इस अध्याय की एक-पृष्ठ रिवीज़न शीट, यह एक व्यावहारिक परियोजना-नियोजन मार्गदर्शिका है, थ्योरी अध्याय नहीं। विस्तृत उदाहरण और व्याख्या के लिए पूरे नोट्स पढ़ें।
इकाई 7, परियोजना कार्य के लिए सुझाव: 80 अंक के थ्योरी प्रश्नपत्र में “Non-evaluative” (गैर-मूल्यांकित)। परियोजना कार्य: 20 अंक, जिसमें परियोजना 15 (परिचय 2, उद्देश्य-कथन 2, शोध प्रश्न 2, पद्धति 3, आँकड़ों का विश्लेषण 4, निष्कर्ष 2) और मौखिकी 5। अन्य बोर्ड: अपने बोर्ड का पाठ्यक्रम देखें।
1एक ही मूल नियम
“शोध प्रश्न का सावधानीपूर्वक निर्धारण करने के बाद, शोधकर्ता का सबसे पहला काम उपयुक्त शोध प्रणाली का चयन करना होता है।”
NCERT, भारतीय समाज, अध्याय 7
2चार पद्धतियाँ, एक नज़र में
| पद्धति | परिभाषा | ताक़त | कमज़ोरी |
|---|---|---|---|
| सर्वेक्षण | बहुत लोगों से तय प्रश्न | बड़ी संख्या, प्रतिनिधित्व अच्छा | पहले से तय, एक पल की तस्वीर |
| साक्षात्कार | आमने-सामने, कम लोग, संरचित/असंरचित | लचीला, गहराई में जा सकते हैं | बड़ी संख्या तक नहीं पहुँचता |
| प्रेक्षण | व्यवस्थित रूप से देखना और दर्ज करना | कही गई बात और वास्तविक व्यवहार के बीच का अंतर पकड़ सकता है; जो घटित नहीं हो रहा, वह भी महत्त्वपूर्ण हो सकता है | व्यवहार में हमेशा सरल नहीं: प्रासंगिकता का पूर्वनिर्णय किए बिना नज़र रखनी होती है |
| ऐतिहासिक पद्धति | अतीत की सामग्री (समाचारपत्र, पत्रिकाएँ, टेलीविज़न कार्यक्रम, विज्ञापन) का उपयोग | बता सकती है कि पहले चीज़ें कैसी थीं | अतीत से सामग्री की उपलब्धता पर निर्भर |
(नोट्स का सार: पुस्तक लाभ और कमज़ोरी केवल सर्वेक्षण और साक्षात्कार के लिए बताती है; प्रेक्षण और ऐतिहासिक पद्धति वाले खाने अध्याय की बातों का सार हैं।)
3छह सुझाए गए विषय
3.1 एक नज़र में
सार्वजनिक परिवहन
संचार माध्यम
घरेलू उपकरण
सार्वजनिक स्थान का उपयोग
बदलती आकांक्षाएँ
वस्तु की जीवनी
4सभी परिभाषाएँ एक जगह
5रिपोर्ट का एक सुझाया गया ढाँचा (नोट्स का अपना)
(नोट्स का सुझाव; पुस्तक कोई ढाँचा नहीं देती, और यह कोई अंक-योजना नहीं है। पूरा रूप: नोट्स, भाग 7।)
- विषय, फिर सावधानी से तय किया गया शोध प्रश्न, फिर उपयुक्त पद्धति
- पद्धति का चुनाव = तकनीकी कसौटियाँ + व्यावहारिकता (समय, संसाधन, परिस्थितियाँ)
- सर्वेक्षण = बहुत लोग, एक पल की तस्वीर; साक्षात्कार = कम लोग, लचीला
- प्रेक्षण में अनुपस्थिति भी उतनी ही महत्त्वपूर्ण हो सकती है
- पद्धतियों के सम्मिश्रण की अक्सर सिफ़ारिश की जाती है (जैसे सर्वेक्षण + ऐतिहासिक पद्धति)