इस अध्याय के 17 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, परीक्षा की प्रचलित शैलियों में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंकइस अध्याय के अनुसार, शोधकर्ता को शोध पद्धति कब चुननी चाहिए?
(क) शोध प्रश्न का सावधानीपूर्वक निर्धारण करने के बाद(ख) किसी विषय पर निर्णय लेने से पहले(ग) विशेष शोध प्रश्न तय होने से पहले(घ) पद्धति और प्रश्न, दोनों एक साथ, बिना किसी क्रम के तय होते हैं - 1 अंकअध्याय सर्वेक्षण की प्रश्नावलियों की तुलना किससे करता है?
(क) समय के साथ बदलाव दिखाने वाली चलती फ़िल्म से(ख) किसी खुली, असीमित बातचीत से(ग) एक विशेष समय पर खींची गई फ़ोटो से(घ) समाचारपत्र के पुराने अंक से - 1 अंकजिस साक्षात्कार में सिर्फ़ विषय पहले से तय होते हैं और असली प्रश्न बातचीत के दौरान उभरते हैं, उसे क्या कहते हैं?
(क) संरचित साक्षात्कार(ख) असंरचित साक्षात्कार(ग) सर्वेक्षण(घ) ऐतिहासिक अध्ययन - 1 अंकपुस्तक के सार्वजनिक-स्थान उदाहरण में, यह क्यों महत्त्वपूर्ण हो सकता है कि कोई ख़ास वर्ग किसी जगह पर कभी न दिखे?
(क) प्रेक्षण में अनुपस्थिति भी उतनी ही महत्त्वपूर्ण हो सकती है जितनी उपस्थिति(ख) इसका मतलब है शोधकर्ता ने ग़लत जगह चुनी(ग) इसका कोई शोध-मूल्य नहीं होता(घ) इसका मतलब है सर्वेक्षण पद्धति अपनानी चाहिए - 1 अंकजनसंचार माध्यमों वाले उदाहरण में, समय के साथ बदलाव जानने के लिए कौन-सी दो पद्धतियाँ मिलाई जाती हैं?
(क) साक्षात्कार और प्रेक्षण(ख) सर्वेक्षण और साक्षात्कार(ग) प्रेक्षण और ऐतिहासिक पद्धति(घ) सर्वेक्षण और ऐतिहासिक पद्धति - 1 अंकसह-शिक्षा विद्यालयों बनाम ‘केवल बालकों’ या ‘केवल बालिकाओं’ वाले विद्यालयों के उदाहरण में, अध्याय दिखाता है कि ख़ुशी वाले एक ही प्रश्न के लिए कौन-सी तीन पद्धतियाँ अपनाई जा सकती हैं?
(क) सर्वेक्षण, ऐतिहासिक पद्धति, केस स्टडी(ख) प्रेक्षण, ऐतिहासिक पद्धति, प्रयोग(ग) साक्षात्कार, प्रेक्षण, सर्वेक्षण(घ) साक्षात्कार, प्रयोग, सर्वेक्षण - 1 अंकइस अध्याय की परियोजनाएँ शुरू करने से पहले, छात्रों को कक्षा 11 की किस पाठ्यपुस्तक का कौन-सा अध्याय दोबारा देखने को कहा गया है?
(क) ‘समाजशास्त्र परिचय’ का अध्याय 5, “समाजशास्त्र – अनुसंधान पद्धतियाँ”(ख) ‘समाजशास्त्र परिचय’ का अध्याय 1(ग) ऐसा कोई संदर्भ नहीं दिया गया(घ) ‘भारतीय समाज’ का अध्याय 7 - 1 अंकइनमें से कौन-सी बात अध्याय स्कूल में सर्वेक्षण करने की व्यावहारिक कठिनाई के रूप में नहीं गिनाता?
(क) प्रश्नावली बाँटने के लिए अध्यापक की अनुमति चाहिए होना(ख) कुछ छात्रों का भरी हुई प्रश्नावली न लौटाना(ग) पर्याप्त प्रतियाँ बनाने में लगने वाला समय और मेहनत(घ) छात्रों का सर्वेक्षण वाले दिन स्कूल आने से मना करना
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकअभिकथन (A): सर्वेक्षण में किसी उत्तरदाता के अप्रत्याशित रूप से दिलचस्प उत्तर पर आगे सवाल नहीं पूछे जा सकते।
कारण (R): सर्वेक्षण में पूछे जाने वाले प्रश्न पहले से तय होते हैं और बीच में बदले नहीं जा सकते।
(क) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं करता(ग) A सही है, पर R ग़लत है(घ) A ग़लत है, पर R सही है - 1 अंकअभिकथन (A): प्रेक्षण में शोधकर्ता को पहले से ही ठीक-ठीक तय करना होता है कि क्या प्रासंगिक है और बाक़ी सब नज़रअंदाज़ करना होता है।
कारण (R): अध्याय कहता है कि क्या हो रहा है इस पर बारीकी से नज़र रखनी होती है, बिना यह पहले से तय किए कि क्या प्रासंगिक है और क्या नहीं।
(क) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की सही व्याख्या नहीं करता(ग) A सही है, पर R ग़लत है(घ) A ग़लत है, पर R सही है
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसूची I (पद्धति) का सूची II (विशेषता) से मेल करें।
सूची I: (i) सर्वेक्षण (ii) साक्षात्कार (iii) प्रेक्षण (iv) ऐतिहासिक पद्धति
सूची II: (a) पुराने समाचारपत्र या पत्रिकाओं जैसी अतीत की सामग्री का उपयोग (b) व्यवस्थित रूप से देखना और दर्ज करना (c) बड़ी संख्या में लोगों से एक जैसे तय प्रश्न पूछना (d) कम लोगों से आमने-सामने बातचीत
(क) i-c, ii-d, iii-b, iv-a(ख) i-d, ii-c, iii-a, iv-b(ग) i-c, ii-b, iii-d, iv-a(घ) i-a, ii-d, iii-b, iv-c
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंकशोध पद्धतियों के बारे में निम्नलिखित दो कथनों पर विचार करें।
कथन I: संरचित साक्षात्कार पहले से तय प्रश्नों के क्रम का पालन करता है।
कथन II: असंरचित साक्षात्कार में भी सही क्रम में ठीक-ठीक प्रश्न पहले से तय होते हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
(क) न तो कथन I और न ही कथन II सही है(ख) केवल कथन I सही है(ग) कथन I और कथन II, दोनों सही हैं(घ) केवल कथन II सही है
5 काल-क्रम प्रश्न
काल-क्रम प्रश्न
- 1 अंकअध्याय के तर्क के अनुसार, शोध परियोजना की योजना बनाने के इन चरणों को सही क्रम में लगाएँ।
1. प्रश्न के अनुकूल शोध पद्धति चुनना
2. किसी व्यापक विषय में रुचि लेना
3. चुनी हुई पद्धति से सबूत जुटाना और उनका विश्लेषण करना
4. विषय को एक विशेष शोध प्रश्न में सिकोड़ना
(क) 2-1-4-3(ख) 2-4-1-3(ग) 4-2-1-3(घ) 2-4-3-1
6 रिक्त स्थान
रिक्त स्थान
- 1 अंकप्रश्नावलियाँ एक विशेष समय पर खींची गई ______ की तरह होती हैं, इसलिए सर्वेक्षण पहले या बाद की बदली हुई स्थिति नहीं दिखाता।
(क) फ़ोटो(ख) साक्षात्कार(ग) अभिलेख(घ) केस स्टडी
7 असंगत चुनिए
असंगत चुनिए
- 1 अंकइनमें से तीन इस अध्याय में बताई गई शोध पद्धतियाँ हैं। कौन-सी नहीं है?
(क) सर्वेक्षण(ख) साक्षात्कार(ग) प्रयोग(घ) प्रेक्षण
8 गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
सोनू अपनी समाजशास्त्र परियोजना सार्वजनिक परिवहन पर करना चाहता है। उसका पहला विचार सिर्फ़ ‘मेरे शहर में सार्वजनिक परिवहन’ है, पर उसके अध्यापक कहते हैं कि यह शोध करने के लिए बहुत व्यापक है। सोनू फिर इसे एक ठोस प्रश्न में सिकोड़ता है: ‘क्या पिछले दस वर्षों में ऑटो-रिक्शा की उपलब्धता ने दिहाड़ी मज़दूरों के काम पर जाने के तरीक़े को बदला है?’ अब उसे यह तय करना है कि इस प्रश्न के लिए सबूत कैसे इकट्ठा करे।
- 1 अंकगद्यांश के अनुसार, सोनू के अध्यापक ने उसका पहला विचार, ‘मेरे शहर में सार्वजनिक परिवहन’, क्यों अस्वीकार किया?
(क) यह कोई दिलचस्प विषय नहीं था(ख) इस पर पहले ही किसी और ने शोध कर लिया था(ग) यह सीधे शोध करने के लिए बहुत व्यापक था(घ) इसके लिए सिर्फ़ ऐतिहासिक पद्धति ही चाहिए थी
9 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकइस अध्याय के बारे में निम्नलिखित कथन पढ़ें और सही/ग़लत (T/F) का सही संयोजन चुनें।
(i) एक प्रश्न के लिए चुनी गई पद्धति हर दूसरे प्रश्न के लिए भी अपने-आप उपयुक्त होती है।
(ii) पद्धति चुनते समय समय और संसाधन जैसी व्यावहारिकता भी मायने रखती है।
(iii) अध्याय छह सुझाए गए परियोजना विषय देता है।
(क) (i) सही, (ii) सही, (iii) सही(ख) (i) ग़लत, (ii) सही, (iii) सही(ग) (i) सही, (ii) ग़लत, (iii) ग़लत(घ) (i) ग़लत, (ii) ग़लत, (iii) सही
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (क) अध्याय कहता है कि शोध प्रश्न का सावधानीपूर्वक निर्धारण करने के बाद, शोधकर्ता का सबसे पहला काम उपयुक्त शोध प्रणाली का चयन करना होता है।
- (ग) अध्याय कहता है कि प्रश्नावली ‘एक विशेष समय पर खींची गई फ़ोटो’ की तरह होती है और उससे पहले या बाद की स्थिति नहीं दिखती।
- (ख) असंरचित साक्षात्कार में सिर्फ़ विषय पहले से तय होते हैं, असली प्रश्न बातचीत के दौरान ही सामने आते हैं।
- (क) अध्याय कहता है कि जो हो नहीं रहा, वह भी उतना ही महत्त्वपूर्ण या दिलचस्प हो सकता है जितना जो हो रहा है।
- (घ) सर्वेक्षण आज की स्थिति बताता है, जबकि ऐतिहासिक पद्धति (पुराने समाचारपत्र, पत्रिकाएँ, टीवी कार्यक्रम) पहले की स्थिति बताती है।
- (ग) अध्याय साक्षात्कार, प्रेक्षण और सर्वेक्षण, तीनों को इसी एक प्रश्न का उत्तर देने के तरीक़े के रूप में दिखाता है।
- (क) अध्याय स्पष्ट रूप से कक्षा 11 की ‘समाजशास्त्र परिचय’ के अध्याय 5, “समाजशास्त्र – अनुसंधान पद्धतियाँ” को फिर से देखने को कहता है।
- (घ) अध्याय अनुमति की समस्या, प्रतियों की लागत और अधूरे/न लौटाए गए उत्तरों की बात करता है। छात्रों के स्कूल न आने की बात कहीं नहीं है।
अभिकथन-कारण
- (क) दोनों कथन सही हैं, सर्वेक्षण के प्रश्नों का पहले से तय होना (R) ही वह कारण है जिसकी वजह से दिलचस्प उत्तरों पर आगे पूछताछ रुक जाती है (A)।
- (घ) A ग़लत है: अध्याय इसके ठीक उलट कहता है, प्रासंगिकता पहले से तय नहीं की जानी चाहिए। R सही है और यही बताता है कि A क्यों ग़लत है।
सुमेलन कीजिए
- (क) सर्वेक्षण = बहुत लोगों से तय प्रश्न (i-c); साक्षात्कार = कम लोगों से आमने-सामने (ii-d); प्रेक्षण = देखना और दर्ज करना (iii-b); ऐतिहासिक पद्धति = पुरानी सामग्री का उपयोग (iv-a)।
कथन आधारित प्रश्न
- (ख) कथन I सही है। कथन II ग़लत है: असंरचित साक्षात्कार में सिर्फ़ विषय पहले से तय होते हैं, ठीक-ठीक प्रश्न नहीं, वे बातचीत के दौरान उभरते हैं।
काल-क्रम प्रश्न
- (ख) अध्याय के तर्क से यह क्रम बनता है: व्यापक विषय (2) को विशेष प्रश्न में सिकोड़ना (4); ‘एक निर्धारित प्रश्न चुन लेने के बाद अगला कदम होता है उपयुक्त पद्धति का चयन करना’ (1); फिर सबूत जुटाना और विश्लेषण (3), यानी 2-4-1-3।
रिक्त स्थान
- (क) अध्याय की अपनी तुलना: प्रश्नावलियाँ ‘एक विशेष समय पर खींची गई फ़ोटो की तरह’ एक निश्चित स्थिति का ही चित्र प्रस्तुत करती हैं।
असंगत चुनिए
- (ग) अध्याय सर्वेक्षण, साक्षात्कार, प्रेक्षण और ऐतिहासिक पद्धति गिनाता है। प्रयोगशाला-जैसे ‘प्रयोग’ का यहाँ कोई ज़िक्र नहीं है।
गद्यांश आधारित प्रश्न
- (ग) गद्यांश कहता है कि अध्यापक को यह पहला विचार ‘शोध करने के लिए बहुत व्यापक’ लगा, ठीक वैसे ही जैसे अध्याय विषय को सिकोड़ने पर ज़ोर देता है।
सत्य-असत्य
- (ख) (i) ग़लत है: एक प्रश्न के लिए उपयुक्त पद्धति दूसरे प्रश्नों के लिए ज़रूरी नहीं उपयुक्त हो। (ii) और (iii) दोनों सही हैं।
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री