परीक्षा से ठीक पहले के दोहराव के लिए इस अध्याय का निचोड़: सभी परिभाषाएँ, अभिक्रियाएँ और समीकरण एक जगह। विस्तार से पढ़ने के लिए पूरे नोट्स अलग से उपलब्ध हैं।
1 परिभाषाएँ
वे पदार्थ जो जल में H⁺ आयन देते हैं। उदाहरण: HCl, H₂SO₄, CH₃COOH (सिरका), साइट्रिक अम्ल।
वे पदार्थ जो जल में OH⁻ आयन देते हैं। उदाहरण: NaOH, KOH, Ca(OH)₂, NH₄OH।
अम्ल और क्षार की अभिक्रिया से बना आयनिक यौगिक। उदाहरण: NaCl, CaSO₄।
हाइड्रोजन आयन की सांद्रता बताने वाला 0 से 14 का पैमाना (p = जर्मन शब्द ‘पुसांस’, अर्थ ‘शक्ति’): कम pH = अम्लीय, pH 7 = उदासीन, अधिक pH = क्षारकीय। H₃O⁺ की सांद्रता जितनी अधिक, pH उतना कम।
2 सूचक (Indicators)
| सूचक | अम्ल में | क्षार में |
|---|---|---|
| लिटमस (नीला) | लाल | नीला |
| मेथिल ऑरेंज | लाल | पीला |
| फेनॉल्फथेलिन | रंगहीन | गुलाबी |
| हल्दी | पीला | लाल-भूरा |
3 कुछ सामान्य पदार्थों का pH (पुस्तक का चित्र 2.7)
- जठर रस: लगभग 1.2
- नींबू का रस: लगभग 2.2
- शुद्ध जल: 7
- रक्त: 7.4
- मिल्क ऑफ मैग्नीशिया: 10
- सोडियम हाइड्रॉक्साइड विलयन: लगभग 14
4 धातु, कार्बोनेट व ऑक्साइड की अभिक्रिया
धातु के साथ:
Zn + H₂SO₄ → ZnSO₄ + H₂↑ (जाँच: तीली से ‘पॉप’ ध्वनि)
2NaOH + Zn → Na₂ZnO₂ + H₂↑
कार्बोनेट के साथ:
Na₂CO₃ + 2HCl → 2NaCl + H₂O + CO₂↑
CO₂ की जाँच: Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃↓ + H₂O (चूने का पानी दूधिया)
धात्विक ऑक्साइड (क्षारकीय) के साथ: CuO + 2HCl → CuCl₂ + H₂O
अधात्विक ऑक्साइड (अम्लीय) के साथ: CO₂ क्षारक Ca(OH)₂ से अभिक्रिया कर लवण बनाता है। अधात्विक ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के होते हैं।
5 लवण परिवार व लवणों का pH
लवण परिवार: उभयनिष्ठ आयन वाले लवण एक परिवार बनाते हैं: सोडियम परिवार (NaCl, Na₂SO₄), क्लोराइड परिवार (NaCl, KCl)
| संयोजन | pH | उदाहरण |
|---|---|---|
| प्रबल अम्ल + प्रबल क्षारक | उदासीन (7) | NaCl |
| प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षारक | अम्लीय (<7) | NH₄Cl |
| प्रबल क्षारक + दुर्बल अम्ल | क्षारकीय (>7) | Na₂CO₃ |
6 सामान्य नमक से बने रसायन
1. क्लोर-क्षार प्रक्रिया:
2NaCl + 2H₂O (विद्युत अपघटन) → 2NaOH + Cl₂ + H₂
उत्पाद: NaOH (साबुन), Cl₂ (पानी शुद्धि), H₂ (ईंधन)
2. बेकिंग सोडा (NaHCO₃): NaCl + H₂O + CO₂ + NH₃ → NH₄Cl + NaHCO₃
उपयोग: बेकिंग (2NaHCO₃ + गर्मी → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂), ऐन्टैसिड
अम्ल के साथ: NaHCO₃ + HCl → NaCl + H₂O + CO₂↑
3. धोने का सोडा (Na₂CO₃·10H₂O): Na₂CO₃ + 10H₂O → Na₂CO₃·10H₂O (बेकिंग सोडा को गर्म करके प्राप्त सोडियम कार्बोनेट के पुनः क्रिस्टलीकरण से)
उपयोग: कपड़े धोना, कांच व कागज़ उद्योग, जल की स्थायी कठोरता दूर करना
4. विरंजक चूर्ण (Ca(ClO)₂, वास्तविक संघटन जटिल): 2Ca(OH)₂ + 2Cl₂ → Ca(ClO)₂ + CaCl₂ + 2H₂O
उपयोग: पानी शुद्धि, कपड़ों को सफेद करना
7 क्रिस्टलन का जल व प्लास्टर ऑफ पेरिस
क्रिस्टलन का जल: लवण के एक सूत्र इकाई में उपस्थित जल के निश्चित अणु। उदाहरण: CuSO₄·5H₂O (नीला थोथा), Na₂CO₃·10H₂O, CaSO₄·2H₂O (जिप्सम)
प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO₄·½H₂O):
निर्माण: CaSO₄·2H₂O →(373K) CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O
जमना: CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O → CaSO₄·2H₂O
उपयोग: प्लास्टर चढ़ाना, मूर्तियाँ बनाना। वायुरोधी बर्तन में रखना आवश्यक (नमी सोखकर बेकार हो जाता है)
8 महत्वपूर्ण अभिक्रियाएँ व सावधानी
अम्ल-क्षार अभिक्रिया: अम्ल + क्षारक → लवण + जल; H⁺ + OH⁻ → H₂O
अम्ल को पतला करना: हमेशा अम्ल को जल में डालते हैं, जल को अम्ल में नहीं (अत्यधिक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया, भारी मात्रा में ऊष्मा निकलती है)
9 रोज़मर्रा के अनुप्रयोग
- पाचन: पेट में HCl आवश्यक है
- मिट्टी सुधार: अम्लीय मिट्टी में चूना डालते हैं
- शरीर: हमारा शरीर 7.0 से 7.8 pH परास में कार्य करता है
- दंत-क्षय: मुँह का pH 5.5 से कम होने पर शुरू होता है; क्षारकीय दंत-मंजन से बचाव
- अम्लीय वर्षा: वर्षा जल का pH 5.6 से कम; नदी का pH घटने से जलीय जीवन कठिन
- डंक: मधुमक्खी के डंक (अम्ल) पर बेकिंग सोडा; नेटल का डंक मेथैनॉइक अम्ल छोड़ता है
- धातु, कार्बोनेट व ऑक्साइड की अम्ल-क्षारक से अभिक्रिया
- pH स्केल और दैनिक जीवन में महत्व
- क्लोर-क्षार प्रक्रिया और उत्पाद
- लवण परिवार और लवणों का pH
- बेकिंग सोडा व धोने का सोडा का निर्माण व उपयोग
- क्रिस्टलन का जल व प्लास्टर ऑफ पेरिस
- अम्ल को पतला करने की सावधानी