इस अध्याय के 20 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, हर परीक्षा-शैली में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंकइस अध्याय के अनुसार, अपसामान्य मनोविज्ञान मनोविज्ञान का वह क्षेत्र है जो केंद्रित है:
(क) केवल व्यक्तित्व परीक्षण पर(ख) केवल मानसिक बीमारी के जैविक कारणों पर(ग) दुरनुकूलक व्यवहार, उसके कारणों, परिणामों और उपचार पर(घ) असाधारण बुद्धिमत्ता और प्रतिभा पर - 1 अंकदुरनुकूलक-व्यवहार मत के अनुसार, सामान्यता जाँचने की सर्वोत्तम कसौटी यह है कि व्यवहार:
(क) समाज द्वारा स्वीकृत है या नहीं(ख) वैध है या नहीं(ग) सामान्य है या नहीं(घ) व्यक्ति और समूह के कल्याण को बढ़ावा देता है या नहीं - 1 अंकडीएसएम-5 (Diagnostic and Statistical Manual of Mental Disorders, 5वाँ संस्करण) किसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है:
(क) अमरीकी मनोरोग संघ(ख) विश्व स्वास्थ्य संगठन(ग) भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद(घ) संयुक्त राष्ट्र - 1 अंकफ्रॉयड के मनोगतिक मॉडल में, नैतिक मानकों का प्रतिनिधित्व करने वाली शक्ति है:
(क) लिबिडो(ख) पराहम्(ग) अहम्(घ) इदम् - 1 अंककिसी एक नगण्य घटना के आधार पर व्यापक, नकारात्मक निष्कर्ष निकालना संज्ञानात्मक मॉडल में कहलाता है:
(क) विच्छेदन(ख) अतिसतर्कता(ग) इच्छाशक्ति न्यूनता(घ) अतिसामान्यीकरण - 1 अंकवह पारिवारिक संरचना जिसमें सदस्य एक-दूसरे की क्रियाओं, विचारों और भावनाओं में अत्यधिक शामिल रहते हैं, जिससे बच्चों के लिए स्वतंत्र होना कठिन हो जाता है, कहलाती है:
(क) एकल परिवार(ख) एकल-अभिभावक परिवार(ग) जालबद्ध परिवार(घ) संयुक्त परिवार
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकअभिकथन (A): दुश्चिंता विकार मनोवैज्ञानिक विकारों का सबसे सामान्य वर्ग हैं।
कारण (R): दुश्चिंता भय और आशंका की एक अस्पष्ट, अप्रिय अनुभूति है जो सामान्यीकृत दुश्चिंता विकार, आतंक विकार और दुर्भीति जैसे कई अलग-अलग विकारों में दिखाई देती है।
(क) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है।(ख) A और R दोनों सत्य हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है।(ग) A सत्य है, परंतु R असत्य है।(घ) A असत्य है, परंतु R सत्य है। - 1 अंकअभिकथन (A): रोगोन्मुखता-दबाव मॉडल के तीन घटक हैं: रोगोन्मुखता, दोषपूर्णता और विकारी प्रतिबलक।
कारण (R): विश्व स्वास्थ्य संगठन मानसिक विकारों का आईसीडी-10 वर्गीकरण प्रकाशित करता है।
(क) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या है।(ख) A और R दोनों सत्य हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है।(ग) A सत्य है, परंतु R असत्य है।(घ) A असत्य है, परंतु R सत्य है।
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकस्तंभ A के जैविक कारक को स्तंभ B के उस विकार से मिलाइए जिससे वह जुड़ा है।
स्तंभ A: A. GABA (कम सक्रियता) B. डोपामाइन (अधिक सक्रियता) C. सीरोटोनिन (कम सक्रियता) D. आनुवंशिक कारक
स्तंभ B: i. अवसाद ii. दुश्चिंता विकार iii. मनोविदलता iv. द्विध्रुवीय एवं संबंधित विकार
(क) A-iii, B-i, C-ii, D-iv(ख) A-i, B-ii, C-iii, D-iv(ग) A-ii, B-iv, C-i, D-iii(घ) A-ii, B-iii, C-i, D-iv - 1 अंकस्तंभ A की भ्रमासक्ति के प्रकार को स्तंभ B के उसके अर्थ से मिलाइए।
स्तंभ A: A. उत्पीड़न भ्रमासक्ति B. संदर्भ भ्रमासक्ति C. अत्यहंमन्यता भ्रमासक्ति D. नियंत्रण भ्रमासक्ति
स्तंभ B: i. यह मानना कि स्वयं के विचार/क्रियाएँ दूसरों द्वारा नियंत्रित हैं ii. यह मानना कि व्यक्ति विशेष रूप से शक्तिसंपन्न है iii. यह मानना कि व्यक्ति के विरुद्ध षड्यंत्र रचा जा रहा है या जासूसी हो रही है iv. दूसरों के कार्यों या वस्तुओं और घटनाओं को विशेष व्यक्तिगत अर्थ देना
(क) A-iii, B-i, C-iv, D-ii(ख) A-ii, B-iv, C-iii, D-i(ग) A-iii, B-iv, C-ii, D-i(घ) A-iv, B-iii, C-i, D-ii
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंककथन I: कायिक अभिलक्षण विकार में शरीर से संबंधित लगातार लक्षण होते हैं जो किसी गंभीर चिकित्सा स्थिति से संबंधित हो भी सकते हैं और नहीं भी।
कथन II: बीमारी दुश्चिंता विकार में, व्यक्ति की मुख्य चिंता शारीरिक शिकायत होती है, न कि स्वास्थ्य को लेकर दुश्चिंता।
(क) कथन I सत्य है, कथन II असत्य है।(ख) दोनों कथन असत्य हैं।(ग) दोनों कथन सत्य हैं।(घ) कथन I असत्य है, कथन II सत्य है। - 1 अंककथन I: कैटाटोनिक जड़िमा में व्यक्ति लंबे समय तक गतिहीन और चुप रहता है।
कथन II: कैटाटोनिक दृढ़ता में व्यक्ति घंटों तक एक कठोर, सीधी मुद्रा बनाए रखता है।
(क) कथन I सत्य है, कथन II असत्य है।(ख) दोनों कथन सत्य हैं।(ग) कथन I असत्य है, कथन II सत्य है।(घ) दोनों कथन असत्य हैं।
5 सही क्रम में लगाइए
सही क्रम में लगाइए
- 1 अंकइन्हें उस ऐतिहासिक क्रम में व्यवस्थित कीजिए जिस क्रम में यह अध्याय इन्हें प्रस्तुत करता है: (1) तर्क और प्रबोधन का युग (2) प्राचीन यूनानी आंगिक उपागम (3) पुनर्जागरण मानवतावाद (4) मध्य युग की भूत विद्या
(क) 2, 4, 3, 1(ख) 4, 2, 1, 3(ग) 2, 3, 4, 1(घ) 1, 2, 3, 4 - 1 अंकमनोविदलता के लक्षणों की तीन श्रेणियों को उस क्रम में व्यवस्थित कीजिए जिस क्रम में अध्याय उन्हें प्रस्तुत करता है: (1) नकारात्मक लक्षण (2) मनःचालित लक्षण (3) सकारात्मक लक्षण
(क) 1, 3, 2(ख) 1, 2, 3(ग) 2, 1, 3(घ) 3, 1, 2
6 रिक्त स्थान
रिक्त स्थान
- 1 अंकअपर्याप्त आधारों पर दृढ़ता से बना रहने वाला झूठा विश्वास, जो तर्कसंगत तर्क से प्रभावित नहीं होता, ______ कहलाता है।
(क) बाध्यता(ख) मनोग्रस्ति(ग) भ्रमासक्ति(घ) विभ्रांति - 1 अंककिसी कार्यवाही को शुरू या पूरा न कर पाने की असमर्थता, जो मनोविदलता के एक नकारात्मक लक्षण के रूप में दिखती है, ______ कहलाती है।
(क) नियंत्रण भ्रमासक्ति(ख) कुंठित भाव(ग) इच्छाशक्ति न्यूनता(घ) अलोगिया
7 असंगत चुनिए
असंगत चुनिए
- 1 अंकइनमें से कौन-सा इस अध्याय में दुर्भीति का नामित प्रकार नहीं है?
(क) सामाजिक दुश्चिंता विकार(ख) विवृतिभीति(ग) विशिष्ट दुर्भीति(घ) वियोगज दुश्चिंता विकार
8 गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
कुछ व्यवहार जैसे रेत खाना अपसामान्य है, लेकिन एक विमान दुर्घटना के बाद यदि कोई समुद्रतट पर असहाय है तो यह व्यवहार अपसामान्य नहीं है। अध्याय के अपने उदाहरण: स्वयं से बातें करना असामान्य है, जब तक कि आप प्रार्थना न कर रहे हों; और सड़क के बीच खड़े होकर हाथों को ज़ोर-ज़ोर से हिलाना असामान्य है, जब तक कि आप वाहनों को निर्देशित करने वाले यातायात सिपाही न हों।
- 1 अंकगद्यांश के आधार पर, ‘स्वयं से बातें करना’ और ‘सड़क पर हाथ हिलाना’ का अध्याय का अपना उदाहरण क्या दर्शाता है?
(क) केवल प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिक ही अपसामान्य व्यवहार पहचान सकते हैं(ख) किसी व्यवहार को अपसामान्य माना जाना या न माना जाना प्रायः उस परिस्थिति पर निर्भर करता है जिसमें वह घटित होता है(ग) अपसामान्य व्यवहार सदैव दूसरों के लिए खतरनाक होता है(घ) सभी असामान्य व्यवहार किसी मनोवैज्ञानिक विकार का संकेत है
गद्यांश
अध्याय की गतिविधि 4.5 पाँच विश्वासों को सूचीबद्ध करती है ताकि विद्यार्थी सही प्रकार की भ्रमासक्ति पहचान सके: (1) एक व्यक्ति का यह मानना कि वह भारत का अगला राष्ट्रपति बनेगा; (2) एक व्यक्ति का यह मानना कि खुफिया एजेंसियाँ/पुलिस उसे किसी जासूसी कांड में फँसाने की साज़िश रच रही हैं; (3) एक व्यक्ति का यह मानना कि वह ईश्वर का अवतार है जो चीज़ें घटित करा सकता है; (4) एक व्यक्ति का यह मानना कि सुनामी उसकी छुट्टियों का आनंद रोकने के लिए आई; (5) एक व्यक्ति का यह मानना कि उसकी क्रियाओं को उसके मस्तिष्क में लगी एक चिप के ज़रिए किसी उपग्रह द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है।
- 1 अंकगद्यांश के मद (2) में बताया गया विश्वास, कि खुफिया एजेंसियाँ/पुलिस स्वयं के विरुद्ध षड्यंत्र रच रही हैं, किस भ्रमासक्ति का उदाहरण है:
(क) उत्पीड़न(ख) नियंत्रण(ग) संदर्भ(घ) अत्यहंमन्यता
9 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकविच्छेदी विकारों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
(A) विच्छेदी स्मृतिलोप में बिना किसी ज्ञात आंगिक कारण के चयनात्मक स्मृति-हानि होती है।
(B) विच्छेदी पहचान विकार को बहु-व्यक्तित्व भी कहा जाता है।
(C) व्यक्तित्व-लोप/स्वअनुभूति-लोप विकार में वास्तविकता और स्व की समझ में परिवर्तन होता है।
इनमें से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
(क) तीनों कथन (A), (B) और (C) सत्य हैं(ख) केवल (A) सत्य है(ग) केवल (A) और (B) सत्य हैं(घ) केवल (B) और (C) सत्य हैं
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (ग) अध्याय की अपनी प्रारंभिक परिभाषा दुरनुकूलक व्यवहार, उसके कारणों, परिणामों और उपचार का नाम लेती है।
- (घ) यह मत मानता है कि सर्वोत्तम कसौटी सामाजिक स्वीकृति नहीं, बल्कि यह है कि व्यवहार कल्याण और वृद्धि को बढ़ावा देता है या नहीं।
- (क) डीएसएम-5 मनोवैज्ञानिक विकारों को वर्गीकृत करने के लिए APA का आधिकारिक मैनुअल है।
- (ख) फ्रॉयड के अनुसार पराहम् नैतिक मानकों का, इदम् सहज आवश्यकताओं/प्रेरणाओं/आवेगों का, और अहम् तर्कसंगत चिंतन का प्रतिनिधित्व करता है।
- (घ) संज्ञानात्मक मॉडल के अनुसार लोग किसी एक नगण्य घटना के आधार पर ही व्यापक नकारात्मक निष्कर्ष निकाल सकते हैं; इस प्रवृत्ति को सामान्यतः अतिसामान्यीकरण कहा जाता है (अध्याय इस प्रवृत्ति को एक विशेष शब्द के बजाय पूरे वाक्य में वर्णित करता है)।
- (ग) अध्याय ऐसे परिवार को जालबद्ध संरचना वाला बताता है, जिसमें सदस्य एक दूसरे की गतिविधियों, विचारों और भावनाओं में कुछ ज़्यादा ही अंतर्निहित होते हैं; दुरनुकूलक परिवार संरचना को वह अलग से एक जोखिम कारक के रूप में गिनाता है।
अभिकथन-कारण
- (ख) दोनों कथन सत्य हैं: अध्याय दुश्चिंता विकारों को मनोवैज्ञानिक विकारों का सबसे सामान्य वर्ग बताता है, और दुश्चिंता को भय और आशंका की एक अस्पष्ट, अप्रिय भावना बताता है जो कई दुश्चिंता विकारों में दिखती है। परंतु अध्याय यह कारण नहीं देता कि दुश्चिंता विकार सबसे सामान्य क्यों हैं, इसलिए R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- (ख) दोनों कथन अपने-आप में सही हैं, परंतु R एक वर्गीकरण प्रणाली के बारे में तथ्य है और इसका इससे कोई संबंध नहीं कि रोगोन्मुखता-दबाव मॉडल के स्वयं तीन घटक क्यों हैं।
सुमेलन कीजिए
- (घ) GABA (कम) दुश्चिंता विकारों से, डोपामाइन (अधिक) मनोविदलता से, सीरोटोनिन (कम) अवसाद से, और आनुवंशिक कारक द्विध्रुवीय एवं संबंधित विकारों से जुड़ते हैं।
- (ग) उत्पीड़न = षड्यंत्र/जासूसी; संदर्भ = विशेष व्यक्तिगत अर्थ; अत्यहंमन्यता = विशेष रूप से शक्तिसंपन्न; नियंत्रण = क्रियाएँ दूसरों द्वारा नियंत्रित।
कथन आधारित प्रश्न
- (क) कथन I सत्य है। कथन II असत्य है: बीमारी दुश्चिंता विकार में स्वयं स्वास्थ्य को लेकर दुश्चिंता ही मुख्य चिंता है, जबकि कायिक अभिलक्षण विकार में शारीरिक शिकायतें ही मुख्य अभिव्यक्ति हैं।
- (ख) दोनों कथन अध्याय में वर्णित कैटाटोनिया के दो रूपों का सही वर्णन करते हैं।
सही क्रम में लगाइए
- (क) अध्याय का क्रम है: प्राचीन यूनानी उपागम, मध्य युग की भूत विद्या, पुनर्जागरण मानवतावाद, फिर तर्क और प्रबोधन का युग।
- (घ) अध्याय पहले सकारात्मक लक्षण, फिर नकारात्मक लक्षण, फिर मनःचालित लक्षण सूचीबद्ध करता है।
रिक्त स्थान
- (ग) यह भ्रमासक्ति की अध्याय की अपनी परिभाषा है।
- (ग) इच्छाशक्ति न्यूनता अध्याय का इस उदासीनता/कार्य पूरा न कर पाने की अवस्था के लिए शब्द है।
असंगत चुनिए
- (घ) विशिष्ट दुर्भीति, सामाजिक दुश्चिंता विकार और विवृतिभीति अध्याय के दुर्भीति के तीन प्रकार हैं; वियोगज दुश्चिंता विकार एक अलग दुश्चिंता विकार है, दुर्भीति का प्रकार नहीं।
गद्यांश आधारित प्रश्न
- (ख) गद्यांश दिखाता है कि वही व्यवहार परिस्थिति के अनुसार सामान्य या अपसामान्य हो सकता है।
- (क) यह विश्वास कि व्यक्ति के विरुद्ध षड्यंत्र रचा जा रहा है या जासूसी हो रही है, उत्पीड़न भ्रमासक्ति है।
सत्य-असत्य
- (क) तीनों कथन तीन नामित विच्छेदी विकारों का सही वर्णन करते हैं।
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री