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आख़िरी दोहराव के लिए इस अध्याय का निचोड़ : परिभाषाएँ, ज़रूरी तथ्य, तारीख़ें और तालिकाएँ। पूरी व्याख्या वाले विस्तृत नोट्स अलग से उपलब्ध हैं।
1 पूरा अध्याय, एक-एक पंक्ति में
लेखन कला और शहरी जीवन
1 · भूमिफ़रात और दज़ला के बीच, आज का इराक़
2 · नगर क्योंव्यापार और विशेषज्ञता, सिर्फ़ अनाज से नहीं
3 · लेखनलगभग 3200 ई.पू., उरुक के मंदिरों का हिसाब
4 · मंदिर और राजापहले मंदिर, फिर योद्धा नेता राजा बने
5 · उर और मारीआम घर, और चरागाही इलाक़े में व्यापार
6 · देनगणित, समय, पुस्तकालय, पहला पुरातत्वविद
2 नगरों से पहले : पृष्ठभूमि छह पंक्तियों में
- लगभग 10,000 साल पहले लोग शिकार और संग्रह छोड़कर बसी हुई खेती की ओर बढ़े
- फ़सलें : पश्चिमी एशिया में गेहूँ, जौ, मटर और दालें; पूर्वी तथा दक्षिण-पूर्वी एशिया में बाजरा और चावल
- पशु : भेड़, बकरी, गाय-बैल, सूअर और गधा पालतू बने; लगभग 5,000 साल पहले वे हल और गाड़ियों में जोते जाने लगे
- कपास और सन जैसे पौधों के रेशे तथा ऊन से कपड़ा बुना जाने लगा
- बसे हुए जीवन से पक्के घर और अनाज रखने तथा पकाने के मिट्टी के बर्तन आए, घिसे और चमकाए हुए पत्थर के औज़ार बने, जैसे ओखली, मूसल, कुल्हाड़ी और खुरपी, और तांबे तथा टिन के अयस्क शुरुआती तौर पर काम आने लगे
- लकड़ी, पत्थर और ओब्सीडियन दूर-दूर तक पहुँचने लगे, और छोटे समुदाय छोटे राज्यों में बदलने लगे, इस बदलाव को कुछ विद्वान क्रांति कहते हैं
3 भूमि, उसके नाम और उसकी भाषाएँ
| काल | भूमि का नाम | मुख्य भाषा |
|---|---|---|
| सबसे पुराना लिखित इतिहास | सुमेर और अक्कद | सुमेरियन |
| लगभग 2400 ई.पू. से | सुमेर और अक्कद | अक्कदी सुमेरियन की जगह लेती है, सिकंदर के समय (336-323 ई.पू.) तक चलती है |
| 2000 ई.पू. के बाद | बेबीलोनिया, जब बेबीलोन महत्वपूर्ण नगर बना | अक्कदी जारी; 1400 ई.पू. से अरामाइक आने लगती है |
| लगभग 1100 ई.पू. से | असीरिया, उत्तर में | 1000 ई.पू. के बाद अरामाइक व्यापक, आज भी इराक़ के कुछ हिस्सों में बोली जाती है |
4 मेसोपोटामिया के चार भू-भाग
| भू-भाग | कैसा था और क्या देता था |
|---|---|
| उत्तर-पूर्व | हरे मैदान जो पेड़ों वाले पहाड़ों तक उठते हैं; 7000-6000 ई.पू. से वर्षा-आधारित खेती |
| उत्तर | स्टेपी नाम का ऊँचा मैदान; खेती से ज़्यादा भेड़-बकरी चराने लायक़ |
| पूर्व | दज़ला की सहायक धाराएँ; ईरान के पहाड़ों तक जाने के रास्ते |
| दक्षिण | मरुस्थल, फिर भी पहला नगर और पहला लेखन यहीं, क्योंकि बाढ़ के साथ आई नदी की गाद ने सिंचित खेती को किसी भी प्राचीन व्यवस्था से ज़्यादा उपजाऊ बना दिया |
5 याद रखने लायक़ आँकड़े
250हैक्टेयर का उरुक, लगभग 3000 ई.पू., मोहनजोदड़ो से दोगुना
260कमरे ज़िमरीलिम के राजमहल में, 2.4 हैक्टेयर में
30,000पट्टिकाएँ निनवै के पुस्तकालय में, लगभग 1,000 मूलग्रंथ
- 5,000 सबसे पुरानी पट्टिकाएँ उरुक से, ज़्यादातर बैलों, मछलियों और रोटियों की सूचियाँ
- 1,500 आदमी, रोज़ दस घंटे, पाँच साल: उरुक का एक मंदिर बनाने में
- 400 हैक्टेयर: उरुक लगभग 2800 ई.पू. तक; 850 हैक्टेयर से भी ज़्यादा: बेबीलोन अपने चरम पर
- 300 मर्तबान शराब: एक नाव की क्षमता, और कर लगभग दसवाँ हिस्सा
- 10 हैक्टेयर, 10,000 से कम आबादी: अबू सलाबिख, लगभग 2500 ई.पू.
- 1.41421296: लगभग 1800 ई.पू. की पट्टिका में 2 का वर्गमूल (असली मान 1.41421356)
- 12 महीने, 4 सप्ताह, 24 घंटे, 60 मिनट: समय का वही बँटवारा जो आज भी चलता है
6 अध्याय की काल-रेखा
| तारीख़ | घटना |
|---|---|
| लगभग 7000-6000 ई.पू. | उत्तरी मैदानों में खेती की शुरुआत |
| लगभग 5000 ई.पू. | दक्षिण में सबसे पुराने मंदिर |
| लगभग 3200 ई.पू. | मेसोपोटामिया में पहला लेखन |
| लगभग 3000 ई.पू. | उरुक विशाल नगर बना; काँसे के औज़ार फैले |
| लगभग 2700-2500 ई.पू. | आरंभिक राजा, संभवतः गिल्गोमिश भी |
| लगभग 2600 ई.पू. | कीलाकार लिपि पूरी तरह विकसित |
| लगभग 2400 ई.पू. | बोलचाल में अक्कदी ने सुमेरियन की जगह ली |
| 2370 ई.पू. | सारगोन अक्कद का राजा बना |
| लगभग 2000 ई.पू. | कीलाकार लिपि सीरिया, तुर्की और मिस्र तक फैली; मारी और बेबीलोन उभरे |
| लगभग 1800 ई.पू. | गणित के ग्रंथ रचे गए; सुमेरियन बोली जानी बंद |
| 1810-1760 ई.पू. | मारी में ज़िमरीलिम का शासन |
| लगभग 1100 ई.पू. | असीरियाई राज्य की स्थापना |
| लगभग 1000 ई.पू. | लोहे का प्रयोग शुरू |
| 720-610 ई.पू. | असीरियाई साम्राज्य अपने चरम पर |
| 668-627 ई.पू. | असुरबनिपाल का शासन और निनवै का पुस्तकालय |
| 625 ई.पू. | नैबोपोलास्सर ने बेबीलोनिया को असीरियाई सत्ता से आज़ाद कराया |
| 539 ई.पू. | ईरान के एकेमेनिड शासकों ने बेबीलोन जीता |
| 331 ई.पू. | सिकंदर ने बेबीलोन जीता |
| लगभग पहली शताब्दी ईसवी | अक्कदी भाषा और कीलाकार लिपि अब भी प्रयोग में |
| 1840 का दशक | मेसोपोटामिया में पुरातत्व की शुरुआत, उरुक और मारी में लंबी खुदाई |
| 1850 का दशक | कीलाकार लिपि पढ़ ली गई |
| 1873 | एक ब्रिटिश अख़बार ने जलप्रलय की पट्टिका खोजने का ख़र्च उठाया |
| 1930 का दशक | उर की व्यवस्थित खुदाई |
7 परिभाषाएँ, ठीक उसी रूप में जैसे लिखनी हैं
सारी परिभाषाएँ एक जगह
मेसोपोटामियायूनानी में “नदियों के बीच”; फ़रात और दज़ला के बीच की भूमि
शहरीकरण / श्रम विभाजनऐसी अर्थव्यवस्था जहाँ लोग भोजन उगाने के अलावा व्यापार, निर्माण और सेवाओं में विशेषज्ञता रखते हैं, और एक-दूसरे के काम पर निर्भर रहते हैं
कीलाकारलैटिन में “पच्चर के आकार का”; कटी हुई नरकट से मिट्टी की पट्टिकाओं पर दबाकर बनाई गई लिपि
ज़िगुरातमेसोपोटामियाई नगरों का सीढ़ीदार, मीनार जैसा मंदिर-चबूतरा
काँसातांबे और टिन की मिश्रधातु, उस दौर की सबसे बड़ी औद्योगिक धातु
बेलनाकार मुद्रापत्थर का छेदा हुआ बेलन, जिसे गीली मिट्टी पर लुढ़काकर एक लगातार चलता चित्र, और कभी-कभी लेखन भी, छोड़ा जाता था
एकल परिवारपति, पत्नी और उनके बच्चों वाला परिवार
हौज़ज़मीन में खोदा गया ढका हुआ गड्ढा, जिसमें पानी और गंदा पानी जमा होता है
पट्टलेखलेख या चित्र उकेरी हुई पत्थर की पट्टिका
8 उत्तर में नाम लेने लायक़ लोग और जगहें
| नाम | क्यों ज़रूरी है |
|---|---|
| एनमर्कर | उरुक का प्राचीन शासक; सुमेरियन कविता उसे सुमेर का पहला व्यापार संगठित करने और मिट्टी पर लिखने का श्रेय देती है |
| गिल्गोमिश | एनमर्कर के बाद उरुक का शासक; बारह पट्टिकाओं वाले महाकाव्य का नायक, जिसे अंत में अपनी बनवाई नगर-दीवार से सांत्वना मिलती है |
| ज़िमरीलिम | मारी का राजा, 1810-1760 ई.पू.; 260 कमरों वाला उसका राजमहल दूर-दूर तक प्रसिद्ध था |
| असुरबनिपाल | आख़िरी बड़ा असीरियाई राजा, 668-627 ई.पू.; निनवै में पुस्तकालय बनवाया |
| नैबोपोलास्सर | 625 ई.पू. में बेबीलोनिया को असीरियाई सत्ता से आज़ाद कराया |
| नैबोनिडस | स्वतंत्र बेबीलोन का आख़िरी शासक; भाव से सबसे पुराना ज्ञात पुरातत्वविद |
| सारगोन | अक्कद का राजा, लगभग 2370 ई.पू.; नैबोनिडस ने उसकी टूटी मूर्ति ठीक करवाई |
| ज़िउसूद्र / उतनापिष्टिम | मेसोपोटामियाई जलप्रलय कथा का नायक, बाईबल के नूह जैसा |
| उरुक | बस “वह नगर” कहा जाता था; लगभग 3000 ई.पू. में 250 और 2800 ई.पू. तक 400 हैक्टेयर |
| उर | 1930 के दशक में खुदाई; टेढ़ी-मेढ़ी गलियाँ, गली में नाली नहीं, आँगन में सोख गड्ढे |
| मारी | फ़रात पर ऊपर की ओर बसा व्यापारिक नगर, सेना से नहीं व्यापार से समृद्ध |
| अबू सलाबिख | लगभग 10 हैक्टेयर का छोटा क़स्बा, सावधान आधुनिक खुदाई का नमूना |
| निनवै | असीरियाई राजधानी; असुरबनिपाल के पुस्तकालय की जगह |
| अलाशिया | पट्टिकाओं में साइप्रस का नाम, तांबे का स्रोत |
| इन्नाना, डैगन, चंद्र देवता | प्रेम और युद्ध की देवी; स्टेपी का देवता, जिसका मंदिर मारी में बना; वह देवता जिसका घर उर का मंदिर था |
9 पशुचारक और किसान, एक तालिका में
| वे एक-दूसरे के किस काम आते थे | टकराव किस बात पर होता था |
|---|---|
| पशुचारक छोटे जानवर, पनीर, चमड़ा और मांस देते थे | पानी तक जाते रेवड़ बोए खेत उजाड़ देते थे |
| किसान बदले में अनाज और धातु के औज़ार देते थे | चलते-फिरते चरवाहे गाँव का जमा अनाज लूट लेते थे |
| खेत में बाँधे रेवड़ का गोबर ज़मीन उपजाऊ बनाता था | बसे हुए गाँव उन्हें नहर के पानी तक नहीं जाने देते थे |
| पशुचारक फ़सल काटने के मज़दूर और भाड़े के सैनिक भी बनते थे | इसीलिए राजा क़बीलों पर नज़र रखते थे, रात में आग के संकेतों से |
फटाफट दोहराव : परीक्षा से पहली रात यही पढ़ें
- मेसोपोटामिया यानी फ़रात और दज़ला के बीच की भूमि, आज का इराक़
- अनाज की बहुतायत नगर को संभव बनाती है; बनाते हैं व्यापार और विशेषज्ञता
- दक्षिण में पत्थर, धातु और मज़बूत लकड़ी नहीं थी, इसी कमी ने लंबी दूरी का व्यापार करवाया
- जल-परिवहन सस्ता, थल-परिवहन महँगा; नहरें व्यापार के रास्ते भी थीं
- लेखन लगभग 3200 ई.पू. में उरुक में शुरू; कीलाकार लिपि 2600 ई.पू. तक परिपक्व
- कीलाकार चिह्न शब्दांश दर्शाते थे, इसलिए बहुत कम लोग पढ़-लिख पाते थे
- मंदिर राजा से पहले आया; ज़मीन-पानी के झगड़ों ने योद्धा नेताओं को राजा बनाया
- बेलनाकार मुद्रा लुढ़काई जाती थी, दबाई नहीं; वह मालिकाना हक़ और प्रामाणिकता दिखाती थी
- उर आम घर दिखाता है, मारी चरागाही व्यापार, अबू सलाबिख आधुनिक तरीक़ा
- गिल्गोमिश को गर्व अपनी नगर-दीवार पर है, बेटों पर नहीं: असली विरासत नगर थी
- मेसोपोटामियाई गणित और 24 घंटे-60 मिनट की व्यवस्था यूनान, रोम, इस्लाम और यूरोप होते हुए आई
- असुरबनिपाल का पुस्तकालय और नैबोनिडस की मरम्मत दिखाते हैं कि वे अपना अतीत पढ़ते थे
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