा अघुलनशील बेरियम सल्फ़ेट का अवक्षेप बनाते हैं।
(ii) सोडियम हाइड्रोक्साइड का विलयन (जल में) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के विलयन (जल में) से अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा जल बनाते हैं।

उत्तर: (i) BaClX2(aq)+NaX2SOX4(aq)→BaSOX4(s)+2 NaCl(aq)\ce{BaCl2(aq) + Na2SO4(aq) -> BaSO4(s) + 2NaCl(aq)}
(ii) NaOH(aq)+HCl(aq)→NaCl(aq)+HX2O(l)\ce{NaOH(aq) + HCl(aq) -> NaCl(aq) + H2O(l)}

खंड 1.2.1 में पाठ्यनिहित प्रश्न

पाठ्यनिहित प्रश्न

प्र. क्रियाकलाप 1.1 में दी गई अभिक्रिया के प्रकार को पहचानिए, जिसमें एकल उत्पाद के निर्माण के साथ ऊष्मा उत्पन्न होती है।

उत्तर: 2 Mg(s)+OX2(g)→2 MgO(s)\ce{2Mg(s) + O2(g) -> 2MgO(s)}। मैग्नीशियम तथा ऑक्सीजन मिलकर एकल उत्पाद मैग्नीशियम ऑक्साइड बनाते हैं, इसलिए यह संयोजन अभिक्रिया है; उत्पाद के साथ ऊष्मा भी उत्पन्न होती है, इसलिए यह ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया भी है।

खंड 1.2.2 में क्रियाकलाप बॉक्स

निम्नलिखित क्रियाकलाप करें

प्र. एक परखनली में लगभग 2 g बेरियम हाइड्रॉक्साइड लीजिए। इसमें 1 g अमोनियम क्लोराइड डालकर काँच की छड़ से मिलाइए। अपनी हथेली से परखनली के निचले सिरे को छुएँ। आप कैसा महसूस करते हैं? क्या यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी अथवा ऊष्माशोषी है?

उत्तर: परखनली का निचला सिरा ठंडा महसूस होता है। अभिक्रिया आसपास से (हथेली से भी) ऊष्मा अवशोषित करती है, इसलिए यह ऊष्माशोषी अभिक्रिया है: Ba(OH)X2+2 NHX4Cl→BaClX2+2 NHX3+2 HX2O\ce{Ba(OH)2 + 2NH4Cl -> BaCl2 + 2NH3 + 2H2O}।

खंड 1.2.2 के बाद के प्रश्न

प्रश्न 1

प्र. किसी पदार्थ ‘X’ के विलयन का उपयोग सफ़ेदी करने के लिए होता है।
(i) पदार्थ ‘X’ का नाम तथा इसका सूत्र लिखिए।
(ii) ऊपर (i) में लिखे पदार्थ ‘X’ की जल के साथ अभिक्रिया लिखिए।

उत्तर: (i) ‘X’ कैल्शियम ऑक्साइड (बिना बुझा चूना) है, सूत्र CaO\ce{CaO}।
(ii) CaO(s)+HX2O(l)→Ca(OH)X2(aq)\ce{CaO(s) + H2O(l) -> Ca(OH)2(aq)} + ऊष्मा। इससे बना कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड (बुझा हुआ चूना) ही सफ़ेदी के लिए प्रयुक्त विलयन है।

प्रश्न 2

प्र. क्रियाकलाप 1.7 में एक परखनली में एकत्रित गैस की मात्रा दूसरी से दोगुनी क्यों है? उस गैस का नाम बताइए।

उत्तर: जल के विद्युत-अपघटन में 2 HX2O(l)→2 HX2(g)+OX2(g)\ce{2H2O(l) -> 2H2(g) + O2(g)}: जल के हर दो अणुओं से हाइड्रोजन के दो अणु बनते हैं, पर ऑक्सीजन का केवल एक अणु। इसलिए हाइड्रोजन का आयतन ऑक्सीजन के आयतन का दोगुना होता है। दोगुनी मात्रा में एकत्रित गैस हाइड्रोजन है।

खंड 1.2.4 का बॉक्स

क्रियाकलाप 1.2 पर ध्यान दें

प्र. क्रियाकलाप 1.2 पर ध्यान दें, जिसमें आपने लेड (II) नाइट्रेट तथा पोटैशियम आयोडाइड के विलयनों को मिश्रित किया था।
(i) अवक्षेप किस रंग का था? क्या आप अवक्षेपित यौगिक का नाम बता सकते हैं?
(ii) इस अभिक्रिया के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
(iii) क्या यह भी द्विविस्थापन अभिक्रिया है?

उत्तर: (i) अवक्षेप पीले रंग का था; अवक्षेपित यौगिक लेड आयोडाइड (PbIX2\ce{PbI2}) है।
(ii) Pb(NOX3)X2(aq)+2 KI(aq)→PbIX2(s)+2 KNOX3(aq)\ce{Pb(NO3)2(aq) + 2KI(aq) -> PbI2(s) + 2KNO3(aq)}
(iii) हाँ। लेड (II) नाइट्रेट तथा पोटैशियम आयोडाइड आपस में आयनों का आदान-प्रदान करते हैं (लेड आयन आयोडाइड आयनों से और पोटैशियम आयन नाइट्रेट आयनों से जुड़ते हैं), इसलिए यह द्विविस्थापन अभिक्रिया है; अवक्षेप बनने के कारण यह अवक्षेपण अभिक्रिया भी है।

खंड 1.2.5 का बॉक्स

क्रियाकलाप 1.1 पर ध्यान दीजिए

प्र. क्रियाकलाप 1.1 पर ध्यान दीजिए, जिसमें एक चमकदार ज्वाला के साथ मैग्नीशियम रिबन का वायु (ऑक्सीजन) में दहन होता है तथा यह श्वेत पदार्थ मैग्नीशियम ऑक्साइड में परिवर्तित हो जाता है। इस अभिक्रिया में मैग्नीशियम का उपचयन होता है या अपचयन?

उत्तर: मैग्नीशियम का उपचयन होता है, क्योंकि उसमें ऑक्सीजन की वृद्धि (योग) होती है और मैग्नीशियम ऑक्साइड बनता है: 2 Mg+OX2→2 MgO\ce{2Mg + O2 -> 2MgO}।

खंड 1.3 के बाद के प्रश्न

प्रश्न 1

प्र. जब लोहे की कील को कॉपर सल्फ़ेट के विलयन में डुबोया जाता है तो विलयन का रंग क्यों बदल जाता है?

उत्तर: लोहा, कॉपर से अधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए वह कॉपर सल्फ़ेट विलयन से कॉपर को विस्थापित कर देता है: Fe(s)+CuSOX4(aq)→FeSOX4(aq)+Cu(s)\ce{Fe(s) + CuSO4(aq) -> FeSO4(aq) + Cu(s)}। नीला कॉपर सल्फ़ेट ख़र्च होकर उसकी जगह आयरन सल्फ़ेट बनता है, इसलिए विलयन का नीला रंग फीका पड़ जाता है और कील पर भूरे रंग का कॉपर जम जाता है।

प्रश्न 2

प्र. क्रियाकलाप 1.10 से भिन्न द्विविस्थापन अभिक्रिया का एक उदाहरण दीजिए।

उत्तर: लेड नाइट्रेट के विलयन में पोटैशियम आयोडाइड का विलयन मिलाने पर (क्रियाकलाप 1.2) लेड आयोडाइड का पीला अवक्षेप बनता है: Pb(NOX3)X2(aq)+2 KI(aq)→PbIX2(s)+2 KNOX3(aq)\ce{Pb(NO3)2(aq) + 2KI(aq) -> PbI2(s) + 2KNO3(aq)}। दोनों यौगिक आपस में आयनों का आदान-प्रदान करते हैं, इसलिए यह द्विविस्थापन (अवक्षेपण) अभिक्रिया है।

प्रश्न 3

प्र. निम्न अभिक्रियाओं में उपचयित तथा अपचयित पदार्थों की पहचान कीजिए:
(i) 4 Na(s)+OX2(g)→2 NaX2O(s)\ce{4Na(s) + O2(g) -> 2Na2O(s)}
(ii) CuO(s)+HX2(g)→Cu(s)+HX2O(l)\ce{CuO(s) + H2(g) -> Cu(s) + H2O(l)}

उत्तर: (i) सोडियम (Na) ऑक्सीजन ग्रहण करता है, इसलिए वह उपचयित होता है; ऑक्सीजन (OX2\ce{O2}) अपचयित होती है।
(ii) कॉपर ऑक्साइड (CuO) ऑक्सीजन खोता है, इसलिए वह अपचयित होता है; हाइड्रोजन (HX2\ce{H2}) ऑक्सीजन ग्रहण करके जल बनाता है, इसलिए वह उपचयित होता है।

B अभ्यास के प्रश्न

1 नीचे दी गई अभिक्रिया के संबंध में कौन सा कथन असत्य है?

प्रश्न 1

प्र. 2 PbO(s)+C(s)→2 Pb(s)+COX2(g)2\,\ce{PbO(s) + C(s) -> 2Pb(s) + CO2(g)}
(क) सीसा अपचयित हो रहा है। (ख) कार्बन डाइऑक्साइड उपचयित हो रहा है। (ग) कार्बन उपचयित हो रहा है। (घ) लेड ऑक्साइड अपचयित हो रहा है।
(i) (क) एवं (ख)   (ii) (क) एवं (ग)   (iii) (क), (ख) एवं (ग)   (iv) सभी

उत्तर: (i) (क) एवं (ख)। कार्बन ऑक्सीजन ग्रहण करके उपचयित होता है और CO2 बनाता है, कथन (ग) “कार्बन उपचयित हो रहा है” और कथन (घ) “लेड ऑक्साइड अपचयित हो रहा है” दोनों सही हैं। कथन (क) “सीसा अपचयित हो रहा है” ग़लत है क्योंकि अभिकारक सीसा नहीं, लेड ऑक्साइड है, जो अपचयित होकर सीसा बनता है। कथन (ख) “कार्बन डाइऑक्साइड उपचयित हो रहा है” भी ग़लत है, क्योंकि CO2 इस अभिक्रिया का अंतिम उत्पाद है, वह स्वयं और उपचयित नहीं हो रही। इसलिए ग़लत कथन (क) और (ख) हैं, उत्तर (i)।

2 FeX2OX3+2 Al→AlX2OX3+2 Fe\ce{Fe2O3 + 2Al -> Al2O3 + 2Fe} ऊपर दी गई अभिक्रिया किस प्रकार की है?

प्रश्न 2

(क) संयोजन अभिक्रिया (ख) द्विविस्थापन अभिक्रिया (ग) वियोजन अभिक्रिया (घ) विस्थापन अभिक्रिया

उत्तर: (घ) विस्थापन अभिक्रिया। ऐलुमिनियम, आयरन को उसके ऑक्साइड से विस्थापित करता है (यह ऊष्माक्षेपी विस्थापन अभिक्रिया ऐल्युमिनोथर्मी/थर्माइट अभिक्रिया कहलाती है)।

3 लौह-चूर्ण पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालने से क्या होता है? सही उत्तर पर निशान लगाइए।

प्रश्न 3

(क) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड बनता है। (ख) क्लोरीन गैस एवं आयरन हाइड्रॉक्साइड बनता है। (ग) कोई अभिक्रिया नहीं होती है। (घ) आयरन लवण एवं जल बनता है।

उत्तर: (क) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड बनता है। Fe(s)+2 HCl(aq)→FeClX2(aq)+HX2(g)\ce{Fe(s) + 2HCl(aq) -> FeCl2(aq) + H2(g)}, लोहा हाइड्रोजन से अधिक क्रियाशील है, इसलिए अम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित करता है।

4 संतुलित रासायनिक समीकरण क्या है? रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है?

प्रश्न 4

उत्तर: जिस समीकरण में तीर के दोनों ओर हर तत्व के परमाणुओं की संख्या बराबर हो, उसे संतुलित रासायनिक समीकरण कहते हैं। द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार अभिक्रिया में द्रव्यमान न बनाया जा सकता है, न नष्ट किया जा सकता है, इसलिए समीकरण को संतुलित करना आवश्यक है, अन्यथा यह प्रकृति के मूल नियम के विरुद्ध होगा।

5 निम्न कथनों को रासायनिक समीकरण के रूप में परिवर्तित कर उन्हें संतुलित कीजिए।

प्रश्न 5

(क) नाइट्रोजन हाइड्रोजन गैस से संयोग करके अमोनिया बनाता है। (ख) हाइड्रोजन सल्फ़ाइड गैस का वायु में दहन होने पर जल एवं सल्फ़र डाइऑक्साइड बनता है। (ग) ऐलुमिनियम सल्फ़ेट के साथ अभिक्रिया कर बेरियम क्लोराइड, ऐलुमिनियम क्लोराइड एवं बेरियम सल्फ़ेट का अवक्षेप देता है। (घ) पोटैशियम धातु जल के साथ अभिक्रिया करके पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड एवं हाइड्रोजन गैस देती है।

उत्तर (क): हाइड्रोजन नाइट्रोजन से मिलकर अमोनिया बनाता है: NX2(g)+3 HX2(g)→2 NHX3(g)\ce{N2(g) + 3H2(g) -> 2NH3(g)}
उत्तर (ख): हाइड्रोजन सल्फाइड गैस हवा में जलकर जल व सल्फर डाइऑक्साइड देती है: 2 HX2S(g)+3 OX2(g)→2 HX2O(l)+2 SOX2(g)2\,\ce{H2S(g) + 3O2(g) -> 2H2O(l) + 2SO2(g)}
उत्तर (ग): बेरियम क्लोराइड, ऐलुमिनियम सल्फेट से अभिक्रिया कर ऐलुमिनियम क्लोराइड व बेरियम सल्फेट का अवक्षेप देता है: 3 BaClX2(aq)+AlX2(SOX4)X3(aq)→2 AlClX3(aq)+3 BaSOX4(s)3\,\ce{BaCl2(aq) + Al2(SO4)3(aq) -> 2AlCl3(aq) + 3BaSO4(s)}
उत्तर (घ): पोटैशियम धातु जल से अभिक्रिया कर पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड व हाइड्रोजन गैस देती है: 2 K(s)+2 HX2O(l)→2 KOH(aq)+HX2(g)2\,\ce{K(s) + 2H2O(l) -> 2KOH(aq) + H2(g)}

6 निम्न रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए:

प्रश्न 6

(क) HNOX3+Ca(OH)X2→Ca(NOX3)X2+HX2O\ce{HNO3 + Ca(OH)2 -> Ca(NO3)2 + H2O} (ख) NaOH+HX2SOX4→NaX2SOX4+HX2O\ce{NaOH + H2SO4 -> Na2SO4 + H2O} (ग) NaCl+AgNOX3→AgCl+NaNOX3\ce{NaCl + AgNO3 -> AgCl + NaNO3} (घ) BaClX2+HX2SOX4→BaSOX4+HCl\ce{BaCl2 + H2SO4 -> BaSO4 + HCl}

उत्तर (क): 2 HNOX3+Ca(OH)X2→Ca(NOX3)X2+2 HX2O2\,\ce{HNO3 + Ca(OH)2 -> Ca(NO3)2 + 2H2O}
उत्तर (ख): 2 NaOH+HX2SOX4→NaX2SOX4+2 HX2O2\,\ce{NaOH + H2SO4 -> Na2SO4 + 2H2O}
उत्तर (ग): NaCl+AgNOX3→AgCl+NaNOX3\ce{NaCl + AgNO3 -> AgCl + NaNO3} (यह पहले से ही संतुलित है)
उत्तर (घ): BaClX2+HX2SOX4→BaSOX4+2 HCl\ce{BaCl2 + H2SO4 -> BaSO4 + 2HCl}

7 निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए:

प्रश्न 7

(क) कैल्शियम हाइड्रोक्साइड + कार्बन डाइऑक्साइड → कैल्शियम कार्बोनेट + जल (ख) जिंक + सिल्वर नाइट्रेट → जिंक नाइट्रेट + सिल्वर (ग) ऐलुमिनियम + कॉपर क्लोराइड → ऐलुमिनियम क्लोराइड + कॉपर (घ) बेरियम क्लोराइड + पोटैशियम सल्फ़ेट → बेरियम सल्फ़ेट + पोटैशियम क्लोराइड

उत्तर (क): Ca(OH)X2+COX2→CaCOX3+HX2O\ce{Ca(OH)2 + CO2 -> CaCO3 + H2O}
उत्तर (ख): Zn+2 AgNOX3→Zn(NOX3)X2+2 Ag\ce{Zn + 2AgNO3 -> Zn(NO3)2 + 2Ag}
उत्तर (ग): 2 Al+3 CuClX2→2 AlClX3+3 Cu2\,\ce{Al + 3CuCl2 -> 2AlCl3 + 3Cu}
उत्तर (घ): BaClX2+KX2SOX4→BaSOX4+2 KCl\ce{BaCl2 + K2SO4 -> BaSO4 + 2KCl}

8 निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए एवं प्रत्येक अभिक्रिया का प्रकार बताइए।

प्रश्न 8

(क) पोटैशियम ब्रोमाइड (aq) + बेरियम आयोडाइड (aq) → पोटैशियम आयोडाइड (aq) + बेरियम ब्रोमाइड (s) (ख) जिंक कार्बोनेट (s) → जिंक ऑक्साइड (s) + कार्बन डाइऑक्साइड (g) (ग) हाइड्रोजन (g) + क्लोरीन (g) → हाइड्रोजन क्लोराइड (g) (घ) मैग्नीशियम (s) + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (aq) → मैग्नीशियम क्लोराइड (aq) + हाइड्रोजन (g)

उत्तर (क): 2 KBr(aq)+BaIX2(aq)→2 KI(aq)+BaBrX2(s)2\,\ce{KBr(aq) + BaI2(aq) -> 2KI(aq) + BaBr2(s)}, द्विविस्थापन अभिक्रिया
उत्तर (ख): ZnCOX3(s)→ZnO(s)+COX2(g)\ce{ZnCO3(s) -> ZnO(s) + CO2(g)}, वियोजन (ऊष्मीय) अभिक्रिया
उत्तर (ग): HX2(g)+ClX2(g)→2 HCl(g)\ce{H2(g) + Cl2(g) -> 2HCl(g)}, संयोजन अभिक्रिया
उत्तर (घ): Mg(s)+2 HCl(aq)→MgClX2(aq)+HX2(g)\ce{Mg(s) + 2HCl(aq) -> MgCl2(aq) + H2(g)}, विस्थापन अभिक्रिया

9 ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्माशोषी अभिक्रिया का क्या अर्थ है? उदाहरण दीजिए।

प्रश्न 9

उत्तर: जिस अभिक्रिया में उत्पाद बनने के साथ ऊष्मा मुक्त होती है, वह ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहलाती है, उदाहरण: प्राकृतिक गैस का जलना, श्वसन। जिस अभिक्रिया में ऊर्जा (ऊष्मा/प्रकाश/विद्युत) अवशोषित होती है, वह ऊष्माशोषी अभिक्रिया कहलाती है, उदाहरण: CaCOX3\ce{CaCO3} का ऊष्मीय वियोजन, या बेरियम हाइड्रॉक्साइड और अमोनियम क्लोराइड की अभिक्रिया।

10 श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं? वर्णन कीजिए।

प्रश्न 10

उत्तर: श्वसन में ग्लूकोज़ ऑक्सीजन से क्रिया कर कार्बन डाइऑक्साइड, जल और ऊर्जा देता है: CX6HX12OX6(aq)+6 OX2(aq)→6 COX2(aq)+6 HX2O(l)\ce{C6H12O6(aq) + 6O2(aq) -> 6CO2(aq) + 6H2O(l)} + ऊर्जा। चूँकि इस अभिक्रिया में ऊर्जा मुक्त होती है (शरीर की गतिविधियों के लिए उपयोग होती है), इसलिए यह ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।

11 वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया के विपरीत क्यों कहा जाता है? इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए।

प्रश्न 11

उत्तर: संयोजन अभिक्रिया में दो या अधिक पदार्थ मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं, CaO+HX2O→Ca(OH)X2\ce{CaO + H2O -> Ca(OH)2}। वियोजन अभिक्रिया में एक अभिकारक टूटकर दो या अधिक सरल उत्पाद बनाता है, CaCOX3→CaO+COX2\ce{CaCO3 -> CaO + CO2}। चूँकि एक में पदार्थ जुड़ते हैं और दूसरे में पदार्थ टूटते हैं, इसलिए वियोजन को संयोजन का विपरीत कहा जाता है।

12 उन वियोजन अभिक्रियाओं के एक-एक समीकरण लिखिए, जिनमें ऊष्मा, प्रकाश एवं विद्युत के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है।

प्रश्न 12

उत्तर (ऊष्मा): CaCOX3(s)→ऊष्माCaO(s)+COX2(g)\ce{CaCO3(s) ->[\text{ऊष्मा}] CaO(s) + CO2(g)} (ऊष्मीय वियोजन)
उत्तर (प्रकाश): 2 AgCl(s)→सूर्य का प्रकाश2 Ag(s)+ClX2(g)2\,\ce{AgCl(s) ->[\text{सूर्य का प्रकाश}] 2Ag(s) + Cl2(g)}
उत्तर (विद्युत): 2 HX2O(l)→विद्युत2 HX2(g)+OX2(g)2\,\ce{H2O(l) ->[\text{विद्युत}] 2H2(g) + O2(g)} (जल का वैद्युत अपघटन)

13 विस्थापन एवं द्विविस्थापन अभिक्रियाओं में क्या अंतर है? इन अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए।

प्रश्न 13

उत्तर: विस्थापन अभिक्रिया में एक अधिक क्रियाशील तत्व किसी यौगिक से एक कम क्रियाशील तत्व को हटा देता है, Zn+CuSOX4→ZnSOX4+Cu\ce{Zn + CuSO4 -> ZnSO4 + Cu}। द्विविस्थापन अभिक्रिया में अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है, NaX2SOX4+BaClX2→BaSOX4↓+2 NaCl\ce{Na2SO4 + BaCl2 -> BaSO4 v + 2NaCl} (यहाँ आयनों के आदान-प्रदान से बेरियम सल्फ़ेट का अवक्षेप भी बनता है)।

14 सिल्वर के शोधन में, सिल्वर नाइट्रेट के विलयन से सिल्वर प्राप्त करने के लिए कॉपर धातु द्वारा विस्थापन किया जाता है। इस प्रक्रिया के लिए अभिक्रिया लिखिए।

प्रश्न 14

उत्तर: 2 AgNOX3(aq)+Cu(s)→Cu(NOX3)X2(aq)+2 Ag(s)2\,\ce{AgNO3(aq) + Cu(s) -> Cu(NO3)2(aq) + 2Ag(s)}, कॉपर, सिल्वर से अधिक क्रियाशील होने के कारण उसे सिल्वर नाइट्रेट विलयन से विस्थापित कर देता है।

15 अवक्षेपण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं? उदाहरण देकर समझाइए।

प्रश्न 15

उत्तर: जिस अभिक्रिया में एक अविलेय ठोस (अवक्षेप) बनता है, उसे अवक्षेपण अभिक्रिया कहते हैं। उदाहरण: NaX2SOX4(aq)+BaClX2(aq)→BaSOX4(s)+2 NaCl(aq)\ce{Na2SO4(aq) + BaCl2(aq) -> BaSO4(s) + 2NaCl(aq)}, यहाँ सफेद अविलेय बेरियम सल्फेट अवक्षेप के रूप में बनता है।

16 ऑक्सीजन के योग या ह्रास के आधार पर निम्न पदों की व्याख्या कीजिए। प्रत्येक के लिए दो उदाहरण दीजिए। (क) उपचयन (ख) अपचयन

प्रश्न 16

उत्तर (क) उपचयन: 2 Cu+OX2→2 CuO2\,\ce{Cu + O2 -> 2CuO} और C+OX2→COX2\ce{C + O2 -> CO2}, दोनों में ऑक्सीजन का योग होता है।
उत्तर (ख) अपचयन: CuO+HX2→Cu+HX2O\ce{CuO + H2 -> Cu + H2O} और ZnO+C→Zn+CO\ce{ZnO + C -> Zn + CO}, दोनों में ऑक्सीजन का ह्रास होता है।

17 एक भूरे रंग का चमकदार तत्व ‘X’ को वायु की उपस्थिति में गर्म करने पर वह काले रंग का हो जाता है। इस तत्व ‘X’ एवं उस काले रंग के यौगिक का नाम बताइए।

प्रश्न 17

उत्तर: तत्व ‘X’ कॉपर (Cu) है, और बना काला यौगिक कॉपर(II) ऑक्साइड (CuO) है। 2 Cu(s)+OX2(g)→2 CuO(s)2\,\ce{Cu(s) + O2(g) -> 2CuO(s)}।

18 लोहे की वस्तुओं को हम पेंट क्यों करते हैं?

प्रश्न 18

उत्तर: ताकि लोहे की सतह नमी और हवा की ऑक्सीजन के सीधे संपर्क में न आए, जिससे संक्षारण (जंग लगना) रुक जाए या धीमा पड़ जाए।

19 तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थों को नाइट्रोजन से प्रभावित क्यों किया जाता है?

प्रश्न 19

उत्तर: नाइट्रोजन एक अक्रिय गैस है। इसे भरने से पैकेट में मौजूद ऑक्सीजन हट जाती है, जिससे वसा का उपचयन (विकृतगंधिता) धीमा पड़ता है और भोजन जल्दी बासी नहीं होता।

20 निम्नलिखित पदों का वर्णन कीजिए तथा प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए: (क) संक्षारण (ख) विकृतगंधिता

प्रश्न 20

उत्तर (क) संक्षारण: जब कोई धातु अपने आस-पास अम्ल, आर्द्रता आदि के संपर्क में आती है तब वह संक्षारित होती है और इस प्रक्रिया को संक्षारण कहते हैं। उदाहरण: लोहे पर जंग लगना (लालिमायुक्त भूरे रंग की परत चढ़ना)।
उत्तर (ख) विकृतगंधिता: वसा/तेलयुक्त भोजन का उपचयित होकर स्वाद-गंध बदल जाना, उदाहरण: बहुत दिनों तक रखे तले हुए खाद्य पदार्थ का बासी होना।

C सामूहिक क्रियाकलाप

सामूहिक क्रियाकलाप

प्र. चार बीकर लेकर उन्हें A, B, C तथा D से चिह्नित कीजिए। ‘A’, ‘B’ तथा ‘C’ में 25 mL जल लीजिए तथा ‘D’ में कॉपर सल्फ़ेट का विलयन लीजिए। प्रत्येक बीकर में रखे द्रव का तापमान मापकर उसे नोट कीजिए। पोटैशियम सल्फ़ेट, अमोनियम नाइट्रेट, निर्जल कॉपर सल्फ़ेट एवं लोहे की छीलन को दो स्पैचुला के परिमाण के बराबर क्रमशः ‘A’, ‘B’, ‘C’ तथा ‘D’ बीकर में अलग-अलग डालकर उसे हिलाइए। अंत में प्रत्येक मिश्रण का तापमान मापकर उसे नोट कीजिए। पता लगाइए कि इनमें कौन सी अभिक्रियाएँ ऊष्माक्षेपी हैं तथा कौन सी ऊष्माशोषी हैं?

उत्तर: बीकर A (पोटैशियम सल्फ़ेट): तापमान थोड़ा गिरता है, इसलिए यह परिवर्तन ऊष्माशोषी है। बीकर B (अमोनियम नाइट्रेट): तापमान स्पष्ट रूप से गिरता है, इसलिए ऊष्माशोषी। बीकर C (निर्जल कॉपर सल्फ़ेट): विलयन गर्म हो जाता है, इसलिए ऊष्माक्षेपी। बीकर D (कॉपर सल्फ़ेट विलयन में लोहे की छीलन): लोहा कॉपर को विस्थापित करता है, Fe(s)+CuSOX4(aq)→FeSOX4(aq)+Cu(s)\ce{Fe(s) + CuSO4(aq) -> FeSO4(aq) + Cu(s)}, और मिश्रण गर्म हो जाता है, इसलिए यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी है। (A, B और C में लवण केवल जल में घुल रहा है; D वास्तविक रासायनिक अभिक्रिया है।)