कक्षा 12 भूगोल अध्याय 16 NCERT Solutions (प्रश्नावली के हल) हिंदी में

NCERT की पाठ्यपुस्तक भारत: लोग और अर्थव्यवस्था के अध्याय 8 (अंतर्राष्ट्रीय व्यापार) के “अभ्यास” खंड के सभी प्रश्न (और पाठ के बीच पूछे गए प्रश्न), ठीक उसी रूप में जैसे किताब के हिंदी संस्करण में छपे हैं, और हर प्रश्न का पूरा उत्तर। पहले ख़ुद उत्तर सोचिए, फिर मिलाइए।

1 नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए

प्रश्न 1 (i)

प्र. दो देशों के मध्य व्यापार कहलाता है-
(क) अंतर्देशीय व्यापार
(ख) बाह्य व्यापार
(ग) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार
(घ) स्थानीय व्यापार

उत्तर: (ग) अंतर्राष्ट्रीय व्यापार। दो या दो से अधिक देशों के बीच होने वाले व्यापार को अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कहा जाता है; यह सभी देशों के लिए परस्पर लाभदायक होता है, चूँकि कोई भी देश आत्मनिर्भर नहीं है।

प्रश्न 1 (ii)

प्र. निम्नलिखित में से कौन-सा एक स्थलबद्ध पोताश्रय है?
(क) विशाखापट्नम
(ख) मुंबई
(ग) कामराजार (एन्नोर)
(घ) हल्दिया

उत्तर: (क) विशाखापट्नम। पुस्तक के अनुसार विशाखापट्नम आंध्र प्रदेश में एक भू-आबद्ध (स्थलबद्ध) पत्तन है, जिसे ठोस चट्टान एवं बालू को काटकर एक नहर के द्वारा समुद्र से जोड़ा गया है; मुंबई एक प्राकृतिक पोताश्रय है, कामराजार (एन्नोर) चेन्नई के 25 कि.मी. उत्तर में नया विकसित पत्तन है, और हल्दिया हुगली नदी पर कोलकाता से 105 कि.मी. अनुप्रवाह पर स्थित नदी-पत्तन है; इनमें से किसी को भू-आबद्ध नहीं बताया गया।

प्रश्न 1 (iii)

प्र. भारत का अधिकांश विदेशी व्यापार वहन होता है-
(क) स्थल और समुद्र द्वारा
(ख) स्थल और वायु द्वारा
(ग) समुद्र और वायु द्वारा
(घ) समुद्र द्वारा

उत्तर: (ग) समुद्र और वायु द्वारा। पुस्तक के अनुसार भारत का अधिकतर विदेशी व्यापार समुद्री एवं वायु मार्गों द्वारा संचालित होता है; एक छोटा-सा भाग सड़क मार्ग द्वारा नेपाल, भूटान, बांग्लादेश एवं पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों में होता है।

2 निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर लगभग 30 शब्दों में दें

प्रश्न 2 (i)

प्र. भारत के विदेशी व्यापार की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

उत्तर: भारत का वैदेशिक व्यापार 1950-51 के ₹1,214 करोड़ से बढ़कर 2021-22 में ₹77,19,796 करोड़ हो गया है। विश्व व्यापार में भारत की हिस्सेदारी मात्र ~1% है, फिर भी अर्थव्यवस्था में इसकी महत्त्वपूर्ण भूमिका है। निर्यात की तुलना में आयात सदैव अधिक रहा है, जिससे व्यापार घाटा बना रहता है।

प्रश्न 2 (ii)

प्र. पत्तन और पोताश्रय में अंतर बताइए।

उत्तर: पोताश्रय (हार्बर) समुद्र या नदी का वह आश्रित भाग है जो जहाज़ों को सुरक्षित लंगर डालने की सुविधा देता है, जो प्राकृतिक (जैसे मुंबई) या कृत्रिम (जैसे चेन्नई) हो सकता है। पत्तन (पोर्ट) एक विकसित पोताश्रय है जिसमें गोदी, क्रेन व गोदाम जैसी अवसंरचना जुड़ी होती है, जहाँ माल की लदाई-उतराई होती है।

प्रश्न 2 (iii)

प्र. पृष्ठप्रदेश के अर्थ को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: पृष्ठप्रदेश (हिंटरलैंड) किसी पत्तन से जुड़ा वह भीतरी क्षेत्र है जिसे वह पत्तन आयात-निर्यात सेवाएँ प्रदान करता है। पुस्तक के अनुसार इसकी सीमा तय करना कठिन है क्योंकि यह क्षेत्र पर सुस्थिर नहीं होता, और एक पत्तन का पृष्ठप्रदेश दूसरे के पृष्ठप्रदेश से अतिव्यापन कर सकता है।

प्रश्न 2 (iv)

प्र. उन महत्त्वपूर्ण मदों के नाम बताइए जिन्हें भारत विभिन्न देशों से आयात करता है?

उत्तर: भारत मुख्यतः पेट्रोलियम एवं उत्पाद, मशीन एवं उपस्कर, विशेष स्टील, खाद्य तेल, उर्वरक, रसायन, मोती व बहुमूल्य-अल्प मूल्य रत्न, सोना-चांदी तथा अलौह धातुएँ आयात करता है (तालिका 8.5)।

प्रश्न 2 (v)

प्र. भारत के पूर्वी तट पर स्थित पत्तनों के नाम बताइए।

उत्तर: भारत के पूर्वी तट पर स्थित पत्तन हैं: कोलकाता (श्यामा प्रसाद मुखर्जी), हल्दिया, पारादीप, विशाखापट्नम, चेन्नई, कामराजार (एन्नोर) तथा वी.ओ. चिदंबरनार (तूतीकोरिन)।

3 निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दें

प्रश्न 3 (i)

प्र. भारत में निर्यात और आयात व्यापार के संयोजन का वर्णन कीजिए।

उत्तर: निर्यात संयोजन (तालिका 8.2, 8.3): भारत के निर्यात में विनिर्मित वस्तुओं की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है (2021-22 में 67.8%, मूल्य 21,32,296 करोड़ रुपए), जिसमें इंजीनियरिंग वस्तुओं व रत्न-आभूषण का बड़ा योगदान है, हालाँकि चीन व पूर्वी एशियाई देशों से कड़ी प्रतिस्पर्धा है। कृषि एवं समवर्गी उत्पाद (11.9%, मूल्य 3,75,742 करोड़) पेट्रोलियम व अपरिष्कृत उत्पादों (16.4%) के बाद तीसरे स्थान पर हैं, जिसमें काजू जैसी पारंपरिक वस्तुओं में गिरावट व फूलों/ताज़े फल/समुद्री उत्पाद/चीनी में वृद्धि हुई है। पेट्रोलियम व अपरिष्कृत उत्पादों (16.4%) की हिस्सेदारी बढ़ी है, जबकि अयस्क-खनिज (2.0%) की हिस्सेदारी स्थिर रही है।

आयात संयोजन (तालिका 8.4, 8.5): “अन्य” (38.5%) को छोड़कर सबसे बड़ी हिस्सेदारी ईंधन (कोयला, पीओएल) की है (2021-22 में 31.6%), इसके बाद पूँजीगत वस्तुएँ (10.1%, लगातार घटती हुई), फिर उर्वरक व खाद्य-संबंधित वस्तुएँ। तालिका 8.5 के अनुसार पेट्रोलियम एवं उत्पाद (12,07,803 करोड़ रुपए) सबसे बड़ी आयात वस्तु है, इसके बाद अलौह धातुएँ, रासायनिक उत्पाद तथा मोती व बहुमूल्य रत्न आते हैं। आयात मूल्य निर्यात से सदैव अधिक रहा है, जिससे व्यापार घाटा (2021-22 में -14,25,753 करोड़ रुपए) बना रहता है।

प्रश्न 3 (ii)

प्र. भारत के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की बदलती प्रकृति पर एक टिप्पणी लिखिए।

उत्तर: स्वतंत्रता के बाद से भारत के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार ने मात्रा, संघटन तथा दिशा तीनों में आमूल परिवर्तन का अनुभव किया है। मात्रा में, वैदेशिक व्यापार 1950-51 के ₹1,214 करोड़ से बढ़कर 2021-22 में ₹77,19,796 करोड़ हो गया, जिसका मुख्य कारण विनिर्माण क्षेत्र की गतिशील उठान, सरकार की उदार नीतियाँ तथा बाज़ारों की विविधरूपता है। संघटन में, निर्यात में कृषि व विनिर्माण की हिस्सेदारी घटी और पेट्रोलियम व अन्य वस्तुओं की बढ़ी है; आयात में खाद्यान्नों के आयात की जगह उर्वरकों एवं पेट्रोलियम ने ले ली, जबकि पूँजीगत वस्तुओं के आयात में लगातार गिरावट बनी रही। दिशा में, भारत के अब विश्व के अधिकांश देशों व प्रमुख व्यापारिक गुटों (विशेषकर एशिया व आसियान, जिसका 2021-22 में आयात व्यापार 29,18,577 करोड़ रुपए का था) से व्यापारिक संबंध हैं। भारत का लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में विश्व व्यापार में अपनी हिस्सेदारी (वर्तमान में मात्र ~1%) दुगुनी करना है, जिसके लिए आयात उदारीकरण, आयात करों में कटौती, लाइसेंस-मुक्ति तथा प्रक्रिया पेटेंट से उत्पाद पेटेंट की ओर बदलाव जैसे उपाय अपनाए जा रहे हैं। फिर भी आयात सदैव निर्यात से अधिक रहने के कारण व्यापार घाटा एक स्थायी चुनौती बना हुआ है।

4 पाठ के बीच पूछे गए प्रश्न व क्रियाकलाप

पाठगत प्रश्न 1

प्र. वर्ष 1950-51 में भारत के वैदेशिक व्यापार का मूल्य 1,214 करोड़ रुपए था, जो 2021-22 में बढ़कर 77,19,796 करोड़ रुपए हो गया। क्या आप 1950-51 के मुकाबले 2021-22 की प्रतिशत वृद्धि का परिकलन कर सकते हैं?

उत्तर: प्रतिशत वृद्धि = (नया मान − पुराना मान) ÷ पुराना मान × 100 = (77,19,796 − 1,214) ÷ 1,214 × 100 = 77,18,582 ÷ 1,214 × 100 ≈ 6,35,798 प्रतिशत। अर्थात 2021-22 का व्यापार 1950-51 के व्यापार का लगभग 6,359 गुना है। पुस्तक के अनुसार इसके कारण हैं: विनिर्माण क्षेत्र में गतिशील उठान, सरकार की उदार नीतियाँ तथा बाज़ारों की विविधरूपता।

पाठगत क्रियाकलाप 2 (तालिका 8.1)

प्र. एक दंड आरेख बनाकर सारणी में दी गई सभी मदों के निर्यात की प्रवृत्ति को दर्शाएँ।

उत्तर: x-अक्ष पर वर्ष और y-अक्ष पर निर्यात (करोड़ रुपये) लेकर प्रत्येक वर्ष का एक दंड बनाइए: 2004-05: 3,75,340; 2009-10: 8,45,534; 2013-14: 19,05,011; 2016-17: 18,52,340; 2021-22: 31,47,021। दंड दिखाते हैं कि निर्यात तेज़ी से बढ़ा है, 2016-17 में हल्की गिरावट के बाद 2021-22 तक बड़ी वृद्धि हुई। (प्रत्येक निर्यात दंड के पास दूसरे रंग में आयात का दंड बनाने से दिखेगा कि हर वर्ष आयात अधिक रहा।)

भारत का निर्यात और आयात (तालिका 8.1) 0 10,00,000 20,00,000 30,00,000 40,00,000 50,00,000 मूल्य (₹ करोड़) 2004-05 3,75,340 5,01,065 2009-10 8,45,534 13,63,736 2013-14 19,05,011 27,15,434 2016-17 18,52,340 25,77,422 2021-22 31,47,021 45,72,775 निर्यात आयात
तालिका 8.1 से दंड आरेख: निर्यात (नीला) और उसके साथ आयात (नारंगी)। हर वर्ष आयात अधिक है।
पाठगत क्रियाकलाप 3 (तालिका 8.3)

प्र. तालिका 8.3 का अध्ययन करते हुए ऐसी प्रमुख वस्तुएँ चुनें, जिन्हें वर्ष 2021-22 में निर्यातित किया गया हो। दंड आरेख बनाकर उन वस्तुओं के बीच विविधता को समझने हेतु तुलना करें।

उत्तर: अवरोही क्रम में: विनिर्मित वस्तुएँ 21,32,296 करोड़ रुपये; खनिज ईंधन और स्नेहक 5,15,310; कृषि एवं समवर्गी उत्पाद 3,75,742; अयस्क एवं खनिज 63,754। प्रत्येक का एक दंड बनाइए; विनिर्मित वस्तुओं का दंड अगले दंड से लगभग चार गुना है, जो दिखाता है कि भारत के निर्यात में विनिर्मित वस्तुओं की प्रधानता है।

2021-22 में निर्यात की प्रमुख वस्तुएँ (तालिका 8.3) 0 10,00,000 20,00,000 निर्यात 2021-22 (₹ करोड़) विनिर्मित वस्तुएँ 21,32,296 खनिज ईंधन और स्नेहक 5,15,310 कृषि एवं समवर्गी उत्पाद 3,75,742 अयस्क एवं खनिज 63,754
तालिका 8.3 से दंड आरेख: भारत के निर्यात में विनिर्मित वस्तुओं की प्रधानता।
पाठगत क्रियाकलाप 4 (तालिका 8.5)

प्र. आरोही क्रम में अथवा अवरोही क्रम में सभी वस्तुओं को क्रमबद्ध ढंग से व्यवस्थित करें और भारत के 2021-22 की आयात सूची की प्रमुख पाँच वस्तुओं का नाम लिखें।

उत्तर: अवरोही क्रम (करोड़ रुपये): पेट्रोलियम एवं उत्पाद 12,07,803; अलौह धातुएँ 4,99,766; रासायनिक उत्पाद 3,08,882; मोती, बहुमूल्य एवं अल्प मूल्य रत्न 2,31,279; खाद्य तेल 1,41,532; उर्वरक एवं उर्वरक विनिर्माण 1,05,796; लोहा और इस्पात 94,053; चिकित्सीय एवं भेषजीय उत्पाद 67,545; लुगदी और अपशिष्ट कागज़ 11,934। प्रमुख पाँच वस्तुएँ: पेट्रोलियम एवं उत्पाद, अलौह धातुएँ, रासायनिक उत्पाद, मोती व बहुमूल्य रत्न, तथा खाद्य तेल।

पाठगत प्रश्न 5

प्र. भारत एक कृषि की दृष्टि से समृद्ध देश होते हुए भी खाद्य तेलों का आयात क्यों करता है?

उत्तर: भारत में तिलहन का उत्पादन माँग के अनुपात में पर्याप्त नहीं है। तिलहन अधिकतर वर्षा-आधारित भूमि पर कम उपज के साथ उगाए जाते हैं, जबकि जनसंख्या बढ़ने और जीवन-स्तर सुधरने से खाद्य तेल की माँग लगातार बढ़ रही है। घरेलू उत्पादन और खपत के इस अंतर को आयात से पूरा करना पड़ता है (2021-22 में खाद्य तेलों का आयात 1,41,532 करोड़ रुपये, तालिका 8.5)।

पाठगत क्रियाकलाप 6 (तालिका 8.5)

प्र. पाँच सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण वस्तुओं तथा पाँच सबसे कम महत्त्वपूर्ण वस्तुओं को चुनकर उन्हें दंड-आरेख द्वारा दर्शाएँ।

उत्तर: पाँच सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण: पेट्रोलियम एवं उत्पाद, अलौह धातुएँ, रासायनिक उत्पाद, मोती व बहुमूल्य रत्न, खाद्य तेल। पाँच सबसे कम महत्त्वपूर्ण: लुगदी और अपशिष्ट कागज़ (11,934), चिकित्सीय एवं भेषजीय उत्पाद (67,545), लोहा और इस्पात (94,053), उर्वरक (1,05,796), खाद्य तेल (1,41,532)। तालिका में केवल नौ वस्तुएँ हैं, इसलिए बीच की वस्तु खाद्य तेल दोनों सूचियों में आती है। करोड़ रुपये के मानों से दो दंड-आरेख बनाइए।

आयात की पाँच सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण वस्तुएँ (तालिका 8.5) 0 4,00,000 8,00,000 12,00,000 आयात 2021-22 (₹ करोड़) पेट्रोलियम, तेल और स्नेहक 12,07,803 अलौह धातुएँ 4,99,766 रासायनिक उत्पाद 3,08,882 मोती, बहुमूल्य रत्न 2,31,279 खाद्य तेल 1,41,532
दंड आरेख 1, तालिका 8.5 से: आयात की पाँच सबसे बड़ी वस्तुएँ।
आयात की पाँच सबसे कम महत्त्वपूर्ण वस्तुएँ (तालिका 8.5) 0 60,000 1,20,000 आयात 2021-22 (₹ करोड़) खाद्य तेल 1,41,532 उर्वरक 1,05,796 लोहा और इस्पात 94,053 चिकित्सीय एवं भेषजीय उत्पाद 67,545 लुगदी और अपशिष्ट कागज़ 11,934
दंड आरेख 2, तालिका 8.5 से: आयात की पाँच सबसे छोटी वस्तुएँ। इसका पैमाना पहले आरेख से बहुत छोटा है।
पाठगत प्रश्न 7

प्र. क्या आप आयात सूची में कुछ ऐसे मदों को पहचान सकते हैं जिनके विकल्प भारत में विकसित किए जा सकते हैं?

उत्तर: खाद्य तेल (तिलहन उत्पादन बढ़ाकर), उर्वरक (घरेलू विनिर्माण बढ़ाकर तथा जैविक खाद के उपयोग से), लोहा और इस्पात तथा चिकित्सीय एवं भेषजीय उत्पाद (घरेलू उद्योग का विस्तार करके), और पेट्रोलियम आयात का एक भाग (सौर व पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोतों तथा जैव-ईंधन से)।

पाठगत क्रियाकलाप 8 (तालिका 8.6)

प्र. प्रमुख व्यापारिक साझेदारों को प्रदर्शित करने के लिए एक बहुदंड आरेख बनाएँ।

उत्तर: प्रत्येक क्षेत्र के लिए दो दंड साथ-साथ बनाइए, एक 2016-17 और एक 2021-22 का (आयात, करोड़ रुपये): यूरोप 4,03,972 व 6,40,577; अफ्रीका 1,93,327 व 3,68,156; उत्तरी अमेरिका 1,95,332 व 3,78,041; लैटिन अमेरिका 1,15,762 व 1,61,995; एशिया एवं आसियान 15,44,520 व 29,18,577। आरेख दिखाता है कि एशिया एवं आसियान अन्य सभी क्षेत्रों से बहुत आगे है और हर क्षेत्र से आयात बढ़ा है।

क्षेत्रवार भारत का आयात (तालिका 8.6) 0 10,00,000 20,00,000 30,00,000 आयात (₹ करोड़) यूरोप 4,03,972 6,40,577 अफ्रीका 1,93,327 3,68,156 उत्तरी अमेरिका 1,95,332 3,78,041 लैटिन अमेरिका 1,15,762 1,61,995 एशिया एवं आसियान 15,44,520 29,18,577 2016-17 2021-22
तालिका 8.6 से बहुदंड आरेख: हर क्षेत्र के दो दंड, 2016-17 (नीला) और 2021-22 (नारंगी)।
पाठगत प्रश्न 9

प्र. क्या आप इन दोनों तटों पर पत्तनों की अवस्थिति की भिन्नता के कारणों का पता लगा सकते हैं?

उत्तर: पुस्तक के अनुसार पूर्वी तट की अपेक्षा पश्चिमी तट पर अधिक पत्तन हैं। पश्चिमी तट पर किनारे के पास गहरा जल तथा अनेक प्राकृतिक पोताश्रय व नदमुख (मुंबई, मुरगांव, कोच्चि) हैं, और यह तट मध्य-पूर्व, यूरोप और अफ्रीका के व्यस्त मार्गों की ओर है। पूर्वी तट सीधा है, जहाँ चौड़े डेल्टा, तट के निकट उथला जल और नदियों द्वारा लाई गई भारी गाद है (चेन्नई के निकट उथला जल, कोलकाता में हुगली की गाद), इसलिए वहाँ पत्तनों के लिए अच्छे स्थल कम उपलब्ध हैं।

पाठगत क्रियाकलाप 10

प्र. अपने निवास स्थान से निकटतम घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय हवाई पत्तनों के नाम लिखें। सबसे अधिक घरेलू हवाई पत्तन वाले राज्य की पहचान भी करें।

उत्तर: यह आपके निवास स्थान पर निर्भर है: अपने नगर के निकटतम हवाई अड्डे और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों वाले निकटतम हवाई अड्डे का नाम लिखिए (जैसे पुस्तक में दी गई 25 मुख्य हवाई अड्डों की सूची से)। चित्र 8.5 (वायु मार्ग) में प्रत्येक राज्य के हवाई अड्डे गिनकर सबसे अधिक घरेलू हवाई अड्डों वाले राज्य की पहचान कीजिए।

पाठगत क्रियाकलाप 11

प्र. उन चार नगरों की पहचान करें, जहाँ सबसे अधिक हवाई मार्ग अभिसारित होते हों और इसके कारण भी बताएँ।

उत्तर: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई (बेंगलूरु और हैदराबाद भी बड़े केंद्र हैं)। कारण: ये सबसे बड़े महानगर तथा प्रशासन, उद्योग, व्यापार और वित्त के केंद्र हैं; इनकी जनसंख्या और यात्री यातायात बहुत अधिक है; यहाँ बड़े अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं; और ये देश के विभिन्न प्रदेशों को आपस में तथा विदेशों से जोड़ने की दृष्टि से उपयुक्त स्थिति में हैं।

परीक्षा संकेत

प्रश्नावली के तीनों बहुविकल्पीय प्रश्न बोर्ड परीक्षा में सीधे वस्तुनिष्ठ रूप में पूछे जा सकते हैं – अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की परिभाषा, विशाखापट्नम का स्थलबद्ध पोताश्रय होना, और समुद्र-वायु मार्गों की प्रधानता याद रखिए। प्रश्न 3 के दोनों दीर्घ-उत्तरीय प्रश्नों के लिए तालिकाओं के आँकड़े (विशेषकर 2021-22 के) ज़रूर याद कर लीजिए।