कक्षा 12 भूगोल अध्याय 21 शॉर्ट नोट्स (Short Notes) हिंदी में

परीक्षा से ठीक पहले के दोहराव के लिए इस अध्याय का निचोड़: सभी परिभाषाएँ, GIS के घटकों की तालिका, रैस्टर-वेक्टर तुलना, और अधिचित्रण-बफ़र विश्लेषण के उदाहरण। विस्तार से पढ़ने के लिए पूरे नोट्स अलग से उपलब्ध हैं।

1 छह मुख्य परिभाषाएँ

याद कर लेंपरिभाषा 1

स्थानिक: ‘स्थान’ से बना शब्द, जिसका तात्पर्य भौगोलिक रूप से परिभाषित, मापने योग्य क्षेत्र पर लक्षणों-परिघटनाओं के वितरण से है।

याद कर लेंपरिभाषा 2

स्थानिक सूचना प्रौद्योगिकी: स्थानिक सूचना के संग्रहण, भंडारण, पुनर्प्राप्ति, प्रदर्शन, हेरफेर, प्रबंधन और विश्लेषण में प्रौद्योगिक निवेश का प्रयोग। सुदूर संवेदन, GPS, GIS, आंकिक मानचित्र कला और DBMS का सम्मिश्रण।

याद कर लेंपरिभाषा 3

भौगोलिक सूचना तंत्र (GIS): पृथ्वी से स्थानिक दृष्टि से संदर्भित आंकड़ों के प्रग्रहण, भंडारण, जाँच, समन्वय, हेरफेर, विश्लेषण और प्रदर्शन का तंत्र। 1970 के दशक के मध्य से उपलब्ध; कंप्यूटर सहायक मानचित्र कला और DBMS का सम्मिश्रण।

याद कर लेंपरिभाषा 4-5

स्थानिक आंकड़े: स्थिति, रेखा, क्षेत्रीय रूप और बनावट के आधार पर विश्लेषित होने वाले आंकड़े (जैसे राज्यों के नाम)। गैर-स्थानिक/गुण न्यास: जो आंकड़े स्थानिक आंकड़ों का वर्णन करते हैं (जैसे साइकिल की दुकान का स्टॉक रजिस्टर)।

याद कर लेंपरिभाषा 6

विभेदन: रैस्टर आंकड़ों में सेलों के आकार और उनकी संख्या के बीच का संबंध।

2 GIS के पाँच घटक, एक तालिका में

घटक क्या सम्मिलित है
हार्डवेयर प्रक्रमण, भंडार, प्रदर्शन तथा निवेश-बहिर्वेश उपतंत्र
सॉफ़्टवेयर आंकड़ा प्रविष्टि-संपादन-अनुरक्षण; विश्लेषण-रूपांतरण-हेरफेर; प्रदर्शन-बहिर्वेश के माड्यूल्स
आंकड़े स्थानिक व संबंधित तालिका रूपी आंकड़े, GIS की रीढ़; DBMS का भी प्रयोग
लोग हार्डवेयर-सॉफ़्टवेयर अभियंताओं से लेकर संसाधन/पर्यावरणीय वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं तक
प्रक्रिया आंकड़ों का प्रत्यानयन, तंत्र में निवेश, संचय, प्रबंध, रूपांतरण, विश्लेषण और बहिर्वेश
आम ग़लती

GIS के 5 घटकों में ‘इंटरनेट’ या ‘नेटवर्क कनेक्शन’ मत जोड़िए: किताब के अनुसार ये पाँच ही हैं: हार्डवेयर, सॉफ़्टवेयर, आंकड़े, लोग, प्रक्रिया।

3 रैस्टर बनाम वेक्टर, पूरी तुलना

चित्ररेखापुँज (रैस्टर) सदिश (वेक्टर)
संरचना वर्गों (सेल) का जाल, हर सेल = एक मूल्य बिंदुओं के निर्देशांक (X,Y अथवा X,Y,Z)
गुण सरल संरचना, सहज-कुशल अधिचित्रण, उपग्रह चित्रों से संगत संहत संरचना, परिपथ जाल विश्लेषण व प्रक्षेपण-रूपांतरण में दक्ष, परिशुद्ध बहिर्वेश
हानि भंडारण अकुशल, परिमाप-आकृति त्रुटियाँ, परिपथ जाल विश्लेषण कठिन जटिल संरचना, अधिचित्रण कठिन, उपग्रह चित्रों से असंगत
निवेश-विधि (पुस्तक) पुस्तक कोई सर्वोत्तम विधि नहीं बताती हस्तेन अंकीकरण, वेक्टर निवेश की सर्वोत्तम विधि
कब प्रयोग करें वायव फ़ोटो/उपग्रह चित्रों का प्रदर्शन, लागत कम रखनी हो, ‘बैकड्राप’ मानचित्र चाहिए उच्च परिशुद्ध अनुप्रयोग, फ़ाइल-आकार महत्वपूर्ण, व्यक्तिगत लक्षण-विश्लेषण, वर्णनात्मक सूचना

4 GIS की क्रियाओं का अनुक्रम और आंकड़ा निवेश

  • पाँच-चरणीय अनुक्रम: स्थानिक आंकड़ा निवेश → गुण न्यास की प्रविष्टि → सत्यापन और संपादन → स्थानिक-गुण न्यास सहलग्नता → स्थानिक विश्लेषण
  • निवेश की दो सर्वाधिक साधारण विधियाँ: अंकरूपण और क्रमवीक्षण
  • क्रमवीक्षक के संवेदक: आवेशित युग्मित साधन (CCD): प्रकाश के फ़ोटोन को इलेक्ट्रॉन-गणना में बदलने वाले अर्धचालक साधन
  • आंकड़ों की 3 त्रुटियाँ: अपूर्ण/दोहरे, ग़लत मापनी पर, विरूपित
  • पुराना डेटा-स्थानांतरण माध्यम: DAT टेप, CD-ROM, फ़्लॉपी डिस्क

5 सहलग्नता और तीन सुमेलन, एक तालिका में

प्रकार अर्थ उदाहरण
सहलग्नता दो भिन्न आंकड़ा फाइलों को जोड़ना बच्चों की संख्या व कुपोषण-मृत्युदर वाली फाइलें जोड़कर भाग देना
यथार्थ सुमेलन समान कुंजी से दो फाइलें जोड़ना कस्बों के नाम को कुंजी मानकर दो फाइलें जोड़ना
पदानुक्रमिक सुमेलन छोटे क्षेत्रों के आंकड़े जोड़कर बड़े क्षेत्र से मिलाना भूमि उपयोग (बड़ा क्षेत्र, बारंबार) बनाम भूमि रूपांतरण (छोटा क्षेत्र, कभी-कभार) आंकड़े
अस्पष्ट सुमेलन सीमाएँ मेल न खाने पर अधिचित्रण से संयुक्त मान निकालना फ़सल-सीमा बनाम मृदा-प्रकार सीमा, फ़सल उत्पादकता निकालने के लिए

6 स्थानिक विश्लेषण: अधिचित्रण और बफ़र

अधिचित्रण विश्लेषण

  • GIS का प्रमाण चिह्न (हॉलमार्क)
  • दो/अधिक मानचित्र स्तरों को समन्वित कर नया स्तर देना
  • चालनी मानचित्रण जैसा प्रचालन
  • उदाहरण: अलीगढ़ नगर, 1974 व 2001 के भूमि उपयोग मानचित्र

बफ़र विश्लेषण

  • = सामीप्य विश्लेषण
  • बिंदु/रेखा/क्षेत्र के चारों ओर निश्चित दूरी का बहुभुज क्षेत्र
  • सुविधा-लाभान्वित/वंचित क्षेत्र पहचानने में उपयोगी
  • उदाहरण: सहारनपुर, मुज़फ़्फ़रनगर, मेरठ, ग़ाज़ियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, अलीगढ़ के अस्पतालों के चारों ओर 2-10 किमी के बफ़र

चार स्थानिक विश्लेषण प्रचालन नामित हैं: अधिचित्रण, बफ़र, परिपथ जाल विश्लेषण, अंकिक भू-भाग मॉडल, पर अध्याय केवल पहले दो की विस्तार से चर्चा करता है।

7 नामित सॉफ़्टवेयर और इंटरनेट स्रोत

  • GIS सॉफ़्टवेयर: आर्क व्यू/आर्क जी आइ एस, जियोमीडिया, क्वांटम GIS (मुफ़्त ओपन सॉफ़्टवेयर)
  • अधिक जानकारी के इंटरनेट स्रोत: schoolgis.nic.in, bhuvan.nrsc.gov.in, www.iirs.gov.in
परीक्षा से पहले स्वयं जाँचें
  • क्या मैं स्थानिक सूचना प्रौद्योगिकी और GIS की परिभाषा बिना देखे दे सकता हूँ?
  • क्या मैं GIS के पाँचों घटक और हर एक में क्या सम्मिलित है, बता सकता हूँ?
  • क्या मैं रैस्टर और वेक्टर के गुण-हानि, कब कौन-सा उपयोग होगा, बता सकता हूँ?
  • क्या मैं GIS की पाँच क्रियाओं का अनुक्रम सही क्रम में लिख सकता हूँ?
  • क्या मैं तीनों सुमेलन प्रकार को उदाहरण सहित अलग-अलग बता सकता हूँ?
  • क्या मैं अधिचित्रण और बफ़र विश्लेषण को उनके अपने-अपने उदाहरण सहित समझा सकता हूँ?
त्वरित पुनरावलोकन, परीक्षा की रात यह जरूर पढ़ें
  • स्थानिक सूचना प्रौद्योगिकी = सुदूर संवेदन + GPS + GIS + आंकिक मानचित्र कला + DBMS का सम्मिश्रण
  • GIS = पृथ्वी से संदर्भित आंकड़ों के प्रग्रहण-भंडारण-जाँच-समन्वय-हेरफेर-विश्लेषण-प्रदर्शन का तंत्र; 1970 के दशक के मध्य से उपलब्ध
  • दो प्रकार के आंकड़े: स्थानिक और गैर-स्थानिक (गुण न्यास)
  • GIS के 5 घटक: हार्डवेयर, सॉफ़्टवेयर, आंकड़े, लोग, प्रक्रिया
  • रैस्टर = सेलों का जाल (सरल, उपग्रह-संगत); वेक्टर = बिंदु-निर्देशांक (संहत, परिशुद्ध)
  • GIS क्रियाओं का क्रम: निवेश → गुण न्यास प्रविष्टि → सत्यापन-संपादन → सहलग्नता → स्थानिक विश्लेषण
  • तीन सुमेलन: यथार्थ, पदानुक्रमिक, अस्पष्ट; अधिचित्रण व बफ़र (=सामीप्य विश्लेषण) दो मुख्य विश्लेषण प्रचालन
  • नामित सॉफ़्टवेयर: ArcView/ArcGIS, Geomedia, Quantum GIS