परीक्षा से ठीक पहले के दोहराव के लिए इस अध्याय का निचोड़: व्यापार के इतिहास की तिथियाँ, व्यापार के आधार व प्रकार, व्यापार संतुलन, WTO व GATT, क्षेत्रीय व्यापारिक गुट, और पत्तनों के तीन वर्गीकरण एक जगह। विस्तार से पढ़ने के लिए पूरे नोट्स अलग से उपलब्ध हैं।
1 तीन परिभाषाएँ जो याद रखनी हैं
व्यापार दो पक्षों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का स्वैच्छिक आदान-प्रदान है, जिसमें एक पक्ष बेचता है और दूसरा खरीदता है।
व्यापार संतुलन किसी देश द्वारा अन्य देशों को आयात व निर्यात की गई वस्तुओं-सेवाओं की मात्रा का हिसाब है। निर्यात > आयात = धनात्मक/अनुकूल; आयात > निर्यात = ऋणात्मक/प्रतिकूल।
डंपिंग लागत की दृष्टि से नहीं, बल्कि भिन्न-भिन्न कारणों से अलग-अलग कीमत की किसी वस्तु को दो देशों में बेचने की प्रथा है।
2 व्यापार-इतिहास की समयरेखा एक तालिका में
| घटना/काल | मुख्य तथ्य |
|---|---|
| प्राचीन काल | परिवहन जोखिमपूर्ण, व्यापार स्थानीय बाज़ारों तक सीमित; केवल धनी लोग विलासिता-वस्तुएँ खरीदते थे |
| रेशम मार्ग | ~6,000 किमी, रोम को चीन से जोड़ता था; भारत-पर्शिया-मध्य एशिया से होकर रेशम, ऊन, धातुएँ |
| 12वीं-13वीं शताब्दी | रोमन साम्राज्य विखंडन के बाद यूरोपीय वाणिज्य में वृद्धि; अमेरिका की खोज |
| 15वीं शताब्दी से | यूरोपीय उपनिवेशवाद व दास व्यापार का आरंभ (पुर्तगाली, डच, स्पेनिश, अंग्रेज़) |
| दास व्यापार समाप्ति | डेनमार्क 1792, ग्रेट ब्रिटेन 1807, संयुक्त राज्य 1808 |
| औद्योगिक क्रांति के बाद | औद्योगीकृत राष्ट्रों ने कच्चा माल आयात व तैयार माल निर्यात किया |
| विश्व युद्ध I व II | पहली बार राष्ट्रों ने व्यापार कर व मात्रात्मक प्रतिबंध लगाए |
| GATT का गठन | 1948, उच्च शुल्क व बाधाओं से मुक्ति के लिए |
| GATT → WTO | निर्णय 1994 में; रूपांतरण 1 जनवरी 1995 से प्रभावी |
“GATT को 1994 में WTO बनाने का निर्णय हुआ” और “GATT 1 जनवरी 1995 से WTO बना”: ये दो अलग तारीखें हैं, एक-दूसरे की जगह मत लिखिए।
3 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के आधार: पाँच कारक
| कारक | मुख्य बात |
|---|---|
| (i) राष्ट्रीय संसाधनों में भिन्नता | भौगोलिक संरचना, खनिज संसाधन, जलवायु में अंतर |
| (ii) जनसंख्या कारक | सांस्कृतिक विशिष्टता (चीन-पॉर्सलिन, ईरान-कालीन); जनसंख्या का आकार |
| (iii) आर्थिक विकास की अवस्था | कृषि-प्रधान देश ↔ औद्योगिक देश की व्यापारिक वस्तुएँ अलग |
| (iv) विदेशी निवेश की सीमा | विकासशील देशों में पूँजी की कमी को पूरा करता है |
| (v) परिवहन | बेहतर परिवहन-प्रशीतन से व्यापार का स्थानिक विस्तार |
4 व्यापार संतुलन व व्यापार के प्रकार
| पद | अर्थ |
|---|---|
| धनात्मक/अनुकूल संतुलन | निर्यात मूल्य > आयात मूल्य |
| ऋणात्मक/प्रतिकूल संतुलन | आयात मूल्य > निर्यात मूल्य; वित्तीय भंडार समाप्ति का ख़तरा |
| द्विपार्श्विक व्यापार | दो देशों के बीच, निर्दिष्ट वस्तुओं पर सहमति से |
| बहुपार्श्विक व्यापार | कई देशों के साथ; MFN (सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र) दर्जा भी दिया जा सकता है |
व्यापार संतुलन व भुगतान संतुलन का अंतर साफ़-साफ़ याद रखें। ऋणात्मक संतुलन के नतीजे में हमेशा “वित्तीय भंडार की समाप्ति” ज़रूर लिखें। मुक्त व्यापार शुल्क घटाकर अर्थव्यवस्था खोलना है, बढ़ाकर नहीं।
5 WTO: गठन, कार्य, आलोचना
भारत WTO का संस्थापक सदस्य है। WTO दूरसंचार-बैंकिंग सेवाओं व बौद्धिक संपदा अधिकार को भी अपने कार्यों में शामिल करता है। आलोचना: अमीर-गरीब की खाई बढ़ना, विकसित देशों का बाज़ार न खोलना, स्वास्थ्य-श्रमिक अधिकार-पर्यावरण की उपेक्षा।
6 क्षेत्रीय व्यापारिक गुट
भौगोलिक निकटता व वस्तुओं की समानता-पूरकता वाले देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए बनते हैं; वैश्विक संगठनों की धीमी प्रगति की प्रतिक्रिया में विकसित हुए। सदस्य देशों के बीच शुल्क हटाते हैं, पर अलग-अलग गुटों के बीच भविष्य में मुक्त व्यापार कठिन हो सकता है।
7 पत्तनों के तीन वर्गीकरण
| माल के आधार पर | विवरण |
|---|---|
| औद्योगिक पत्तन | थोक कार्गो: अनाज, चीनी, अयस्क, तेल, रसायन |
| वाणिज्यिक पत्तन | सामान्य कार्गो + यात्री-यातायात |
| विस्तृत पत्तन | बड़ी मात्रा में थोक+सामान्य दोनों; अधिकांश महान पत्तन इसी में |
| स्थिति के आधार पर | उदाहरण |
|---|---|
| अंतर्देशीय पत्तन (तट से दूर, नदी/नहर से जुड़ा) | मानचेस्टर, मेंफिस, मैनहीम, ड्यूसबर्ग, कोलकाता |
| बाह्य पत्तन (गहरे जल का, वास्तविक पत्तन से दूर; पैतृक पत्तन की सेवा) | पिरेइअस (एथेंस, यूनान का) |
| विशिष्ट कार्य के आधार पर | उदाहरण |
|---|---|
| तैल पत्तन: टैंकर / तेलशोधन | माराकाइबो, एस्सखीरा, त्रिपोली / अबादान |
| मार्ग/विश्राम पत्तन | अदन, होनोलूलू, सिंगापुर |
| पैकेट स्टेशन (फेरी पत्तन) | डोवर (इंग्लैंड) / कैलाइस (फ्रांस) |
| आंत्रपो पत्तन | सिंगापुर (एशिया), रोटरडम (यूरोप), कोपेनहेगन (बाल्टिक) |
| नौसेना पत्तन (भारत) | कोच्चि, कारवाड़ |
अंतर्देशीय पत्तन तट से दूर होते हैं, सीधे तट पर नहीं; छात्र अक्सर उलटा लिख देते हैं। बाह्य पत्तन बड़े जहाज़ों को ग्रहण करता है, सामान्य कार्गो-यात्री यातायात नहीं (वह वाणिज्यिक पत्तन का काम है)।
- व्यापार दोनों पक्षों के फ़ायदे के लिए स्वैच्छिक आदान-प्रदान है; वस्तु विनिमय पैसे से पहले आया
- रेशम मार्ग (~6,000 किमी, रोम-चीन); दास व्यापार डेनमार्क 1792, ब्रिटेन 1807, अमेरिका 1808 में समाप्त
- GATT 1948 में बना; 1994 में स्थायी संस्था का निर्णय; 1 जनवरी 1995 से WTO बना
- व्यापार के 5 आधार: राष्ट्रीय संसाधन, जनसंख्या, आर्थिक विकास अवस्था, विदेशी निवेश, परिवहन
- अनुकूल संतुलन = निर्यात > आयात; प्रतिकूल = आयात > निर्यात → वित्तीय भंडार समाप्ति का ख़तरा
- व्यापार द्विपार्श्विक या बहुपार्श्विक (MFN दर्जे सहित) हो सकता है; डंपिंग = लागत से अलग कारण से अलग कीमत
- WTO मुख्यालय जिनेवा; 166 सदस्य (दिसंबर 2024); भारत संस्थापक सदस्य
- 120 क्षेत्रीय व्यापारिक गुट विश्व व्यापार का 52% करते हैं
- पत्तन तीन तरह वर्गीकृत: माल के आधार पर, स्थिति के आधार पर (अंतर्देशीय/बाह्य), विशिष्ट कार्य के आधार पर (तैल, मार्ग, पैकेट, आंत्रपो, नौसेना)