इस अध्याय के 21 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, परीक्षा की प्रचलित शैलियों में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंकजूझ पाठ के लेखक कौन हैं?
(क) आनंद यादव(ख) यशपाल(ग) मनोहर श्याम जोशी(घ) ओम थानवी - 1 अंकपाठ्यपुस्तक की भूमिका के अनुसार ‘जूझ’ पाठ किस प्रकार की रचना का अंश है?
(क) मराठी के प्रख्यात कथाकार डॉ. आनंद यादव का आत्मकथात्मक उपन्यास(ख) आनंद यादव का कविता-संग्रह(ग) एक हिंदी नाटक(घ) ओम थानवी का यात्रा-वृत्तांत - 1 अंकइस पाठ की बोली में दादा शब्द का क्या अर्थ है?
(क) चाचा(ख) मामा(ग) दादाजी(घ) पिता - 1 अंकदादा कोल्हू सबसे पहले क्यों शुरू करवाता था?
(क) पड़ोसियों को दिखाने के लिए(ख) माँ के कहने पर(ग) ताकि ईख जल्दी ख़त्म हो(घ) ताकि बाज़ार में गुड़ का अच्छा भाव मिल सके - 1 अंकमाँ और नायक सिफ़ारिश के लिए किसके पास गए?
(क) दत्ता जी राव देसाई(ख) रणनवरे मास्टर(ग) वसंत पाटील के पिता(घ) मंत्री मास्टर - 1 अंकदादा ने पाठशाला भेजने की शर्त में क्या रखा?
(क) खेत का काम पूरी तरह छोड़ना(ख) दिन निकलते ही खेत पर हाज़िरी और छुट्टी बाद ढोर चराना(ग) कोई शर्त नहीं रखी(घ) केवल पढ़ाई करना
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकअभिकथन (A): पहले दिन नायक को अपना हाल खिलौने के लिए बनाए गए कौआ के बच्चे जैसा लगता है, जिस पर कौए चारों ओर से चोंच मारते हैं।
कारण (R): कक्षा के लड़के नायक की खिल्ली उड़ाते रहे; चव्हाण के लड़के ने उसका गमछा खींचा और बीच की छुट्टी में धोती की काछ भी खींचने की कोशिश की।
(क) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं करता(ग) A सही है, पर R असत्य है(घ) A असत्य है, पर R सही है - 1 अंकअभिकथन (A): मंत्री मास्टर की कक्षा में लड़के घर से पढ़ाई करके आने लगे।
कारण (R): मंत्री मास्टर गरदन पकड़कर पीठ पर घूँसा मारते थे, जिससे लड़कों के मन में उनकी दहशत बैठ गई थी।
(क) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं करता(ग) A सही है, पर R असत्य है(घ) A असत्य है, पर R सही है - 1 अंकअभिकथन (A): कविता के प्रति लगाव जगने के बाद नायक को अकेलापन बुरा नहीं, बल्कि अच्छा लगने लगा।
कारण (R): अकेले रहने पर वह ऊँची आवाज़ में कविता गा सकता था और मनचाहा अभिनय कर सकता था।
(क) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं करता(ग) A सही है, पर R असत्य है(घ) A असत्य है, पर R सही है
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए।
A: 1. दत्ता जी राव देसाई 2. रणनवरे मास्टर 3. मंत्री मास्टर 4. सौंदलगेकर मास्टर
B: (i) गणित पढ़ाना और अनुशासन (ii) मराठी और कविता के प्रति अनुराग जगाना (iii) गाँव के प्रतिष्ठित व्यक्ति, सिफ़ारिश करने वाले (iv) पहले दिन गमछे को लेकर डाँटने वाले
(क) 1-ii, 2-iv, 3-i, 4-iii(ख) 1-iii, 2-i, 3-iv, 4-ii(ग) 1-iii, 2-iv, 3-i, 4-ii(घ) 1-iv, 2-iii, 3-ii, 4-i - 1 अंकसूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए।
A: 1. केशव करणी जाति 2. अनंत काणेकर 3. वामन पंडित 4. बा.भ. बोरकर
B: (i) पहले दिन रणनवरे मास्टर द्वारा पढ़ाई गई कविता के कवि (ii) जिनकी कविता नायक ने नई चाल में गाई (iii) वह छंद जिसमें वह सिनेमा-गीत था जिसकी चाल पर नायक ने कविता गाई (iv) सौंदलगेकर मास्टर के परिचित मराठी कवि
(क) 1-i, 2-ii, 3-iii, 4-iv(ख) 1-iii, 2-ii, 3-i, 4-iv(ग) 1-ii, 2-iv, 3-i, 4-iii(घ) 1-iv, 2-i, 3-ii, 4-iii
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंककथन I: नायक दादा के सामने खड़े होकर ‘मैं पढ़ने जाऊँगा’ कहने की हिम्मत नहीं कर पाता था।
कथन II: नायक को डर था कि ऐसा कहने पर दादा हड्डी-पसली एक कर देगा।
(क) कथन I असत्य है, कथन II सही है(ख) कथन I और कथन II दोनों असत्य हैं(ग) कथन I सही है, कथन II असत्य है(घ) कथन I और कथन II दोनों सही हैं - 1 अंककथन I: देसाई ने दादा से जिरह करते हुए उसे रतनाप्पा कहकर संबोधित किया।
कथन II: देसाई ने दादा को नायक की पढ़ाई छुड़ाने की अनुमति दे दी।
(क) कथन I असत्य है, कथन II सही है(ख) कथन I सही है, कथन II असत्य है(ग) कथन I और कथन II दोनों सही हैं(घ) कथन I और कथन II दोनों असत्य हैं
5 सही क्रम में लगाइए
सही क्रम में लगाइए
- 1 अंकजूझ पाठ की इन घटनाओं को सही कालक्रम में लगाइए।
1. देसाई का दादा को बुलाकर डाँटना
2. माँ से पढ़ाई की बात छेड़ना
3. सौंदलगेकर मास्टर से कविता का प्रभाव
4. पहले दिन गमछे की घटना
(क) 2-1-4-3(ख) 4-2-1-3(ग) 1-2-3-4(घ) 2-4-1-3 - 1 अंकदादा-देसाई प्रसंग को सही क्रम में लगाइए।
1. माँ और नायक का रात को देसाई के यहाँ जाकर सब बताना
2. दादा का देसाई के यहाँ पहुँचना
3. माँ का दादा से कहना कि साग-भाजी देने गई थी तो देसाई ने उसे बुलाया है
4. देसाई की दादा पर जिरह और डाँट
(क) 1-2-3-4(ख) 1-3-4-2(ग) 3-1-2-4(घ) 1-3-2-4
6 रिक्त स्थान
रिक्त स्थान
- 1 अंकदत्ता जी राव ने दादा के बारे में कहा, ‘इसके पास ज़रा ज़्यादा बच्चे हो गए हैं इसलिए तुम्हारे साथ ______ की तरह बर्ताव करता है।’
(क) मालिक(ख) कुत्तों(ग) नौकरों(घ) दुश्मनों - 1 अंकअनंत काणेकर की कविता की पहली पंक्ति है, चाँद रात पसरिते ______ गाया धरणीवरी।
(क) काळी(ख) लाल(ग) हिरवी(घ) पाँढरी
7 असंगत चुनिए
असंगत चुनिए
- 1 अंकनिम्न में से कौन नायक का अध्यापक नहीं है?
(क) सौंदलगेकर मास्टर(ख) रणनवरे मास्टर(ग) वसंत पाटील(घ) मंत्री मास्टर
8 गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
फिर तू क्या करता है? सरकार ने दादा से जिरह करना शुरू किया तो सारा इतिहास बाहर निकल आया। सरकार ने दादा पर खूब गुस्सा किया। उन्होंने दादा की खूब हजामत बनाई। देसाई के मळा (खेत) को छोड़ देने के बाद दादा का ध्यान किसी काम की तरफ़ नहीं रहा। मन लगाकर वह खेत में श्रम नहीं करता है, फ़सल में लागत नहीं लगाता है, लुगाई और बच्चों को काम में जोतकर किस तरह खुद गाँव भर में खुले साँड़ की तरह घूमता है और अब अपनी मस्ती के लिए किस तरह छोरा के जीवन की बलि चढ़ा रहा है, यह सब उन्होंने सुनाया।
- 1 अंकगद्यांश के अनुसार, देसाई ने दादा पर किस बात का आरोप नहीं लगाया?
(क) शराब पीना(ख) खेत में मन लगाकर श्रम न करना(ग) गाँव में साँड़ की तरह घूमना(घ) फ़सल में लागत न लगाना
गद्यांश
न.वा. सौंदलगेकर मास्टर मराठी पढ़ाने आते थे। पढ़ाते समय वे स्वयं रम जाते थे। विशेषतः वे कविता बहुत ही अच्छे ढंग से पढ़ाते थे। सुरीला गला, छंद की बढ़िया चाल और उसके साथ ही रसिकता थी उनके पास। पुरानी-नयी मराठी कविताओं के साथ-साथ उन्हें अनेक अंग्रेज़ी कविताएँ कंठस्थ थीं। पहले वे एकाध कविता गाकर सुनाते थे, फिर बैठे-बैठे अभिनय के साथ कविता का भाव ग्रहण कराते। बीच में कवि यशवंत, बा.भ. बोरकर, भा.रा. ताँबे, गिरीश, केशव कुमार आदि के साथ अपनी मुलाक़ात के संस्मरण सुनाते।
- 1 अंकगद्यांश के अनुसार सौंदलगेकर मास्टर किस विषय में विशेष रूप से निपुण थे?
(क) इतिहास पढ़ाने में(ख) गणित पढ़ाने में(ग) कविता पढ़ाने में(घ) विज्ञान पढ़ाने में
9 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकनिम्न कथनों पर विचार कीजिए।
(i) नायक की माँ का नाम पाठ में दिया गया है।
(ii) देसाई नायक के दादा (पिता) को ‘रतनाप्पा’ कहकर पुकारते हैं।
(क) केवल (i) सत्य है(ख) दोनों सत्य हैं(ग) केवल (ii) सत्य है(घ) दोनों असत्य हैं
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (क) जूझ पाठ के लेखक आनंद यादव हैं, जो मराठी के प्रख्यात कथाकार थे।
- (क) वितान भाग 2 की भूमिका के अनुसार यह पाठ मराठी के प्रख्यात कथाकार डॉ. आनंद यादव के बहुचर्चित एवं बहुप्रशंसित आत्मकथात्मक उपन्यास का एक अंश है; ‘जूझ’ इस अंश का शीर्षक है और इसका हिंदी अनुवाद केशव प्रथम वीर ने किया है।
- (घ) इस पाठ की ग्रामीण महाराष्ट्री बोली में दादा का अर्थ पिता है, सामान्य हिंदी के दादाजी से अलग।
- (घ) दादा की समझ थी कि कोल्हू जल्दी शुरू करने से ईख की अच्छी-खासी कीमत मिल जाती है, क्योंकि बाद में बाज़ार में गुड़ की बहुतायत हो जाती।
- (क) माँ और नायक रात को गाँव के प्रतिष्ठित व्यक्ति दत्ता जी राव देसाई के यहाँ गए।
- (ख) दादा ने शर्त रखी कि सुबह खेत पर हाज़िरी दे, 11 बजे तक पानी लगाए और छुट्टी होते ही खेत आकर ढोर चराए।
अभिकथन-कारण
- (क) A सही है: पाठ में यह उपमा बीच की छुट्टी के प्रसंग के बाद आती है। R भी सही है और A की सही व्याख्या करता है, क्योंकि यही छेड़छाड़ (गमछा और धोती खींचना, खिल्ली उड़ाना) नायक को चारों ओर से चोंच मारने जैसी लगी: “मेरी ही पाठशाला मुझे चोंच मार-मारकर घायल कर रही थी।”
- (क) A सही है, पाठ कहता है कि सभी लड़के घर से पढ़ाई करके आने लगे। R भी सही है: वे प्रायः छड़ी का उपयोग नहीं करते थे, गरदन पकड़कर पीठ पर घूसा लगाते थे और “लड़कों के मन में उनकी दहशत बैठी हुई थी”। यही दहशत A का कारण है, इसलिए R, A की सही व्याख्या करता है।
- (क) A सही है, कविता के प्रति लगाव के बाद नायक को लगने लगा, “जितना अकेला रहूँ, उतना अच्छा।” R भी सही है और पाठ इसे इसी का कारण बताता है: “इस कारण कविता ऊँची आवाज़ में गाई जा सकेगी। किसी भी तरह का अभिनय किया जा सकेगा।” इसलिए R, A की सही व्याख्या करता है।
सुमेलन कीजिए
- (ग) देसाई सिफ़ारिश करने वाले प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं, रणनवरे मास्टर ने गमछे पर डाँटा, मंत्री मास्टर गणित और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं, सौंदलगेकर मास्टर ने कविता के प्रति अनुराग जगाया।
- (ख) केशव करणी जाति वह छंद है जिसमें वह सिनेमा-गीत था (iii), अनंत काणेकर की कविता नायक ने नई चाल में गाई (ii), वामन पंडित की कविता रणनवरे मास्टर ने पहले दिन पढ़ाई थी (i), बा.भ. बोरकर सौंदलगेकर मास्टर के परिचित कवियों में गिनाए गए हैं (iv)।
कथन आधारित प्रश्न
- (घ) दोनों कथन सही हैं, नायक दादा के सामने खड़े होकर पढ़ने की बात कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था, क्योंकि उसे डर था कि दादा हड्डी-पसली एक कर देगा।
- (ख) कथन I सही है, देसाई ने दादा को रतनाप्पा कहकर पुकारा। कथन II असत्य है, देसाई ने इसके उलट दादा के हर तर्क को काट दिया और नायक से कहा कि सवेरे से पाठशाला जाता रहे, पूरी फ़ीस भरे और मन लगाकर पढ़े।
सही क्रम में लगाइए
- (क) पहले माँ से बात छेड़ी गई, फिर देसाई ने दादा को डाँटा, इसके बाद पहले दिन गमछे की घटना हुई, और सबसे बाद में सौंदलगेकर मास्टर का कविता पर प्रभाव पड़ा।
- (घ) पहले माँ और नायक रात को देसाई के यहाँ जाकर सब बता आए, फिर दादा के घर आने पर माँ ने साग-भाजी वाला बहाना बनाकर कहा कि देसाई ने उसे बुलाया है, दादा देसाई के यहाँ पहुँचा, और अंत में देसाई ने जिरह करके उसे डाँटा।
रिक्त स्थान
- (ख) दादा के तर्क काटने के बाद देसाई नायक से कहते हैं, ‘इसके पास ज़रा ज़्यादा बच्चे हो गए हैं इसलिए तुम्हारे साथ कुत्तों की तरह बर्ताव करता है।’
- (घ) पाठ में उद्धृत पंक्ति है, चाँद रात पसरिते पाँढरी गाया धरणीवरी।
असंगत चुनिए
- (ग) वसंत पाटील नायक का सहपाठी और मॉनीटर है, अध्यापक नहीं। बाक़ी तीनों नायक के अध्यापक हैं।
गद्यांश आधारित प्रश्न
- (क) गद्यांश में देसाई श्रम न करने, लागत न लगाने और साँड़ की तरह घूमने का आरोप लगाते हैं; शराब पीने का कोई आरोप न इस गद्यांश में है, न पूरे पाठ में कहीं और आता है।
- (ग) गद्यांश बताता है, विशेषतः वे कविता बहुत ही अच्छे ढंग से पढ़ाते थे, सुरीला गला और रसिकता उनके पास थी।
सत्य-असत्य
- (ग) केवल (ii) सत्य है, देसाई दादा को “क्यों रतनाप्पा?” कहकर पुकारते हैं। माँ का नाम पाठ में कहीं नहीं दिया गया है।
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री