कक्षा 12 भूगोल अध्याय 21 MCQ / वस्तुनिष्ठ प्रश्न (Objective Questions) हिंदी में

इस अध्याय के 23 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, हर परीक्षा-शैली में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।

1 सीधे प्रश्न

सीधे प्रश्न
  1. 1 अंक‘स्थानिक’ शब्द की व्युत्पत्ति किस शब्द से हुई है?
    (क) स्थल(ख) स्थायित्व(ग) स्थान(घ) स्थिति
  2. 1 अंकस्थानिक सूचना प्रौद्योगिकी निम्नलिखित में से किनका सम्मिश्रण है?
    (क) सुदूर संवेदन, GPS, GIS, आंकिक मानचित्र कला और सूचनाधार प्रबंधन तंत्र(ख) केवल सुदूर संवेदन और GPS(ग) केवल भौगोलिक सूचना तंत्र और आंकिक मानचित्र कला(घ) जनगणना, सर्वेक्षण और साक्षात्कार
  3. 1 अंकभौगोलिक सूचना तंत्र (GIS) की पुस्तक की अपनी परिभाषा के अनुसार यह किसके लिए एक तंत्र है?
    (क) केवल कागज़ी मानचित्रों को डिजिटल करने के लिए(ख) केवल जनगणना आंकड़ों को संग्रहीत करने के लिए(ग) केवल उपग्रह चित्र लेने के लिए(घ) पृथ्वी से स्थानिक दृष्टि से संदर्भित आंकड़ों के प्रग्रहण, भंडारण, जाँच, समन्वय, हेरफेर, विश्लेषण और प्रदर्शन के लिए
  4. 1 अंकचित्ररेखापुँज (रैस्टर) का ‘विभेदन’ किसे कहा जाता है?
    (क) सदिश (वेक्टर) बिंदुओं की कुल संख्या(ख) सेलों के आकार और उनकी संख्या के बीच का संबंध(ग) मानचित्र की कुल लंबाई और चौड़ाई(घ) आंकड़ा फ़ाइल का कुल आकार (KB में)
  5. 1 अंकक्रमवीक्षक में प्रयुक्त ‘CCD’ का पूर्ण रूप क्या है?
    (क) कोऑर्डिनेट कैप्चर डिवाइस(ख) सेंट्रल कंट्रोल डेटा(ग) आवेशित युग्मित साधन(घ) कंप्यूटर कंट्रोल्ड डिवाइस
  6. 1 अंकGIS में स्थानिक आंकड़ों के हस्तेन निवेश की सर्वाधिक साधारण विधियाँ कौन-सी हैं?
    (क) अंकरूपण और क्रमवीक्षण(ख) साक्षात्कार और प्रश्नावली(ग) जनगणना और सर्वेक्षण(घ) अधिचित्रण और बफ़रिंग
  7. 1 अंकबफ़र प्रचालन पर आधारित विश्लेषण को किस नाम से भी जाना जाता है?
    (क) पदानुक्रमिक विश्लेषण(ख) सामीप्य विश्लेषण(ग) परिपथ जाल विश्लेषण(घ) अधिचित्रण विश्लेषण
  8. 1 अंकअस्पतालों के चारों ओर बफ़र केस स्टडी में किन दूरियों के बफ़र बनाए गए?
    (क) 5, 10, 15 और 20 किलोमीटर(ख) 500, 1000 और 1500 मीटर(ग) 2, 4, 6, 8 और 10 किलोमीटर(घ) 1, 2, 3 और 4 किलोमीटर

2 अभिकथन-कारण

अभिकथन-कारण
  1. 1 अंकअभिकथन (A): भौगोलिक सूचना तंत्र (GIS) की तुलना में मानचित्र की सूचना-प्रस्तुति सीमित होती है।
    कारण (R): मानचित्र में सूचना एक विशेष ढंग से प्रक्रमित और प्रदर्शित होती है, और उसे बदलने के लिए एक नया मानचित्र आलेखित करना पड़ता है।

    (क) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है(ग) A सत्य है, R असत्य है(घ) A असत्य है, R सत्य है
  2. 1 अंकअभिकथन (A): चित्ररेखापुँज (रैस्टर) आंकड़ा फॉर्मेट, सदिश (वेक्टर) की तुलना में परिपथ जाल (नेटवर्क) विश्लेषण के लिए अधिक कुशल है।
    कारण (R): रैस्टर आंकड़े वर्गों (सेल) के जाल के प्रारूप में संगठित होते हैं।

    (क) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है(ग) A सत्य है, R असत्य है(घ) A असत्य है, R सत्य है
  3. 1 अंकअभिकथन (A): बफ़र प्रचालन बिंदु, रेखा और क्षेत्र, तीनों प्रकार के लक्षणों के चारों ओर रचा जा सकता है।
    कारण (R): बफ़र प्रचालन का प्रयोग केवल बिंदु लक्षणों के आसपास दूरी-क्षेत्र बनाने के लिए किया जा सकता है।

    (क) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है(ग) A सत्य है, R असत्य है(घ) A असत्य है, R सत्य है

3 सुमेलन कीजिए

सुमेलन कीजिए
  1. 1 अंकसूची-I (GIS का घटक) को सूची-II (उसमें सम्मिलित कार्य) से मिलाइए:
    (i) हार्डवेयर (ii) सॉफ़्टवेयर (iii) आंकड़े (iv) लोग
    (1) हार्डवेयर व सॉफ़्टवेयर अभियंताओं से लेकर नीति-निर्माताओं तक (2) प्रक्रमण, भंडार, प्रदर्शन तथा निवेश-बहिर्वेश उपतंत्र (3) स्थानिक आंकड़े व संबंधित तालिका रूपी आंकड़े, GIS की रीढ़ (4) आंकड़ा प्रविष्टि, संपादन, विश्लेषण व प्रदर्शन के माड्यूल्स

    (क) (i)-3, (ii)-1, (iii)-2, (iv)-4(ख) (i)-4, (ii)-3, (iii)-1, (iv)-2(ग) (i)-2, (ii)-4, (iii)-3, (iv)-1(घ) (i)-1, (ii)-2, (iii)-4, (iv)-3
  2. 1 अंकसूची-I (प्रचालन) को सूची-II (उदाहरण) से मिलाइए:
    (i) सहलग्नता (ii) यथार्थ सुमेलन (iii) पदानुक्रमिक सुमेलन (iv) अस्पष्ट सुमेलन
    (1) कस्बों के नाम को समान कुंजी मानकर दो फाइलें जोड़ना (2) बच्चों की संख्या और कुपोषण-मृत्युदर वाली फाइलों को जोड़कर भाग देना (3) फ़सल-सीमा और मृदा-प्रकार सीमा का अधिचित्रण कर उत्पादकता निकालना (4) छोटे क्षेत्रों के आंकड़े जोड़कर बड़े क्षेत्र से मिलाना

    (क) (i)-1, (ii)-2, (iii)-3, (iv)-4(ख) (i)-3, (ii)-4, (iii)-1, (iv)-2(ग) (i)-4, (ii)-3, (iii)-2, (iv)-1(घ) (i)-2, (ii)-1, (iii)-4, (iv)-3

4 कथन आधारित प्रश्न

कथन आधारित प्रश्न
  1. 1 अंकनिम्न कथनों पर विचार कीजिए:
    कथन I: स्थानिक आंकड़ों को उनकी स्थिति, रेखा, क्षेत्रीय रूप और बनावट के आधार पर विश्लेषित किया जाता है।
    कथन II: गैर-स्थानिक (गुण न्यास) आंकड़े वे आंकड़े हैं जो स्थानिक आंकड़ों का वर्णन करते हैं।

    (क) केवल कथन I सही है(ख) केवल कथन II सही है(ग) दोनों कथन सही हैं(घ) दोनों कथन ग़लत हैं
  2. 1 अंकनिम्न कथनों पर विचार कीजिए:
    कथन I: रैस्टर आंकड़ा संरचना, वेक्टर की तुलना में अधिक जटिल होती है।
    कथन II: रैस्टर आंकड़े सुदूर संवेदन प्रतिबिंबों के साथ संगत होते हैं।

    (क) केवल कथन I सही है(ख) केवल कथन II सही है(ग) दोनों कथन सही हैं(घ) दोनों कथन ग़लत हैं
  3. 1 अंकनिम्न कथनों पर विचार कीजिए:
    कथन I: पदानुक्रमिक सुमेलन में बड़े क्षेत्र के आंकड़ों को छोटे-छोटे क्षेत्रों में विभाजित किया जाता है।
    कथन II: अस्पष्ट सुमेलन तब उपयोगी होता है जब दो आंकड़ा-स्तरों की सीमाएँ आपस में मेल नहीं खातीं।

    (क) केवल कथन I सही है(ख) केवल कथन II सही है(ग) दोनों कथन सही हैं(घ) दोनों कथन ग़लत हैं

5 सही क्रम में लगाइए

सही क्रम में लगाइए
  1. 1 अंकGIS से संबंधित कार्य में क्रियाओं का सही क्रम बताइए:
    (क) स्थानिक विश्लेषण → स्थानिक आंकड़ा निवेश → सत्यापन और संपादन → गुण न्यास की प्रविष्टि → सहलग्नता(ख) स्थानिक आंकड़ा निवेश → गुण न्यास की प्रविष्टि → आंकड़ों का सत्यापन और संपादन → स्थानिक-गुण न्यास सहलग्नता → स्थानिक विश्लेषण(ग) गुण न्यास की प्रविष्टि → स्थानिक विश्लेषण → स्थानिक आंकड़ा निवेश → सहलग्नता → सत्यापन और संपादन(घ) सहलग्नता → सत्यापन और संपादन → स्थानिक आंकड़ा निवेश → गुण न्यास की प्रविष्टि → स्थानिक विश्लेषण
  2. 1 अंकक्रमवीक्षक के प्रयोग से स्थानिक आंकड़े बनाने के क्रम को सही क्रम में लगाइए:
    (क) मानचित्र को क्रमवीक्षक (चपटे तल या ड्रम) पर आरोपित करना → द्वि-आयामी आंकिक (रैस्टर) प्रतिबिंब बनना → बाहुल्य आंकड़े हटाना → आगे संसाधन कर सदिश संस्थिति प्राप्त करना(ख) सदिश संस्थिति प्राप्त करना → बाहुल्य आंकड़े हटाना → मानचित्र आरोपित करना → रैस्टर प्रतिबिंब बनना(ग) बाहुल्य आंकड़े हटाना → सदिश संस्थिति → रैस्टर प्रतिबिंब → मानचित्र आरोपित करना(घ) रैस्टर प्रतिबिंब बनना → मानचित्र आरोपित करना → सदिश संस्थिति → बाहुल्य आंकड़े हटाना

6 रिक्त स्थान

रिक्त स्थान
  1. 1 अंकGIS का पूर्ण रूप ________ है। (रिक्त स्थान भरिए)
    (क) सामान्य सूचना तंत्र(ख) भौगोलिक सूचना तंत्र(ग) वैश्विक सूचना तंत्र(घ) भौगोलिक इंटरनेट तंत्र

7 असंगत चुनिए

असंगत चुनिए
  1. 1 अंकनिम्नलिखित में से कौन-सा भौगोलिक सूचना तंत्र (GIS) का घटक नहीं है?
    (क) इंटरनेट कनेक्शन(ख) लोग(ग) हार्डवेयर(घ) सॉफ़्टवेयर

8 गद्यांश आधारित प्रश्न

गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
कल्पना कीजिए कि किसी राज्य में 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों में कुपोषण के कारण होने वाली मृत्युदर ज्ञात करनी है। एक आंकड़ा फाइल में इस आयु वर्ग के बच्चों की कुल संख्या है, और दूसरी फाइल में कुपोषण से होने वाली मृत्युदर दर्ज है। सबसे पहले इन दोनों आंकड़ा फाइलों को जोड़ना आवश्यक है। एक बार यह हो जाने पर, एक संख्या को दूसरी संख्या से भाग देकर वांछित उत्तर प्राप्त किया जा सकता है।
  1. 1 अंक(गद्यांश पर आधारित) गद्यांश में वर्णित दो आंकड़ा फाइलों को जोड़ने के बाद वांछित उत्तर (मृत्युदर) कैसे प्राप्त होता है?
    (क) बड़ी संख्या में से छोटी घटाकर(ख) एक संख्या को दूसरी संख्या से भाग देकर(ग) दोनों संख्याओं को जोड़कर(घ) दोनों संख्याओं को गुणा करके

9 सत्य-असत्य

सत्य-असत्य
  1. 1 अंकनिम्न कथनों में से सही कथन चुनिए:
    (i) रैस्टर आंकड़े संरचना में सरल होते हैं।
    (ii) वेक्टर आंकड़े सुदूर संवेदन प्रतिबिंबों के साथ पूर्णतः संगत होते हैं।
    (iii) बड़े सेलों का प्रयोग करने पर रैस्टर आंकड़ों में सूचना का ह्रास होता है।

    (क) केवल (i) और (ii)(ख) केवल (i) और (iii)(ग) केवल (ii) और (iii)(घ) सभी सही हैं
  2. 1 अंकनिम्न कथनों में से सही कथन चुनिए:
    (i) बफ़र प्रचालन को सामीप्य विश्लेषण भी कहा जाता है।
    (ii) क्रमवीक्षक चपटे तल अथवा घूमते ड्रम, दोनों पर आरोपित मानचित्र को क्रमवीक्षित कर सकते हैं।
    (iii) GIS सॉफ़्टवेयर माड्यूल्स तीन कार्यों से संबंधित होते हैं: प्रविष्टि-संपादन-अनुरक्षण, विश्लेषण-रूपांतरण-हेरफेर, और प्रदर्शन-बहिर्वेश।

    (क) केवल (i) और (ii)(ख) केवल (i) और (iii)(ग) केवल (ii) और (iii)(घ) सभी सही हैं
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
  1. (ग) अध्याय के अनुसार ‘स्थानिक’ शब्द की व्युत्पत्ति ‘स्थान’ से हुई है, जिसका तात्पर्य भौगोलिक रूप से परिभाषित, मापने योग्य क्षेत्र से है।
  2. (क) अध्याय के अनुसार स्थानिक सूचना प्रौद्योगिकी सुदूर संवेदन, वैश्विक स्थिति-निर्धारण तंत्र (GPS), भौगोलिक सूचना तंत्र (GIS), आंकिक मानचित्र कला और सूचनाधार प्रबंधन तंत्र (DBMS) का सम्मिश्रण है।
  3. (घ) पुस्तक GIS को स्थानिक दृष्टि से पृथ्वी से संदर्भित आंकड़ों के प्रग्रहण, भंडारण, जाँच, समन्वय, हेरफेर, विश्लेषण और प्रदर्शन के तंत्र के रूप में परिभाषित करती है।
  4. (ख) अध्याय स्पष्ट कहता है: सेलों के आकार और उनकी संख्या के बीच संबंध को चित्ररेखापुँज के विभेदन के रूप में अभिव्यक्त किया जाता है।
  5. (ग) अध्याय के अनुसार कैमरा प्रायः विशेष संवेदकों से सुसज्जित होता है, जिन्हें आवेशित युग्मित साधन (CCD) कहा जाता है।
  6. (क) अध्याय के अनुसार GIS में स्थानिक आंकड़ों के निवेश की सर्वाधिक साधारण विधियाँ अंकरूपण और क्रमवीक्षण के माध्यम से हैं।
  7. (ख) अध्याय के अनुसार इस प्रकार के विश्लेषण को सामीप्य विश्लेषण कहा जाता है।
  8. (ग) अध्याय के अनुसार नगरों में स्थित प्रमुख अस्पतालों के चारों ओर 2, 4, 6, 8 और 10 किमी के बफ़र बनाए गए थे।
अभिकथन-कारण
  1. (क) दोनों कथन सत्य हैं। मानचित्र की यही अंतर्निहित सीमा (एक विशेष ढंग से प्रस्तुत, बदलने पर नया मानचित्र चाहिए) है, जिस कारण GIS को आंकड़ा भंडारण और प्रदर्शन के अलग-अलग होने का लाभ मिलता है। R, A की सही व्याख्या करता है।
  2. (घ) A असत्य है: बॉक्स 4-2 के अनुसार परिपथ जाल विश्लेषण में वेक्टर मॉडल दक्ष है, जबकि रैस्टर मॉडल में यह कठिन (अकुशल) माना गया है। R सत्य है: रैस्टर आंकड़े वास्तव में वर्गों के जाल के रूप में संगठित होते हैं, यह रैस्टर की परिभाषा का ही अंश है।
  3. (ग) A सत्य है: अध्याय स्पष्ट कहता है कि किसी भी बिंदु, रेखा अथवा क्षेत्र लक्षण के साथ बफ़र रचा जा सकता है (चित्र 4-11 भी तीनों दिखाता है)। R असत्य है क्योंकि यह A के ठीक विपरीत ग़लत सीमा जोड़ता है, जबकि बफ़र किसी भी लक्षण-प्रकार तक सीमित नहीं है।
सुमेलन कीजिए
  1. (ग) अध्याय के अनुसार हार्डवेयर में प्रक्रमण-भंडार-प्रदर्शन व निवेश-बहिर्वेश उपतंत्र होते हैं (2); सॉफ़्टवेयर में प्रविष्टि-संपादन-विश्लेषण-प्रदर्शन माड्यूल्स होते हैं (4); आंकड़े GIS की रीढ़ हैं (3); और लोगों का दायरा हार्डवेयर-सॉफ़्टवेयर अभियंताओं से नीति-निर्माताओं तक फैला है (1)।
  2. (घ) सहलग्नता का उदाहरण कुपोषण-मृत्युदर वाला उदाहरण है (2); यथार्थ सुमेलन कस्बों के नाम को कुंजी मानकर फाइलें जोड़ता है (1); पदानुक्रमिक सुमेलन छोटे क्षेत्रों को जोड़कर बड़े क्षेत्र से मिलाता है (4); अस्पष्ट सुमेलन फ़सल-मृदा सीमाओं का अधिचित्रण करता है (3)।
कथन आधारित प्रश्न
  1. (ग) दोनों कथन किताब के अपने तथ्य हैं: स्थानिक आंकड़े स्थिति-रेखा-क्षेत्रीय रूप-बनावट के आधार पर विश्लेषित होते हैं, और जो आंकड़े इन स्थानिक आंकड़ों का वर्णन करते हैं वे गैर-स्थानिक/गुण न्यास कहलाते हैं।
  2. (ख) कथन I ग़लत है: बॉक्स 4-2 के अनुसार ‘सरल आंकड़ा संरचना’ रैस्टर का गुण है और ‘जटिल आंकड़ा संरचना’ वेक्टर की हानि है, इसका उल्टा नहीं। कथन II सही है: उपग्रह प्रतिबिंबों से संगति रैस्टर मॉडल का ही गुण है।
  3. (ख) कथन I ग़लत है: पदानुक्रमिक सुमेलन में इसका उल्टा होता है: छोटे क्षेत्रों के आंकड़े तब तक जोड़े जाते हैं जब तक वे बड़े क्षेत्र से मेल न खाएँ। कथन II सही है: अस्पष्ट सुमेलन ठीक इसी स्थिति (सीमाओं का मेल न खाना, जैसे फ़सल-सीमा बनाम मृदा-सीमा) के लिए प्रयोग होता है।
सही क्रम में लगाइए
  1. (ख) अध्याय GIS की क्रियाओं का यह पाँच-चरणीय क्रम स्वयं देता है: स्थानिक आंकड़ा निवेश, गुण न्यास की प्रविष्टि, आंकड़ों का सत्यापन और संपादन, स्थानिक और गुण न्यास आंकड़ों की सहलग्नता, और अंत में स्थानिक विश्लेषण।
  2. (क) अध्याय के अनुसार पहले मानचित्र को क्रमवीक्षक पर आरोपित किया जाता है, जिससे उसका द्वि-आयामी आंकिक (रैस्टर) प्रतिबिंब बनता है; यह प्रतिबिंब सदैव अशुद्ध होता है इसलिए पहले बाहुल्य (अतिरिक्त) आंकड़े हटाए जाते हैं, और फिर इसे आगे संसाधित कर सदिश (वेक्टर) संस्थिति प्राप्त की जाती है।
रिक्त स्थान
  1. (ख) अध्याय के अनुसार GIS का पूर्ण रूप भौगोलिक सूचना तंत्र है।
असंगत चुनिए
  1. (क) अध्याय के अनुसार GIS के पाँच घटक हैं: हार्डवेयर, सॉफ़्टवेयर, आंकड़े, लोग और प्रक्रिया। ‘इंटरनेट कनेक्शन’ इनमें से एक नामित घटक नहीं है।
गद्यांश आधारित प्रश्न
  1. (ख) गद्यांश के अनुसार दो फाइलें जोड़ने के बाद एक संख्या (मृत्यु-संख्या) को दूसरी संख्या (बच्चों की कुल संख्या) से भाग देकर वांछित उत्तर (मृत्युदर) प्राप्त होता है।
सत्य-असत्य
  1. (ख) (i) और (iii) सही हैं: रैस्टर संरचना सरल है, और बॉक्स 4-2 के अनुसार बृहद् सेलों के प्रयोग से सूचना का ह्रास और कम परिशुद्ध मानचित्र बनते हैं। (ii) ग़लत है: उपग्रह चित्रों से संगति रैस्टर का गुण है, वेक्टर की तो यह एक हानि (असंगति) है।
  2. (घ) तीनों कथन अध्याय के अपने तथ्य हैं: बफ़र-आधारित विश्लेषण सामीप्य विश्लेषण कहलाता है; क्रमवीक्षक चपटे तल और घूमते ड्रम दोनों पर आरोपित मानचित्रों को क्रमवीक्षित कर सकते हैं; और GIS सॉफ़्टवेयर के तीन संक्रियात्मक माड्यूल्स इसी क्रम में बताए गए हैं।