कक्षा 12 भूगोल अध्याय 8 शॉर्ट नोट्स (Short Notes) हिंदी में

परीक्षा से ठीक पहले के दोहराव के लिए इस अध्याय का निचोड़: व्यापार के इतिहास की तिथियाँ, व्यापार के आधार व प्रकार, व्यापार संतुलन, WTO व GATT, क्षेत्रीय व्यापारिक गुट, और पत्तनों के तीन वर्गीकरण एक जगह। विस्तार से पढ़ने के लिए पूरे नोट्स अलग से उपलब्ध हैं।

1 तीन परिभाषाएँ जो याद रखनी हैं

याद कर लेंपरिभाषा 1

व्यापार दो पक्षों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का स्वैच्छिक आदान-प्रदान है, जिसमें एक पक्ष बेचता है और दूसरा खरीदता है।

याद कर लेंपरिभाषा 2

व्यापार संतुलन किसी देश द्वारा अन्य देशों को आयात व निर्यात की गई वस्तुओं-सेवाओं की मात्रा का हिसाब है। निर्यात > आयात = धनात्मक/अनुकूल; आयात > निर्यात = ऋणात्मक/प्रतिकूल।

याद कर लेंपरिभाषा 3

डंपिंग लागत की दृष्टि से नहीं, बल्कि भिन्न-भिन्न कारणों से अलग-अलग कीमत की किसी वस्तु को दो देशों में बेचने की प्रथा है।

2 व्यापार-इतिहास की समयरेखा एक तालिका में

घटना/काल मुख्य तथ्य
प्राचीन काल परिवहन जोखिमपूर्ण, व्यापार स्थानीय बाज़ारों तक सीमित; केवल धनी लोग विलासिता-वस्तुएँ खरीदते थे
रेशम मार्ग ~6,000 किमी, रोम को चीन से जोड़ता था; भारत-पर्शिया-मध्य एशिया से होकर रेशम, ऊन, धातुएँ
12वीं-13वीं शताब्दी रोमन साम्राज्य विखंडन के बाद यूरोपीय वाणिज्य में वृद्धि; अमेरिका की खोज
15वीं शताब्दी से यूरोपीय उपनिवेशवाद व दास व्यापार का आरंभ (पुर्तगाली, डच, स्पेनिश, अंग्रेज़)
दास व्यापार समाप्ति डेनमार्क 1792, ग्रेट ब्रिटेन 1807, संयुक्त राज्य 1808
औद्योगिक क्रांति के बाद औद्योगीकृत राष्ट्रों ने कच्चा माल आयात व तैयार माल निर्यात किया
विश्व युद्ध I व II पहली बार राष्ट्रों ने व्यापार कर व मात्रात्मक प्रतिबंध लगाए
GATT का गठन 1948, उच्च शुल्क व बाधाओं से मुक्ति के लिए
GATT → WTO निर्णय 1994 में; रूपांतरण 1 जनवरी 1995 से प्रभावी
आम ग़लती

“GATT को 1994 में WTO बनाने का निर्णय हुआ” और “GATT 1 जनवरी 1995 से WTO बना”: ये दो अलग तारीखें हैं, एक-दूसरे की जगह मत लिखिए।

3 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के आधार: पाँच कारक

कारक मुख्य बात
(i) राष्ट्रीय संसाधनों में भिन्नता भौगोलिक संरचना, खनिज संसाधन, जलवायु में अंतर
(ii) जनसंख्या कारक सांस्कृतिक विशिष्टता (चीन-पॉर्सलिन, ईरान-कालीन); जनसंख्या का आकार
(iii) आर्थिक विकास की अवस्था कृषि-प्रधान देश ↔ औद्योगिक देश की व्यापारिक वस्तुएँ अलग
(iv) विदेशी निवेश की सीमा विकासशील देशों में पूँजी की कमी को पूरा करता है
(v) परिवहन बेहतर परिवहन-प्रशीतन से व्यापार का स्थानिक विस्तार

4 व्यापार संतुलन व व्यापार के प्रकार

पद अर्थ
धनात्मक/अनुकूल संतुलन निर्यात मूल्य > आयात मूल्य
ऋणात्मक/प्रतिकूल संतुलन आयात मूल्य > निर्यात मूल्य; वित्तीय भंडार समाप्ति का ख़तरा
द्विपार्श्विक व्यापार दो देशों के बीच, निर्दिष्ट वस्तुओं पर सहमति से
बहुपार्श्विक व्यापार कई देशों के साथ; MFN (सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र) दर्जा भी दिया जा सकता है
परीक्षा संकेत

व्यापार संतुलन व भुगतान संतुलन का अंतर साफ़-साफ़ याद रखें। ऋणात्मक संतुलन के नतीजे में हमेशा “वित्तीय भंडार की समाप्ति” ज़रूर लिखें। मुक्त व्यापार शुल्क घटाकर अर्थव्यवस्था खोलना है, बढ़ाकर नहीं।

5 WTO: गठन, कार्य, आलोचना

1948GATT का गठन
1 जन 1995GATT से WTO बना
जिनेवाWTO मुख्यालय
166सदस्य देश (दिसंबर 2024)
परीक्षा संकेत

भारत WTO का संस्थापक सदस्य है। WTO दूरसंचार-बैंकिंग सेवाओं व बौद्धिक संपदा अधिकार को भी अपने कार्यों में शामिल करता है। आलोचना: अमीर-गरीब की खाई बढ़ना, विकसित देशों का बाज़ार न खोलना, स्वास्थ्य-श्रमिक अधिकार-पर्यावरण की उपेक्षा।

6 क्षेत्रीय व्यापारिक गुट

120क्षेत्रीय व्यापारिक गुट आज मौजूद
52%विश्व व्यापार इन्हीं गुटों से

भौगोलिक निकटता व वस्तुओं की समानता-पूरकता वाले देशों के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए बनते हैं; वैश्विक संगठनों की धीमी प्रगति की प्रतिक्रिया में विकसित हुए। सदस्य देशों के बीच शुल्क हटाते हैं, पर अलग-अलग गुटों के बीच भविष्य में मुक्त व्यापार कठिन हो सकता है।

7 पत्तनों के तीन वर्गीकरण

माल के आधार पर विवरण
औद्योगिक पत्तन थोक कार्गो: अनाज, चीनी, अयस्क, तेल, रसायन
वाणिज्यिक पत्तन सामान्य कार्गो + यात्री-यातायात
विस्तृत पत्तन बड़ी मात्रा में थोक+सामान्य दोनों; अधिकांश महान पत्तन इसी में
स्थिति के आधार पर उदाहरण
अंतर्देशीय पत्तन (तट से दूर, नदी/नहर से जुड़ा) मानचेस्टर, मेंफिस, मैनहीम, ड्यूसबर्ग, कोलकाता
बाह्य पत्तन (गहरे जल का, वास्तविक पत्तन से दूर; पैतृक पत्तन की सेवा) पिरेइअस (एथेंस, यूनान का)
विशिष्ट कार्य के आधार पर उदाहरण
तैल पत्तन: टैंकर / तेलशोधन माराकाइबो, एस्सखीरा, त्रिपोली / अबादान
मार्ग/विश्राम पत्तन अदन, होनोलूलू, सिंगापुर
पैकेट स्टेशन (फेरी पत्तन) डोवर (इंग्लैंड) / कैलाइस (फ्रांस)
आंत्रपो पत्तन सिंगापुर (एशिया), रोटरडम (यूरोप), कोपेनहेगन (बाल्टिक)
नौसेना पत्तन (भारत) कोच्चि, कारवाड़
आम ग़लती

अंतर्देशीय पत्तन तट से दूर होते हैं, सीधे तट पर नहीं; छात्र अक्सर उलटा लिख देते हैं। बाह्य पत्तन बड़े जहाज़ों को ग्रहण करता है, सामान्य कार्गो-यात्री यातायात नहीं (वह वाणिज्यिक पत्तन का काम है)।

सारी परिभाषाएँ एक जगह
व्यापारदो पक्षों के बीच वस्तुओं-सेवाओं का स्वैच्छिक आदान-प्रदान
वस्तु विनिमय व्यवस्थाबिना मुद्रा के, वस्तु के बदले वस्तु का सीधा आदान-प्रदान
तुलनात्मक लाभव्यापारिक साझेदार वही चीज़ बनाने में विशिष्टीकरण करते हैं जिसमें वे कुशल हैं
व्यापार संतुलनकिसी देश के आयात-निर्यात की मात्रा का हिसाब
MFNMost Favoured Nation: कुछ साझेदारों को दिया अनुकूल व्यापारिक दर्जा
मुक्त व्यापारशुल्क जैसी बाधाएँ घटाकर अर्थव्यवस्था को व्यापार के लिए खोलना
डंपिंगलागत से भिन्न कारणों से दो देशों में अलग कीमत पर वस्तु बेचना
GATTGeneral Agreement for Tariffs and Trade, 1948; 1995 से WTO
WTOवैश्विक व्यापार के नियम तय करने वाला इकलौता अंतर्राष्ट्रीय संगठन; मुख्यालय जिनेवा
क्षेत्रीय व्यापारिक गुटभौगोलिक निकटता वाले देशों का व्यापार-समूह; 120 गुट, 52% विश्व व्यापार
पत्तनजहाज़ों के लंगर व माल चढ़ाने-उतारने-रखने की सुविधा वाला स्थान
आंत्रपो पत्तनविभिन्न देशों से निर्यात हेतु माल के एकत्रण का केंद्र
तुरंत रिवीज़न: परीक्षा से पहली रात यह पढ़ें
  • व्यापार दोनों पक्षों के फ़ायदे के लिए स्वैच्छिक आदान-प्रदान है; वस्तु विनिमय पैसे से पहले आया
  • रेशम मार्ग (~6,000 किमी, रोम-चीन); दास व्यापार डेनमार्क 1792, ब्रिटेन 1807, अमेरिका 1808 में समाप्त
  • GATT 1948 में बना; 1994 में स्थायी संस्था का निर्णय; 1 जनवरी 1995 से WTO बना
  • व्यापार के 5 आधार: राष्ट्रीय संसाधन, जनसंख्या, आर्थिक विकास अवस्था, विदेशी निवेश, परिवहन
  • अनुकूल संतुलन = निर्यात > आयात; प्रतिकूल = आयात > निर्यात → वित्तीय भंडार समाप्ति का ख़तरा
  • व्यापार द्विपार्श्विक या बहुपार्श्विक (MFN दर्जे सहित) हो सकता है; डंपिंग = लागत से अलग कारण से अलग कीमत
  • WTO मुख्यालय जिनेवा; 166 सदस्य (दिसंबर 2024); भारत संस्थापक सदस्य
  • 120 क्षेत्रीय व्यापारिक गुट विश्व व्यापार का 52% करते हैं
  • पत्तन तीन तरह वर्गीकृत: माल के आधार पर, स्थिति के आधार पर (अंतर्देशीय/बाह्य), विशिष्ट कार्य के आधार पर (तैल, मार्ग, पैकेट, आंत्रपो, नौसेना)