Class 12 Sociology Chapter 7 परियोजना कार्य के लिए सुझाव Important Questions with Answers

इस अध्याय के परीक्षा-उपयोगी प्रश्न, अंक-वार, हर प्रश्न के पूरे उत्तर के साथ। पहले स्वयं उत्तर लिखने की कोशिश कीजिए, फिर मिलाइए।

1 1 अंक के प्रश्न

प्रश्न 1 (1 अंक)

प्र. अध्याय यह क्यों कहता है कि शोध पद्धति का चयन शोध प्रश्‍न का सावधानीपूर्वक निर्धारण करने के बाद करना चाहिए?

उत्तर: क्योंकि यह आवश्यक नहीं है कि एक अनुसंधान पद्धति सभी प्रश्‍नों के लिए उपयुक्‍त हो, और अधिकांश प्रश्‍नों के लिए पद्धति का चुनाव आमतौर पर सीमित होता है। विशेष प्रश्‍न तय करता है कि किस तरह के सबूत चाहिए, इसलिए पहले प्रश्‍न तय किया जाता है और उसके बाद उपयुक्‍त पद्धति चुनी जाती है।

प्रश्न 2 (1 अंक)

प्र. वे दो बातें बताएँ जो मिलकर तय करती हैं कि शोधकर्ता को कौन-सी पद्धति चुननी चाहिए।

उत्तर: तकनीकी कसौटियाँ (यानी यह पद्धति प्रश्‍न के लिए कितनी उपयुक्‍त है) और व्यावहारिकता (यानी उपलब्ध समय, संसाधन और शोध की परिस्थितियाँ)।

2 2 अंक के प्रश्न

प्रश्न 1 (2 अंक)

प्र. ‘घरेलू उपकरण’ विषय को एक विशेष, शोध योग्य प्रश्‍न में बदलें और एक उपयुक्‍त पद्धति बताएँ।

उत्तर: विशेष प्रश्‍न: ‘क्या कपड़े धोने की मशीन आने से मेरे मोहल्ले के घरों में कपड़े धोने का काम कौन करता है, यह बदल गया है?’ पद्धति: मोहल्ले के घरों का एक छोटा सर्वेक्षण, क्योंकि प्रश्‍न को आज के काम-बँटवारे की तुलना पहले से करनी है, और वह भी इतने घरों में कि उत्तर पूरे मोहल्ले का प्रतिनिधित्व करे।

प्रश्न 2 (2 अंक)

प्र. अध्याय के अनुसार सर्वेक्षण पद्धति की एक ताक़त और एक कमज़ोरी बताएँ।

उत्तर: ताक़त: यह एक साथ बहुत सारे लोगों तक पहुँच सकता है, इसलिए परिणाम पूरे समूह या जनसंख्या का सही प्रतिनिधित्व करते हैं। कमज़ोरी: इसके प्रश्‍न पहले से तय होते हैं, इसलिए अप्रत्याशित या दिलचस्प उत्तरों के अनुसार बदलाव नहीं किया जा सकता, और यह सिर्फ़ एक पल की तस्वीर देता है।

प्रश्न 3 (2 अंक)

प्र. शोधकर्ता सर्वेक्षण को ऐतिहासिक पद्धति के साथ क्यों मिला सकता है, अकेले किसी एक पद्धति के बजाय?

उत्तर: सर्वेक्षण आज की स्थिति बताता है, जबकि ऐतिहासिक पद्धति (पुराने समाचारपत्र, पत्रिकाएँ, टेलीविज़न कार्यक्रम) बताती है कि पहले चीज़ें कैसी थीं। दोनों को मिलाने से समय के साथ आया बदलाव ज़्यादा पूरी तरह दिखता है, इसलिए अध्याय के जनसंचार वाले उदाहरण में यह सम्मिश्रण सुझाया गया है।

प्रश्न 4 (2 अंक)

प्र. सार्वजनिक-स्थान वाले उदाहरण में, अध्याय यह क्यों कहता है कि किसी वर्ग की अनुपस्थिति भी महत्त्वपूर्ण हो सकती है?

उत्तर: क्योंकि अगर पूरा एक वर्ग या समूह (जैसे ग़रीब या मध्य वर्ग के लोग) उस जगह कभी न गया हो या उसे कभी देखा न हो, तो यह अनुपस्थिति भी उतनी ही महत्त्वपूर्ण होती है जितना वहाँ दिखने वाला व्यवहार। पुस्तक के अनुसार, कभी-कभी जो घटित नहीं हो रहा है वह वास्तव में जो घटित हो रहा है उतना ही महत्त्वपूर्ण या दिलचस्प होता है।

प्रश्न 5 (2 अंक)

प्र. अध्याय जान-बूझकर ऐसे विषय क्यों सुझाता है जो ‘सीधे पाठ्यपुस्तक से नहीं लिए गए’?

उत्तर: क्योंकि, जैसा अध्याय कहता है, ऐसे विषयों पर पाठ्य सामग्री से संबंधित अपने परियोजना-विचार सोचना छात्रों और उनके अध्यापकों, दोनों के लिए अधिक आसान होगा।

3 4 अंक के प्रश्न

प्रश्न 1 (4 अंक)

प्र. एक छात्र ‘विभिन्न आयु वर्गों की बदलती आकांक्षाएँ’ पर शोध करना चाहता है। बताएँ कि उसे विशेष प्रश्‍न चुनने से लेकर उपयुक्‍त पद्धति चुनने तक कैसे आगे बढ़ना चाहिए, और एक व्यावहारिक कठिनाई भी बताएँ जिसका उसे सामना करना पड़ सकता है।

उत्तर: चरण 1, व्यापक विषय को एक विशेष प्रश्‍न में सिकोड़ें, जैसे ‘क्या कक्षा 11 के छात्रों की करियर की महत्त्वाकांक्षाएँ अपने माता-पिता की उसी उम्र में रही महत्त्वाकांक्षाओं से अलग हैं?’ चरण 2, प्रश्‍न के अनुकूल पद्धति चुनें, यहाँ सर्वेक्षण (बहुत छात्रों तक जल्दी पहुँचने के लिए) और माता-पिता के कुछ साक्षात्कारों (गहराई और याददाश्त पर आधारित तुलना के लिए) का सम्मिश्रण, क्योंकि पुस्तक की तालिका के अनुसार इस विषय के लिए प्रेक्षण उपयुक्‍त नहीं है; सर्वेक्षण और साक्षात्कार के सुझाव दिए गए हैं, और ऐतिहासिक पद्धति अतीत से सामग्री (जैसे इस विषय पर विद्यालय में लिखे गए निबंध) की उपलब्धता पर निर्भर है। चरण 3, व्यावहारिक कठिनाइयों की योजना बनाएँ, जैसे माता-पिता तक पहुँचना मुश्‍किल होना, दशकों पुरानी यादें अविश्‍वसनीय होना, या छात्रों का करियर की चिंताओं पर खुलकर न बोलना।

प्रश्न 2 (4 अंक)

प्र. पुस्तक के अपने उदाहरण से समझाएँ कि एक ही शोध प्रश्‍न का उत्तर तीन अलग-अलग पद्धतियों से कैसे दिया जा सकता है।

उत्तर: ‘क्या केवल बालकों या बालिकाओं वाले विद्यालयों के बच्चे सह-शिक्षा विद्यालयों के बच्चों से ज़्यादा ख़ुश रहते हैं’ इस प्रश्‍न के लिए अध्याय तीन रास्ते दिखाता है: (1) साक्षात्कार, छात्रों से सीधे पूछना कि वे अपने विद्यालय के बारे में कैसा महसूस करते हैं और अलग-अलग विद्यालयों के उत्तरों की तुलना करना; (2) प्रेक्षण, दोनों तरह के विद्यालयों में समय बिताकर, पहले से तय की गई कसौटियों के आधार पर छात्रों के व्यवहार को देखना; (3) सर्वेक्षण, छात्रों की भावनाओं पर एक प्रश्‍नावली बनाना, दोनों तरह के विद्यालयों में बराबर बाँटना, फिर इकट्ठे किए गए उत्तरों का विश्‍लेषण करना। इससे यह साफ़ होता है कि एक ही प्रश्‍न के लिए वाक़ई एक से अधिक पद्धति काम कर सकती है, और अंतिम चुनाव तकनीकी संगति और व्यावहारिकता दोनों पर निर्भर करता है।

प्रश्न 3 (4 अंक)

प्र. अध्याय के अनुसार स्कूल में सर्वेक्षण करते समय आने वाली किन्हीं चार व्यावहारिक कठिनाइयों की सूची बनाएँ और बताएँ कि हर एक को कैसे संभाला जा सकता है।

उत्तर: (1) प्रश्‍नावली की पर्याप्‍त प्रतियाँ बनाने में लगने वाला समय, प्रयत्न और पैसा। (2) कक्षा में प्रश्‍नावली बाँटने के लिए अध्यापकों से अनुमति लेनी होना। (3) पहली बार में अनुमति न मिलना, या बाद में आने को कहा जाना। (4) छात्रों का प्रश्‍नावली भरकर न लौटाना या सब प्रश्‍नों के उत्तर न देना। अध्याय के अनुसार (केवल चौथी कठिनाई के लिए): आधे-अधूरे उत्तर देने वालों के पास जाकर प्रश्‍नावली पूरी भरवाना, या अपूर्ण प्रश्‍नावलियों को छोड़कर ठीक से भरी गई प्रश्‍नावलियों पर ही विचार करना, या केवल पूरे दिए गए उत्तरों के आधार पर निर्णय लेना। छात्र के लिए सुझाव (अध्याय में नहीं): छोटी प्रश्‍नावली बनाकर प्रतियों का ख़र्च घटाना; काफ़ी पहले अनुमति माँगना; और अनुमति न मिले तो कहे अनुसार बाद में जाना या किसी दूसरी कक्षा या अध्यापक से संपर्क करना।

4 6 अंक के प्रश्न

प्रश्न 1 (6 अंक)

प्र. इस अध्याय के छह सुझाए गए विषयों में से कोई एक विषय चुनें। उस पर एक विशेष शोध प्रश्‍न बनाएँ, अपनाई जाने वाली पद्धति (या पद्धतियाँ) चुनें और उसे तकनीकी संगति व व्यावहारिकता दोनों के आधार पर सही ठहराएँ, यह बताएँ कि आप डेटा कैसे इकट्ठा करेंगे, और दो व्यावहारिक कठिनाइयाँ बताएँ जिनका सामना हो सकता है, साथ ही उन्हें कैसे संभालेंगे।

उत्तर: चुना गया विषय: सार्वजनिक स्थान का उपयोग। विशेष प्रश्‍न: ‘पिछले पाँच वर्षों में मेरे मोहल्ले के पास के खुले मैदान का उपयोग कैसे बदला है?’ पद्धति और औचित्य: प्रेक्षण (यह देखने के लिए कि आज दिन के अलग-अलग समय पर मैदान का उपयोग कैसे होता है) और कुछ पुराने निवासियों के साक्षात्कार (यह जानने के लिए कि पहले इसका उपयोग कैसा था), और जहाँ उपलब्ध हों, पुराने स्थानीय समाचारपत्र या अन्य पुरानी सामग्री (पुस्तक की तालिका सार्वजनिक स्थानों के लिए यही ऐतिहासिक प्रश्‍न देती है: ‘गत वर्षों में किसी विशेष स्थान को किन विभिन्न प्रकारों से उपयोग किया जाता था?’); अकेला प्रेक्षण पहले की स्थिति नहीं दे सकता। यह तकनीकी रूप से उपयुक्‍त है (समय के साथ बदलाव जानने के लिए आज की और पहले की, दोनों तस्वीरें चाहिए) और व्यावहारिक रूप से भी (एक छोटे मोहल्ले के मैदान को बार-बार देखना संभव है और पुराने निवासियों तक पहुँचना आसान है)। डेटा संग्रह: दो हफ़्तों में दिन के अलग-अलग समय पर कई छोटी प्रेक्षण यात्राएँ करें, और दस वर्षों से ज़्यादा समय से वहाँ रह रहे चार-पाँच निवासियों का साक्षात्कार लें, उनके उत्तर हाथ से लिख लें। व्यावहारिक कठिनाइयाँ: (1) निवासियों को वर्षों पहले की बातें स्पष्ट रूप से याद न होना, इसे कई लोगों के उत्तरों को आपस में मिलाकर जाँचकर संभालें, न कि सिर्फ़ एक व्यक्‍ति पर भरोसा करके; (2) मैदान का उपयोग दिन या मौसम के हिसाब से बहुत बदलना, इसे एक ही दिन के बजाय अलग-अलग दिनों और समय पर प्रेक्षण यात्राएँ फैलाकर संभालें।

5 केस स्टडी

केस स्टडी
प्रिया अपनी समाजशास्त्र परियोजना घरेलू उपकरणों पर करना चाहती है। उसका पहला विचार सिर्फ़ ‘भारतीय घरों में रसोई के उपकरण’ है, पर उसके अध्यापक कहते हैं कि उसके पास उपलब्ध समय में यह शोध करने के लिए बहुत व्यापक है। प्रिया फिर इसे एक विशेष प्रश्‍न में सिकोड़ती है: ‘क्या कपड़े धोने की मशीन आने से मेरे मोहल्ले के घरों में कपड़े धोने का काम कौन करता है, यह बदल गया है?’ अब उसे यह तय करना है कि इस प्रश्‍न के लिए सबूत कैसे इकट्ठा करे।

(क) 1 अंक प्रिया के अध्यापक का उसका पहला विचार, ‘भारतीय घरों में रसोई के उपकरण’, अस्वीकार करना क्यों सही था?
उत्तर: क्योंकि यह एक व्यापक विषय है, कोई विशेष, उत्तर देने लायक़ शोध प्रश्‍न नहीं; अध्याय कहता है कि किसी भी पद्धति को चुनने से पहले विषय को एक विशेष प्रश्‍न में सिकोड़ना ज़रूरी है।

(ख) 2 अंक प्रिया के सिकोड़े गए प्रश्‍न के लिए एक पद्धति सुझाएँ, और अपने चुनाव का एक कारण दें।
उत्तर: मोहल्ले के कुछ घरों का एक छोटा सर्वेक्षण, क्योंकि इस प्रश्‍न के लिए आज कौन कपड़े धोता है इसकी तुलना पहले से करनी है, इसके लिए काफ़ी घरों से जवाब चाहिए ताकि उत्तर पूरे मोहल्ले का सही प्रतिनिधित्व करे, जो थोड़े से साक्षात्कारों से बेहतर सर्वेक्षण दे सकता है।

(ग) 3 अंक प्रिया को पता चलता है कि कई घरों को यह स्पष्ट रूप से याद नहीं कि कपड़े धोने की मशीन आने से पहले यह काम कैसे बँटा था। इस अध्याय में पद्धतियों के सम्मिश्रण वाले विचार का हवाला देते हुए बताएँ कि दूसरी पद्धति जोड़ने से प्रिया को अपने प्रश्‍न का बेहतर उत्तर पाने में कैसे मदद मिल सकती है।
उत्तर: प्रिया अपने सर्वेक्षण के साथ परिवार के बड़े सदस्यों के कुछ विस्तृत साक्षात्कार भी जोड़ सकती है, जिन्हें कपड़े धोने की मशीन आने से पहले घर की दिनचर्या याद हो। अध्याय का जनसंचार वाला उदाहरण समय के साथ बदलाव जानने के लिए सर्वेक्षण को ऐतिहासिक पद्धति के साथ मिलाता है। यही तर्क यहाँ लागू होता है: सर्वेक्षण कई घरों में आज की स्थिति बताता है, जबकि साक्षात्कार, जो अध्याय के अनुसार लचीले होते हैं और जिनमें विषयों पर विस्तार से चर्चा की जा सकती है, वह पुराना विवरण दे सकते हैं जो छोटी, तय प्रश्‍नों वाली प्रश्‍नावली नहीं पकड़ पाती।