आख़िरी वक़्त की रिवीज़न के लिए इस अध्याय का निचोड़ : परिभाषाएँ, ज़रूरी तथ्य, तारीख़ें और तालिकाएँ। पूरी व्याख्या वाले विस्तृत नोट्स अलग से उपलब्ध हैं।
1 पूरा अध्याय एक फ़्रेम में
तीन महाद्वीपों में फैला हुआ साम्राज्य
यूरोपइटली, स्पेन, गॉल, ब्रिटेन, राइन-डैन्यूब तक
अफ्रीकामिस्र, कार्थेज सहित उत्तरी अफ्रीका, सहारा तक
एशियासीरिया, फ़िलिस्तीन, फ़रात और आर्मेनिया तक
| सीमा | किससे बनती थी |
|---|---|
| उत्तर | राइन और डैन्यूब नदियाँ |
| दक्षिण | सहारा मरुस्थल |
| पूर्व | फ़रात, और उसके पार प्रतिद्वंद्वी साम्राज्य ईरान |
| पश्चिम और केंद्र | स्पेन से सीरिया तक फैला भूमध्यसागर, साम्राज्य का असली दिल |
2 याद रखने लायक़ आँकड़े
6 करोड़दूसरी सदी के मध्य में साम्राज्य की आबादी
25तीसरी सदी के संकट में 47 साल के भीतर सम्राट
6 लाखचौथी सदी तक रोमन सेना में सैनिक
| आँकड़ा | किस बात का |
|---|---|
| 25 साल | वेतनभोगी पेशेवर सेना में सैनिक की न्यूनतम सेवा-अवधि |
| 176 दिन | एक बचे हुए कैलेंडर के अनुसार साल में तमाशों (स्पेक्टाकुला) के दिन |
| 54 लाख दीनार | हेरॉड के आश्रित राज्य से सालाना आय, 1,25,000 किलोग्राम से ज़्यादा सोने के बराबर |
| 5 करोड़ | रोम के मोंटी टेस्टैकियो में टूटे एम्फ़ोरा के अवशेष |
| 75 लाख में 30 लाख | ऑगस्टस के समय इटली की कुल आबादी में दास |
| 1,000 | तीसरी सदी के शुरू में सैनेट के सदस्य, जिनमें लगभग आधे इतालवी परिवारों से |
| 4,000 पाउंड सोना | रोम के कई बड़े घरानों की सालाना आमदनी (थीब्स का ओलिंपिओडोरस) |
| 25 लाख सॉलिडस | जस्टीनियन के समय अकेले मिस्र से सालाना कर, लगभग 35,000 पाउंड सोना |
3 तारीख़ें और शासक एक नज़र में
| तारीख़ | क्या हुआ |
|---|---|
| 509-27 ई.पू. | रोमन गणतंत्र; सत्ता सैनेट के हाथ में |
| साम्राज्य ख़ुद दो बड़े दौर में बँटा है, ‘प्रारंभिक’ और ‘देर का’, और तीसरी सदी इनके बीच की विभाजन-रेखा है। | |
| 27 ई.पू. | ऑगस्टस प्रिंसिपेट की स्थापना करता है |
| 14-37 ई. | टिबेरियस, ऑगस्टस का गोद लिया उत्तराधिकारी |
| 66-70 ई. | बड़ा यहूदी विद्रोह; जेरूसलम पर क़ब्ज़ा |
| 69 ई. | ‘चार सम्राटों का साल’, दो सदियों की शांति का इकलौता अपवाद |
| 79 ई. | विसूवियस फटता है, पोम्पेई दफ़न, वरिष्ठ प्लिनी की मौत |
| 98-117 ई. | त्राजान; लगभग 115 ई. में साम्राज्य का अधिकतम विस्तार |
| 113-17 ई. | त्राजान का फ़रात-पार अभियान, उत्तराधिकारियों ने छोड़ा |
| 140-160 ई. | स्पेनी जैतून तेल अपने व्यावसायिक चरम पर |
| 193-211 ई. | सेप्टिमियस सेवेरस |
| 212 ई. | साम्राज्य के सभी मुक्त निवासियों को रोमन नागरिकता |
| 224-225 ई. | ईरान में ससानी वंश की स्थापना |
| 233-280 ई. | जर्मन क़बायली संघों के राइन-डैन्यूब प्रांतों पर हमले |
| 253-68 ई. | गैलीनस; सैनेट सदस्य सेना-कमान से बाहर; 273 ई. में पाल्मीरा नष्ट |
| 284-305 ई. | डायोक्लीशियन; 297 ई. में साम्राज्य 100 प्रांतों में |
| 312-37 ई. | कॉन्स्टैनटाइन; 312 में धर्म-परिवर्तन, 324 में कुस्तुनतुनिया की स्थापना |
| 378 ई. | ऐड्रियॉनोपोल में गोथ रोमन सेनाओं को कुचल देते हैं |
| 398 ई. | मज़दूरों पर दाग़ लगाने का क़ानून, ताकि भागने पर पहचान हो सके |
| 408-50 ई. | थियोडोसियस द्वितीय, जिसने ‘थियोडोसियन कोड’ का संकलन कराया |
| 410 ई. | विसिगोथ रोम को लूटते हैं |
| 425 ई. के बाद | उत्तरी अफ़्रीकी तेल का दबदबा टूटा; पूर्व मुख्य निर्यातक बना |
| 527-65 ई. | जस्टीनियन; 533 में वैंडलों से अफ्रीका की वापसी; 540 के दशक से प्लेग |
| 622 ई. | मुहम्मद और उनके साथी मक्का से मदीना जाते हैं |
| 642 ई. | पूर्वी रोमन और ससानी साम्राज्यों के बड़े हिस्से अरबों के हाथ |
4 तीन खिलाड़ी, और स्रोत
| संस्था | एक पंक्ति में क्या कहना है |
|---|---|
| सम्राट | 27 ई.पू. से अकेला शासक; उत्तराधिकार वंश-परंपरा से, प्राकृतिक या दत्तक |
| सैनेट | धनी ज़मींदार परिवार, आजीवन सदस्यता; बचे हुए ज़्यादातर इतिहास इन्हीं ने लिखे |
| सेना | वेतनभोगी, पेशेवर, 25 साल की सेवा; सम्राट की क़िस्मत तय कर सकती थी |
| स्रोत का प्रकार | इसमें क्या शामिल है |
|---|---|
| पाठ | ‘annals’ कहलाने वाले इतिहास, पत्र, भाषण, उपदेश, क़ानून |
| दस्तावेज़ | पत्थर पर खुदे शिलालेख, यूनानी और लातिन दोनों में, और पैपाइरस |
| भौतिक अवशेष | इमारतें, स्मारक, मिट्टी के बर्तन, सिक्के, मोज़ेक, पूरे परिदृश्य |
5 अध्याय की आवाज़ें
| कौन | क्या बताते हैं |
|---|---|
| गैलेन, चिकित्सक | नगरवासी साल भर का अनाज रख लेते थे; किसान टहनियाँ और जड़ें खाते थे |
| टैसिटस (55-117 ई.) | सामाजिक वर्गों का क्रम; पेडानियस सेकुंडस का मामला और नीरो के सैनिक |
| कैसियस डियो, फ़र्गस मिलर के ज़रिए | फ़ारस की खाड़ी पर त्राजान, सिकंदर जितना जवान होने की चाह |
| कोलूमेल्ला, दक्षिणी स्पेन | दोगुने औज़ार रखिए; मज़दूरों को दस-दस के दलों में बाँटिए |
| वरिष्ठ प्लिनी | पैरों से बँधे दास-गिरोहों की निंदा; सिकंदरिया की सील बंद फ़ैक्ट्रियाँ |
| जोसिफ़स | गैलिली : ‘एक-एक इंच ज़मीन खेती के अधीन’ |
| थीब्स का ओलिंपिओडोरस | पाँचवीं सदी के शुरू में रोम के बड़े घरानों की आमदनी |
| ऑगस्टीन, हिप्पो के बिशप | अपनी माँ की पिटाई; माता-पिता का बच्चों को 25 साल की बंधुआ मज़दूरी में बेचना |
| शापुर प्रथम, ईरान | अपना शिलालेख : 60,000 रोमन सैनिकों का सफ़ाया, एंटिऑक पर क़ब्ज़ा |
6 व्यापार, श्रमिक और समाज, तालिकाओं में
| दौर | तेल-शराब व्यापार पर दबदबा |
|---|---|
| 140-160 ई. | ड्रेसल-20 में जाने वाला स्पेनी जैतून तेल, इतालवी उत्पादकों को पीछे छोड़ते हुए |
| तीसरी-चौथी सदी | उत्तरी अफ़्रीकी जैतून जागीरें |
| 425 ई. के बाद | पूर्व : एजियन, दक्षिणी एशिया माइनर, सीरिया, फ़िलिस्तीन |
| क्षेत्र | किसके लिए मशहूर |
|---|---|
| कैम्पैनिया (इटली) | सबसे अच्छी शराब |
| सिसली और बाइजैकियम (ट्यूनीशिया) | रोम को भेजा जाने वाला गेहूँ |
| गैलिली | जोसिफ़स के शब्दों में एक-एक इंच ज़मीन जुती हुई |
| बेटिका (दक्षिणी स्पेन) | ग्वादलक्विविर के किनारे ‘फ़ुंडी’ जागीरों से जैतून तेल |
| नुमीडिया (अल्जीरिया) | कम विकसित; मौसमी चरवाही, mapalia नाम की झोंपड़ियाँ |
| उत्तरी स्पेन | सेल्टिक-भाषी किसान, पहाड़ी गाँव castella |
| नियंत्रण का तरीक़ा | अध्याय का उदाहरण |
|---|---|
| क़रीबी निगरानी | कोलूमेल्ला के दस-दस के दल और दोगुने औज़ार |
| सील और तलाशी | सिकंदरिया की सुगंधित राल की फ़ैक्ट्रियाँ : सील बंद एप्रन, मास्क, तलाशी |
| ज़ंजीर | पैरों से बँधे दास-गिरोह, जिनकी वरिष्ठ प्लिनी ने निंदा की |
| दाग़ लगाना | 398 ई. का क़ानून, ताकि भागने वालों की पहचान हो सके |
| क़र्ज़-बंधन | क़र्ज़-अनुबंध का रूप दिए समझौते; बच्चों को 25 साल की बंधुआ मज़दूरी में बेचना |
| ऊँची मज़दूरी | अनैस्टैसियस ने अच्छा वेतन देकर दारा तीन हफ़्तों से भी कम में बनवाया |
| प्रारंभिक साम्राज्य (टैसिटस का क्रम) | देर का साम्राज्य |
|---|---|
| सैनेट सदस्य (patres) | सैनेट सदस्य और इक्वाइट्स एक ही विस्तारित अभिजात वर्ग में मिल गए, जिसमें कम-से-कम आधे अफ़्रीकी या पूर्वी मूल के |
| प्रमुख इक्वाइट्स | |
| बड़े घरानों से जुड़े ‘सम्मानित’ लोग | शाही सेवा से जुड़ा मध्य वर्ग, साथ में व्यापारी और किसान |
| plebs sordida | ह्यूमिलिओरिस : ग्रामीण, औद्योगिक, प्रवासी और आकस्मिक मज़दूर, शिल्पकार, और अब भी बहुत-से दास |
| दास |
7 परिभाषाएँ, ठीक जैसी लिखनी हैं
सभी परिभाषाएँ एक जगह
पैपाइरस / papyrologistमिस्र का नरकट-आधारित लेखन-पदार्थ; बचे पैपाइरस का अध्ययन करने वाले विद्वान
प्रिंसिपेट / प्रिंसेप्स27 ई.पू. से ऑगस्टस की व्यवस्था, सार्वजनिक रूप से सैनेट के ‘प्रमुख नागरिक’ के शासन जैसी दिखाई गई
गणतंत्र / सैनेटरोम की 27 ई.पू. से पहले की व्यवस्था, जिसमें सत्ता धनी, आजीवन-सदस्यता वाली सैनेट के हाथ में थी
रोमन नगरअपने मजिस्ट्रेट, परिषद और अधीन गाँवों वाले ‘क्षेत्र’ से युक्त एक शहरी केंद्र
दीनारलगभग साढ़े चार ग्राम शुद्ध चाँदी का रोमन सिक्का, साम्राज्य की शुरुआती मुद्रा
रोमन एकल परिवारपति, पत्नी और बच्चे, जिसमें पत्नी अपनी संपत्ति पर स्वतंत्र क़ानूनी नियंत्रण रखती थी
एम्फ़ोराभूमध्यसागरीय शराब और जैतून तेल भेजने के मानक पात्र
Transhumanceचरवाहे का पहाड़ी और निचले चरागाहों के बीच मौसमी आवागमन
इक्वाइट्सघुड़सवार यानी ‘नाइट’ वर्ग, दूसरा सबसे शक्तिशाली रोमन वर्ग; ज़मींदार होने के साथ अक्सर व्यापारी, बैंकर और जहाज़-मालिक भी
ह्यूमिलिओरिसविशाल निचला वर्ग : ग्रामीण मज़दूर, शिल्पकार, आकस्मिक मज़दूर और दास
सॉलिडसकॉन्स्टैनटाइन का साढ़े चार ग्राम सोने का सिक्का, देर के साम्राज्य की मुद्रा
ईसाईकरणईसाई धर्म का साम्राज्य के प्रमुख धर्म बनने तक का धीमा, असमान प्रसार
देर पुरातनतासाम्राज्य का अंतिम, बदलाव भरा दौर, मोटे तौर पर चौथी से सातवीं सदी
फटाफट रिवीज़न : परीक्षा से पहली रात यही पढ़ें
- रोम और ईरान ने यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व का ज़्यादातर हिस्सा बाँट रखा था, बीच में फ़रात
- ऑगस्टस ने 27 ई.पू. में प्रिंसिपेट स्थापित किया; सम्राट, सैनेट और वेतनभोगी पेशेवर सेना तीन खिलाड़ी थे
- आश्रित राज्य कर-अधीन प्रांतों में बदले; अकेला इटली प्रांत नहीं माना जाता था
- 6 करोड़ के साम्राज्य को आधुनिक सरकार ने नहीं, नगरों ने चलाया
- तीसरी सदी का संकट : 225 से ससानी ईरान, 233-280 के जर्मन हमले, 47 साल में 25 सम्राट
- रोमन पत्नियाँ स्वतंत्र रूप से संपत्ति रखती थीं और सूचना भर से तलाक़ ले सकती थीं, फिर भी पतियों से कहीं कम उम्र में ब्याही जाती थीं
- साक्षरता जगह-जगह अलग : पोम्पेई में दीवार-लेखन हर तरफ़, मिस्र में पेशेवर लेखक
- गेहूँ, शराब और तेल एम्फ़ोरा में भूमध्यसागर पार करते थे; बारी-बारी स्पेन, उत्तरी अफ्रीका और पूर्व का दबदबा
- वेतनभोगी और क़र्ज़-बंधी मज़दूरी बढ़ने से दास-श्रम का महत्व घटा; निगरानी, दाग़ और क़र्ज़-अनुबंध दोनों पर लागू होते थे
- समाज सैनेट सदस्य-इक्वाइट्स से ह्यूमिलिओरिस तक फैला था, और देर के साम्राज्य में ऊपर के दो वर्ग मिल गए
- डायोक्लीशियन और कॉन्स्टैनटाइन ने राज्य को नया रूप दिया : 100 प्रांत, सोने का सॉलिडस, कुस्तुनतुनिया, और ईसाई धर्म
- पश्चिम जर्मन उत्तर-रोमन राज्यों में बिखरा; पूर्व बाइज़ेंटियम के रूप में टिका रहा, हालाँकि 642 ई. तक अपने बड़े पूर्वी प्रांत अरबों से हार गया
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