कक्षा 12 भूगोल अध्याय 4 शॉर्ट नोट्स (Short Notes) हिंदी में

परीक्षा से ठीक पहले के दोहराव के लिए इस अध्याय का निचोड़: सभी परिभाषाएँ, प्राथमिक क्रियाओं का वर्गीकरण, पशुचारण व कृषि की हर प्रणाली के क्षेत्र-नाम व उदाहरण, और खनन की दोनों विधियों की तुलना। विस्तार से पढ़ने के लिए पूरे नोट्स अलग से उपलब्ध हैं।

1 छह परिभाषाएँ जो याद रखनी हैं

याद कर लेंपरिभाषा 1

प्राथमिक क्रियाएँ वे आर्थिक क्रियाएँ हैं जो पर्यावरण पर प्रत्यक्ष रूप से निर्भर हैं, जिनमें पृथ्वी के संसाधनों, यानी भूमि, जल, वनस्पति, भवन निर्माण सामग्री व खनिज, का सीधे उपयोग होता है। इनमें लगे लोग कार्यक्षेत्र घर से बाहर होने के कारण लाल कॉलर श्रमिक कहलाते हैं।

याद कर लेंपरिभाषा 2

चलवासी पशुचारण एक प्राचीन जीवन-निर्वाह व्यवसाय है जिसमें पशुचारक भोजन, वस्त्र, शरण, औजार व यातायात के लिए पशुओं पर निर्भर रहते हैं, और पानी-चरागाह की उपलब्धता के अनुसार स्थान बदलते हैं। ऋतु-प्रवास = मैदान व पर्वतीय चरागाहों के बीच मौसमी स्थानांतरण (गर्मी में ऊपर, सर्दी में नीचे)।

याद कर लेंपरिभाषा 3

निर्वाह कृषि वह कृषि है जिसमें उगाई गई उपज का संपूर्ण अथवा लगभग संपूर्ण भाग उसी क्षेत्र में उपयोग हो जाता है। इसके दो भाग: आदिकालीन (स्थानांतरणशील/कर्तन-दहन) कृषि और गहन निर्वाह कृषि।

याद कर लेंपरिभाषा 4

रोपण कृषि यूरोपीय उपनिवेशवादियों द्वारा उष्णकटिबंधीय उपनिवेशों में शुरू की गई वृहद् स्तरीय, लाभोन्मुख, एकल-फसल वाणिज्यिक कृषि है (चाय, कॉफी, कोको, रबड़, कपास, गन्ना, केला, अनन्नास)।

याद कर लेंपरिभाषा 5

अंगूरोत्पादन भूमध्यसागरीय कृषि की विशेषता है: अच्छे अंगूरों से उच्च गुणवत्ता की मदिरा, निम्न श्रेणी से मुनक्का-किशमिश। ट्रक कृषि = केवल सब्जी उगाने वाली बाज़ारीय कृषि, नाम फार्म-बाज़ार दूरी (ट्रक द्वारा रात भर में तय) से पड़ा।

याद कर लेंपरिभाषा 6

धरातलीय (विवृत) खनन: सतह के निकट खनिज हेतु, सतह की परतें हटाकर; सबसे सस्ता तरीका। भूमिगत (कूपकी) खनन: गहरे खनिज हेतु, लंबवत् कूपक व भूमिगत गैलरियों से; विशेष उपकरण चाहिए, जोखिम भरा।

2 प्राथमिक क्रियाओं का वर्गीकरण

क्रिया संक्षेप में
आखेट एवं भोजन संग्रह प्राचीनतम ज्ञात आर्थिक क्रिया, न पालतू पशु न खेत
पशुचारण चलवासी (निर्वाह) या वाणिज्यिक (पूँजी-प्रधान)
कृषि निर्वाह से लेकर पूर्ण वाणिज्यिक तक कई प्रणालियाँ
मत्स्यन मुख्यतः तटवर्ती क्षेत्रों में
वानिकी वनों से लकड़ी व अन्य उत्पाद
खनन कार्य धरातलीय (विवृत) या भूमिगत (कूपकी)

3 आखेट एवं भोजन संग्रह, संख्याओं व नामों में

अक्षांश क्षेत्र कहाँ
उच्च अक्षांश उत्तरी कनाडा, उत्तरी यूरेशिया, दक्षिणी चिली
निम्न अक्षांश अमेजन बेसिन, उष्णकटिबंधीय अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण-पूर्वी एशिया का आंतरिक भाग
  • व्यापारीकृत भागों का उपयोग: छाल → कुनैन/चर्म शोधन/कार्क · पत्तियाँ → पेय/दवाइयाँ/कांतिवर्द्धक वस्तुएँ/रेशे/छप्पर/कपड़ा · दृढ़फल → भोजन-तेल · तना → रबड़-बलाटा-गोंद-राल
  • चिकल (चुइंगगम का बचा भाग) जेपोटा वृक्ष के दूध से बनता है
  • प्राचीन आखेटक पत्थर व लकड़ी के औजार-तीर इस्तेमाल करते थे, इसलिए मारे जाने वाले पशुओं की संख्या सीमित रहती थी; आज अवैध शिकार से कई जातियाँ लुप्त हो गई हैं या संकटापन्न हैं, इसीलिए भारत में शिकार पर प्रतिबंध लगाया गया है
  • वैश्विक स्तर पर अधिक महत्व नहीं: सस्ते व अच्छी गुणवत्ता के कृत्रिम उत्पादों ने स्थान ले लिया

4 पशुचारण, एक तालिका में

क्षेत्र पाला जाने वाला पशु (चलवासी पशुचारण)
उष्णकटिबंधीय अफ्रीका गाय-बैल
सहारा एवं एशियाई मरुस्थल भेड़, बकरी, ऊँट
तिब्बत एवं एंडीज यॉक, लामा
आर्कटिक/उप-आर्कटिक रेंडियर
  • तीन प्रमुख क्षेत्र (प्रमुख/दूसरा/तीसरा): उत्तरी अफ्रीका के अटलांटिक तट से अरब प्रायद्वीप होते हुए मंगोलिया-मध्य चीन तक → यूरोप-एशिया का टुंड्रा प्रदेश → दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका व मेडागास्कर द्वीप
  • ऋतु-प्रवास करने वाले समुदाय (हिमालय): गुज्जर, बकरवाल, गद्दी, भूटिया
  • घटने के दो कारण: (क) राजनीतिक सीमाओं का अधिरोपण (ख) विभिन्न देशों द्वारा नई बस्तियों की योजना बनाना
  • वाणिज्य पशुधन पालन के प्रमुख देश: न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना, उरुग्वे, संयुक्त राज्य अमेरिका; पशु संख्या चरागाह की वहन क्षमता के अनुसार

5 निर्वाह कृषि, नामों व प्रकारों में

क्षेत्र स्थानांतरणशील (कर्तन-दहन) कृषि का स्थानीय नाम
भारत के पूर्वोत्तर राज्य झूमिंग
मध्य अमेरिका एवं मैक्सिको मिल्पा
मलेशिया एवं इंडोनेशिया लादांग
चावल-प्रधान गहन निर्वाह कृषि चावल-रहित गहन निर्वाह कृषि
मुख्य फसल चावल गेहूँ, सोयाबीन, जौ, सोरगम
कहाँ मानसून एशिया की घनी नदी घाटियाँ उत्तरी चीन, मंचूरिया, उत्तर कोरिया-जापान; भारत में सिंधु-गंगा मैदान का पश्चिमी भाग (गेहूँ), शुष्क भाग (ज्वार-बाजरा)
विशेष प्रति इकाई उत्पादन अधिक, प्रति कृषक कम प्रायः वही विशेषताएँ, केवल सिंचाई का अतिरिक्त प्रयोग

6 रोपण कृषि: उपनिवेशी-फसल जोड़े

उपनिवेशवादी फसल एवं उपनिवेश
फ्रांसीसी कॉफी-कोको (पश्चिम अफ्रीका)
ब्रिटिश चाय (भारत-श्रीलंका), रबड़ (मलेशिया), गन्ना-केला (वेस्ट इंडीज)
स्पेनी एवं अमेरिकी नारियल-गन्ना (फिलीपींस)
डच (हॉलैंडवासी) गन्ने की कृषि पर एकाधिकार (इंडोनेशिया, ऐतिहासिक)
यूरोपीय (अब भी) कॉफी फेज़ेंडा (ब्राज़ील)

7 वाणिज्यिक कृषि की बाकी प्रणालियाँ, संख्याओं में

  • विस्तृत वाणिज्य अनाज कृषि: मुख्य फसल गेहूँ; क्षेत्र: यूरेशियाई स्टेपीज़, प्रेयरीज़ (कनाडा-अमेरिका), पंपास (अर्जेंटीना), वेल्ड्स (द.अफ्रीका), डाउंस (ऑस्ट्रेलिया), केंटरबरी मैदान (न्यूजीलैंड); प्रति एकड़ उत्पादन कम पर प्रति व्यक्ति अधिक (यंत्रीकरण)
  • मिश्रित कृषि: उत्तर-पश्चिमी यूरोप, पूर्वी उत्तरी अमेरिका आदि; फसल व पशुपालन को समान महत्व
  • वाणिज्य डेरी कृषि के तीन क्षेत्र (क्रम में): उत्तर-पश्चिमी यूरोप (सबसे बड़ा) → कनाडा (दूसरा) → न्यूजीलैंड-दक्षिण-पूर्वी ऑस्ट्रेलिया-तस्मानिया (तीसरा); कोई अंतराल नहीं
  • भूमध्यसागरीय कृषि: दक्षिणी यूरोप-उत्तरी अफ्रीका, दक्षिणी कैलिफोर्निया, मध्यवर्ती चिली, दक्षिणी-दक्षिण-पश्चिमी अफ्रीका-ऑस्ट्रेलिया; खट्टे फल व अंगूरोत्पादन की विशेषता
  • बाज़ारीय सब्जी व उद्यान कृषि: नगर के निकट, उच्च मूल्य फसलें; नीदरलैंड ट्यूलिप (पुष्पोत्पादन) में विशिष्ट
  • ट्रक कृषि = केवल सब्जी; कारखाना कृषि = पश्चिमी यूरोप-उत्तरी अमेरिका में बाड़ों में पशुधन (कुक्कुट-मवेशी), वैज्ञानिक प्रजनन

8 कृषि संगठन: सहकारी बनाम सामूहिक

सहकारी कृषि सामूहिक कृषि (कोलखोज़)
स्वामित्व व्यक्तिगत फार्म अक्षुण्ण रहता है उत्पादन के साधनों का सामाजिक स्वामित्व
शुरुआत लगभग एक सदी पूर्व, पश्चिमी यूरोप पूर्व सोवियत संघ
सबसे सफल डेनमार्क (लगभग हर कृषक सदस्य) लागू नहीं
उद्देश्य निवेश-खरीद, उचित मूल्य पर बिक्री, सस्ता प्रसंस्करण पुरानी अकुशल विधियाँ सुधारना, आत्मनिर्भरता

सहकारी आंदोलन के अन्य सफल देश: नीदरलैंड, बेल्जियम, स्वीडन, इटली।

9 खनन, एक तालिका में

मानव विकास के खनिज-युग (क्रम): ताम्र युग → कांस्य युग → लौह युग → खनन का वास्तविक विकास (औद्योगिक क्रांति के बाद)

धरातलीय (विवृत) खनन भूमिगत (कूपकी) खनन
कब खनिज सतह के निकट खनिज सतह से बहुत नीचे
लागत सबसे सस्ता; सुरक्षा व उपकरण पर खर्च अपेक्षाकृत कम विशेष लिफ्ट, बेधक, ढुलाई वाहन, वायु संचार चाहिए
उत्पादन बड़ा व तीव्र खनिज कूपक व गैलरियों से धरातल तक
जोखिम किताब जोखिम नहीं बताती जोखिम भरा (जहरीली गैस, आग, बाढ़, धँसाव)
  • खनन को प्रभावित करने वाले कारक: भौतिक (निक्षेप का आकार, श्रेणी, उपस्थिति की अवस्था) व आर्थिक (माँग, तकनीकी ज्ञान, पूँजी, यातायात-श्रम व्यय)
  • वैश्विक रुझान: विकसित देश खनन से पीछे हट रहे (उच्च श्रम लागत); विकासशील देश आगे: अफ्रीका के कई व दक्षिण अमेरिका-एशिया के कुछ देशों की 50% से अधिक आय खनन से

10 मानचित्र कार्य (CBSE 2026-27): विश्व मानचित्र पर पाँच क्षेत्र

CBSE मानचित्र मद छायांकित कर नाम लिखने वाले प्रदेश
भोजन संग्रह उत्तरी कनाडा, उत्तरी यूरेशिया, दक्षिणी चिली; अमेजन बेसिन, उष्णकटिबंधीय अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण-पूर्वी एशिया का आंतरिक भाग
चलवासी पशुचारण उत्तरी अफ्रीका का अटलांटिक तट → अरब प्रायद्वीप → मंगोलिया व मध्य चीन (प्रमुख); यूरेशिया का टुंड्रा; दक्षिणी-पश्चिमी अफ्रीका व मेडागास्कर
वाणिज्य पशुधन पालन न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना, उरुग्वे, संयुक्त राज्य अमेरिका
विस्तृत वाणिज्य अनाज कृषि स्टेपीज (यूरेशिया), प्रेयरीज (उत्तरी अमेरिका), पंपास (अर्जेंटीना), वेल्ड्स (दक्षिण अफ्रीका), डाउंस (ऑस्ट्रेलिया), केंटरबरी (न्यूजीलैंड)
मिश्रित कृषि उत्तर-पश्चिमी यूरोप, उत्तरी अमेरिका का पूर्वी भाग, यूरेशिया के कुछ भाग, दक्षिणी महाद्वीपों के समशीतोष्ण भाग
अंतिम दोहराव: सिर्फ़ नाम व क्रम
  • प्राथमिक क्रियाएँ 6: आखेट-भोजन संग्रह, पशुचारण, कृषि, मत्स्यन, वानिकी, खनन; इनमें लगे लोग लाल कॉलर श्रमिक
  • चिकल = जेपोटा वृक्ष का दूध · भोजन संग्रह उच्च/निम्न अक्षांश क्षेत्रों में
  • चलवासी पशुचारण के 3 क्षेत्र क्रम में: उत्तरी अफ्रीका-अरब-मंगोलिया → टुंड्रा → द.प.अफ्रीका-मेडागास्कर
  • ऋतु-प्रवास समुदाय: गुज्जर, बकरवाल, गद्दी, भूटिया · घटने के 2 कारण: सीमाएँ + नई बस्तियाँ
  • स्थानांतरणशील कृषि: झूमिंग (पूर्वोत्तर भारत), मिल्पा (मध्य अमेरिका), लादांग (मलेशिया-इंडोनेशिया)
  • रोपण कृषि उपनिवेशी जोड़े: फ्रांसीसी-कॉफी/कोको, ब्रिटिश-चाय/रबड़/गन्ना, स्पेनी-नारियल/गन्ना, डच-गन्ना
  • विस्तृत अनाज कृषि: स्टेपीज़-प्रेयरीज़-पंपास-वेल्ड्स-डाउंस-केंटरबरी
  • डेरी क्रम: उत्तर-पश्चिमी यूरोप → कनाडा → न्यूजीलैंड-ऑस्ट्रेलिया-तस्मानिया
  • भूमध्यसागरीय: खट्टे फल + अंगूरोत्पादन · नीदरलैंड = ट्यूलिप
  • सहकारी (व्यक्तिगत फार्म बरकरार, डेनमार्क सर्वाधिक सफल) बनाम सामूहिक/कोलखोज़ (सामाजिक स्वामित्व, सोवियत संघ)
  • खनन युग-क्रम: ताम्र → कांस्य → लौह → औद्योगिक क्रांति के बाद वास्तविक विकास
  • मानचित्र (विश्व): भोजन संग्रह, चलवासी पशुचारण, वाणिज्य पशुधन पालन, विस्तृत अनाज कृषि, मिश्रित कृषि के क्षेत्र
  • विवृत खनन = सबसे सस्ता; कूपकी खनन = विशेष उपकरण, जोखिम भरा