कक्षा 11 राजनीति विज्ञान बुक 2 अध्याय 2 स्वतंत्रता शॉर्ट नोट्स

इस अध्याय का संक्षिप्त सार, अंतिम समय के रिवीज़न के लिए: उद्धरण, परिभाषाएँ और तुलना-सारणियाँ। पूरे नोट्स अलग से पढ़ने के लिए उपलब्ध हैं।

1 स्वतंत्रता के लिए संघर्ष के दो उदाहरण

व्यक्ति पुस्तक मुख्य बात
नेल्सन मंडेला लॉन्ग वॉक टू फ़्रीडम दक्षिण अफ़्रीका के रंगभेद के ख़िलाफ़ संघर्ष, 27 वर्ष जेल में
आँग सान सू की फ़्रीडम फ़्रॉम फ़ीयर म्यांमार में नज़रबंद, “असली मुक्ति भय से मुक्ति है”

2 उद्धरण, याद रखने लायक़

किसने क्या कहा
तिलक“स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा।”
गांधी (हिंद स्वराज, 1909)“जब हम स्वयं पर शासन करना सीखते हैं तभी स्वराज है।”
सुभाष चंद्र बोस (1929, लाहौर)स्वतंत्रता का अर्थ व्यक्ति-समाज, अमीर-ग़रीब, स्त्री-पुरुष, सभी की सर्वांगीण स्वतंत्रता
जे.एस. मिल (ऑन लिबर्टी)हस्तक्षेप का इकलौता लक्ष्य आत्म-रक्षा, किसी को हानि से बचाना
वाल्तेयर“तुम जो कहते हो मैं उसका समर्थन नहीं करता, लेकिन मैं मरते दम तक तुम्हारे कहने के अधिकार का बचाव करूँगा।”

3 परिभाषाएँ, ठीक उसी तरह जैसे लिखी जानी चाहिए

सभी परिभाषाएँ एक जगह
स्वतंत्रताबाहरी प्रतिबंधों का अभाव, और आत्म-विकास के अवसरों का विस्तार
स्वराजस्वयं का शासन तथा स्वयं पर शासन
हानि सिद्धांतहस्तक्षेप केवल तभी उचित जब कार्य दूसरों को गंभीर हानि पहुँचाए
स्वसंबद्ध कार्यअसर केवल कर्ता पर, राज्य का हस्तक्षेप नहीं
परसंबद्ध कार्यअसर दूसरों पर भी, गंभीर हानि पर राज्य रोक सकता है
औचित्यपूर्ण प्रतिबंधतर्कसंगत, अति नहीं, कार्य के अनुपात में

4 दो मुख्य तुलनाएँ, मत मिलाएँ

4.1 स्वसंबद्ध बनाम परसंबद्ध कार्य

स्वसंबद्ध

  • असर केवल कर्ता पर
  • राज्य का हस्तक्षेप नहीं

परसंबद्ध

  • असर दूसरों पर भी
  • गंभीर हानि पर राज्य रोक सकता है

4.2 नकारात्मक बनाम सकारात्मक स्वतंत्रता

नकारात्मक स्वतंत्रता

  • व्यक्ति क्या करने से मुक्त है: अहस्तक्षेप का क्षेत्र
  • प्रश्न: किस क्षेत्र का स्वामी मैं हूँ?

सकारात्मक स्वतंत्रता

  • “कुछ करने की स्वतंत्रता”: विकास के अवसर
  • रूसो, हेगेल, मार्क्स, गांधी, अरविंद की परंपरा से जुड़ी

5 मिल के चार तर्क, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्ष में

चारों तर्क, क्रम से
1. कोई विचार पूरी तरह ग़लत नहींग़लत लगने वाले विचार में भी सच्चाई का कोई अंश होता है
2. सत्य टकराव से पैदा होता हैविरोधी विचार सही विचार के उदय में सहायक हो सकता है
3. टकराव हर समय मूल्यवानवरना सत्य विचारहीन रूढ़ उक्ति बन जाता है
4. हम कभी पूरी तरह निश्चित नहींआज का सत्य ही अंतिम सत्य हो, यह ज़रूरी नहीं
आख़िरी दोहराव
  • स्वतंत्रता के दो पहलू: प्रतिबंधों का अभाव, और आत्म-विकास के अवसर
  • प्रतिबंधों के दो स्रोत: प्रभुत्व/बाहरी नियंत्रण, सामाजिक-आर्थिक असमानता
  • हानि सिद्धांत: स्वसंबद्ध कार्यों में हस्तक्षेप नहीं, गंभीर परसंबद्ध हानि पर ही हस्तक्षेप
  • नकारात्मक = व्यक्ति क्या करने से मुक्त है, सकारात्मक = “कुछ करने की स्वतंत्रता”
  • मिल के चार तर्क अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्ष में, वाल्तेयर का कथन