कक्षा 11 राजनीति विज्ञान अध्याय 5 विधायिका शॉर्ट नोट्स (Short Notes) हिंदी में

परीक्षा से ठीक पहले के दोहराव के लिए इस अध्याय का निचोड़: परिभाषाएँ, संख्याएँ, तुलना की तालिकाएँ और वे बिंदु जिन पर सबसे ज़्यादा अंक मिलते हैं। विस्तार से पढ़ने के लिए पूरे नोट्स अलग से उपलब्ध हैं।

1 याद रखने लायक़ संख्याएँ

543लोक सभा के निर्वाचन क्षेत्र, 1971 की जनगणना से अपरिवर्तित
12राज्य सभा के मनोनीत सदस्य, राष्ट्रपति द्वारा
14 दिनधन विधेयक पर राज्य सभा की समय-सीमा
संख्या किसकी
6 राज्य जिनमें द्वि-सदनीय विधायिका है: आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश
6 वर्ष राज्य सभा के सदस्य का कार्यकाल; हर 2 वर्ष पर एक तिहाई सदस्य बदलते हैं
5 वर्ष लोक सभा का अधिकतम कार्यकाल
31 और 1 राज्य सभा में उत्तर प्रदेश और सिक्किम की सीटें
चौथी अनुसूची जिसमें राज्यवार राज्य सभा सीटें तय हैं
लगभग 20 विभागों से जुड़ी स्थायी समितियाँ, 1983 से
52वाँ संशोधन, 1985 दलबदल निरोधक कानून; बाद में 91वें संशोधन से बदलाव
अनुच्छेद 109 धन विधेयक की विशेष प्रक्रिया

2 परिभाषाएँ, ठीक जैसी लिखनी हैं

सारी परिभाषाएँ एक जगह
विधायिकासरकार का वह अंग जो जनता के चुने प्रतिनिधियों से बनता है, कानून बनाता है और कार्यपालिका को जवाबदेह रखता है
द्वि-सदनीय विधायिकादो सदनों वाली विधायिका; एक सदन वाली को एक-सदनीय कहते हैं
स्थायी सदनवह सदन जो कभी पूरी तरह भंग नहीं होता, क्योंकि सारे सदस्य एक साथ सेवानिवृत्त नहीं होते
निर्वाचन क्षेत्रलगभग बराबर आबादी वाला वह हिस्सा जहाँ से एक प्रतिनिधि चुना जाता है
विशेष बहुमतकुल सदस्यों का बहुमत और मतदान में भाग लेने वालों का कम से कम दो-तिहाई, दोनों शर्तें एक साथ
विधेयकप्रस्तावित कानून का प्रारूप, जो दोनों सदनों से पारित होकर और राष्ट्रपति की स्वीकृति पाकर कानून बनता है
महाभियोगवह प्रक्रिया जिससे संसद राष्ट्रपति को संविधान के उल्लंघन पर कार्यकाल से पहले हटा सकती है
संसदीय विशेषाधिकारसदन में कही बात पर सदस्य के विरुद्ध कोई कानूनी कार्रवाई नहीं; हनन पर अध्यक्ष का निर्णय अंतिम
अविश्वास प्रस्तावलोक सभा का वह प्रस्ताव जिसके पारित होते ही पूरी मंत्रिपरिषद् को इस्तीफ़ा देना पड़ता है
नियंत्रक-महालेखा परीक्षकवह संवैधानिक अधिकारी जो सरकार के खर्च की जाँच करके रिपोर्ट संसद को देता है
दलबदलदल के आदेश के बावजूद अनुपस्थित रहना, दल के निर्देश के विरुद्ध मतदान करना, या स्वेच्छा से दल छोड़ देना
लघु विधायिकासंसदीय समितियों का दूसरा नाम, क्योंकि उनमें सभी दलों को प्रतिनिधित्व मिलता है

3 लोक सभा बनाम राज्य सभा

आधार लोक सभा राज्य सभा
चुनाव जनता द्वारा प्रत्यक्ष विधायकों द्वारा अप्रत्यक्ष
प्रतिनिधित्व पूरे देश की जनता का भारत के राज्यों का
कार्यकाल 5 वर्ष, पहले भी भंग हो सकती है सदस्य 6 वर्ष; सदन कभी भंग नहीं
मनोनयन नहीं 12 सदस्य, राष्ट्रपति द्वारा
धन विधेयक केवल यहीं प्रस्तुत, अस्वीकार भी कर सकती है न ला सकती, न अस्वीकार; केवल सुझाव
सरकार हटाना अविश्वास प्रस्ताव से हटा सकती है आलोचना कर सकती है, हटा नहीं सकती
विशेष शक्ति वित्त और सरकार पर अंतिम अधिकार राज्य सूची का विषय संघ सूची में ले जाने की स्वीकृति; उपराष्ट्रपति को हटाने का प्रस्ताव केवल यहीं

4 संसद के आठ कार्य

एक-एक पंक्ति में
  • विधायी: कानून बनाना, हालाँकि मसौदा नौकरशाही बनाती है और विषय मंत्रिमंडल तय करता है
  • कार्यपालिका पर नियंत्रण: सरकार को हद में और जवाबदेह रखना
  • वित्तीय: कर, बजट और वार्षिक वित्तीय वक्तव्य को मंज़ूरी
  • प्रतिनिधित्व: हर क्षेत्र, वर्ग, धर्म और आर्थिक समूह की आवाज़
  • विचार-विमर्श: देश का सर्वोच्च बहस मंच, चर्चा पर कोई सीमा नहीं
  • संविधायी: संविधान संशोधन, जिसमें दोनों सदनों की शक्ति बराबर है
  • निर्वाचन: राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चुनाव
  • न्यायिक: राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और न्यायाधीशों को हटाने के प्रस्तावों पर विचार

5 विधेयक से कानून तक

1मंत्रिमंडल नीति को मंज़ूरी देता है, फिर संबंधित मंत्रालय मसौदा तैयार करता है
2विधेयक सदन में प्रस्तुत; धन विधेयक केवल लोक सभा में
3संसदीय समिति में विस्तृत चर्चा और सिफ़ारिश
4सदन में मतदान, फिर दूसरे सदन में वही प्रक्रिया
5गतिरोध पर संयुक्त अधिवेशन; फ़ैसला अब तक हमेशा लोक सभा के पक्ष में
6राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलते ही विधेयक कानून बन जाता है

विधेयकों के प्रकार: सरकारी और निजी; धन और सामान्य; साधारण और संविधान संशोधन विधेयक।

6 कार्यपालिका पर नियंत्रण के चार साधन

साधन याद रखने की बात
विचार-विमर्श और बहस प्रश्नकाल हर दिन, मंत्री को जवाब देना ही पड़ता है, सबसे प्रभावी तरीक़ा। शून्यकाल में कोई भी मुद्दा, पर उत्तर बाध्यकारी नहीं। साथ में आधे घंटे की चर्चा और स्थगन-प्रस्ताव
कानूनों की स्वीकृति 1977 जनता पार्टी और 2000 राजग: लोक सभा में बहुमत, राज्य सभा में नहीं। लोकपाल विधेयक अटका, POTA 2002 राज्य सभा ने अस्वीकार किया
वित्तीय नियंत्रण बजट पेश करना संवैधानिक बाध्यता; CAG और लोक-लेखा समिति की रिपोर्ट पर जाँच; वित्त पर नियंत्रण असल में नीति पर नियंत्रण
अविश्वास प्रस्ताव सबसे शक्तिशाली हथियार; बहुमत रहते काल्पनिक; 1989 के बाद कई सरकारें गठबंधन साथी खोकर गिरीं

गिरावट के संकेत: अधिवेशन कम, बहस का समय कम, गणपूर्ति का अभाव और विपक्ष का बहिष्कार।

7 समितियाँ और दलबदल

आख़िरी दोहराव
  • 1983 से विभाग-संबंधी लगभग 20 स्थायी समितियाँ; संयुक्त संसदीय समिति में दोनों सदनों के सदस्य
  • समितियों को लघु विधायिका कहते हैं क्योंकि उनमें सभी दलों को प्रतिनिधित्व मिलता है
  • असर दोधारी: संसद का बोझ हल्का हुआ, पर संसद उनके सुझाव शायद ही कभी नामंज़ूर करती है
  • दलबदल निरोधक कानून: 1985, 52वाँ संशोधन; बाद में 91वाँ संशोधन
  • दलबदल साबित होने पर सदस्यता समाप्त और मंत्री जैसे किसी पद के लिए अयोग्य; अंतिम निर्णय अध्यक्ष का
  • मूल्यांकन: कानून दलबदल रोक नहीं पाया, पर दल के नेताओं और अध्यक्षों की ताक़त बढ़ा गया
  • निष्कर्ष: झगड़ों के बावजूद संसद सरकार के सभी अंगों में सबसे प्रतिनिध्यात्मक है