- रासायनिक समीकरण कैसे लिखें और हिट-एंड-ट्रायल विधि से उसे संतुलित कैसे करें
- समीकरण में भौतिक अवस्था (s, l, g, aq) और अभिक्रिया की परिस्थितियाँ कैसे दिखाएँ
- अभिक्रियाओं के चार मुख्य प्रकार: संयोजन, वियोजन, विस्थापन और द्विविस्थापन: को उदाहरणों से पहचानना
- ऊष्माक्षेपी और ऊष्माशोषी अभिक्रिया में अंतर करना
- उपचयन और अपचयन को ऑक्सीजन/हाइड्रोजन के आधार पर समझना
- दैनिक जीवन में संक्षारण और विकृतगंधिता को पहचानना और रोकना
वियोजन अभिक्रियाविस्थापन अभिक्रियाद्विविस्थापन अभिक्रिया
अवक्षेपणउपचयनअपचयनऊष्माक्षेपीऊष्माशोषी
संक्षारणविकृतगंधिता
1रासायनिक अभिक्रिया क्या है?
दूध का गर्मियों में खराब होना, लोहे के तवे पर जंग लगना, अंगूर का किण्वन (fermentation) होना,
भोजन का पकना, भोजन का शरीर में पचना, हमारा साँस लेना: इन सभी में शुरुआती पदार्थ की प्रकृति
और पहचान कुछ न कुछ बदल जाती है। जब भी कोई रासायनिक परिवर्तन होता है, हम कहते हैं कि एक
रासायनिक अभिक्रिया हुई है।
मैग्नीशियम रिबन को सैंडपेपर से साफ करके स्पिरिट लैंप पर जलाएँ और उससे बनी राख को वॉच-ग्लास
में इकट्ठा करें। मैग्नीशियम हवा की ऑक्सीजन से मिलकर मैग्नीशियम ऑक्साइड (सफेद राख) बनाता है :
यही एक रासायनिक अभिक्रिया का उदाहरण है।
2रासायनिक समीकरण
किसी अभिक्रिया को वाक्य में लिखना लंबा पड़ता है, इसलिए इसे संक्षेप में शब्द-समीकरण (word-equation)
के रूप में लिखा जाता है:
उत्पाद (product) कहलाता है। तीर उत्पाद की दिशा दिखाता है।
रासायनिक समीकरण (Chemical Equation) किसी रासायनिक अभिक्रिया को शब्दों के बजाय रासायनिक
सूत्रों (formulae) के रूप में दर्शाने का संक्षिप्त तरीका है: जैसे ।
जब समीकरण के दोनों ओर परमाणुओं की संख्या बराबर न हो, तो उसे कंकाली रासायनिक समीकरण
(skeletal chemical equation) कहते हैं: जैसे ऊपर लिखा स्वयं असंतुलित है
(बाईं ओर 2 O परमाणु हैं, दाईं ओर सिर्फ 1)।
2.1 समीकरण संतुलित क्यों होना चाहिए
द्रव्यमान संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Mass): किसी रासायनिक अभिक्रिया में
द्रव्यमान न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है। इसलिए अभिकारकों में मौजूद प्रत्येक
तत्व के परमाणुओं की कुल संख्या, उत्पादों में भी उतनी ही होनी चाहिए: तभी समीकरण संतुलित (balanced)
कहलाता है।
“रासायनिक समीकरण संतुलित क्यों होना चाहिए?”: यह प्रश्न लगभग हर वर्ष 2 अंक का आता है। उत्तर में
द्रव्यमान संरक्षण के नियम का नाम अवश्य लिखें, केवल “बराबर परमाणु” कहना पर्याप्त नहीं है।
2.2 समीकरण संतुलित करने की हिट-एंड-ट्रायल विधि
उदाहरण: को संतुलित करना है।
परमाणु संतुलित करने के लिए यौगिक का सूत्र कभी न बदलें: जैसे ऑक्सीजन संतुलित करने के लिए
के आगे गुणांक “4” लिखें (), न कि सूत्र बदलकर या लिख दें।
2.3 भौतिक अवस्था और अभिक्रिया की परिस्थितियाँ
समीकरण को अधिक जानकारीपूर्ण बनाने के लिए पदार्थ की भौतिक अवस्था कोष्ठक में लिखी जाती है:
| संकेत | अवस्था |
|---|---|
| (s) | ठोस (solid) |
| (l) | द्रव (liquid) |
| (g) | गैस (gas) |
| (aq) | जलीय विलयन (aqueous: जल में घुला हुआ) |
(ताप, दाब, उत्प्रेरक) तीर के ऊपर/नीचे लिखी जाती हैं: जैसे
और प्रकाश-संश्लेषण: $6\,\ce{CO2(aq)} + 12\,\ce{H2O(l)} \xrightarrow{\text{सूर्यप्रकाश, क्लोरोफिल}}
\ce{C6H12O6(aq)} + 6\,\ce{O2(aq)} + 6\,\ce{H2O(l)}$।
3रासायनिक अभिक्रियाओं के प्रकार
कक्षा 9 में हमने पढ़ा था कि किसी अभिक्रिया में एक तत्व के परमाणु दूसरे तत्व में नहीं बदलते: अभिक्रिया
में परमाणुओं के बीच के बंधन टूटते और नए बनते हैं। इसी आधार पर अभिक्रियाओं को चार मुख्य प्रकारों में
बाँटा जाता है।
3.1 संयोजन अभिक्रिया (Combination Reaction)
कैल्शियम ऑक्साइड (बिना बुझा चूना) में धीरे-धीरे जल मिलाने पर बीकर गर्म हो जाता है और बुझा चूना
(कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड) बनता है: साथ में ऊष्मा भी निकलती है।
संयोजन अभिक्रिया वह अभिक्रिया है जिसमें दो या दो से अधिक पदार्थ (तत्व या यौगिक) मिलकर एक ही
उत्पाद बनाते हैं।
दीवारों की सफेदी (whitewashing) में बुझे चूने का घोल प्रयोग होता है। यह हवा की कार्बन डाइऑक्साइड से
धीरे-धीरे अभिक्रिया कर कैल्शियम कार्बोनेट की पतली परत बनाता है: .
यही परत दीवार को 2-3 दिन बाद चमकदार बनाती है। संगमरमर (marble) का रासायनिक सूत्र भी ही है।
ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction) वह अभिक्रिया है जिसमें उत्पाद बनने के साथ-साथ ऊष्मा
भी निकलती है। उदाहरण: प्राकृतिक गैस का जलना (), श्वसन
( + ऊर्जा), वनस्पति पदार्थ का खाद (कम्पोस्ट) में बदलना।
3.2 वियोजन अभिक्रिया (Decomposition Reaction)
वियोजन अभिक्रिया संयोजन अभिक्रिया के ठीक विपरीत है: इसमें एक ही अभिकारक टूटकर दो या अधिक
सरल उत्पाद बनाता है।
ऊष्मीय वियोजन (क्रियाकलाप 1.5)
हरे फेरस सल्फेट क्रिस्टल को गर्म करने पर रंग बदलता है और गंधक जैसी गंध आती है:
चूना पत्थर का ऊष्मीय वियोजन
: सीमेंट उद्योग में यह अभिक्रिया बहुत उपयोगी है। गर्म
करके किया गया वियोजन ऊष्मीय वियोजन (thermal decomposition) कहलाता है।
क्रियाकलाप 1.6
लेड नाइट्रेट को गर्म करने पर भूरे रंग का धुआँ (नाइट्रोजन डाइऑक्साइड) निकलता है:
वैद्युत अपघटन (क्रियाकलाप 1.7)
अम्लीय जल में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैस बनती हैं: हाइड्रोजन का
आयतन ऑक्सीजन से ठीक दोगुना इकट्ठा होता है ()।
प्रकाश-अपघटन (क्रियाकलाप 1.8)
सफेद सिल्वर क्लोराइड को धूप में रखने पर वह धूसर (grey) हो जाता है: ।
सिल्वर ब्रोमाइड भी इसी प्रकार अभिक्रिया करता है: ।
यही सिद्धांत श्वेत-श्याम फोटोग्राफी में प्रयुक्त होता है।
ऊष्माशोषी अभिक्रिया (Endothermic Reaction) वह अभिक्रिया है जिसमें अभिकारकों को तोड़ने के लिए
ऊष्मा, प्रकाश या विद्युत के रूप में ऊर्जा को अवशोषित करना पड़ता है: जैसे ऊपर के सभी वियोजन उदाहरण।
3.3 विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction)
लोहे की कीलों को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोने पर कीलें भूरी हो जाती हैं और विलयन का नीला रंग
फीका पड़ जाता है: लोहे ने कॉपर को उसके यौगिक से हटा (विस्थापित) दिया है।
विस्थापन अभिक्रिया वह अभिक्रिया है जिसमें एक अधिक क्रियाशील तत्व किसी यौगिक में से एक कम
क्रियाशील तत्व को हटा देता है।
जिंक और लेड, कॉपर से अधिक क्रियाशील (reactive) हैं, इसलिए वे कॉपर को उसके यौगिकों से विस्थापित
कर देते हैं।
3.4 द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement Reaction)
सोडियम सल्फेट और बेरियम क्लोराइड के विलयनों को मिलाने पर तुरंत एक सफेद अवक्षेप (precipitate)
बनता है।
द्विविस्थापन अभिक्रिया वह अभिक्रिया है जिसमें दो अलग-अलग अभिकारकों के बीच आयनों का
आदान-प्रदान होता है, जिससे एक अविलेय ठोस (अवक्षेप) बनता है। ऐसी अभिक्रिया अवक्षेपण अभिक्रिया
(precipitation reaction) कहलाती है।
3.5 उपचयन और अपचयन (Oxidation and Reduction)
कॉपर चूर्ण को हवा में गर्म करने पर उस पर काली परत (कॉपर(II) ऑक्साइड) जम जाती है: कॉपर ने
ऑक्सीजन ग्रहण की। इसी काले चूर्ण के ऊपर से हाइड्रोजन गैस गुजारने पर वह फिर से लाल-भूरा कॉपर बन
जाता है: यहाँ कॉपर ऑक्साइड ने ऑक्सीजन खो दी।
उपचयन (Oxidation)
- ऑक्सीजन का योग (gain)
- या हाइड्रोजन का ह्रास (loss)
- : कॉपर उपचयित हुआ
अपचयन (Reduction)
- ऑक्सीजन का ह्रास (loss)
- या हाइड्रोजन का योग (gain)
- : कॉपर ऑक्साइड अपचयित हुआ
उपचयन (Oxidation) = ऑक्सीजन का योग या हाइड्रोजन का ह्रास। अपचयन (Reduction) = ऑक्सीजन
का ह्रास या हाइड्रोजन का योग।
एक ही अभिक्रिया में उपचयन और अपचयन साथ-साथ भी हो सकते हैं (redox अभिक्रिया):
(HCl उपचयित होकर बना, अपचयित होकर बना)
4दैनिक जीवन में उपचयन के प्रभाव
4.1 संक्षारण (Corrosion)
संक्षारण वह प्रक्रिया है जिसमें किसी धातु पर आसपास की नमी, अम्ल आदि पदार्थों की क्रिया से वह
धीरे-धीरे नष्ट होती है: जैसे चाँदी का काला पड़ना, ताँबे पर हरी परत जमना, लोहे में जंग लगना (rusting)।

लोहे में जंग लगने से इमारतों, जहाजों, पुलों और कारों को हर साल भारी आर्थिक क्षति होती है।
4.2 विकृतगंधिता (Rancidity)
विकृतगंधिता वह प्रक्रिया है जिसमें वसा और तेलयुक्त खाद्य पदार्थ हवा में ऑक्सीजन से उपचयित होकर
अपना स्वाद व गंध बदल देते हैं (“बासी” हो जाना)।
एंटीऑक्सीडेंट मिलाना
उपचयन को धीमा करने वाले पदार्थ खाद्य पदार्थों में मिलाए जाते हैं।
वायुरोधी डिब्बे
खाद्य पदार्थ को हवा (ऑक्सीजन) के संपर्क से दूर रखना।
नाइट्रोजन फ्लशिंग
तेल-वसायुक्त खाद्य पदार्थों की पैकिंग में नाइट्रोजन गैस भरकर ऑक्सीजन हटाई जाती है: जैसे चिप्स के पैकेट।
हर रासायनिक अभिक्रिया या तो कुछ जोड़ती है (संयोजन), कुछ तोड़ती है (वियोजन), या किसी का स्थान
बदल देती है (विस्थापन/द्विविस्थापन): और लगभग हर अभिक्रिया में ऊर्जा या तो निकलती है या सोखी जाती है।
इस अध्याय की एक पंक्ति में सीख
- क्या मैं बिना देखे संतुलित समीकरण लिखने की हिट-एंड-ट्रायल विधि के सभी चरण बता सकता/सकती हूँ?
- क्या मैं चारों प्रकार की अभिक्रियाओं को एक उदाहरण समीकरण के साथ पहचान सकता/सकती हूँ?
- क्या मैं उपचयन और अपचयन को बिना उलझे परिभाषित कर सकता/सकती हूँ?
- क्या मैं संक्षारण और विकृतगंधिता रोकने के दो-दो तरीके बता सकता/सकती हूँ?
- संतुलित समीकरण = दोनों ओर हर तत्व के परमाणु बराबर (द्रव्यमान संरक्षण का नियम)
- चार प्रकार: संयोजन (A+B→AB), वियोजन (AB→A+B), विस्थापन (A+BC→AC+B), द्विविस्थापन (आयन-अदला-बदली, अवक्षेप)
- उपचयन = ऑक्सीजन योग/H ह्रास; अपचयन = ऑक्सीजन ह्रास/H योग
- ऊष्माक्षेपी = ऊर्जा निकलती है; ऊष्माशोषी = ऊर्जा सोखी जाती है
- संक्षारण (जंग, काला पड़ना) और विकृतगंधिता (बासी भोजन) दोनों उपचयन के दैनिक जीवन में उदाहरण हैं