कक्षा 12 भूगोल अध्याय 8 NCERT Solutions (प्रश्नावली के हल) हिंदी में

NCERT की पाठ्यपुस्तक मानव भूगोल के मूल सिद्धांत के अध्याय 8 “अंतर्राष्ट्रीय व्यापार” की प्रश्नावली (अभ्यास) के सभी प्रश्न (और अध्याय के बीच में पूछा गया प्रश्न), ठीक उसी क्रम और शब्दों में जैसे किताब (हिंदी संस्करण) में छपे हैं, और हर प्रश्न का पूरा उत्तर। पहले ख़ुद उत्तर सोचिए, फिर मिलाइए।

1 नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनें

प्रश्न 1 (i)

प्र. संसार के अधिकांश महान पत्तन इस प्रकार वर्गीकृत किए गए हैं-
(क) नौसेना पत्तन  (ख) विस्तृत पत्तन  (ग) तैल पत्तन  (घ) औद्योगिक पत्तन

उत्तर: (ख) विस्तृत पत्तन। किताब के अनुसार विस्तृत पत्तन बड़े परिमाण में सामान्य नौभार का थोक में प्रबंध करते हैं, और संसार के अधिकांश महान पत्तन विस्तृत पत्तनों के रूप में वर्गीकृत किए गए हैं। ध्यान दें: अंग्रेज़ी संस्करण में विकल्पों का क्रम अलग है और वहाँ यही सही उत्तर (c) पर आता है, जबकि हिंदी संस्करण के अपने विकल्प-क्रम में यह (ख) पर आता है: उत्तर लिखते समय हमेशा इसी (हिंदी) किताब के विकल्प-क्रम का प्रयोग करें, अंग्रेज़ी अक्षर को सीधे न उठाएँ।

प्रश्न 1 (ii)

प्र. निम्नलिखित महाद्वीपों में से किस एक से विश्व व्यापार का सर्वाधिक प्रवाह होता है?
(क) एशिया  (ख) यूरोप  (ग) उत्तरी अमेरिका  (घ) अफ्रीका

उत्तर: (ख) यूरोप। ध्यान दें: 2026-27 संस्करण के इस अध्याय में महाद्वीप-वार व्यापार के आँकड़े नहीं दिए गए हैं, इसलिए किताब का अपना पाठ इस प्रश्न को तय नहीं करता। यहाँ यूरोप को इसी सावधानी के साथ उत्तर-कुंजी के रूप में दिया गया है। हिंदी संस्करण में विकल्प (ख) यूरोप और (ग) उत्तरी अमेरिका हैं, जबकि अंग्रेज़ी संस्करण में यूरोप (c) पर है; उत्तर लिखते समय इसी (हिंदी) किताब के विकल्प-क्रम का प्रयोग करें।

2 निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 30 शब्दों में दीजिए

प्रश्न 2 (i)

प्र. विश्व व्यापार संगठन के आधारभूत कार्य कौन-से हैं?

उत्तर: विश्व व्यापार संगठन विश्वव्यापी व्यापार तंत्र के लिए नियम तय करता है और अपने सदस्य देशों के मध्य विवादों का निपटारा करता है। यह दूरसंचार व बैंकिंग जैसी सेवाओं के व्यापार को, तथा बौद्धिक संपदा अधिकार जैसे विषयों को भी अपने कार्यों में सम्मिलित करता है।

प्रश्न 2 (ii)

प्र. ऋणात्मक भुगतान संतुलन का होना किसी देश के लिए क्यों हानिकारक होता है?

उत्तर: ऋणात्मक (प्रतिकूल) भुगतान संतुलन का अर्थ है कि देश आयात पर अधिक व्यय करता है, अर्थात देश वस्तुओं के क्रय पर उससे अधिक व्यय करता है जितना कि अपने सामानों के विक्रय से अर्जित करता है, जो अंतिम रूप में देश के वित्तीय संचय (भंडार) की समाप्ति को अभिप्रेरित करता है, जिसके देश की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर निहितार्थ होते हैं।

प्रश्न 2 (iii)

प्र. व्यापारिक समूहों के निर्माण द्वारा राष्ट्रों को क्या लाभ प्राप्त होते हैं?

उत्तर: क्षेत्रीय व्यापारिक गुट भौगोलिक निकटता, व्यापारिक वस्तुओं में समानता व पूरकता रखने वाले देशों के बीच व्यापार बढ़ाते हैं और विकासशील विश्व के व्यापार पर लगी पाबंदियों को कम करते हैं। ये अपने सदस्य देशों के बीच शुल्क हटाकर मुक्त व्यापार को बढ़ावा देते हैं; आज ऐसे 120 गुट मिलकर विश्व व्यापार का 52 प्रतिशत भाग करते हैं।

3 नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर 150 शब्दों से अधिक में न दें

प्रश्न 3 (i)

प्र. पत्तन किस प्रकार व्यापार के लिए सहायक होते हैं? पत्तनों का वर्गीकरण उनकी अवस्थिति के आधार पर कीजिए।

उत्तर: अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की दुनिया के मुख्य प्रवेश द्वार पोताश्रय तथा पत्तन ही हैं; इन्हीं के द्वारा जहाज़ी माल तथा यात्री विश्व के एक भाग से दूसरे भाग तक जाते हैं। पत्तन जहाज़ के लिए गोदी, लादने, उतारने तथा भंडारण की सुविधाएँ प्रदान करते हैं, और इन सुविधाओं के लिए पत्तन के प्राधिकारी नौगम्य द्वारों का रख-रखाव, टग-बजरों की व्यवस्था तथा श्रम एवं प्रबंधकीय सेवाएँ उपलब्ध कराते हैं। किसी पत्तन का महत्त्व नौभार के आकार और निपटाए गए जहाज़ों की संख्या से तय होता है, और निपटाया गया नौभार उसके पृष्ठ प्रदेश के विकास के स्तर का सूचक है।

अवस्थिति के आधार पर पत्तन दो प्रकार के हैं: (i) अंतर्देशीय पत्तन: ये समुद्री तट से दूर अवस्थित होते हैं और समुद्र से एक नदी अथवा नहर द्वारा जुड़े होते हैं; ऐसे पत्तन चौरस तल वाले जहाज़ या बजरे द्वारा ही गम्य होते हैं। उदाहरण: मानचेस्टर (नहर से जुड़ा), मेंफिस (मिसीसिपी नदी पर), राइन के अनेक पत्तन जैसे मैनहीम व ड्यूसबर्ग, और कोलकाता (हुगली नदी पर, जो गंगा नदी की एक शाखा है)। (ii) बाह्य पत्तन: ये गहरे जल के पत्तन हैं जो वास्तविक पत्तन से दूर बने होते हैं और उन जहाज़ों को, जो अपने बड़े आकार के कारण वास्तविक पत्तन तक पहुँचने में अक्षम हैं, ग्रहण करके पैतृक पत्तनों को सेवाएँ प्रदान करते हैं। उदाहरण: एथेंस तथा यूनान में इसका बाह्य पत्तन पिरेइअस, जो एक उच्चकोटि का संयोजन है।

प्रश्न 3 (ii)

प्र. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से देश कैसे लाभ प्राप्त करते हैं?

उत्तर: अंतर्राष्ट्रीय व्यापार राष्ट्रों के लिए पारस्परिक लाभदायक होता है, यदि यह प्रादेशिक विशिष्टीकरण, उत्पादन के उच्च स्तर, उच्च रहन-सहन के स्तर, वस्तुओं एवं सेवाओं की विश्वव्यापी उपलब्धता, कीमतों और वेतन के समानीकरण, तथा ज्ञान एवं संस्कृति के प्रस्फुरण को प्रेरित करता है। यह विशिष्टीकरण व श्रम-विभाजन के सिद्धांत पर आधारित है: देश उन्हीं वस्तुओं का उत्पादन व निर्यात करते हैं जिनमें उन्हें तुलनात्मक लाभ प्राप्त है, और वे वस्तुएँ आयात करते हैं जो उन्हें स्वयं बनाने से कहीं अधिक सस्ती अन्यत्र मिलती हैं। इससे विश्व के आर्थिक संसाधनों का बेहतर उपयोग होता है, वस्तुओं-सेवाओं की उपलब्धता बढ़ती है, और परिवहन-संचार के विकास के साथ यह लाभ और अधिक देशों तक तीव्रगति से पहुँचता है।

किंतु यह ध्यान रहे कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार देशों के लिए हानिकारक भी हो सकता है, यदि यह अन्य देशों पर निर्भरता, विकास के असमान स्तर, शोषण, तथा युद्ध का कारण बनने वाली वाणिज्यिक प्रतिद्वंद्विता को जन्म दे। इसलिए मुक्त व्यापार का लाभ तभी पूरी तरह मिलता है जब यह देशों को समान अवसर दे, न कि केवल संपन्न देशों को बाज़ारों तक पहुँच और विकासशील देशों को असुरक्षा।

4 अध्याय के बीच में पूछा गया प्रश्न

पाठ के बीच का प्रश्न (सोचिए!)

प्र. वे कौन से कारण हैं जिनसे व्यापारी देशों के लिए डंपिंग गहरी चिंता का विषय बनती जा रही है?

उत्तर: लागत की दृष्टि से नहीं वरन् भिन्न-भिन्न कारणों से किसी वस्तु को दो देशों में अलग-अलग कीमत पर बेचने की प्रथा डंप करना कहलाती है। यह गहरी चिंता का विषय इसलिए बनती जा रही है क्योंकि: (i) मुक्त व्यापार में सीमा शुल्क घटने से सस्ते मूल्य की डंप की गई वस्तुएँ आसानी से बाज़ार में आ जाती हैं और घरेलू उत्पादकों को नुकसान पहुँचाती हैं, जो इतनी कम कीमत से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाते; (ii) इससे स्थानीय उद्योग बंद हो सकते हैं, जिससे आयात करने वाले देश में रोज़गार और आय घटती है; (iii) घरेलू उत्पादक बाज़ार से बाहर हो जाने पर देश निर्यातक देश पर निर्भर हो जाता है, और किताब के अनुसार अन्य देशों पर निर्भरता अंतर्राष्ट्रीय व्यापार को हानिकारक बना देती है; (iv) इससे विकासशील देशों को विकास के समान अवसर नहीं मिलते, इसलिए देशों को डंप की गई वस्तुओं से सतर्क रहने की आवश्यकता है।

परीक्षा संकेत

प्रश्न 1(i) में हमेशा हिंदी किताब के अपने विकल्प-क्रम से उत्तर दीजिए, अंग्रेज़ी की उत्तर-कुंजी सीधे मत उठाइए।