Class 12 Psychology Chapter 3 जीवन की चुनौतियों का सामना Short Notes

1त्वरित पुनरावृत्ति: जीवन की चुनौतियों का सामना

सभी परिभाषाएँ एक जगह
दबावकिसी उद्दीपक घटना के प्रति वे अनुक्रियाएँ जो समस्थिति (संतुलन) बिगाड़ देती हैं और सामना करने की क्षमता से आगे निकल जाती हैं
दबावकारकवह घटना जो शरीर से दबाव अनुक्रिया करवाती है; उसके प्रति प्रतिक्रिया को तनाव कहते हैं
यूस्ट्रेसदबाव का वह स्तर जो अच्छा है और सर्वोत्तम प्रदर्शन में मदद करता है; व्यथा में बदल सकता है
प्राथमिक मूल्यांकनकिसी घटना को सकारात्मक, तटस्थ या नकारात्मक मानकर देखना: नुकसान, खतरा या चुनौती
द्वितीयक मूल्यांकनसामना करने के लिए अपने मानसिक, शारीरिक, वैयक्तिक और सामाजिक साधनों का आकलन
कुंठाजब कोई व्यक्ति या परिस्थिति हमारी आवश्यकताओं तथा अभिप्रेरकों को अवरुद्ध करके इष्ट लक्ष्य की प्राप्ति में बाधा डाले
द्वंद्वदो या दो से अधिक असंगत आवश्यकताओं तथा अभिप्रेरकों (या मूल्यों) के बीच टकराव
GASसेल्ये की तीन-चरणीय शारीरिक प्रतिक्रिया: सचेत प्रतिक्रिया, प्रतिरोध, परिश्रांति
बर्नआउटलंबे समय तक चले दबाव से पैदा हुई शारीरिक, संवेगात्मक और मनोवैज्ञानिक थकावट की स्थिति
मनस्तंत्रिका प्रतिरक्षा विज्ञानमन, मस्तिष्क और प्रतिरक्षक तंत्र के बीच संबंधों का अध्ययन
सामना करनासमस्या हल करने और दबाव घटाने के मक़सद से गत्यात्मक, स्थिति-विशिष्ट अनुक्रियाओं का सेट
दृढ़ताकोबासा (Kobasa) का दबाव-प्रतिरोधी व्यक्तित्व गुण: प्रतिबद्धता, नियंत्रण और चुनौती
स्थिति स्थापनचुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सकारात्मक समायोजन बनाए रखते हुए “उबर आने” की क्षमता
स्वास्थ्यपूर्ण शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक कुशल-क्षेम की अवस्था, न कि केवल रोग अथवा अशक्तता का अभाव
सकारात्मक स्वास्थ्यस्वस्थ शरीर, उच्च गुणवत्ता वाले व्यक्तिगत संबंध, जीवन में उद्देश्य का बोध, आत्ममान व जीवन के कृत्यों में प्रवीणता, और दबाव, अभिघात व परिवर्तन के प्रति स्थिति स्थापन

दबाव के चार आयाम: तीव्रता (कम बनाम अधिक तीव्र), अवधि (अल्पकालिक बनाम दीर्घकालिक), जटिलता (कम बनाम अधिक जटिल), भविष्यकथनीयता (अप्रत्याशित बनाम पूर्वानुमेय)। प्रायः अधिक तीव्र, दीर्घकालिक, जटिल और अप्रत्याशित दबाव अधिक नकारात्मक परिणाम देते हैं।

दबाव के प्रकार और स्रोत

दबाव के तीन प्रकार
भौतिक व पर्यावरणीअत्यधिक परिश्रम, ख़राब आहार, चोट; शोर, प्रदूषण, आपदाएँ
मनोवैज्ञानिककुंठा, द्वंद्व, आंतरिक/सामाजिक दबाव
सामाजिकपरिवार में मृत्यु/बीमारी, तनावपूर्ण रिश्ते
1

जीवन घटनाएँ

थोड़े समय में इकट्ठा हुए बड़े, योजनाबद्ध या अचानक बदलाव

2

परेशान करने वाली घटनाएँ

रोज़ की झुँझलाहटें (आना-जाना, शोर, ट्रैफ़िक)

3

अभिघातज घटनाएँ

अग्निकांड, रेलगाड़ी या सड़क दुर्घटना, लूट, भूकंप, सुनामी

बॉक्स 3.1 संभावित दबावपूर्ण जीवन घटना मापनी: होम्स-राहे मापनी के आधार पर सिंह, कौर तथा कौर का भारतीय रूप; 51 जीवन-परिवर्तन, हर एक का माध्य दबाव अंक (जैसे जीवनसाथी की मृत्यु 95, परिवार में निकट संबंधी की मृत्यु 66, परीक्षा में बैठना 43)।

दबाव के प्रभाव

1

संवेगात्मक

मिज़ाज के उतार-चढ़ाव, दुश्चिंता, अवसाद

2

शरीरक्रियात्मक

एड्रीनलीन, कॉर्टिसोल, हृदय गति, रक्तचाप बढ़ना

3

संज्ञानात्मक

ध्यान लगाने में कमी, ग़लत फ़ैसले

4

व्यवहारात्मक

कम पौष्टिक भोजन, कैफ़ीन, सिगरेट, मद्य, उपशामकों का अत्यधिक सेवन

बॉक्स 3.2 परीक्षा दुश्चिंता: परीक्षा दुश्चिंता को ‘मूल्यांकन आशंका’ या ‘मूल्यांकन दबाव’ कहा जाता है; परीक्षा के दबाव से परीक्षण दुश्चिंता उत्पन्न हो सकती है, और ऐसे विद्यार्थी मूल्यांकन वाली स्थिति को व्यक्तिगत खतरा मानते हैं। समय पर तैयारी, पुनरावृत्ति की योजना और परीक्षा के दिन शांत रहना इसे संभालते हैं।

जीवन शैली: दबावग्रस्त लोग कम पौष्टिक भोजन करते हैं, कम सोते हैं, और धूम्रपान या मद्य की ओर झुकते हैं; ये आदतें तुरंत राहत देती हैं, पर हम इनके दीर्घकालिक नुकसान की अनदेखी करते हैं।

50-70%शारीरिक बीमारियों में दबाव जुड़ा
60%लगभग इतने चिकित्सा-भ्रमण प्रमुखतः दबाव-संबंधी लक्षणों के कारण
3GAS की अवस्थाएँ: सचेत प्रतिक्रिया, प्रतिरोध, परिश्रांति

प्रतिरक्षक तंत्र (मनस्तंत्रिका प्रतिरक्षा विज्ञान)

कोशिका का प्रकार काम
टी-कोशिकाएँ आक्रमणकारियों को नष्ट करती हैं
टी-सहायक कोशिकाएँ प्रतिरक्षात्मक क्रियाओं में वृद्धि करती हैं; HIV (एड्स का कारक) इन पर हमला करता है
बी-कोशिकाएँ रोगप्रतिकारकों का निर्माण करती हैं
प्राकृतिक रूप से नष्ट करने वाली कोशिकाएँ वायरस और ट्यूमर से लड़ती हैं

सामना करना

समस्या-केंद्रित

  • समस्या पर ही सीधा वार करता है
  • जैसे: “मैंने कार्य करने के लिए एक योजना का निर्माण किया तथा उसका क्रियान्वयन किया”

संवेग-केंद्रित

  • संवेगात्मक उथल-पुथल सीमित करता है
  • जैसे: “मैंने कुछ कार्य इसलिए किए कि मेरे भीतर से वह निकल जाए”

एंडलर और पार्कर (Endler and Parker) की तीन युक्तियाँ: कृत्य-अभिविन्यस्त, संवेग-अभिविन्यस्त, परिहार-अभिविन्यस्त।

दबाव प्रबंधन तकनीकें: विश्रांति, ध्यान, बायोफीडबैक, सर्जनात्मक मानस-प्रत्यक्षीकरण, संज्ञानात्मक-व्यवहारात्मक तकनीकें (मीचेनबॉम की दबाव संचारण प्रशिक्षण), व्यायाम।

सकारात्मक स्वास्थ्य और कुशल-क्षेम

1

दृढ़ता: तीन Cs

प्रतिबद्धता, नियंत्रण, चुनौती (कोबासा)

2

स्थिति स्थापन

मेरे पास हैं (सामाजिक तथा अंतर्वैयक्तिक बल), मैं हूँ (भीतरी शक्तियाँ), मैं समर्थ हूँ (अंतर्वैयक्तिक तथा समस्या-समाधान कौशल)। एक से ज़्यादा साधन चाहिए

जीवन कौशल: आग्रहिता, समय प्रबंधन, सविवेक चिंतन, संबंधों में सुधार, स्वयं की देखभाल, असहायक आदतों (पूर्णतावाद, परिहार, विलंबन) पर विजय।

सकारात्मक स्वास्थ्य के पाँच कारक: आहार, व्यायाम, सकारात्मक अभिवृत्ति, सकारात्मक चिंतन (आशावाद), सामाजिक अवलंब (मूर्त, सूचनात्मक, सांवेगिक; प्रत्यक्षित अवलंब यानी गुणवत्ता कुशल-क्षेम से संबंधित है, जबकि सामाजिक जालक्रम यानी मात्रा उससे असंबंधित है)।

क्रियाकलाप: 3.1 अपने दबाव-लक्षण पहचानना; 3.2 दो सहपाठियों के साथ पिछले वर्ष की दबावपूर्ण घटनाओं को क्रम देना; 3.3 पाँच कथनों को 5-अंकीय मापनी पर अंक देना; 3.4 सामना करने के व्यवहारों को समस्या-केंद्रित या नहीं में बाँटना; 3.5 आघात से उबरे किसी बच्चे से बात करना।

परीक्षा स्थिति नोट

थ्योरी का भार 9 अंक है (सात यूनिट में से यूनिट III)। एक अलग 30 अंकों का प्रायोगिक (practical) घटक (केस प्रोफाइल फ़ाइल, पाँच परीक्षण, वाइवा वॉइस) यहाँ कवर नहीं किया गया है।

अंतिम पुनरावृत्ति
  • दबाव = व्यक्ति और वातावरण के बीच चलता रहने वाला लेन-देन, सिर्फ़ उद्दीपक या अनुक्रिया नहीं।
  • मूल्यांकन (प्राथमिक: नुकसान/खतरा/चुनौती; द्वितीयक: अपने साधन) बड़ी भूमिका निभाता है कि घटना दबावपूर्ण बनेगी या नहीं; घटना की तीव्रता, अवधि, जटिलता और भविष्यकथनीयता भी परिणाम तय करती हैं।
  • GAS: सचेत प्रतिक्रिया → प्रतिरोध → परिश्रांति।
  • सामना करना समस्या-केंद्रित या संवेग-केंद्रित हो सकता है (लेज़ारस और फ़ोकमैन); एंडलर और पार्कर ने अलग से तीन युक्तियाँ बताईं: कृत्य-, संवेग- और परिहार-अभिविन्यस्त।
  • दृढ़ता (तीन Cs) और स्थिति स्थापन (मेरे पास हैं, मैं हूँ, मैं समर्थ हूँ) दबाव के प्रति प्रतिरोध बनाते हैं।
  • सकारात्मक स्वास्थ्य आहार, व्यायाम, अभिवृत्ति, चिंतन और सामाजिक अवलंब पर टिका है; धूम्रपान, मद्य, मादक द्रव्यों जैसे पलायन-मार्गों से बचें।