NCERT की पाठ्यपुस्तक विज्ञान के अध्याय 2 «अम्ल, क्षारक एवं लवण» की अभ्यास के सभी 15 प्रश्नों के पूरे हल, हिंदी संस्करण की अपनी शब्दावली में। पहले ख़ुद उत्तर सोचिए, फिर मिलाइए।
1 कोई विलयन लाल लिटमस को नीला कर देता है, इसका pH संभवतः क्या होगा?
(क) 1 (ख) 4 (ग) 5 (घ) 10
उत्तर: (घ) 10। लाल लिटमस को नीला करना क्षारकीय स्वभाव दर्शाता है, अतः pH 7 से अधिक होना चाहिए। केवल विकल्प (घ) 10 यह शर्त पूरी करता है।
2 कोई विलयन अंडे के पिसे हुए कवच से अभिक्रिया कर एक गैस उत्पन्न करता है, जो चूने के पानी को दूधिया कर देती है। इस विलयन में क्या होगा?
(क) NaCl (ख) HCl (ग) LiCl (घ) KCl
उत्तर: (ख) HCl। अंडे के कवच में कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO₃) होता है, जो अम्ल से अभिक्रिया कर CO₂ गैस मुक्त करता है (जो चूने के पानी को दूधिया करती है): CaCO₃ + 2HCl → CaCl₂ + H₂O + CO₂↑। विकल्पों में केवल HCl एक अम्ल है।
3 NaOH का 10 mL विलयन, HCl के 8 mL विलयन से पूर्णतः उदासीन हो जाता है। यदि हम NaOH के उसी विलयन का 20 mL लें तो इसे उदासीन करने के लिए HCl के उसी विलयन की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी?
(क) 4 mL (ख) 8 mL (ग) 12 mL (घ) 16 mL
उत्तर: (घ) 16 mL। 10 mL NaOH को उदासीन करने के लिए 8 mL HCl चाहिए, अतः अनुपात 10:8 है। 20 mL NaOH (यानी दोगुना) को उदासीन करने के लिए HCl भी दोगुनी अर्थात् 16 mL चाहिए।
4 अपच का उपचार करने के लिए निम्नलिखित में से किस औषधि का उपयोग होता है?
(क) एंटीबायोटिक (प्रतिजैविक) (ख) ऐनालजेसिक (पीड़ाहरी) (ग) ऐन्टैसिड (घ) एंटीसेप्टिक (प्रतिरोधी)
उत्तर: (ग) ऐन्टैसिड। अपच पेट में अधिक अम्ल बनने से होता है; ऐन्टैसिड (जैसे मिल्क ऑफ मैग्नीशिया) एक हल्का क्षारक है जो अतिरिक्त अम्ल को उदासीन कर राहत देता है।
5 निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए पहले शब्द-समीकरण फिर संतुलित समीकरण लिखिए
उत्तर (क) तनु सल्फ्यूरिक अम्ल + दानेदार जिंक: जिंक + सल्फ्यूरिक अम्ल → जिंक सल्फेट + हाइड्रोजन; Zn(s) + H₂SO₄(dil.) → ZnSO₄(aq) + H₂(g)↑
उत्तर (ख) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल + मैग्नीशियम पट्टी: मैग्नीशियम + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल → मैग्नीशियम क्लोराइड + हाइड्रोजन; Mg(s) + 2HCl(dil.) → MgCl₂(aq) + H₂(g)↑
उत्तर (ग) तनु सल्फ्यूरिक अम्ल + एल्युमिनियम चूर्ण: एल्युमिनियम + सल्फ्यूरिक अम्ल → एल्युमिनियम सल्फेट + हाइड्रोजन; 2Al(s) + 3H₂SO₄(dil.) → Al₂(SO₄)₃(aq) + 3H₂(g)↑
उत्तर (घ) तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल + लौह रेतन: लौह + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल → आयरन(II) क्लोराइड + हाइड्रोजन; Fe(s) + 2HCl(dil.) → FeCl₂(aq) + H₂(g)↑
6 ऐल्कोहॉल एवं ग्लूकोज़ जैसे यौगिकों में भी हाइड्रोजन होते हैं, लेकिन इनका वर्गीकरण अम्ल की तरह नहीं होता है। एक क्रियाकलाप द्वारा इसे साबित कीजिए।
उत्तर: दो परखनलियों में क्रमशः तनु HCl तथा ग्लूकोज़/ऐल्कोहॉल का विलयन लेकर, दोनों में कॉर्क में लगे दो नोकदार तार (एक बैटरी, बल्ब व स्विच से जुड़े परिपथ के भाग) डुबोए जाते हैं। HCl विलयन में परिपथ पूरा होने पर बल्ब जलता है (विद्युत का चालन होता है), जबकि ग्लूकोज़ या ऐल्कोहॉल के विलयन में बल्ब नहीं जलता। इससे सिद्ध होता है कि HCl जल में आयनित होकर H⁺ आयन देता है (चालक), जबकि ग्लूकोज़/ऐल्कोहॉल में हाइड्रोजन होते हुए भी वे जल में आयनित होकर H⁺ आयन नहीं देते। इसलिए इन्हें अम्ल नहीं माना जाता।
7 आसवित जल विद्युत का चालक क्यों नहीं होता, जबकि वर्षा जल होता है?
उत्तर: आसवित (शुद्ध) जल में कोई आयन उपस्थित नहीं होते, इसलिए यह विद्युत का चालन नहीं करता। वर्षा जल हवा से गुजरते समय वायुमंडलीय CO₂ को अवशोषित कर कार्बोनिक अम्ल (H₂CO₃) बनाता है, जो आयनित होकर H⁺ व CO₃²⁻/HCO₃⁻ आयन देता है। इन्हीं आयनों की उपस्थिति के कारण वर्षा जल विद्युत का चालन करता है।
8 जल की अनुपस्थिति में शुष्क HCl गैस का व्यवहार अम्लीय क्यों नहीं होता है?
उत्तर: अम्ल का अम्लीय व्यवहार (H⁺ आयन देना) जल की उपस्थिति में ही संभव है, क्योंकि H⁺ आयन जल के अणु से संयोग कर हाइड्रोनियम आयन (H₃O⁺) बनाते हैं जो अम्लीय गुण दर्शाता है: HCl + H₂O → H₃O⁺ + Cl⁻। जल की अनुपस्थिति में यह आयनन संभव नहीं होता, इसीलिए शुष्क HCl गैस अम्लीय व्यवहार प्रदर्शित नहीं करती।
9 पाँच विलयनों A, B, C, D व E की सार्वत्रिक सूचक से जाँच करने पर pH के मान क्रमशः 4, 1, 11, 7 एवं 9 प्राप्त होते हैं। कौन-सा विलयन उदासीन, प्रबल क्षारीय, प्रबल अम्लीय, दुर्बल अम्लीय व दुर्बल क्षारीय है? pH के मानों को हाइड्रोजन आयन सांद्रता के आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
उत्तर:
(क) उदासीन: D (pH 7)
(ख) प्रबल क्षारीय: C (pH 11)
(ग) प्रबल अम्लीय: B (pH 1)
(घ) दुर्बल अम्लीय: A (pH 4)
(ङ) दुर्बल क्षारीय: E (pH 9)
pH जितना कम, H⁺ सांद्रता उतनी अधिक, अतः H⁺ सांद्रता का आरोही क्रम (कम से ज्यादा): C (11) < E (9) < D (7) < A (4) < B (1)।
10 परखनली ‘A’ एवं ‘B’ में समान लंबाई की मैग्नीशियम पट्टी लीजिए। ‘A’ में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) तथा ‘B’ में एसिटिक अम्ल (CH₃COOH) डालिए, दोनों की मात्रा व सांद्रता समान हैं। किस परखनली में अधिक तेज़ी से बुदबुदाहट होगी तथा क्यों?
उत्तर: परखनली ‘A’ (HCl) में अधिक तेज़ी से बुदबुदाहट होगी। HCl एक प्रबल अम्ल है जो जल में लगभग पूर्णतः आयनित होकर अधिक H⁺ आयन सांद्रता देता है, जबकि CH₃COOH एक दुर्बल अम्ल है जो आंशिक रूप से ही आयनित होता है। अधिक H⁺ सांद्रता के कारण HCl, मैग्नीशियम के साथ अधिक तेज़ी से अभिक्रिया कर H₂ गैस मुक्त करता है।
11 ताज़े दूध के pH का मान 6 होता है। दही बन जाने पर इसके pH के मान में क्या परिवर्तन होगा? अपना उत्तर समझाइए।
उत्तर: दही बनने पर pH का मान 6 से घटकर और अधिक अम्लीय हो जाएगा। दही जमने की प्रक्रिया में उपस्थित जीवाणु (बैक्टीरिया) दूध की शर्करा (लैक्टोज़) को लैक्टिक अम्ल में परिवर्तित करते हैं, जिससे विलयन की अम्लता बढ़ जाती है और pH मान घट जाता है।
12 एक ग्वाला ताज़े दूध में थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाता है। (क) ताज़े दूध के pH के मान को 6 से बदलकर थोड़ा क्षारीय क्यों बना देता है? (ख) इस दूध को दही बनने में अधिक समय क्यों लगता है?
उत्तर (क): बेकिंग सोडा (NaHCO₃) एक क्षारकीय पदार्थ है, इसलिए दूध में मिलाने पर विलयन की pH 6 से बढ़कर हल्की क्षारीय हो जाती है।
उत्तर (ख): दही जमने के लिए दूध का माध्यम अम्लीय होना आवश्यक है (जीवाणुओं द्वारा लैक्टिक अम्ल बनने से)। चूँकि दूध पहले से हल्का क्षारीय बना दिया गया है, इसे पर्याप्त अम्लीय होने में सामान्य से अधिक समय लगता है, जिससे दही बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। यही कारण है कि यह विधि दूध को अधिक समय तक ताज़ा रखने में सहायक है।
13 प्लास्टर ऑफ पेरिस को आर्द्रतारोधी बर्तन में क्यों रखा जाना चाहिए? इसकी व्याख्या कीजिए।
उत्तर: प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO₄·½H₂O) वायुमंडल की नमी को सोखने की प्रबल प्रवृत्ति रखता है। नमी सोखने पर यह जल के साथ अभिक्रिया कर पुनः जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) में बदल जाता है: CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O → CaSO₄·2H₂O, और एक ठोस, कठोर पिंड बन जाता है, जो आगे उपयोग के योग्य नहीं रहता। इसीलिए इसे वायुरोधी (आर्द्रतारोधी) बर्तन में रखा जाता है ताकि यह नमी के संपर्क में न आए।
14 उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है? दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर: जब कोई अम्ल किसी क्षारक से अभिक्रिया करके लवण व जल बनाता है, तो इसे उदासीनीकरण अभिक्रिया कहते हैं: अम्ल + क्षारक → लवण + जल।
उदाहरण 1: HCl(aq) + NaOH(aq) → NaCl(aq) + H₂O(l)
उदाहरण 2: H₂SO₄(aq) + Ca(OH)₂(aq) → CaSO₄(aq) + 2H₂O(l)
15 धोने का सोडा एवं बेकिंग सोडा के दो-दो प्रमुख उपयोग बताइए।
उत्तर, धोने का सोडा (Na₂CO₃·10H₂O): काँच, साबुन व कागज़ उद्योगों में कच्चे माल के रूप में; जल की स्थायी कठोरता दूर करने में।
उत्तर, बेकिंग सोडा (NaHCO₃): बेकिंग पाउडर के घटक के रूप में (केक/ब्रेड को फुलाने हेतु); प्रतिअम्ल (एंटासिड) के रूप में पेट की अतिरिक्त अम्लता उदासीन करने में।