इस अध्याय के 20 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, परीक्षा की प्रचलित शैलियों में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंकरघुवीर सहाय का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
(क) सन् 1929, दिल्ली(ख) सन् 1929, लखनऊ (उत्तर प्रदेश)(ग) सन् 1940, लखनऊ(घ) सन् 1936, इलाहाबाद - 1 अंक‘दूसरा सप्तक’ (1951), जिसमें रघुवीर सहाय की आरंभिक कविताएँ संकलित हैं, किसके द्वारा संपादित काव्य-संकलन है?
(क) जयशंकर प्रसाद(ख) रघुवीर सहाय स्वयं(ग) अज्ञेय(घ) निराला - 1 अंकरघुवीर सहाय के पाठ में उल्लिखित तीन महत्त्वपूर्ण काव्य-संकलनों में, पाठ के क्रम से, सबसे पहला कौन-सा है?
(क) हँसो-हँसो जल्दी हँसो(ख) आत्महत्या के विरुद्ध(ग) जो लोग भूल गये हैं(घ) सीढ़ियों पर धूप में - 1 अंकरघुवीर सहाय की पत्रकारिता की शुरुआत पाठ के अनुसार किस संस्था से हुई?
(क) ‘दिनमान’(ख) ‘नवभारत टाइम्स’(ग) ऑल इंडिया रेडियो (हिंदी समाचार विभाग)(घ) पत्रिका ‘कल्पना’ - 1 अंक‘रामदास’ नामक कविता, जिसे पाठ में आधुनिक हिंदी कविता की एक महत्त्वपूर्ण रचना बताया गया है, किसकी रचना है?
(क) निराला(ख) अज्ञेय(ग) कुँवर नारायण(घ) रघुवीर सहाय - 1 अंक‘कैमरे में बंद अपाहिज’ कविता किस संग्रह से ली गई है?
(क) जो लोग भूल गये हैं(ख) दूसरा सप्तक(ग) आत्महत्या के विरुद्ध(घ) सीढ़ियों पर धूप में - 1 अंकपाठ के भूमिका-भाग के अनुसार कविता की मूल विडंबना क्या है?
(क) अपाहिज व्यक्ति टीवी पर बोलना नहीं चाहता(ख) दर्शक टीवी कार्यक्रम देखना पसंद नहीं करते(ग) कार्यक्रम की टीम को अपाहिज व्यक्ति से सच्ची सहानुभूति है(घ) पीड़ा को बड़े दर्शक-वर्ग तक पहुँचाने वाला व्यक्ति कारोबारी दबाव में स्वयं संवेदनहीन हो जाता है - 1 अंकपाठ के अनुसार यह कविता किस माध्यम तक सीमित होकर नहीं देखी जानी चाहिए?
(क) केवल रेडियो तक(ख) केवल समाचार-पत्र तक(ग) केवल सिनेमा तक(घ) केवल टेलीविज़न माध्यम तक
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकअभिकथन (A): रघुवीर सहाय केवल एक पत्रकार थे, कवि या कथाकार नहीं।
कारण (R): पेशे से पत्रकार होते हुए भी वे सिद्ध कथाकार और कवि भी थे, जिन्होंने कविता को कहानीपन और नाटकीय वैभव दिया।
(क) A सत्य, R सत्य, R सही व्याख्या(ख) A सत्य, R सत्य, R सही व्याख्या नहीं(ग) A सत्य, R असत्य(घ) A असत्य, R सत्य - 1 अंकअभिकथन (A): यह कविता केवल शारीरिक चुनौती झेलते लोगों के प्रति संवेदनशीलता की बात करती है।
कारण (R): अपनी व्यंजना में यह कविता हर उस व्यक्ति की ओर इशारा करती है, जो दुख-दर्द, यातना-वेदना को बेचना चाहता है।
(क) A सत्य, R सत्य, R सही व्याख्या(ख) A सत्य, R सत्य, R सही व्याख्या नहीं(ग) A सत्य, R असत्य(घ) A असत्य, R सत्य - 1 अंकअभिकथन (A): ‘हम समर्थ शक्तिवान’ पंक्ति में साक्षात्कारकर्ता स्वयं को ताकतवर घोषित करता है।
कारण (R): इस पंक्ति के तुरंत बाद ही ‘हम एक दुर्बल को लाएँगे’ कहकर सत्ता के असंतुलन को स्थापित किया जाता है।
(क) A सत्य, R सत्य, R सही व्याख्या(ख) A सत्य, R सत्य, R सही व्याख्या नहीं(ग) A सत्य, R असत्य(घ) A असत्य, R सत्य
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसही मिलान करें:
A: 1. सीढ़ियों पर धूप में 2. दूसरा सप्तक 3. कल्पना 4. दिनमान
B: (i) पत्रिका, हैदराबाद से (ii) रघुवीर सहाय का महत्त्वपूर्ण काव्य-संकलन (iii) अज्ञेय-संपादित संकलन (iv) ‘कल्पना’ के बाद ‘नवभारत टाइम्स’ तथा ‘दिनमान’ से संबद्धता
(क) 1-i, 2-ii, 3-iii, 4-iv(ख) 1-ii, 2-iii, 3-i, 4-iv(ग) 1-iv, 2-ii, 3-i, 4-iii(घ) 1-iii, 2-i, 3-iv, 4-ii - 1 अंककविता की पंक्तियों को उनके भाव से सुमेलित करें:
A: 1. हम समर्थ शक्तिवान / हम एक दुर्बल को लाएँगे 2. हम पूछ-पूछकर उसको रुला देंगे 3. (कैमरा / बस करो / नहीं हुआ / रहने दो / परदे पर वक्त की कीमत है) 4. आप देख रहे थे सामाजिक उद्देश्य से युक्त कार्यक्रम
B: (i) सत्ता और दंभ की घोषणा (ii) व्यंग्यपूर्ण समापन (iii) रुलाने की सायास कोशिश (iv) रुलाने में सफल न होने पर कोष्ठक में पर्दे के पीछे की असलियत
(क) 1-i, 2-iv, 3-iii, 4-ii(ख) 1-iii, 2-iv, 3-i, 4-ii(ग) 1-i, 2-iii, 3-iv, 4-ii(घ) 1-ii, 2-i, 3-iii, 4-iv
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंककथन I: रघुवीर सहाय की कविता में जातीय या वैयक्तिक स्मृतियाँ प्रमुख विषय हैं।
कथन II: उनके दोनों पाँव वर्तमान में ही गड़े हैं।
(क) केवल कथन I सही है(ख) दोनों कथन सही हैं(ग) केवल कथन II सही है(घ) दोनों कथन गलत हैं - 1 अंककथन I: कविता में साक्षात्कारकर्ता बार-बार एक जैसे उथले सवाल दागता है। कथन II: अपाहिज व्यक्ति हर बार तुरंत विस्तार से उत्तर दे देता है।
(क) केवल कथन I सही है(ख) दोनों कथन गलत हैं(ग) दोनों कथन सही हैं(घ) केवल कथन II सही है
5 सही क्रम में लगाइए
सही क्रम में लगाइए
- 1 अंकनिम्नलिखित पंक्तियों को कविता में आने के सही क्रम में लगाएँ: 1. हमें दोनों एक संग रुलाने हैं 2. हम दूरदर्शन पर बोलेंगे 3. धन्यवाद। 4. अब मुसकुराएँगे हम 5. (कैमरा दिखाओ इसे बड़ा बड़ा)
(क) 2, 5, 1, 4, 3(ख) 5, 2, 4, 1, 3(ग) 1, 2, 3, 4, 5(घ) 2, 1, 5, 4, 3 - 1 अंकनिम्नलिखित पंक्तियों को कविता में आने के सही क्रम में लगाएँ: 1. रहने दो / परदे पर वक्त की कीमत है 2. हम पूछ-पूछकर उसको रुला देंगे 3. आप देख रहे थे सामाजिक उद्देश्य से युक्त कार्यक्रम 4. फिर हम परदे पर दिखलाएँगे फूली हुई आँख की तसवीर
(क) 4, 2, 1, 3(ख) 1, 2, 3, 4(ग) 2, 1, 4, 3(घ) 2, 4, 1, 3
6 रिक्त स्थान
रिक्त स्थान
- 1 अंक‘रहने दो / परदे पर ______ की कीमत है।’ (रिक्त स्थान भरें)
(क) दर्शक(ख) वक्त(ग) कैमरे(घ) पैसे
7 पद्यांश आधारित प्रश्न
पद्यांश आधारित प्रश्न
पद्यांश
उससे पूछेंगे तो आप क्या अपाहिज हैं?
तो आप क्यों अपाहिज हैं?
आपका अपाहिजपन तो दुख देता होगा
देता है?
(कैमरा दिखाओ इसे बड़ा बड़ा)
हाँ तो बताइए आपका दुख क्या है
जल्दी बताइए वह दुख बताइए
बता नहीं पाएगा
तो आप क्यों अपाहिज हैं?
आपका अपाहिजपन तो दुख देता होगा
देता है?
(कैमरा दिखाओ इसे बड़ा बड़ा)
हाँ तो बताइए आपका दुख क्या है
जल्दी बताइए वह दुख बताइए
बता नहीं पाएगा
- 1 अंकउपर्युक्त पद्यांश के अनुसार अपाहिज व्यक्ति दुख के बारे में पूछे जाने पर क्या करता है?
(क) वह हँसने लगता है(ख) वह कैमरे की ओर देखता है(ग) वह उत्तर देने में असमर्थ रहता है(घ) वह तुरंत विस्तार से उत्तर देता है
8 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकसही/गलत बताएँ: (क) रघुवीर सहाय का जन्म 1929 में हुआ था। (ख) उन्हें ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला था। (ग) ‘दूसरा सप्तक’ अज्ञेय द्वारा संपादित है।
(क) सही, सही, सही(ख) सही, गलत, सही(ग) गलत, सही, गलत(घ) गलत, गलत, सही
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (ख) रघुवीर सहाय का जन्म सन् 1929 में लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में हुआ था।
- (ग) ‘दूसरा सप्तक’ अज्ञेय द्वारा संपादित काव्य-संकलन है; यह रघुवीर सहाय की अपनी किताब नहीं है।
- (घ) पाठ में दिया गया क्रम है: सीढ़ियों पर धूप में, आत्महत्या के विरुद्ध, हँसो-हँसो जल्दी हँसो।
- (ग) पाठ में दिया क्रम है: पहले ऑल इंडिया रेडियो के हिंदी समाचार विभाग से जुड़ाव, फिर हैदराबाद से निकलने वाली पत्रिका ‘कल्पना’, और उसके बाद दैनिक ‘नवभारत टाइम्स’ तथा ‘दिनमान’।
- (घ) ‘रामदास’ रघुवीर सहाय की एक अन्य महत्त्वपूर्ण कविता है; यह इस अध्याय की कविता नहीं है, केवल परिचय में उल्लेख है।
- (क) पाठ के अनुसार यह कविता संग्रह ‘जो लोग भूल गये हैं’ से ली गई है।
- (घ) पाठ के अनुसार पीड़ा को बड़े दर्शक-वर्ग तक पहुँचाने वाले को स्वयं संवेदनशील होने और दूसरों को संवेदनशील बनाने का दावेदार होना चाहिए, पर विडंबना यह है कि कारोबारी दबाव के तहत उसका रवैया संवेदनहीन हो जाता है।
- (घ) पाठ स्पष्ट करता है कि यह कविता टेलीविज़न स्टूडियो की दुनिया उभारती है, पर इसे केवल टेलीविज़न माध्यम से जोड़कर देखना आवश्यक नहीं; यह हर उस व्यक्ति पर व्यंग्य करती है जो पीड़ा को बेचना चाहता है।
अभिकथन-कारण
- (घ) A असत्य है: रघुवीर सहाय केवल पत्रकार नहीं, सिद्ध कथाकार और कवि भी थे। R सत्य है और सीधे A का खंडन करता है।
- (घ) A असत्य है: पाठ स्पष्ट करता है कि कविता का दायरा इससे कहीं बड़ा है। R सत्य है और यह बताता है कि कविता की व्यंजना हर पीड़ा बेचने वाले व्यक्ति तक फैली है।
- (ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता: R यह नहीं बताता कि साक्षात्कारकर्ता स्वयं को ताकतवर क्यों घोषित करता है, वह केवल अगली पंक्ति का तथ्य है। दोनों पंक्तियाँ मिलकर माध्यम की सत्ता व अपाहिज की असहायता के बीच का असंतुलन दिखाती हैं।
सुमेलन कीजिए
- (ख) सीढ़ियों पर धूप में: महत्त्वपूर्ण काव्य-संकलन (ii); दूसरा सप्तक: अज्ञेय-संपादित संकलन (iii); कल्पना: हैदराबाद की पत्रिका (i); दिनमान: ‘कल्पना’ के बाद ‘नवभारत टाइम्स’ तथा ‘दिनमान’ से संबद्ध रहे (iv)।
- (ग) ‘हम समर्थ शक्तिवान’ सत्ता और दंभ की घोषणा है (i); ‘हम पूछ-पूछकर उसको रुला देंगे’ रुलाने की सायास कोशिश है (iii); कोष्ठक वाली पंक्तियाँ रुलाने में सफल न होने पर पर्दे के पीछे की असलियत दिखाती हैं (iv); ‘आप देख रहे थे सामाजिक उद्देश्य से युक्त कार्यक्रम’ व्यंग्यपूर्ण समापन है (ii)।
कथन आधारित प्रश्न
- (ग) कथन I गलत है: उनकी कविता में जातीय या वैयक्तिक स्मृतियाँ नहीं के बराबर हैं। कथन II सही है: पाठ कहता है, ‘इसलिए उनके दोनों पाँव वर्तमान में ही गड़े हैं।’
- (क) कथन I सही है। कथन II गलत है: पाठ में लिखा है ‘बता नहीं पाएगा’, अर्थात् व्यक्ति उत्तर नहीं दे पाता।
सही क्रम में लगाइए
- (क) कविता ‘हम दूरदर्शन पर बोलेंगे’ (2) से शुरू होती है, फिर प्रश्नों के बीच ‘(कैमरा दिखाओ इसे बड़ा बड़ा)’ (5) आता है, फिर ‘हमें दोनों एक संग रुलाने हैं’ (1), कोष्ठक की पंक्तियों ‘(कैमरा / बस करो / … / परदे पर वक्त की कीमत है)’ के बाद ‘अब मुसकुराएँगे हम’ (4), और अंत ‘धन्यवाद।’ (3) पर होता है।
- (घ) सही क्रम: पहले रुलाने की घोषणा (2), फिर तसवीर दिखाना (4), फिर सफल न होने पर कोष्ठक की टिप्पणी (1), अंत में व्यंग्यपूर्ण समापन (3)।
रिक्त स्थान
- (ख) पंक्ति है ‘रहने दो / परदे पर वक्त की कीमत है’: प्रसारण के समय की व्यावसायिक कीमत को दर्शाया गया है।
पद्यांश आधारित प्रश्न
- (ग) पद्यांश की अंतिम पंक्ति है ‘बता नहीं पाएगा’: बार-बार पूछे जाने पर भी व्यक्ति उत्तर नहीं दे पाता।
सत्य-असत्य
- (ख) (क) सही: जन्म 1929 में हुआ। (ख) गलत: पाठ में केवल साहित्य अकादेमी पुरस्कार का उल्लेख है, ज्ञानपीठ का नहीं। (ग) सही: ‘दूसरा सप्तक’ अज्ञेय-संपादित संकलन है।
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