इस अध्याय के 21 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, हर परीक्षा-शैली में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।
1 सीधे प्रश्न
सीधे प्रश्न
- 1 अंकअल-बिरूनी का जन्म किस वर्ष हुआ?
(क) 973(ख) 1017(ग) 1048(घ) 1030 - 1 अंकसुल्तान महमूद अल-बिरूनी को विद्वानों सहित अपने साथ किस नगर ले गया?
(क) दिल्ली(ख) ग़ज़नी(ग) बग़दाद(घ) समरक़ंद - 1 अंक‘हिंदू’ शब्द मूलतः किस भाषा का एक प्राचीन शब्द है, जो सिंधु के पूर्व के क्षेत्र के लिए प्रयुक्त होता था?
(क) फ़ारसी(ख) अरबी(ग) तुर्की(घ) संस्कृत - 1 अंकअल-बिरूनी ने किस विद्वान के व्याकरण को संस्कृत से अरबी में अनुवादित किया?
(क) पाणिनि(ख) पतंजलि(ग) कौटिल्य(घ) वात्स्यायन - 1 अंकअपने वृत्तांत के अनुसार तैंजियर से प्रस्थान के समय इब्न बतूता की आयु कितनी थी?
(क) 18 वर्ष(ख) 20 वर्ष(ग) 22 वर्ष(घ) 25 वर्ष - 1 अंकसुल्तान मुहम्मद बिन तुग़लक़ ने 1342 में इब्न बतूता को किस उद्देश्य से भेजा?
(क) व्यापार बढ़ाने हेतु(ख) तीर्थयात्रा हेतु(ग) सैन्य सहायता माँगने हेतु(घ) मंगोल शासक के पास दूत बनाकर - 1 अंकइब्न बतूता के वृत्तांत की तुलना प्रायः किस यूरोपीय यात्री से की जाती है?
(क) कोलंबस(ख) वास्को द गामा(ग) मार्को पोलो(घ) मैगलन - 1 अंकइब्न बतूता के अनुसार दिल्ली में कितने द्वार थे?
(क) अट्ठाईस(ख) अठारह(ग) बत्तीस(घ) बारह - 1 अंकइब्न बतूता के अनुसार घोड़े की डाक-व्यवस्था को क्या कहा जाता था?
(क) दावा(ख) अवस्थान(ग) बरीद(घ) उलुक - 1 अंकबर्नियर पहले किस मुग़ल राजकुमार के चिकित्सक रहे?
(क) दारा शिकोह(ख) औरंगज़ेब(ग) मुराद(घ) शाह शुजा - 1 अंकबर्नियर ने मुग़ल नगरों को यह दावा करते हुए किस नाम से पुकारा कि वे केवल घूमते शाही दरबार की सेवा के लिए मौजूद थे?
(क) व्यापार-नगर(ख) बंदरगाह-नगर(ग) तीर्थ-नगर(घ) शिविर-नगर
2 अभिकथन-कारण
अभिकथन-कारण
- 1 अंकअभिकथन (A) : अल-बिरूनी ने अनुष्ठानिक अपवित्रता (ritual pollution) के विचार को अस्वीकार किया।
कारण (R) : उनका तर्क था कि अपवित्रता की अवस्था स्थायी है क्योंकि प्रकृति में कोई भी वस्तु अपनी मूल शुद्धता पुनः प्राप्त नहीं कर सकती।
(क) A और R दोनों सही हैं, और R, A की सही व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सही है, पर R ग़लत है(घ) A ग़लत है, पर R सही है
3 सुमेलन कीजिए
सुमेलन कीजिए
- 1 अंकसूची I का सूची II से मिलान कीजिए।
सूची I : (i) अल-बिरूनी (ii) इब्न बतूता (iii) फ्रांस्वा बर्नियर (iv) अब्दुर रज़्ज़ाक़ समरक़ंदी
सूची II : (a) कालीकट बंदरगाह नापसंद पर मंगलौर के मंदिर से चकित (b) किताब-उल-हिन्द के लेखक (c) दिल्ली के क़ाज़ी रहे (d) फ्रांसीसी चिकित्सक जिन्होंने भारत को यूरोप से हीन दिखाया
(क) i-a, ii-b, iii-c, iv-d(ख) i-c, ii-d, iii-a, iv-b(ग) i-b, ii-c, iii-d, iv-a(घ) i-d, ii-a, iii-b, iv-c - 1 अंकसूची I का सूची II से मिलान कीजिए।
सूची I : (i) कारखाना (ii) रिह्ला (iii) किताब-उल-हिन्द (iv) प्राच्य निरंकुशवाद
सूची II : (a) इब्न बतूता का यात्रा-वृत्तांत (b) अल-बिरूनी की रचना (c) शिल्पकारों की राजकीय कार्यशाला (d) मॉन्टेस्क्यू का सिद्धांत
(क) i-a, ii-c, iii-d, iv-b(ख) i-c, ii-a, iii-b, iv-d(ग) i-b, ii-d, iii-c, iv-a(घ) i-d, ii-b, iii-a, iv-c
4 कथन आधारित प्रश्न
कथन आधारित प्रश्न
- 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
कथन I : दिल्ली की डाक-व्यवस्था सूचना को अत्यंत तीव्र गति से पहुँचाती थी।
कथन II : पैदल डाक में संदेशवाहक ताँबे की घंटियों वाली छड़ लेकर दौड़ता था और अगले अवस्थान पर बैठे लोग घंटियाँ सुनकर तैयार रहते थे, जिससे सिंध से दिल्ली की पचास दिन की दूरी की सूचना केवल पाँच दिन में सुल्तान तक पहुँच जाती थी।
(क) दोनों कथन सही हैं, और कथन II कथन I की व्याख्या करता है(ख) दोनों कथन सही हैं, पर कथन II कथन I की व्याख्या नहीं करता(ग) कथन I सही है, कथन II ग़लत है(घ) कथन I ग़लत है, कथन II सही है - 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
कथन I : अल-बिरूनी ने लिखा कि प्राचीन फ़ारस में भी चार सामाजिक वर्गों को मान्यता थी : घुड़सवार और शासक वर्ग, भिक्षु, आनुष्ठानिक पुरोहित तथा चिकित्सक, खगोल शास्त्री तथा अन्य वैज्ञानिक और अंत में कृषक तथा शिल्पकार।
कथन II : उन्होंने इस समानता के आधार पर निष्कर्ष निकाला कि भारत की जाति-व्यवस्था फ़ारस से उधार ली गई थी।
(क) दोनों कथन सही हैं, और कथन II कथन I की व्याख्या करता है(ख) दोनों कथन सही हैं, पर कथन II कथन I की व्याख्या नहीं करता(ग) कथन I सही है, कथन II ग़लत है(घ) कथन I ग़लत है, कथन II सही है
5 काल-क्रम प्रश्न
काल-क्रम प्रश्न
- 1 अंकनिम्नलिखित घटनाओं को काल-क्रम में रखिए।
1. बर्नियर का भारत आगमन
2. अल-बिरूनी का जन्म
3. सुल्तान महमूद का ख़्वारिज़्म पर आक्रमण
4. इब्न बतूता का भारत के लिए प्रस्थान
(क) 2-3-4-1(ख) 1-2-3-4(ग) 2-1-4-3(घ) 3-2-4-1 - 1 अंकइब्न बतूता के अपने वृत्तांत के अनुसार इन यात्राओं को कम से अधिक दिनों के क्रम में रखिए।
1. सिंध से दिल्ली
2. ग्वालियर से दिल्ली
3. मुल्तान से दिल्ली
(क) 2-3-1(ख) 1-2-3(ग) 3-1-2(घ) 1-3-2
6 असंगत चुनिए
असंगत चुनिए
- 1 अंकनिम्नलिखित में से कौन अध्याय के तीन मुख्य यात्रियों (अल-बिरूनी, इब्न बतूता, बर्नियर) में शामिल नहीं है?
(क) अल-बिरूनी(ख) इब्न बतूता(ग) मार्को पोलो(घ) फ्रांस्वा बर्नियर
7 गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
“उन लोगों के लिए सहायक जो उनसे (हिंदुओं) धार्मिक विषयों पर चर्चा करना चाहते हैं और ऐसे लोगों के लिए एक सूचना का संग्रह जो उनके साथ संबद्ध होना चाहते हैं।”
— अल-बिरूनी द्वारा अपने कार्य का वर्णन (स्रोत 1)
— अल-बिरूनी द्वारा अपने कार्य का वर्णन (स्रोत 1)
- 1 अंकउपरोक्त गद्यांश में अल-बिरूनी अपनी रचना का उद्देश्य किसके लिए बताते हैं?
(क) हिंदुओं के साथ धार्मिक चर्चा और मेलजोल चाहने वाले पाठकों के लिए(ख) केवल शासकों के लिए जो कर वसूलना चाहते थे(ग) केवल व्यापारियों के लिए जो भारत में व्यापार करना चाहते थे(घ) यूनानी दार्शनिकों के लिए जो भारत के बारे में जानना चाहते थे
8 सत्य-असत्य
सत्य-असत्य
- 1 अंकनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए।
(i) इब्न बतूता ने भारत के लिए यात्रा 1332-33 में शुरू की।
(ii) वे 1340 में मोरक्को लौट आए।
(क) दोनों सही हैं(ख) केवल (i) सही है(ग) केवल (ii) सही है(घ) दोनों ग़लत हैं
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
- (क) अल-बिरूनी का जन्म 973 में ख़्वारिज़्म (आज का उज़्बेकिस्तान) में हुआ, जो शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र था।
- (ख) 1017 में सुल्तान महमूद ने ख़्वारिज़्म पर आक्रमण किया और अल-बिरूनी सहित विद्वानों को अपनी राजधानी ग़ज़नी ले गया।
- (क) यह लगभग छठी-पाँचवीं शताब्दी ई.पू. का एक प्राचीन फ़ारसी शब्द था; अरबों ने क्षेत्र को अल-हिंद और तुर्कों ने लोगों को हिंदू कहा, पर मूल रूप से इसका कोई धार्मिक अर्थ नहीं था।
- (ख) अल-बिरूनी ने संस्कृत रचनाएँ, जिनमें पतंजलि का व्याकरण शामिल है, अरबी में अनुवादित कीं।
- (ग) “तैंजियर से, मेरे जन्म-स्थान से, मेरा प्रस्थान गुरुवार को हुआ… उस समय मेरी आयु बाईस वर्ष थी” (स्रोत 2)।
- (घ) एक मतभेद के कारण संक्षिप्त कारागार-वास के बाद, मुक्त होने पर 1342 में इब्न बतूता को चीन के मंगोल शासक के पास दूत के रूप में भेजा गया।
- (ग) उनके वृत्तांत की तुलना अक्सर मार्को पोलो से की जाती है, एक वेनिस-निवासी जिसने तेरहवीं सदी के अंत में चीन और भारत की यात्रा की थी।
- (क) उनके वृत्तांत के अनुसार दिल्ली में अट्ठाईस द्वार थे, जिनमें बदायूँ दरवाज़ा सबसे बड़ा था।
- (घ) घोड़े की डाक, जिसे उलुक कहते हैं, हर चार मील की दूरी पर तैनात राजकीय घोड़ों से चलती थी; पैदल डाक को दावा कहते थे।
- (क) बर्नियर पहले राजकुमार दारा शिकोह के चिकित्सक रहे, बाद में आर्मीनियाई अमीर दानिशमंद ख़ान के बौद्धिक साथी बने।
- (घ) बर्नियर ने मुग़ल नगरों को “शिविर-नगर” कहा, यह दावा करते हुए कि वे दरबार के जाते ही ढह जाते; अध्याय दिखाता है कि वास्तव में नगर कई प्रकार के थे।
अभिकथन-कारण
- (ग) A सही है, पर R ग़लत है : अल-बिरूनी का वास्तविक तर्क इसके विपरीत था, सूर्य वायु को शुद्ध करता है, नमक समुद्र को सड़ने से रोकता है, और जो कुछ भी अपवित्र होता है वह अंततः पुनः पवित्रता प्राप्त कर लेता है, इसलिए स्थायी अपवित्रता प्राकृतिक नियम के विरुद्ध थी।
सुमेलन कीजिए
- (ग) अल-बिरूनी किताब-उल-हिन्द के लेखक थे (i-b), इब्न बतूता दिल्ली के क़ाज़ी रहे (ii-c), बर्नियर ने भारत को यूरोप से हीन दिखाया (iii-d), और अब्दुर रज़्ज़ाक़ मंगलौर के मंदिर से चकित रह गए (iv-a)।
- (ख) कारख़ाना शिल्पियों की राजकीय कार्यशाला था (i-c), रिह्ला इब्न बतूता का यात्रा-वृत्तांत है (ii-a), किताब-उल-हिन्द अल-बिरूनी की रचना है (iii-b), और प्राच्य निरंकुशवाद मॉन्टेस्क्यू का सिद्धांत है (iv-d)।
कथन आधारित प्रश्न
- (क) दोनों कथन सही हैं, और कथन II कथन I की व्याख्या करता है : संदेशवाहकों की घंटी-प्रणाली एक प्रमुख कारण है जिससे डाक-व्यवस्था इतनी तेज़ थी।
- (ग) कथन I सही है, कथन II ग़लत है : अल-बिरूनी ने केवल यह दिखाया कि सामाजिक विभाजन भारत के लिए अद्वितीय नहीं था; उन्होंने कहीं भी उधार लेने का दावा नहीं किया।
काल-क्रम प्रश्न
- (क) अल-बिरूनी का जन्म 973 में, सुल्तान महमूद का आक्रमण 1017 में, इब्न बतूता का प्रस्थान 1332-33 में, और बर्नियर का आगमन 1656 में हुआ: क्रम 2-3-4-1।
- (क) ग्वालियर से दिल्ली दस दिन, मुल्तान से दिल्ली चालीस दिन, और सिंध से दिल्ली लगभग पचास दिन लगते थे: बढ़ते क्रम में 2-3-1।
असंगत चुनिए
- (ग) मार्को पोलो का उल्लेख केवल इब्न बतूता से तुलना के लिए किया गया है; वे अध्याय के तीन मुख्य यात्री नहीं हैं।
गद्यांश आधारित प्रश्न
- (क) अल-बिरूनी ने अपनी रचना का वर्णन उन लोगों की सहायता के लिए किया जो हिंदुओं के साथ धार्मिक प्रश्नों पर चर्चा करना और उनसे मेलजोल रखना चाहते हैं।
सत्य-असत्य
- (ख) केवल (i) सही है : इब्न बतूता ने वास्तव में 1332-33 में भारत की यात्रा शुरू की, पर वे 1340 में नहीं, बल्कि 1347 में लौटना शुरू हुए और अंततः 1354 में घर पहुँचे।
इसी अध्याय की बाक़ी सामग्री