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अध्याय 4 मनोवैज्ञानिक विकार का त्वरित-पुनरावलोकन सारांश: मुख्य परिभाषाएँ, तालिकाएँ और सूचियाँ एक ही स्थान पर, परीक्षा से पहली रात के लिए।
1मुख्य परिभाषाएँ
मुख्य परिभाषाएँ
अनुकूलनबदलती पर्यावरणीय आवश्यकताओं के अनुसार व्यवहार में परिवर्तन लाने की क्षमता; ऐसा न कर पाना दुरनुकूलक कहलाता है
अपसामान्य मनोविज्ञानदुरनुकूलक व्यवहार पर केंद्रित मनोविज्ञान का क्षेत्र: कारण, परिणाम, उपचार
चार Dविसामान्यता, कष्ट, अपक्रिया, खतरा
मनोगतिक मॉडलइदम्, अहम् और पराहम् के बीच अचेतन द्वंद्व से आकार लेने वाला व्यवहार (फ्रॉयड)
रोगोन्मुखता-दबाव मॉडलजब जैविक पूर्ववृत्ति (रोगोन्मुखता) किसी दबावकारक से प्रेरित हो, तो विकार उत्पन्न होता है
दुश्चिंताभय और आशंका की विसृत, अस्पष्ट और अप्रीतिकर भावना
दुर्भीतिकिसी विशिष्ट वस्तु, लोग या स्थितियों के प्रति अविवेकी या अतर्क भय
विच्छेदनविचारों और भावनाओं के बीच संबंधों का विच्छेद; अवास्तविकता, विलगाव, पहचान की हानि/परिवर्तन
मुख्य अवसादी विकारअवसादी भावदशा की अवधि तथा अधिकांश गतिविधियों में अभिरुचि या आनंद न रहना, साथ में शरीर के भार में परिवर्तन, निद्रा की समस्याएँ, थकान, स्पष्ट चिंतन में असमर्थता, क्षोभ, बहुत धीरे-धीरे कार्य करना, अत्यधिक दोष या निकम्मेपन की भावना, मृत्यु और आत्महत्या के विचार
भ्रमासक्तिअपर्याप्त आधारों पर दृढ़ता से बना रहने वाला झूठा विश्वास, जो तर्कसंगत तर्क से प्रभावित नहीं होता
विभ्रांतिबिना किसी बाह्य उद्दीपन के होने वाला प्रत्यक्षण
बौद्धिक अशक्तता18 वर्ष की आयु से पहले प्रकट होने वाली, अनुकूली-व्यवहार में कमियों सहित औसत से कम बौद्धिक क्रियाशीलता (बुद्धिलब्धि 70 या उससे कम)
अलोगियावाक्-अयोग्यता; मनोविदलता का एक नकारात्मक लक्षण
इच्छाशक्ति न्यूनताउदासीनता, किसी कार्य को शुरू या पूरा न कर पाना
2अपसामान्यता के दो मत
सामाजिक मानकों से विचलन
- अपसामान्य = उचित प्रकार्यों से संबंधित समाज के विचारों से काफ़ी भिन्न
- समस्या: मानता है कि सामाजिक रूप से स्वीकृत व्यवहार अपसामान्य नहीं है, और सामान्यता केवल सामाजिक मानकों के प्रति अनुरूपता है
दुरनुकूलक व्यवहार
- सर्वोत्तम कसौटी: व्यक्ति/समूह के कल्याण और वृद्धि को बढ़ावा देना
- अनुरूप व्यवहार भी दुरनुकूलक होने पर अपसामान्य हो सकता है
3ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
अलौकिकबुरी आत्माएँ, झाड़-फूँक, ओझा
बार-बार आने वाले परिप्रेक्ष्यअलौकिक; जैविक/आंगिक (शरीर और मस्तिष्क ठीक से काम न करना); मनोवैज्ञानिक (चिंतन, अनुभूति या प्रत्यक्षण के ढंग में कमी)
प्राचीन यूनानहिपोक्रेट्स, सुकरात और विशेषकर प्लेटो: सर्वांगिक उपागम, बाधित व्यवहार संवेग और तर्क के बीच द्वंद्व से; ग्लेन: चार वृत्ति, इनका असंतुलन विकारों का कारण; भारत की त्रिदोष (वात, पित्त, कफ़) इससे मिलती-जुलती
मध्य युगभूत विद्या, चुड़ैल-मारण; संत ऑगस्टीन
पुनर्जागरणयोहान वेयर: “चुड़ैलें” मानसिक रूप से विक्षुब्ध थीं, चिकित्सा उपचार चाहिए
तर्क का युगवैज्ञानिक विधि; सुधार आंदोलन; संस्था-विमुक्ति
आधुनिकजैव-मनोसामाजिक (अन्योन्यक्रियात्मक) उपागम
4वर्गीकरण और मॉडल
| प्रणाली | प्रकाशक |
|---|---|
| डीएसएम-5 | अमरीकी मनोरोग संघ (APA) |
| आईसीडी-10 | विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) |
| न्यूरोट्रांसमीटर | परिवर्तन | विकार |
|---|---|---|
| GABA | कम | दुश्चिंता विकार |
| डोपामाइन | अधिक | मनोविदलता |
| सीरोटोनिन | कम | अवसाद |
1
जैविक
न्यूरोट्रांसमीटर (ऊपर की तालिका); आनुवंशिक कारक
2
मनोगतिक
इदम्, अहम्, पराहम् (फ्रॉयड)
3
व्यवहारात्मक
प्राचीन, क्रियाप्रसूत, सामाजिक अधिगम
4
संज्ञानात्मक
अविवेकशील मान्यताएँ, अतिसामान्यीकरण
5
आत्म-सिद्धि; जीवन को अर्थ देने की स्वतंत्रता
6
सामाजिक-सांस्कृतिक
युद्ध/हिंसा, पूर्वाग्रह और भेदभाव, आर्थिक समस्याएँ, तीव्र सामाजिक परिवर्तन, सामाजिक अवलंब की कमी; सामाजिक संज्ञाएँ और भूमिकाएँ
मनोवैज्ञानिक तथा अंतर्वैयक्तिक कारक: मातृत्व वंचन; माता-पिता और बच्चे के बीच दुरनुकूलक संबंध; दुरनुकूलक परिवार संरचना; अत्यधिक दबाव।
1 रोगोन्मुखताजैविक पूर्ववृत्ति, वंशानुगत हो सकती है
↓
2 दोषपूर्णताव्यक्ति “पूर्ववृत्त” या “खतरे में” हो जाता है
↓
3 विकारी प्रतिबलकदबावकारक जो पूर्ववृत्ति को वास्तव में विकार में बदल सकते हैं
5बारह विकार वर्ग: मुख्य तथ्य
| वर्ग | याद रखें |
|---|---|
| दुश्चिंता विकार | सबसे सामान्य वर्ग। GAD, आतंक विकार, 3 प्रकार की दुर्भीति, वियोगज दुश्चिंता विकार |
| मनोग्रस्ति-बाध्यता संबंधित | मनोग्रस्ति (विचार) बनाम बाध्यता (क्रिया); जमाखोरी, बाल-खींचना, त्वकछेदन |
| अभिघात/दबावकारक संबंधित | PTSD, समायोजन विकार, तीव्र दबाव विकार |
| कायिक अभिलक्षण एवं संबंधित | कायिक अभिलक्षण विकार, बीमारी दुश्चिंता विकार, परिवर्तन विकार |
| विच्छेदी | स्मृतिलोप (+आत्मविस्मृति), पहचान विकार (बहु-व्यक्तित्व), व्यक्तित्व-लोप/स्वअनुभूति-लोप |
| अवसादी | मुख्य अवसादी विकार; आत्महत्या: पूर्व प्रयास = सबसे प्रबल जोखिम कारक |
| द्विध्रुवीय एवं संबंधित | द्विध्रुवीय I, द्विध्रुवीय II, चक्रविक्षिप्ति; उन्माद + अवसाद |
| मनोविदलता वर्णक्रम | सकारात्मक/नकारात्मक/मनःचालित लक्षण; भ्रमासक्ति, विभ्रांति, कैटाटोनिया |
| तंत्रिकाजन्य | ए.डी.एच.डी., स्वलीनता वर्णक्रम विकार (~70% में बौद्धिक अशक्तता भी), बौद्धिक अशक्तता (बुद्धिलब्धि ≤70), विशिष्ट अधिगम विकार |
| हानिकारक/आवेग-नियंत्रण/आचरण | ODD, आचरण विकार; शाब्दिक/शारीरिक/शत्रुतापूर्ण/अग्रलक्षी आक्रामकता |
| पोषण एवं भोजन | क्षुधा-अभाव, क्षुधतिशयता, अनियंत्रित भोजन |
| मादक द्रव्य संबंधित एवं व्यसनकारी | मद्य, हेरोइन, कोकीन; सहनशीलता और वापसी। बॉक्स 4.3: ऐल्कोहॉल, उत्तेजक, कैफीन, कैनेबिस, विभ्रांति उत्पादक, सूँघने की दवाएँ, तंबाकू, ओपिऑयड, शामक/निद्राकारक/दुश्चिंता-रोधी |
6मनोविदलता लक्षण मानचित्र
तीन लक्षण श्रेणियाँ
सकारात्मकभ्रमासक्ति, असंगठित चिंतन एवं भाषा, प्रवर्धित प्रत्यक्षण, विभ्रांति, अनुपयुक्त भाव
नकारात्मकअलोगिया, विसंगत/कुंठित भाव, इच्छाशक्ति न्यूनता, सामाजिक विनिवर्तन
मनःचालितविचित्र भाव-भंगिमाएँ; अत्यंत रूप = कैटाटोनिया
7बौद्धिक अशक्तता: बुद्धिलब्धि परिसर
| स्तर | अनुमानित बुद्धिलब्धि परिसर |
|---|---|
| निम्न | 55 से लगभग 70 |
| सामान्य (मध्यम) | 35/40 से लगभग 50/55 |
| तीव्र (गंभीर) | 20/25 से लगभग 35/40 |
| अतिगंभीर | 20/25 से नीचे |
अंतिम पुनरावलोकन
- चार D: विसामान्यता, कष्ट, अपक्रिया, खतरा
- अपसामान्यता के दो मत: सामाजिक-मानक विचलन बनाम दुरनुकूलक व्यवहार
- डीएसएम-5 (APA) और आईसीडी-10 (WHO) विकारों को वर्गीकृत करते हैं
- GABA↓ = दुश्चिंता, डोपामाइन↑ = मनोविदलता, सीरोटोनिन↓ = अवसाद
- मनोवैज्ञानिक विकारों के बारह वर्ग, प्रत्येक के अपने नामित उप-प्रकार
- आत्महत्या रोकी जा सकती है; पूर्व प्रयास सबसे प्रबल जोखिम कारक है
- कुछ लक्षणों के आधार पर अपने या दूसरों के बारे में निष्कर्ष न निकालें, और एक दूसरे का उपचार करने का प्रयास न करें
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री