इस अध्याय के 22 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, हर परीक्षा-शैली में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंकइस अध्याय के अनुसार भारत को अपने पड़ोसी देशों से किन वर्षों में युद्ध लड़ना पड़ा?
(क) 1947, 1965 और 1971(ख) 1962, 1965 और 1971(ग) 1962, 1971 और 1999(घ) 1948, 1962 और 1965 - 1 अंक1956 में ब्रिटेन ने किस मामले को लेकर मिस्र पर आक्रमण किया, जिसके विरुद्ध भारत ने विश्वव्यापी विरोध की अगुवाई की?
(क) तिब्बत के मामले को लेकर(ख) कश्मीर के मामले को लेकर(ग) स्वेज नहर के मामले को लेकर(घ) सिंधु नदी के मामले को लेकर - 1 अंकबांडुंग सम्मेलन किस वर्ष हुआ और अध्याय के अनुसार इसका सबसे बड़ा परिणाम क्या रहा?
(क) 1955 में; इसी सम्मेलन में गुटनिरपेक्ष आंदोलन की नींव पड़ी(ख) 1961 में; इसी सम्मेलन में गुटनिरपेक्ष आंदोलन का पहला सम्मेलन हुआ(ग) 1954 में; यहीं पंचशील की घोषणा हुई(घ) 1947 में; यहीं एशियाई एकता का प्रस्ताव पारित हुआ - 1 अंकचीन ने भारतीय भू-क्षेत्र में पड़ने वाले किन दो इलाकों के अधिकांश हिस्सों पर अपना अधिकार जताया?
(क) सिक्किम और नगालैंड(ख) अक्साई-चीन और असम(ग) जम्मू-कश्मीर के लद्दाख वाले हिस्से का अक्साई-चीन और अरुणाचल प्रदेश(घ) मणिपुर और त्रिपुरा - 1 अंकभारत और पाकिस्तान के बीच नदी जल में हिस्सेदारी का लंबा विवाद किसकी मध्यस्थता से सुलझा?
(क) संयुक्त राष्ट्र संघ की(ख) सोवियत संघ की(ग) संयुक्त राज्य अमरीका की(घ) विश्व बैंक की - 1 अंकताशकंद-समझौते में मध्यस्थ की भूमिका किसने निभाई?
(क) संयुक्त राज्य अमरीका ने(ख) सोवियत संघ ने(ग) विश्व बैंक ने(घ) संयुक्त राष्ट्र संघ ने - 1 अंकभारत के परमाणु कार्यक्रम की शुरुआत 1940 के दशक के अंतिम सालों में किसके निर्देशन में हुई थी?
(क) होमी जहाँगीर भाभा के(ख) वी.के. कृष्णमेनन के(ग) सी. राजगोपालाचारी के(घ) के.पी.एस. मेनन के - 1 अंकसंविधान सभा की एक बहस (मार्च 1949) के दौरान नेहरू ने किसे ‘आज़ादी की कसौटी’ बताया था?
(क) लोकतांत्रिक चुनावों को(ख) विदेश संबंधों के अपने हाथ में होने को(ग) आर्थिक आत्मनिर्भरता को(घ) सैन्य ताकत को
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकनीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
A: 1962 के युद्ध के दौरान भारत को अमरीका और ब्रिटेन दोनों से सैन्य मदद की गुहार लगानी पड़ी।
R: चीन-युद्ध से भारत की छवि को देश और विदेश दोनों ही जगह धक्का लगा।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या करता है।(ख) A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं करता।(ग) A सही है पर R ग़लत है।(घ) A ग़लत है पर R सही है। - 1 अंकनीचे दो कथन दिए गए हैं, एक को अभिकथन (A) और दूसरे को कारण (R) कहा गया है।
A: 1962 के युद्ध में सोवियत संघ ने खुलकर भारत का साथ दिया।
R: चीन ने 1962 के अक्तूबर में दोनों विवादित क्षेत्रों पर बड़ी तेज़ी तथा व्यापक स्तर पर हमला किया।
(क) A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या करता है।(ख) A और R दोनों सही हैं पर R, A की सही व्याख्या नहीं करता।(ग) A सही है पर R ग़लत है।(घ) A ग़लत है पर R सही है।
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:
सूची I: (i) पंचशील (ii) बांडुंग सम्मेलन (iii) दलाई लामा (iv) 1950-64 के दौरान भारत की विदेश नीति का लक्ष्य
सूची II: (अ) इसकी परिणति गुटनिरपेक्ष आंदोलन में हुई (ब) शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पाँच सिद्धांत (स) क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा तथा आर्थिक विकास (द) तिब्बत के धार्मिक नेता जो सीमा पार करके भारत चले आए
(क) i-अ, ii-ब, iii-द, iv-स(ख) i-ब, ii-अ, iii-द, iv-स(ग) i-ब, ii-स, iii-अ, iv-द(घ) i-द, ii-अ, iii-ब, iv-स - 1 अंकसूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए:
सूची I: (i) होमी जहाँगीर भाभा (ii) वी.के. कृष्णमेनन (iii) अटल बिहारी वाजपेयी (iv) राजीव गाँधी
सूची II: (अ) 1979 में चीन के दौरे पर जाने वाले पहले शीर्ष नेता (तब विदेश मंत्री) (ब) नेहरू के बाद चीन के दौरे पर जाने वाले पहले प्रधानमंत्री (स) जिनके निर्देशन में परमाणु कार्यक्रम शुरू हुआ (द) 1962 के युद्ध के बाद मंत्रिमंडल छोड़ने वाले रक्षामंत्री
(क) i-स, ii-अ, iii-द, iv-ब(ख) i-द, ii-स, iii-अ, iv-ब(ग) i-स, ii-द, iii-ब, iv-अ(घ) i-स, ii-द, iii-अ, iv-ब
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंकनीचे दो कथन दिए गए हैं:
(i) नेहरू प्रधानमंत्री के साथ-साथ विदेश मंत्री भी थे।
(ii) उन्होंने 1946 से 1964 तक भारत की विदेश नीति की रचना और क्रियान्वयन पर गहरा प्रभाव डाला।
इनमें कौन-सा या कौन-से कथन सही हैं?
(क) केवल (i)(ख) केवल (ii)(ग) (i) और (ii) दोनों(घ) न (i) और न (ii) - 1 अंकनीचे दो कथन दिए गए हैं:
(i) 1971 में पूरे साल भारत को 80 लाख शरणार्थियों का बोझ वहन करना पड़ा।
(ii) ये शरणार्थी पश्चिमी पाकिस्तान से भागकर भारत आए थे।
इनमें कौन-सा या कौन-से कथन सही हैं?
(क) केवल (i)(ख) केवल (ii)(ग) (i) और (ii) दोनों(घ) न (i) और न (ii)
5 काल-क्रम प्रश्न
काल-क्रम प्रश्न
- 1 अंकनिम्नलिखित को काल-क्रम में लगाइए:
(i) एशियाई संबंध सम्मेलन (ii) बांडुंग सम्मेलन (iii) गुटनिरपेक्ष आंदोलन का पहला सम्मेलन (iv) पंचशील की घोषणा
(क) i, ii, iv, iii(ख) iv, i, ii, iii(ग) i, iv, ii, iii(घ) i, ii, iii, iv - 1 अंकनिम्नलिखित को काल-क्रम में लगाइए:
(i) ताशकंद-समझौता (ii) सिंधु नदी जल संधि (iii) शिमला-समझौता (iv) भारत-सोवियत 20-वर्षीय संधि
(क) ii, i, iii, iv(ख) ii, i, iv, iii(ग) i, ii, iv, iii(घ) ii, iv, i, iii
6 रिक्त स्थान
रिक्त स्थान
- 1 अंकशांतिपूर्ण सहअस्तित्व के पाँच सिद्धांतों यानी पंचशील की घोषणा नेहरू और चाऊ एन लाई ने ______ को की।
(क) 29 अप्रैल 1955(ख) 29 अप्रैल 1950(ग) 29 अप्रैल 1954(घ) 26 जुलाई 1954 - 1 अंकनेहरू और जनरल अयूब खान ने सिंधु नदी जल संधि पर ______ में हस्ताक्षर किए।
(क) 1965(ख) 1966(ग) 1954(घ) 1960
7 असंगत चुनिए
असंगत चुनिए
- 1 अंकअध्याय जिन देशों को अणुशक्ति-संपन्न बिरादरी और सुरक्षा परिषद् का स्थायी सदस्य बताता है, उस सूची में कौन शामिल नहीं है?
(क) जापान(ख) फ्रांस(ग) ब्रिटेन(घ) चीन
8 गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
1999 के शुरुआती महीनों में भारतीय इलाके की नियंत्रण सीमा रेखा के कई ठिकानों जैसे द्रास, माश्कोह, काकसर और बतालिक पर अपने को मुजाहिद्दीन बताने वालों ने कब्ज़ा कर लिया था। पाकिस्तानी सेना की इसमें मिलीभगत भाँप कर भारतीय सेना इस कब्ज़े के खिलाफ़ हरकत में आयी। इससे दोनों देशों के बीच संघर्ष छिड़ गया। इसे ‘करगिल की लड़ाई’ के नाम से जाना जाता है। 1999 के मई-जून में यह लड़ाई जारी रही। 26 जुलाई 1999 तक भारत अपने अधिकतर ठिकानों पर पुनः अधिकार कर चुका था। करगिल की लड़ाई ने पूरे विश्व का ध्यान खींचा था क्योंकि इससे ठीक एक साल पहले दोनों देश परमाणु हथियार बनाने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर चुके थे। बहरहाल, यह लड़ाई सिर्फ करगिल के इलाके तक ही सीमित रही। पाकिस्तान में, इस लड़ाई को लेकर बहुत विवाद मचा। कहा गया कि सेना के प्रमुख ने प्रधानमंत्री को इस मामले में अँधेरे में रखा था। इस लड़ाई के तुरंत बाद पाकिस्तान की हुकूमत पर जनरल परवेज मुशर्रफ की अगुवाई में पाकिस्तानी सेना ने नियंत्रण कर लिया।
- 1 अंकगद्यांश के अनुसार करगिल की लड़ाई ने पूरे विश्व का ध्यान क्यों खींचा?
(क) क्योंकि इससे ठीक एक साल पहले दोनों देश परमाणु हथियार बनाने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर चुके थे(ख) क्योंकि यह लड़ाई पूरे उपमहाद्वीप में फैल गई थी(ग) क्योंकि संयुक्त राष्ट्र संघ ने इसमें हस्तक्षेप किया था(घ) क्योंकि इसमें सोवियत संघ ने मध्यस्थता की थी
गद्यांश
भारत ने परमाणु अप्रसार के लक्ष्य को ध्यान में रखकर की गई संधियों का विरोध किया क्योंकि ये संधियाँ उन्हीं देशों पर लागू होने को थीं जो परमाणु शक्ति से हीन थे। इन संधियों के द्वारा परमाणु हथियारों से लैस देशों की जमात के परमाणु शक्ति पर एकाधिकार को वैधता दी जा रही थी। इसी कारण, 1995 में जब परमाणु-अप्रसार संधि को अनियतकाल के लिए बढ़ा दिया गया तो भारत ने इसका विरोध किया और उसने व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि (सीटीबीटी) पर भी हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। भारत ने 1998 के मई में परमाणु परीक्षण किए और यह जताया कि उसके पास सैन्य उद्देश्यों के लिए अणुशक्ति को इस्तेमाल में लाने की क्षमता है। इसके तुरंत बाद पाकिस्तान ने भी परमाणु परीक्षण किए। इससे क्षेत्र में परमाणु युद्ध की आशंका को बल मिला। अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी भारतीय उपमहाद्वीप में हुए इस परमाणु परीक्षण को लेकर बहुत नाराज थी और उसने भारत तथा पाकिस्तान, दोनों पर कुछ प्रतिबंध लगाए जिन्हें बाद में हटा लिया गया। भारत की परमाणु नीति में सैद्धांतिक तौर पर यह बात स्वीकार की गई है कि भारत अपनी रक्षा के लिए परमाणु हथियार रखेगा लेकिन इन हथियारों का ‘प्रयोग पहले नहीं’ करेगा। भारत की परमाणु नीति में यह बात दुहराई गई है कि भारत वैश्विक स्तर पर लागू और भेदभाव हीन परमाणु निशस्त्रीकरण के प्रति वचनबद्ध है ताकि परमाणु हथियारों से मुक्त विश्व की रचना हो।
- 1 अंकगद्यांश के अनुसार भारत ने परमाणु अप्रसार के लक्ष्य वाली संधियों का विरोध क्यों किया?
(क) क्योंकि भारत परमाणु निशस्त्रीकरण के खिलाफ़ था(ख) क्योंकि भारत सुरक्षा परिषद् का स्थायी सदस्य बनना चाहता था(ग) क्योंकि इन संधियों में पाकिस्तान शामिल नहीं था(घ) क्योंकि ये संधियाँ उन्हीं देशों पर लागू होने को थीं जो परमाणु शक्ति से हीन थे और इनसे परमाणु एकाधिकार को वैधता मिल रही थी
9 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकनीचे तीन कथन दिए गए हैं:
(i) दलाई लामा ने सीमा पारकर भारत में प्रवेश किया और 1959 में भारत से शरण माँगी।
(ii) 1950 में चीन ने तिब्बत पर नियंत्रण कर लिया।
(iii) 1958 में तिब्बत में चीनी आधिपत्य के विरुद्ध जो सशस्त्र विद्रोह हुआ, उसे भारत की सेना ने दबा दिया।
क्रमशः सही और ग़लत का सही संयोजन चुनिए:
(क) सही, ग़लत, सही(ख) सही, सही, ग़लत(ग) ग़लत, सही, सही(घ) सही, सही, सही
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (ख) अध्याय की शुरुआत में ही लिखा है कि भारत को अपने पड़ोसी देशों से 1962, 1965 और 1971 में युद्ध लड़ना पड़ा था।
- (ग) अध्याय के अनुसार 1956 में जब ब्रिटेन ने स्वेज नहर के मामले को लेकर मिस्र पर आक्रमण किया तो भारत ने इस नव-औपनिवेशिक हमले के विरुद्ध विश्वव्यापी विरोध की अगुवाई की।
- (क) अध्याय के अनुसार इंडोनेशिया के एक शहर बांडुंग में एफ्रो-एशियाई सम्मेलन 1955 में हुआ और बांडुंग-सम्मेलन में ही गुटनिरपेक्ष आंदोलन की नींव पड़ी।
- (ग) अध्याय के अनुसार चीन ने भारतीय भू-क्षेत्र में पड़ने वाले दो इलाकों, जम्मू-कश्मीर के लद्दाख वाले हिस्से के अक्साई-चीन और अरुणाचल प्रदेश, के अधिकांश हिस्सों पर अपना अधिकार जताया। अरुणाचल प्रदेश को उस समय नेफा कहा जाता था।
- (घ) अध्याय के अनुसार विश्व बैंक की मध्यस्थता से नदी जल में हिस्सेदारी को लेकर चला आ रहा एक लंबा विवाद सुलझा लिया गया और नेहरू तथा जनरल अयूब खान ने सिंधु नदी जल संधि पर 1960 में हस्ताक्षर किए।
- (ख) अध्याय के अनुसार भारतीय प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री और पाकिस्तान के जनरल अयूब खान के बीच 1966 में ताशकंद-समझौता हुआ और सोवियत संघ ने इसमें मध्यस्थ की भूमिका निभाई।
- (क) अध्याय के अनुसार नेहरू की औद्योगीकरण की नीति का एक महत्त्वपूर्ण घटक परमाणु कार्यक्रम था, जिसकी शुरुआत 1940 के दशक के अंतिम सालों में होमी जहाँगीर भाभा के निर्देशन में हो चुकी थी।
- (ख) अध्याय के हाशिये पर छपे नेहरू के अवतरण के अनुसार आज़ादी बुनियादी तौर पर विदेश संबंधों से ही बनी होती है और यही आज़ादी की कसौटी भी है। एक बार विदेश संबंध दूसरे के हाथ में चले जाएँ तो उस हद तक आप आज़ाद नहीं रहते।
अभिकथन-कारण
- (ख) दोनों कथन अध्याय के अपने वाक्य हैं और सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता। छवि को धक्का लगना युद्ध का एक परिणाम है, सैन्य मदद माँगने का कारण नहीं। अध्याय मदद माँगने की वजह अलग से बताता है: ‘इस संकट से उबरने के लिए’ भारत को अमरीका और ब्रिटेन दोनों से सैन्य मदद की गुहार लगानी पड़ी।
- (घ) A ग़लत है, क्योंकि अध्याय साफ़ कहता है कि सोवियत संघ इस संकट की घड़ी में तटस्थ बना रहा। R सही है, अध्याय में चीन के अक्तूबर 1962 के हमले का यही वर्णन है।
सुमेलन कीजिए
- (ख) यह अध्याय की प्रश्नावली का दूसरा प्रश्न ही है। पंचशील शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पाँच सिद्धांत हैं, बांडुंग सम्मेलन की परिणति गुटनिरपेक्ष आंदोलन में हुई, दलाई लामा तिब्बत के धार्मिक नेता थे जो सीमा पार करके भारत आए, और 1950-64 की विदेश नीति का लक्ष्य क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा तथा आर्थिक विकास था।
- (घ) परमाणु कार्यक्रम की शुरुआत होमी जहाँगीर भाभा के निर्देशन में हुई; रक्षामंत्री वी.के. कृष्णमेनन को 1962 के बाद मंत्रिमंडल छोड़ना पड़ा; ‘कुछ आगे की’ बॉक्स के अनुसार अटल बिहारी वाजपेयी (तब विदेश मंत्री) 1979 में चीन गए, और बाद में राजीव गाँधी नेहरू के बाद चीन जाने वाले पहले प्रधानमंत्री बने।
कथन आधारित प्रश्न
- (ग) दोनों कथन अध्याय के अपने वाक्य हैं। नेहरू प्रधानमंत्री के साथ-साथ विदेश मंत्री भी थे और इन्हीं दोनों रूपों में 1946 से 1964 तक उन्होंने विदेश नीति पर गहरा प्रभाव डाला।
- (क) कथन (i) सही है। कथन (ii) ग़लत है, क्योंकि अध्याय के अनुसार ये शरणार्थी पूर्वी पाकिस्तान से भागकर भारत के नजदीकी इलाकों में शरण लिए हुए थे।
काल-क्रम प्रश्न
- (ग) एशियाई संबंध सम्मेलन 1947 के मार्च में हुआ, पंचशील की घोषणा 29 अप्रैल 1954 को, बांडुंग सम्मेलन 1955 में और गुटनिरपेक्ष आंदोलन का पहला सम्मेलन 1961 के सितंबर में बेलग्रेड में।
- (ख) सिंधु नदी जल संधि 1960 में हुई, ताशकंद-समझौता 1966 में, भारत-सोवियत शांति और मित्रता की 20-वर्षीय संधि 1971 में और शिमला-समझौता 3 जुलाई 1972 को।
रिक्त स्थान
- (ग) अध्याय का वाक्य है कि शांतिपूर्ण सहअस्तित्व के पाँच सिद्धांतों यानी पंचशील की घोषणा भारत के प्रधानमंत्री नेहरू और चीन के प्रमुख चाऊ एन लाई ने संयुक्त रूप से 29 अप्रैल 1954 में की।
- (घ) अध्याय के अनुसार नेहरू और जनरल अयूब खान ने सिंधु नदी जल संधि पर 1960 में हस्ताक्षर किए और भारत-पाक संबंधों में नरमी-गरमी के बावजूद इस संधि पर ठीक-ठाक अमल होता रहा।
असंगत चुनिए
- (क) अध्याय की सूची है: संयुक्त राज्य अमरीका, सोवियत संघ, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन। जापान इस सूची में नहीं है।
गद्यांश आधारित प्रश्न
- (क) गद्यांश का वाक्य है कि करगिल की लड़ाई ने पूरे विश्व का ध्यान खींचा था क्योंकि इससे ठीक एक साल पहले दोनों देश परमाणु हथियार बनाने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर चुके थे।
- (घ) गद्यांश का पहला वाक्य ही यह कारण देता है: ये संधियाँ उन्हीं देशों पर लागू होने को थीं जो परमाणु शक्ति से हीन थे, और इनके द्वारा परमाणु हथियारों से लैस देशों की जमात के एकाधिकार को वैधता दी जा रही थी।
सत्य-असत्य
- (ख) पहले दो कथन अध्याय के तिब्बत बॉक्स के अपने वाक्य हैं। तीसरा कथन ग़लत है, क्योंकि अध्याय के अनुसार 1958 के विद्रोह को चीन की सेनाओं ने दबाया था।
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री