NCERT की पाठ्यपुस्तक मानव भूगोल के मूल सिद्धांत के अध्याय 4 (प्राथमिक क्रियाएँ) के “अभ्यास” खंड के सभी प्रश्न और पाठ के बीच के प्रश्न, ठीक उसी रूप में जैसे किताब के हिंदी संस्करण में छपे हैं, और हर प्रश्न का पूरा उत्तर। पहले ख़ुद उत्तर सोचिए, फिर मिलाइए।
1 बहुविकल्पीय प्रश्न (नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए)
प्र. निम्न में से कौन-सी रोपण फसल नहीं है?
(क) कॉफी
(ख) गन्ना
(ग) गेहूँ
(घ) रबड़
उत्तर: (ग) गेहूँ। किताब के अनुसार रोपण कृषि में चाय, कॉफी, कोको, रबड़, कपास, गन्ना, केला व अनन्नास जैसी फसलें उगाई जाती हैं; गेहूँ विस्तृत वाणिज्य अनाज कृषि व मिश्रित कृषि की फसल है, रोपण कृषि की नहीं।
प्र. निम्न देशों में से किस देश में सहकारी कृषि का सफल परीक्षण किया गया है?
(क) रूस
(ख) डेनमार्क
(ग) भारत
(घ) नीदरलैंड
उत्तर: (ख) डेनमार्क। किताब स्पष्ट कहती है कि सहकारी आंदोलन पश्चिमी यूरोप के डेनमार्क, नीदरलैंड, बेल्जियम, स्वीडन व इटली में सफल रहा, परंतु सबसे अधिक सफलता डेनमार्क में मिली, जहाँ व्यावहारिक रूप से प्रत्येक कृषक इसका सदस्य है।
प्र. फूलों की कृषि कहलाती है-
(क) ट्रक फार्मिंग
(ख) कारखाना कृषि
(ग) मिश्रित कृषि
(घ) पुष्पोत्पादन
उत्तर: (घ) पुष्पोत्पादन। बाज़ारीय सब्जी कृषि व उद्यान कृषि के अंतर्गत जब केवल पुष्प (फूल) उगाए जाते हैं, तो उसे पुष्पोत्पादन कहते हैं, जैसे नीदरलैंड का ट्यूलिप उत्पादन।
प्र. निम्न में से कौन-सी कृषि के प्रकार का विकास यूरोपीय औपनिवेशिक समूहों द्वारा किया गया?
(क) कोलखोज़
(ख) अंगूरोत्पादन
(ग) मिश्रित कृषि
(घ) रोपण कृषि
उत्तर: (घ) रोपण कृषि। किताब कहती है कि यूरोपीय लोगों ने विश्व के अनेक भागों का औपनिवेशीकरण किया तथा रोपण कृषि जैसे कृषि के कुछ अन्य रूपों की शुरुआत की, जो वृहद् स्तरीय लाभोन्मुख उत्पादन प्रणाली है।
प्र. निम्न प्रदेशों में से किसमें विस्तृत वाणिज्य अनाज कृषि नहीं की जाती है?
(क) अमेरिका एवं कनाडा के प्रेयरी क्षेत्र
(ख) अर्जेंटाइना के पंपास क्षेत्र
(ग) यूरोपीय स्टैपीज़ क्षेत्र
(घ) अमेजन बेसिन
उत्तर: (घ) अमेजन बेसिन। किताब विस्तृत वाणिज्य अनाज कृषि के क्षेत्रों में यूरेशियाई स्टेपीज़, उत्तरी अमेरिका के प्रेयरीज़, अर्जेंटीना के पंपास, दक्षिण अफ्रीका के वेल्ड्स, ऑस्ट्रेलिया के डाउंस व न्यूजीलैंड के केंटरबरी मैदान गिनाती है; अमेजन बेसिन का उल्लेख भोजन-संग्रहण के निम्न-अक्षांश क्षेत्र के रूप में है, इस कृषि के क्षेत्र के रूप में नहीं।
प्र. निम्न में से किस प्रकार की कृषि में खट्टे रसदार फलों की कृषि की जाती है?
(क) बाजारीय सब्जी कृषि
(ख) भूमध्यसागरीय कृषि
(ग) रोपण कृषि
(घ) सहकारी कृषि
उत्तर: (ख) भूमध्यसागरीय कृषि। किताब के अनुसार भूमध्यसागरीय कृषि क्षेत्र खट्टे फलों की एक महत्वपूर्ण आपूर्ति करता है, साथ ही यहाँ अंगूर, अंजीर व जैतून भी उगाए जाते हैं।
प्र. निम्न कृषि के प्रकारों में से कौन-सा प्रकार कर्तन-दहन कृषि का प्रकार है?
(क) विस्तृत जीवन निर्वाह कृषि
(ख) आदिकालीन निर्वाहक कृषि
(ग) विस्तृत वाणिज्य अनाज कृषि
(घ) मिश्रित कृषि
उत्तर: (ख) आदिकालीन निर्वाहक कृषि। किताब कहती है कि वनस्पति जलाकर व राख से भूमि उर्वर बनाकर की जाने वाली इस कृषि को कर्तन-दहन कृषि भी कहते हैं, और यह आदिकालीन निर्वाह (स्थानांतरणशील) कृषि है।
प्र. निम्न में से कौन-सी एकल कृषि नहीं है?
(क) डेरी कृषि
(ख) मिश्रित कृषि
(ग) रोपण कृषि
(घ) वाणिज्य अनाज कृषि
उत्तर: (ख) मिश्रित कृषि। डेरी कृषि, रोपण कृषि व वाणिज्य अनाज कृषि तीनों एक ही उत्पाद/फसल पर केंद्रित क्रियाएँ हैं, जबकि मिश्रित कृषि में किताब के अनुसार फसल उत्पादन व पशुपालन दोनों को समान महत्व दिया जाता है, इसलिए यह एकल कृषि नहीं है।
2 निम्न प्रश्नों का 30 शब्दों में उत्तर दीजिए
प्र. स्थानांतरी कृषि का भविष्य अच्छा नहीं है। विवेचना कीजिए।
उत्तर: कुछ समय पश्चात् (3 से 5 वर्ष) जब मिट्टी का उपजाऊपन समाप्त हो जाता है, तब कृषक को नए क्षेत्र में वन जलाकर भूमि तैयार करनी पड़ती है। किताब के अनुसार इस कृषि की सबसे बड़ी समस्या यह है कि भूमि की उर्वरता कम होती जाती है, जिससे झूम का चक्र छोटा होता जाता है। बोए गए खेत बहुत छोटे होते हैं और खेती पुराने औजारों (लकड़ी, कुदाली, फावड़ा) से होती है, इसलिए उपज कम रहती है। इन्हीं कारणों से इसका भविष्य अच्छा नहीं है।
प्र. बाज़ारीय सब्जी कृषि नगरीय क्षेत्रों के समीप ही क्यों की जाती है?
उत्तर: सब्जी, फल व फूल जैसी शीघ्र खराब होने वाली किंतु ऊँचे मूल्य की फसलों के लिए उच्च आय वाले नगरीय उपभोक्ता ही मुख्य बाज़ार हैं, और खेत से बाज़ार तक शीघ्र पहुँचाने के लिए अच्छे परिवहन साधन नगर के निकट ही सुलभ होते हैं।
प्र. विस्तृत पैमाने पर डेरी कृषि का विकास यातायात के साधनों एवं प्रशीतकों के विकास के बाद ही क्यों संभव हो सका है?
उत्तर: दूध शीघ्र खराब होने वाला उत्पाद है; बेहतर परिवहन साधनों, प्रशीतकों के प्रयोग व पाश्चुरीकरण की सुविधा ने ही डेरी उत्पादों को दूरस्थ नगरीय बाज़ारों तक बिना ख़राब हुए पहुँचाना व अधिक समय तक सुरक्षित रखना संभव बनाया, जिसके बिना बड़े पैमाने की डेरी कृषि संभव नहीं थी।
3 निम्न प्रश्नों का 150 शब्दों में उत्तर दीजिए
प्र. चलवासी पशुचारण और वाणिज्य पशुधन पालन में अंतर कीजिए।
उत्तर: चलवासी पशुचारण एक प्राचीन जीवन-निर्वाह व्यवसाय है, जिसमें पशुचारक अपने भोजन, वस्त्र, शरण, औजार व यातायात के लिए पूरी तरह पशुओं पर निर्भर रहते हैं। वे पानी व चरागाह की उपलब्धता के अनुसार अपने पशुओं के साथ एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित होते रहते हैं, यद्यपि हर समूह का अपना एक निश्चित परंपरागत चरागाह क्षेत्र होता है। इसके विपरीत वाणिज्य पशुधन पालन कहीं अधिक व्यवस्थित व पूँजी-प्रधान है और पश्चिमी संस्कृति से जुड़ा है। यह स्थायी, बाड़े लगे फार्मों पर होता है, जहाँ पशुओं की संख्या चरागाह की वहन क्षमता के अनुसार तय की जाती है। यह एक विशिष्ट गतिविधि है: प्रायः एक ही प्रकार का पशु (भेड़, बकरी, गाय-बैल या घोड़ा) पाला जाता है, और मांस, ऊन व खाल जैसे उत्पादों को वैज्ञानिक ढंग से संसाधित कर निर्यात किया जाता है। प्रजनन, जननिक सुधार व रोग नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना, उरुग्वे व संयुक्त राज्य अमेरिका इसके प्रमुख देश हैं।
प्र. रोपण कृषि की मुख्य विशेषताएँ बतलाइए एवं भिन्न-भिन्न देशों में उगाई जाने वाली कुछ प्रमुख रोपण फसलों के नाम बतलाइए।
उत्तर: रोपण कृषि यूरोपीय उपनिवेशवादियों द्वारा अपने उष्णकटिबंधीय उपनिवेशों में शुरू की गई वृहद् स्तरीय, लाभोन्मुख उत्पादन प्रणाली है। इसकी मुख्य विशेषताएँ हैं: कृषि क्षेत्र का आकार बहुत विस्तृत होना, अधिक पूँजी निवेश, उच्च प्रबंध व वैज्ञानिक विधियों का प्रयोग, एक-फसली (एकल फसल) खेती, सस्ता श्रमिक वर्ग, और बागान एवं बाज़ार को सुचारु रूप से जोड़ने वाला विकसित परिवहन तंत्र। विभिन्न उपनिवेशवादियों ने अलग-अलग फसलें लगाईं: फ्रांसीसियों ने पश्चिम अफ्रीका में कॉफी व कोको के बागान लगाए; ब्रिटिश उपनिवेशवादियों ने भारत व श्रीलंका में चाय, मलेशिया में रबड़ तथा वेस्ट इंडीज में गन्ना व केले के बाग विकसित किए; स्पेन व अमेरिकावासियों ने फिलीपींस में नारियल व गन्ने के बागान लगाए; और डचों (हॉलैंडवासियों) का एक समय इंडोनेशिया में गन्ने की कृषि पर एकाधिकार था। ब्राजील में आज भी कुछ कॉफी के बागान (फेज़ेंडा) यूरोपीय नियंत्रण में हैं, यद्यपि वर्तमान में अधिकतर बागानों का स्वामित्व संबंधित देशों की सरकार अथवा नागरिकों के पास है।
4 पाठ के बीच के प्रश्न
पाठगत प्रश्न 1. मछली पकड़ने एवं कृषि करने का कार्य क्रमशः तटीय एवं मैदानी भागों के निवासी ही क्यों करते हैं? वे कौन से भौतिक एवं सामाजिक कारक हैं, जो विभिन्न प्रदेशों में प्राथमिक क्रियाओं के प्रकार को निर्धारित करते हैं?
उत्तर: प्राथमिक क्रियाएँ प्रत्यक्ष रूप से पर्यावरण पर निर्भर हैं, क्योंकि इनमें भूमि, जल, वनस्पति और खनिज जैसे पृथ्वी के संसाधनों का उपयोग होता है। तटीय भागों के निवासियों के पास समुद्र होता है, इसलिए वे मछली पकड़ते हैं; मैदानी भागों में समतल भूमि, उपजाऊ मिट्टी और जल उपलब्ध है, इसलिए वहाँ के लोग कृषि करते हैं। भौतिक कारक: उच्चावच, जलवायु, मृदा, जल, वनस्पति और उपलब्ध खनिज। सामाजिक कारक: तकनीकी स्तर, उपलब्ध पूँजी, जनसंख्या और बाज़ार की माँग। किताब भी कहती है कि विश्व की विभिन्न भौतिक, सामाजिक एवं आर्थिक दशाएँ कृषि कार्य को प्रभावित करती हैं, और इसी कारण विभिन्न कृषि प्रणालियाँ देखी जाती हैं।
पाठगत प्रश्न 2. भारत में शिकार पर क्यों प्रतिबंध लगाया गया है?
उत्तर: क्योंकि अवैध शिकार के कारण जीवों की कई जातियाँ या तो लुप्त हो गई हैं या संकटापन्न हैं। प्राचीन काल के आखेटक पत्थर या लकड़ी के औजार और तीर प्रयोग करते थे, जिससे मारे जाने वाले पशुओं की संख्या सीमित रहती थी; आज शिकार से कहीं अधिक पशु मारे जा सकते हैं, इसलिए वन्य जीवों की रक्षा के लिए शिकार पर प्रतिबंध लगाया गया है।
पाठगत प्रश्न 3. चुविंगगम को चूसने के बाद शेष बचे भाग को क्या कहते हैं?
उत्तर: इसे चिकल कहते हैं। यह जेपोटा वृक्ष के दूध से बनता है, जो भोजन संग्रह से प्राप्त उत्पाद है।
पाठगत प्रश्न 4. आप ऐसे अन्य क्षेत्रों का पता लगाइए जहाँ इस प्रकार की (स्थानांतरणशील) कृषि की जाती है एवं वहाँ इसे किस नाम से पुकारते हैं।
उत्तर: किताब के अपने नाम: भारत के उत्तरी पूर्वी राज्यों में झूमिंग, मध्य अमेरिका एवं मैक्सिको में मिल्पा, और मलेशिया व इंडोनेशिया में लादांग। भारत के अन्य भागों में भी इसके स्थानीय नाम हैं, जैसे आंध्र प्रदेश और ओडिशा में पोडु, मध्य प्रदेश में बेवर, और झारखंड में कुरुवा; श्रीलंका में इसे चेना कहते हैं।
पाठगत प्रश्न 5. विस्तृत वाणिज्य अनाज कृषि में प्रति एकड़ उत्पादन कम होता है परंतु प्रति व्यक्ति उत्पादन अधिक होता है। ऐसा क्यों होता है?
उत्तर: इस कृषि में खेतों का आकार बहुत बड़ा होता है, इसलिए खेत जोतने से फसल काटने तक सभी कार्य यंत्रों द्वारा संपन्न किए जाते हैं; कंबाइन एक दिन में कई हेक्टेयर भूमि से अनाज काटने में सक्षम है। इसलिए थोड़े से लोग बहुत बड़े क्षेत्र पर खेती कर लेते हैं और प्रति व्यक्ति उत्पादन अधिक होता है। परंतु मध्य अक्षांशों के आंतरिक अर्ध शुष्क प्रदेशों में भूमि का उपयोग विस्तृत (गहन नहीं) होता है, इसलिए प्रति एकड़ उत्पादन कम रहता है।
पाठगत प्रश्न 6. विश्व मानचित्र पर इन (विस्तृत वाणिज्य अनाज कृषि के) क्षेत्रों का निर्धारण कीजिए।
उत्तर: यह मानचित्र कार्य है। दर्शाए जाने वाले क्षेत्र हैं: यूरेशिया के स्टेपीज, उत्तरी अमेरिका के प्रेयरीज, अर्जेंटाइना के पंपाज, दक्षिणी अफ्रीका के वेल्डस, आस्ट्रेलिया के डाउंस और न्यूजीलैंड का केंटरबरी मैदान। ये सभी मध्य अक्षांशों के आंतरिक अर्ध शुष्क प्रदेशों में स्थित हैं।
पाठगत प्रश्न 7. क्या आपने कभी भारत की कोयला खदानों में आग लगने एवं बाढ़ आने के विषय में पढ़ा है?
उत्तर: ऐसे समाचार ठीक वही जोखिम दिखाते हैं जो किताब भूमिगत (कूपकी) खनन के लिए बताती है: जहरीली गैसें, आग एवं बाढ़ के कारण कई बार दुर्घटनाएँ होने का भय रहता है। उदाहरण के लिए झारखंड के झरिया कोयला क्षेत्र की खदानों में भूमिगत आग कई वर्षों से जल रही है। इसीलिए कूपकी खनन में विशेष प्रकार की लिफ़्ट, बेधक, माल ढोने की गाड़ियाँ तथा वायु संचार प्रणाली की आवश्यकता होती है।
किताब में एक क्षेत्र-कार्य भी दिया गया है: “अपने समीप के गाँव में जाकर देखिए कि वहाँ कौन-कौन सी फसलें उगाई जाती हैं एवं कृषक से खेती के लिए किए जाने वाले विभिन्न कार्यों के बारे में पूछिए।” यह एक व्यक्तिगत अवलोकन गतिविधि है, जिसका कोई एक निश्चित उत्तर नहीं है; छात्र को अपने आस-पास के किसी खेत/गाँव का दौरा कर वहाँ की फसलों व कृषि-कार्यों को इसी अध्याय में बताई गई कृषि प्रणालियों (जैसे निर्वाह कृषि, गहन कृषि आदि) से जोड़कर लिखना चाहिए।
प्रश्नावली के आठों बहुविकल्पीय प्रश्न बोर्ड परीक्षा में सीधे वस्तुनिष्ठ रूप में पूछे जा सकते हैं। प्रश्न (vii) व (viii) में विशेष सावधानी रखें, क्योंकि इनके विकल्प एक-दूसरे से मिलते-जुलते नाम वाले हैं। प्रश्न 3 के दोनों दीर्घ-उत्तरीय प्रश्नों के बिंदु ज़रूर याद कर लीजिए।