Class 11 Geography Chapter 13: Composition and Structure of Atmosphere Notes in Hindi (वायुमंडल का संघटन तथा संरचना)

अध्याय मानचित्र: सब कुछ कैसे जुड़ा है
1 · हमें वायुमंडल की आवश्यकता क्यों हैसाँस के बिना कुछ ही मिनट में जीवन संभव नहीं, यही वायुमंडल को समझने का कारण है
2 · वायुमंडल का संघटनगैस, जलवाष्प और धूलकण: CO2 ताप रोकती है, ओज़ोन पराबैंगनी किरणें रोकती है, धूलकण मेघ बनाते हैं
वायुमंडल का संघटन
तथा संरचना
3 · वायुमंडल की संरचनातापमान के अनुसार पाँच संस्तर, क्षोभमंडल से बहिर्मंडल तक, हर सीमा का अपना नाम
4 · मौसम और जलवायु के तत्त्वताप, दाब, हवा, आर्द्रता, बादल, वर्षण: यहाँ परिचय, आगे के अध्यायों में विस्तार
इस अध्याय में आप क्या सीखेंगे
  • वायुमंडल किससे बना है, और अधिक ऊँचाई पर ऑक्सीजन तथा कार्बन डाईऑक्साइड अलग-अलग व्यवहार क्यों करते हैं
  • कार्बन डाईऑक्साइड पृथ्वी को गर्म क्यों रखती है जबकि ओज़ोन उसकी रक्षा करती है, दोनों एक ही सिद्धांत पर आधारित हैं
  • धूलकण और जलवाष्प मिलकर मेघ कैसे बनाते हैं
  • वायुमंडल के पाँच संस्तर, क्रम में, और हर एक की पहचान कराने वाली विशेषता
  • क्षोभमंडल में ही सारा मौसम क्यों घटित होता है
वायुमंडलग्रीन हाउस प्रभावओज़ोन परतक्षोभमंडलक्षोभसीमासमतापमंडलमध्यमंडलआयनमंडलबहिर्मंडलआर्द्रताग्राही केंद्र

1हमें वायुमंडल की आवश्यकता क्यों है

मनुष्य कुछ समय तक भोजन या पानी के बिना जीवित रह सकता है, परंतु साँस लिए
बिना कुछ मिनट भी जीवित नहीं रह सकता। यही तथ्य वायुमंडल को ध्यान से समझने का
कारण है। वायुमंडल विभिन्न गैसों का मिश्रण है जो पृथ्वी को चारों ओर से
घेरे हुए है। इसमें मनुष्यों और जंतुओं के लिए ऑक्सीजन तथा पौधों के लिए कार्बन
डाईऑक्साइड जैसी जीवनदायिनी गैसें पाई जाती हैं। वायु रंगहीन और गंधहीन होती
है, और इसे केवल पवन के रूप में बहते हुए ही महसूस किया जा सकता है।

याद रखेंपरिभाषा 1

वायुमंडल गैसों, जलवाष्प और धूल कणों का वह मिश्रण है जो
गुरुत्वाकर्षण के कारण पृथ्वी को चारों ओर से घेरे रहता है।

99%वायुमंडल का द्रव्यमान 32 किमी की ऊँचाई तक सीमित है
120 किमीइस ऊँचाई पर ऑक्सीजन नगण्य हो जाती है
5तापमान के व्यवहार के अनुसार संस्तरों की संख्या

2वायुमंडल का संघटन

वायुमंडल तीन चीज़ों से मिलकर बना है: गैसें, जलवाष्प और धूलकण। यह मिश्रण
हर ऊँचाई पर एक जैसा नहीं रहता, गैसों का अनुपात ऊपर जाकर बदलता है। 120 किमी
की ऊँचाई पर ऑक्सीजन लगभग नगण्य हो जाती है, जबकि कार्बन डाईऑक्साइड और
जलवाष्प पृथ्वी की सतह से केवल 90 किमी तक ही पाये जाते हैं।

2.0 वायुमंडल के तीन घटक

1

गैस

मुख्यतः नाइट्रोजन और ऑक्सीजन, साथ ही कार्बन डाईऑक्साइड और ओज़ोन जैसी
कम परंतु महत्त्वपूर्ण मात्रा वाली गैसें।

2

जलवाष्प

एक परिवर्तनशील गैस, जो ऊँचाई के साथ घटती है: उष्णकटिबंध में अधिक,
ध्रुवों के पास कम।

3

धूलकण

कई स्रोतों से आने वाले छोटे ठोस कण, जो वायुमंडल के निचले भाग में
अधिक सांद्रित होते हैं।

2.1 गैस: कार्बन डाईऑक्साइड और ओज़ोन

कार्बन डाईऑक्साइड मौसम विज्ञान की दृष्टि से बहुत महत्त्वपूर्ण गैस
है, यह सौर विकिरण के लिए पारदर्शी है परंतु पार्थिव विकिरण के लिए अपारदर्शी
है। यह पृथ्वी से निकलने वाले ताप के एक भाग को सोख लेती है और उसका कुछ भाग
सतह की ओर वापस भेज देती है, इसी कारण यह ग्रीन हाउस प्रभाव के लिए मुख्य रूप
से उत्तरदायी मानी जाती है। अधिकांश अन्य गैसों का आयतन स्थिर रहता है, परंतु
पिछले कुछ दशकों में मुख्यतः जीवाश्म ईंधन जलाने के कारण कार्बन डाईऑक्साइड का
आयतन लगातार बढ़ा है, जिससे हवा का ताप भी बढ़ा है।

ओज़ोन वायुमंडल का एक और महत्त्वपूर्ण घटक है, जो पृथ्वी की सतह से
10 से 50 किमी की ऊँचाई के बीच पाया जाता है। यह एक फिल्टर की तरह कार्य करती
है और सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणों को सोखकर उन्हें पृथ्वी की सतह तक
पहुँचने से रोकती है।

परीक्षा संकेत

कार्बन डाईऑक्साइड और ओज़ोन एक ही सिद्धांत के दो अलग-अलग परिणाम हैं,
कौन-सा विकिरण किसी गैस से पार हो सकता है और कौन-सा नहीं। CO2 सूर्य के
प्रकाश को अंदर आने देती है परंतु बाहर जाने वाले ताप को रोक लेती है
(पृथ्वी को गर्म करती है); ओज़ोन हानिकारक पराबैंगनी किरणों को अंदर आने से
पहले ही रोक देती है (पृथ्वी की रक्षा करती है)।

किताब पूछती है

क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि वायुमंडल में ओज़ोन की अनुपस्थिति से
हमारे ऊपर क्या प्रभाव होगा? ओज़ोन परत के बिना, सूर्य से आने वाली तीव्र
पराबैंगनी किरणें सीधे पृथ्वी पर जीवन को गंभीर नुकसान पहुँचाएँगी।

2.2 जलवाष्प

जलवाष्प एक परिवर्तनशील गैस है जो ऊँचाई के साथ घटती जाती है। गर्म और
आर्द्र उष्णकटिबंध में यह हवा के आयतन का लगभग 4% हो सकती है, जबकि
ठंडे और शुष्क रेगिस्तानी तथा ध्रुवीय प्रदेशों में यह 1% से भी कम हो
सकती है। यह विषुवत् वृत्त से ध्रुव की ओर भी घटती जाती है। जलवाष्प सूर्य से
आने वाले कुछ ताप को सोख लेती है और पृथ्वी के विकिरित ताप को संग्रहित भी
करती है, यह एक कंबल की तरह कार्य करती है और पृथ्वी को न तो बहुत ठंडा और न
ही बहुत गर्म होने देती। यह वायु को स्थिर और अस्थिर बनाने में भी योगदान देती
है।

2.3 धूलकण

वायुमंडल में छोटे ठोस कणों को रखने की पर्याप्त क्षमता है, जो कई स्रोतों
से आते हैं: समुद्री नमक, महीन मिट्टी, धुएँ की कालिमा, राख, पराग, धूल तथा
उल्काओं के टूटे हुए कण। धूलकण सामान्यतः वायुमंडल के निचले भाग में अधिक पाए
जाते हैं, हालाँकि संवहनीय वायु धाराएँ इन्हें काफी ऊँचाई तक ले जा सकती हैं।
शुष्क हवाओं के कारण उपोष्ण और शीतोष्ण प्रदेशों में इनकी सांद्रता विषुवत्
और ध्रुवीय प्रदेशों की तुलना में अधिक होती है।

याद रखेंपरिभाषा 2

आर्द्रताग्राही केंद्र धूल या नमक का वह कण है जिसके चारों ओर
जलवाष्प संघनित होकर मेघ बनाती है।

3वायुमंडल की संरचना

वायुमंडल एक समान परत नहीं है। घनत्व पृथ्वी की सतह के पास सबसे अधिक होता
है और ऊँचाई बढ़ने के साथ घटता जाता है। तापमान के व्यवहार के अनुसार
वायुमंडल के स्तंभ को पाँच संस्तरों में बाँटा गया है: क्षोभमंडल,
समतापमंडल, मध्यमंडल, बाह्यमंडल और बहिर्मंडल।

चित्र 1: वायुमंडल के पाँच संस्तर, ऊँचाई के अनुसार सजाए गए। तापमान क्षोभमंडल में घटता है, क्षोभसीमा पर लगभग स्थिर रहता है, ओज़ोन युक्त समतापमंडल में स्थिर बना रहता है, मध्यमंडल में फिर घटकर लगभग -100°से. तक पहुँचता है, फिर आयनित बाह्यमंडल में बढ़ता है, इसके बाद बहिर्मंडल अंतरिक्ष में मिल जाता है।
चित्र 1: वायुमंडल के पाँच संस्तर, ऊँचाई के अनुसार सजाए
गए। तापमान क्षोभमंडल में घटता है, क्षोभसीमा पर लगभग स्थिर रहता है, ओज़ोन
युक्त समतापमंडल में स्थिर बना रहता है, मध्यमंडल में फिर घटकर लगभग -100°से.
तक पहुँचता है, फिर आयनित बाह्यमंडल में बढ़ता है, इसके बाद बहिर्मंडल
अंतरिक्ष में मिल जाता है।

3.1 क्षोभमंडल

क्षोभमंडल वायुमंडल का सबसे निचला संस्तर है। इसकी औसत ऊँचाई 13
किमी है, जो ध्रुवों के निकट लगभग 8 किमी और विषुवत् वृत्त पर लगभग 18 किमी
तक फैली होती है। यह विषुवत् वृत्त पर सबसे मोटा है, क्योंकि वहाँ तेज
संवहनीय धाराएँ ताप को अधिक ऊँचाई तक ले जाती हैं। इस संस्तर में धूलकण और
जलवाष्प मौजूद रहते हैं, और मौसम तथा जलवायु में सभी परिवर्तन इसी संस्तर
में होते हैं
। यहाँ प्रत्येक 165 मीटर की ऊँचाई पर तापमान 1° सेल्सियस
घटता है। जैविक क्रिया के लिए यह सबसे महत्त्वपूर्ण संस्तर है।

याद रखेंपरिभाषा 3

क्षोभसीमा क्षोभमंडल और समतापमंडल को अलग करने वाला भाग है,
जहाँ हवा का तापमान लगभग स्थिर रहता है: विषुवत् वृत्त के ऊपर लगभग -80°से.
और ध्रुव के ऊपर लगभग -45°से.।

3.2 समतापमंडल

समतापमंडल क्षोभसीमा के ऊपर स्थित है और 50 किमी की ऊँचाई तक फैला
है। इसकी महत्त्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें ओज़ोन परत पाई जाती है,
जो पराबैंगनी विकिरण को अवशोषित कर पृथ्वी पर जीवन को इस तीव्र, हानिकारक
ऊर्जा से बचाती है।

3.3 मध्यमंडल

मध्यमंडल समतापमंडल के ऊपर स्थित है और 80 किमी की ऊँचाई तक फैला
है। यहाँ ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान फिर से घटने लगता है और 80 किमी की
ऊँचाई पर लगभग -100°से. तक पहुँच जाता है। मध्यमंडल की ऊपरी सीमा को
मध्यसीमा कहते हैं।

3.4 आयनमंडल (बाह्यमंडल)

आयनमंडल मध्यसीमा के ऊपर 80 से 400 किमी के बीच स्थित है। इसमें
विद्युत आवेशित कण होते हैं, जिन्हें आयन कहते हैं, इसीलिए इसे
आयनमंडल कहा जाता है। पृथ्वी से भेजी गई रेडियो तरंगें इसी संस्तर द्वारा
वापस पृथ्वी पर परावर्तित होती हैं। यहाँ ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान भी
बढ़ने लगता है।

3.5 बहिर्मंडल

बाह्यमंडल के ऊपर स्थित सबसे ऊपरी संस्तर बहिर्मंडल है, यह सबसे
ऊँचा संस्तर है, जिसके बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है। यहाँ जो भी घटक
मौजूद हैं, वे अत्यंत विरल हैं, और यह संस्तर धीरे-धीरे बाहरी अंतरिक्ष में
मिल जाता है।

संस्तर अनुमानित विस्तार मुख्य विशेषता
क्षोभमंडल 0-13 किमी औसत (ध्रुव 8 किमी, विषुवत् वृत्त 18 किमी) सारा मौसम यहीं, तापमान 1°से./165 मी. घटता है
समतापमंडल 50 किमी तक ओज़ोन परत यहीं स्थित है
मध्यमंडल 80 किमी तक सबसे ठंडा संस्तर, शीर्ष पर लगभग -100°से.
बाह्यमंडल (आयनमंडल) 80-400 किमी आयन रेडियो तरंगें परावर्तित करते हैं, तापमान बढ़ता है
बहिर्मंडल लगभग 400 किमी से ऊपर अत्यंत विरल, अंतरिक्ष में मिल जाता है

वायुमंडल के सभी संस्तर किसी न किसी रूप में हमें प्रभावित करते हैं,
परंतु भूगोलवेत्ता मुख्यतः पहले दो संस्तरों, क्षोभमंडल और समतापमंडल, का
अध्ययन करते हैं।

इस अध्याय से याद रखने वाली एक बात

4मौसम और जलवायु के तत्त्व

पृथ्वी पर मानव जीवन को प्रभावित करने वाले और लगातार बदलते रहने वाले
वायुमंडल के मुख्य तत्त्व हैं: ताप, दाब, हवा, आर्द्रता, बादल और
वर्षण
। इस अध्याय में केवल वायुमंडल का परिचय दिया गया है, इन तत्त्वों
का विस्तृत वर्णन आगे के अध्यायों में किया गया है।

तापदाबहवाआर्द्रताबादलवर्षण
त्वरित पुनरावृत्ति: परीक्षा से पहली रात यह पढ़ें
  • वायुमंडल = गैसें + जलवाष्प + धूलकण, गुरुत्वाकर्षण से पृथ्वी को घेरे हुए
  • वायुमंडल का 99% द्रव्यमान सतह से 32 किमी की ऊँचाई तक सीमित है
  • कार्बन डाईऑक्साइड निकलने वाला ताप रोकती है (ग्रीन हाउस प्रभाव); ओज़ोन आने वाली पराबैंगनी किरणों को रोकती है
  • जलवाष्प: आर्द्र उष्णकटिबंध में हवा का ~4%, शुष्क/ठंडे प्रदेशों में 1% से कम
  • धूलकण आर्द्रताग्राही केंद्र का काम करते हैं, इन्हीं के चारों ओर मेघ बनते हैं
  • तापमान के अनुसार पाँच संस्तर: क्षोभमंडल → समतापमंडल → मध्यमंडल → बाह्यमंडल (आयनमंडल) → बहिर्मंडल
  • क्षोभमंडल: सारा मौसम यहीं, तापमान 165 मी. पर 1° सेल्सियस घटता है, विषुवत् वृत्त पर सबसे मोटा
  • भूगोलवेत्ता मुख्यतः क्षोभमंडल और समतापमंडल का अध्ययन करते हैं
परीक्षा से पहले स्वयं जाँचें
  • क्या मैं वायुमंडल के पाँचों संस्तरों के नाम, क्रम में, उनकी अनुमानित ऊँचाई के साथ बता सकता हूँ?
  • क्या मैं समझा सकता हूँ कि कार्बन डाईऑक्साइड पृथ्वी को गर्म क्यों करती है जबकि ओज़ोन उसकी रक्षा करती है?
  • क्या मैं वायुमंडल की संरचना का चित्र बिना देखे बना और लेबल कर सकता हूँ?
बहुवैकल्पिक प्रश्न
  1. 1 अंकवायुमंडल में सबसे अधिक मात्रा में कौन-सी गैस मौजूद है?
    (क) ऑक्सीजन(ख) आर्गन(ग) नाइट्रोजन(घ) कार्बन डाईऑक्साइड
  2. 1 अंकवह वायुमंडलीय परत जो मानव जीवन के लिये सबसे महत्त्वपूर्ण है:
    (क) समतापमंडल(ख) क्षोभमंडल(ग) मध्यमंडल(घ) आयनमंडल
  3. 1 अंकसमुद्री नमक, पराग, राख, धुएँ की कालिमा, महीन मिट्टी किससे संबंधित हैं?
    (क) गैस(ख) जलवाष्प(ग) धूलकण(घ) उल्कापात
  4. 1 अंकनिम्नलिखित में से कितनी ऊँचाई पर ऑक्सीजन की मात्रा नगण्य हो जाती है?
    (क) 90 किमी(ख) 100 किमी(ग) 120 किमी(घ) 150 किमी
  5. 1 अंककौन-सी गैस सौर विकिरण के लिए पारदर्शी तथा पार्थिव विकिरण के लिए अपारदर्शी है?
    (क) ऑक्सीजन(ख) नाइट्रोजन(ग) हीलियम(घ) कार्बन डाईऑक्साइड
  6. 1 अंकवायुमंडल के कुल द्रव्यमान का 99 प्रतिशत भाग पृथ्वी की सतह से कितनी ऊँचाई तक सीमित है?
    (क) 32 किमी(ख) 50 किमी(ग) 90 किमी(घ) 120 किमी
  7. 1 अंकक्षोभमंडल की औसत ऊँचाई कितनी है?
    (क) 13 किमी(ख) 18 किमी(ग) 8 किमी(घ) 32 किमी
  8. 1 अंकपृथ्वी की सतह से ऊपर वायुमंडल के संस्तरों का सही क्रम कौन-सा है?
    (क) क्षोभमंडल-समतापमंडल-मध्यमंडल-बाह्यमंडल-बहिर्मंडल(ख) समतापमंडल-क्षोभमंडल-मध्यमंडल-बहिर्मंडल-बाह्यमंडल(ग) क्षोभमंडल-मध्यमंडल-समतापमंडल-बाह्यमंडल-बहिर्मंडल(घ) बहिर्मंडल-बाह्यमंडल-मध्यमंडल-समतापमंडल-क्षोभमंडल
  9. 1 अंकक्षोभमंडल और समतापमंडल को अलग करने वाले भाग को क्या कहते हैं?
    (क) मध्यसीमा(ख) क्षोभसीमा(ग) समतापसीमा(घ) बहिर्मंडल सीमा
  10. 1 अंकधूल और नमक के कण किसके चारों ओर जलवाष्प के संघनन में सहायक होते हैं?
    (क) ओज़ोन बनाने में(ख) मेघों के निर्माण में(ग) रेडियो तरंगों को परावर्तित करने में(घ) आयन उत्पन्न करने में
  11. 1 अंककार्बन डाईऑक्साइड और जलवाष्प पृथ्वी की सतह से कितनी ऊँचाई तक ही पाये जाते हैं?
    (क) 50 किमी(ख) 90 किमी(ग) 80 किमी(घ) 120 किमी
  12. 1 अंककौन-सी परत में ओज़ोन परत पाई जाती है, जो पराबैंगनी किरणों से पृथ्वी की रक्षा करती है?
    (क) क्षोभमंडल(ख) मध्यमंडल(ग) समतापमंडल(घ) बहिर्मंडल
  13. 1 अंकक्षोभमंडल में प्रत्येक कितने मीटर की ऊँचाई पर तापमान 1° सेल्सियस घटता है?
    (क) 100 मीटर(ख) 150 मीटर(ग) 200 मीटर(घ) 165 मीटर
  14. 1 अंकवायुमंडल का सबसे ऊपरी संस्तर, जो धीरे-धीरे बाहरी अंतरिक्ष में मिल जाता है, कौन-सा है?
    (क) बाह्यमंडल(ख) आयनमंडल(ग) मध्यमंडल(घ) बहिर्मंडल
अभिकथन और कारण
  1. 1 अंक
    अभिकथन (A): समतापमंडल पृथ्वी पर जीवन को तीव्र, हानिकारक पराबैंगनी विकिरण से बचाता है।
    कारण (R): समतापमंडल में ओज़ोन परत पाई जाती है, जो पराबैंगनी विकिरण को अवशोषित करती है।
  2. 1 अंक
    अभिकथन (A): वायुमंडल में ऑक्सीजन और कार्बन डाईऑक्साइड जैसी जीवनदायिनी गैसें पाई जाती हैं।
    कारण (R): पृथ्वी से भेजी गई रेडियो तरंगें आयनमंडल द्वारा वापस पृथ्वी पर परावर्तित की जाती हैं।
  3. 1 अंक
    अभिकथन (A): क्षोभमंडल जैविक क्रिया के लिए वायुमंडल का सबसे महत्त्वपूर्ण संस्तर है।
    कारण (R): क्षोभमंडल वायुमंडल का सबसे मोटा संस्तर है, जो 400 किमी की ऊँचाई तक फैला है।
  4. 1 अंक
    अभिकथन (A): क्षोभमंडल ध्रुवों पर विषुवत् वृत्त की तुलना में अधिक मोटा होता है।
    कारण (R): विषुवत् वृत्त पर तेज संवहनीय धाराएँ ताप को अधिक ऊँचाई तक ले जाती हैं, जिससे वहाँ क्षोभमंडल सबसे मोटा होता है।
अभ्यास प्रश्न: 1 अंक
  1. 1 अंकवायुमंडल को परिभाषित करें।
  2. 1 अंकक्षोभसीमा क्या है?
  3. 1 अंकवायुमंडल के पाँच संस्तरों के नाम, सतह से ऊपर की ओर क्रम में लिखें।
  4. 1 अंकआर्द्रताग्राही केंद्र किसे कहते हैं?
  5. 1 अंकभूगोलवेत्ता वायुमंडल के किन दो संस्तरों का सबसे अधिक अध्ययन करते हैं?
अभ्यास प्रश्न: 3 अंक
  1. 3 अंकवायुमंडल से आप क्या समझते हैं?
  2. 3 अंकमौसम एवं जलवायु के तत्त्व कौन-कौन से हैं?
  3. 3 अंकवायुमंडल की संरचना के बारे में लिखें।
  4. 3 अंकवायुमंडल के सभी संस्तरों में क्षोभमंडल सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण क्यों है?
  5. 3 अंककार्बन डाईऑक्साइड और ओज़ोन को पृथ्वी पर जीवन के लिए विपरीत परंतु महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली गैसें क्यों कहा जाता है?
अभ्यास प्रश्न: 5 अंक
  1. 5 अंकवायुमंडल के संघटन की व्याख्या करें।
  2. 5 अंकवायुमंडल की संरचना का एक उपयुक्त चित्र बनाइए, उसे लेबल कीजिए और व्याख्या कीजिए।
  3. 5 अंकऊँचाई के साथ गैसों के बदलते अनुपात और तापमान के व्यवहार के आधार पर स्पष्ट करें कि वायुमंडल को पाँच संस्तरों में क्यों विभाजित किया गया है।
उत्तर कुंजी
MCQ 1-8(ग) (ख) (ग) (ग) (घ) (क) (क) (क)
MCQ 9-14(ख) (ख) (ख) (ग) (घ) (घ)
A&R 1(क) A और R दोनों सत्य हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है।
A&R 2(ख) A और R दोनों सत्य हैं, परंतु R, A की व्याख्या नहीं करता: ये दोनों असंबंधित तथ्य हैं।
A&R 3(ग) A सत्य है, परंतु R असत्य है: क्षोभमंडल की औसत ऊँचाई मात्र लगभग 13 किमी है, 400 किमी नहीं।
A&R 4(घ) A असत्य है: क्षोभमंडल विषुवत् वृत्त पर सबसे मोटा होता है, ध्रुवों पर नहीं। R सत्य है।
1 अंक प्रश्न 1-5(1) वायुमंडल: गैसों, जलवाष्प और धूल कणों का वह मिश्रण जो गुरुत्वाकर्षण से पृथ्वी को घेरे रहता है। (2) क्षोभसीमा: क्षोभमंडल और समतापमंडल को अलग करने वाला भाग, जहाँ तापमान लगभग स्थिर रहता है। (3) क्षोभमंडल, समतापमंडल, मध्यमंडल, बाह्यमंडल (आयनमंडल), बहिर्मंडल। (4) आर्द्रताग्राही केंद्र: धूल या नमक का वह कण जिसके चारों ओर जलवाष्प संघनित होकर मेघ बनाती है। (5) क्षोभमंडल और समतापमंडल।
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