कक्षा 11 राजनीति विज्ञान बुक 2 अध्याय 5 अधिकार MCQ / वस्तुनिष्ठ प्रश्न उत्तर सहित

इस अध्याय के 19 बहुविकल्पीय (MCQ / वस्तुनिष्ठ) प्रश्न, हर परीक्षा-शैली में। हर प्रश्न के उत्तर के साथ व्याख्या भी दी गई है, ताकि केवल सही विकल्प नहीं, उसकी वजह भी याद रहे।

1 सीधे प्रश्न

सीधे प्रश्न
  1. 1 अंकनिम्न में से अधिकार की सही परिभाषा कौन-सी है?
    (क) हर वह चीज़ जिसे मैं ज़रूरी और वांछनीय समझूँ(ख) राज्य द्वारा दी गई कोई भी सुविधा(ग) हकदारी अथवा ऐसा दावा जिसका औचित्य सिद्ध हो(घ) समाज की बहुसंख्यक राय
  2. 1 अंकनिम्न में से किसे अधिकार नहीं माना जा सकता, अध्याय के अनुसार?
    (क) शिक्षा का अधिकार(ख) नशीली दवाओं के सेवन का अधिकार(ग) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार(घ) आजीविका का अधिकार
  3. 1 अंक17वीं-18वीं सदी के राजनीतिक सिद्धांतकारों ने मनुष्य के कौन-से तीन प्राकृतिक अधिकार चिन्हित किए थे?
    (क) मतदान, चुनाव लड़ना, संगठन बनाना(ख) शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार(ग) जीवन, स्वतंत्रता, संपत्ति(घ) भाषा, संस्कृति, धर्म
  4. 1 अंककांट के अनुसार अधिकार की नैतिक अवधारणा का दूसरा आधार क्या है?
    (क) हमें दूसरों को अपनी स्वार्थसिद्धि का साधन नहीं बनाना चाहिए(ख) हमें केवल क़ानून का पालन करना चाहिए(ग) हमें अधिकारों का दावा कभी नहीं करना चाहिए(घ) हमें केवल धनवान लोगों का सम्मान करना चाहिए
  5. 1 अंकपॉप स्टार बॉब गेल्डॉफ ने पश्चिमी सरकारों से किस मुद्दे पर अपील की थी?
    (क) अमेरिका में रोज़गार बढ़ाने के लिए(ख) अफ्रीका में गरीबी ख़त्म करने के लिए(ग) यूरोप में शिक्षा सुधार के लिए(घ) एशिया में स्वास्थ्य सेवा के लिए
  6. 1 अंकभारत में संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त बुनियादी अधिकारों को क्या कहा जाता है?
    (क) सार्वभौम अधिकार(ख) मौलिक अधिकार(ग) नागरिक कर्तव्य(घ) प्राकृतिक अधिकार
  7. 1 अंकगिरफ़्तारी से पहले पुलिस के लिए वारंट दिखाना ज़रूरी होने का उदाहरण किस बात को दर्शाता है?
    (क) अधिकार समय के साथ घटते जाते हैं(ख) अधिकार केवल आर्थिक मामलों पर लागू होते हैं(ग) अधिकार केवल कर्तव्यों की सूची हैं(घ) अधिकार राज्यसत्ता पर अंकुश भी लगाते हैं
  8. 1 अंकअधिकारों के साथ आने वाली चार ज़िम्मेदारियों में से “आम भलाई की रक्षा” के अंतर्गत अध्याय किन उदाहरणों का ज़िक्र करता है?
    (क) ओज़ोन परत की हिफ़ाज़त, प्रदूषण कम करना, वृक्षारोपण(ख) केवल सेना में भर्ती होना(ग) केवल कर चुकाना(घ) केवल वोट देना

2 अभिकथन-कारण

अभिकथन-कारण
  1. 1 अंकअभिकथन (A): अधिकार मूल रूप से हकदारी या औचित्यपूर्ण दावा है।
    कारण (R): हर वह चीज़ जिसे कोई व्यक्ति ज़रूरी समझे, वह स्वतः अधिकार बन जाती है।

    (क) A और R दोनों सत्य हैं, और R सही ढंग से A की व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सत्य है, R असत्य है(घ) A असत्य है, R सत्य है
  2. 1 अंकअभिकथन (A): कानूनी और संवैधानिक मान्यता अधिकारों को समाज में विशेष दर्जा देती है।
    कारण (R): कानूनी मान्यता ही किसी अधिकार के दावे का एकमात्र वैध आधार है।

    (क) A और R दोनों सत्य हैं, और R सही ढंग से A की व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सत्य है, R असत्य है(घ) A असत्य है, R सत्य है
  3. 1 अंकअभिकथन (A): राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर सरकार किसी पर भी बिना किसी सीमा के यातना का प्रयोग कर सकती है।
    कारण (R): गिरफ़्तार व्यक्ति को भी क़ानूनी सलाह और अदालत के सामने अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए।

    (क) A और R दोनों सत्य हैं, और R सही ढंग से A की व्याख्या करता है(ख) A और R दोनों सत्य हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं करता(ग) A सत्य है, R असत्य है(घ) A असत्य है, R सत्य है

3 सुमेलन कीजिए

सुमेलन कीजिए
  1. 1 अंकसुमेलित करें:
    (अ) कांट (ब) मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा (स) मौलिक अधिकार (द) प्राकृतिक अधिकार
    (i) 10 दिसंबर 1948 को अपनाई गई घोषणा (ii) भारत के संविधान में दर्ज अधिकार (iii) जीवन-स्वतंत्रता-संपत्ति, प्रकृति प्रदत्त (iv) मानवीय गरिमा किसी क़ीमत से ऊपर

    (क) अ-ii, ब-iv, स-i, द-iii(ख) अ-iv, ब-i, स-ii, द-iii(ग) अ-i, ब-ii, स-iii, द-iv(घ) अ-iii, ब-i, स-iv, द-ii

4 कथन आधारित प्रश्न

कथन आधारित प्रश्न
  1. 1 अंककथन I: अधिकार हमेशा राज्य के विरुद्ध ही दावे होते हैं, समाज इसमें कभी भागीदार नहीं होता।
    कथन II: शिक्षा के अधिकार को पूरा करने में समाज भी विद्यालय खोलकर और छात्रवृत्ति देकर योगदान कर सकता है, पर मुख्य ज़िम्मेदारी राज्य की होती है।

    (क) कथन I असत्य है, कथन II सत्य है(ख) कथन I सत्य है, कथन II असत्य है(ग) दोनों कथन असत्य हैं(घ) दोनों कथन सत्य हैं
  2. 1 अंककथन I: कांट के अनुसार हर मनुष्य की गरिमा है, चाहे वह ग़रीब या शक्तिहीन ही क्यों न हो।
    कथन II: कांट के अनुसार अशिक्षित या ग़रीब व्यक्ति को गरिमा का हक़दार नहीं माना जा सकता।

    (क) कथन I असत्य है, कथन II सत्य है(ख) दोनों कथन असत्य हैं(ग) दोनों कथन सत्य हैं(घ) कथन I सत्य है, कथन II असत्य है

5 काल-क्रम प्रश्न

काल-क्रम प्रश्न
  1. 1 अंकअधिकारों की अवधारणा के विकास के इन चरणों को सही क्रम में लगाएँ:
    (i) प्राकृतिक अधिकार की जगह मानवाधिकार शब्द का ज़्यादा प्रयोग होने लगना
    (ii) राजनीतिक सिद्धांतकारों का यह तर्क कि अधिकार प्रकृति या ईश्वर प्रदत्त हैं (प्राकृतिक अधिकार)
    (iii) संयुक्त राष्ट्र की सामान्य सभा द्वारा मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा को अपनाना

    (क) ii, iii, i(ख) i, ii, iii(ग) iii, ii, i(घ) ii, i, iii

6 रिक्त स्थान

रिक्त स्थान
  1. 1 अंकसंयुक्त राष्ट्र की सामान्य सभा ने मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा को ________ को स्वीकार और लागू किया।
    (क) 26 जनवरी 1950(ख) 2 अक्टूबर 1948(ग) 15 अगस्त 1947(घ) 10 दिसंबर 1948

7 गद्यांश आधारित प्रश्न

गद्यांश आधारित प्रश्न
गद्यांश
18वीं सदी के जर्मन दार्शनिक इमैनुएल कांट के लिए हर मनुष्य की गरिमा है, चाहे वह अशिक्षित हो, ग़रीब हो या शक्तिहीन हो। कांट के अनुसार अधिकार की नैतिक अवधारणा के दो आधार हैं: पहला, हमें दूसरों के साथ वैसा ही आचरण करना चाहिए जैसा हम अपने लिए दूसरों से चाहते हैं। दूसरा, हमें दूसरों को अपनी स्वार्थसिद्धि का साधन नहीं बनाना चाहिए, हमें लोगों का सम्मान इसलिए करना चाहिए क्योंकि वे मनुष्य हैं, न कि इसलिए कि वे हमारे लिए उपयोगी हैं।
  1. 1 अंकगद्यांश के अनुसार कांट का पहला तर्क क्या है?
    (क) हमें कभी किसी का सम्मान नहीं करना चाहिए(ख) हमें केवल शिक्षित लोगों का सम्मान करना चाहिए(ग) हमें दूसरों के साथ वैसा आचरण करना चाहिए जैसा हम अपने लिए चाहते हैं(घ) हमें केवल धनवान लोगों की गरिमा माननी चाहिए
गद्यांश
अधिकार सिर्फ़ यह नहीं बताते कि राज्य को क्या करना है, वे यह भी बताते हैं कि राज्य को क्या नहीं करना है। मसलन, किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार कहता है कि राजसत्ता महज़ अपनी मर्ज़ी से उसे गिरफ़्तार नहीं कर सकती। अगर वह किसी को सलाखों के पीछे करना चाहती है, तो उसे इस कार्रवाई को जायज़ ठहराना पड़ेगा और न्यायालय के समक्ष कारण बताना होगा।
  1. 1 अंकगद्यांश के अनुसार राज्य किसी व्यक्ति को गिरफ़्तार करने से पहले क्या करना होगा?
    (क) बिना किसी सूचना के गिरफ़्तार करना(ख) कार्रवाई को जायज़ ठहराना और न्यायालय के समक्ष कारण बताना(ग) व्यक्ति की संपत्ति ज़ब्त करना(घ) केवल पुलिस थाने में सूचना देना

8 सत्य-असत्य

सत्य-असत्य
  1. 1 अंकनिम्न कथनों पर विचार कीजिए।
    (i) मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा पाने का अधिकार आर्थिक अधिकार का उदाहरण है।
    (ii) फुटपाथ पर रहने और बुनियादी ज़रूरतों के लिए संघर्ष करने वाले व्यक्ति के लिए अपने-आप में राजनीतिक अधिकारों का कोई ख़ास मूल्य नहीं है।

    (क) केवल (i) सत्य है(ख) दोनों सत्य हैं(ग) केवल (ii) सत्य है(घ) दोनों असत्य हैं
उत्तर कुंजी एवं व्याख्या
सीधे प्रश्न
  1. (ग) अध्याय की मूल परिभाषा के अनुसार अधिकार हकदारी या औचित्यपूर्ण दावा है; बाक़ी विकल्प इच्छा/सुविधा/राय को अधिकार से भ्रमित करते हैं।
  2. (ख) चूँकि नशीली दवाएँ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं और दूसरों को भी प्रभावित करती हैं, इसे अधिकार के रूप में दावा नहीं किया जा सकता।
  3. (ग) अध्याय के अनुसार मनुष्य के तीन प्राकृतिक अधिकार जीवन, स्वतंत्रता और संपत्ति के अधिकार थे, बाक़ी सभी अधिकार इन्हीं से निकले माने गए।
  4. (क) कांट का दूसरा तर्क: हमें दूसरों को अपने स्वार्थ का साधन नहीं बनाना चाहिए, बल्कि उन्हें मनुष्य होने के नाते सम्मान देना चाहिए।
  5. (ख) बॉब गेल्डॉफ ने अफ्रीका में गरीबी ख़त्म करने के लिए पश्चिमी मुल्कों की सरकारों से अपील की थी, जिसे व्यापक जन-समर्थन मिला।
  6. (ख) भारत में संविधान में दर्ज बुनियादी अधिकारों को मौलिक अधिकार कहा जाता है।
  7. (घ) यह उदाहरण दिखाता है कि अधिकार राज्य को यह भी बताते हैं कि उसे क्या नहीं करना चाहिए, यानी वे राजसत्ता पर अंकुश लगाते हैं।
  8. (क) अध्याय ओज़ोन परत की हिफ़ाज़त, वायु-जल प्रदूषण कम करना और वृक्षारोपण को आम भलाई के उदाहरण के रूप में देता है।
अभिकथन-कारण
  1. (ग) A सत्य है, यही अध्याय की परिभाषा है। R असत्य है, इच्छा और अधिकार में फ़र्क़ होता है, हर इच्छा अधिकार नहीं बनती।
  2. (ग) A सत्य है। R असत्य है, अध्याय स्पष्ट कहता है कि क़ानूनी मान्यता के आधार पर ही किसी अधिकार का दावा नहीं किया जा सकता।
  3. (घ) A असत्य है: अध्याय के अनुसार ऐसी स्थितियों में यह सवाल उठता है कि संबद्ध व्यक्ति समाज के लिए खतरा तो नहीं पैदा कर रहा है, और लोगों की नागरिक स्वतंत्रता में कटौती करते वक्त हमें अत्यंत सावधान होने की ज़रूरत है; अध्याय असीमित यातना का समर्थन नहीं करता। R सत्य है।
सुमेलन कीजिए
  1. (ख) कांट-गरिमा (iv), सार्वभौमिक घोषणा-1948 (i), मौलिक अधिकार-भारतीय संविधान (ii), प्राकृतिक अधिकार-जीवन/स्वतंत्रता/संपत्ति (iii)।
कथन आधारित प्रश्न
  1. (क) कथन I असत्य है, समाज भी शिक्षा जैसे अधिकारों में योगदान कर सकता है। कथन II सत्य है, यही अध्याय कहता है।
  2. (घ) कथन I सत्य है। कथन II असत्य है, कांट के अनुसार हर मनुष्य गरिमा का हक़दार है, चाहे वह कैसी भी सामाजिक स्थिति में हो।
काल-क्रम प्रश्न
  1. (क) पहले 17वीं-18वीं सदी में प्राकृतिक अधिकार का विचार आया (ii); फिर 10 दिसंबर 1948 को मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा अपनाई गई (iii); और हाल के वर्षों में प्राकृतिक अधिकार की जगह मानवाधिकार शब्द का ज़्यादा प्रयोग होने लगा (i)।
रिक्त स्थान
  1. (घ) मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा को 10 दिसंबर 1948 को संयुक्त राष्ट्र की सामान्य सभा ने अपनाया था।
गद्यांश आधारित प्रश्न
  1. (ग) गद्यांश के अनुसार कांट का पहला तर्क है कि हमें दूसरों के साथ वैसा ही आचरण करना चाहिए जैसा हम स्वयं के लिए चाहते हैं।
  2. (ख) गद्यांश के अनुसार राज्य को गिरफ़्तारी की कार्रवाई जायज़ ठहरानी होगी और न्यायालय के समक्ष कारण बताना होगा।
सत्य-असत्य
  1. (ग) कथन (i) असत्य है : यह सांस्कृतिक अधिकार है; आर्थिक अधिकार हैं आवास, चिकित्सा सुविधा, न्यूनतम मज़दूरी या ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना जैसी चीज़ें। कथन (ii) सत्य है : अध्याय के अनुसार राजनीतिक भागीदारी का अधिकार तभी पूरी तरह अमल में आ सकता है जब भोजन, वस्त्र, आवास, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी ज़रूरतें पूरी हों।