इस अध्याय के 20 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, परीक्षा की प्रचलित शैलियों में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंक“बादल राग” कविता मूलतः किस काव्य-संग्रह से ली गई है?
(क) अनामिका(ख) तुलसीदास(ग) परिमल(घ) गीतिका - 1 अंकनिराला किस काव्यधारा के प्रमुख कवि माने जाते हैं?
(क) भक्तिकाल(ख) रीतिकाल(ग) प्रगतिवाद(घ) छायावाद - 1 अंकनिराला ने कविता में किस छंद-शैली को अपनाया?
(क) चौपाई(ख) दोहा छंद(ग) मुक्त छंद(घ) सवैया - 1 अंक“अट्टालिका नहीं है रे, आतंक-भवन”: यह पंक्ति किस पद में है?
(क) पद 3(ख) पद 2(ग) पद 1(घ) किसी में नहीं - 1 अंकपद 2 के अनुसार “शैशव का सुकुमार शरीर” क्या करता है?
(क) भयभीत रहता है(ख) सोया रहता है(ग) रोग-शोक में भी हँसता है(घ) सदा रोता रहता है
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकअभिकथन (A): बादल को कवि “रण-तरी” कहता है।
कारण (R): शब्द-छवि के अनुसार ‘रण-तरी’ का अर्थ ‘युद्ध की नौका’ है।
(क) अभिकथन (A) सत्य है, कारण (R) सत्य है और R, A की सही व्याख्या करता है।(ख) अभिकथन (A) सत्य है, कारण (R) सत्य है परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं करता।(ग) अभिकथन (A) सत्य है परंतु कारण (R) असत्य है।(घ) अभिकथन (A) असत्य है परंतु कारण (R) सत्य है। - 1 अंकअभिकथन (A): पद 1 में छोटे पौधे बादल की गर्जन-वर्षा से भयभीत हो जाते हैं।
कारण (R): पद 1 के अनुसार छोटे पौधे हिल-खिलकर हाथ हिलाते हुए बादल को बुलाते हैं।
(क) अभिकथन (A) सत्य है, कारण (R) सत्य है और R, A की सही व्याख्या करता है।(ख) अभिकथन (A) सत्य है, कारण (R) सत्य है परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं करता।(ग) अभिकथन (A) सत्य है परंतु कारण (R) असत्य है।(घ) अभिकथन (A) असत्य है परंतु कारण (R) सत्य है। - 1 अंकअभिकथन (A): पद 3 में कृषक की शारीरिक दशा अत्यंत जर्जर बताई गई है।
कारण (R): कृषक का सार (सत्व) चूस लिया गया है, केवल हाड़-मात्र ही उसका आधार बचा है।
(क) अभिकथन (A) सत्य है, कारण (R) सत्य है और R, A की सही व्याख्या करता है।(ख) अभिकथन (A) सत्य है, कारण (R) सत्य है परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं करता।(ग) अभिकथन (A) सत्य है परंतु कारण (R) असत्य है।(घ) अभिकथन (A) असत्य है परंतु कारण (R) सत्य है।
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:
A (संबोधन): 1. ऐ विप्लव के बादल! 2. ऐ विप्लव के वीर! 3. ऐ जीवन के पारावार! 4. मेरे पागल बादल!
B (स्थान): (i) पद 3, अंतिम पंक्ति (ii) पद 3, “तुझे बुलाता कृषक अधीर” के ठीक बाद (iii) पद 1 (iv) शेष पाँच खंडों में
(क) 1-iv, 2-iii, 3-ii, 4-i(ख) 1-ii, 2-i, 3-iv, 4-iii(ग) 1-i, 2-ii, 3-iii, 4-iv(घ) 1-iii, 2-ii, 3-i, 4-iv - 1 अंकसूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:
A (रचना): 1. अनामिका 2. राम की शक्ति पूजा 3. कुकुरमुत्ता 4. निराला रचनावली
B (विशेषता): (i) देशी टटकी शैली का उदाहरण (ii) “बादल राग” का मूल स्रोत-संग्रह (iii) आठ खंडों में प्रकाशित समग्र संकलन (iv) तत्सम शैली का उदाहरण
(क) 1-iv, 2-iii, 3-ii, 4-i(ख) 1-iii, 2-i, 3-iv, 4-ii(ग) 1-i, 2-ii, 3-iii, 4-iv(घ) 1-ii, 2-iv, 3-i, 4-iii - 1 अंकसूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:
A (पद): 1. पद 1 2. पद 2 3. पद 3
B (केंद्रीय भाव): (i) अकाल-पीड़ित कृषक की पुकार (ii) समीर-सागर का विराट बिंब और वीरों-पौधों का चित्र (iii) अट्टालिका (आतंक-भवन) बनाम छोटे कमल/शिशु
(क) 1-iii, 2-i, 3-ii(ख) 1-ii, 2-iii, 3-i(ग) 1-ii, 2-i, 3-iii(घ) 1-i, 2-ii, 3-iii
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंककथन I: निराला ने “बादल राग” में परंपरागत छंद-बंधन को तोड़कर मुक्त छंद अपनाया।
कथन II: इस कविता में सभी पंक्तियाँ समान लंबाई और तुकांत वाली हैं।
इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) दोनों कथन सही हैं(ख) दोनों कथन ग़लत हैं(ग) केवल कथन II सही है(घ) केवल कथन I सही है - 1 अंककथन I: कविता में “समीर-सागर” बिंब से कविता का आरंभ होता है।
कथन II: यह बिंब इतना विराट है कि इसमें निराला का पूरा काव्य-व्यक्तित्व झलकता है।
इनमें से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(क) दोनों कथन सही हैं(ख) दोनों कथन ग़लत हैं(ग) केवल कथन I सही है(घ) केवल कथन II सही है
5 सही क्रम में लगाइए
सही क्रम में लगाइए
- 1 अंकपद 1 में निम्नलिखित घटनाओं/भावों को कविता में आने के क्रम में व्यवस्थित कीजिए:
(i) छोटे पौधों का हर्षित होना
(ii) समीर-सागर पर दुख की छाया का तिरना
(iii) अशनि-पात से उन्नत वीरों का क्षत-विक्षत होना
(iv) अंकुरों का सिर उठाकर ताकना
(क) (i), (ii), (iii), (iv)(ख) (iv), (i), (ii), (iii)(ग) (ii), (iv), (iii), (i)(घ) (iii), (ii), (i), (iv)
6 रिक्त स्थान
रिक्त स्थान
- 1 अंककवि बादल को “तेरी ______” कहकर संबोधित करता है, जो आकांक्षाओं से भरी है।
(क) किश्ती(ख) नाव(ग) रण-तरी(घ) पालकी
7 असंगत चुनिए
असंगत चुनिए
- 1 अंकइनमें से कौन-सा कविता में बादल के लिए दिया गया संबोधन नहीं है?
(क) ऐ ज्ञान के सागर!(ख) ऐ जीवन के पारावार!(ग) ऐ विप्लव के वीर!(घ) ऐ विप्लव के बादल! - 1 अंकइनमें से कौन बाक़ी तीन से अलग है, यानी ‘असंगत’ है?
(क) गीतिका(ख) परिमल(ग) चतुरी चमार(घ) अनामिका
8 पद्यांश आधारित प्रश्न
पद्यांश आधारित प्रश्न
पद्यांश
“तिरती है समीर-सागर पर
अस्थिर सुख पर दुख की छाया—
जग के दग्ध हृदय पर
निर्दय विप्लव की प्लावित माया—
यह तेरी रण-तरी
भरी आकांक्षाओं से,”
अस्थिर सुख पर दुख की छाया—
जग के दग्ध हृदय पर
निर्दय विप्लव की प्लावित माया—
यह तेरी रण-तरी
भरी आकांक्षाओं से,”
- 1 अंकपद्यांश के अनुसार ‘अस्थिर सुख पर’ पड़ने वाली छाया कैसी बताई गई है?
(क) स्थिर सुख की छाया(ख) आशा की छाया(ग) अस्थिर सुख पर दुख की छाया(घ) केवल सुख की छाया
पद्यांश
“अट्टालिका नहीं है रे
आतंक-भवन
सदा पंक पर ही होता
जल-विप्लव-प्लावन,
क्षुद्र प्रफुल्ल जलज से
सदा छलकता नीर,”
आतंक-भवन
सदा पंक पर ही होता
जल-विप्लव-प्लावन,
क्षुद्र प्रफुल्ल जलज से
सदा छलकता नीर,”
- 1 अंकपद्यांश के अनुसार कवि अट्टालिका को वास्तव में क्या कहता है?
(क) सुख-भवन(ख) आतंक-भवन(ग) शांति-भवन(घ) क्रांति-भवन
9 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
(i) निराला का जन्म महिषादल में हुआ था।
(ii) “बादल राग” मूलतः “परिमल” संग्रह से लिया गया है।
(iii) निराला ने मुक्त छंद अपनाया।
(iv) निराला का निधन इलाहाबाद में हुआ।
इनमें से कौन-से कथन सही हैं?
(क) (i), (ii), (iii) और (iv)(ख) केवल (ii) और (iv)(ग) केवल (i), (iii) और (iv)(घ) सभी चारों
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (क) “बादल राग” मूलतः निराला के संग्रह “अनामिका” से ली गई है; अनामिका में यह छह खंडों में प्रकाशित है और पाठ में उसका छठा खंड है।
- (घ) निराला छायावाद के प्रमुख कवि माने जाते हैं, जो कबीर की परंपरा से भी जुड़ते हैं।
- (ग) निराला ने परंपरागत छंद-बंधन तोड़कर मुक्त छंद अपनाया।
- (ख) यह पंक्ति पद 2 में है, जहाँ अट्टालिका को वास्तव में ‘आतंक-भवन’ कहा गया है।
- (ग) पद 2 में कहा गया है, “रोग-शोक में भी हँसता है शैशव का सुकुमार शरीर।”
अभिकथन-कारण
- (ख) A सत्य है: कवि कहता है “यह तेरी रण-तरी / भरी आकांक्षाओं से”। R भी सत्य है (शब्द-छवि: रण-तरी = युद्ध की नौका), पर वह केवल शब्दार्थ है, A का कारण नहीं बताता। अतः (ख)।
- (घ) A असत्य है: छोटे पौधे भयभीत नहीं, बल्कि हर्षित होते हैं (“हँसते हैं छोटे पौधे लघुभार”)। R सत्य है: पंक्ति में यही कहा गया है कि वे हिल-खिलकर हाथ हिलाते हुए बादल को बुलाते हैं। इसलिए A असत्य, R सत्य है।
- (क) A सत्य है: कृषक “जीर्ण बाहु”, “शीर्ण शरीर” वाला बताया गया है। R भी सत्य है और वह A की सही व्याख्या करता है: सार चूस लिए जाने से ही वह हाड़-मात्र रह गया है (पाठ की भूमिका इसे अकाल की चिंता से जोड़ती है)।
सुमेलन कीजिए
- (घ) “ऐ विप्लव के बादल!” पद 1 में, “ऐ विप्लव के वीर!” पद 3 में “तुझे बुलाता कृषक अधीर” के ठीक बाद, “ऐ जीवन के पारावार!” पद 3 की अंतिम पंक्ति में, और “मेरे पागल बादल!” शेष पाँच खंडों में मिलता है: अतः सही सुमेल 1-iii, 2-ii, 3-i, 4-iv है।
- (घ) अनामिका “बादल राग” का मूल स्रोत-संग्रह है (ii); राम की शक्ति पूजा तत्सम शैली का उदाहरण है (iv); कुकुरमुत्ता देशी टटकी शैली का उदाहरण है (i); निराला रचनावली आठ खंडों में प्रकाशित समग्र संकलन है (iii)। अतः सही सुमेल 1-ii, 2-iv, 3-i, 4-iii है।
- (ख) पद 1 में समीर-सागर का विराट बिंब और वीरों-पौधों का चित्र है (ii); पद 2 में अट्टालिका (आतंक-भवन) बनाम छोटे है (iii); पद 3 में अकाल-पीड़ित कृषक की पुकार है (i)। अतः सही सुमेल 1-ii, 2-iii, 3-i है।
कथन आधारित प्रश्न
- (घ) कथन I सही है: निराला ने मुक्त छंद अपनाया। कथन II ग़लत है, क्योंकि पंक्तियों की लंबाई असमान है (जैसे “फिर-फिर”, “हिल-हिल” और “अशनि-पात से शापित उन्नत शत-शत वीर”); तुक कहीं-कहीं है, सब पंक्तियों में नहीं। अतः केवल कथन I सही है।
- (क) दोनों कथन सही हैं: कविता “तिरती है समीर-सागर पर” से शुरू होती है, और यह विराट व व्यंजक बिंब निराला के पूरे काव्य-व्यक्तित्व को समेटे हुए है।
सही क्रम में लगाइए
- (ग) पद 1 में क्रम है: पहले (ii) समीर-सागर का बिंब आता है, फिर (iv) अंकुर सिर उठाकर ताकते हैं, फिर (iii) अशनि-पात से वीर क्षत-विक्षत दिखते हैं, अंत में (i) छोटे पौधे हँसते हैं। अतः सही क्रम (ii), (iv), (iii), (i) है।
रिक्त स्थान
- (ग) पंक्ति है: “यह तेरी रण-तरी, भरी आकांक्षाओं से।”
असंगत चुनिए
- (क) “ऐ विप्लव के वीर!”, “ऐ जीवन के पारावार!” और “ऐ विप्लव के बादल!” कविता में दिए गए वास्तविक संबोधन हैं, जबकि “ऐ ज्ञान के सागर!” कविता में कहीं नहीं है, इसलिए यह असंगत है।
- (ग) अनामिका, परिमल और गीतिका निराला के काव्य-संग्रह (कविता) हैं, जबकि चतुरी चमार उनकी गद्य रचना है, इसलिए यही असंगत है।
पद्यांश आधारित प्रश्न
- (ग) पद्यांश के अनुसार, “अस्थिर सुख पर दुख की छाया”: यानी जो सुख अस्थिर है, उस पर दुख की छाया पड़ती है।
- (ख) पद्यांश के अनुसार, “अट्टालिका नहीं है रे आतंक-भवन”: यानी अट्टालिका को वास्तव में ‘आतंक-भवन’ कहा गया है।
सत्य-असत्य
- (ग) (i) सही है। (ii) ग़लत है, “बादल राग” “अनामिका” संग्रह से लिया गया है, “परिमल” से नहीं। (iii) सही है। (iv) सही है। इसलिए सही कथन (i), (iii) और (iv) हैं।
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