इस अध्याय के परीक्षा-उपयोगी प्रश्न, अंक-वार, हर प्रश्न के पूरे उत्तर के साथ। पहले स्वयं उत्तर लिखने की कोशिश कीजिए, फिर मिलाइए।
1 1 अंक के प्रश्न
प्र. पर्यावरण प्रदूषण को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: पर्यावरण प्रदूषण, मानवीय क्रियाकलापों के अपशिष्ट उत्पादों से मुक्त द्रव्य एवं ऊर्जा का परिणाम है।
प्र. प्रदूषण के चार प्रकार कौन-से हैं?
उत्तर: प्रदूषकों के परिवहित एवं विसरित होने के माध्यम के आधार पर प्रदूषण के चार प्रकार हैं: जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, भू-प्रदूषण तथा ध्वनि प्रदूषण।
प्र. भारत के सर्वाधिक जल प्रदूषक उद्योग कौन-से हैं?
उत्तर: सर्वाधिक जल प्रदूषक उद्योग-चमड़ा, लुगदी व कागज़, वस्त्र तथा रसायन हैं।
प्र. सुस्थिर शोर के स्तर को किसमें मापा जाता है?
उत्तर: सुस्थिर शोर के स्तर को डेसीबल (dB) के संदर्भ में ध्वनि स्तर द्वारा मापा जाता है।
प्र. ‘नमामि गंगे’ कार्यक्रम किसने आरंभ किया?
उत्तर: केंद्र सरकार ने ‘नमामि गंगे’ कार्यक्रम आरंभ किया।
प्र. भू-निम्नीकरण से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: भू-निम्नीकरण का अभिप्राय स्थायी या अस्थायी तौर पर भूमि की उत्पादकता की कमी है।
प्र. झबुआ जिला किस राज्य में स्थित है और वहाँ किस जनजाति की उच्च सांद्रता है?
उत्तर: झबुआ जिला मध्य प्रदेश में स्थित है, और वहाँ भील जनजाति की उच्च सांद्रता है।
प्र. स्वच्छ भारत मिशन (SBM) का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: स्वच्छ भारत मिशन शहरों के नवीकरण का हिस्सा है, जिसे भारत सरकार ने शहरी गंदी बस्तियों में जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए शुरू किया है।
प्र. गंगा नदी की कोई दो प्रदूषित पटरियाँ (तालिका 9.2 के अनुसार) बताइए।
उत्तर: तालिका 9.2 के अनुसार गंगा की प्रदूषित पटरियों में कानपुर का अनुप्रवाह और वाराणसी का अनुप्रवाह (साथ ही फरक्का बाँध) शामिल हैं।
2 2 अंक के प्रश्न
प्र. जल प्रदूषण के प्राकृतिक व मानवीय स्रोतों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: प्राकृतिक स्रोतों में अपरदन, भू-स्खलन तथा पेड़-पौधों व मृत पशुओं के सड़ने-गलने से जल प्रदूषित होता है। परंतु मानव, जल को उद्योगों, कृषि एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से प्रदूषित करता है, और किताब के अनुसार मानव क्रियाकलापों से उत्पन्न प्रदूषक चिंता का वास्तविक कारण हैं; इनमें उद्योग सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण सहायक है।
प्र. गंगा और यमुना नदियों के प्रदूषण के मुख्य कारणों में क्या अंतर है (तालिका 9.2 के अनुसार)?
उत्तर: गंगा में प्रदूषण कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, पटना व कोलकाता जैसे नगरों से औद्योगिक व घरेलू कचरे तथा नदी में लाशों के विसर्जन से होता है। यमुना में प्रदूषण हरियाणा व उत्तर प्रदेश द्वारा सिंचाई हेतु जल के निर्गमन, कृषि गतिविधियों से सूक्ष्म प्रदूषकों के प्रवाह, तथा दिल्ली के घरेलू व औद्योगिक कचरे से होता है।
प्र. अम्ल वर्षा किस प्रकार वायु प्रदूषण से जुड़ी है, और इसका एक प्रमाण किताब में क्या दिया गया है?
उत्तर: वायु प्रदूषण के कारण अम्ल वर्षा भी हो सकती है। किताब में इसका प्रमाण नगरीय पर्यावरण का वर्षा जल विश्लेषण है, जो दर्शाता है कि गर्मियों के पश्चात् पहली बरसात में pH का स्तर उत्तरवर्ती बरसातों से सदैव कम होता है।
प्र. ध्वनि प्रदूषण ‘स्थान विशिष्ट’ क्यों है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर: ध्वनि प्रदूषण स्थान विशिष्ट होता है क्योंकि इसकी तीव्रता प्रदूषण के स्रोत जैसे औद्योगिक क्षेत्र, परिवहन मार्ग, हवाई अड्डे इत्यादि से जितनी दूर जाते हैं उतनी कम होती जाती है। उदाहरण के लिए समुद्री यातायात का शोर पत्तन (बंदरगाह) तक ही सीमित रहता है।
प्र. किताब के अनुसार ठोस कचरे का निपटान किन दो स्रोतों से होता है, और प्रत्येक कहाँ निस्तारित होता है?
उत्तर: ठोस कचरे का निपटान दो स्रोतों से होता है: (i) घरेलू प्रतिष्ठान, जिनका कचरा सार्वजनिक भूमि या निजी ठेकेदारों के स्थलों पर डाला जाता है, और (ii) औद्योगिक/व्यावसायिक प्रतिष्ठान, जिनका कचरा नगरपालिकाओं द्वारा निचली सतह की सार्वजनिक ज़मीन (गड्ढों/लैंडफिल क्षेत्रों) पर निस्तारित किया जाता है।
प्र. ग्रामीण-नगरीय प्रवास के कोई तीन कारक बताइए।
उत्तर: ग्रामीण-नगरीय प्रवास नगरीय क्षेत्रों में मज़दूरों की अधिक माँग, ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के निम्न अवसर, तथा नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के बीच विकास के असंतुलित प्रारूप जैसे कारकों से प्रभावित होता है।
प्र. नगरीय जनसंख्या में वृद्धि किन तीन कारणों से होती है?
उत्तर: नगरीय जनसंख्या में वृद्धि (1) प्राकृतिक वृद्धि (जब मृत्यु दर की अपेक्षा वृद्धि दर अधिक हो), (2) निवल अप्रवास (जहाँ बाहर जाने वालों की अपेक्षा आने वाले अधिक हों), और (3) नगरीय क्षेत्रों का पुनः वर्गीकरण, जिसमें आसपास की ग्रामीण जनसंख्या शामिल कर ली जाती है, के कारण होती है।
प्र. ‘नगरीय या नगरीय केंद्र’ की अवधारणा के बारे में किताब क्या कहती है?
उत्तर: ‘नगरीय या नगरीय केंद्र’ की अवधारणा को ग्रामीण से विभेदित करने के लिए आवासीय भूगोल में परिभाषित किया गया है, और यह अवधारणा विभिन्न देशों में अलग-अलग तरीके से परिभाषित की गई है।
प्र. गंदी बस्तियों में किन बुनियादी सुविधाओं का अभाव पाया जाता है?
उत्तर: गंदी बस्तियों में पेयजल, प्रकाश तथा शौच सुविधाओं जैसी आधारभूत सुविधाओं का अभाव पाया जाता है, साथ ही खुले में शौच, अनियमित जल निकासी व्यवस्था तथा भीड़-भरी संकरी सड़कें स्वास्थ्य व सामाजिक समस्याओं का कारण बनती हैं।
प्र. गंदी बस्तियों में रहने वाले लोगों की गरीबी उन्हें किन सामाजिक समस्याओं की ओर उन्मुख करती है?
उत्तर: गरीबी गंदी बस्तियों के निवासियों को नशीली दवाओं, शराब, अपराध, गुंडागर्दी, पलायन, उदासीनता और अंततः सामाजिक बहिष्कार के प्रति उन्मुख करती है।
प्र. भारतीय दूर-संवेदन संस्थान ने व्यर्थ भूमि को किस आधार पर वर्गीकृत किया है, और इसकी दो श्रेणियाँ बताइए।
उत्तर: भारतीय दूर-संवेदन संस्थान ने व्यर्थ भूमि को दूर-संवेदन तकनीक की सहायता से सीमांकित करके, उन्हें बनाने वाली प्रक्रियाओं (प्राकृतिक व मानवजनित) के आधार पर वर्गीकृत किया है। उदाहरण: प्राकृतिक खड्ड, मरुस्थलीय भूमि (प्राकृतिक कारक) तथा क्षरित चरागाह, खनन व औद्योगिक व्यर्थ क्षेत्र (मानवजनित कारक)।
प्र. दौराला में पानी की समस्या हल करने हेतु कौन-से दो तकनीकी हस्तक्षेप किए गए?
उत्तर: गाँव की उपरली टंकी की क्षमता बढ़ाई गई और समुदाय को पीने योग्य जल उपलब्ध कराने के लिए 900 मीटर की अतिरिक्त पाइपलाइन बिछाई गई। इसके अतिरिक्त गाद-युक्त तालाब को साफ़ व गाद-विमुक्त करके पुनः जल से भरा गया।
प्र. उर्वरकों के प्रयोग से जल प्रदूषण कैसे बढ़ता है?
उत्तर: आधुनिक कृषि में प्रयुक्त अकार्बनिक उर्वरक, कीटनाशक व खरपतवार नाशक जैसे रासायनिक पदार्थ नदियों, झीलों व तालाबों में बहा दिए जाते हैं और भू-जल तक भी पहुँच जाते हैं; उर्वरक धरातलीय जल में नाइट्रेट की मात्रा को बढ़ा देते हैं।
3 4 अंक के प्रश्न
प्र. भारत में जल प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों तथा इससे होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर: जल प्रदूषण के प्रमुख स्रोत हैं: वाहित मल (सीवेज) निपटान, नगरीय वाही जल, उद्योगों से विषाक्त बहिःस्राव, कृषि भूमि से बहकर आने वाला विषाक्त जल, तथा नाभिकीय ऊर्जा संयंत्रों से निकला जल। उर्वरकों के उपयोग से धरातलीय जल में नाइट्रेट की मात्रा बढ़ती है, और तीर्थ यात्राओं, धार्मिक मेलों व पर्यटन जैसी सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी जल प्रदूषण का कारण हैं। स्वास्थ्य पर प्रभाव में विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग एक-चौथाई संचारी रोग जल-जनित हैं; संदूषित जल के उपयोग से दस्त (डायरिया), आँतों के कृमि तथा हेपेटाइटिस जैसी बीमारियाँ होती हैं।
प्र. ‘नमामि गंगे’ कार्यक्रम के सभी उद्देश्यों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: ‘नमामि गंगे’ कार्यक्रम के उद्देश्य हैं: (1) शहरों में सीवर ट्रीटमेंट की व्यवस्था कराना, (2) औद्योगिक प्रवाह की निगरानी, (3) नदियों का विकास, (4) नदी के किनारों पर वनीकरण जिससे जैवविविधता में वृद्धि हो, (5) नदियों के तल की सफ़ाई, (6) उत्तराखंड, यू.पी., बिहार व झारखंड में ‘गंगा ग्राम’ का विकास करना, और (7) नदी में किसी भी प्रकार के पदार्थ को न डालने (अनुष्ठान से संबंधित होने पर भी) के लिए लोगों में जागरूकता पैदा करना।
प्र. वायु प्रदूषण तथा ध्वनि प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों व मानव स्वास्थ्य पर उनके प्रभावों की तुलना कीजिए।
उत्तर: वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोत जीवाश्म ईंधन का दहन, खनन और उद्योग हैं, जो सल्फर व नाइट्रोजन के ऑक्साइड, हाइड्रोकार्बन, कार्बन डाइऑक्साइड व मोनोक्साइड, सीसा तथा एस्बेस्टास निर्मुक्त करते हैं; इससे श्वसन तंत्रीय, तंत्रिका तंत्रीय तथा रक्त संचारतंत्र संबंधी बीमारियाँ होती हैं, तथा शहरी धूम्र कुहरा (स्मॉग) व अम्ल वर्षा भी होती है। ध्वनि प्रदूषण के प्रमुख स्रोत विविध उद्योग, मशीनीकृत निर्माण व तोड़-फोड़ कार्य, तीव्रचालित मोटर-वाहन व वायुयान हैं, जिनमें यातायात का शोर सबसे बड़ा क्लेश है; यह डेसीबल में मापा जाता है और स्थान-विशिष्ट होता है, स्रोत से दूरी बढ़ने पर इसकी तीव्रता घटती है।
प्र. भारत में नगरीय अपशिष्ट निपटान से जुड़ी प्रमुख समस्याओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर: नगरीय क्षेत्र अति संकुल, भीड़-भाड़ तथा तीव्र बढ़ती जनसंख्या के लिए अपर्याप्त सुविधाओं से चिह्नित हैं, जिसके परिणामस्वरूप साफ़-सफ़ाई की खराब स्थिति और प्रदूषित वायु होती है। मुंबई, कोलकाता, चेन्नई व बेंगलूरु जैसे महानगरों में 90 प्रतिशत ठोस अपशिष्ट एकत्रित व निपटाया जाता है, परंतु अधिकांश अन्य शहरों में 30 से 50 प्रतिशत कचरा बिना एकत्र किए छोड़ दिया जाता है, जो गलियों, घरों के पीछे व परती ज़मीनों पर इकट्ठा होकर गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है (जैसे टाइफाइड, गलघोटूँ, दस्त तथा हैजा)। अनुपचारित अपशिष्ट धीरे-धीरे सड़कर मिथेन सहित विषाक्त गैसें छोड़ता है।
प्र. भारत में गंदी बस्तियों की प्रमुख समस्याओं का वर्णन कीजिए।
उत्तर: गंदी बस्तियाँ न्यूनतम वांछित आवासीय क्षेत्र हैं जहाँ जीर्ण-शीर्ण मकान, स्वास्थ्य की निम्न सुविधाएँ, खुली हवा का अभाव तथा पेयजल, प्रकाश व शौच जैसी आधारभूत आवश्यकताओं का अभाव पाया जाता है। खुले में शौच, अनियमित जल निकासी व्यवस्था तथा भीड़-भरी संकरी सड़कें स्वास्थ्य व सामाजिक समस्याएँ उत्पन्न करती हैं। अधिकांश निवासी असंगठित क्षेत्र में कम वेतन व अधिक जोखिम वाला कार्य करते हैं, अल्प-पोषित रहते हैं, विभिन्न रोगों की चपेट में आते हैं, और बच्चों की उचित शिक्षा का खर्च नहीं उठा सकते; गरीबी उन्हें नशीली दवाओं, शराब, अपराध व सामाजिक बहिष्कार की ओर उन्मुख करती है।
प्र. भू-निम्नीकरण के कारणों तथा इससे बनने वाली व्यर्थ भूमि के प्रकारों का वर्णन कीजिए।
उत्तर: कृषि योग्य भूमि पर दबाव सीमित उपलब्धता के साथ-साथ भूमि की गुणवत्ता में कमी से भी बढ़ता है। मृदा अपरदन, लवणता (जलाक्रांतता) तथा भू-क्षारता से भू-निम्नीकरण होता है, जो भूमि की उत्पादकता में स्थायी या अस्थायी कमी लाता है। भू-निम्नीकरण दो प्रक्रियाओं, प्राकृतिक तथा मानवजनित, से होता है। प्राकृतिक कारकों से बनी व्यर्थ भूमि में उत्खात भूमि, मरुस्थलीय/तटीय रेतीली भूमि, बंजर चट्टानी क्षेत्र, तीव्र ढाल वाली भूमि व हिमानी क्षेत्र शामिल हैं; प्राकृतिक व मानवजनित दोनों से बनी भूमि में जलाक्रांत/दलदली क्षेत्र तथा लवणता/क्षारता प्रभावित भूमि शामिल हैं; मानवजनित भूमि में स्थानांतरित कृषि जनित क्षेत्र, क्षरित वन, क्षरित चरागाह तथा खनन व औद्योगिक व्यर्थ क्षेत्र शामिल हैं।
4 6 अंक के प्रश्न
प्र. झबुआ जिले के जल संभरण प्रबंधन कार्यक्रम का विस्तृत वर्णन कीजिए, जिसमें पेटलावाड विकास खंड का उदाहरण भी शामिल हो।
उत्तर: झबुआ जिला मध्य प्रदेश के अति पश्चिमी कृषि जलवायु क्षेत्र में अवस्थित है और देश के पाँच सर्वाधिक पिछड़े ज़िलों में से एक है, जहाँ भील जनजाति की उच्च सांद्रता है। यहाँ गरीबी वन व भूमि दोनों संसाधनों के उच्च दर से निम्नीकरण के कारण प्रबलित हुई है। सरकार के ‘ग्रामीण विकास’ तथा ‘कृषि मंत्रालय’ दोनों से अनुदानित जल संभरण प्रबंधन कार्यक्रम झबुआ में सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया गया है, जो भूमि, जल तथा वनस्पतियों के बीच संबद्धता को पहचानते हुए प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन व सामुदायिक सहभागिता से लोगों की आजीविका सुधारने का प्रयास करता है। पिछले पाँच वर्षों में अकेले ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा निधि प्राप्त राजीव गांधी मिशन फॉर वाटरशेड मैनेजमेंट ने झबुआ ज़िले की लगभग 20 प्रतिशत भूमि का उपचार किया है। पेटलावाड विकास खंड, जो झबुआ के सर्वाधिक उत्तरी छोर पर स्थित है, सरकार-गैर सरकारी संगठन साझेदारी व सामुदायिक प्रतिभागिता का सफल उदाहरण है: कारावट गाँव की सतरूंडी बस्ती के भील समुदाय ने अपने प्रयासों से साझी संपदा संसाधनों को पुनर्जीवित किया, हर परिवार ने एक पेड़ लगाया व अनुरक्षित किया, चारा घास बोई और कम से कम दो वर्षों तक सामाजिक घेराबंदी कर खुली चराई की जगह नाँद से पशुओं को आहार दिया। चरागाह प्रबंधन शुरू होने से पहले ही पड़ोसी गाँव के एक निवासी ने भूमि पर अतिक्रमण कर लिया था, जिसे गाँववालों ने तहसीलदार की सहायता से सुलझाया और अतिक्रमणकर्ता को अपने प्रयोक्ता समूह का सदस्य बनाकर साझी चरागाह भूमि की हरियाली से लाभांश देना आरंभ किया।
प्र. रमेश के केस अध्ययन के आधार पर ग्रामीण-नगरीय प्रवास के कारणों, प्रक्रिया व सामाजिक प्रभावों की विवेचना कीजिए।
उत्तर: ग्रामीण-नगरीय प्रवास नगरीय क्षेत्रों में मज़दूरों की अधिक माँग, ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार के निम्न अवसर तथा विकास के असंतुलित प्रारूप से प्रभावित होता है। रमेश के उदाहरण में परिवार की गरीबी व कर्ज़ के कारण उसे नवीं कक्षा में ही पढ़ाई छोड़नी पड़ी; अपने गाँव के सफल उत्प्रवासियों से प्रभावित होकर वह लुधियाना गया और 1988 में एक ऊन फैक्टरी में रु. 20 प्रतिदिन पर 6 माह काम किया, फिर सूरत जाकर वेल्डिंग सीखी और अब तलचर (उड़ीसा) में ठेकेदार के साथ वेल्डर का कार्य करता है, जिससे प्रतिवर्ष रु. 20,000 अपने पिता को भेजता है। इस प्रवास से परिवार का जीवन-स्तर सुधरा, परंतु रमेश को परिवार से दूर रहने की पीड़ा झेलनी पड़ती है क्योंकि उसकी नौकरी अस्थायी व स्थानांतरणीय है। किताब की टिप्पणी बताती है कि गंतव्य पर कम मज़दूरी के कारण पत्नियों व बच्चों को गाँव में छोड़ दिया जाता है, इसलिए प्रवास में पुरुषों का प्रभुत्व रहता है, और विकासशील देशों में रमेश जैसे अर्धशिक्षित व अकुशल श्रमिक असंगठित क्षेत्र के छोटे-मोटे धंधों में लगे रहते हैं।
5 केस स्टडी
(क) 1 अंक दौराला किस शहर के निकट स्थित है?
उत्तर: दौराला मेरठ के निकट स्थित है।
(ख) 1 अंक दौराला की जनसंख्या कितनी है?
उत्तर: दौराला की जनसंख्या 12,000 है।
(ग) 2 अंक दौराला का भू-जल किससे और क्यों संदूषित हुआ था?
उत्तर: दौराला का भू-जल भारी धातुओं से संदूषित हुआ था, क्योंकि दौराला के उद्योगों के अनुपचारित अपशिष्ट जल का भू-जल स्तर में निक्षालन हो रहा था।
(क) 1 अंक रमेश किस राज्य के कोयला क्षेत्र में वेल्डर का कार्य कर रहा है?
उत्तर: रमेश उड़ीसा (ओडिशा) के कोयला क्षेत्र तलचर में वेल्डर का कार्य कर रहा है।
(ख) 1 अंक रमेश अपने पिता को प्रतिवर्ष कितनी राशि भेजता है?
उत्तर: रमेश प्रतिवर्ष अपने पिता को रु. 20,000 भेजता है।
(ग) 2 अंक गद्यांश के अनुसार रमेश द्वारा भेजा गया पैसा किन कार्यों पर खर्च होता है?
उत्तर: रमेश द्वारा भेजे गए पैसे मुख्यतः दैनिक उपभोग, स्वास्थ्य की देखभाल तथा बच्चों की पढ़ाई पर खर्च होते हैं।