इस अध्याय के परीक्षा-उपयोगी प्रश्न, अंक-वार, हर प्रश्न के पूरे उत्तर के साथ। पहले स्वयं उत्तर लिखने की कोशिश कीजिए, फिर मिलाइए।
1 1 अंक के प्रश्न
प्र. रासायनिक समीकरण में तीर की दिशा क्या दर्शाती है?
उत्तर: तीर अभिक्रिया की दिशा दर्शाता है, अभिकारकों से उत्पादों की ओर।
प्र. कंकाली रासायनिक समीकरण किसे कहते हैं?
उत्तर: जिस समीकरण के दोनों ओर परमाणुओं की संख्या बराबर न हो, वह कंकाली (skeletal) रासायनिक समीकरण कहलाता है।
प्र. (aq) संकेत का क्या अर्थ है?
उत्तर: पदार्थ जल में विलयन (solution) के रूप में उपस्थित है।
प्र. थर्मल डीकम्पोज़िशन (ऊष्मीय वियोजन) किसे कहते हैं?
उत्तर: जब कोई वियोजन अभिक्रिया गर्म करके कराई जाए, तो उसे ऊष्मीय वियोजन कहते हैं।
प्र. अवक्षेप (precipitate) किसे कहते हैं?
उत्तर: किसी अभिक्रिया में बना वह अविलेय ठोस पदार्थ जो विलयन में नीचे बैठ जाता है, अवक्षेप कहलाता है।
प्र. जंग लगना किस प्रकार की प्रक्रिया है?
उत्तर: जंग लगना (rusting) संक्षारण की एक प्रक्रिया है, लोहा नमी और हवा की ऑक्सीजन से क्रिया करके धीरे-धीरे नष्ट होता है।
प्र. उपचयन को एक पंक्ति में परिभाषित कीजिए।
उत्तर: उपचयन ऑक्सीजन का योग या हाइड्रोजन का ह्रास है।
प्र. विकृतगंधिता से बचाव का एक तरीका बताइए।
उत्तर: भोजन को वायुरोधी डिब्बे में रखना, ताकि वह हवा (ऑक्सीजन) के संपर्क में न आए।
2 2 अंक के प्रश्न
प्र. रासायनिक समीकरण संतुलित क्यों होना चाहिए? कारण सहित समझाइए।
उत्तर: द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार किसी रासायनिक अभिक्रिया में द्रव्यमान न तो बनाया जा सकता है, न नष्ट किया जा सकता है। इसलिए अभिकारकों में मौजूद हर तत्व के परमाणुओं की संख्या और उत्पादों में उन परमाणुओं की संख्या बराबर होनी चाहिए, अन्यथा समीकरण भौतिक नियमों के विरुद्ध होगा।
प्र. संयोजन और वियोजन अभिक्रिया में एक-एक उदाहरण देते हुए अंतर बताइए।
उत्तर: संयोजन अभिक्रिया में दो या अधिक पदार्थ मिलकर एक ही उत्पाद बनाते हैं, जैसे CaO + H2O → Ca(OH)2। वियोजन अभिक्रिया इसके विपरीत है, एक अभिकारक टूटकर दो या अधिक सरल उत्पाद बनाता है, जैसे CaCO3 → CaO + CO2 (गर्म करने पर)।
प्र. ऊष्माक्षेपी और ऊष्माशोषी अभिक्रिया में अंतर बताइए, एक-एक उदाहरण सहित।
उत्तर: ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया में उत्पाद बनने के साथ ऊष्मा मुक्त होती है, जैसे श्वसन। ऊष्माशोषी अभिक्रिया में अभिकारकों को तोड़ने के लिए ऊर्जा अवशोषित करनी पड़ती है, जैसे CaCO3 का ऊष्मीय वियोजन।
प्र. विस्थापन और द्विविस्थापन अभिक्रिया में क्या अंतर है?
उत्तर: विस्थापन अभिक्रिया में एक अधिक क्रियाशील तत्व किसी यौगिक से एक कम क्रियाशील तत्व को हटा देता है (जैसे Fe+CuSO4→FeSO4+Cu)। द्विविस्थापन में दो अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है और एक अविलेय अवक्षेप बनता है (जैसे Na2SO4+BaCl2→BaSO4+2NaCl)।
प्र. क्रियाकलाप 1.11 में कॉपर चूर्ण को गर्म करने पर क्या देखा गया? समीकरण सहित लिखिए।
उत्तर: कॉपर चूर्ण को हवा में गर्म करने पर उसकी सतह पर काली परत जम जाती है, क्योंकि कॉपर हवा की ऑक्सीजन से उपचयित होकर कॉपर(II) ऑक्साइड बनाता है, 2Cu + O2 → 2CuO।
प्र. दीवार की सफेदी में होने वाली रासायनिक अभिक्रिया समझाइए।
उत्तर: बुझे चूने (कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड) का घोल दीवार पर लगाया जाता है। यह हवा की कार्बन डाइऑक्साइड से क्रिया करके कैल्शियम कार्बोनेट की पतली परत बनाता है, Ca(OH)2 + CO2 → CaCO3 + H2O, जो 2-3 दिन बाद दीवार को चमकदार बना देती है।
प्र. प्रकाश-अपघटन (photolytic decomposition) किसे कहते हैं? एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर: जब सूर्यप्रकाश की ऊर्जा से कोई वियोजन अभिक्रिया होती है, तो उसे प्रकाश-अपघटन कहते हैं। उदाहरण: 2AgCl(s) →(सूर्यप्रकाश) 2Ag(s) + Cl2(g), इसी सिद्धांत का उपयोग श्वेत-श्याम फोटोग्राफी में होता है।
प्र. जल के वैद्युत अपघटन (क्रियाकलाप 1.7) में क्या देखा जाता है?
उत्तर: अम्लीकृत जल में विद्युत धारा प्रवाहित करने पर दोनों इलेक्ट्रोड पर बुलबुले बनते हैं, एक इलेक्ट्रोड पर हाइड्रोजन गैस, दूसरे पर ऑक्सीजन गैस, और हाइड्रोजन का आयतन ऑक्सीजन के आयतन से ठीक दोगुना इकट्ठा होता है।
3 4 अंक के प्रश्न
प्र. समीकरण Fe + H2O → Fe3O4 + H2 को हिट-एंड-ट्रायल विधि से संतुलित करने के चरण लिखिए।
उत्तर: 1) प्रत्येक सूत्र के चारों ओर एक काल्पनिक बॉक्स मानें, अंदर कुछ न बदलें। 2) परमाणु गिनें: Fe 1→3, H 2→2, O 1→4। 3) सबसे अधिक परमाणुओं वाला यौगिक Fe3O4 चुनें, ऑक्सीजन संतुलित करने को 4H2O लें। 4) अब हाइड्रोजन संतुलित करें: दाईं ओर 4H2 लें। 5) अंत में लोहा संतुलित करें: बाईं ओर 3Fe लें। परिणाम: 3Fe + 4H2O → Fe3O4 + 4H2, जो पूर्ण संतुलित है।
प्र. उपचयन और अपचयन को ऑक्सीजन के योग/ह्रास के आधार पर एक-एक उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर: उपचयन: किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का योग या हाइड्रोजन का ह्रास होना, उदाहरण 2Cu + O2 → 2CuO, जिसमें कॉपर उपचयित होकर कॉपर ऑक्साइड बनता है। अपचयन: ऑक्सीजन का ह्रास या हाइड्रोजन का योग होना, उदाहरण CuO + H2 → Cu + H2O, जिसमें कॉपर ऑक्साइड अपचयित होकर कॉपर बनता है।
प्र. संक्षारण और विकृतगंधिता में अंतर बताइए और दोनों को रोकने के दो-दो उपाय लिखिए।
उत्तर: संक्षारण धातुओं का नमी/अम्ल की क्रिया से धीरे-धीरे नष्ट होना है (जैसे जंग)। इसे रोकने के उपाय: धातु की सतह पर पेंट या तेल लगाना, ताकि वह नमी व हवा की ऑक्सीजन के सीधे संपर्क में न आए। विकृतगंधिता वसा/तेलयुक्त भोजन का उपचयित होकर बासी होना है। इसे रोकने के उपाय: एंटीऑक्सीडेंट मिलाना, वायुरोधी डिब्बों में या नाइट्रोजन भरकर पैक करना।
प्र. चार प्रकार की रासायनिक अभिक्रियाओं को परिभाषा और एक-एक समीकरण देते हुए समझाइए।
उत्तर: 1) संयोजन: दो या अधिक पदार्थ मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं, C+O2→CO2। 2) वियोजन: एक अभिकारक टूटकर सरल उत्पाद बनाता है, CaCO3→CaO+CO2। 3) विस्थापन: अधिक क्रियाशील तत्व कम क्रियाशील तत्व को हटाता है, Zn+CuSO4→ZnSO4+Cu। 4) द्विविस्थापन: आयनों का आदान-प्रदान, अवक्षेप बनना, Na2SO4+BaCl2→BaSO4+2NaCl।
प्र. क्रियाकलाप 1.5 में फेरस सल्फेट क्रिस्टल को गर्म करने पर हुए परिवर्तन और अभिक्रिया को समझाइए।
उत्तर: हरे फेरस सल्फेट क्रिस्टल (FeSO4.7H2O) को गर्म करने पर वे पहले जल खोते हैं, फिर वियोजित होकर फेरिक ऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और सल्फर ट्राइऑक्साइड बनाते हैं। रंग हरे से बदलता है और गंधक जैसी गंध आती है, 2FeSO4(s) →(गर्म करने पर) Fe2O3(s) + SO2(g) + SO3(g)। यह एक ऊष्मीय वियोजन अभिक्रिया है।
प्र. अभिक्रिया की परिस्थितियों (तापमान, दाब, उत्प्रेरक) को समीकरण में कैसे दिखाया जाता है? उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर: अभिक्रिया की शर्तें तीर के ऊपर या नीचे लिखी जाती हैं। उदाहरण: CO(g) + 2H2(g) →(340 atm) CH3OH(l), यहाँ दाब की शर्त तीर के ऊपर लिखी है। प्रकाश-संश्लेषण में 6CO2(aq)+12H2O(l) →(सूर्यप्रकाश, क्लोरोफिल) C6H12O6(aq)+6O2(aq)+6H2O(l), यहाँ ऊर्जा-स्रोत और उत्प्रेरक दोनों तीर पर दिखाए गए हैं।
प्र. एक भूरे रंग का चमकदार तत्व ‘X’ हवा में गर्म करने पर काला हो जाता है। तत्व ‘X’ और बने यौगिक का नाम बताइए तथा संबंधित समीकरण लिखिए।
उत्तर: तत्व ‘X’ कॉपर (Cu) है और बना काला यौगिक कॉपर(II) ऑक्साइड (CuO) है। समीकरण: 2Cu(s) + O2(g) →(गर्म करने पर) 2CuO(s)। यह एक उपचयन अभिक्रिया है, जैसा क्रियाकलाप 1.11 में देखा गया।
4 6 अंक के प्रश्न
प्र. रासायनिक समीकरण क्या है? इसे संतुलित करने की आवश्यकता क्यों है और हिट-एंड-ट्रायल विधि से Zn + H2SO4 → ZnSO4 + H2 समीकरण की जाँच करते हुए समझाइए कि यह पहले से ही संतुलित क्यों है।
उत्तर: रासायनिक समीकरण किसी रासायनिक अभिक्रिया को रासायनिक सूत्रों के रूप में संक्षेप में दर्शाने का तरीका है। द्रव्यमान संरक्षण के नियम के अनुसार अभिक्रिया में द्रव्यमान न बनाया जा सकता है, न नष्ट, इसलिए समीकरण के दोनों ओर हर तत्व के परमाणु बराबर होने चाहिए, तभी वह संतुलित कहलाता है। Zn+H2SO4→ZnSO4+H2 की जाँच: Zn 1=1, H 2=2, S 1=1, O 4=4, दोनों ओर हर तत्व के परमाणु बराबर हैं, इसलिए यह पहले से ही एक संतुलित समीकरण है, इसमें किसी गुणांक की आवश्यकता नहीं।
प्र. चार प्रकार की रासायनिक अभिक्रियाओं (संयोजन, वियोजन, विस्थापन, द्विविस्थापन) को उदाहरण, समीकरण और एक विशेष विशेषता के साथ विस्तार से समझाइए।
उत्तर: 1) संयोजन अभिक्रिया: दो/अधिक पदार्थ मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं (CaO+H2O→Ca(OH)2); विशेषता, प्रायः ऊष्माक्षेपी होती है। 2) वियोजन अभिक्रिया: एक अभिकारक टूटकर सरल उत्पाद बनाता है (CaCO3→CaO+CO2); विशेषता, प्रायः ऊष्माशोषी, संयोजन का ठीक विपरीत। 3) विस्थापन अभिक्रिया: अधिक क्रियाशील तत्व कम क्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से हटाता है (Zn+CuSO4→ZnSO4+Cu); विशेषता, क्रियाशीलता क्रम पर निर्भर। 4) द्विविस्थापन अभिक्रिया: दो अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान, अविलेय अवक्षेप बनना (Na2SO4+BaCl2→BaSO4+2NaCl); विशेषता, अवक्षेपण अभिक्रिया भी कहलाती है।
प्र. उपचयन-अपचयन को परिभाषित कीजिए और बताइए कि किस प्रकार दोनों एक ही अभिक्रिया में साथ-साथ हो सकते हैं। दो उदाहरण समीकरण सहित दीजिए।
उत्तर: उपचयन ऑक्सीजन का योग या हाइड्रोजन का ह्रास है; अपचयन ऑक्सीजन का ह्रास या हाइड्रोजन का योग है। बहुत-सी अभिक्रियाओं में एक पदार्थ उपचयित होता है तो दूसरा साथ ही अपचयित होता है (redox अभिक्रिया)। उदाहरण 1: ZnO + C → Zn + CO, कार्बन उपचयित होकर CO बनता है, ZnO अपचयित होकर Zn बनता है। उदाहरण 2: MnO2 + 4HCl → MnCl2 + 2H2O + Cl2, HCl उपचयित होकर Cl2 बनता है, MnO2 अपचयित होकर MnCl2 बनता है।
प्र. दैनिक जीवन में उपचयन के दो प्रभावों, संक्षारण और विकृतगंधिता, को उदाहरण, कारण और रोकथाम के उपायों सहित विस्तार से समझाइए।
उत्तर: संक्षारण: धातु आसपास की नमी, अम्ल आदि की क्रिया से धीरे-धीरे नष्ट होती है, जैसे लोहे में जंग लगना, चाँदी का काला पड़ना, ताँबे पर हरी परत जमना। इससे इमारतों, जहाजों, पुलों और कारों को हर साल भारी आर्थिक क्षति होती है। रोकथाम: धातु की सतह पर पेंट या तेल लगाना, ताकि वह नमी व हवा की ऑक्सीजन के सीधे संपर्क में न आए। विकृतगंधिता: वसा और तेलयुक्त खाद्य पदार्थ हवा की ऑक्सीजन से उपचयित होकर स्वाद व गंध बदल देते हैं (‘बासी’ होना)। रोकथाम: एंटीऑक्सीडेंट मिलाना, वायुरोधी डिब्बों में रखना, नाइट्रोजन गैस से पैकिंग (जैसे चिप्स के पैकेट)।
5 केस स्टडी
(क) 1 अंक इस प्रयोग में कौन-सी धातु विस्थापित हुई?
उत्तर: कॉपर (Cu) विस्थापित हुआ।
(ख) 1 अंक कौन-सी धातु अधिक क्रियाशील सिद्ध हुई?
उत्तर: लोहा (Fe) कॉपर से अधिक क्रियाशील सिद्ध हुआ।
(ग) 2 अंक इस अभिक्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर: Fe(s) + CuSO4(aq) → FeSO4(aq) + Cu(s)
(घ) 2 अंक यह किस प्रकार की अभिक्रिया है और क्यों?
उत्तर: यह एक विस्थापन अभिक्रिया है, क्योंकि लोहे ने कॉपर को उसके यौगिक कॉपर सल्फेट से हटाकर स्वयं उसका स्थान ले लिया।
(क) 1 अंक इस अभिक्रिया में बने सफेद अविलेय पदार्थ का नाम बताइए।
उत्तर: बेरियम सल्फेट (BaSO4)।
(ख) 1 अंक इस प्रकार के उत्पाद को क्या कहते हैं?
उत्तर: इसे अवक्षेप (precipitate) कहते हैं।
(ग) 2 अंक इस अभिक्रिया का संतुलित रासायनिक समीकरण अवस्था-संकेत सहित लिखिए।
उत्तर: Na2SO4(aq) + BaCl2(aq) → BaSO4(s) + 2NaCl(aq)
(घ) 2 अंक इस अभिक्रिया को द्विविस्थापन अभिक्रिया क्यों कहा जाता है?
उत्तर: क्योंकि इसमें दोनों अभिकारकों के बीच आयनों (Na+, Ba2+, SO4^2-, Cl-) का आपस में आदान-प्रदान होता है, और परिणामस्वरूप एक अविलेय अवक्षेप (BaSO4) बनता है।