इस अध्याय के 20 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, परीक्षा की प्रचलित शैलियों में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंकअतीत में दबे पाँव पाठ के लेखक कौन हैं?
(क) मनोहर श्याम जोशी(ख) आनंद यादव(ग) इरफ़ान हबीब(घ) ओम थानवी - 1 अंकमुअनजो-दड़ो का शाब्दिक अर्थ क्या है?
(क) मुर्दों का टीला(ख) राजाओं की नगरी(ग) जल का शहर(घ) सूर्य का टीला - 1 अंकभारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण के किन महानिदेशक के निर्देश पर व्यापक खुदाई अभियान शुरू हुआ?
(क) काशीनाथ दीक्षित(ख) राखालदास बनर्जी(ग) हेरल्ड हरग्रीव्ज़(घ) जॉन मार्शल - 1 अंकमहाकुंड की गहराई कितनी बताई गई है?
(क) तैंतीस फ़ुट(ख) पच्चीस फ़ुट(ग) सात फ़ुट(घ) चालीस फ़ुट - 1 अंकनर्तकी की प्रसिद्ध कांस्य मूर्ति किस हलके में मिली?
(क) एचआर हलका(ख) वीएस हलका(ग) डीके हलका(घ) कोठार क्षेत्र - 1 अंकसांस्कृतिक धरातल पर सिंधु घाटी सभ्यता को दूसरी सभ्यताओं से अलग करने वाली “दूसरी बात” के रूप में लेखक किसका उल्लेख करते हैं?
(क) प्रभुत्व या दिखावे के तेवर का नदारद होना(ख) विशाल सेना की मौजूदगी(ग) भव्य महलों की मौजूदगी(घ) बड़े मंदिरों की मौजूदगी
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकअभिकथन (A): महाकुंड को सिंधु घाटी सभ्यता के अद्वितीय वास्तुकौशल को स्थापित करने के लिए अकेला ही काफ़ी माना जाता है।
कारण (R): गढ़ की बाकी इमारतों की तरह महाकुंड भी इतना उजड़ चुका है कि उसके उपयोग का अंदाज़ा भर लगाया जा सकता है।
(क) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं करता(ग) A सही है, पर R असत्य है(घ) A असत्य है, पर R सही है - 1 अंकअभिकथन (A): विद्वान मानते हैं कि सिंधु सभ्यता में कोई सैन्य सत्ता शायद न रही हो।
कारण (R): पूरी सभ्यता में हथियार उस तरह कहीं नहीं मिले जैसे किसी राजतंत्र में होते हैं।
(क) A और R दोनों सही हैं, तथा R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं करता(ग) A सही है, पर R असत्य है(घ) A असत्य है, पर R सही है
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए।
A: 1. डीके हलका 2. एचआर हलका 3. वीएस हलका 4. गढ़
B: (i) माधोस्वरूप वत्स, रंगाई कारखाना (ii) सत्ता-केंद्र, महाकुंड-कोठार (iii) काशीनाथ दीक्षित, मुख्य सड़क (iv) हेरल्ड हरग्रीव्ज़, नर्तकी की मूर्ति
(क) 1-iv, 2-iii, 3-ii, 4-i(ख) 1-ii, 2-iii, 3-iv, 4-i(ग) 1-iii, 2-iv, 3-i, 4-ii(घ) 1-iii, 2-i, 3-iv, 4-ii - 1 अंकसूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए।
A: 1. महाकुंड 2. कोठार 3. रंगाई कारखाना 4. राष्ट्रीय संग्रहालय
B: (i) नर्तकी की मूर्ति आज जिस संग्रहालय में रखी है (ii) अनाज जमा करने का अनुमान (iii) गोल गड्ढे, बड़े बर्तन रखने के लिए (iv) 40×25 फ़ुट, गहराई 7 फ़ुट
(क) 1-ii, 2-iv, 3-i, 4-iii(ख) 1-iv, 2-iii, 3-ii, 4-i(ग) 1-i, 2-iv, 3-ii, 4-iii(घ) 1-iv, 2-ii, 3-iii, 4-i
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंककथन I: मुअनजो-दड़ो शहर करीब दो सौ हैक्टर क्षेत्र में फैला था।
कथन II: इसकी आबादी करीब पचासी हज़ार आँकी गई है।
(क) कथन I सही है, कथन II असत्य है(ख) कथन I और कथन II दोनों सही हैं(ग) कथन I और कथन II दोनों असत्य हैं(घ) कथन I असत्य है, कथन II सही है - 1 अंककथन I: महाकुंड में केवल एक ही तरफ़ से सीढ़ियाँ उतरती हैं।
कथन II: महाकुंड के उत्तर में आठ स्नानघर हैं, जिनमें किसी का द्वार दूसरे के सामने नहीं खुलता।
(क) कथन I और कथन II दोनों सही हैं(ख) कथन I असत्य है, कथन II सही है(ग) कथन I और कथन II दोनों असत्य हैं(घ) कथन I सही है, कथन II असत्य है
5 सही क्रम में लगाइए
सही क्रम में लगाइए
- 1 अंकनिम्न घटनाओं को सही कालक्रम में लगाइए।
1. जॉन मार्शल के निर्देशन में व्यापक खुदाई अभियान
2. राखालदास बनर्जी का स्तूप की खोजबीन करना
3. भारत का मिस्र-मेसोपोटामिया की सभ्यताओं के समकक्ष खड़ा होना
4. ईसा-पूर्व काल के निशान मिलना
(क) 2-4-1-3(ख) 2-1-4-3(ग) 4-2-1-3(घ) 1-2-3-4 - 1 अंकलेखक के अपने वर्णन के अनुसार भ्रमण के इन पड़ावों को सही क्रम में लगाइए।
1. महाकुंड का विवरण
2. बौद्ध स्तूप के टीले पर पहुँचना
3. गढ़ की चारदीवारी लाँघकर बस्तियों की ओर बढ़ना
4. कोठार का विवरण
(क) 1-2-4-3(ख) 2-4-1-3(ग) 3-2-1-4(घ) 2-1-4-3
6 रिक्त स्थान
रिक्त स्थान
- 1 अंकमहाकुंड को धरोहर-प्रबंधकों ने जिस रास्ते से जोड़ा है, उसका नाम ______ रखा है।
(क) फ़र्स्ट स्ट्रीट(ख) शांति मार्ग(ग) दैव मार्ग (डिविनिटि स्ट्रीट)(घ) राजपथ - 1 अंकमुअनजो-दड़ो के “नरेश” के सिर पर जो ______ है, शायद उससे छोटे सिरपेंच की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
(क) माला(ख) पगड़ी(ग) मुकुट(घ) टोपी
7 असंगत चुनिए
असंगत चुनिए
- 1 अंकनिम्न में से कौन-सा नाम पाठ में बताए गए उत्खनन हलकों में नहीं है?
(क) एचआर(ख) एमके(ग) डीके(घ) वीएस
8 गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
इस कुंड में खास बात पक्की ईंटों का जमाव है। कुंड का पानी रिस न सके और बाहर का अशुद्ध पानी कुंड में न आए, इसके लिए कुंड के तल में और दीवारों पर ईंटों के बीच चूने और चिरोड़ी के गारे का इस्तेमाल हुआ है। कुंड के पानी के बंदोबस्त के लिए एक तरफ़ कुआँ है। दोहरे घेरे वाला यह अकेला कुआँ है। इसे भी कुंड के पवित्र या अनुष्ठानिक होने का प्रमाण माना गया है।
- 1 अंकगद्यांश के अनुसार, कुंड का पानी बाहर न रिसे, इसके लिए किस चीज़ का इस्तेमाल हुआ?
(क) बालू का(ख) चूने और चिरोड़ी के गारे का(ग) लोहे की चादर का(घ) सीमेंट का
गद्यांश
अजायबघर में प्रदर्शित चीज़ों में औज़ार तो हैं, पर हथियार कोई नहीं है। मुअनजो-दड़ो क्या, हड़प्पा से लेकर हरियाणा तक समूची सिंधु सभ्यता में हथियार उस तरह कहीं नहीं मिले हैं जैसे किसी राजतंत्र में होते हैं। इस बात को लेकर विद्वान सिंधु सभ्यता में शासन या सामाजिक प्रबंध के तौर-तरीके को समझने की कोशिश कर रहे हैं। वहाँ अनुशासन ज़रूर था, पर ताकत के बल पर नहीं।
- 1 अंकगद्यांश के अनुसार अजायबघर में प्रदर्शित सामान में क्या नहीं मिलता?
(क) हथियार(ख) मृद्-भांड(ग) औज़ार(घ) मुहरें
9 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकनिम्न कथनों पर विचार कीजिए।
(i) कोठार महाकुंड के दूसरी तरफ़ है।
(ii) हड़प्पा में भी मुअनजो-दड़ो जैसा एक कोठार मिला है।
(क) केवल (i) सत्य है(ख) दोनों सत्य हैं(ग) केवल (ii) सत्य है(घ) दोनों असत्य हैं
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (घ) अतीत में दबे पाँव पाठ के लेखक ओम थानवी हैं, जो हिंदी के जाने-माने पत्रकार और यात्रा-वृत्तांत लेखक हैं।
- (क) फुटनोट में स्पष्ट है कि मुअनजो-दड़ो का अर्थ है मुर्दों का टीला।
- (घ) भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण के महानिदेशक जॉन मार्शल के निर्देश पर व्यापक खुदाई अभियान शुरू हुआ।
- (ग) महाकुंड करीब चालीस फ़ुट लंबा, पच्चीस फ़ुट चौड़ा और गहराई में सात फ़ुट है।
- (क) नर्तकी की मूर्ति एचआर हलके (हेरल्ड हरग्रीव्ज़ के नाम पर) के एक छोटे घर की खुदाई में मिली।
- (क) पाठ में लिखा है: “दूसरी बात, जो सांस्कृतिक धरातल पर सिंधु घाटी सभ्यता को दूसरी सभ्यताओं से अलग ला खड़ा करती है, वह है प्रभुत्व या दिखावे के तेवर का नदारद होना।” यहाँ न भव्य राजप्रसाद मिले हैं, न मंदिर।
अभिकथन-कारण
- (ग) A सही है, यह पाठ का अपना कथन है। R असत्य है: पाठ के अनुसार “यहाँ यही एक निर्माण है जो अपने मूल स्वरूप के बहुत नज़दीक बचा रह सका है”; उपयोग का अंदाज़ा भर बाकी इमारतों के बारे में लगाया जा सकता है, महाकुंड के बारे में नहीं।
- (ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं करता। R (हथियार उस तरह कहीं नहीं मिले) वह साक्ष्य है जिसके आधार पर विद्वान अनुमान लगाते हैं; वह A का कारण नहीं है। पाठ भी यही सावधानी रखता है: “वे मानते हैं कोई सैन्य सत्ता शायद यहाँ न रही हो।”
सुमेलन कीजिए
- (ग) डीके हलका काशीनाथ दीक्षित और मुख्य सड़क से जुड़ा है, एचआर हलका हेरल्ड हरग्रीव्ज़ और नर्तकी की मूर्ति से, वीएस हलका माधोस्वरूप वत्स और रंगाई कारखाने से, और गढ़ सत्ता-केंद्र व महाकुंड-कोठार से जुड़ा है।
- (घ) महाकुंड का आकार 40×25 फ़ुट व गहराई 7 फ़ुट है; कोठार में कर के रूप में हासिल अनाज शायद जमा किया जाता था; रंगाई कारखाने में ईंटों के गोल गड्ढे हैं, जिनमें रंगाई के बड़े बर्तन रखे जाने का अनुमान है; और नर्तकी की मूर्ति आज दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में है।
कथन आधारित प्रश्न
- (ख) दोनों कथन सही हैं। पाठ में शहर का क्षेत्रफल दो सौ हैक्टर और आबादी करीब पचासी हज़ार बताई गई है।
- (ख) कथन I असत्य है, महाकुंड में उत्तर और दक्षिण दोनों तरफ़ से सीढ़ियाँ उतरती हैं। कथन II सही है, आठ स्नानघर हैं और किसी का द्वार दूसरे के सामने नहीं खुलता।
सही क्रम में लगाइए
- (क) पहले राखालदास बनर्जी ने खोजबीन शुरू की, फिर ईसा-पूर्व के निशान मिले, फिर जॉन मार्शल के निर्देशन में व्यापक खुदाई हुई, और अंत में भारत प्राचीन सभ्यताओं के समकक्ष खड़ा हुआ।
- (घ) लेखक पहले स्तूप के टीले पर पहुँचते हैं, फिर महाकुंड का विवरण देते हैं, फिर कोठार का, और अंत में गढ़ की चारदीवारी लाँघकर बस्तियों की ओर बढ़ते हैं।
रिक्त स्थान
- (ग) महाकुंड तक जाने वाली गली को धरोहर-प्रबंधकों ने दैव मार्ग (डिविनिटि स्ट्रीट) नाम दिया है।
- (ग) पाठ की पंक्ति है: ‘मुअनजो-दड़ो के नरेश के सिर पर जो मुकुट है, शायद उससे छोटे सिरपेंच की कल्पना भी नहीं की जा सकती।’
असंगत चुनिए
- (ख) पाठ में डीके, एचआर और वीएस हलकों का उल्लेख है; ‘एमके’ नाम का कोई हलका पाठ में नहीं है।
गद्यांश आधारित प्रश्न
- (ख) गद्यांश के अनुसार कुंड की ईंटों के बीच चूने और चिरोड़ी के गारे का इस्तेमाल हुआ, ताकि पानी न रिसे।
- (क) गद्यांश स्पष्ट कहता है कि प्रदर्शित चीज़ों में औज़ार तो हैं, पर हथियार कोई नहीं है।
सत्य-असत्य
- (ख) दोनों सत्य हैं। पाठ के अनुसार ‘कुंड के दूसरी तरफ़ विशाल कोठार है’, और ठीक इसी तरह का कोठार हड़प्पा में भी मिला है।
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री